जनता के और करीब पहुंची प्रयागराज पुलिस, DCP यमुनानगर, सिटी और गंगानगर की जनसुनवाई का स्थान बदला
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज पुलिस अब जनता के और करीब पहुंच गई है। फरियादियों को अपनी समस्या लेकर बड़े अधिकारियों से मिलने के लिए पुलिस मुख्यालय सिविल लाइंस का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया के जिले में आने के बाद पुलिसिंग में यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कमिश्नरेट प्रयागराज के सभी डीसीपी ने अपने-अपने क्षेत्र में नए कार्यालयों पर जनसुनवाई शुरू कर दी है।
यमुनानगर के डीसीपी विवेक चंद्र यादव प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक नैनी स्थित जेल रोड पुलिस चौकी परिसर में बने कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनते हैं। फरियादी अजय तिवारी ने बताया कि पहले सिविल लाइंस जाने में समय और पैसे दोनों खर्च होते थे। वहां पहुंचना भी मुश्किल होता था, लेकिन अब उच्च अधिकारियों से मिलना आसान हो गया है।
इसी तरह डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य शहर के कोतवाली परिसर चौक में और डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत सरायइनायत थाना परिसर में प्रत्येक कार्यदिवस जनसुनवाई कर रहे हैं। पुलिस की इस पहल से फरियादियों को काफी राहत मिली है।
रेलवे अधिकारी-कर्मचारी CUG नंबर का निजी इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, सूचनाओं की गोपनीयता के लिए सख्त कदम

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , रेलवे ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को आवंटित किए जाने वाले सीयूजी (क्लोज्ड यूजर ग्रुप) मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल के निजी उपयोग पर रोक लगा दी है। कर्मचारी अब इस नंबर का इस्तेमाल अपने निजी और वित्तीय कार्यों के लिए नहीं कर सकेंगे। जिन कर्मचारियों ने इस नंबर को बैंक, यूपीआई या अन्य निजी सेवाओं से जोड़ रखा है, उन्हें इसे तुरंत हटाने और अपना व्यक्तिगत नंबर अपडेट करने को कहा गया है।

14 अगस्त को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी
वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर कार्यालय की ओर से 14 अगस्त को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर सभी संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। अब बैंक अकाउंट, यूपीआइ एप, क्रेडिट कार्ड या किसी भी वित्तीय सेवा में सीयूजी नंबर दर्ज नहीं रहेगा। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) या पर्सनल जीमेल/ईमेल आइडी में यह नंबर नहीं जुड़ेगा।

इन कामों में नहीं होगा सीयूजी मोबाइल नंबर का प्रयोग
व्यक्तिगत यात्रा के लिए ट्रेन, फ्लाइट या बस टिकट बुक करने वाले निजी पोर्टल पर इसका उपयोग नहीं होगा। परिवार के सदस्यों या बच्चों के एडमिशन और स्कूल-कॉलेज के फार्म में इस नंबर को देने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी ई-कामर्स साइटों पर लागिन, सब्सक्रिप्शन और किसी भी निजी पासवर्ड रिकवरी या ओटीपी के लिए यह नंबर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

क्यों जारी हुआ निर्देश?
मंडल संकेत एवं दूरसंचार इंजीनियर (दूरसंचार) सूरज बर्डे ने बताया कि सीयूजी कनेक्शन प्रशासनिक या परिचालन कारणों, कर्मचारियों के तबादले या सेवानिवृत्ति पर कभी भी बदले, सरेंडर या निष्क्रिय किए जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में नंबर बंद होने या किसी अन्य कर्मचारी को अलाट होने पर निजी अकाउंट का एक्सेस खोने और ओटीपी के गलत हाथों में जाने का गंभीर साइबर खतरा बना रहता है। इससे वित्तीय धोखाधड़ी की आशंका भी बढ़ जाती है।

