Mirzapur: आमघाट ओवरब्रिज में भ्रष्टाचार को लेकर सपा का धरना-प्रदर्शन, आमघाट ओवरब्रिज में अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग

मिर्जापुर। जिले के मझवां विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रत्याशी रोहित शुक्ला लल्लू के नेतृत्व में आज घाट पुल पर धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी के अनुपस्थिति पर अपर जिला अधिकारी वित्त राजस्व विनोद कुमार सिंह को को ज्ञापन सौंपकर जनहित से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में आमघाट ओवरब्रिज में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच, ओवरब्रिज पर डिवाइडर एवं स्पीड गार्ड रेलिंग की व्यवस्था, क्षेत्र की विद्युत समस्याओं का समाधान तथा जर्जर सड़कों की मरम्मत की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इसके साथ ही मां अष्टभुजा देवी मंदिर से चोरी हुए 21 किलोग्राम के घंटे की घटना का शीघ्र खुलासा कर चोरी गए सामान की बरामदगी एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

रोहित शुक्ला लल्लू ने कहा कि मझवां की जनता की समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार संघर्ष करती रहेगी। प्रशासन जनहित के इन मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करे। इस दौरान  विधानसभा अध्यक्ष झल्लू यादव, मुन्नी यादव, आकाश यादव, गौरी यादव, केके दुबे, धीरज त्रिपाठी, गोलू बिंद, जगदीश्वर सिंह, धीरज निषाद, छोटू कुशवाहा, रंजीत चौबे, डॉ. कर्मराज, शैलेश उपाध्याय, रंजीत फौजी, जमुना यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
Mirzapur: जर्जर दीवार ढही, मलबे में दबकर बुजुर्ग दंपत्ति की दर्दनाक मौत, रजौहा गांव में आधी रात मची चीख-पुकार
*पड़ोसियों ने देखा मंजर तो दहल उठा दिल
दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच हुआ हादसा, अस्पताल पहुंचने से पहले थम चुकी थीं दोनों की सांसें

मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के रजौहा गांव में बुधवार की देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के बीच जर्जर मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। घर में सो रहे बुजुर्ग दंपत्ति मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों को मलबे से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान रामाशंकर पुत्र झिंगुरी (70 वर्ष) और उनकी पत्नी अशोक कुमारी (65 वर्ष) के रूप में हुई। एक साथ पति-पत्नी की मौत की खबर फैलते ही परिवार व रिश्तेदारों में मातम छा गया।
बताया जा रहा है कि बुधवार की शाम सब कुछ सामान्य था। परिवार रोज की तरह खाना खाया और इसके बाद सोने चले गए। बुजुर्ग दंपत्ति भी इस बात से पूरी तरह बेखबर थे कि जिस घर की चारदीवारी के भीतर वे खुद को सुरक्षित समझ रहे हैं, वही दीवार कुछ ही घंटों बाद उनके लिए काल बन जाएगी। देर रात अचानक जर्जर दीवार भरभराकर गिर पड़ी। तेज आवाज और चीख-पुकार सुनते ही आसपास के लोगों की नींद खुल गई। पड़ोसी भागकर मौके पर पहुंचे तो सामने का दृश्य देखकर दहल उठे। मलबे के नीचे बुजुर्ग दंपत्ति दबे हुए थे। हादसे की खबर गांव में फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और दोनों को बचाने की कोशिश शुरू कर दी गई। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से मलबा हटवाकर रामाशंकर और अशोक कुमारी को बाहर निकाला। दोनों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान ले जाया गया। परिजनों और ग्रामीणों को उम्मीद थी कि शायद समय रहते उपचार मिलने से दोनों की जान बच जाए, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उनकी उम्मीद टूट गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़िहान अधीक्षक डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि अस्पताल लाए जाने तक दोनों की मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए दोनों शवों का पंचनामा कराया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर लगातार बारिश हो रही है। नमी और बारिश के कारण जर्जर दीवार कमजोर हो गई थी। बुधवार की देर रात वही दीवार अचानक गिर गई और बुजुर्ग दंपत्ति उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे ने गांव के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में रात को लोग चैन की नींद सोए थे, वहां कुछ ही घंटों बाद मातम और सिसकियां सुनाई देने लगीं। पति-पत्नी की एक साथ हुई मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है। बरसात के मौसम में जर्जर मकानों और कमजोर दीवारों का खतरा एक बार फिर इस हादसे के बाद सामने आया है। रजौहा की यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि बारिश के दौरान जर्जर भवनों में रहने वाले परिवारों के लिए गंभीर चेतावनी भी बन गई है।
स्वास्थ्य जांच शिविर में सैकड़ों मरीज लाभान्वित
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से लोगों को कम कीमत पर मिल रही गुणवत्तापूर्ण दवा _ राज्यसभा सांसद


