/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif StreetBuzz सम्पूर्ण समाधान तहसील ज्ञानपुर में डीएम व एसपी ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर किया निस्तारण Bhadohi
सम्पूर्ण समाधान तहसील ज्ञानपुर में डीएम व एसपी ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर किया निस्तारण


*शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शासन के मंशानुरूप जनशिकायतो के त्वरित निस्तारण एवं कार्यवाही के दृष्टिगत ‘‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’’ जनपद के सभी तहसीलों में आयोजित किया गया। तहसील ज्ञानपुर में  जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी, उप जिलाधिकारी ज्ञानपुर भानसिंह, तहसील औराई में उप जिलाधिकारी, तहसील भदोही में उप जिलाधिकारी अन्य अधिकारियो द्वारा सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित होकर फ़रियादियों की समस्याओ को गंभीरता से सुन कर निस्तारण किया गया।
          सभी तहसीलों में जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम मेें लगायें गये विभिन्न कैम्पो- बाल विकास पुष्टाहार विभाग, आयुष्मान गोल्डेन कार्ड, परिवार नियोजन, समाज कल्याण विभाग द्वारा वृद्धावस्था पेंशन, महिला कल्याण विभाग द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के उन्ययन हेतु विविध योजना मिशन शक्ति, राजस्व विभाग हेल्प डेस्क, जागरूकता हेतु लगाये गये। तहसील ज्ञानपुर में डीएम व एसपी ने निरीक्षण करते हुयें उनके द्वारा लाभार्थियों को दी जाने वाली योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली।
          जिलाधिकारी के समक्ष विभिन्न विभागो से सम्बन्धित तहसील ज्ञानपुर में फरियादियो के द्वारा कुल 35 समस्याओ से अवगत कराया गया। जिसमें से जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा 05 प्रार्थना पत्रो को मौके पर ही निस्तारित करते हुये शेष 30 प्रार्थना पत्रो को सम्बन्धित विभाग के अधिकारियो को निर्धारित समय सीमा के अन्दर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निस्तारित करने का निर्देश दिया गया। 
          जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में शिकायतकर्ताओं की संतोषजनक आख्या प्राप्त नहीं हो रही है, जिसके कारण प्रकरणों को पुनः विस्तारित जांच हेतु संबंधित अधिकारियों को वापस भेजा जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों को छोड़कर शेष शिकायतों का निस्तारण आपसी सहमति, निष्पक्ष जांच एवं तथ्यों के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि जांच आख्या विस्तृत, तथ्यपरक एवं स्पष्ट होनी चाहिए ताकि शिकायतकर्ता को न्याय मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को एआई टूल्स के माध्यम से बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण ड्राफ्टिंग तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी एडीओ पंचायत, तहसील के लेखपालों एवं संबंधित कर्मचारियों को संवेदनशील बनाते हुए रिपोर्टिंग की गुणवत्ता में सुधार लाने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जांच के दौरान संबंधित शिकायतकर्ता के साथ मौके पर जाकर जीपीएस आधारित फोटो अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए, जिससे जांच की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि लापरवाही अथवा शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
           पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने कहा कि राजस्व संबंधित मामलों में कानूनगो ,लेखपाल व पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण, सत्यापन कर एक हफ्ते के अन्दर निस्तारण करने का निर्देश दिया। संयुक्त टीम मौके पर जाकर दोनो पक्षों व गवाहों के साक्ष्य लेते हुए स्पॉट नोट तैयार कर उसपर हस्ताक्षर कराये। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि जो मामले या विवाद बार–बार आ रहे है, उनकी सूची बनाकर पुलिस के साथ मिलकर मामले का निस्तारण करना सुनिश्चित करायें। सम्पूर्ण समाधान दिवस पर तीनों तहसील में उपर्युक्त अधिकारियों द्वारा कुछ फरियादियों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करते हुए शेष निस्तारण के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
            संपूर्ण समाधान दिवस तहसील भदोही में प्राप्त कुल 35 शिकायतों में 06 का त्वरित निस्तारण, तहसील औराई में कुल प्राप्त 80 शिकायतों में से 06 का त्वरित निस्तारण किया गया।
भदोही में 'स्कूल चलो अभियान' रैली:शत-प्रतिशत नामांकन के लिए बच्चों संग अभिभावक भी हुए शामिल

