/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1496467143592709.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1496467143592709.png StreetBuzz ब्रिक्स समिट से पहले पीएम मोदी का खास संदेश, पुतिन सुबह-सुबह पहुंचे दिल्ली, प्रधानमंत्री से होगी मुलाकात Jharkhand
ब्रिक्स समिट से पहले पीएम मोदी का खास संदेश, पुतिन सुबह-सुबह पहुंचे दिल्ली, प्रधानमंत्री से होगी मुलाकात

#pmmodibrics_summit

नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन हो रहा है। सम्मेलन से पहले दुनिया भर के नेताओं का दिल्ली आना शुरू हो गया है। ब्रिक्स समिट 2026 में शामिल होने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंच गए हैं। । दिग्गजों के आगमन से पहले दिल्ली को अभेद्य किला में तब्दील कर दिया गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले संदेश जारी किया है।

पीएम मोदी ने ब्रिक्‍स सम्‍मेलन से पहले कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश जारी किया है। उन्होंने लिखा, ''अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता ब्रिक्स समिट के लिए जुटेंगे. पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।'' पीएम मोदी ने संस्कृत के एक श्लोक भी ज़िक्र किया है, जिसका मतलब है-''मनुष्य को सदैव सज्जनों के साथ रहना और उनकी संगति करनी चाहिए। सज्जनों के साथ ही विचार-विमर्श और मैत्रीपूर्ण व्यवहार करना चाहिए क्योंकि परस्पर सदभाव, संवाद और मैत्रीपूर्ण संबंध, शांति और सहयोग को सुदृढ़ करते हैं।''

पुतिन पहुंचे भारत, जिनपिंग का इंतजार

इधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। अपनी यात्रा के दौरान, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करेंगे और कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। अब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत अन्‍य नेताओं का इंतजार है।

ब्रिक्स समिट में इन मुद्दों पर चर्चा होगी

नई दिल्ली का भारत मंडपम इस हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल समिट की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है। यह कार्यक्रम 12 से 13 सितंबर तक दुनिया भर के प्रतिनिधियों और नेताओं को एक मंच पर लाएगा। बैठक में ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों के नेता शामिल होंगे।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शिखर सम्मेलन में नेता ब्रिक्स के भीतर सहयोग को मजबूत करने से जुड़े साझा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। सदस्य देश और अन्य आमंत्रित प्रतिनिधि वैश्विक तथा क्षेत्रीय मामलों पर भी अपने विचार साझा करेंगे। इन मुद्दों को लेकर देशों के बीच आपसी महत्व के विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

ब्रिक्‍स में कौन-कौन देश हैं शामिल

ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ब्रिक्स पार्टनर देशों में; बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम; शामिल हैं। भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 1 जनवरी को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। साल 2026 भी एक अहम पड़ाव है क्योंकि ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 साल पूरे कर रहा है।

Amended BharatNet के तहत झारखंड के 260 प्रखंडों और 31 हजार से अधिक गांवों तक पहुंचेगा हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड

भारत सरकार एवं झारखंड सरकार के सहयोग से 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों एवं 26,777 गैर-जीपी गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को मिलेगा विस्तार

रांची, 10 सितंबर 2026: झारखंड में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (Amended BharatNet Programme–ABP) – भारतनेट फेज-III के लिए Project Implementation and Support Agreement पर हस्ताक्षर किए गए।

समझौते पर 10 सितंबर 2026 को भारत सरकार के डिजिटल भारत निधि (DBN), झारखंड सरकार तथा झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (JDICL) के बीच हस्ताक्षर किए गए। भारत सरकार की ओर से DBN के Administrator श्री श्यामल मिश्रा उपस्थित रहे। वहीं, झारखंड सरकार की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव श्रीमती पूजा सिंघल एवं निदेशक सुश्री माधवी मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को भारत सरकार एवं झारखंड सरकार की साझी पहल के रूप में लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य के ग्रामीण एवं डिजिटल रूप से अपेक्षाकृत कम जुड़े क्षेत्रों में विश्वसनीय एवं हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार करना है।

