लखनऊ में आरएडब्ल्यू ग्रुप ऑफ कंपनीज के भवन में लगी आग, 8 दमकल वाहनों ने पाया काबू
भवन में भर गया था धुआं, दमकल कर्मियों ने चलाया सर्च अभियान; आग की घटना में कोई जनहानि नहीं

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार देर रात आरएडब्ल्यू ग्रुप ऑफ कंपनीज के भवन में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। भवन में अत्यधिक धुआं भर जाने के कारण दमकल कर्मियों ने आग बुझाने के साथ ही धुआं निकासी की प्रक्रिया भी शुरू की।

अग्निशमन विभाग के अनुसार, मंगलवार रात करीब 1:39 बजे हजरतगंज कंट्रोल रूम को एआरओ आईपी के माध्यम से सूचना मिली कि आरएडब्ल्यू ग्रुप ऑफ कंपनीज के भवन में आग लग गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए गोमतीनगर अग्निशमन केंद्र से तत्काल दो अग्निशमन वाहन और अग्निशमन अधिकारी को आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

भवन में भरा था अत्यधिक धुआं

मौके पर पहुंची दमकल टीम ने देखा कि भवन के अंदर काफी अधिक धुआं भरा हुआ था। स्थिति को देखते हुए अग्निशमन कर्मियों ने तत्काल आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही भवन से धुआं बाहर निकालने की प्रक्रिया भी शुरू की गई, ताकि अंदर की स्थिति स्पष्ट हो सके और राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।

आग की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लखनऊ भी तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए। उनके कुशल निर्देशन में दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के साथ ही भवन के अंदर सर्च अभियान चलाया।

यह सुनिश्चित किया कि कोई व्यक्ति अंदर फंसा न हो

दमकल टीम ने भवन के अलग-अलग हिस्सों में सर्च अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया कि आग या धुएं के बीच कोई व्यक्ति अंदर फंसा तो नहीं है। अग्निशमन कर्मियों के अथक प्रयास और कड़ी मेहनत के बाद आग पर शीघ्र ही नियंत्रण पा लिया गया।

अग्निशमन विभाग के मुताबिक, आग की घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग पर पूरी तरह काबू पाने और स्थिति सामान्य होने के बाद दमकल टीम ने राहत की सांस ली।

घटना के दौरान कुल आठ फायर टेंडर घटनास्थल पर पहुंचे और आग बुझाने की कार्रवाई में जुटे रहे। फिलहाल आग लगने के कारणों और इससे हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
UPSSSC परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल कराने का खेल, मास्टरमाइंड समेत दो गिरफ्तार

अभ्यर्थी को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से उत्तर बताने की थी तैयारी, 50 हजार नकद और 13 मार्कशीट समेत बड़ी मात्रा में दस्तावेज बरामद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा में अनुचित साधनों के जरिए अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने वाले गिरोह का थाना महानगर पुलिस और यूपी एसटीएफ ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में कथित मास्टरमाइंड रमेश चंद्र पटेल और उसके सहयोगी सत्यप्रकाश यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ के माध्यम से परीक्षा में बैठे अभ्यर्थी को प्रश्नों के उत्तर बताने की योजना पर काम कर रहा था।

मामले की शुरुआत 23 अगस्त 2026 को हुई, जब यूपी एसटीएफ को सूचना मिली कि थाना महानगर क्षेत्र के सेक्टर-सी स्थित दयानंद कन्या इंटर कॉलेज में UPSSSC की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी ब्लूटूथ के माध्यम से नकल करने की कोशिश कर रहा है। सूचना पर एसटीएफ और महानगर पुलिस की संयुक्त टीम ने परीक्षा केंद्र पर कार्रवाई की और बृजेश कुमार यादव उर्फ बब्लू को गिरफ्तार किया।

बृजेश की गिरफ्तारी के बाद खुली नेटवर्क की परत

बृजेश कुमार यादव जौनपुर का रहने वाला है और वर्तमान में प्रयागराज में रह रहा था। उसके खिलाफ कार्रवाई के बाद पुलिस ने पूछताछ और विवेचना के दौरान उसके संपर्कों की पड़ताल की। इसी क्रम में रमेश चंद्र पटेल और सत्यप्रकाश यादव की भूमिका सामने आई।

