रॉन्ग साइड वाहन चलाने से रोकना पड़ा भारी, यातायात पुलिसकर्मी से अभद्रता करने वाले तीन गिरफ्तार

अवध चौराहे पर रोकने के बाद गाली-गलौज और मारपीट का आरोप, सरकारी कार्य में बाधा और धमकी के मामले में कृष्णानगर पुलिस की कार्रवाई

लखनऊ। राजधानी के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में रॉन्ग साइड वाहन चलाने से रोकने पर यातायात पुलिसकर्मी से अभद्रता और मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अवध चौराहे पर ड्यूटी कर रहे यातायात पुलिसकर्मी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। मामले में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

रॉन्ग साइड वाहन चलाने से रोकने पर विवाद

पुलिस के अनुसार, 23 अगस्त 2026 को यातायात पुलिस लाइन, लखनऊ में तैनात आरक्षी जसवंत यादव की तहरीर पर थाना कृष्णानगर में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि अवध चौराहे पर रॉन्ग साइड वाहन चलाने से रोके जाने पर तीनों अभियुक्तों ने एक राय होकर यातायात पुलिसकर्मी से गाली-गलौज की और मारपीट की।

पुलिस का आरोप है कि अभियुक्तों ने लोक कर्तव्य का निर्वहन कर रहे पुलिसकर्मी के काम में बाधा पहुंचाई, आपराधिक बल का प्रयोग किया और जान-माल की धमकी भी दी।

तीनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा

घटना के बाद मौके पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद उनके खिलाफ नियमानुसार निरोधात्मक कार्रवाई की गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष वर्मा पुत्र सुरेश वर्मा, उम्र करीब 27 वर्ष, निवासी अहमदाबाद; आलोक कुमार यादव पुत्र रामनयन यादव, उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी टांडा, अंबेडकरनगर और दीपक पुत्र खुशीराम, निवासी शरीफपुर, पोस्ट नंदपुर, थाना टांडा, अंबेडकरनगर के रूप में हुई है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

कृष्णानगर थाने में मु0अ0सं0 369/2026 के तहत बीएनएस की धाराओं 115(2), 352, 351(3), 132, 221, 121(1) और 3(5) में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस टीम ने की कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त लखनऊ तरुण गाबा और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मो. मुश्ताक के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त रल्लापल्ली वसंथ कुमार के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर अभिषेक कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर प्रद्युम्न कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।

कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक पंकज सारस्वत, रामनारायन और निहाल सिंह भी शामिल रहे।
लखनऊ : पुराने कॉलेज पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार
- छात्रों से बोले- ‘वह भी एक दौर था, यह भी एक दौर है’, मतदान के महत्व का दिया संदेश


लखनऊ। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय लखनऊ दौरे पर पहुंचे। राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने अपने पुराने कॉलेज कोल्विन तालुकदार कॉलेज का दौरा किया और छात्र जीवन की पुरानी यादों को ताजा किया। कॉलेज में आयोजित छात्र संवाद सम्मेलन में उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उन्हें सफलता के साथ लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के 20 जिलों के 120 विधानसभा क्षेत्रों से करीब 1,500 विद्यार्थी, शिक्षक और प्राचार्य शामिल हुए। अपने पुराने शिक्षण संस्थान में पहुंचकर ज्ञानेश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने कॉलेज से जुड़ी अपनी स्मृतियों और छात्र जीवन के अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि कॉलेज में मिली सीख और संस्कारों ने उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अच्छे शिक्षक और बेहतर शैक्षिक माहौल व्यक्ति के जीवन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने अपने छात्र जीवन और वर्तमान जिम्मेदारी के दौर की तुलना करते हुए कहा, “वह भी एक दौर था, यह भी एक दौर है।” उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, अनुशासन बनाए रखने और लगातार सीखते रहने की प्रेरणा दी।
ज्ञानेश कुमार ने युवा विद्यार्थियों से लोकतंत्र में उनकी भूमिका पर भी संवाद किया। उन्होंने विशेष रूप से युवा वोटरों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति नागरिक की जिम्मेदारी भी है।
अपने ही कॉलेज के मंच से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने छात्रों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा, अनुशासन, अच्छे मार्गदर्शन और सकारात्मक सोच को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अनुभवों से प्रेरित करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।
लखनऊ : गोमतीनगर में बारिश के बीच धंसी सड़क