सीयूजी नंबर रेलवे प्रशासन की आधिकारिक संपत्ति
सूरज बर्डे ने जानकारी देते हुए बताया कि सीयूजी नंबर रेलवे प्रशासन की आधिकारिक संपत्ति हैं। रेलवे की साइबर सुरक्षा (साइबर हाइजीन) और सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
सांसद पप्पू यादव के खिलाफ प्रयागराज की ACJM कोर्ट में बयान दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने का है आरोप

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ प्रयागराज की एसीजेएम (कक्ष संख्या-10) की अदालत में दाखिल परिवाद में मंगलवार को बयान दर्ज किया गया है। परिवाद अधिवक्ता एवं भाजपा के प्रदेश सह संयोजक विधिक विभाग सुशील कुमार मिश्रा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल किया था। इसमें सांसद पर धार्मिक भावनाएं आहत करने, विद्वेष फैलाने, धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई है।

पप्पू यादव पर क्या है आरोप?
परिवाद में कहा गया है कि हाल में अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम मंदिर में दानराशि चोरी की घटना के बाद सांसद पप्पू यादव ने संसद भवन के सामने साधु-संतों एवं पुजारियों की वेशभूषा धारण कर गले में तख्ती लगाकर तथा नकली दानपात्र रखकर प्रदर्शन किया। परिवादी का आरोप है कि इस कृत्य से साधु-संतों, पुजारियों और सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुईं तथा समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास किया गया।

सिविल लाइंस थाने में की थी शिकायत
परिवाद में यह भी कहा गया है कि उक्त प्रदर्शन का प्रसारण विभिन्न टीवी चैनलों, सोशल मीडिया तथा समाचार पत्रों में हुआ, जिसे परिवादी ने अपने प्रयागराज स्थित कार्यालय में देखा। परिवादी का दावा है कि घटना के संबंध में 31 जुलाई 2026 को थाना सिविल लाइंस थाना के प्रभारी निरीक्षक से शिकायत की गई थी।

अगली सुनवाई 25 अगस्त को
इसके बाद तीन अगस्त 2026 को थाना प्रभारी सिविल लाइंस और पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट प्रयागराज को भी रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते परिवादी ने न्यायालय की शरण लेते हुए एसीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया था। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 25 अगस्त की तिथि नियत की है।
थाना जॉर्ज टाउन में घुसा बारिश का पानी सड़क से थाने तक भरा पानी