मीरजापुर। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के प्रचार प्रसार तथा आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज से सटे ब्लॉक सभागार में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब पांच सौ से अधिक मरीजों की ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, खून सहित विभिन्न स्वास्थ्य जांचें निःशुल्क की गईं। जांच के उपरांत मरीजों को जरूरत के अनुसार जन औषधि की दवाएं भी निःशुल्क वितरित की गईं। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि वर्चुअल माध्यम से जुड़े राज्यसभा सांसद अरुण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ⁵ विशेष प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य गरीब एवं कमजोर वर्ग के लोगों को बेहद कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने लोगों से जन औषधि केंद्रों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
शिविर में बतौर विशिष्ट अतिथि पधारे ब्लॉक प्रमुख लालगंज जयंत कुमार सरोज ने भी जन औषधि केंद्रों की उपयोगिता और सस्ती दवाओं के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। पीएमबीआई के यूपी मैनेजर गौतम कपूर ने अतिथियों का स्वागत किया। इस सहायक आयुक्त औषधि मुकेश पालीवाल, पीएमबीआई के नोडल अधिकारी मानवेंद्र सिंह, डॉ. संजय सिंह, डॉ. ऋचा सिंह, डॉ. योगेश दूबे, डॉ. कैलाश बिंद, डॉ. पंकज कुमार, केंद्र संचालक ऋषि त्रिपाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मिर्ज़ापुर: बरसात में हलिया के बिगड़ते हालात, तेज बरसात के कारण सड़क, घर, मवेशी, फसल इत्यादि बुरी तरह से हुए प्रभावित, कई मकान ढहे
मिर्जापुर। बारिश का कहर लगातार जारी होने के कारण पूरा हलिया क्षेत्र जलमग्न हो उठा है‌ हलिया विकास खंड क्षेत्र के पंवारी कला गांव में तेज बरसात के कारण सड़क, घर, मवेशी, फसल इत्यादि बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं तो वहीं गांव का सम्पर्क अन्य मार्गों से बाधित होने से आवागमन की भी गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। क्षेत्र के कुछ गरीब तपके के लोगों का मकान बरसात से ढह जाने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। गांव निवासी बिहारी कोल पुत्र स्वर्गीय देवराज कोल, रामलाल पुत्र अमृतलाल, शांति देवी पत्नी स्वर्गीय हरी लाल का मकान बरसात के कारण ढह गया है, जिससे प्रभावित परिवारों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है‌ वहीं सड़के उखड़ कर बह जाने से स्कूली बच्चों एवं बीमारी से जूझ रहे मरीज व्यक्तियों के लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बरसात का यही सिलसिला रहा तो स्थिति बिगड़ उठेगी और लोगों को पलायन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
मिर्जापुर में ‘रामराज’ की पोल खोल: दर्जनों से ज्यादा RTI बेअसर, दो-दो जांच आदेश बेअसर


मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश में
एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार पर “जीरो टॉलरेंस", पारदर्शिता और जवाबदेही का दावा करती है, दूसरी तरफ मिर्जापुर के विकास खण्ड हलिया के ग्राम पंचायत मनिगढ़ा का मामला इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
यहां विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत हुई, अधिकारियों तक मामला पहुंचा, जांच के आदेश हुए, जांच टीम बनी और एक नहीं बल्कि दो बार जांच, भौतिक सत्यापन की तारीख तय हुई। 29 जनवरी 2026 और 25 मार्च 2026,  बावजूद इसके जांच आज तक पूरी नहीं हो सकी है।
कारण और भी चौंकाने वाला बताया जा रहा है वह यह कि हलिया विकास खंड के बीडीओ और संबंधित गांव के सचिव से लगाए ग्राम प्रधान द्वारा
जांच के लिए आवश्यक अभिलेख जिलाधिकारी द्वारा गठित की गई जांच टीम को उपलब्ध ही नहीं कराए गए।

*Mirzapur: क्या मनीगढा में सरकारी आदेश से भी ताकतवर हैं अभिलेख दबाने वाले?*

सवाल सीधा सा है कि जिस सरकारी व्यवस्था के पास जांच का आदेश देने की शक्ति है, क्या उसी व्यवस्था में जांच के लिए सरकारी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की शक्ति नहीं है?
शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभिलेख उपलब्ध न होने के कारण जांच नहीं हो पा रही। यदि ऐसा है तो प्रशासन को अब यह भी बताना चाहिए कि अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार कौन है और आदेशों का पालन न होने पर उसके विरुद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई?