कार्यक्रम के तहत 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों एवं 26,777 गैर-जीपी गांवों को कवर किया जाएगा। यह पहल राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों, सरकारी संस्थानों एवं अन्य उपयोगकर्ताओं तक ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक आधार तैयार करेगी।

कार्यक्रम के प्रमुख अवसंरचनात्मक एवं सेवा संबंधी घटक

4,387 मौजूदा ग्राम पंचायतों को Ring Topology में अपग्रेड किया जाएगा।

8 नई ग्राम पंचायतों को Ring Topology के माध्यम से जोड़ा जाएगा।

पांच वर्षों की अवधि में 4,39,049 FTTH कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

ग्राम पंचायतों एवं गैर-जीपी गांवों में मांग के आधार पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।

नेटवर्क की क्षमता एवं विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए Middle-Mile Infrastructure का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा।

झारखंड में State Network Operations Centre (SNOC) की स्थापना एवं संचालन किया जाएगा।

* कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए BSNL द्वारा JDICL को Project Management Consultancy (PMC) सहायता प्रदान की जाएगी।

ग्रामीण परिवारों एवं सरकारी संस्थानों तक कनेक्टिविटी

कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक फाइबर आधारित ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें सरकारी संस्थानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बेहतर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से झारखंड के ग्रामीण एवं कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों के नागरिकों की ई-गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सेवाओं तथा अन्य ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच को और सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

सुदृढ़ डिजिटल नेटवर्क बुनियादी ढांचा नागरिक-केंद्रित सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति में भी सहायक होगा तथा सरकारी संस्थानों एवं ग्रामीण समुदायों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म के अधिक प्रभावी उपयोग को सक्षम बनाएगा।

डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए केंद्र–राज्य सहयोग

संशोधित भारतनेट कार्यक्रम डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण एवं कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए भारत सरकार एवं झारखंड सरकार के बीच महत्वपूर्ण केंद्र–राज्य सहयोग का उदाहरण है।

यह पहल डिजिटल सेवाओं तक नागरिकों की पहुंच बढ़ाने तथा डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं की प्रभावी एवं व्यापक उपलब्धता के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य के अनुरूप है।

माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा राज्य के ग्रामीण समुदायों तक बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी का लाभ पहुंचाने के लिए भारत सरकार एवं संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ निकट समन्वय में कार्य कर रही है।

मिस्टर सिंह हमारी सड़कों से हटिए', अमेरिका में भारतीय ड्राइवरों पर नस्लीय टिप्पणी

#mrsinghleavethecountryremarkdirectedindiandriversusdhs_advertisement

अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया एक एआई-जनरेटेड पोस्टर से विवाद बढ़ गया है। पोस्टर को आलोचक 'नस्लवादी' तथा 'भारत विरोधी' बता रहे हैं। जिसमें ‘मिस्टर सिंह’ से खुद देश छोड़कर जाने के लिए कहा गया। भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाने वाले इस पोस्टर में 'सेल्फ-डिपोर्ट या परिणाम भुगतने' जैसी चेतावनी दी गई है।

विज्ञापन में क्या

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के हालिया इमिग्रेशन लागू करने वाले विज्ञापन में ट्रांसफॉर्मर्स फिल्म की पैरोडी वाले पोस्टर में एक रोबोट, सिर पर कपड़ा बांधे गोरे (वाइट) का सामना करता हुआ दिखाया गया है, जिसे मिस्टर सिंह कहा गया है। विज्ञापन में 'ट्रांसफॉर्मर्स' फ्रैंचाइजी के मुख्य किरदार 'ऑप्टिमस प्राइम' को DHS का आर्म पैच पहने हुए दिखाया गया है। वह भूरी दाढ़ी वाले आदमी का सामना करते हुए कहता है, 'हमारी सड़कों से हट जाओ, तुम्हें गाड़ी चलाना नहीं आता, मिस्टर सिंह।'

