अनुसूचित जाति के बेरोजगारों को निःशुल्क मिलेंगे हनी बॉक्स, 29 अगस्त तक करें आवेदन
हनी मिशन के तहत 20 लाभार्थियों को मिलेगा लाभ, पांच दिवसीय प्रशिक्षण के साथ मिलेगी टूलकिट

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा हनी मिशन के अंतर्गत हनी बॉक्स एवं संबंधित टूल किट्स जीविकोपार्जन हेतु अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी जवाहर लाल ने बताया कि शहद उत्पादन कार्य में रुचि रखने वाले बेरोजगार व प्रशिक्षित व्यक्तियों को 5 दिवसीय गुणवत्तापरक प्रशिक्षण कराते हुए प्रत्येक व्यक्ति को 5-5 हनी बॉक्स सहित संबंधित टूल किट्स का वितरण किया जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद प्रयागराज को 20 लाभार्थियों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इच्छुक लाभार्थी जिनकी उम्र 15 से 50 वर्ष है, वे बोर्ड की वेबसाइट http://upkvib.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ निवास प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, पैन कार्ड, राशन कार्ड, शैक्षिक योग्यता, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो एवं ग्राम प्रधान द्वारा कार्य करने का प्रमाण-पत्र संलग्न करना होगा।

आवेदन पत्र का प्रारूप जिला ग्रामोद्योग अधिकारी कार्यालय विकास भवन परिसर कमरा नंबर-37 प्रयागराज से प्राप्त कर किसी भी कार्य दिवस में दिनांक 29.08.2026 तक जमा किया जा सकता है। प्राप्त आवेदन पत्रों के सापेक्ष पात्र लाभार्थियों का चयन बोर्ड द्वारा गठित कमेटी के माध्यम से साक्षात्कार द्वारा किया जाएगा। चयन के उपरांत हनी बॉक्स की आपूर्ति होने पर निःशुल्क वितरण कराया जाएगा। विशेष जानकारी हेतु मो0 नंबर- 9580503176 व 8840814211 पर संपर्क किया जा सकता है।
बाइक सवार को बचाने में पलटी मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली, दो की मौत, 12 से अधिक घायल

धान की रोपाई के लिए जा रहे थे मजदूर, ट्रॉली के नीचे दबने से हुई मौत, हादसे के बाद मची चीख-पुकार


विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज, शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर सूरवल साहनी गांव के सामने शुक्रवार सुबह मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में ट्रॉली पर सवार दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक मजदूर घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, सोनरा गांव के मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर सूरवल साहनी गांव में धान की रोपाई करने जा रहे थे। सुबह करीब 10:30 बजे सूरवल साहनी गांव के पास अचानक सामने से एक बाइक सवार आ गया। बाइक सवार को बचाने के प्रयास में ट्रैक्टर चालक का संतुलन बिगड़ गया और मजदूरों से भरी ट्रॉली सड़क पर पलट गई।

ट्रॉली के नीचे दब गए मजदूर

ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटते ही उसमें सवार मजदूर सड़क पर जा गिरे। कई मजदूर ट्रॉली के नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख - पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रॉली के नीचे दबे मजदूरों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। हादसे में कमला देवी (50) पत्नी राममूरत और करीना (17) पुत्री भारत की मौत हो गई। वहीं 12 से अधिक मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया।

घायलों को सीएचसी शंकरगढ़ भेजा गया

सूचना मिलते ही शंकरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को घटनास्थल से निकालकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ भेजा। गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर किए जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, दुर्घटना के कारणों और मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि की जा रही है।
25दिन से जले ट्रांसफार्मर कि शिकायत किये जेई व एसडीओ से मुन्नू सिंह
प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह


ग्राम मनपुर में 10 KVA का ट्रांसफॉर्मर 25 दिनों से जला होने एवं ट्रांसफॉर्मर बदलने के नाम पर ₹5,000 की मांग किए  शिकायत हमारे गांव में लगा 10 KVA का विद्युत ट्रांसफॉर्मर लगभग 25 दिनों से जला हुआ है, जिसके कारण गांव के लोगों को लगातार बिजली की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में संबंधित JE एवं SDO से कई बार फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाया जा रहा है। इसके अलावा संबंधित बिजली कर्मचारी/लाइनमैन द्वारा कथित रूप से ₹5,000 की मांग की जा रही है और कहा जा रहा है कि ₹5,000 देने के बाद ही ट्रांसफॉर्मर लगवाया जाएगा।इतने लंबे समय से बिजली न होने के कारण ग्रामीणों को अत्यंत परेशानी हो रही है। यदि ट्रांसफॉर्मर बदलने के लिए किसी आधिकारिक शुल्क की आवश्यकता है तो उसकी रसीद/सरकारी आदेश दिया जाए, लेकिन किसी कर्मचारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से पैसे की मांग की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।

10 KVA का ट्रांसफॉर्मर तत्काल बदलवाकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई जाए।
₹5,000 की कथित मांग की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
संबंधित JE एवं SDO द्वारा शिकायत पर कार्रवाई न किए जाने की भी जांच कराई जाए।
शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

