छात्रों के प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करने के आरोप में 10 लोगों को जेल

उपलब्ध सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, इन लोगों की पहचान वायरल वीडियो और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर की गई।विश्वनाथ प्रताप सिंहप्रयागराज। पोस्ट में दावा किया गया है कि पकड़े गए लोगों में छात्र शामिल नहीं हैं। इनमें फल और सब्जी विक्रेता, होटल संचालक, होटल सफाईकर्मी और दूध विक्रेता जैसे लोग शामिल बताए गए हैं। एक आरोपी को नैनी थाने का हिस्ट्रीशीटर भी बताया गया है।बताई गई सूची में शिवम कुमार यादव, अभिषेक सोनकर, अवनीश यादव, अमर यादव, कारगिल सिंह, आशीष यादव, दिलशाद, मो. सुफियान खां, मो. वैश और संदीप कुमार के नाम शामिल हैं।इनमें अलग-अलग उम्र और प्रयागराज के विभिन्न थाना क्षेत्रों के पते बताए गए हैं। हालांकि, यह जानकारी उपलब्ध सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि यहां नहीं की गई हैl
गुरु पूर्णिमा कब और क्यों मनाई जाती हैं आइए जानते है राहुल पण्डित जी से
प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था
सबसे पहले वेदों की शिक्षा महर्षि वेदव्यास ने ही दी थी इसलिए हिन्दू धर्म में उन्हें प्रथम गुरु का दर्जा दिया गया है. यही वजह है कि गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है.

गुरु पूर्णिमा को आषाढ़ पूर्णिमा और व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई बुधवार  यानी आज मनाई जा रही है. गुरु पूर्णिमा का यह पर्व महर्षि वेद व्यास को समर्पित है क्योंकि आज के दिन ही महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था. इस दिन शिष्य अपने गुरुओं की पूजा करते हैं. आइए जानते हैं कि गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है?

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन ही महर्षि वेद व्यास का आज से करीब 3000 वर्ष पूर्व जन्म हुआ था. मान्यता है कि उनके जन्म पर ही गुरु पूर्णिमा जैसे महान पर्व मनाने की परंपरा को शुरू किया गया. गुरु पूर्णिमा महोत्सव पूरी तरह से महर्षि वेदव्यास को समर्पित है. हिंदी पंचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है.

कहा जाता है कि महर्षि वेदव्यास ने अपने बाल्यकाल में अपने माता-पिता से प्रभु दर्शन की इच्छा प्रकट की, लेकिन माता सत्यवती ने वेदव्यास की इच्छा को ठुकरा दिया. तब वेदव्यास ने हठ करने लगे और उनके हठ पर माता ने उन्हें वन जाने की आज्ञा दे दी. साथ ही कहा कि जब घर का स्मरण आए तो लौट आना. इसके बाद वेदव्यास तपस्या हेतु वन चले गए और वन में जाकर उन्होंने कठिन तपस्या की.

इस तपस्या के पुण्य-प्रताप से वेदव्यास को संस्कृत भाषा में प्रवीणता हासिल हुई. तत्पश्चात उन्होंने चारों वेदों का विस्तार किया और महाभारत, अठारह महापुराणों सहित ब्रह्मसूत्र की रचना की. महर्षि वेद व्यास को चारों वेदों का ज्ञान था. यही कारण है कि इस दिन गुरु पूजने की परंपरा सदियों से चली आ रही है.

गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं की कैसे करें उपासना

इस दिन केवल गुरु की ही नहीं अपितु परिवार में जो भी बड़ा है अर्थात माता-पिता, भाई-बहन, आदि को भी गुरु समान समझना चाहिए.
गुरु की कृपा से ही विद्यार्थी को विद्या आती है.
गुरु से मन्त्र प्राप्त करने के लिए भी यह दिन श्रेष्ठ है.
इस दिन गुरुजनों की सेवा करनी चाहिए. साथ ही भेंट ही देनी चाहिए.
अतिक्रमण हटाने के नाम पर सार्वजनिक कूप पाटने का आरोप