एक वीडियो क्लिप भी किया गया पोस्ट

एक्स पर इससे संबंधित पोस्ट में एक छोटा वीडियो क्लिप दिखाया गया है जिसमें ट्रांसफॉर्मर्स फ्रैंचाइजी का मुख्य खलनायक मेगाट्रॉन, एलियंस की रिहाई के लिए बातचीत कर रहा है। यह शब्द अमेरिकी प्रशासन विदेशी नागरिकों के लिए इस्तेमाल करता है। मेगाट्रॉन को ट्रक ड्राइवरों हरजिंदर सिंह, राजिंदर कुमार, बेकजान बेशेकीव, अखरोर बोजोरोव और जसवीर सिंह की रिहाई की कोशिश करते हुए दिखाया गया है, जो सड़क दुर्घटनाओं और अन्य अपराधों में शामिल थे।

'खुद देश छोड़ने या अंजाम भुगतने की धमकी

डीएचएस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'अगर आप इस देश के खिलाफ दुश्मनी भरी नीयत से आते हैं, तो यह जान लें हम अपना बचाव करेंगे। हम अमेरिकन मूल्यों की रक्षा करेंगे। हम अपने देश की रक्षा करेंगे। एक अन्य पोस्ट में ट्रांसफॉर्मर्स फ्रैंचाइजी के मुख्य नायक ऑप्टिमस प्राइम को दिखाया गया है, जिसके हाथ पर डीएचएस का एक बैज लगा है। वह भूरी दाढ़ी वाले व्यक्ति का सामना करते हुए संदेश दे रहा है। 'खुद देश छोड़ दें या अंजाम भुगतें'

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन में नाराजगी

सिंह सरनेम हिंदू और सिख धर्म मानने वाले बहुत से लोगों का होता है। यह समूह अमेरिकी ट्रकिंग वर्कफोर्स का एक बड़ा हिस्सा है। इससे साफ है कि पोस्टर में सिंह लिखा जाना भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाने की ओर इशाका करती है। विज्ञापन में मिस्टर सिंह के जिक्र की हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन और सिख कोएलिशन जैसे संगठनों ने आलोचना की है। संगठन ने एक्स पर लिखा कि 'सिंह' हिंदू होते हैं, सिख होते हैं, अमेरिकी होते हैं और वे गाड़ी चलाते हैं। इस नस्लवादी, भारत-विरोधी प्रोफाइलिंग से अमेरिका की सामूहिक अंतरात्मा को झटका लगना चाहिए।

मिशन 2029 की तैयारी में बीजेपी, मोर्चों के प्रभारी बदले, बैजयंत पांडा को ओबीसी और सतीश पूनिया को एसटी मोर्चे की कमान

#bjpannouncesmorchainchargesprabharifulllistobcmorchabaijayant_panda

आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) संगठनात्मक मजबूती को लेकर सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में पार्टी ने गुरुवार को संगठन में मोर्चों के प्रभारियों का ऐलान कर दिया। बीजेपी ने अलग-अलग सामाजिक और संगठनात्मक समूहों के बीच अपनी पहुंच को और मजबूत करने के लिए नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

किस नेता को कौन सी मिली जिम्मेदारी?

हरीश द्विवेदी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है। अनुसूचित जाति (SC) मोर्चा का प्रभारी संजय भाटिया को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, बैजयंत पांडा को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है। किसान मोर्चा की जिम्मेदारी लाल सिंह आर्य को दी गई है, जबकि सतीश पूनिया अनुसूचित जनजाति (ST) मोर्चा के प्रभारी होंगे। पार्टी ने गजेंद्र पटेल को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रभारी नियुक्त किया है।

17 अगस्त को किया था टीम नवीन का ऐलान

इससे पहले 17 अगस्त को, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान किया था। इस टीम में कई अहम चेहरों को जगह दी गई। पार्टी की ओर से राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी पीयूष गोयल, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी राजेश मंगल को दी गई है। वहीं, राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी बी.एल संतोष को दी गई है। उधर, सहायक मंत्री पद की जिम्मेदारी शिप्रकाश और सौदान सिंह को दी गई है।

