CJP आंदोलन के बाद अब किसानों की बारी, महापंचायत के लिए दिल्ली के नजदीक पहुंचे, हाई अलर्ट

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कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद आज दिल्ली में किसानों का प्रदर्सन होना है। देशभर के किसानों की ओर से आज दिल्ली के किसान घाट पर 'भारत अमेरिका ट्रेड डील' का विरोध किया जाना है। इसके लिए हजारों की संख्या में किसान आज दिल्ली के किसान घाट पर इकट्ठा होने जा रहे हैं। किसानों की दिल्ली कूच के चलते एक बार फिर से पंजाब और हरियाणा का शंभू बॉर्डर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8:15 बजे पंजाब के पटियाला सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों किसान बसों में सवार होकर दिल्ली की ओर जा रहे थे। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोकने पर किसानों ने इसका विरोध किया और बहादुरगढ़ बाईपास के पास यूईआर पर जाम लगा दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

किसानों को पुलिस ने नेशनल हाईवे शाहाबाद पर रोका

ट्रेड डील के विरोध में आज दिल्ली कूच कर रहे किसानों को पुलिस ने कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद में रोक लिया। अंबाला व पंजाब की ओर से आ रहे किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने भारी बंदोबस्त किए हैं। जहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है तो वहीं बेरीकेडिग भी की गई है। हर हालत से निपटने के लिए तैयारी में पुलिस ने किसानों के वाहनों को रोक दिया है। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने रेट से भरे डंपर भी हाईवे पर लगा दिए हैं। सैकड़ों की संख्या में किसान नारेबाजी कर रहे हैं। वहीं जिला के अन्य क्षेत्रों से किसान दिल्ली की ओर कूच कर गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने शहर के कई रूट किए डायवर्ट

दिल्ली पुलिस ने इस महापंचायत और जंतर-मंतर पर जारी सीजेपी के आंदोलन को देकते हुए पहले से ही कई रूटों को डायवर्जन और प्रतिबंध की अडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने आज सुबह 8.30 बजे के बाद सक्याग्रह मार्ग, वेलोड्रोम रोड और राजघाट डीटीसी डिपो रोड के करीब प्रभावित रास्तों से बचने की सलाह दी है। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को समय से पहले निकलने की अपील की गई है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन का दिया भरोसा

किसान नेताओं का कहना है कि वे भारत-अमेरिका समझौते के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली कूच कर रहे थे, लेकिन उन्हें दिल्ली में प्रवेश से पहले ही रोक दिया गया। किसानों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए विरोध दर्ज कराया।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ भारतीय किसान

न्यूज वेबसाइट इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की ओर कूच करने से पहले पंजाब के ब्यास में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता जर्मनजीत सिंह बंडाला ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित ट्रेड डील से भारतीय किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और बड़ी संख्या में पब्लिक को नुकसान होगा। उन्होंने दावा किया कि यह डील सिर्फ और सिर्फ अमेरिकी कंपनियों को लाभ पहुंचाने ले लिए की जा रही है और भारत के छोटे और मंझले किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है। हरियाणा पुलिस ने पंजाब से आ रहे इन किसानों को पंजाब-हरियाणा के बॉर्डर शंभू बॉर्डर पर ही रोकने के लिए बेरिकेडिंग की है।

*जंतर-मंतर से खदेड़े गए सीजेपी समर्थक, संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

#cockroachjanatapartycjpparliament_march

कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया दिया गया है। मंच खाली करा लिया गया और टेंट भी निकाल दिए गए है। छात्रों को मौके से खदेड़ा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवाओं और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज कर दिया।

संसद का मेन गेट किया गया बंद

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान मौके पर जबरदस्त लाठीचार्ज हुआ।

संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

संसद भवन के कुछ गेट सोमवार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने परिसर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक के नजदीक सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली में जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र भी सौंपा। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्य केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र सौंपते और उनके साथ बैठक कर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद 10 मिनट की मुलाकात

सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।

जंतर-मंतर से खदेड़े गए सीजेपी समर्थक, संसद भवन के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

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कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया दिया गया है। मंच खाली करा लिया गया और टेंट भी निकाल दिए गए है। छात्रों को मौके से खदेड़ा जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में युवाओं और छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और उन पर लाठीचार्ज कर दिया।