SDM संदीप तिवारी व SI मोनिश आलम की भूमिका की जांच की मांग

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, नगर पंचायत कोरांव के वार्ड संख्या-3, गोविंद नगर में गुरुद्वारे के निकट स्थित एक प्राचीन सार्वजनिक कूप को 07 जुलाई 2026 को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पाटे जाने का मामला सामने आया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार तत्कालीन SDM कोरांव संदीप तिवारी, राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस बल की मौजूदगी में पहले नगर पंचायत की जेसीबी और बाद में दूसरी जेसीबी से कूप में मिट्टी, मलबा, टीन एवं अन्य सामग्री डाली गई। आरोप है कि कूप के ऊपर बने चार मोटे पावा, दो दासा एवं लोहे की जाली को तोड़कर उसी कूप में डाल दिया गया।

शिकायत में कार्रवाई के दौरान मौजूद बताए गए SI मोनिश आलम सहित संबंधित पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के वीडियो, जीपीएस युक्त फोटो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हैं। घटना के बाद लेखपाल द्वारा कूप से कुछ सामग्री हटाए जाने की बात भी सामने आई है, जिसकी भी जांच की मांग की गई है।

शिकायत में यह पता लगाने की मांग की गई है कि सार्वजनिक कूप को क्षतिग्रस्त अथवा पाटने का आदेश किस अधिकारी ने दिया, दोनों जेसीबी किसके निर्देश पर लगाई गईं और उनके संचालन का भुगतान किस मद से हुआ। साथ ही मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका निर्धारित करने की मांग की गई है।

मामले में भारतीय न्याय संहिता, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति से संबंधित कानून एवं अन्य लागू विधिक प्रावधानों के तहत FIR दर्ज कर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण तथा सार्वजनिक कूप को मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित कराने की मांग की गई है। इस प्रकरण की शिकायत कई उच्चाधिकारियों को पंजीकृत डाक के जरिए प्रार्थना पत्र भेजकर जांच कार्यवाही की मांग की गई है।
प्रयागराज में अतीक अहमद से जुड़ी 20.38 बीघा जमीन कुर्क, कीमत करीब ₹110 करोड़

माफिया के आर्थिक नेटवर्क पर करारा प्रहार, गैंगस्टर एक्ट के तहत अवैध अर्जित अचल संपत्ति पर कुर्की की कार्रवाई

अपराध से अर्जित संपत्तियों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, 51,126.68 वर्गमीटर भूमि न्यायालय के आदेश पर कुर्क



लखनऊ/ प्रयागराज ।  उत्तर प्रदेश की प्रयागराज जिले की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई हुए मंगलवार को माफिया अतीक अहमद से जुड़ी 20.38 बीघा जमीन को कुर्क किया। कुर्क की गई जमीन की कीमत लगभग एक अरब दस करोड़ बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त न्यायालय प्रयागराज के निर्देश पर की गई है। यह जानकारी पुलिस उपायुक्त नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने दी।

उन्होंने बताया कि संगठित अपराध के खिलाफ प्रयागराज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात माफिया अतीक अहमद से जुड़ी 20.38 बीघा जमीन कुर्क कर दी है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम के तहत पुलिस आयुक्त न्यायालय के आदेश पर की गई।

पुलिस उपायुक्त नगर ने बताया कि कुर्क की गई संपत्तियां मौजा भीटी ताल्लुका असदुल्लापुर और मौजा कटहुला गौसपुर में स्थित हैं। इनकी कुल रकबा 5.112668 हेक्टेयर यानी 51,126.68 वर्ग मीटर है। प्रशासनिक मूल्य लगभग 47.00 करोड़ रुपये और बाजार मूल्य करीब 1.10 अरब रुपये बताया गया है। अतीक अहमद ने अपने प्रभाव और दबंगई के बल पर अपराध से अर्जित धन से इन जमीनों की खरीद-बिक्री कराई थी। बाद में पुलिस ने जांच कर मामला न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया।

उन्हाेंने बताया कि कुर्क संपत्तियों की निगरानी के लिए प्रशासनिक अधिकारी को नियुक्त किया गया है, ताकि उन पर कोई अवैध कब्जा या लेन-देन न हो सके। साथ ही राजस्व अभिलेखों में आदेश लागू कराने और उपनिबंधक कार्यालय को बिक्री पर रोक लगाने के लिए पत्राचार भी किया गया है। प्रयागराज पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
स्वयम मूक्स से डिजिटल शिक्षा को नई उड़ान, मुक्त विश्वविद्यालय में 29-30 जुलाई को कार्यशाला


