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बलिया:रसड़ा सेंट मैरिज स्कूल में 1300 छात्रों ने दी अखिल भारतीय राजभाषा हिंदी ओलंपियाड परीक्षा; प्रदेश में सर्वाधिक भागीदारी
संजीव सिंह रसड़ा (बलिया)। सेंट मैरिज स्कूल, रसड़ा में महात्मा गांधी राजभाषा हिंदी प्रचार संस्था द्वारा आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा हिंदी ओलंपियाड परीक्षा का शुभ एवं सफल आयोजन किया गया। परीक्षा में विद्यालय के लगभग 1300 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे इस विद्यालय ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक प्रतिभागिता का गौरव हासिल किया। परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति प्रेम, सम्मान एवं जागरूकता विकसित करना, राष्ट्रभाषा हिंदी के महत्व से परिचित कराना तथा आधुनिक युग में हिंदी के बढ़ते उपयोग और महत्त्व को समझाना बताया गया। बच्चों ने अनुशासन एवं उत्साह के साथ परीक्षण में हिस्सा लेकर हिंदी के प्रति अपनी रुचि और निष्ठा का परिचय दिया। विद्यालय के मैनेजर फादर जॉन अब्राहम, प्रधानाचार्या सिस्टर मर्सी दास और उप-प्रधानाचार्या सिस्टर बेनेडिक्ट के मार्गदर्शन में परीक्षा का समुचित एवं सुव्यवस्थित संचालन हुआ। अखिल भारतीय राजभाषा हिंदी ओलंपियाड परीक्षा के संचालक पियूष त्रिपाठी ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही विद्यालय की शिक्षिकाएँ शशिकला, सुनीता सिंह, हरदीप कौर, लीला चौहान, लाखन सिंह तथा उदय प्रजापति ने विद्यार्थियों को प्रेरित करने और परीक्षा संचालन में सराहनीय योगदान दिया। विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भविष्य में भी हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के शैक्षिक कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे। आयोजन की सफलता से विद्यालय एवं स्थानीय शैक्षिक माहौल में हिंदी के प्रति और भी व्यापक जागरूकता उत्पन्न होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बलिया जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा कायाकल्प अभियान पर कड़ी चेतावनी — लापरवाही पर बीईओ/बीडीओ का वेतन रोकने के आदेश
संजीव सिंह बलिया! जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बेसिक शिक्षा विभाग के कायाकल्प अभियान की 19 बिंदुओं की समीक्षा बैठक में भारी नाराजगी जताते हुए कई खंडों में प्रशिक्षण व बुनियादी सुविधाओं के कामों में हो रही लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। बैठक में अधूरे कार्य मिलने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के खिलाफ तुरन्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए और कुछ अधिकारियों का वेतन रोकने का भी आदेश जारी किया गया। बिजली कनेक्शन नहीं हुआ जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के 26 विद्यालयों में अभी तक विद्युत कनेक्शन नहीं कराया गया है। सर्वाधिक छह विद्यालय सीयर, चार बेरुआरबारी, तथा तीन-तीन विद्यालय नगरा, बांसडीह और रसड़ा विकासखंडों में हैं। इस मामले में संबंधित बीईओ का वेतन रोका गया और एक सप्ताह के भीतर सभी विद्यालयों में बिजली कनेक्शन कराने का सख्त निर्देश दिया गया; निरीक्षण में कमी पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। किचन शेड व दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएं अधूरी किचन शेड निर्माण में भी लापरवाही सामने आई है। सीयर में आठ, हनुमानगंज में छह, दुबहड़ व सोहांव में चार-चार विद्यालयों में निर्माण अधूरा पाया गया है; संबंधित बीडीओ व बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीडब्ल्यूएसएन (दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं) के काम में गड़वार के 38, सीयर के 35, बैरिया के 29, मुरलीछपरा के 27 तथा पंदह के 22 विद्यालयों में कार्य लंबित पाए जाने पर भी संबंधित अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। बाउंड्रीवाल व क्लासरूम टाइलिंग में भी सुस्ती मनियर, गड़वार, सीयर, दुबहड़ और नगरा के विद्यालयों में बाउंड्रीवाल निर्माण धीमी गति का पाया गया; जिलाधिकारी ने तत्काल निर्माण पूरी कराने की चेतावनी दी। नवानगर, सीयर, मनियर, बैरिया और बांसडीह में क्लासरूम फ़्लोर टाइलिंग के कार्य में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण कर चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। बारिश-बाढ़ के मद्देनज़र स्वास्थ्य निर्देश बरसात