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। विकास क्षेत्र भदोही के कंपोजिट विद्यालय भुलईपुर में 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण के तहत एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत स्कूल में नामांकन सुनिश्चित करना और शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है।

रैली के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राएं हाथों में 'स्कूल चलो अभियान' से संबंधित आकर्षक पोस्टर, बैनर और तख्तियां लेकर चल रहे थे। बच्चों ने गगनभेदी नारों और शिक्षाप्रद उद्घोषों के माध्यम से पूरे गांव का भ्रमण किया।

बच्चों के इस उत्साह को देखकर गांव के अभिभावक भी खुद को रोक नहीं पाए और वे भी शिक्षा की इस अलख को जगाने के लिए बच्चों के साथ रैली में सम्मिलित हुए। बच्चों और शिक्षकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया और उन्हें अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में कराने के लिए प्रेरित किया।

यह विशेष अभियान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शिवम पांडेय एवं खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) यशवंत सिंह के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा से कोई भी बच्चा वंचित न रहे। रैली का नेतृत्व विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशीष कुमार सिंह ने किया।

इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ मुस्तैद रहा, जिसमें सहायक अध्यापक अजय कुमार सिंह, संजय कुमार कुशवाहा, चंद्रभूषण मिश्रा, सूर्य भूषण पटेल, वीरेंद्र कुमार, राजकुमार, अनिल महतो, रविंद्र बच्चन, पंकज कुमार, सुशील कुमार सिंह, राजू यादव, मैंना देवी, ऋषिकेश सिंह और आरती गुप्ता आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने अभिभावकों को विद्यालय में मिलने वाली निःशुल्क सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कांवड़ यात्रा से पहले सड़कों की हालत खराब: तीन प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले मार्गों पर अनगिनत गड्ढे

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सावन माह की शुरुआत से पहले जिले के प्रमुख शिवालयों तक जाने वाले कांवड़ मार्गों की हालत खस्ता है। सड़कों पर अनगिनत गड्ढे और बारिश के कारण जलभराव की स्थिति शिवभक्तों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है। Street Buzz News की टीम ने हाल ही में इन मार्गों का जायजा लिया, जिसमें प्रशासन के दावों के विपरीत सड़कों की खराब स्थिति सामने आई। सावन माह 30 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिसका पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। प्रयागराज के संगम से गंगाजल लेने के लिए कांवड़िया 1 और 2 अगस्त से ही रवाना होना शुरू कर देंगे। जिले के साथ-साथ जौनपुर से भी बड़ी संख्या में शिवभक्त इन्हीं मार्गों का उपयोग करते हैं। प्रशासन द्वारा कांवड़ मार्गों को सुरक्षित और गड्ढामुक्त बनाने के दावे किए गए हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से अलग है। जिले के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी सड़कें और जलभराव की समस्या कांवड़ यात्रियों की यात्रा को कठिन बना सकती है। जिले के प्रमुख शिवालयों में ज्ञानपुर का बाबा हरिहरनाथ मंदिर, गोपीगंज का बाबा बड़े शिव मंदिर, तिलंगा स्थित तिलेश्वरनाथ महादेव मंदिर, चौरी का ओदारनाथ महादेव मंदिर और सेमराधनाथ धाम शामिल हैं।