प्रयागराज, 28 जुलाई 2026। नई शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों को साकार करने के लिए उ.प्र. राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय अब ऑनलाइन शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। विश्वविद्यालय के सेन्टर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन के तत्वावधान में 29 और 30 जुलाई 2026 को डेवलपमेंट ऑफ स्वयम मूक्स विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला का आयोजन सरस्वती परिसर स्थित लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में किया जाएगा। इसका उद्घाटन 29 जुलाई को पूर्वाह्न 10:30 बजे होगा। उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के कम्प्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विद्याशाखा के निदेशक प्रो. जीतेन्द्र पाण्डेय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य सत्यकाम करेंगे।
डॉ मिश्र ने बताया कि प्रो. जीतेन्द्र पाण्डेय ऑनलाइन शिक्षा और मूक्स के क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ हैं। वे उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में कम्प्यूटर साइंस के प्रोफेसर भी हैं। मूक्स, ओ डी एल और लर्नर्स रिटेंशन  पर उनके कई शोध पत्र स्कोप्स और वेव ऑफ़ साइंस जैसी अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
कुलपति आचार्य सत्यकाम ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों को स्वयम प्लेटफॉर्म पर गुणवत्तापूर्ण मूक्स कोर्स विकसित करने के लिए प्रशिक्षित करना है। आज के समय में मूक्स दूरस्थ शिक्षा की रीढ़ बन गए हैं। इनके माध्यम से कोई भी छात्र घर बैठे देश के श्रेष्ठ शिक्षकों से निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकता है। स्वयम के कोर्स  यूजीसी, एआईसीटीई और  एनपीटीईएल जैसे संस्थानों द्वारा प्रमाणित होते हैं। इन्हें करने पर छात्रों को डिग्री में क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा भी मिलती है। विशेषज्ञ शिक्षकों को कंटेंट लेखन, वीडियो लेक्चर रिकॉर्डिंग, ऑनलाइन मूल्यांकन और क्विज निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। इससे विश्वविद्यालय के अधिक से अधिक कोर्स राष्ट्रीय स्तर पर स्वयम पर उपलब्ध हो सकेंगे। इस पहल से विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ-साथ पूरे देश के शिक्षार्थियों को लाभ मिलेगा।
कार्यशाला के संयोजक प्रो. अजेन्द्र कुमार मलिक, निदेशक, सेन्टर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी नियमित एवं संविदा शिक्षकों से कार्यशाला में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का अनुरोध किया है।

डॉ प्रभात चंद्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत भारतीय किसान यूनियन भानु संगठन ने राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम हस्ताक्षरित पत्र, तहसीलदार को सौं


विश्वनाथ प्रताप सिंह
       
प्रयागराज ए भारतीय किसान यूनियन भानु संगठन के कौशाम्बी जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह के अगुवाई गौ सम्मान अभियान के तहत तहसीलदार चायल सिद्दांत कुमार को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में मांग किया गया कि,
सम्पूर्ण भारत मे गौहत्या पर पुरतः प्रतिबंध लगाया जाय तथा इसके लिये सख्त एवम प्रभावी कानून लागू किया जाय।गौ माता को राष्ट्रमाता अथवा राष्ट्र आराध्या का दर्जा देकर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान किया जाय।गौ सेवा हेतु केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय का गठन किया जाय तथा गौ संगरक्षण के लिये एक सम्मान केंद्रीय कानून लागू किया जाय।
           जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति आस्था,एवम कृषि आधारित अर्थबेवस्था की आधारशिला रही है।वर्तमान समय मे गौवंश की सुरक्षा,सम्मान एवं संगरक्षण हेतु ठोस एवम प्रभावी कदम उठाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
          इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष ज्ञान सिंह यादव,संगठन मंत्री अयोध्या प्रसाद,महासचिव बीरेंद्र कुमार, तहसील अध्यक्ष शारदा प्रसाद अग्रहरी, दासरथलाल,ब्लाक अध्यक्ष तीरथ सिंह,दिवाकर कुशवाहा,चंद्रभान यादव,आदि संगठन के किसान मौजूद रहे।
कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में मुक्त विश्वविद्यालय ने निकाली तिरंगा यात्रा
अक्षयवट की तरह अक्षय है देश की रक्षा का जज्बा- कर्नल माहिम