*शिकायतकर्ता का आरोप, RTI का भी नहीं मिला जवाब; आखिर किसके संरक्षण में जवाबदेही से बच रहा पंचायत तंत्र?*

दर्जनों से अधिक RTI का दावा फिर भी जवाब का इंतजार? मामले का दूसरा गंभीर पहलू सूचना के अधिकार से जुड़ा है। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि ग्राम पंचायत, BDO, DPRO और CDO स्तर से संबंधित विषयों पर अब्दुल समद के नाम से दर्जनों से अधिक RTI आवेदन भेजे गए, जिनके पोस्टल ऑर्डर और अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित हैं, लेकिन ग्राम पंचायत स्तर से मांगी गई सूचनाओं का जवाब नहीं मिला।
यदि यह रिकॉर्ड से पुष्ट होता है, तो सवाल सिर्फ मनिगढ़ा के कथित घोटाले का नहीं है। सवाल यह है कि जिस RTI कानून को आम नागरिक के हाथ में सरकारी व्यवस्था से जवाब मांगने का अधिकार दिया गया, उसकी मनिगढ़ा गांव में वास्तविक स्थिति क्या है?

RTI का जवाब नहीं, जांच के अभिलेख नहीं और जांच की तारीख पर जांच नहीं, फिर आम नागरिक आखिर जवाब मांगे तो किससे?
DM कार्यालय तक पहुंची शिकायत, फिर भी सवाल कायम
मामले को लेकर 24 जून 2026 को जिलाधिकारी मिर्जापुर को स्पीड पोस्ट संख्या-EU239333177IN के माध्यम से विस्तृत शिकायत भेजी गई, जो डाक रिकॉर्ड के अनुसार 27 जून 2026 को प्राप्त हो गई। बावजूद इसके शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे अब तक ऐसी ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली जिससे जांच अपने निष्कर्ष तक पहुंची हो।
अब CDO और DPRO मिर्जापुर को भी प्रकरण भेजा जा रहा है। मांग है कि अभिलेख तत्काल सुरक्षित कर जांच अधिकारी को उपलब्ध कराए जाएं, मौके पर निष्पक्ष भौतिक सत्यापन हो, जांच में विलंब की जिम्मेदारी तय हो और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक उपलब्ध कराई जाए।

*DM के निर्देश के बाद बनी जांच टीम, दो बार तय हुई तारीख; महीनों बाद भी जांच अधूरी*

प्रशासन से जनता के सवाल कि आखिरकार जांच के अभिलेख किसके पास हैं? उन्हें जांच अधिकारी को क्यों नहीं दिया गया? दो निर्धारित तारीखों के बाद भी जांच क्यों नहीं हुई? RTI के जवाब लंबित क्यों हैं? आदेशों की अवहेलना पर जिम्मेदारी किसकी तय हुई? और सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर एक ग्रामीण को सरकारी रिकॉर्ड और निष्पक्ष जांच के लिए महीनों अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ें, तो “पारदर्शी शासन” का अर्थ जमीन पर क्या रह जाता है?
अब मामला सिर्फ एक प्रधान, सचिव या एक ग्राम पंचायत तक सीमित नहीं रहा। यह मिर्जापुर प्रशासन की जवाबदेही की परीक्षा बन चुका है।
सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है तो मनीगढा का मामला उसके लिए मौका भी है। आरोपों की समयबद्ध जांच कराई जाए; आरोप गलत हों तो शिकायतों का पटाक्षेप किया जाए और सही निकलें तो जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई हो।
क्योंकि लोकतंत्र में सरकारी फाइलें जनता से बड़ी नहीं हो सकतीं और जांच के आदेश केवल कागज सजाने के लिए नहीं होते।
बेटे के मुंडन से पहले परिवार में मातम, खेत में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका
निमंत्रण देने घर से निकले 37 वर्षीय कमलेश का अगली सुबह खेत में मिला शव, सिर पर चोट और कान से खून के निशान; पुलिस जांच में जुटी

