नक्सलियों ने शांति वार्ता के लिए जारी किया पत्र, गृहमंत्री शर्मा बोले – सरकार बातचीत करने तैयार

रायपुर- छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान को लेकर सरकार पूरी गंभीरता से प्रयासरत है. उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की सार्थक वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते कि इसके लिए कोई शर्त न हो. उन्होंने कहा कि यदि नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत के लिए इच्छुक हैं तो उन्हें अपने प्रतिनिधि और वार्ता की शर्तों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना होगा.

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वार्ता का स्वरूप आईएसआईएस जैसी किसी कट्टरपंथी विचारधारा की तर्ज पर नहीं हो सकता. यदि कोई चर्चा करना चाहता है तो उसे भारतीय संविधान की मान्यता स्वीकार करनी होगी. अगर संविधान को नकारते हैं और समानांतर व्यवस्था थोपने की कोशिश करते हैं तो वार्ता का कोई औचित्य नहीं रहता.

सरकार की नीति स्पष्ट – आत्मसमर्पण करें, पुनर्वास पाएं

उपमुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है. जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें इस नीति के तहत सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे. सरकार चाहती है कि जो लोग भटके हुए हैं, वे समाज में वापस आएं और एक व्यवस्थित जीवन जीएं.

संविधान का हर गांव में क्रियान्वयन

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते 1 से डेढ़ वर्षों में 40 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है, जहां पहले तक नक्सली कानून थोपने की कोशिश करते थे. उन्होंने कहा कि अब राज्य के सभी गांवों में तिरंगा लहराना और भारतीय संविधान का पालन करना अनिवार्य है. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यदि नक्सली वार्ता को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें अपनी ओर से वार्ता के लिए समिति बनानी चाहिए. अब यदि वे बातचीत करना चाहते हैं तो उन्हें स्पष्ट प्रस्ताव के साथ आगे आना होगा. शर्मा ने कहा कि सरकार का रुख साफ है, बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन हिंसा और खूनखराबे पर कोई समझौता नहीं होगा. नक्सलियों को हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करना होगा, तभी कोई सार्थक समाधान संभव है.

बता दें कि माओवादियों ने पत्र जारी कर संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों ने यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया है.

वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लोकसभा में हुआ पेश, मुस्लिम समुदाय में उत्साह, पटाखे फोड़कर जताई खुशी…

रायपुर-  वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा में पेश होने पर मुस्लिम समुदाय में काफी उत्साह देखा गया. समुदाय के लोगों ने घड़ी चौक पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. लोगों ने पटाखे फोड़कर एक-दूसरे को बधाई दी और कहा कि अल्पसंख्यकों के हित में यह एक बड़ा कदम है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए. साथ ही, उन्होंने विरोध करने वालों को कांग्रेसी मानसिकता का बताया और मोदी जी के समर्थन में नारे लगाए.

बीजेपी प्रवक्ता तौकीर रजा ने जानकारी देते हुए कहा कि सभी इस बिल के समर्थन में हैं, जबकि कांग्रेस इसका विरोध कर रही है. वे लोग नहीं चाहते कि ऐसा कठोर बिल बने, वे विपरीत माहौल बनाने के लिए इस बिल का विरोध कर रहे हैं. जब यह कानून बनेगा, तब उसकी स्थिति अलग होगी.

जो लोग पहले कानून का मजाक बनाते थे, उनके लिए मोदी जी ने इस बिल के जरिए एक सख्त कदम उठाया है. अतिक्रमण कर जमीनों पर कब्जा जमाने वालों को हटाने की कोशिश प्रधानमंत्री मोदी ने की है, और इसी उद्देश्य से वक्फ का यह बिल लाया गया है. राजस्व मामलों में कलेक्टर से बेहतर कोई नहीं समझ सकता, इसलिए इस बिल में उनकी भूमिका अहम होगी.

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए दो महिलाओं को समिति में शामिल करने का निर्णय स्वागत योग्य है. इसके अलावा, सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को भी इस बिल में शामिल किया गया है. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई थी, लेकिन उन्होंने इसे लागू करने की कोई कोशिश नहीं की. आज पीएम मोदी जो कहते हैं, वह कर के दिखाते हैं. 

हमारा नारा “सबका साथ, सबका विश्वास” इसी भावना को चरितार्थ करता है, और विकास की गाथा लिखने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस ने कभी भी अल्पसंख्यकों की शिक्षा और विकास के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए, लेकिन इस बिल का छत्तीसगढ़ में सभी ने स्वागत किया है.