और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में मेडिकल चेकअप, नि:शुल्क दवा वितरण, पेयजल गुणवत्ता जांच, पानी की टंकियों की सफाई तथा ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित विद्यालयों में विशेष मेडिकल टीम तैनात करने और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। दूसरे प्रभावित स्कूलों के लिए नई जमीन व निर्माण प्रस्ताव जिलाधिकारी ने बताया कि महाराजपुर, गोपालपुर टांडी और भोजपुरवा में कटान के कारण विद्यालय क्षतिग्रस्त होकर पानी में समा गए हैं। इन स्थानों पर नए विद्यालय निर्माण के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार करने तथा तत्काल नई जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। शैक्षिक ब्योरा व कंडम घोषित इमारतें सभी बीईओ से जिले के विद्यालयों का विस्तृत विवरण मांगा गया है—कहाँ विद्यालय हैं, कहाँ नहीं, कितने जर्जर हैं, कितने ध्वस्त हो चुके हैं, किन भवनों को पीडब्ल्यूडी ने कंडम घोषित किया है तथा किनकी नीलामी हो चुकी है। कंडम घोषित भवनों को तत्काल ध्वस्त कराने के भी निर्देश दिए गए। अन्य निर्देश जिन विद्यालयों में किचन शेड नहीं है और बाहर भोजन बन रहा है, उनकी फोटो व वीडियो उपलब्ध कराकर शीघ्र किचन शेड निर्माण कराया जाए। जिन विद्यालयों के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं, वहां एक सप्ताह के भीतर तार हटाने के कार्य सुनिश्चित किए जाएं। जिन विद्यालयों के बच्चों के लिए ड्रेस, किताब व अन्य सामग्री की धनराशि भेजी जा चुकी है, वहाँ प्रधानाध्यापकों से सूची लेकर सुनिश्चित किया जाए कि बच्चे निर्धारित ड्रेस पहनकर आ रहे हैं। सभी कक्षों पर देश की महान विभूतियों के नाम अंकित किए जाएं; यह कार्य 15 अगस्त तक पूरा किया जाए। नामांकन अभियान में अधिकांश ब्लॉकों में प्रगति संतोषजनक न होने पर जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि नामांकन लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह एवं सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
संघर्ष से मिली जीत: मलप हरसेनपुर के रिपुंजय सिंह TGT चयनित, गांव में खुशी
संजीव सिंह बलिया! — बलिया जिले के नगरा क्षेत्र के मलप हरसेनपुर गांव निवासी रिपुंजय सिंह ने TGT (Trained Graduate Teacher) परीक्षा में चयन प्राप्त किया। लगभग 52–53 वर्ष की आयु में मिली यह नियुक्ति स्थानीय समाज में संघर्ष और धैर्य की जीत के रूप में देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार, रिपुंजय सिंह वर्षों से निजी विद्यालयों में अध्यापन कार्य कर रहे थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने निरन्तर पढ़ाई व शिक्षा के क्षेत्र में सक्रियता बनाए रखी। उनकी पढ़ाई में निरन्तरता और अनुभव का फलस्वरूप वे TGT पद हेतु आयोजित परीक्षा में सफल रहे। रिपुंजय के पारिवारिक जीवन में हाल ही में गंभीर व्यक्तिगत कठिनाइयाँ आईं। उनकी पत्नी वर्तमान में गंभीर स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं और इस वर्ष होलिका दहन के दिन हुए एक सड़क हादसे में उनके बड़े पुत्र की मृत्यु हो गई। इन परिस्थितियों के बावजुद उन्होंने परीक्षा की तैयारी में लगातार मेहनत जारी रखी और सफलता प्राप्त की। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि चयन की खबर मिलते ही गांव में खुशी का वातावरण व्याप्त हो गया। ग्रामीण व पड़ोसी रिपुंजय को बधाई दे रहे हैं तथा उनकी उज्ज्वल भविष्य और परिवार के शीघ्र स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं। बलिया पॉइंट की ओर से रिपुंजय सिंह को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी गई है।
रसड़ा (बलिया): लेखपाल पर वरासत आवेदन निरस्त कर रिश्वत माँगने का आरोप; ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