पुलिस को सूचना मिली कि बृजेश अपने एक साथी के साथ निशातगंज चौराहे स्थित एक होटल में रुका था। टीम ने होटल का रजिस्टर चेक किया तो सीरियल नंबर 2098 पर बृजेश कुमार यादव और सत्यप्रकाश यादव के ठहरने की जानकारी मिली। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज के जरिए सत्यप्रकाश का हुलिया और गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई।

पुलिस के मुताबिक, सत्यप्रकाश दयानंद इंटर कॉलेज से कुछ दूरी पर अपने साथी का इंतजार करता मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह और बृजेश परीक्षा देने आए थे और उसकी रमेश चंद्र पटेल से परीक्षा में नकल कराने को लेकर बातचीत हुई थी।

प्रयागराज से पकड़ा गया रमेश चंद्र पटेल

सत्यप्रकाश को साथ लेकर पुलिस टीम प्रयागराज पहुंची और संगम रेलवे स्टेशन के सामने रमेश चंद्र पटेल को बुलाया गया। पूछताछ में उसकी भूमिका सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, सत्यप्रकाश यादव के कब्जे से एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और लैपटॉप सर्विस की रसीद बरामद हुई। वहीं रमेश चंद्र पटेल के पास से पैन कार्ड, एक्सिस बैंक का एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्ड, अलग-अलग व्यक्तियों के नाम की 13 मार्कशीट एवं शैक्षणिक प्रमाणपत्र और पैंट की जेब से 50 हजार रुपये नकद बरामद हुए।

नौकरी के नाम पर पांच लाख रुपये की बातचीत का दावा

पुलिस की पूछताछ के अनुसार, सत्यप्रकाश ने बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लेकर उसने रमेश चंद्र पटेल को दिया था। वहीं रमेश चंद्र पटेल ने कथित तौर पर बताया कि बृजेश कुमार यादव की नौकरी के लिए उसने अनूप कुमार पटेल और पंकज श्रीवास्तव से बातचीत की थी और वह इनके साथ मिलकर काम करता था।

पुलिस के मुताबिक, बृजेश की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये में बातचीत हुई थी। इसमें रमेश चंद्र को एक लाख रुपये कमीशन मिलने की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, बरामद 50 हजार रुपये इसी रकम में से सत्यप्रकाश को देने के लिए रखे गए थे।

हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।

चार मोबाइल और चार सिम समेत यह सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्न सामान बरामद किया है—

चार मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड
13 मार्कशीट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र
पांच ब्लैंक चेक और दो चेकबुक
लैपटॉप सर्विस की एक रसीद
एडमिट कार्ड की एक छायाप्रति
आधार कार्ड की एक छायाप्रति
बैंक ऑफ बड़ौदा की दो जमा पर्चियां
दो पैन कार्ड
दो एटीएम कार्ड
दो ड्राइविंग लाइसेंस
दो आधार कार्ड
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्ड
माध्यमिक शिक्षा परिषद का एक परिचय पत्र
एक पॉकेट डायरी
दो चाभी गुच्छे
इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का रैपर
50,000 रुपये नकद
प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर पुलिस की नजर

पुलिस के अनुसार, प्रदेश में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में कुछ लोग इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों और ब्लूटूथ जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाकर धन अर्जित करने का प्रयास कर रहे हैं। UPSSSC की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा को लेकर भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही थी।

इसी क्रम में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 23 अगस्त को दयानंद कन्या इंटर कॉलेज में कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ऐसे मामलों में उनकी संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।

दो अन्य वांछितों की तलाश जारी

मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। थाना महानगर में दर्ज मु0अ0सं0 157/2026 में विवेचना के दौरान धाराओं में भी बढ़ोतरी की गई है। मामले में बीएनएस की धारा 61(2)/318(4) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा 13(5) के तहत कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास इसी मामले से संबंधित दर्ज है। बरामद मोबाइल, सिम, दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और रकम को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और परीक्षा में अनुचित साधनों के जरिए अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने की पूरी श्रृंखला की पड़ताल कर रही है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम

कार्रवाई में थाना महानगर कमिश्नरेट लखनऊ के उपनिरीक्षक राजू कृष्ण सिंह, राजेंद्र प्रसाद, दीपक कुमार बिंद और कांस्टेबल अमन कुमार शामिल रहे। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बारावफात पर लखनऊ में बदलेगा ट्रैफिक प्लान, 26 अगस्त को 18 मार्गों पर डायवर्जन