अतः जनहित में इस मामले पर तत्काल कार्रवाई करने की कृपा करें
50 हजार का इनामी नई दिल्ली से गिरफ्तार
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, एसटीएफ ने गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी छैला बाबू सरोज को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है। नवाबगंज के बैरेज श्रृंगवेरपुर निवासी आरोपी के खिलाफ सराय इनायत, सांगीपुर, नवाबगंज, बहरिया और मांडा थानों में चोरी, लूट, मारपीट व आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ के मुताबिक आरोपी कई महीनों से फरार था। सूचना पर डीएसपी शैलेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने बुधवार शाम नेताजी नगर थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने साथियों के साथ चोरी-लूट की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया।
लगातार बारिश के कारण सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, लगातार बारिश के कारण सब्जियों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मंडियों तक सब्जियां पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रही हैं, जिसके चलते पिछले 10 दिनों में अधिकांश सब्जियों के रेट करीब दोगुने हो गए हैं।



टमाटर और लौकी की कीमत 50 से 60 रुपये किलो तक पहुंच गई है। वहीं, लहसुन और अदरक के दाम बढ़कर 350 रुपये किलो तक हो गए हैं। आलू फिलहाल 20 रुपये किलो बिक रहा है।

इसके अलावा शिमला मिर्च की कीमत 140 से 160 रुपये किलो और हरी धनिया की कीमत 330 से 350 रुपये किलो तक पहुंच गई है। भिंडी, बैंगन, नेनुआ, परवल और अरुई समेत अन्य हरी सब्जियों के दाम भी 15 से 20 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं।सब्जियों की बढ़ती कीमतों का सीधा असर मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट पर पड़ा है। जहां पहले सब्जियों पर मासिक खर्च करीब 3 से 3.5 हजार रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 5 से 5.5 हजार रुपये हो गया है।
जनपद न्यायालय के अधिवक्ता के विरुद्ध थाना थरवई में आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर अधिवक्ताओं ने किया चक्काजाम

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, जनपद न्यायालय इलाहाबाद के अधिवक्ता के विरुद्ध थाना थरवई में हुए क्रास एफआईआर और अब तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने किया चक्का जाम किया,आक्रोशित अधिवक्ताओं ने टायर जला कर विरोध कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की,मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद।
मेजा में 2027 का सवाल : बीजेपी से योगेश शुक्ला या फिर बाहरी चेहरा?



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ।विधानसभा चुनाव 2027 जैसे-जैसे करीब आ रहा है, मेजा की राजनीति में एक नाम फिर चर्चा में है। यह नाम है योगेश शुक्ला का। तिसेनतुलापुर, मांडा निवासी योगेश शुक्ला ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से की। आरएसएस में वह मंडल कार्यवाह रहे। इसके बाद वर्ष 1989 में योगेश शुक्ला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री बने।

वर्ष 2001 में वह गोविंदाचार्य के साथ स्वदेशी जागरण मंच से जुड़े। इसी दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास को लेकर काम करना शुरू किया। साल 2001 से 2004 तक योगेश केंद्र सरकार के राष्ट्रीय युवा आयोग के सदस्य भी रहे। वर्ष 2008 में योगेश शुक्ला भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। 2009 में भाजपा ने उन्हें पहली बार इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा। चुनाव में जीत नहीं मिली, लेकिन इसके बाद उन्होंने प्रयागराज को ही अपनी कर्मभूमि बना लिया।
योगेश शुक्ला वर्ष 2014 तक भाजपा के बौद्धिक प्रकोष्ठ और पंचायत प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह संयोजक भी रहे।

2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद कांग्रेस की ओर से उन्हें चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला। समर्थकों के कहने पर उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन कुछ ही समय बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दोबारा भाजपा में शामिल हो गए। योगेश शुक्ला की राजनीति की खास बात यह है कि वह ठेके और कारोबार की राजनीति से दूर रहकर सामाजिक कार्यों पर ज्यादा जोर देते हैं। योगेश शुक्ला वर्ष 2010 में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गठित गंगा सेल के सदस्य बने और गंगोत्री से बाणसागर तक गंगा यात्रा की।

वर्ष 2020 में सेना के अधिकारियों के साथ भी गंगा यात्रा की। प्रयागराज के यमुनापार क्षेत्र में टोस परिक्रमा कर उन्होंने सामाजिक एकता और समरसता का संदेश दिया। इसके साथ ही मंदिरों की सफाई का अभियान चलाकर लोगों को धर्म और संस्कृति से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वह मेजा से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उनके समर्थक उन्हें साफ-सुथरी छवि और बेदाग राजनीतिक जीवन वाला नेता बताते हैं।राजनीतिक जानकारों की मानें तो मेजा की राजनीति में योगेश शुक्ला इसलिए अपनी जगह नहीं बना पाए क्योंकि उन्होंने कभी दबंगई या जोड़-तोड़ की राजनीति का सहारा नहीं लिया।मेजा की राजनीति में बाहरी नेताओं का प्रभाव भी हमेशा चर्चा में रहा है। ऐसे में 2027 का विधानसभा चुनाव एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।क्या भाजपा इस बार मेजा में योगेश शुक्ला पर दांव लगाएगी? या एक बार फिर किसी बाहरी चेहरे को मौका मिलेगा? फिलहाल इसका जवाब आने वाले समय में ही मिलेगा।
प्रयागराज - फर्जी छुट्टी के आदेश को लेकर BSA का खंडन