संजीव सिंह बलिया!रसड़ा तहसील अंतर्गत ग्राम तियरा हैदरपुर में वरासत (उत्तराधिकार) प्रकरण को लेकर विवाद उभरा है। आवेदक ने आरोप लगाया है कि ग्राम लेखपाल संध्या पटेल ने उसके द्वारा नियमानुसार ऑनलाइन दायर वरासत आवेदन संख्या 2026019300977004212 को "विवादित" बताते हुए निरस्त कर दिया और आगे कार्य कराने के नाम पर ₹1,000 मांगे। आवेदक का कहना है कि उसने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन बाद में उसे सूचित किया गया कि मामला विवादित है। उपलब्ध आवेदन सारांश में भी वही आवेदन संख्या 2026019300977004212 दर्ज है और लेखपाल की जांच आख्या में मामला "विवादित" तथा संक्षिप्त टिप्पणी में "आवेदन त्रुटिपूर्ण है" लिखा गया है। आवेदक ने आरोप लगाया है कि इसके बाद लेखपाल ने मामले को आगे कराकर निपटाने के एवज में नकद मांग की। स्थानीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं उच्च राजस्व अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और रिश्वत माँगने के आरोपों की सत्यता की पड़ताल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि ऐसा व्यवहार राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाता है और लोगों में सरकारी व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा कर सकता है। न्यायिक या प्रशासनिक पुष्टि नहीं: उल्लेखनीय है कि रिश्वत माँगने का यह आरोप आवेदक द्वारा लगाया गया है। इस समाचार के समय तक संबंधित लेखपाल या अधिकारियों का कोई आधिकारिक पक्ष या पुष्टि उपलब्ध नहीं है। अधिकारिक जांच व जवाबदेही के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है।
पंदह में गहमागहमी डकिनगंज के सहायक अध्यापक पर अश्लीलता के आरोप, बीएसए ने तुरंत निलंबित किया; जांच अधिकारी BEO नवानगर नियुक्त
संजीव सिंह बलिया!पंदह/नवानगर, 28 जुलाई 2026 को — उच्च प्राथमिक विद्यालय डकिनगंज के सहायक अध्यापक अक्षय लाल यादव पर छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने के गंभीर आरोप लगाए जाने पर बीएसए मनीष कुमार सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में वह शिक्षा क्षेत्र नवानगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय गाजीपाकड़ से सम्बद्ध रहेंगे। सूचना के अनुसार कुछ दिनों से विद्यालय की एक छात्रा को स्मार्ट क्लास के कमरे में अकेला ले जाकर अनुचित व्यवहार किए जाने की बात बच्चों ने परिवारों को बताई। यह सुनकर भारी संख्या में अभिभावक मंगलवार को स्कूल पहुंच गए और हंगामा कर दिया। आरोपों के विरोध में ग्रामीण और अभिभावक सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। खंड शिक्षा अधिकारी की त्वरित जांच में सामने आया कि अध्यापक दिनचर्या के दौरान लगातार उस विशेष छात्रा को स्मार्ट क्लास में अकेला ले जाया करते थे। बच्चों ने बताया कि विरोध करने पर उन्हें धमकी दी जाती थी कि उनके नाम काट दिए जाएंगे। विद्यालय के अन्य शिक्षकों द्वारा विरोध करने पर भी संबंधित अध्यापक ने झगड़ा किया, ऐसा भी आरोप रिपोर्ट में उल्लेखित है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक वीर बहादुर और अन्य शिक्षकों तथा अभिभावकों ने हस्ताक्षरित शिकायत बीईओ को भेजकर आरोपों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। पहली नज़र में मामले को गंभीर मानते हुए बीएसए ने निलंबन का आदेश जारी किया और कहा कि उक्त कृत्य छात्राओं की सुरक्षा और स्कूल के शैक्षिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। बीएसए ने यह भी कहा कि अध्यापक का व्यवहार उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (आचरण एवं अपील) नियमावली-1999 के विपरीत है। जांच और आगे की प्रक्रिया बीएसए ने पंकज कुमार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी नवानगर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि आरोपों के आधार पर संबंधित अध्यापक के विरुद्ध आरोप पत्र अधोस्ताक्षरी कराकर अपचारी कर्मचारी का लिखित अभिकथन प्राप्त करें और 15 दिवस के अंदर तथ्यपरक सुसंगत जांच आख्या प्रस्तुत करें। निलंबन अवधि में आरोपी को वित्तीय नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय रहेगा। ध्यान रहे कि शिक्षण संस्थाओं में छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अभिभावक एवं ग्रामीणों ने कड़ी कार्यवाही की मांग की है और आवश्यकता पड़ी तो वे पुलिस में भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
सरकारी नौकरी में घुसपैठ:फर्जी दस्तावेजों से नौकरी: सहायक अध्यापक पर मुकदमा, गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
संजीव सिंह नगरा बलिया!कंपोजिट विद्यालय बेलसड़ी (शिक्षा क्षेत्र नवानगर) में तैनात सहायक अध्यापक शिवनाथ यादव के खिलाफ नगरा थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में सोमवार देर शाम मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग के सत्यापन में शिक्षक द्वारा नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए शैक्षिक और अन्य दस्तावेज़ संदिग्ध पाए गए। विस्तृत जांच में वे दस्तावेज़ कूटरचित (फर्जी) होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष सिंह ने 28 अप्रैल को उनकी सेवा समाप्त कर दी थी।

खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। नगरा थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा, "फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ विभाग बेरहम है; हम किसी भी प्रकार के शोषण और अनियमिता को बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
सरकारी नौकरी में घुसपैठ:फर्जी दस्तावेजों से नौकरी: सहायक अध्यापक पर मुकदमा, गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
संजीव सिंह नगरा बलिया!कंपोजिट विद्यालय बेलसड़ी (शिक्षा क्षेत्र नवानगर) में तैनात सहायक अध्यापक शिवनाथ यादव के खिलाफ नगरा थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में सोमवार देर शाम मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग के सत्यापन में शिक्षक द्वारा नियुक्ति के समय प्रस्तुत किए गए शैक्षिक और अन्य दस्तावेज़ संदिग्ध पाए गए। विस्तृत जांच में वे दस्तावेज़ कूटरचित (फर्जी) होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष सिंह ने 28 अप्रैल को उनकी सेवा समाप्त कर दी थी।

खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह की तहरीर पर मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। नगरा थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा, "फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वालों के खिलाफ विभाग बेरहम है; हम किसी भी प्रकार के शोषण और अनियमिता को बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
त्रयोदशी संस्कार में शोकसंतप्त परिजनों से मिले राजनीतिक और सामुदायिक नेता; डॉ. अवधेश सिंह को दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि
संजीव सिंह बलिया! उरैनी ( नगरा) — 27 जुलाई 2026: डिहवा(जुड़नपूर इंटर कॉलेज )के प्रधानाचार्य अश्वनी सिंह "गुड्डु" और जनता इंटर कॉलेज के वरिष्ठ अध्यापक अंजनी कुमार सिंह के बड़े भाई, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवधेश सिंह का उनका निधन 15 जुलाई 2026 को हुआ था। आज उनके पैतृक गांव उरैनी में आयोजित त्रयोदशी संस्कार एवं ब्रह्मभोज के अवसर पर क्षेत्र की कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए परिवार से मुलाकात की और दिवंगत आत्मा को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी समेत विभिन्न पार्टियों के क्षत्रीय नेता उपस्थित रहे और उन्होंने शोकाकुल परिवार के साथ मिलकर दिवंगत की आत्मा की शांति की प्रार्थना की। परिजनों ने उपस्थित अतिथियों का भावपूर्ण स्वागत किया और श्रद्धांजलि ग्रहण की। इस मौके पर शोकाकुल परिवार में दिनेश कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, चित्रसेन, उग्रसेन समेत अन्य परिजन मौजूद रहे। परिवारजनों और नेताओं ने कहा कि डॉ. अवधेश सिंह समाज के लिए समर्पित थे और अपने चिकित्सा सेवा के माध्यम से लोगों की सहायता करते रहे। उपस्थित नेताओं ने शोक संतप्त परिवार को धैर्य रखने की प्रेरणा दी तथा स्थानीय समाजसेवा व सामुदायिक कार्यों में उनके योगदान को याद किया। शोक सभा में आए नेताओं व स्थानीय नागरिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर दिवंगत की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की। शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए कहा गया कि ईश्वर उन्हें इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करे। ॐ शांति। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
बलिया:शहीद शिक्षामित्रों की याद में बलिया में श्रद्धांजलि सभा, जिलाधिकारी को सौंपा मुख्यमंत्री को ज्ञापन, समायोजन-मानदेय व सेवा-आयु बढ़ानेकीमांग
संजीव सिंह बलिया, 25 जुलाई 2026 — को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह के नेतृत्व में आज प्रदेश कमेटी के आव्हान पर बलिया जिला मुख्यालय पर विशाल श्रद्धांजलि सभा और प्रदर्शन आयोजित किया गया। सभा में 25 जुलाई 2017 के उस सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का जिक्र कर शहीद हुए शिक्षामित्रों को श्रद्धांजलि दी गई, जिसका असर अब भी शिक्षामित्र परिवारों पर गहरा है और जिसका असरकारण कई शिक्षामित्रों का असामयिक निधन भी हुआ है। कार्यक्रम के बाद शिक्षामित्रों ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित लंबा ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 26 वर्षों से कार्यरत