अमीनाबाद के झंडे वाले पार्क से सुबह 10 बजे निकलेगा मदहे-सहाबा जुलूस, कार्यक्रम खत्म होने तक लागू रहेगी यातायात व्यवस्था



लखनऊ। बारावफात/ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। चंद्र दर्शन के अनुसार 26 अगस्त 2026 को 12वीं रबी-उल-अव्वल का पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर मदहे-सहाबा का जुलूस सुबह 10 बजे झंडे वाले पार्क, अमीनाबाद से शुरू होकर बाजारखाला थाना क्षेत्र में समाप्त होगा।

जुलूस को देखते हुए सुबह 7 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक आवश्यकतानुसार विभिन्न मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। लखनऊ यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित मार्गों के बजाय निर्धारित वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करें।

इन मार्गों पर रहेगा डायवर्जन
कमला नेहरू क्रॉसिंग (चरक चौराहा) से आने वाला यातायात मेफेयर तिराहा-विक्टोरिया स्ट्रीट होते हुए नक्खास तिराहा नहीं जा सकेगा। यह यातायात चौक/मेडिकल कॉलेज होकर गंतव्य की ओर जाएगा।
नक्खास तिराहा से नादान महल रोड/टुड़ियागंज की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन अकबरी गेट, चरक चौराहा (कमला नेहरू) होकर जा सकेंगे।
टुड़ियागंज तिराहा से नक्खास तिराहा की ओर सामान्य यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज और मंसूर नगर होकर निकलेंगे।
टुड़ियागंज तिराहा से हैदरगंज (लाल माधव) तिराहा की ओर यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन वापस मुड़कर गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज और मंसूर नगर होकर जाएंगे।
हैदरगंज तिराहा (लाल माधव) से नक्खास तिराहा/ऐशबाग ईदगाह की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहनों को बुलाकी अड्डा और मिल एरिया होकर भेजा जाएगा।
वाटर वर्क्स तिराहा से ऐशबाग ईदगाह तिराहा की ओर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा।
मेडिकल कॉलेज चौराहा से सुभाष मार्ग होते हुए रकाबगंज पुल की ओर यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन सिटी स्टेशन तिराहा/शाहमीना होकर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।
पोस्ट ऑफिस अमीनाबाद तिराहा से मौलवीगंज होकर रकाबगंज पुल की ओर यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन छतरी वाले चौराहे से अमीनाबाद/नजीराबाद होकर जाएंगे।
रकाबगंज पुल से अमीनाबाद की तरफ सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन नाका/मेडिकल कॉलेज होकर गंतव्य की ओर जाएंगे।
कैसरबाग बस स्टैंड, गुईन रोड तिराहा, नजीराबाद तिराहा और अमीनाबाद चौराहा से झंडे वाले पार्क की तरफ किसी भी प्रकार का यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन कैसरबाग, अशोक लाट, श्रीराम रोड अमीनाबाद/सिटी स्टेशन होकर जा सकेंगे।
ऐशबाग पुल की तरफ से कोई वाहन ऐशबाग ईदगाह की ओर नहीं जा सकेगा। वाहनों को पुल के नीचे से मोतीनगर, भूसामंडी/राजेंद्र नगर होकर भेजा जाएगा।
बुलाकी अड्डा से हैदरगंज (लाल माधव) तिराहा की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन टिकैतराय तालाब/मिल एरिया और एवररेडी की ओर से जा सकेंगे।
मिल एरिया तिराहा से हैदरगंज की ओर जाने वाला यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन मिल एरिया, मीना बेकरी और राजाजीपुरम होकर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।
राजेंद्र नगर चौराहा से ऐशबाग ईदगाह की ओर कोई वाहन नहीं जा सकेगा। वाहन मोतीनगर/राजेंद्र नगर होकर निकलेंगे।
नाका चौराहा से राजेंद्र नगर होते हुए ऐशबाग पुल/ईदगाह की ओर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वाहन नत्था/मवैया होकर जा सकेंगे।
नाका चौराहा से पांडेयगंज चौकी होकर रकाबगंज पुल की ओर यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन बांसमंडी चौराहा/राजेंद्र नगर होकर गंतव्य तक जाएंगे।
फूलमंडी फ्लाईओवर से हैदरगंज तिराहा की ओर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। वाहन विक्टोरिया स्ट्रीट (कमला नेहरू) चौराहा और मेडिकल चौराहा होकर जा सकेंगे।
मिल एरिया तिराहा से हैदरगंज फ्लाईओवर की ओर सामान्य यातायात नहीं जा सकेगा। वाहन मीना बेकरी चौराहा होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।
एंबुलेंस और फायर सर्विस को मिलेगी अनुमति