- हनीमैन चौराहे के पास सड़क का बड़ा हिस्सा धंसा, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

लखनऊ। राजधानी में लगातार हो रही बारिश के बीच सड़क धंसने का एक और मामला सामने आया है। गोमतीनगर के हनीमैन चौराहे के पास अचानक सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे आसपास हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के दौरान सड़क धंसने की घटना सामने आई। सड़क का हिस्सा धंसने से मौके पर यातायात और राहगीरों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है।
इससे पहले राजधानी के इंदिरानगर और विकासनगर क्षेत्र में भी बारिश के दौरान सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
बारिश के बीच सड़क धंसने से किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन और संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति दुरुस्त कराने की मांग की जा रही है।
भाषिणी ने यूपी-जापान निवेश संवाद में भाषा की बाधा दूर की

- रियल-टाइम AI अनुवाद से भारतीय और जापानी प्रतिनिधियों के बीच आसान हुआ संवाद


लखनऊ, 24 अगस्त। उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ संवाद को अधिक सहज बनाने की दिशा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभावी इस्तेमाल सामने आया है। हाल ही में आयोजित यूपी-जापान निवेश सम्मेलन-2026 में भारत सरकार के बहुभाषी AI प्लेटफॉर्म ‘भाषिणी’ की रियल-टाइम अनुवाद तकनीक ने भारतीय और जापानी प्रतिनिधियों के बीच भाषा की दूरी को काफी हद तक कम कर दिया।
इस तकनीकी पहल को इन्वेस्ट यूपी और भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) के सहयोग से सम्मेलन में लागू किया गया। इसका उद्देश्य दोनों देशों के निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों को अपनी-अपनी भाषा में संवाद की सुविधा उपलब्ध कराना था।

- मुख्यमंत्री के हिंदी संबोधन का हुआ जापानी में तत्काल अनुवाद
सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदी संबोधन को भाषिणी के ‘श्रुतलेख’ फीचर के माध्यम से रियल-टाइम में जापानी भाषा में ट्रांसक्राइब और अनुवाद किया गया। इसी तरह केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अंग्रेजी संबोधन को भी जापानी भाषा में तत्काल उपलब्ध कराया गया।
AI आधारित स्पीच-टू-टेक्स्ट तकनीक के जरिए हिंदी, अंग्रेजी और जापानी भाषाओं के बीच संवाद को सुगम बनाया गया। इससे प्रतिनिधियों को पारंपरिक अनुवाद की प्रतीक्षा किए बिना सम्मेलन की चर्चाओं को समझने और उसमें भाग लेने में सुविधा मिली।

- निवेश के प्रमुख क्षेत्रों में संवाद हुआ आसान
सम्मेलन में विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, नवाचार, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इन विषयों पर भारतीय और जापानी पक्ष के बीच संवाद को प्रभावी बनाने में भाषिणी की रियल-टाइम अनुवाद व्यवस्था ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन्वेस्ट यूपी के अनुसार, इस प्रयोग से यह प्रदर्शित हुआ कि AI आधारित बहुभाषी तकनीक केवल भाषा अनुवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विभिन्न देशों के निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच सहयोग को भी अधिक सहज बना सकती है।
- 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों पर भाषिणी की सेवाएं
भारत सरकार का भाषिणी प्लेटफॉर्म वर्तमान में 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को बहुभाषी सेवाओं से जोड़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्लेटफॉर्म प्रतिदिन 2.4 करोड़ से अधिक AI इन्फरेंस प्रोसेस करता है और अब तक 9 अरब से अधिक AI इन्फरेंस पूरे कर चुका है।
भाषिणी 36 भारतीय लिखित भाषाओं, 23 भारतीय वॉयस भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। ऐसे में इसके इस्तेमाल को डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ वैश्विक निवेश और अंतरराष्ट्रीय कारोबारी संवाद के लिए भी उपयोगी माना जा रहा है।
इन्वेस्ट यूपी ने भारत-जापान निवेश संवाद में भाषिणी के तकनीकी सहयोग को महत्वपूर्ण पहल बताया। एजेंसी का कहना है कि AI आधारित बहुभाषी संचार व्यवस्था भविष्य में उत्तर प्रदेश को विदेशी निवेशकों के साथ अधिक प्रभावी और समावेशी संवाद स्थापित करने में मदद कर सकती है।
लखनऊ : पारा से पकड़ी भैंसों की नीलामी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