प्रयागराज 27 जुलाई 2026।कारगिल युद्ध में भारत की विजय की 27वीं वर्षगांठ कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में  उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में सोमवार को देशभक्ति और शौर्य का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के गंगा परिसर से तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा देशभक्ति के नारों के साथ शांतिपुरम होते हुए सरस्वती परिसर में समाप्त हुई। कारगिल शहीदों की स्मृति में तिरंगा यात्रा में शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर कारगिल शहीदों की स्मृति को नमन कर रहे थे। तिरंगा यात्रा के पश्चात विश्वविद्यालय के तिलक सभागार में कारगिल शहीदों की  स्मृति में व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी और उनकी वीरता को याद किया गया।।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता कर्नल माहिम शर्मा, कमांडेंट, ओ डी फोर्ट प्रयागराज ने कहा कि एक  सैनिक अपने देश के सम्मान के लिए जीवन त्याग देने के बारे मे बिलकुल नहीं सोचता। हम सभी भाग्यशाली हैं कि अपने प्रयागराज में अक्षयवट है। यह अक्षय क्यों है। क्यूंकि इसकी जड़ें  मिट्टी के अंदर जड़ित है। वैसे ही आज हमारे सैनिकों का जज़्बा पूर्ण रूप से देश की रक्षा हेतु अक्षय है।
अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि फ़ौज एक सम्मानजनक सेवा है क्योकि सैनिकों के अंदर भारत माता के प्रति प्रेम है। हमें संकीर्ण विचारों से ऊपर उठना चाहिए । अगर हमरी सेना अक्षय वट की तरह है, तो हम अध्यापकों को छात्रों के  अंदर देश प्रेम की भावना का संचार करना चाहिए   चाहिए।  कुलपति ने कहा कि आज का दिन  केवल विजय का नहीं सिंहवालोकन करने का भी दिन है।
विशिष्ट अतिथि मुक्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल विनय कुमार ने कहा कि वर्ष 1999 में हमारे वीर जवानों ने ऑपरेशन विजय के तहत कारगिल की दुर्गम चोटियों से घुसपैठियों को खदेड़कर तिरंगे की शान बढ़ाई थी। यह दिन हमें उन वीरों की याद दिलाता है जिन्होंने बर्फीली पहाड़ियों पर लड़कर देश की एक-एक इंच जमीन वापस ली। कारगिल युद्ध हमें सिखाता है कि देश की रक्षा के लिए त्याग, साहस और एकता कितनी जरूरी है। हमारे सैनिकों ने विषम परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। यही सच्ची देशभक्ति है।
समारोह के समन्वयक प्रोफेसर एस कुमार ने मंचासीन अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। आयोजन सचिव डॉ राजेश सिंह ने संयोजन, डॉ त्रिविक्रम तिवारी ने संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर आनन्दानंद त्रिपाठी ने किया। डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
समाधान दिवस में भूमि विवादों के निस्तारण पर जोर, एसडीएम सदर और एसडीएम करछना ने सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के दिए निर्देश
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, जिले में आयोजित समाधान दिवस के दौरान एसडीएम सदर अंकित वर्मा और एसडीएम करछना संदीप तिवारी ने जनशिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया। सदर उपजिलाधिकारी अंकित वर्मा ने पूरामुफ्ती थाने में आयोजित समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनीं और विशेष रूप से भूमि विवादों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

एसडीएम अंकित वर्मा ने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमाफिया के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्थिति में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी जमीनों का निरीक्षण करें और जहां भी अवैध कब्जा मिले, तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों का नियमित सत्यापन कर विवादित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

वहीं करछना उपजिलाधिकारी संदीप तिवारी ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में आयोजित समाधान दिवस में लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
एसडीएम संदीप तिवारी ने सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने के लिए कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जाए तथा जलभराव, नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की नियमित जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव के उपाय किए जा सकें।

समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के निर्देश भी दिए ।
समाधान दिवस में भूमि विवादों के निस्तारण पर जोर, एसडीएम सदर और एसडीएम करछना ने सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाने के दिए निर्देश
विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, जिले में आयोजित समाधान दिवस के दौरान एसडीएम सदर अंकित वर्मा और एसडीएम करछना संदीप तिवारी ने जनशिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया। सदर उपजिलाधिकारी अंकित वर्मा ने पूरामुफ्ती थाने में आयोजित समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनीं और विशेष रूप से भूमि विवादों से जुड़े मामलों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