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जुलूस के दौरान सामान्य यातायात के लिए निर्धारित डायवर्जन मार्गों के अतिरिक्त चिकित्सकीय आपात स्थिति में वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने पर एंबुलेंस, फायर सर्विस, स्कूली वाहन और शव वाहन को प्रतिबंधित मार्ग से भी आवश्यकतानुसार गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस/नागरिक पुलिस की सहायता ली जा सकेगी।

लखनऊ यातायात पुलिस ने लोगों से जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था में सहयोग करने और अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर न जाने की अपील की है।

ट्रैफिक कंट्रोल नंबर: 9454405155
बेटे-बहू की प्रताड़ना से परेशान बुजुर्ग के लिए सहारा बनी गोसाईगंज पुलिस

थाना पहुंचते ही पुलिस ने सुनी फरियाद, मौके पर भेजी टीम; बेटे के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई और बहू को दी सख्त हिदायत

लखनऊ। राजधानी में पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली का एक उदाहरण गोसाईगंज थाना क्षेत्र में सामने आया है। बेटे और बहू की कथित प्रताड़ना से परेशान एक बुजुर्ग न्याय और मदद की उम्मीद लेकर गोसाईगंज थाने पहुंचे। उनकी स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल उनकी शिकायत सुनी, बल्कि उन्हें भावनात्मक सहारा देते हुए तत्काल पुलिस सहायता और सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया।

परेशान हालत में थाने पहुंचे बुजुर्ग

पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग काफी परेशान और भावुक अवस्था में थाना गोसाईगंज पहुंचे थे। उनकी स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी ने उन्हें अपने पास बैठाया और आत्मीयता के साथ उनकी पूरी बात सुनी। उन्हें ढांढस बंधाने के साथ सूक्ष्म जलपान भी कराया गया, जिससे उन्हें कुछ राहत और मानसिक संबल मिला।

प्रार्थना पत्र मिलते ही शुरू हुई कार्रवाई

जलपान के बाद थाना प्रभारी ने बुजुर्ग से उनकी पारिवारिक परिस्थितियों और समस्या के बारे में विस्तार से जानकारी ली। बुजुर्ग ने अपने बेटे और बहू द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने की शिकायत करते हुए प्रार्थना पत्र दिया।

पुलिस ने शिकायत पर तत्काल संज्ञान लिया और बिना किसी देरी के मौके की स्थिति की जानकारी लेने के लिए टीम को रवाना किया।

पुलिस टीम बुजुर्ग को साथ लेकर पहुंची मौके पर

गोसाईगंज पुलिस टीम सरकारी वाहन से बुजुर्ग को साथ लेकर उनके घर पहुंची। मौके पर मामले की जानकारी लेने के बाद महिला उपनिरीक्षक सोनम राय और हेड कांस्टेबल सर्वेश सिंह ने बुजुर्ग की बहू को कड़ी हिदायत दी।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि बुजुर्ग के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या प्रताड़ना नहीं की जानी चाहिए और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।

बेटे के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग की शिकायत और मौके की परिस्थितियों के आधार पर उनके बेटे के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसका उद्देश्य भविष्य में किसी अप्रिय स्थिति को रोकना और बुजुर्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

कानूनी मदद और सुरक्षा का भरोसा

गोसाईगंज पुलिस ने बुजुर्ग को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या के समाधान के लिए नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्हें हरसंभव कानूनी सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग की सुरक्षा और सहायता से संबंधित आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

संवेदनशील पुलिसिंग का संदेश

गोसाईगंज पुलिस की इस कार्रवाई को पुलिस के मानवीय और संवेदनशील पक्ष के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। कार्रवाई से यह संदेश भी सामने आता है कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि असहाय और परेशान लोगों को आवश्यक सहयोग, सुरक्षा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है।