लखनऊ। राजधानी के पारा क्षेत्र से नगर निगम द्वारा पकड़ी गई भैंसों की प्रस्तावित नीलामी के विरोध में सोमवार को मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं और पशुपालकों ने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। अनीस राजा के नेतृत्व में जुटे प्रदर्शनकारियों ने नीलामी प्रक्रिया रोकने और जुर्माना लेकर भैंसों को पशुपालकों के सुपुर्द करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन, नगर आयुक्त और महापौर के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध को देखते हुए नगर निगम मुख्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पशुपालकों की आजीविका पशुओं से जुड़ी है, इसलिए नीलामी के बजाय निर्धारित जुर्माना वसूलकर भैंसों को छोड़ने की व्यवस्था की जाए।
उधर, नगर निगम मुख्यालय स्थित त्रिलोकीनाथ हाल में पकड़ी गई भैंसों की नीलामी की कार्रवाई जारी रही। नीलामी के लिए प्रत्येक भैंस का बेस प्राइस 21 हजार रुपये निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
भैंसों की नीलामी की कार्रवाई के खिलाफ पशुपालकों और सपा कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने से नगर निगम मुख्यालय पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।
सत्ता के संरक्षण में चल रहा दोहरा मापदं, अब देश को बर्बादी की ओर ले जा रहा है : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ। सत्ता के संरक्षण में चल रहा ये दोहरा मापदंड अब देश को बर्बादी की ओर ले जा रहा है। जब सभ्य और शांत रहने वाला सामान्य वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए 21 अगस्त को जंतर मंतर दिल्ली पर आरक्षण सुधार,UGC Roll back के लिए शांति पूर्वक प्रदर्शन करना चाहता था पहले परमिशन नहीं दिए फिर रामलीला मैदान पर परमिशन की बात करते रहे फिर सामान्य वर्ग के लाखों लोग एक जुट हो कर पूरा दिल्ली जाम हो गया तो जंतर मंतर दिल्ली पर प्रदर्शन करने की अनुमति दिए,रात्रि को आठ बजे दिल्ली पुलिस ने शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे सामान्य वर्ग के विद्यार्थी लड़को लड़कियों पर बर्बरता पूर्वक ब्यौहार किया,RHA संयोजक ठाकुर शिवम सिंह पुलिस लाठी चार्ज से घायल हो कर गिर गए ।

लोगों को गिरफ्तार किया जाने लगा ठाकुर शिवम सिंह,मनोज मिश्रा रविन्द्र सिंह विकाश दुबे को दिल्ली पुलिस उठा ले गई वही राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज कुमार धारियां को पुलिस ने पूछ कर मारा कि तुम ब्राह्मण लोग बहुत परेशान कर दिए उनका एक हाथ फ्रैक्चर हो गया बस से बाहर दिल्ली पुलिस फेक दी जिससे उन्हें काफी चोट आई जिन्हें राममनोहर लोहिया हास्पिटल दिल्ली में भर्ती कराया गया वही दूसरी तरफ विगत माह में काकरोच पार्टी जय भीम के लोगों को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने हेतु एयर पोर्ट पर जा कर दिल्ली पुलिस ने परमिशन दिया जो को जंतर मंतर दिल्ली से देश के प्रधान मंत्री की मां को गाली दिए, नंगे हो कर तांडव किए भारत को नेपाल बना देने को धमकी देते हुए संसद की तरह कुछ किए उनके ऊपर कोई लाठी चार्ज नहीं हुआ पूरे सम्मान के साथ रखा गया यह दोहरा मापदंड बीजेपी की सरकार सामान्य वर्ग के विद्यार्थी लड़को लड़कियों के पर बर्बरता पूर्वक कार्यवाही किया  । लेकिन आज जो सामान्य वर्ग को को गाली दे पुलिस पर पत्थर बरसारहे हैऔर थाने में गुंडा गर्दी कर रहे हैं उन्हें शोषित वंचित बताकर अभय दान दिया जा रहा है।
यह कोई इस्तफाक नहीं है बालकिवोट बैंक की फसल काटने के लिए यह गहरा एवं सुनियोजित तरीके से सामान्य वर्ग के अस्तित्व को मिटाने हेतु साजिश है,। अजित भारती जाने माने पत्रकार है उनके ऊपर दिल्ली में चंद्रशेखर रावण की पार्टी ने एससीएसटी एक्ट में FIR दर्ज कराया बीेजेपी की दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज कर लिया,यह बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों के साथ आज बैठक में कही साथ ही कहा कि सभी सवर्ण संगठन ने आपस में विचार किए हैं कि न्यायालय के माध्यम से जंतर मंतर दिल्ली पर प्रदर्शन के लिए अनुमति प्राप्त कर दुबारा अनिश्चित कालीन धरना/ प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी तिथि की घोषणा सभी सवर्ण संगठन संगठन एक साथ बैठ कर करेंगे जातिगत आरक्षण एससीएसटी एक्ट यूजीसी रेगुलेशन 2026 को समाप्त करवा कर ही अब शान्ति मिलेगी।
जनता दर्शन में सीएम योगी का बड़ा निर्देश, पूनम को मिलेगी निराश्रित गाय, दिव्यांग की जमीन से हटेगा कब्जा
गोपालन से आत्मनिर्भर बनने की इच्छा पर मुख्यमंत्री ने पशुधन विभाग को दिए निर्देश, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से आर्थिक मदद भी मिलेगी

