बाराबंकी: पीएसी बैरक में सिपाही का शव फंदे से लटका मिला
बाराबंकी। जिले की 10वीं वाहिनी पीएसी परिसर स्थित बैरक में रविवार तड़के 2021 बैच के सिपाही का शव कमरे के अंदर फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पीएसी अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी।

मृतक की पहचान 10वीं वाहिनी पीएसी में तैनात सिपाही दीपक सिंह (30) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मेरठ जिले के रोहटा थाना क्षेत्र का निवासी था। रविवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर साथी जवानों को संदेह हुआ। दरवाजा खोलने पर दीपक का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए।

प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि सिपाही द्वारा यह कदम उठाने के पीछे के वास्तविक कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े पहलू की भी पड़ताल की जा रही है, लेकिन फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सब इंस्पेक्टर रशीद खान ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा परिजनों को सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सालगिरह से लौट रहे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, सड़क हादसे में महिला समेत तीन की मौत
बाराबंकी। जिले के देवा-चिनहट मार्ग पर मंगलवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार देवा कोतवाली क्षेत्र के मलिका असंड गांव निवासी निर्मल रावत अपने परिवार के साथ लखनऊ के अरदासी खेड़ा गांव में बहन की शादी की सालगिरह समारोह में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी लोग मंगलवार रात करीब 12 बजे दो बाइकों से अपने घर लौट रहे थे।

बताया गया कि दूसरी बाइक पर चार वर्षीय नेहा, 42 वर्षीय महिला और 20 वर्षीय विजेंद्र सवार थे। जब वे देवा-चिनहट मार्ग पर गोपालपुर गांव के पास पहुंचे, तभी उनकी बाइक आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने तीनों घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। शादी की सालगिरह की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गईं। मृतकों के घर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर के चलते हादसा होने की बात सामने आई है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रात के समय वाहनों की सावधानीपूर्वक आवाजाही की आवश्यकता को उजागर किया है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।