जेल से बाहर नहीं आ पाएगा अबू सलेम, हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी दिया झटका

#abusalemprematurereleasein1993bombayblastscasesupremecourtdismissplea

साल 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी और गैंगस्टर अबू सलेम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे सालेम की समय पूर्व रिहाई की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अबू सलेम जेल से बाहर नहीं आ सकेगा. उसका कानूनी तिकड़म फेल हो गया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला बरकरार

अबू सलेम की समय से पहले रिहाई वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। उसकी याचिका पहले बॉम्बे हाई कोर्ट से भी खारिज हुई थी। जिसके बाद अबू सलेम के वकील ने सर्वोच्च अदालत का रुख किया था। लेकिन शीर्ष अदालत ने रिहाई की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रिहा ना करने का फैसला बरकरार रखा।

बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें सलेम की रिहाई की अर्जी को खारिज कर दिया गया था। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के निर्णय में किसी भी प्रकार की कानूनी त्रुटि मानने से इनकार कर दिया।

नासिक सेंट्रल जेल में बंद है सलेम

बता दें कि अबू सलेम अभी नासिक सेंट्रल जेल में बंद है। सलेम ने पुर्तगाल से हुए प्रत्यर्पण संधि के तहत 25 साल की सजा पूरी होने का दावा करते हुए रिहाई की याचिका भी लगाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

2030 में अबू सलेम की सजा का 25 साल होगा पूरा

अबू सलेम की तरफ से कहा गया है कि सजा में मिलने वाली छूट को जोड़ने पर उसने 25 साल की सजा पूरी कर ली है, इसलिए उसे रिहा किया जाए। हालांकि हाईकोर्ट ने कहा था कि उसकी याचिका समय से पहले दायर की गई है, उसकी 25 साल की अवधि 2030 में पूरी होगी। सलेम ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

भारत आ रहे चीनी राष्ट्रपति? ब्रिक्स समिट के लिए जिनपिंग के दिल्ली दौरे पर सस्पेंस

#willxijinpingattendbricssummitchinahasnotyetresponded

भारत इस सप्ताह दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की मेजबानी करने जा रही है। भारत 12 और 13 सितंबर को राजधानी के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का सम्मेलन में शामिल होना तय हो गया है। हालांकि, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नई दिल्ली आने पर अभी तक संशय बना हुआ है।

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग से मंगलवार को पूछा गया कि चीन की ओर से समिट में कौन शामिल होगा। उन्होंने कहा कि चीन ब्रिक्स सहयोग को बहुत महत्व देता है और भारत के सफल सम्मेलन आयोजित करने का समर्थन करता है। हालांकि, उन्होंने चीनी डेलिगेशन या जिनपिंग की मौजूदगी पर कोई साफ जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई नई जानकारी होगी तो उसे बताया जाएगा।

क्या है चीन की चुप्पी की वजह?

नई दिल्ली में 11 सितंबर से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने की बात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन कर चुके हैं। लेकिन चीन की तरफ से अभी तक पुष्टि नहीं की गई है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग आएंगे या नहीं। जबकि बिश्केक में पिछले महीने अंत में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलम में शी जिनपिंग के शामिल होने की पुष्टि बीजिंग ने करीब 10 दिन पहले कर दी थी।

मोदी ने 2025 में शी को दिया था न्योता

भारत ने अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के दौरान शी जिनपिंग को 2026 ब्रिक्स समिट में आने का न्योता दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जिनपिंग ने मोदी के न्योते के लिए धन्यवाद दिया था और भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का समर्थन किया था। लेकिन न्योता मिलने का मतलब जिनपिंग का सम्मेलन में आना तय होना नहीं है।

जिनपिंग की भारत यात्रा क्यों होगी खास?