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराजl 21 से 25 अगस्त तक स्कूलों में रैनी-डे अवकाश का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो पूरी तरह फर्जी है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि कार्यालय द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। फर्जी पत्र बनाने वाले के खिलाफ थाना कर्नलगंज में FIR दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा गया है।अतः कल 21 अगस्त 2026 को जनपद के प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक के सभी परिषदीय, माध्यमिक एवं अन्य बोर्डों के स्कूल निर्धारित समय पर खुलेंगे।

अभिभावक और छात्र किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
शहर में जलभराव को लेकर समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन, नाले-नालियों व सीवर सफाई में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , पिछले चार दिनों की बारिश से शहर में जगह-जगह हुए जलभराव को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। उन्होंने गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर के पास धरना प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा गया कि नाले, नालियों और सीवर की सफाई में भ्रष्टाचार किया गया है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

नाले-नालियों व सीवर सफाई में खानापूर्ति की गई
एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव, जिलाध्यक्ष अनिल यादव व महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन ने कहा कि जलभराव को लेकर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए। खानापूर्ति के लिए नाले, नालियों और सीवर की सफाई की गई। दो दिन की बारिश में मुहल्ले तालाब के रूप में तब्दील हो गए। महानगर महासचिव रविंद्र यादव, महिला सभा की महानगर अध्यक्ष मंजू यादव, बब्बन दुबे, तारिक सईद अज्जू ने कहा कि जलभराव से लोगों के घरों में रखे सामान खराब हो गए। घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। बावजूद इसके अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।

कहा- सरकार ने लोगों की परेशानी अनदेखी की
सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने लोगों की परेशानियों की अनदेखी की है। इस दौरान संतोष यादव, दान बहादुर मधुर, देवीलाल, मो. शारिक, शांति प्रकाश पटेल, राजेश गुप्ता, सावित्री सिंह, नाटे चौधरी आदि रहे।
पुलिस में बड़ा फेरबदल, IPS सागर जैन बने DCP सिटी तो मनीष शांडिल्य को क्राइम की कमान

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , प्रयागराज शहर की कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने बृहस्पतिवार को पुलिस महकमे में अहम बदलाव किया। उन्होंने 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी सागर जैन को डीसीपी सिटी की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, अब तक डीसीपी सिटी का दायित्व संभाल रहे मनीष कुमार शांडिल्य को डीसीपी क्राइम बनाया गया है। दोनों अधिकारियों की जिम्मेदारियों में यह बदलाव तत्काल प्रभाव से किया गया है। सागर जैन अभी तक डीसीपी क्राइम की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें शहर की कानून व्यवस्था की कमान दी गई है। शहर के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिसिंग, अपराध की रोकथाम, कानून व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील मामलों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई की निगरानी उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में होगी। अप्रैल में हुई थी प्रयागराज में तैनाती सागर जैन 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह मूल रूप से होशंगाबाद, मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। अप्रैल 2026 में उनकी तैनाती प्रयागराज में हुई थी। प्रयागराज आने के बाद उन्हें डीसीपी क्राइम की जिम्मेदारी दी गई थी। करीब चार महीने तक उन्होंने इस पद पर रहते हुए जिले में अपराध से जुड़े मामलों और पुलिस की कार्रवाई की निगरानी की। प्रयागराज से पहले सागर जैन सहारनपुर, मुरादाबाद और वाराणसी में भी तैनात रह चुके हैं। अलग-अलग जिलों में पुलिसिंग का अनुभव रखने वाले सागर जैन को अब प्रयागराज शहर की कानून व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीसीपी सिटी रहे मनीष शांडिल्य अब संभालेंगे क्राइम वहीं, अब तक डीसीपी सिटी की जिम्मेदारी संभाल रहे मनीष कुमार शांडिल्य को डीसीपी क्राइम बनाया गया है। शहर की कानून व्यवस्था की निगरानी के बाद अब उनके जिम्मे अपराध नियंत्रण और गंभीर आपराधिक मामलों की मॉनिटरिंग होगी। डीसीपी साइबर क्राइम की भी जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी।कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर जोर पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया की ओर से अधिकारियों की जिम्मेदारियों में किया गया यह बदलाव कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। डीसीपी सिटी के तौर पर सागर जैन का फोकस शहर की कानून व्यवस्था, पुलिस की मौजूदगी, अपराध की रोकथाम और थाना स्तर की पुलिसिंग को प्रभावी बनाने पर रहेगा। वहीं डीसीपी क्राइम के रूप में मनीष शांडिल्य गंभीर अपराधों और अपराधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निगरानी करेंगे।