रिकॉर्ड और जरूरी फाइलों के भीगने का खतरा


विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज, तेज बारिश के कारण थाना जॉर्ज टाउन के अंदर पानी घुस गया। परिसर में जलभराव होने से पुलिसकर्मियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।जानकारी के अनुसार बारिश का पानी सीधे थाने के अंदर दफ्तरों तक पहुंच गया। इससे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, रजिस्टर और जरूरी फाइलों के भीगने का डर बना हुआ है। पुलिसकर्मी पानी निकालने और सामान को बचाने में जुटे रहे।स्थानीय लोगों ने कहा कि हर बारिश में यहां पानी भर जाता है। नाले की सफाई न होने और जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण यह समस्या बार-बार आती है।पुलिस प्रशासन से मांग है कि थाने की जल निकासी और मरम्मत जल्द कराई जाए, ताकि सरकारी दस्तावेजों को नुकसान न पहुंचे और पुलिस का काम बाधित न हो।भारी बारिश के बाद शहर के जार्जटाउन इलाके में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है और सड़कों तक बारिश का पानी भर गया है। स्थानीय लोगों को घुटनों तक पानी के बीच सड़क पार करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पानी भरने के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित रही। जार्जटाउन क्षेत्र में जलभराव की समस्या को लेकर हर साल सवाल उठते है, लेकिन इस बार भारी बारिश के बाद स्थिति और ख़राब नजर आई।
बाढ़ का खतरा: गंगा में 10 लाख क्यूसेक पानी आ रहा, छोटी नदियां बढ़ा रहीं यमुना का जलस्तर; तस्वीरों में देखें
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,पहाड़ों से लेकर मैदान तक हो रही बारिश से नदियों का तेजी से जलस्तर बढ़ने लगा है। जनपद में गंगा और यमुना नदियों के साथ ही टोंस, बेलन व टुड़ियारी नदियां भी उफनाने लगी हैं। गोरमा तथा लपरी में तेजी है। कोरांव क्षेत्र में बेलन नदी का जल स्तर बढ़ने से तीन रपटा (छोटे पुल) डूब गए। इन पर तीन से 10 फीट पानी बह रहा है। इससे 22 गांवों का संपर्क टूट गया है। लगभग 40 हजार की आबादी का आवागमन ठप हो गया है। बाढ़ की आशंका से प्रशासन मुस्तैद इन पहाड़ी नदियों का जलस्तर अभी और भी बढ़ने की संभावना है। इसके मद्देनजर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. व डीएम मनीष कुमार वर्मा ने तहसील प्रशासन को आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। गंगा का जलस्तर 24 घंटे में आधा मीटर तो यमुना का एक मीटर बढ़ा है। दोनों नदियों का अभी और जल स्तर बढ़ने की उम्मीद है। गंगा-यमुना के तटीय इलाकों में बढ़ी मुश्किलें गंगा और यमुना का तेजी से जलस्तर बढ़ने से तटीय क्षेत्रों के लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। केन, बेतवा और चंबल नदियों तथा नरौरा व माताटीला बांध एवं कानपुर बैराज से कुल 10 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है। इससे दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। नदियों में बढ़ते जल स्तर को लेकर नावों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सिर्फ बाढ़ राहत के लिए लगाई नावें ही संचालित की जा सकेंगी। गंगा का पानी और बढ़ेगा वहीं टोंस, बेलन, टुड़ियारी, गोरमा, लपरी, सूरजमुखी जैसी पहाड़ी नदियों का भी पानी बढ़ रहा है। टोंस नदी पिछले दो दिनों में तीन मीटर बढ़ गई, जिसके प्रवाह ने गंगा की धारा को प्रभावित कर दिया है। इससे गंगा का पानी आगे नहीं निकल पा रहा है और वह गांवों में घुसने लगा है। सतना और रीवा में टोंस उफान पर है, जिससे गंगा का पानी अभी और बढ़ेगा। गंगा-यमुना का जलस्तर - गंगा का जल स्तर-79.65 मीटर - यमुना का जल स्तर-78.83 मीटर -छतनाग में दोनों का जल स्तर-78.39 मीटर -खतरे का निशान -84.73 मीटर शहर के निचले इलाकों में घुसता है बाढ़ का पानी सोमवार रात आठ बजे गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 79.65 मीटर पहुंच गया, वहीं यमुना का जलस्तर नैनी में 78.83 मीटर दर्ज किया गया। दोनों नदियों का जल स्तर 80 मीटर के ऊपर चढ़ते ही शहर के कई मोहल्लों में पानी घुसने लगेगा। बघाड़ा, राजापुर, गंगा नगर, नेवादा, बेली, तेलियरगंज शंकरगघाट जैसे मोहल्ले प्रभावित होने लगेंगे। वहीं नैनी, झूंसी, फाफामऊ क्षेत्र के भी गांवों में पानी घुसने लगता है। बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत जिला प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह ने बताया कि बाढ़ की संभावना के मद्देनजर सभी एसडीएम व तहसीलदार को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ राहत चौकियों के स्टाफ को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सिख श्रद्धालुओं का जत्था पंजाब के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन दीदार कर प्रयागराज आए।
सिख संगत व गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने स्वागत अभिनंदन किया।