शी जिनपिंग की यात्रा पर सबकी नजर इसलिए भी क्योंकि अगर वो दिल्ली आते हैं तो 2019 के बाद उनकी ये पहली भारत यात्रा होगी। जिनपिंग की संभावित मौजूदगी इस सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक होगी। सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की भी व्यापक उम्मीद है। दोनों देशों के बीच जटिल संबंधों के बीच ब्रिक्स का मंच उच्चस्तरीय संवाद का एक और रास्ता उपलब्ध करा सकता है।

स्वर्गीय सुदिव्य कुमार की स्मृति में शोकसभा आयोजित, पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

माननीय मंत्री स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार की स्मृति में आज दिनांक 09 सितंबर 2026 को अपराह्न 5:00 बजे FFP Building के Meeting Hall में शोकसभा का आयोजन किया गया।

शोकसभा में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड सरकार के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ-साथ Project Building में कार्यरत विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने उपस्थित होकर दिवंगत माननीय मंत्री जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के जीवन, व्यक्तित्व, जनसेवा तथा उनके कार्यों को समर्पित एक विशेष Tribute Video भी प्रदर्शित किया गया। वीडियो के माध्यम से उनके सार्वजनिक जीवन की स्मृतियों, महत्वपूर्ण कार्यों एवं राज्य तथा जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने भावपूर्ण वातावरण में उन्हें याद किया।

शोकसभा के दौरान वक्ताओं ने स्वर्गीय श्री सुदिव्य कुमार के सरल एवं सहज व्यक्तित्व, जनसेवा के प्रति समर्पण तथा राज्य के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद करते हुए उनके असामयिक निधन को राज्य के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें सादर नमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित की।

— पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग

झारखंड सरकार

जल जीवन मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली 8 जल सहियाओं को मिला विशेष सम्मान

श्री अबु इमरान, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी रूप से संचालन एवं रख-रखाव में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राज्य की 8 जलसहियाओं को विशेष प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। सचिव ने इन जल सहायिकाओं के काम की तारीफ़ की और झारखंड की सभी दूसरी जल सहायिकाओं को भी ऐसा ही करने के लिए प्रोत्साहित किया। नेपाल हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जल सहिया दीदी ने अपने अनुभव भी साझा किया।

सम्मानित होने वाली जलसहियाओं में बोकारो जिले की 5 तथा रांची जिले की 3 जलसहिया शामिल हैं।

सम्मानित जलसहियाओं ने अपने-अपने ग्राम एवं पंचायतों में जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के साथ सक्रिय समन्वय एवं सहभागिता करते हुए जल जीवन मिशन की योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था में आने वाली समस्याओं की पहचान एवं सूचना, जल की सुरक्षित गुणवत्ता, जल संरक्षण तथा पानी के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति समुदाय को जागरूक करने में भी सराहनीय योगदान दिया है।

जलसहियाएं ग्रामीण परिवारों को उपयोगकर्ता शुल्क के महत्व के प्रति जागरूक करने तथा जल एवं स्वच्छता समिति के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इससे योजनाओं के संचालन एवं आवश्यक रख-रखाव के लिए स्थानीय स्तर पर सामुदायिक योगदान को बढ़ावा मिलता है।

यह सम्मान जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में जल सहियाओं की वास्तविक कार्य, कार्य स्थल पर होने वाले चुनौतियों का समाधान करते हुए उनकी भूमिका औरयोगदान को पहचानने एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। साथ ही यह अन्य जल सहियाओं और ग्रामीण समुदायों को योजनाओं के सतत संचालन एवं जल सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा।

जल जीवन मिशन का लक्ष्य केवल ग्रामीण परिवारों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित एवं दीर्घकालिक जल सेवा सुनिश्चित करना है। इन जल सहिया दीदियों के माध्यम से मासिक जल शुल्क नियमित रूप से संग्रह किया जा रहा है।पानी के टैक्स से इकट्ठा हुए पैसे का इस्तेमाल प्लंबर और पंप ऑपरेटरों की मासिक सैलरी देने, मरम्मत करने और पीने के पानी की सप्लाई स्कीम के संचालन और रखरखाव के लिए किया जाता है।

==============

##teamprd

सरायकेला-खरसावां जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं ने घेरा उपायुक्त कार्यालय, सौपा ज्ञापन