बुजुर्ग की स्थिति को समझते हुए थाना प्रभारी द्वारा जिस तरह तत्काल उनकी बात सुनी गई और पुलिस टीम को मौके पर भेजकर कार्रवाई की गई, वह जनता के प्रति पुलिस की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यशैली को दर्शाता है।
महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में परिजन गिरफ्तार, मोहनलालगंज पुलिस की कार्रवाई
खुजौली में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था महिला का शव, जांच के बाद मुकदमे में धारा 108 बीएनएस बढ़ाई गई; अन्य आरोपियों की तलाश जारी

लखनऊ। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से सुनील रावत को गिरफ्तार कर लिया। विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। मामले में अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के मुताबिक, 9 जुलाई 2026 को 112 नंबर के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक महिला ने अपनी बहन के मोबाइल पर फोन कर रोते हुए उसे बचाने की बात कही थी। सूचना मिलने के बाद महिला की मां अपने परिजनों के साथ ग्राम खुजौली स्थित उसकी ससुराल पहुंचीं। वहां महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटका मिला।

घटना के बाद मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना मोहनलालगंज में मु0अ0सं0 255/2026 दर्ज किया गया। प्रारंभ में मुकदमा बीएनएस की धारा 85/103(1) के तहत पंजीकृत किया गया था।

जांच में बदली गई मुकदमे की धाराएं

पुलिस के अनुसार, मामले की विवेचना के दौरान सामने आए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 103(1) बीएनएस को हटा दिया गया और धारा 108 बीएनएस बढ़ाई गई। यह धारा आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण से संबंधित है।

पुलिस ने मामले में पहले 12 जुलाई 2026 को आरोपी अनिल कुमार रावत उर्फ छोटू, निवासी ग्राम खुजौली, थाना मोहनलालगंज को गिरफ्तार किया था। उसकी उम्र करीब 34 वर्ष बताई गई है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था।

अन्य वांछित आरोपियों की तलाश के लिए गठित हुईं टीमें

मामले में वांछित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश पर दो पुलिस टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के साथ स्थानीय सूचना तंत्र के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।

इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सुनील रावत पुत्र बंशी उर्फ प्रहलाद रावत, निवासी खुजौली, थाना मोहनलालगंज, उम्र करीब 38 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामले में अभी अन्य वांछित आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई

कार्रवाई पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ तरुण गाबा, संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार, पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के पर्यवेक्षण में की गई।

अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार और सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा प्रभारी निरीक्षक थाना मोहनलालगंज राम बाबू सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।

पुलिस का कहना है कि मामले में शेष वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं और विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घर के बाहर खड़ा ई-रिक्शा चुराकर भागे, बैटरी ने दिया धोखा; मोहनलालगंज पुलिस ने दो चोर दबोचे

चोरी के बाद सुनसान जगह पर छिपाया था ई-रिक्शा, बेचने के लिए पैदल धकेलकर ले जा रहे थे आरोपी; पुलिस ने वाहन बरामद किया

लखनऊ। मोहनलालगंज थाना पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी की घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किया गया एक ऑटो ई-रिक्शा भी बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जीतू और रामप्रसाद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों चोरी किए गए ई-रिक्शे को बेचने के लिए ले जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

घर के बाहर से चोरी हुआ था ई-रिक्शा

पुलिस के मुताबिक, 23 अगस्त 2026 को बैरीसालपुर निवासी राकेश पुत्र नन्हकऊ ने मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोर उनके घर के सामने खड़ा ऑटो ई-रिक्शा चोरी कर ले गए हैं।

शिकायत के आधार पर थाना मोहनलालगंज में मु0अ0सं0 316/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। ई-रिक्शा की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश पर दो पुलिस टीमों का गठन किया गया।

तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

गठित पुलिस टीमों ने तकनीकी एवं मैनुअल साक्ष्यों के साथ स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने जीतू और रामप्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनकी निशानदेही और कार्रवाई के दौरान चोरी किया गया ई-रिक्शा बरामद कर लिया गया।

चोरी के बाद बैटरी हो गई डिस्चार्ज

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे दोनों चोरी करने के इरादे से घूम रहे थे। इसी दौरान ग्राम रानीखेड़ा में एक घर के बाहर नई ऑटो ई-रिक्शा खड़ी दिखाई दी। आरोपियों के मुताबिक, घर के लोग अंदर सो रहे थे। दोनों ने ई-रिक्शा चोरी करने की योजना बनाई और उसे लेकर वहां से निकल गए।