एसडीएम अंकित वर्मा ने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमाफिया के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्थिति में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी जमीनों का निरीक्षण करें और जहां भी अवैध कब्जा मिले, तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों का नियमित सत्यापन कर विवादित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराया जाए, जिससे आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

वहीं करछना उपजिलाधिकारी संदीप तिवारी ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में आयोजित समाधान दिवस में लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। उन्होंने राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
एसडीएम संदीप तिवारी ने सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने के लिए कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जाए तथा जलभराव, नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की नियमित जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव के उपाय किए जा सकें।

समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने फरियादियों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के निर्देश भी दिए ।
कृष्णमृग संरक्षित क्षेत्र को हरा-भरा बनाएंगे ‘ग्रास मैन आफ इंडिया’, हिरण भूख मिटाने को इधर-उधर नहीं भटकेंगे

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज , संकटग्रस्त काले हिरणों को भूख मिटाने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। मेजा के चांद खमरिया स्थित संरक्षित क्षेत्र में ही 26 प्रकार की घास उन्हें खाने के लिए मिलेगी। पूरे देश में ग्रास मैन ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध गजानन डी. मुरत्कर यहां घास के मैदान विकसित करेंगे।

चांद खमरिया के संरक्षित क्षेत्र में 600 हिरण हैं
चांद खमरिया स्थित करीब 146 हेक्टेयर क्षेत्रफल के इस संरक्षित क्षेत्र में छोटे-बड़े मिलाकर 600 से अधिक हिरण रहते हैं। भूमि पथरीली होने की वजह से यहां घास कम और वन तुलसी की झाड़ियां ज्यादा रहती हैं। हिरणों को चरने के लिए आसपास के खेतों में जाना पड़ता है, जो सुरक्षित नहीं है।

गजानन डी. मुरत्कर योजना को धरातल पर लाएंगे
इसी को देखते हुए यहां लगभग 100 हेक्टेयर में घास के मैदान विकसित करने की तैयारी की गई है। देश के 39 टाइगर रिजर्व व वन्यजीव विहार के ग्रास लैंड सलाहकार गजानन डी. मुरत्कर इस योजना को धरातल पर लाएंगे। वन्य जीव विहारों में घास के मैदान विकसित के अनुभव व कार्यों को देखते हुए ही इन्हें ग्रास मैन आफ इंडिया नाम पुकारा जाता है। गजानन डी. मुरत्कर ने इस पर काम शुरू कर दिया है।

संरक्षित क्षेत्र के कर्मियों को प्रशिक्षित किया
डीएफओ अरविंद कुमार यादव ने बताया कि बीते दिनों गजानन डी. मुरत्कर ने प्रयागराज आकर मेजा रेंज व संरक्षित क्षेत्र में तैनात कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया। साथ ही संरक्षित क्षेत्र में कांदी, गुंदेरी, सुकरा और दूब जैसी 24 प्रजातियों की घास के मैदान विकसित करने के लिए स्थल का चयन किया।

एक हेक्टेयर में बनेगी घास की नर्सरी
घास के मैदानों के साथ करीब एक हेक्टेयर की एक घास की नर्सरी बनेगी, जहां पर घास के बीजों से पौधे तैयार किए जाएंगे। संरक्षित क्षेत्र में बहुतायत में पाई जाने वाली वन तुलसी को वहां से हटाया जाएगा। इनकी जगह बेर व खैर की झाड़ को छाते की तरह तैयार किया जाएगा। ताकि, हिरणों को प्राकृतिक आवास के माहौल की कमी महसूस न हो।

7-8 हेक्टेयर में तैयार होंगे घास के मैदान
इस साल करीब सात से आठ हेक्टेयर में घास के मैदान विकसित किए जाएंगे। यहां आठ तालाब पहले से हैं। अब दो और नए तालाब बनाए जाएंगे। इनमें पानी भरने के लिए चार सोलर पंप वाली बोरिंग होंगी। गजानन डी मुरत्कर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में एनटीपीसी और कैंपा सहयोग करेगी।