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि जब तक झामुमो और कांग्रेस की सरकार छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेती है और परीक्षाओं में की गई धांधली की जांच सीबीआई से नहीं कराती है, तब तक भाजपा के कार्यकर्ता छात्रों के साथ किए गए अन्याय के विरोध में सड़कों पर उतर कर विरोध करते रहेंगे। वे सरायकेला- खरसावां जिला संगठन के द्वारा आयोजित जिला मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उक्त बातें कही।

श्री साहू ने कहा कि आज झारखंड भ्रष्टाचार के मामले में नित नए रिकॉर्ड कायम करती जा रही है। झारखंड सरकार के मुखिया के नेतृत्व और संरक्षण में झारखंड के बालू, कोयला, पत्थर, जमीन आदि को बेची जा रही है। झामुमो, कांग्रेस और राजद को पैसे की इतनी भूख है कि खनिज संपदाओं को बेचने के बाद अब वह झारखंड के नौनिहालों के सपने, रोजगार और भविष्य को बेचने में लगी हुई है। उन्होंने पूछा कि आखिर ये लोग उतने पैसे का करेंगे क्या?

श्री साहू ने कहा कि झामुमो के द्वारा कभी नारा दिया जाता था कि जल, जंगल, जमीन की रक्षा हमलोग करेंगे। लेकिन सत्ता में आते ही ये लोग जल, जंगल, जमीन का सौदा करने में व्यस्त हो गए। आज झामुमो ने राज्य की क्या हालात बना दी है, यह किसी से छुपी हुई नहीं है। राज्य में विकास के सारे काम ठप हैं, अस्पताल, सड़कें, स्कूल, सबकी हालात खराब है।

उन्होंने कहा कि राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार ने झारखंड में एक से एक कारनामे को अंजाम दिया है। सरकार छात्रों के साथ अन्याय और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने कौड़ी के भाव झारखंड की नौकरी को बाहर के छात्रों के हाथों बेचने का काम की है। हद तो तब हो गयी जब यह पता चला कि जिन छात्रों को झारखंड की स्थानीय भाषा खोरठा की 'ख'और नागपुरी की 'न' की भी जानकारी नहीं है वैसे छात्रों का चयन इस भाषा के विषय के लिए हुआ है। लेकिन जिन छात्रों को इन भाषाओं की जानकारी है उनका चयन ही नहीं हुआ।

श्री साहू ने कहा कि सीजीएल की परीक्षा में बैठेने वाले चयनित छात्रों को देश के बाहर ले जाकर प्रश्न लीक कर के जवाब रटवाये गए, जो प्रश्न रटवाये गए थे उनमें से 150 में से 120 प्रश्न सेम आये थे।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड के छात्रों के द्वारा अपने साथ किये गए अन्याय के खिलाफ संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से जब जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन कर रहे थे। उनको परेशान करने के उद्देश्य से रात में वहां की बिजली कटवा दी गयी, पानी बन्द करवा दिया गया, शौचालय बन्द करवा दी गयी। भारी बारिश में छात्र भीगते रहे लेकिन टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गयी। भाजपा के विरोध के बाद छात्र वहां टेंट लगा सके और 26 दिनों तक अनशन करते रहे।

श्री साहू ने कहा कि झारखंड के छात्र शांतिपूर्ण, संवैधानिक और मर्यादा में रह कर 26 दिनों तक अनशन किया। किसी पुलिस वाले के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। किसी को गाली नहीं दी। झामुमो के गुंडों के द्वारा अपना बैनर झंडा लेकर आंदोलनरत छात्रों को राज्य के कई जिलों में बुरी तरह से पीटा गया। सरकार ने निर्दोष 1000 छात्रों पर मुकदमे दर्ज करा दी। उनको डराने धमकाने हेतु उनके घरों एवं हॉस्टलों में रात के अंधेरे में पुलिस ने छापेमारी की, उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया ताकि वे आंदोलन से हट जाएं।

श्री साहू ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जबतक सरकार छात्रों और दर्ज झूठे मुकदमे वापस नहीं लेती है और परीक्षा में की गई धांधली की जांच सीबीआई से नहीं कराती है तब तक भाजपा सड़कों पर उतर कर सरकार की नीतियों का विरोध करती रहेगी।