संसद का मेन गेट किया गया बंद

सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने संसद भवन के आसपास प्रदर्शन किया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था तुरंत कड़ी कर दी गई। संसद भवन का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान मौके पर जबरदस्त लाठीचार्ज हुआ।

संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

संसद भवन के कुछ गेट सोमवार को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए क्योंकि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने परिसर की ओर मार्च करने का प्रयास किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों की ओर से लाठीचार्ज किए जाने और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। संसद के निकट भारतीय रिजर्व बैंक के नजदीक सीजेपी के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने भारतीय रिजर्व बैंक के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।

जेपी नड्डा से मिला सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल

दिल्ली में जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने अपनी मांगों को लेकर एक पत्र भी सौंपा। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्य केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पत्र सौंपते और उनके साथ बैठक कर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद 10 मिनट की मुलाकात

सौरव दास ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर जानकारी दी कि वह और आशुतोष रांका भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मिले। उन्होंने बताया कि करीब दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद दोनों की नड्डा से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात हुई। सौरव दास के मुताबिक, वे अपनी मांगों से जुड़ा लिखित ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में हैं। इस दौरान नड्डा ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर चर्चा करेंगे।

मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

#pmnarendramodiparliamentmonsoon_session

आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

आज से संसद का मानसून सत्र, 5 नए विधेयक होंगे पेश, चढ़ावा चोरी-पेपर लीक पर हंगामे के आसार

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संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। मानसून सत्र के हंगामेदार होने के आसार हैं क्योंकि जहां एक ओर सरकार पूर्व सत्र में पारित न हो पाए परिसीमन संबंधित संविधान संशोधन विधेयक सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, वहीं विपक्ष सत्र के पहले दिन संसद में नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, सोनम वांगचुक मुद्दे और वंदे मातरम बिल के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

चढ़ावा चोरी मामले में स्थगन प्रस्ताव नोटिस

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने अयोध्या राम मंदिर चंदे में हेराफेरी के मामले पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

संसद में आज सरकार 5 नए विधेयक करेगी पेश

केंद्र सरकार आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पांच नए विधेयक पेश करने जा रही है। इनमें आयकर और एमएसएमई सुधार, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। इन दोनों विधेयकों के जरिए पहले जारी अध्यादेशों की जगह कानून बनाया जाएगा। इसके अलावा सरकार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 भी सदन में पेश करेगी।

जंतर-मंतर पर भारी बवाल, सीजेपी के संसद मार्च से पहले पुलिस का एक्शन, बरसाई लाठियां

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शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना दे रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों का आज प्रस्तावित संसद मार्च है। कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के पहले पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों

सीजेपी के संसद मार्च को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लोगों का भारी हुजूम उमड़ा है। पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रखी है और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने नहीं दे रही है। जंतर-मंतर से बाहर निकलने पर दिल्ली पुलिस रोक रही है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

सीजेपी ने मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली- दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीजेपी द्वारा आयोजित इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है और न ही दी गई है। नई दिल्ली जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत बिना अनुमति पांच या अधिक लोगों के जुलूस या प्रदर्शन पर पाबंदी है। पुलिस उपायुक्त ने जनता को सलाह दी है कि किसी भी प्रकार के अनधिकृत प्रदर्शन से दूर रहें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों को को डिटेन कर रही पुलिस

जंतर मंतर पर भारी संख्या में फोर्स तैनात है। वॉटर कैनन,आंसू गैस के गोले से लैस गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। चारों तरफ भारी घेराबंदी की गई है। वहीं, पुलिस नेताओं को डिटेन कर रही है। कालकाजी इलाके की निगम पार्षद आशु ठाकुर को पुलिस डिटेन कर अज्ञात जगह ले गई है।

टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के पार्टी ऑफिस पर आखिर क्यों चला बुलडोजर?