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , प्रयागराज से चंडीगढ़ रेल यात्रा और पंजाब के धार्मिक स्थलों का आध्यात्मिक सफर प्रयागराज से श्रद्धालुओं का एक जत्था चंडीगढ़ पहुँचा। चंडीगढ़ में निजी वाहन की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं का जत्था ने पंजाब के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन दीदार कर वापस प्रयागराज लौट आए।
पंजाब मे धार्मिक यात्रा निजी वाहन से श्रद्धालुओं का जत्था ने श्री आनंदपुर साहिब,श्री अमृतसर साहिब (स्वर्ण मंदिर),और गुरु फतेहगढ़ साहिब,तख्त श्री केशगढ़ साहिब के ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन दीदार किए।
पंजाब के सभी धार्मिक स्थलों के दर्शन उपरांत श्रद्धालुओं का जत्था पुनः अमृतसर लौटा और वापसी की ट्रेन पकड़कर प्रयागराज सकुशल पहुँचे।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं का पंजाब के विभिन्न स्थानों में वहां की सिख संगत व गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने स्वागत अभिनंदन किया।
जत्था का नेतृत्व परमजीत सिंह बग्गा अध्यक्ष गुरुद्वारा साहिब ने किया।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह,जतिंदर सिंह राजू,महेंद्र सिंह,गुरबख्श सिंह,कुलदीप सिंह,हरजिंदर सिंह,परमजीत सिंह सहित देश के विभिन्न प्रांतो से पंजाब मे कई श्रद्धालु जत्थे मे सम्मिलित हुए।
माफिया विजय मिश्र के कब्जे से मुक्त जमीन पर PDA 5 मंजिला डिजिटल लाइब्रेरी बनाएगा, प्रतियोगी छात्रों को होगी सुविधा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज , अल्लापुर (भरद्वाजपुरम)में माफिया विजय मिश्र को लीज पर दी गई जमीन को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) वापस लेगा। इस जमीन पर अब पांच मंजिला भवन बनाएगा। पीडीए की ओर से भवन का डिजाइन भी तैयार कर लिया गया है। प्रस्तावित भवन में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएगी।

विजय मिश्र ने पीडीए से लीज पर ली थी जमीन
इस जमीन को उपयोगी बनाकर युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने की योजना है। 500 वर्ग गज जमीन को पीडीए ने कई वर्ष पूर्व लीज पर दी थी। इस जमीन को पीडीए वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है। जमीन पर बनाए गए भवन को कुछ वर्ष पहले पीडीए की ओर से जमीदोज भी किया जा चुका है।

अल्लापुर में माफिया के कब्जे से कराया गया था मुक्त
पीडीए के अनुसार अल्लापुर में पुलिस चौकी के पास करीब 500 वर्गगज जमीन को माफिया के कब्जे से मुक्त कराया गया था। इस जमीन पर बहुमंजिला भवन बनाने की योजना तैयार की गई है। पांच मंजिल के भवन में अलग-अलग तल पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां बैंकिंग, रेलवे, सिविल सेवा समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अध्ययन की व्यवस्था होगी।

प्रतियोगियों को 200-300 रुपये प्रतिमाह शुल्क देना होगा
डिजिटल लाइब्रेरी में एक साथ 500 से 700 प्रतियोगी छात्र पढ़ाई कर सकेंगे। 200 से 300 रुपये प्रतिमाह का शुल्क तैयारी करने वालों से लिए जाने का विचार किया जा रहा है। पार्किंग का भी प्रबंध किया जाएगा।

एक ही स्थान पर अध्ययन की बेहतर सुविधा मिलेगी
डिजिटल लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल माध्यम से अध्ययन की सुविधा भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की बदलती जरूरतों को देखते हुए कंप्यूटर, इंटरनेट और आनलाइन अध्ययन सामग्री जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। इससे शहर में प्रतियोगी छात्रों को एक ही स्थान पर अध्ययन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

पीडीए ने भवन का डिजाइन तैयार किया
पीडीए ने भवन के निर्माण को लेकर प्रारंभिक डिजाइन तैयार कर लिया है। प्रस्तावित भवन में किस तल पर कौन सी सुविधा विकसित की जाएगी, इसका खाका भी तैयार किया जा रहा है। पीडीए के जोनल अधिकारी सूरज पटेल का कहना है कि निर्माण संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

माफिया से मुक्त संपत्ति का बेहतर इस्तेमाल
माफिया से मुक्त कराई गई संपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिस जमीन का इस्तेमाल पहले अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता था, वहां अब विद्यार्थियों के लिए अध्ययन केंद्र विकसित होने से युवाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। पीडीए की योजना पूरी होने पर अल्लापुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा मिल सकेगी।