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर में बेटे के मुंडन संस्कार की खुशियां मातम में बदल गईं। सोमवार शाम घर से निमंत्रण देने निकले 37 वर्षीय कमलेश उर्फ छोटे कोरी का शव मंगलवार सुबह गांव के पास खेत में मिला। सिर पर चोट और कान से खून निकलने के निशान मिलने पर परिजनाें ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा किया। पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर शव सौंपने से इनकार कर दिया। मामले की जांच में पुलिस और फॉरेंसिक टीम जुटी है।

घटना लालगंज कोतवाली क्षेत्र के दुबार कला गांव की वैसान बस्ती की है। स्वर्गीय राम गोविंद कोरी का पुत्र कमलेश मुंबई में वाहन चलाता था। बेटे के मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए वह करीब एक सप्ताह पहले गांव आया था। परिवार में समारोह की तैयारियां चल रही थीं।

सोमवार शाम कमलेश मुंडन का निमंत्रण देने अपने पट्टीदार राम सजीवन के घर गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजन ने उसकी तलाश की, लेकिन रात में कोई जानकारी नहीं मिली। मंगलवार सुबह गांव के पास खेत में उसका शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। शव की हालत देखकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई। सिर पर चोट के निशान और कान से खून निकलने की बात सामने आने के बाद उन्होंने पुलिस से मामले का खुलासा कर आरोपिताें की गिरफ्तारी की मांग की। विरोध के चलते कुछ समय तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। प्रभारी निरीक्षक वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आज भी गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ है कोल-आदिवासी समाज: रज्जन कोल

*विश्व आदिवासी दिवस पर निकाली गई बाइक रैली, मांगों को लेकर बुलंद की आवाज

प्रयागराज। जिले के विधान सभा कोरांव में अपना मंच डेमोक्रेटिक (बिरसा मुंडा) के नेतृत्व में 22वां विश्व आदिवासी दिवस बड़े ही धूम धाम से मनाया गया। इस दौरान लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। इस दौरान बाइक रैली निकाली गई जो क्षेत्र के खीरी, बघोल, लेडियारी, रत्योरा मोड़ होते हुए कोरांव, पसना, कपूरी होते हुए कोईलहा में पहुंजी जहां बाइक रैली का समापन हुआ। आदिवासी विश्व दिवस के अवसर पर अपना मंच डेमोक्रेटिक बिरसा मुंडा के राष्ट्रीय संयोजक, अधिवक्ता रज्जन कोल ने कहा, उत्तर प्रदेश में कोल जाति को जनजाति एसटी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कहा जय जोहार का नारा है भारत देश हमारा है, बिरसा मुंडा अमर रहे। कहा कि आज हमारा देश को आजाद हुए 76 साल हो गए, लेकिन उत्तर प्रदेश का कोल आदिवासी समाज आज भी गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ है। जितनी सरकारें आई सभी ने कोल आदिवासी के साथ छल कपट किया, उनका एसटी जनजाति की आवाज नहीं उठाया, ना उन्हें एसटी का दर्जा प्राप्त हुआ है। यहां उत्तर प्रदेश के जितने कोल आदिवासी समाज के सांसद, विधायक प्रतिनिधि बनकर गए और जा भी रहे हैं, लेकिन आज तक सदन में इस समाज के लिए आवाज किसी ने नहीं उठाया। इसी बात को दोहराते हुए अपना मंच डेमोक्रेटिक बिरसा मुंडा के राष्ट्रीय संयोजक अधिवक्ता रज्जन कोल ने फरवरी माह में बारा विधान सभा से कोरांव तक पैदल यात्रा निकाला और फिर पूरे प्रदेश में चलाया, लेकिन सरकार चुप बैठी हैं। कहा उत्तर प्रदेश सरकार से अपील है कि अगर उत्तर प्रदेश के कोल आदिवासी समाज को एसटी का दर्जा नहीं देगी तो इस बार उत्तर प्रदेश का आदिवासी समाज सरकार बदलने पर मजबूर होगा।
कहा कि जनजाति मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है इसे मैं लेकर रहूंगा। हम रहे ना रहे लेकिन समाज की शान जरूर रहेगी। प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता लवकुश गौड़ ने कहा जो भी सरकारें आई आदिवासी समाज के साथ घोर अन्याय किया है इसे हम सहन नहीं करेंगे। कोल जाति को जनजाति एसटी नहीं तो हम लोग मतदान का बहिष्कार करेंगे। प्रदेश प्रभारी शाहनवाज अंसारी उर्फ मोनू भाई ने कहा पूरा भारत आदिवासियों का देश है, ना कि तेरा है ना मेरा है जो भी है आदिवासियों का है। क्यों कि 1 लाख आदिवासी समाज को लेकर भगवान बिरसा मुंडा जी ने देश के लिए कुर्बानी दी है। इससे बड़ा कुछ नहीं हो सकता। इस दौरान जिलामंत्री चंद्रशेखर कोल उर्फ रावण, जिला सचिव कमलेश कुमार, विधान सभा अध्यक्ष देवी दिन कोल, शिवाकांत कोल, राजकमल ठकुरिया, विमलेश, अंशु कोल ठाकुरिया, डा विनय, नरेंद्र कोल, विवेक कोल, अनिल कोल, अजीत कोल, राधेश्याम कोल, मेजर जगदीश प्रसाद कोल, रंजना कुमारी, डा अरुण कुमार, श्याम प्रकाश कोल प्रधान, लाल बाबू प्रधान, कमलेश कोल प्रधान, उत्कर्ष, अनिता कोल, संतोषी कोल, विजय कुमार कोल, राधा इत्यादि लोग मौजूद रहे हैं।
सपा सरकार बनने पर ही पीडीए वर्ग को मिलेगा न्याय  : राम आसरे विश्वकर्मा