आरोपियों ने बताया कि ई-रिक्शा को बेचने के लिए ले जाते समय कनकहा-तेलीबाग नहर मार्ग पर उसकी बैटरी डिस्चार्ज हो गई। इसके बाद दोनों ने ई-रिक्शा को सुनसान स्थान पर छिपा दिया और वहां से फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार, बाद में दोनों आरोपी चोरी किए गए ई-रिक्शे को बेचने के लिए पैदल धकेलकर ले जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस टीम ने उन्हें पकड़ लिया।

दोनों आरोपियों का विवरण

गिरफ्तार आरोपियों में जीतू पुत्र चन्द्रपाल रावत, निवासी ग्राम लालता खेड़ा, थाना निगोहा, लखनऊ, उम्र करीब 21 वर्ष और रामप्रसाद पुत्र मिश्रीलाल, निवासी ग्राम बेनीपुर, थाना हरगांव, सीतापुर, उम्र करीब 36 वर्ष शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी जीतू का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ मु0अ0सं0 306/2025, धारा 303(2)/317(2) बीएनएस, थाना वजीरगंज, कमिश्नरेट लखनऊ में मामला दर्ज है।

मोहनलालगंज पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।

पुलिस टीम की कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देश पर अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार और सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा प्रभारी निरीक्षक मोहनलालगंज राम बाबू सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

बरामदगी: 01 ऑटो ई-रिक्शा।
स्कूल के कार्यालय में घुसकर लैपटॉप-मोबाइल चोरी करने वाला 18 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
नशे की लत के लिए पैसों की जरूरत में वारदात को दिया अंजाम, चोरी का Lenovo लैपटॉप और कीपैड मोबाइल बरामद

लखनऊ। मोहनलालगंज थाना पुलिस ने स्कूल के कार्यालय में घुसकर लैपटॉप और मोबाइल चोरी करने के मामले का खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया एक Lenovo लैपटॉप और एक कीपैड मोबाइल बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रौनक उर्फ मोहित, निवासी ग्राम सरईं गुदौली, थाना गोसाईगंज, लखनऊ के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 18 वर्ष बताई गई है।

स्कूल कार्यालय में चोरी की शिकायत

पुलिस के मुताबिक, 23 अगस्त 2026 को इन्द्रेश मिश्र पुत्र स्वर्गीय हरिशंकर मिश्र, निवासी आशियाना कॉलोनी, लखनऊ ने मोहनलालगंज थाने में शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने अनधिकृत रूप से स्कूल के कार्यालय में प्रवेश कर वहां रखा कीमती सामान, एक मोबाइल फोन और Lenovo लैपटॉप चोरी कर लिया।

शिकायत के आधार पर थाना मोहनलालगंज में मु0अ0सं0 315/2026, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस

घटना के खुलासे और चोरी का सामान बरामद करने के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश पर दो पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने तकनीकी, मैनुअल साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की।

इसी क्रम में पुलिस ने रौनक उर्फ मोहित पुत्र विधना प्रसाद, निवासी ग्राम सरईं गुदौली, थाना गोसाईगंज, लखनऊ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायिक अभिरक्षा के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

नशे की लत के लिए चोरी करने की बात कबूली

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है। उसके पास नशा करने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए उसने स्कूल के कार्यालय में घुसकर लैपटॉप और मोबाइल चोरी कर लिया। आरोपी के मुताबिक, वह चोरी किए गए सामान को बेचने के लिए जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

चोरी का सामान बरामद

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से:

01 Lenovo लैपटॉप
01 कीपैड मोबाइल

बरामद किया है।

मामले में धारा 317(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस टीम की कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट लखनऊ तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम अभियान के तहत की गई।

पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार और सहायक पुलिस आयुक्त मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा प्रभारी निरीक्षक मोहनलालगंज राम बाबू सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
रॉन्ग साइड वाहन चलाने से रोकना पड़ा भारी, यातायात पुलिसकर्मी से अभद्रता करने वाले तीन गिरफ्तार

अवध चौराहे पर रोकने के बाद गाली-गलौज और मारपीट का आरोप, सरकारी कार्य में बाधा और धमकी के मामले में कृष्णानगर पुलिस की कार्रवाई