लखनऊ। सीतापुर के गुरुदेव नगर हरगांव की रहने वाली पूनम देवी 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री से मिलीं और गोपालन की अभिलाषा बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल उनकी मांगों पर विचार करते हुए अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को निर्देश दिया कि इन्हें निराश्रित गाय उपलब्ध कराई जाए और नियमानुसार योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाए। 

वहीं, एक दिव्यांग ने अवैध कब्जे की भी शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच कराकर निराकरण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में पूनम देवी ने लिखा कि वह गोपालन करके आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। अभी उनके पास 5 गाय हैं और अन्य गोमाता को रखने के लिए पर्याप्त जगह भी है। ऐसे में उन्हें और भी गाय दिला दी जाएं, जिससे वे दूध आदि की बिक्री कर परिवार को समृद्ध करेंगी।

इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को निर्देश दिया कि इन्हें निराश्रित गाय उपलब्ध कराई जाए और मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए आर्थिक सहायता भी दिलाई जाए। 'जनता दर्शन' में मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी का हालचाल जाना, फिर सभी की समस्याएं भी पूछीं। पूनम का प्रार्थना पत्र पढ़कर मुख्यमंत्री ने उनकी हौसलाअफजाई भी की। मुख्यमंत्री ने पूनम से कहा कि हम आपको सरकार की तरफ से नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। आप गोसेवा कीजिए क्योंकि गोमाता में 33 कोटि देवताओं का वास होता है।