मीरजापुर। भाजपा राज में पिछड़ों, दलितों पर अन्याय और अपमान किया जा रहा  है। सपा सरकार बनने पर ही पीडीए वर्ग को न्याय मिलेगा और प्रदेश के हर वर्ग का विकास होगा
उक्त बातें मीरजापुर विधानसभा के समाजवादी पार्टी कार्यालय में मासिक बैठक तथा विश्वकर्मा पीडीए जन चौपाल में पूर्वमंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा। पीडीए पंचायत में मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पूर्व मन्त्री रामआसरे विश्वकर्मा ने कहा कि भाजपा राज में लगातार विश्वकर्मा समाज पिछड़े समाज पर अत्याचार हो रहे है। गरीबों पिछड़ों दलितों पर हत्या बेटियों के दुष्कर्म जमीनों पर कब्जे आम बात हो गयी है। उत्पीड़न करने वाले भाजपा समर्थक हैं। जिसके डर से भाजपा सरकार में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। भाजपा राज में अब हम अत्याचार नहीं सहेंगे। सभी विश्वकर्मा समाज के लोग मिलकर मुकाबला करें संघर्ष करें और अपना सम्मान और अधिकार लेकर रहें। सभी मिलकर भाजपा को हटायें और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनायें तब न्याय मिलेगा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा राज में मंहगाई, बेरोजगारी, गरीबी अत्याचार भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है। इसका शिकार सबसे ज्यादा गरीब पिछड़े दलित विश्वकर्मा समाज के हुए हैं। भदोही के याकूबपुर रंड़ई गांव में हुई लक्ष्मी विश्वकर्मा के हत्यारे आज तक पकड़े नहीं गए। गाजीपुर में निशा विश्वकर्मा की हत्या में  विश्वकर्मा परिवार को आज तक न्याय नहीं मिला।देवरिया में राजू विश्वकर्मा की हत्या प्रकरण में भाजपा सरकार के मंत्री का सरकार से नौकरी और आर्थिक मदद का किया गया वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। कानपुर देहात में रामबीर विश्वकर्मा सत्यनारायण विश्वकर्मा की हुई हत्या में हत्यारे आज भी परिवार को धमकी दे रहे हैं और जमीन और गांव छोड़ने के लिये मजबूर कर रहे हैं। अब तो विश्वकर्मा समाज का भरोसा भाजपा से उठ गया है। पूर्वमंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने सभी विश्वकर्मा समाज पिछड़े समाज से अपील की अब कोई भाजपा को  वोट न करें। सभी मिलकर वोट समाजवादी पार्टी को वोट करें और समाजवादी सरकार बनायें। जब तक सपा की सरकार नहीं बनेगी तब तक पीडीए वर्ग को न्याय नहीं मिलेगा।केवल अखिलेश यादव ही पीडीए का दर्द समझते हैं और पीडीए की मदद कर रहे हैं। सब लोग मिलकर  अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनायें। 
भाजपा राज में नौजवानों को नौकरी नहीं मिल रही है। भाजपा राज में पिछड़े वर्गों का आरक्षण में बड़ा घोटाला किया गया। प्राइमरी और सरकारी स्कूलों को बन्द करके प्रदेश के गरीबों पिछड़ों दलितों को शिक्षा से वंचित करने की साज़िश चल रही है।शिक्षा  आरक्षण और नौकरी रोजगार हमारा मौलिक अधिकार है। भाजपा इसे छीनना चाहती है। भाजपा संविधान और लोकतंत्र पर हमला कर रही है।बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी ने संविधान में हमें वोट के बराबरी का अधिकार दिया। भाजपा संविधान में दिये अधिकार को छीनना चाहती है। हमें संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिये समाजवादी पार्टी को मजबूत करना होगा और समाजवादी सरकार बनानी होगी।देश में अकेले अखिलेश यादव नेता हैं जो संविधान और लोकतंत्र बचाने पीडीए वर्ग को अधिकार दिलाने की लड़ाई लड रहे हैं। हम सभी का कर्तव्य है कि हम सभी उनका साथ दे और समाजवादी पार्टी की सरकार बनायें। जनता बदलाव चाहती है। सभी लोग मिलकर अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनायें तभी संविधान और लोकतंत्र बचेगा और प्रदेश की तरक्की होगी। विश्वकर्मा ने कहा समाजवादी पार्टी की सरकार में हमेंशा विश्वकर्मा समाज को मंत्री बनाया गया। सरकार में हिस्सेदारी दी गयी। समाज को तरक्की के रास्ते पर लाकर मजबूत किया गया। भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस 17 सितम्बर का सार्वजनिक अवकाश घोषित करके देश में विश्वकर्मा का सम्मान बढ़ाने का काम नेताजी ने और अखिलेश यादव ने किया था। भाजपा सरकार ने भगवान विश्वकर्मा के पूजा दिवस के सार्वजनिक अवकाश को निरस्त करके भगवान विश्वकर्मा का अपमान किया। विश्वकर्मा समाज का सम्मान गिराया। हमें इस बात को याद रखना होगा कि भाजपा विश्वकर्मा समाज की विरोधी है। विश्वकर्मा ने कहा कि कुछ लोग लोकल विश्वकर्मा पार्टी बनाकर विश्वकर्मा समाज को गुमराह कर रहे हैं। विश्वकर्मा समाज ऐसे नेताओं के भ्रम में न आये। अगर वोटों का बंटवारा होगा तो भाजपा को ताकत मिलेगी। इसलिए विश्वकर्मा समाज अन्य नेताओं के झूठ से बचें और समाजवादी पार्टी का साथ दें। समाजवादी पार्टी ही सरकार बनायेगी और सभी को सम्मान और अधिकार देगी। विश्वकर्मा पीडीए जन चौपाल कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव आदर्श यादव तथा अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने किया। विश्वकर्मा पीडीए चौपाल को पूर्व विधायक जगदंबा सिंह पटेल, अशोक यादव, सुरेंद्र सिंह पटेल, आशीष राय सतीश मिश्रा, पूर्व मंत्री मुन्नीलाल यादव, पूर्व प्रत्याशी मझवा लल्लू शुक्ला, पूर्व ब्लाक प्रमुख रमाशंकर कोल, सत्य प्रकाश यादव, पप्पू विश्वकर्मा, चंद्रपति विश्वकर्मा शाहनवाज खान जैनेंद्र सिंह मुकुंद यादव संग्राम बिंद राममिलन यादव रामराज यादव कन्हैया यादव जैन कुशवाहा आकांक्षा यादव डॉक्टर सुनील पटेल सुरेश पटेल गणेश केसरी विकास केसरी सुभाष पटेल विजय कुमार सिंह वीरेंद्र यादव गणेश प्रजापति भरत लाल बिंद ने अपने विचार व्यक्त किया।
गुलिस्ता एकता किन्नर सेवा ट्रस्ट ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
*ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य में विशेष सुविधा की मांग

