बाढ़ का खतरा: गंगा में 10 लाख क्यूसेक पानी आ रहा, छोटी नदियां बढ़ा रहीं यमुना का जलस्तर; तस्वीरों में देखें
विश्वनाथ प्रताप सिंह
प्रयागराज ,पहाड़ों से लेकर मैदान तक हो रही बारिश से नदियों का तेजी से जलस्तर बढ़ने लगा है। जनपद में गंगा और यमुना नदियों के साथ ही टोंस, बेलन व टुड़ियारी नदियां भी उफनाने लगी हैं। गोरमा तथा लपरी में तेजी है। कोरांव क्षेत्र में बेलन नदी का जल स्तर बढ़ने से तीन रपटा (छोटे पुल) डूब गए। इन पर तीन से 10 फीट पानी बह रहा है। इससे 22 गांवों का संपर्क टूट गया है। लगभग 40 हजार की आबादी का आवागमन ठप हो गया है। बाढ़ की आशंका से प्रशासन मुस्तैद इन पहाड़ी नदियों का जलस्तर अभी और भी बढ़ने की संभावना है। इसके मद्देनजर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. व डीएम मनीष कुमार वर्मा ने तहसील प्रशासन को आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। गंगा का जलस्तर 24 घंटे में आधा मीटर तो यमुना का एक मीटर बढ़ा है। दोनों नदियों का अभी और जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है। गंगा-यमुना के तटीय इलाकों में बढ़ी मुश्किलें गंगा और यमुना का तेजी से जलस्तर बढ़ने से तटीय क्षेत्रों के लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। केन, बेतवा और चंबल नदियों तथा नरौरा व माताटीला बांध एवं कानपुर बैराज से कुल 10 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है। इससे दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। नदियों में बढ़ते जल स्तर को लेकर नावों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सिर्फ बाढ़ राहत के लिए लगाई नावें ही संचालित की जा सकेंगी। गंगा का पानी और बढ़ेगा वहीं टोंस, बेलन, टुड़ियारी, गोरमा, लपरी, सूरजमुखी जैसी पहाड़ी नदियों का भी पानी बढ़ रहा है। टोंस नदी पिछले दो दिनों में तीन मीटर बढ़ गई, जिसके प्रवाह ने गंगा की धारा को प्रभावित कर दिया है। इससे गंगा का पानी आगे नहीं निकल पा रहा है और वह गांवों में घुसने लगा है। सतना और रीवा में टोंस उफान पर है, जिससे गंगा का पानी अभी और बढ़ेगा। गंगा-यमुना का जलस्तर - गंगा का जल स्तर-79.65 मीटर - यमुना का जल स्तर-78.83 मीटर -छतनाग में दोनों का जल स्तर-78.39 मीटर -खतरे का निशान -84.73 मीटर शहर के निचले इलाकों में घुसता है बाढ़ का पानी सोमवार रात आठ बजे गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 79.65 मीटर पहुंच गया, वहीं यमुना का जलस्तर नैनी में 78.83 मीटर दर्ज किया गया। दोनों नदियों का जल स्तर 80 मीटर के ऊपर चढ़ते ही शहर के कई मोहल्लों में पानी घुसने लगेगा। बघाड़ा, राजापुर, गंगा नगर, नेवादा, बेली, तेलियरगंज शंकरगघाट जैसे मोहल्ले प्रभावित होने लगेंगे। वहीं नैनी, झूंसी, फाफामऊ क्षेत्र के भी गांवों में पानी घुसने लगता है। बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत जिला प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि बाढ़ की संभावना के मद्देनजर सभी एसडीएम व तहसीलदार को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ राहत चौकियों के स्टाफ को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
Aug 20 2026, 19:32
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