मुख्यमंत्री ने उनसे अनुभव साझा किया कि आप मन से गोसेवा करो, सारी बाधाएं और कष्ट दूर होंगे। पूनम ने भी श्रावण मास में इच्छा पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे दिव्यांग ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी जमीन पर किसी ने कब्जा कर लिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने जांच कराकर पीड़ित के यथासंभव मदद करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त सीएम योगी ने प्रदेश के अन्य जनपदों से आए लोगों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण का भी निर्देश दिया।
यूपी में 17 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारी बदली,
मुरादाबाद और अलीगढ़ को मिले नए मंडलायुक्त
संगीता सिंह को मुरादाबाद और ओम प्रकाश आर्य को अलीगढ़ का मंडलायुक्त बनाया गया, कई विभागों में भी फेरबदल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार देर रात 17 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। इस प्रशासनिक फेरबदल में मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल के नए मंडलायुक्तों की तैनाती की गई है। इसके अलावा ग्राम्य विकास, आयुष, नगर विकास, नियोजन, जल निगम, सहकारिता और उच्च शिक्षा समेत कई विभागों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।
मुरादाबाद मंडलायुक्त का पद पिछले कुछ समय से खाली था। अलीगढ़ की मंडलायुक्त संगीता सिंह को मुरादाबाद का नया मंडलायुक्त बनाया गया है। वहीं राजस्व परिषद प्रयागराज में सदस्य (न्यायिक) के पद पर तैनात ओम प्रकाश आर्य को अलीगढ़ का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है। मुरादाबाद में मंडलायुक्त रहे सिक्किम कैडर के आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि 14 अगस्त को समाप्त हो गई थी।
प्रशासनिक बदलाव के तहत गौरी शंकर प्रियदर्शी को आयुक्त ग्राम विकास एवं सचिव ग्राम्य विकास विभाग के पद से हटाकर महानिदेशक आयुष एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय आयुष मिशन बनाया गया है। वहीं चैत्रा वी को महानिदेशक आयुष एवं मिशन निदेशक राष्ट्रीय आयुष मिशन से हटाकर सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रमोद कुमार उपाध्याय को सचिव समाज कल्याण विभाग से आयुक्त ग्राम्य विकास बनाया गया है। वहीं रवींद्र कुमार सचिव नगर विकास के पद पर बने रहेंगे, लेकिन उन्हें प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) और राज्य मिशन निदेशक (अमृत) के अतिरिक्त दायित्व से मुक्त कर दिया गया है।
मासूम अली सरवर को सचिव नियोजन विभाग और महानिदेशक अर्थ एवं संख्या के पद से कार्यमुक्त किया गया है। उन्हें प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) और राज्य मिशन निदेशक (अमृत) का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। वह उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर बने रहेंगे।
इसी क्रम में डा. राज शेखर को प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) से हटाकर सचिव नियोजन विभाग तथा महानिदेशक अर्थ एवं संख्या बनाया गया है। योगेश कुमार को आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता के पद से हटाकर प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कुमार प्रशांत को सचिव राज्य सूचना आयोग से हटाकर आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता बनाया गया है। वहीं गुर्राला श्रीनिवासुलु को सचिव सचिवालय प्रशासन के पद से हटाकर सचिव उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग की जिम्मेदारी दी गई है।
सहकारी चीनी मिल्स संघ में भी बदलाव किया गया है। अमृत पाल कौर को प्रतीक्षारत किया गया है। वहीं नवनीत सेहारा को संयुक्त प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड के पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
इसके अलावा देवेंद्र कुमार पांडेय को विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा से विशेष सचिव उपभोक्ता मामले बनाया गया है। विवेक श्रीवास्तव को सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण से हटाकर विशेष सचिव पशुधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
अमृत त्रिपाठी को सचिव उच्च शिक्षा विभाग से हटाकर सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद प्रयागराज बनाया गया है। वहीं ओम प्रकाश राय को सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद प्रयागराज से विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग बनाया गया है।
सरकार की ओर से किए गए इस फेरबदल के बाद विभिन्न विभागों और मंडलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल के साथ ही कई महत्वपूर्ण विभागों को नए अधिकारियों की जिम्मेदारी मिलने से प्रशासनिक स्तर पर नई व्यवस्था लागू होगी।
ईंट निर्मित स्तूप भारतीय बौद्ध स्थापत्य की समृद्ध परंपरा के प्रतीक: डॉ. राजेंद्र यादव

- नालासोपारा स्तूप के संरक्षण की चुनौतियों और वैज्ञानिक संरक्षण पर हुआ विशेष व्याख्यान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय की ओर से आयोजित पुरातत्व अभिरुचि पाठ्यक्रम के चतुर्थ दिवस पर ईंट निर्मित स्तूपों की स्थापत्य परंपरा और उनके संरक्षण से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, लखनऊ सर्किल के अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजेंद्र यादव ने ‘Brick Stupa of India and its Conservation Issues with Special Reference to Stupa at Nalasopara, Maharashtra’ विषय पर सचित्र प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।

डॉ. यादव ने भारत में ईंटों से निर्मित स्तूपों की संरचना, बनावट, आकार और स्थापत्य विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय बौद्ध स्थापत्य के प्रमुख स्वरूपों—स्तूप, चैत्यगृह और स्तंभ—के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि स्तूपों की विभिन्न श्रेणियों में शारीरिक स्तूप विशेष महत्व रखते हैं, जिनका निर्माण भगवान बुद्ध के शारीरिक अवशेषों के ऊपर किया जाता था।
व्याख्यान के दौरान भारतीय स्तूप स्थापत्य के क्रमिक विकास की भी जानकारी दी गई। डॉ. यादव ने बताया कि भारतीय स्तूप परंपरा पर मौर्यकालीन स्थापत्य के साथ-साथ इंडो-ग्रीक, इंडो-सिथियन और कुषाणकालीन कला एवं स्थापत्य परंपराओं का प्रभाव भी देखने को मिलता है। विभिन्न सांस्कृतिक एवं कलात्मक परंपराओं के समन्वय ने भारतीय बौद्ध स्थापत्य को विशिष्ट और समृद्ध स्वरूप प्रदान किया।