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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बंगाल सरकार का बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में शनिवार को प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। अमतला में बुलडोजर का इस्तेमाल करके अभिषेक बनर्जी के ऑफिस को गिरा दिया गया।

प्रशासन ने बताया अवैध निर्माण

डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी का यह दफ्तर अमताला-बारुईपुर रोड पर स्थित था। प्रशासन ने इसे पूरी तरह से अवैध निर्माण करार दिया है। जानकारी के मुताबिक, विभागीय जांच में पाया गया था इस कार्यालय का निर्माण स्वीकृत भवन योजना के बिना और लागू नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया था।

इमारत का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर एक्शन

जिला प्रशासन के मुताबिक, इस भव्य इमारत के निर्माण से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज़ नहीं था। यह दफ्तर बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के बनाया गया था। प्रशासन ने इस संबंध में पहले ही एक नोटिस जारी कर इमारत पर चिपका दिया था। नोटिस के जरिए निर्माण से जुड़े कानूनी कागज मांगे गए थे। हालांकि, अभिषेक बनर्जी या उनकी टीम की तरफ से इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के बाद, प्रशासन ने इसे गिराने का कड़ा फैसला लिया।

बुलडोजर एक्शन पर लगे जय श्रीराम के नारे

शनिवार सुबह प्रशासन की टीम तीन बड़े बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची. पांच मंजिला मजबूत इमारत को ढहाने के लिए तीनों बुलडोजर एक साथ काम पर लगाए गए। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। जैसे ही अभिषेक बनर्जी के सांसद ऑफिस को तोड़ने का काम शुरू हुआ। इलाके में बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी मनाई और जय श्री राम के नारे लगाए।

कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके पर महिला ने स्याही फेंकी, थप्पड़ मारने की भी कोशिश

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पुलिस शनिवार सुबह सफदरजंग अस्पताल ले गई। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान मंच से नीचे आकर बैठे दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। महिला ने दीपके को थप्पड़ मारने की भी कोशिश की।

अभिजीत दीपके ने शुरू की भूख हड़ताल

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस की ओर से जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के तुरंत बाद अबिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसी बीच अचानक ही उन पर एक महिला ने स्याही फेंक दी।अभिजीत दीपके पर स्याही उस समय फेंका गया जब वो अपने समर्थकों के बीच थे। इस दौरान आरोप है कि महिला ने उन्हें थप्पड़ मारने की भी कोशिश की। हालांकि, महिला को तुरंत ही वहां मौजूद वॉलंटियर्स ने पकड़ लिया

अब पीएम नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे-दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने कहा, अगर उन्हें लगता है कि सोनम सर को ले जाने से यह आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो वे गलतफहमी में हैं। हम यहीं रहेंगे और 20 जुलाई को संसद तक मार्च करेंगे। उन्होंने आगे कहा, अब तक हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, लेकिन इस घृणित कृत्य के बाद अब हम पीएम नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करेंगे।

भूख हड़ताल के 21वें दिन पुलिस सोनम को ले गई अस्पताल

इससे पहले शनिवार सुबह वांगचुक को उनके अनिश्चितकालीन अनशन के 21वें दिन अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि मेडिकल सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गयी कार्रवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें हिरासत में ले लिया।

भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' लॉन्च, जानें क्या हैं इसकी खूबियां?

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भारत की निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने आज एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद स्थित निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस अपने पहले ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल ‘विक्रम-1’ को स्‍पेस में सफलतावपूर्वक लॉन्‍च कर दिया। विक्रम-1 ने 450 किलोमीटर दूर पृथ्‍वी की निचली कक्षा में पेलोड को सफलतापूर्वक स्‍थापित किया है। इसे मिशन ‘आगमन’ का नाम दिया गया था।

पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि विक्रम-1 भारत का पहला निजी रूप से विकसित ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है, जिसे तेज और मांग के अनुरूप प्रक्षेपण सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मिशन देश के युवाओं की प्रतिभा, इनोवेशन और उद्यमशीलता का प्रतीक है तथा 2020 में लागू अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों के सकारात्मक परिणामों को दर्शाता है। उन्होंने देशवासियों विशेषकर युवाओं से इस ऐतिहासिक मिशन को देखने और स्काईरूट की सफलता की कामना करने का आग्रह किया।

इसरो के पूर्व अध्यक्ष ने भी दी शुभकामनाएं

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने भी स्काईरूट की टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक रॉकेट का परीक्षण नहीं, बल्कि भारत की निजी रॉकेट निर्माण क्षमता के आगमन का प्रतीक है। उनके अनुसार इस मिशन की सफलता भारतीय उद्योग, स्टार्टअप और वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर पैदा करेगी।

विक्रम-1 की विशेष विशेषताएं क्या हैं?

