लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी: डॉ. उमाशंकर पांडेय*
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिसिया बदसुलूकी पर मनाया काला दिवस।
इंडिया गठबंधन के नेताओं पर पुलिस की बर्बरता लोकतंत्र और संविधान पर हमला: अभिषेक सिंह राणा।
सुलतानपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गुरुवार को जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों, कथित वोट चोरी और इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस की बदसलूकी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए काला दिवस मनाया।
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय से निकाला गया जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचा, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और लोकतंत्र एवं मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश प्रवक्ता उमाशंकर पांडे ने किया। कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय से लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट, डाकखाना चौराहा, गंदानाला, जिला चिकित्सालय, बस स्टैंड, विकास भवन और तिकोनिया पार्क होते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचे।
पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा को लेकर नारे लगाए। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता उमाशंकर पांडे ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चुनाव लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और यदि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची तथा मताधिकार को लेकर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब देना सरकार और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उठाए जा रहे सवालों का संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जिस तरह का पुलिसिया व्यवहार किया जा रहा है, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। कांग्रेस डरने या दबने वाली नहीं है और लोकतंत्र, संविधान तथा जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह से इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण रवैया अपनाया है, वह सीधे तौर पर लोकतंत्र के खिलाफ है।
आजाद भारत में पहली बार ऐसी तस्वीर देखने को मिल रही है, जहां लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले लोगों के साथ पुलिसिया बर्बरता की जा रही है।उन्होंने कहा कि आज पूरा देश काला दिवस मना रहा है। यह केवल कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। जब जनता के वोट और मताधिकार पर सवाल खड़े हों और लोकतांत्रिक तरीके से सवाल पूछने वालों को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जाए, तो यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर खतरे की घंटी है। अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर देशभर में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस किसी भी कीमत पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगी। सत्ता चाहे जितना दमन कर ले, कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के मताधिकार और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर हर लोकतांत्रिक मंच तक संघर्ष करते रहेंगे।उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस की बदसलूकी लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि जनता के सवालों को उठाना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है।पुलिस की लाठी और दमन से कांग्रेस की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि आज का काला दिवस लोकतंत्र को बचाने के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल उठाता है तो उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर इन सवालों को मजबूती से उठाएंगे। प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट राजेश तिवारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक सवालों का जवाब दमन से नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता से दिया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ और मताधिकार की रक्षा के नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस देशभर में चल रहे आंदोलन के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग कर रही है। सुलतानपुर में भी कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन कर स्पष्ट कर दिया कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है।
इस मौके पर फिरोज अहमद, सियाराम तिवारी,निकलेश सरोज,राहुल त्रिपाठी, सलाउद्दीन हाशमी, रणजीत सिंह सलूजा,इश्तियाक अहमद,हामिद राईन,संतोष वर्मा,वरुण मिश्र,मोहित तिवारी,शहबाज खान,विवेक सिंह,सुव्रत सिंह,आवेश अहमद,राहुल मिश्रा,शारिक अल्वी,विजयपाल गौतम,मानस तिवारी,अनवर अंसारी, ओम प्रकाश त्रिपाठी,नंदलाल मौर्य,प्रदीप सिंह,विवेक श्रीवास्तव,विनोद पाण्डेय,जनेश्वर उपाध्याय,सुरेश चंद्र मिश्रा,अखण्ड मिश्रा,आर बी पाण्डेय,उस्मान खान,धर्मराज मिश्र,ममनून आलम,मोहसिन सलीम,पवन मिश्रा,राम किशोर,अवधेश गौतम,जयराज गौतम,नरोत्तम वर्मा,नफीस पठान,दरोगा सिंह,इमरान अहमद,राम प्रकाश मिश्रा,दीपक सोनी,सूरज कुमार,देवेंद्र तिवारी,अतीक अहमद,मनोज शुक्ला,नजीरुद्दीन समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
Oct 10 2026, 01:53
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