-  नालासोपारा स्तूप के संरक्षण पर विशेष चर्चा
महाराष्ट्र के नालासोपारा स्थित प्राचीन स्तूप के विशेष संदर्भ में डॉ. यादव ने ईंट निर्मित पुरातात्त्विक स्मारकों के संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों, संरचनात्मक समस्याओं और वैज्ञानिक संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राचीन ईंट निर्मित स्मारकों के संरक्षण में उनकी मूल संरचना और ऐतिहासिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व निदेशालय की निदेशक श्रीमती रेनू द्विवेदी ने मुख्य वक्ता डॉ. राजेंद्र यादव को पौधा एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का अभिवादन करते हुए पाठ्यक्रम में उनकी सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
व्याख्यान में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑफलाइन और 50 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। प्रतिभागियों ने भारतीय बौद्ध स्थापत्य, ईंट निर्मित स्तूपों के ऐतिहासिक विकास, उनकी स्थापत्य विशेषताओं और संरक्षण तकनीकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
सचित्र प्रस्तुतीकरण और विषय की व्यापक व्याख्या के कारण व्याख्यान प्रतिभागियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी रहा। कार्यक्रम ने भारत की समृद्ध पुरातात्त्विक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रसोइया माताएं-बहनें ‘पीएम पोषण’ की आधारशक्ति, सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक सरकार प्रतिबद्ध : सीएम योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विद्यालयों की रसोई में जलता चूल्हा केवल भोजन नहीं पकाता, बल्कि लाखों बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि अपने श्रम और ममत्व से इस पुनीत दायित्व को निभाने वाली रसोइया माताएं-बहनें ‘पीएम पोषण’ योजना की वास्तविक आधारशक्ति हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण का शुभारंभ सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। 

मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है विद्यालय की रसोई में जलता चूल्हा केवल भोजन नहीं पकाता, वह लाखों बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को ऊर्जा देता है। इस पुनीत दायित्व को अपने श्रम और ममत्व से निभाने वाली हमारी रसोइया माताएं-बहनें 'पीएम पोषण' की वास्तविक आधारशक्ति हैं। उन्होंने आगे लिखा कि आज इन कर्मयोगी रसोइयों के सम्मान के साथ प्रदेश की 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण का शुभारंभ होगा।

योगी ने कहा कि सम्मान से स्वास्थ्य-सुरक्षा तक की यह पहल हमारी रसोइया माताओं-बहनों के श्रम के प्रति 'डबल इंजन सरकार' की कृतज्ञता और उनके सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन के प्रति प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। ज्ञात हो कि पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों के योगदान को केंद्र में रखते हुए आज लखनऊ में सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में प्रस्तावित इस कार्यक्रम में उनके हाथों मंच पर 11 रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि प्रदेशभर से 1500 रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

खास बात यह है कि इसी दिन जनपद एवं तहसील स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेशभर में रसोइयों के सम्मान का संदेश एक साथ पहुंचेगा। यह पहल पीएम पोषण योजना को जमीन पर प्रभावी ढंग से पहुंचाने वाले रसोइयों के योगदान को सार्वजनिक पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय, परिषदीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।

विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले इन रसोइयों को सम्मान देने के लिए राज्य से लेकर स्थानीय स्तर तक व्यापक तैयारियां की गई हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ 23 अगस्त को जनपद एवं तहसील स्तर पर भी रसोइया सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इनमें सांसद, मंत्री, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन को उपलब्ध सभागारों का उपयोग करते हुए कार्यक्रम आयोजित करने तथा रसोइयों के सम्मान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों मंच पर 11 रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 1500 रसोइयों को कार्यक्रम में सहभागी बनाया जाएगा।