इस रॉकेट का नाम भारतीय अंतरिक्ष प्रोग्राम के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर विक्रम-1 रखा है। स्काईरूट एयरोस्पेस कंपनी के अनुसार, विक्रम-1 सैटेलाइट को 'लो अर्थ ऑर्बिट' में ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह तीन सॉल‍िड फ्यूल स्‍टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल से ऑपरेट हुआ। इसकी क्षमता लगभग 350 किलोग्राम तक के पेलोड को 450 किलोमीटर की पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में स्थापित करने की है।

भारतीय स्पेस सेक्टर को क्या होगा फायदा?

स्पेस सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों के आने से भारत के स्पेस सेक्टर को भी बड़ा फायदा होगा। अब तक सैटेलाइट लॉन्च करने का काम मुख्य रूप से इसरो करता था। स्काईरूट जैसी निजी कंपनियों के आने से अब प्राइवेट सेक्टर भी इस क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाएगा। भारतीय निजी कंपनियां कम लागत में सैटेलाइट लॉन्च करने की सुविधा देंगी। इससे दुनिया की कई कंपनियां अपने सैटेलाइट लॉन्च कराने के लिए भारत का रुख कर सकती हैं। निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से स्पेस सेक्टर में नए स्टार्टअप्स को मौका मिलेगा। साथ ही निवेश बढ़ेगा, नई नौकरियां पैदा होंगी और भारत का अंतरिक्ष उद्योग तेजी से आगे बढ़ेगा।

सोनम वांगचुक को पुलिस ने अस्‍पताल में कराया भर्ती, अभिजीत दीपके ने लगाया हमले का आरोप

#sonamwangchukdelhipolicetakenhimtohospital

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वांगचुक पिछले 20 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने एहतियात के तौर पर उन्हें मेडिकल जांच और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद उनके समर्थकों ने विरोध भी जताया।

गुंडों ने सोनम सर पर हमला किया- अभिजीत दीपके

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि वांगचुक पर हमला किया गया। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शन खत्म करवाने का भी आरोप लगाया। दीपके ने ट्वीट में कहा- जंतर-मंतर पर गुंडों ने सोनम सर पर हमला करने की कोशिश की। उन पर कोई वस्तु फेंकी गई, लेकिन सौभाग्य से उन्हें चोट नहीं आई। कुछ दिन पहले, पुलिस के एक अंदरूनी सूत्र से मिली जानकारी के आधार पर मैंने चेतावनी दी थी कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को बाधित करने के लिए लोगों को भेजा जाएगा। अगर सोनम सर को कुछ भी होता है, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी, क्योंकि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को खत्म करने की स्पष्ट योजना है।

दिल्ली पुलिस ने दी सफाई

वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सफाई पेश की है। नई दिल्ली ने कहा कि यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए की गई। नई दिल्ली के डीसीपी ने एक्स पर जानकारी दी कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत की वजह से उन्हें जरूरी मेडिकल केयर के लिए हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने रुकावट डालने की कोशिश की, जिसमें थोड़ा हंगामा हुआ, लेकिन पुलिस ने बहुत कंट्रोल रखा और सुरक्षित तरीके से काम पूरा किया। हम जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से रिक्वेस्ट करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांति से जगह खाली कर दें।

डॉक्‍टरों की चेतावनी के बाद पुलिस का एक्‍शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को 20 दिन पूरे हो चुके हैं। इतने दिनों से बिना अन्न के रहने के चलते वांगचुक का शरीर बेहद कमजोर हो चुका है। उनकी सेहतलगातार गिर रही थी। डॉक्टरों के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से वांगचुक का वजन 9 किलो से ज्यादा घट चुका था। उनका वजन 56.9 किलोग्राम रह गया था। डॉक्टर ने बताया कि लंबे भूख हड़ताल की वजह से शरीर अब ग्लूकोज और फैट के बाद मांसपेशियों (मसल्स) को खाने लगा है। उनके यूरिक एसिड का स्तर काफी बढ़ गया है, जो इस बात का संकेत है कि मांसपेशियां तेजी से गल रही हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो वांगचुक का ऑर्गन फेल हो सकता है।