डॉ. जाऊलकर अस्पताल का ये खेल आया सामने, मिला नोटिस

रायपुर- बड़े शॉपिंग कॉम्पलेक्स में पार्किंग की व्यवस्था पर सख्ती बरतते हुए नगर निगम अब जुर्माने के साथ ही व्यवस्था बहाल करने के लिए काम्पलेक्स मालिक व संचालकों को अल्टीमेटम दे रहा है. इसी अभियान के चलते चौबे कॉलोनी एरिया में स्थित डॉक्टर जाऊलकर द्वारा अपनी बिल्डिंग की पार्किंग में स्प्राउट हॉउस कैफे खोल दिया है. इसे संज्ञान में लेते हुए जोन कमिश्नरी ने एक दिन का अल्टीमेटम देकर उन्हें पार्किंग सुनिश्चित करने कहा है. वहीं समता कालोनी मुख्य मार्ग में 5 दुकानों बीकानेर स्वीट्स, गोली फास्ट फूड, अपना मार्ट, जूसी फैक्ट्री और पोहे वाला को पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सीलबंद कर दिया गया.

अभी शहर के चारों विधानसभा क्षेत्र में से केवल पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में विधायक राजेश मूणत की फटकार के बाद निगम का अमला हरकत में आया. इसी के चलते जोन 7 कमिश्नरी ने समता-चौबे कॉलोनी मेन रोड में सघन अभियान शुरू किया है. इसी प्रकार सुलभ दुग्ध भण्डार को पार्किंग की व्यवस्था अल्टीमेटम दिया और रोड की दूसरी ओर की दुकानों को भी पर्किंग व्यवस्था करने जोन 7 ने नोटिस दिया है. इसी प्रकार सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए कटोरा तालाब में पोहा पॉइंट दुकान को गन्दगी फैलाने पर तत्संबंधित दुकान के संचालक पर 5 हजार रुपए का जुर्माना किया और उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी गई.

भू-माफियाओं ने श्मशान की जमीन पर किया कब्जा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की बुलडोजर कार्रवाई की मांग

बलौदा बाजार- छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे श्मशान और चारागाह भूमि पर भी कब्जा करने से नहीं हिचक रहे. मामला भाटापारा विकासखंड के पाटन गांव का है, जहां अतिक्रमणकारियों ने श्मशान भूमि और चारागाह पर अवैध निर्माण कर लिया है. इससे ग्रामीणों को मृतकों के अंतिम संस्कार में परेशानी हो रही है, साथ ही मवेशियों के लिए भी चारागाह की जमीन नहीं बची है.

इस अतिक्रमण को हटाने के लिए 20 मार्च 2025 को ग्राम पंचायत में मुनादी कर आमसभा बुलाई गई थी, जिसमें 10 दिनों के भीतर कब्जा हटाने का निर्णय लिया गया. लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया. जब ग्रामीणों ने खुद कब्जा हटाने की कोशिश की, तो अतिक्रमणकारियों ने गाली-गलौच कर विवाद खड़ा कर दिया.

ग्राम सरपंच टिकेश्वर वर्मा ने बताया कि गांव के ही 7-8 लोगों ने श्मशान और चारागाह की जमीन पर कब्जा कर रखा है. जब इसे हटाने की बात हुई, तो कब्जाधारियों ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार किया. इसके बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की.

देखें आवेदन की कॉपी:

गांव के बुजुर्ग टेकराम वर्मा ने चिंता जताते हुए कहा कि श्मशान घाट पर कब्जे के कारण अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची है, यहां तक कि मवेशियों को दफनाने की भी जगह खत्म हो गई है. वहीं, युवा योगेश वर्मा ने बताया कि अतिक्रमण के कारण गायों और अन्य मवेशियों के लिए चारागाह खत्म हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस अवैध कब्जे को हटाकर सार्वजनिक भूमि को संरक्षित करे. अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक ग्राम पाटन पहुंचकर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करता है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही प्रशासनिक हस्तक्षेप से इस समस्या का समाधान होगा.

नक्सली शांति वार्ता के लिए तैयार हैं तो इस पर विचार करे सरकार – दीपक बैज

रायपुर- नक्सलियों के शांति वार्ता के पत्र पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार को विचार करने की बात कही है. बैज ने कहा, शांति वार्ता के लिए नक्सलियों की ओर से ठोस निर्णय आया है तो इस पर विचार करनी चाहिए. किस स्थिति पर शांति वार्ता करना चाहते हैं, शांति वार्ता का मकसद क्या है, बस्तर की शांति के लिए क्या बेहतर हो सकता है, इस पर सरकार क्या सोचती है, यह निर्णय सरकार को करनी चाहिए. कहीं ऐसा तो नहीं कि सरकार अपनी वाहवाही लूटने के लिए प्रोपेगेंडा कर रही.

बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के ठीक पहले माओवादियों ने पत्र जारी कर संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों ने यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया है.

PM के दौरे से पहले ED की रेड, गृहमंत्री के दौरे से पहले FIR आई बाहर: भूपेश बघेल बोले- मेरी राजनीतिक हत्या कराना चाहती हैं सेंट्रल एजेंसियां

रायपुर- छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा ऐप मामले में सियासत तेज हो गई है. CBI ने मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल को आरोपी बनाया है और उनके निवास पर रेड कार्रवाई की है. इसे लेकर भूपेश बघेल ने आज प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर केंद्रीय जांच एजेंसियों और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सेंट्रल एजेंसियां मेरी राजनैतिक हत्या करना चाहती हैं, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना चाहते हैं.

18 दिसंबर को हुई थी FIR

पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि FIR 18 दिसंबर 2024 को हुई लेकिन कल (1 अप्रैल 2025 को) सार्वजनिक हुआ है. FIR ED से लेकर CBI तक इधर उधर हो रही है. भारत सरकार के पास गैम्बलिंग का कोई कानून नहीं है. ऑनलाइन गैम्बलिंग का भी कानून नहीं है. अब सवाल है कि ये लीगल मानती है या इलीगल. अगर लीगल है तो प्रोटेक्शन मनी की कोई बात नहीं है और अगर इलीगल है, तो ऐप अब तक चल क्यों रहा है?

सट्टा ऐप के मालिक शुभम सोनी का नाम FIR में नहीं

उन्होंने कहा कि FIR में सबसे ऊपर नाम रवि उप्पल का नाम है. 6वें नंबर पर भूपेश बघेल, 8वें पर सौरभ चंद्राकर. जिनके नाम से सब संचालन हो रहा शुभम सोनी, उसका नाम ही नहीं है जो खुद को मलिक बताता है , लेकिन मुझे लेकर जो बयान दिया, उसके आधार पर मुझे आरोपी बनाया गया है. 

कथावाचक प्रदीप मिश्रा को लेकर उठाए सवाल

महादेव ऐप में धड़ल्ले से सट्टा चल रहा है, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. विष्णुदेव साय प्रदीप मिश्रा के जजमान बने हैं, उनसे मिल कर आए हैं, लेकिन उनसे (प्रदीप मिश्रा) कोई पूछताछ नहीं हुई. उन्होंने आगे कहा कि हम छत्तीसगढ़ और राष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार बात कर रहे हैं, इसलिए ये कार्रवाई कर रहे हैं. जनता का ध्यान भटकाने के लिए ये काम किया जाता है. 

मोगेम्बो खुश हुआ की तर्ज पर कर रहे काम : पूर्व सीएम बघेल

उन्होंने कहा कि जब-जब मोदी जी शाह जी आए, तब-तब CBI-ED का पहले ही एक दौरा हो जाता है. पीएम के आने से पहले ed की रेड पड़ी. अब अमित शाह आ रहे हैं, इतना पुराना FIR पब्लिक डोमेन में कल लाने का क्या औचित्य.? मोगेम्बो खुश हुआ कि तर्ज पर ये काम कर रहे. गिरफ्तार करना है तो कर ले, गिरफ्तार होने का मुझे डर नहीं है. न पहले भागे थे, न अब भाग रहे हैं.

भारत सरकार से पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पूछा सवाल-

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भारत सरकार से महादेव सट्टा ऐप से संबंधित कुछ सवाल किए हैं. उन्होंने पूछा है कि ऑनलाइन बेटिंग लीगल है या नहीं ? लीगल है तो, प्रोटेक्शन मनी का कोई मामला ही नहीं बनता, इललीगल है तो अब तक बंद क्यों नहीं हुआ ? बंद नहीं करने का सीधा मतलब है कि मोदी-शाह-विष्णुदेव का महादेव सट्टा को संरक्षण है.

उन्होंने कहा कि असीम दास के पास गाड़ी और पैसे कहां से आए ? बीजेपी नेताओं के साथ इन सभी के फोटो हैं, लेकिन उस ओर जांच क्यों नहीं किया जा रहा है ?