माफिया विजय मिश्र के (भरद्वाजपुरम) अल्लापुर क्षेत्र में जमीदोज मकान पर डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएगी। दो से तीन माह में भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस लाइब्रेरी के बनने से बेहतर शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
तेज बारिश के बीच गोवंशों की सुरक्षा के लिए प्रशासन तैयार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,48 घंटे से हो रही लगातार बारिश के बीच जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने जिले के सभी गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

सीडीओ के निर्देश के बाद करछना, मेजा, कोरांव, हंडिया, बारा, सोरांव और सदर क्षेत्र में कर्मचारी सुबह से ही गोशालाओं की व्यवस्थाएं सुधारने में जुटे रहे। कोरांव के बड़ोखर, बारा समेत कई इलाकों में गोशालाओं में पानी घुसने की सूचना के बाद गोवंशों को सुरक्षित स्थानों रखा गया है।

प्रशासन ने गोवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा, चारा और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की है। करछना के खंड विकास अधिकारी अमित कुमार ने सभी ग्राम सचिवों को गोआश्रय स्थलों की व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के लिए कहा है।

वहीं, सीडीओ हर्षिका सिंह ने अधिकारियों की टीम गठित कर सभी गोआश्रय स्थलों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं, ताकि बारिश के दौरान गोवंशों को किसी तरह की परेशानी न हो।
भारी बारिश से प्रयागराज के कई मोहल्लों में जलभराव,पम्प लगाकर निकालने में जुटा नगर निगम

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले भारी बारिश के चलते कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हाईकोर्ट के संज्ञान में लेने के बाद नगर निगम एवं प्रशासनिक अधिकारी जल निकासी कराने में जुटे हुए हैं। प्रयागराज नगर निगम जार्जटाउन के अधिकारी और सोहबतियाबाग में तीन पम्प लगाकर सीवर लावइन के माध्यम से शहर से बाहर निकलवाने में जुटा हुए हैं। महापौर गणेश केसरवानी का कहना है कि भारी बारिश के चलते जल भराव की समस्या उत्पन्न हुई है। हमने कई स्थानों पर निरीक्षण किया और जहां भी समस्या उत्पन्न हुई वहां तत्काल सफाई और जल निकासी के लिए निर्देश दिया है।

प्रयागराज के जार्जटाउन, टैगोर टाउन, सोहबतियाबाग,बैरहना, रामबाग, करेली सहित कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रदेश में बुधवार से 23 अगस्त तक पश्चिमी और पूर्वी उप्र में अलग अलग स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई जगह गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं। यह पूर्वानुमान बुधवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी किया है।

मुख्य रूप से 20 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां अभी सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर वर्षा के आसार हैं।

20 अगस्त को बढ़ेगी बारिश की गतिविधि

डॉ. सुनील पांडेय के अनुसार 20 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद 21 और 22 अगस्त को पश्चिमी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी

मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि बारिश के दौरान कई स्थानों पर बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए। पेड़, बिजली के खंभे और अन्य ऊंचे स्थानों के नीचे खड़े होने से भी बचना जरूरी है। किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम के बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

उन्होंने कहा कि लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए सलाह

डॉ. पांडेय ने किसानों से मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखने को कहा है। खेतों में काम करते समय यदि बादल गरजने या बिजली चमकने लगे तो सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। बारिश के कारण खेतों में पानी भरने की स्थिति में फसलों की नियमित निगरानी करना भी जरूरी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अधिक सक्रिय रह सकती हैं। इसलिए प्रशासन, किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
महेवा घाट पर नहाने गए युवक की डूबने से मौत,NDRF ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला शव
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। महेवा पूरब पट्टी स्थित महेवा घाट पर मंगलवार की सुबह लगभग 11:30 बजे यमुना नदी में नहाने गया युवक अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, फायर ब्रिगेड और NDRF टीम मौके पर पहुंची।
कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीमों ने युवक को यमुना नदी से बाहर निकाला,लेकिन बाहर निकाले जाने के समय ही उसकी मौत हो चुकी थी।