श्री साहू ने झारखंड सरकार के द्वारा एमएमडीआर बिल का विरोध करने पर कहा कि यह बिल झारखंड के हित में है। झारखंड सरकार की कोयला और लौह अयस्क पर सेस लगाने की गलत नीति के कारण आज झारखंड के कोयले और लोहे की बिक्री कम हो गई हैं। इसके कारण राज्य सरकार को राजस्व की हानि हो रही है लेकिन इसकी चिंता राज्य सरकार को नहीं है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के संरक्षण में कोयले और लौहे की अवैध खनन हो रही है और सत्ताधारी दलों के नेताओं और बिचौलियों के तिजोरी भर रहे हैं।

झारखंड के कोयले और लोहे की चोरी और लीगल खनन से उत्पादित कोयले और लोहे की कीमत ज्यादा होने के कारण बीसीसीएल और सीसीएल के कोयले की मांग कम हो गयी है जिसके कारण बीसीसीएल और सीसीएल बन्दी के कगार पर पहुंच गई है।

उन्होने लोगों से झामुमो और कांग्रेस के एमएमडीआर बिल के विरोध में फैलाई गई दुष्प्रचार से सावधान रहने की बात कही। कहा कि अगर झारखंड में लीगल तरीके से खनिज पदार्थों का खनन होगा तो झारखंड के गांव, गरीब, मजदूर के घर पैसे आएंगे। यही बात झामुमो और कांग्रेस के नेताओं को पच नहीं रही है।

भाजपा एसआईआर में गड़बड़ी करते पकड़े जाने के बाद बौखलाहट में मनगढंत आरोप मढ़ रही : विनोद पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने एसआईआर को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के बीएलए टू और कई कार्यकर्ताओं को गोड्डा, गढ़वा सहित विभिन्न जिलों में एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी करते रंगे हाथ आम लोगों ने पकड़ा था, ऐसे भाजपाइयों पर एफआईआर भी दर्ज हुई है, अब भाजपा बौखलाहट में एसआईआर पर सवाल उठा कर एक विशेष समुदाय पर निशाना साध रही है। भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह निर्वाचन आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है या राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास किसी प्रकार की गड़बड़ी की जानकारी है तो उससे संबंधित प्रमाण चुनाव आयोग और पदाधिकारियों को उपलब्ध कराए।

महासचिव पांडेय ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग की देखरेख में होने वाली संवैधानिक प्रक्रिया है। इसमें किसी भी व्यक्ति का नाम जोड़ने या हटाने के लिए निर्धारित नियम और दस्तावेजी प्रक्रिया है। यदि कहीं कोई गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और निर्वाचन तंत्र के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का प्रावधान है। भाजपा को किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाने के बजाय ठोस प्रमाण निर्वाचन आयोग के समक्ष रखने चाहिए।

उन्होंने कहा कि संथाल परगना को लेकर भाजपा नेताओं की भाषा दुर्भाग्यपूर्ण है। मतदाता सूची में किसी नाम, उम्र या पते से जुड़ी त्रुटि को सीधे बांग्लादेशी घुसपैठ से जोड़ना उचित नहीं है। यदि किसी व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का प्रयास किया है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन कुछ मामलों के आधार पर पूरे समुदाय विशेष को संदेह के घेरे में खड़ा करना गलत है।

महासचिव पांडेय ने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि जिन मामलों का वह उल्लेख कर रही है, उनमें निर्वाचन आयोग अथवा सक्षम प्रशासन ने क्या निष्कर्ष दिया है। केवल आरोप लगा देने से कोई व्यक्ति अपात्र या कोई मतदाता सूची गलत साबित नहीं हो जाती।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एसआईआर जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक रंग देकर समाज में भ्रम और अविश्वास पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी वास्तविक गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन राजनीतिक आरोपों के आधार पर लाखों मतदाताओं की निष्ठा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।

धन्यवाद