मिर्जापुर। गुलिस्ता एकता किन्नर सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में ट्रांसजेंडर समुदाय की समस्याओं को लेकर बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा गया। ट्रस्ट की संस्थापक और किन्नर समुदाय की राष्ट्रीय अध्यक्ष वाराणसी निवासी सलमा चौधरी के नेतृत्व में दोपहर 1:45 बजे प्रतिनिधिमंडल डीएम कार्यालय पहुंचा। 1:50 बजे जिलाधिकारी मिर्जापुर के नाम संबोधित प्रार्थना पत्र सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि काफी समय से ट्रांसजेंडर समुदाय को किराए पर कमरा लेने में परेशानी हो रही है। मकान मालिक भेदभाव करते हैं, जिससे उन्हें रहने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है।
डीएम को सौंपें गये ज्ञापन में उनकी प्रमुख मांगें
मसलन, कांशीराम आवास में खाली रूम ट्रांसजेंडर समुदाय को आवंटित किए जाएं, या उनके लिए अलग ट्रांसजेंडर आश्रम का निर्माण कराया जाए।  जिला अस्पताल में 5 बेड का अलग वार्ड बनाया जाए। डिग्री कॉलेज और प्राइमरी स्कूलों में ट्रांसजेंडर छात्रों को विशेष छूट दी जाए और उनके लिए अलग शौचालय का निर्माण कराया जाए, ताकि वे शिक्षा से जुड़ सकें।
समय-समय पर ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ बैठक कराई जाए।
उत्तर प्रदेश में गठित वेलफेयर बोर्ड के दो सदस्य जनपद में हैं। जनपद स्तर पर भी बोर्ड की बैठक कराई जाए ताकि समुदाय जागरूक हो और अन्य समाज को भी प्रेरणा मिले।
सलमा चौधरी ने कहा कि इन सुविधाओं से ट्रांसजेंडर समुदाय खुद को सुरक्षित महसूस करेगा और मुख्यधारा से जुड़ पाएगा।
प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जातिगत आरक्षण के विरोध में पैदल यात्रा 9 अगस्त को
घंटाघर मैदान से पैदल मार्च विभिन्न मार्गो से होता हुआ पहुंचेगी कचहरी

