आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने ग्राम स्तर पर विवादों के वाद-मुक्त देवीपाटन: संवाद से समाधान
*बलरामपुर मॉडल पर छात्र-छात्राओं को फोल्डेबल स्टडी टेबल उपलब्ध कराने के निर्देश, विकास कार्यों व राजस्व वसूली की भी हुई मंडलीय समीक्षा*
*गांवों के विवाद अदालत पहुंचने से पहले सुलझें, पांच सदस्यीय मध्यस्थता टीम बनाएंगे अधिकारी: आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल*
*विकास कार्यों में तेजी और राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश, आयुक्त ने डीएम-सीडीओ के वर्चुअल की मंडलीय समीक्षा*
*ग्रामीण विवादों का गांव में ही समाधान हो, समय और धन की बचत प्रशासन की प्राथमिकता: आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल*
गोण्डा, 17 जुलाई 2026।
देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडल के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों, मुख्य विकास अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में ग्राम स्तर पर उत्पन्न होने वाले विवादों के समयबद्ध एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए नई रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही विकास कार्यों, राजस्व वसूली तथा कर एवं करेत्तर राजस्व की मंडलीय समीक्षा भी की गई।
बैठक में आयुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर पारिवारिक विवाद, सीमा एवं रास्ता विवाद, खेत की मेड़ एवं भूमि संबंधी विवाद, जल बंटवारा, संपत्ति बंटवारा, छोटी धनराशि की वसूली, पेड़ काटने के विवाद तथा अन्य स्थानीय स्तर के विवाद उत्पन्न होते रहते हैं। इन मामलों का समय पर समाधान न होने के कारण कई बार ये विवाद गंभीर रूप धारण कर लेते हैं और अंततः न्यायालय तक पहुंच जाते हैं। इससे आम नागरिकों का बहुमूल्य समय और धन दोनों व्यर्थ होता है तथा वर्षों तक मुकदमेबाजी चलती रहती है।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसे विवादों के समाधान के लिए *वाद मुक्त देवीपाटन: संवाद से समाधान* कार्यक्रम के तहत ग्राम स्तर पर पांच सदस्यीय मध्यस्थता टीम का गठन किया जाए। यह टीम दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर आपसी सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान कराने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि यदि अधिकांश छोटे विवाद गांव में ही सुलझा दिए जाएं तो न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम होगा, सामाजिक सौहार्द बना रहेगा तथा ग्रामीणों को अनावश्यक आर्थिक एवं मानसिक परेशानी से भी राहत मिलेगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों से इस व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक में आयुक्त ने शिक्षा एवं बालिका सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने बलरामपुर जिले में संचालित फोल्डेबल स्टडी टेबल वितरण मॉडल की सराहना करते हुए मंडल के अन्य जनपदों में भी इसे लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' सहित अन्य उपयुक्त योजनाओं एवं संसाधनों के माध्यम से छात्र-छात्राओं के लिए फोल्डेबल स्टडी टेबल की खरीद कर उन्हें वितरित कराया जाए, जिससे बच्चों को घर पर पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके और उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार आए।
इसके उपरांत आयुक्त ने मंडल के सभी जिलों की विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाए तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कर एवं करेत्तर राजस्व तथा राजस्व वसूली की भी मंडलीय समीक्षा की गई। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को वसूली की प्रगति में तेजी लाने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा निर्धारित राजस्व लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रगति पर सतत निगरानी रखें।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल विकास कार्यों को गति देना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक समरसता, त्वरित न्याय, शिक्षा को प्रोत्साहन तथा सुशासन को मजबूत करना भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों से निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा
Jul 18 2026, 17:40
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