भूपेश बघेल ने कहा कि मुझे पंजाब का प्रभारी बनाया है और CD कांड में CBI की 7 साल के जांच के बाद भी कोर्ट ने चार्जशीट दायर करने के लायक नहीं समझा और मुझे डिस्चार्ज कर दिया. इसलिए बौखला कर ये कार्रवाई की जा रही.

रायपुर में तीन दिवसीय वृहद कला प्रदर्शनी, प्रदेश के 45 कलाकार करेंगे चित्र और शिल्प कला का प्रदर्शन

रायपुर-  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 12 से 14 अप्रैल तक महंत घासीदास संग्रहालय में छत्तीसगढ़ प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (CGPAG) द्वारा वृहद कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। तीन दिवसीय इस कला आयोजन में प्रदेश के 45 कलाकार चित्र और शिल्प कलाओं का प्रदर्शन करेंगे।

यह प्रदर्शनी सिर्फ एक कला आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के कला संसार में एक दस्तक है. समकालीन कलाकारों की बेचैनी का आगाज है. जो कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के ढाई दशक बाद भी राज्य में कोई कला अकादमी नहीं है. 

प्रदेशभर के 45 कलाकार की भागीदारी

प्रदर्शनी में शामिल 45 कलाकार राज्य के विभिन्न अंचलों और सांस्कृतिक परिवेश का प्रतिनिधित्व करेंगे. इस कला शिविर के माध्यम से कलाकार अपनी विशिष्ट कला शैली और सृजनशीलता को प्रस्तुत करेंगे.

डॉ. ध्रुव तिवारी और CGPAG के संयोजक जितेन साहू का कहना है कि राज्य में इस तरह की कला प्रदर्शनियों और शिविरों का आयोजन लगातार होते रहना चाहिए. इससे छत्तीसगढ़ अपनी कला संस्कृति में एक विशिष्ट पहचान बना सकेगा और स्थानीय कलाकारों को उचित मंच मिल सकेगा.

CCTV में कैद हुआ बुर्के वाला चोर: राजधानी के शोरूम में घुसकर गल्ले से किया 30 लाख रूपये पार, फिर छत से रस्सी के सहारे हुआ फरार

रायपुर-  राजधानी रायपुर के पंडरी इलाके में स्थित कपड़ा शोरूम श्री शिवम् में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक शातिर चोर ने फिल्मी अंदाज में 30 लाख की बड़ी चोरी को अंजाम देकर फरार हो गया। इस दौरान शो रूम के गार्ड को भनक तक नहीं लगी, अगले दिन सुबह जब स्टाफ शोरूम पहुंचा तब चोरी का पता चला। शोरूम मैनेजमेंट की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कैसे दिया चोरी को अंजाम?

जानकारी के मुताबिक, यह चोर दुकान बंद होने से आधा घंटा पहले करीब रात 10:30 बजे बुर्का पहनकर शोरूम में घुसा, फिर कपड़े देखने के बहाने शो-रूम में घूमते हुए चौथी मंजिल के वॉशरूम में छिप गया। दुकान बंद होने के बाद रात करीब 1 बजे वह बाहर निकला, सीधे कैश काउंटर पहुंचा और गल्ले का लॉक तोड़कर 30 लाख कैश निकाल लिया और फिर शोरूम की छत से रस्सी के सहारे नीचे उतरकर भाग निकला।

बैंक बंद होने का उठाया फायदा

गौरतलब है कि इस चोरी की वारदात को तीन दिन की बैंक बंदी का फायदा उठाकर अंजाम दिया गया। शनिवार, रविवार और सोमवार को बैंकों की छुट्टी थी, इसलिए गल्ले में भारी मात्रा में कैश जमा था।

स्टाफ की मिलीभगत का शक!

सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि चोर ने ईयरफोन लगाए रखे, जिससे पुलिस को शक है कि वह ऐसे किसी शख्स से से लगातार निर्देश ले रहा था जिसे शोरूम की व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि कब स्टाफ काम समेटता है, कब लाइट बंद होती है और कब गार्ड तैनात होता है। इसके अलावा रस्सी के सहारे चार मंजिला इमारत से उतरना आसान नहीं, जिससे पुलिस को लगता है कि चोर या तो पेशेवर था या उसने पहले से इसकी प्रैक्टिस कर रखी थी।

बहरहाल, पुलिस ने शक के आधार पर एक कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह पूर्व कर्मचारी तो नहीं था, जिसे शोरूम की पूरी जानकारी थी।

गृहमंत्री अमित शाह के दौरे से पहले नक्सलियों ने जारी किया पत्र, संघर्ष विराम और शांति वार्ता की अपील

जगदलपुर- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के ठीक पहले माओवादियों ने संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों द्वारा यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया गया है.

बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 और 5 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में रहेंगे। उससे ठीक पहले माओवादियों ने संघर्ष और शांतिवार्ता के लिए यह पत्र लिखा है. यह पत्र सीपीआई केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय ने जारी किया है.

पत्र में लिखी गई ये बातें :

संघर्ष विराम और शांति वार्ता के लिए अपील

• सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति ने मध्य भारत में युद्ध को तत्काल रोकने की मांग की है।

• वे शांति वार्ता को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत सरकार और भाकपा (माओवादी) दोनों से बिना शर्त संघर्ष विराम की मांग करते हैं।

सरकार का माओवाद विरोधी आक्रामक (‘कागर’ ऑपरेशन)

• भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर ‘कागर’ शुरू किया – माओवादी प्रभावित क्षेत्रों को लक्षित करने वाला एक गहन उग्रवाद विरोधी अभियान।

• ऑपरेशन के परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर हिंसा, हत्याएं और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुई हैं।

हताहत और मानवाधिकारों का उल्लंघन

• 400 से अधिक माओवादी नेताओं, कार्यकर्ताओं और आदिवासी नागरिकों की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है।

• महिला माओवादियों को कथित तौर पर सामूहिक यौन हिंसा और फांसी के अधीन किया गया है।

• कई नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है और अवैध हिरासत और यातना के अधीन किया गया है।

शांति वार्ता के लिए माओवादी शर्तें

• प्रभावित जनजातीय क्षेत्रों से सुरक्षा बलों की तत्काल वापसी।

• नए सैनिकों की तैनाती के लिए अंत।

• उग्रवाद विरोधी अभियानों का निलंबन।

सरकार के ख़िलाफ़ आरोप

• सरकार पर क्रांतिकारी आंदोलनों को दबाने के लिए आदिवासी समुदायों के ख़िलाफ़ “नरसंहार युद्ध” छेड़ने का आरोप है।

• नागरिक क्षेत्रों में सैन्य बलों का उपयोग असंवैधानिक होने का दावा किया जाता है।

सीपीआई (माओवादी) सार्वजनिक समर्थन के लिए कॉल

• माओवादी बुद्धिजीवियों, मानवाधिकार संगठनों, पत्रकारों, छात्रों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं से शांति वार्ता के लिए सरकार पर दबाव बनाने का आग्रह करते हैं।

• बातचीत के लिए गति बनाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियानों का अनुरोध किया जाता है।

शांति वार्ता के लिए माओवादी तत्परता

• यदि सरकार उनकी पूर्वापेक्षाओं से सहमत होती है तो वे बातचीत में शामिल होने की इच्छा व्यक्त करते हैं।

• सीपीआई (माओवादी) का कहना है कि जैसे ही सरकार सैन्य अभियान बंद कर देगी, वे युद्धविराम की घोषणा करेंगे।

तेज आवाज में बज रहे डीजे से गिरी छत, बच्चे की हुई मौत, घटना पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, राज्य सरकार से मांगा जवाब

बिलासपुर- बिलासपुर के मल्हार में शोभायात्रा के दौरान डीजे की तेज आवाज से बड़ा हादसा हो गया। जबरदस्त शोर के कारण एक मकान का छज्जा गिर गया, जिसमें चार बच्चों समेत 10 लोग घायल हो गए। इलाज के दौरान एक मासूम की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए खुद संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस ने इसे जनहित याचिका मानकर बुधवार को सुनवाई तय की है। कोर्ट ने राज्य सरकार समेत सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

पहले भी दिए जा चुके हैं सख्त आदेश

गौरतलब है कि हाईकोर्ट पहले भी ध्वनि प्रदूषण और डीजे पर सख्त पाबंदी के आदेश जारी कर चुका है। इसके बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे हैं, जिससे कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी फरार

इस मामले में पुलिस ने डीजे संचालक, ड्राइवर और शोभायात्रा के आयोजनकर्ताओं के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। डीजे संचालक और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन आयोजन समिति के चार नामजद आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। अब देखने वाली बात होगी कि हाईकोर्ट इस मामले में क्या सख्त कदम उठाता है और क्या शासन-प्रशासन डीजे की मनमानी पर लगाम लगाने में सफल होगा या नहीं।