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना द्वारा सभी जाति धर्म के लोगों का आवाहन

मीरजापुर। देश में व्याप्त व्यापक पैमाने पर जातिगत हिंसा , विरोध और नौकरियो में आरक्षण, विद्यालयों में आरक्षण, शिक्षण संस्थानों में आरक्षण, निश्चित रूप से देश के युवाओं और युवा होनहारों को उनके अधिकारों से वंचित कर रहा है । जातिगत आरक्षण के चलते जहां एक छात्र बिना मेहनत किए किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर उसका हिस्सा बन रहा है, जबकि दूसरी ओर क्षेत्र, गांव, देश का होनहार छात्र अच्छे नंबर लाकर भी अपने आप को योग्य साबित नहीं कर पा रहा है। जिससे उनमें कुंठा उत्पन्न हो रही है ,और आपसी जातीय संघर्ष को बल मिल रहा है । इन सब परिस्थितियों को दूर करने के लिए तथा देश में समान नागरिकता की तरह सामान सेवा में अवसर, समान शिक्षा में अवसर, सामान विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अवसर को बल देने वाली गैर आरक्षण नीति को पोषण देने के लिए मिर्जापुर जनपद के समस्त जाति धर्म के लोगों का श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना आवाहन करती है।  आईये और देश के सभी नागरिकों को एक रूप में एकरूपता प्रदान करते हुए केवल भारत देशवासी के नाम से उनकी पहचान बनाने के लिए इस जातिगत आरक्षण को खत्म करें । जातिगत आरक्षण के चलते देश में हो रहे हिंसा को खत्म करें । भेदभाव को खत्म करें । और इसके लिए सभी मिर्जापुर वासियो, प्रदेशवासियों और देशवासियों का श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना आह्वाहन करता है । दिनांक 9 अगस्त 2026 रविवार को घंटाघर के मैदान से एक सर्वजातीय, सर्वधर्म सभा एवं जुलूस का आयोजन किया जाएगा जो घंटाघर मैदान से चलकर विभिन्न प्रमुख मार्गो से होता हुआ जिला मुख्यालय पहुंचेगा, और आरक्षण के विरोध में अपना प्रस्ताव रखेगा । और सर्वधर्म समभाव और सर्वजातीय समभाव की भावना को रखते हुए आरक्षण को समाप्त करने के लिए अपना पुरजोर विरोध करते हुए ज्ञापन सौंपेगा।  श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार इस गैर जातीय  आरक्षण विरोधी जुलूस की अगुवाई करेंगे।