लखनऊ। राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में रॉन्ग साइड वाहन चलाने से रोकने पर यातायात पुलिसकर्मी से अभद्रता और मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अवध चौराहे पर ड्यूटी कर रहे यातायात पुलिसकर्मी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। मामले में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

रॉन्ग साइड वाहन चलाने से रोकने पर विवाद

पुलिस के अनुसार, 23 अगस्त 2026 को यातायात पुलिस लाइन, लखनऊ में तैनात आरक्षी जसवंत यादव की तहरीर पर थाना कृष्णानगर में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि अवध चौराहे पर रॉन्ग साइड वाहन चलाने से रोके जाने पर तीनों अभियुक्तों ने एक राय होकर यातायात पुलिसकर्मी से गाली-गलौज की और मारपीट की।

पुलिस का आरोप है कि अभियुक्तों ने लोक कर्तव्य का निर्वहन कर रहे पुलिसकर्मी के काम में बाधा पहुंचाई, आपराधिक बल का प्रयोग किया और जान-माल की धमकी भी दी।

तीनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा

घटना के बाद मौके पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद उनके खिलाफ नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष वर्मा पुत्र सुरेश वर्मा, उम्र करीब 27 वर्ष, निवासी अहमदाबाद; आलोक कुमार यादव पुत्र रामनयन यादव, उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी टांडा, अंबेडकरनगर और दीपक पुत्र खुशीराम, निवासी शरीफपुर, पोस्ट नंदपुर, थाना टांडा, अंबेडकरनगर के रूप में हुई है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

कृष्णानगर थाने में मु0अ0सं0 369/2026 के तहत बीएनएस की धाराओं 115(2), 352, 351(3), 132, 221, 121(1) और 3(5) में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस टीम ने की कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त लखनऊ तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली वसंथ कुमार के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर अभिषेक कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर प्रद्युम्न कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।

कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक पंकज सारस्वत, रामनारायन और निहाल सिंह भी शामिल रहे।
लखनऊ : पुराने कॉलेज पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार
- छात्रों से बोले- ‘वह भी एक दौर था, यह भी एक दौर है’, मतदान के महत्व का दिया संदेश


लखनऊ। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय लखनऊ दौरे पर पहुंचे। राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने अपने पुराने कॉलेज कोल्विन तालुकदार कॉलेज का दौरा किया और छात्र जीवन की पुरानी यादों को ताजा किया। कॉलेज में आयोजित छात्र संवाद सम्मेलन में उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन्हें सफलता के साथ लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के 20 जिलों के 120 विधानसभा क्षेत्रों से करीब 1,500 विद्यार्थी, शिक्षक और प्राचार्य शामिल हुए। अपने पुराने शिक्षण संस्थान में पहुंचकर ज्ञानेश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने कॉलेज से जुड़ी अपनी स्मृतियों और छात्र जीवन के अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि कॉलेज में मिली सीख और संस्कारों ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अच्छे शिक्षक और बेहतर शैक्षिक माहौल व्यक्ति के जीवन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने अपने छात्र जीवन और वर्तमान जिम्मेदारी के दौर की तुलना करते हुए कहा, “वह भी एक दौर था, यह भी एक दौर है।” उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, अनुशासन बनाए रखने और लगातार सीखते रहने की प्रेरणा दी।
ज्ञानेश कुमार ने युवा विद्यार्थियों से लोकतंत्र में उनकी भूमिका पर भी संवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से युवा वोटरों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति नागरिक की जिम्मेदारी भी है।
अपने ही कॉलेज के मंच से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने छात्रों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा, अनुशासन, अच्छे मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अनुभवों से प्रेरित करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।
लखनऊ : गोमतीनगर में बारिश के बीच धंसी सड़क

- हनीमैन चौराहे के पास सड़क का बड़ा हिस्सा धंसा, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

लखनऊ। राजधानी में लगातार हो रही बारिश के बीच सड़क धंसने का एक और मामला सामने आया है। गोमतीनगर के हनीमैन चौराहे के पास अचानक सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे आसपास हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के दौरान सड़क धंसने की घटना सामने आई। सड़क का हिस्सा धंसने से मौके पर यातायात और राहगीरों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है।
इससे पहले राजधानी के इंदिरानगर और विकासनगर क्षेत्र में भी बारिश के दौरान सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बारिश के बीच सड़क धंसने से किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति दुरुस्त कराने की मांग की जा रही है।