शिक्षामित्रों की बकाया समस्याओं को तत्काल हल करने की मांग की गई है। संघ ने मुख्यतः निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया: शासनादेश 03 जनवरी 2025 के बावजूद अधिकांश जनपदों में मूल विद्यालय वापसी व महिला शिक्षामित्रों का पति के निवास के निकट समायोजन कार्य पूरा नहीं हुआ; इससे कई शिक्षामित्र प्रतिदिन 80–90 किमी दूर से विद्यालय जा रहे हैं। इस प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराने की अपील। लगभग 60 हजार शिक्षामित्र जो टीईटी/एनसीटीई अर्हता रखते हैं, उन्हें सुपर टीईटी से छूट देकर सीधे शिक्षक पद पर समायोजित किया जाए। सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की जाए। वर्तमान में 11 माह के स्थान पर 12 माह का मानदेय दिया जाए। भविष्य में आयोजित होने वाली विशेष टीईटी परीक्षा में शिक्षामित्रों को शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाए। दिवंगत शिक्षामित्रों के आश्रित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए और पात्रता के अनुसार परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रांतीय संयुक्त मंत्री अखिलेश पांडेय, जिला प्रवक्ता निर्भय नारायण राय, श्याम नन्दन मिश्रा, जिला मीडिया प्रभारी परवेज अहमद सहित अनेक जिला व ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम में अध्यक्षों व नेताओं की सूची में हरेराम यादव, सत्येंद्र मौर्य, अजय सिंह, मंजूर हुसैन, इन्द्रकेश चौहान, अखिलेश वर्मा,  भृगुनाथ शर्मा, लाल जी वर्मा, फैसल अजीज, शिवकुमार सिंह, सुग्रीव साहनी सहित दर्जनों शिक्षामित्र मौजूद रहे। संघ ने कहा कि मुख्यमंत्री से अपेक्षा है कि वे शिक्षामित्रों की व्यावहारिक समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कराएँ। वहीं, यदि शीघ्र समाधान नहीं मिला तो संघ आगामी दिनों में और तीव्र संघर्ष के संकेत दे चुका है।
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG विवाद के बीच दिया इस्तीफा; कहा — छात्रों का भविष्य राजनीति और कानूनी लड़ाई में नहीं उलझना चाहिए
संजीव सिंह बलिया! नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026 — केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए पत्र में लिखा है कि NEET-UG परीक्षा में हुई अनियमितताओं और उसके बाद से उत्पन्न घटनाक्रम ने उन्हें अत्यंत व्यथित किया और इसलिए वे यह कदम उठा रहे हैं। चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि पिछले चार दशक से वे छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और उनका मानना रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही देश की प्रगति की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को करायी गई NEET-UG में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आते ही सरकार ने तुरंत जांच करवाई और मामला सीबीआई को सौंपा गया। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा कराये जाने का निर्णय लिया गया और अगले साल से NEET को पूरी तरह कंप्यूटर-आधारित मोड (CBT) में कराने की घोषणा हुई। धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा कि 20 लाख से अधिक छात्रों की निष्पक्ष और सुचारु परीक्षा कराना उनकी प्राथमिकता थी। केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक करायी गई। 16 जुलाई को घोषित परिणामों में गरीब और वंचित परिवारों के अनेक मेधावी छात्र सफल हुए, पर कुछ जिम्मेदार लोगों ने छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा। मंत्री ने कहा कि हाल के दस दिनों की घटनाओं ने उन्हें बहुत परेशान किया है। यह उनके निजी सम्मान का प्रश्न नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का मामला है। वे नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे या उनका ध्यान पढ़ाई से भटके, इसलिए उन्होंने अपना पद छोड़ने का कठिन निर्णय लिया। अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों तथा शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे सार्वजनिक जीवन में आगे भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करते रहेंगे। राजनीतिक गलियारे में इस्तीफे की प्रतिक्रिया मिलनी बाकी है; विपक्ष ने सख्त शब्दों में सरकार से जवाब मांगा है, जबकि कुछ साझीदारों ने मंत्री के फैसले को साहसिक बताया है। केंद्र एवं राज्य स्तर पर आगे की कार्रवाइयों और संभावित मंत्रालय प्रभारी नाम की घोषणा पर सभी की नजरें टिकी हैं।