इनमें से सेमराधनाथ धाम में सर्वाधिक संख्या में कांवड़िया पहुंचते हैं, लेकिन इस प्रमुख आस्था केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग की दशा में सुधार नहीं हो सका है। गोपीगंज नगर के पश्चिमी छोर से तिलंगा होते हुए तिलेश्वरनाथ मंदिर तक करीब छह किलोमीटर लंबा मार्ग है, जिसकी मरम्मत पिछले चार साल से नहीं हुई है। पैचिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है, जिससे इस मार्ग पर भी बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। यदि अगले 10 से 12 दिनों के भीतर इन मार्गों की मरम्मत नहीं की गई, तो शिवभक्तों को कांवड़ यात्रा के दौरान गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

क्या बोले शिवभक्त

पिछले तीन साल से कांवड़ लेकर जाता हूं। 2025 में सेमराध मार्ग कुछ सही था, लेकिन इस बार कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। सावन में सेमराध में काफी श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्रशासन को उक्त मार्ग को बनवाना चाहिए। - कमलेश यादव, पुरवा

शिवालय जाने वाले मार्गों को सही कराना चाहिए। सावन में प्रतिदिन कांवड़ियों के साथ स्थानीय भक्त भी दर्शन-पूजन के लिए मंदिर जाएंगे। सेमराध मार्ग को जल्द सही कराना चाहिए। - प्रिंस सिंह, सेमराध

अवैध कट होंगे बंद, दोनों लेन पर सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम

जिले में आगामी कांवड़ यात्रा के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि हाईवे की दक्षिणी लेन पर संपर्क मार्गों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। इसके लिए स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है। इसके अलावा जहां-जहां शिविर लगते हैं, उनके संचालकों से भी बात कर ली गई है। इस दौरान एक लेन पर वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में उस लेन पर अतिरिक्त फोर्स लगाकर वाहनों की गति नियंत्रित की जाएगी और जगह-जगह बने कटों के सामने बैरिकेडिंग की जाएगी। कांवड़ यात्रा के लिए अतिरिक्त फोर्स की मांग की है।

सेमराधनाथ मार्ग पीएमजीएसवाई का है। जलभराव वाले स्थानों पर पानी निकासी के निर्देश दिए गए हैं। सावन शुरू होने से पहले सड़क को सही करा लिया जाएगा। - संदीप सरोज, एक्सईएन, लोक निर्माण

भदोही में मतदान स्थलों का पुनर्गठन, आयोग के मानकों के अनुसार 30 बूथ समाप्त, 2 नए बूथ प्रस्तावित
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा, राजनीतिक दलों से विमर्श के बाद मतदान स्थल प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा
भदोही 17 जुलाई, 2026ः- जनपद में अवस्थित 03 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों यथा 392-भदोही, 393-ज्ञानपुर, 394-औराई के मतदान स्थलों के सम्बन्ध में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में बैठक कलेक्टेªट सभागार में आयोजित की गई।
         उक्त बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों को अगवत कराया गया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान स्थलों पर अधिकतम 1200 मतदाता ही सम्बद्ध रहेगें। वर्तमान में जनपद में कुल 1404 मतदान स्थल एवं 705 मतदान केन्द्र है। आयोग के नये निर्देश के क्रम में कम मतदाता होने के कारण कुल 30 बूथ के मतदाताओं को अन्य बूथों में समायोजित कराते हुये 30 बूथ समाप्त किये गये है। इस प्रकार अधिक मतदाता होने के कारण 02 नये बूथो की वृद्धी की गयी है। इस प्रकार जनपद में कुल मतदान स्थल 1376 तथा केन्द्र 706 प्रस्तावित है। राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ विचार विमर्श के उपरान्त निर्धारित प्रारूप पर मतदान स्थल प्रस्ताव स्वीकृति हेतु कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी उ0प्र0 लखनऊ को प्रेषित किया जायेगा।
        इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 शुभांगी शुक्ला, व विधायक औराई दीनानाथ भाष्कर, समस्त उप जिलाधिकारी, एवं सम्बन्धित राजैनतिक दलों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
22 वर्ष पुराने भी विवाद में रची गई साजिश का पर्दा पर 25000 का इनामियां गिरफ्तार 5 से 7 करोड़ के हीरोइन रखकर अपने विपक्षी को भिजवाया था जेल
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस शुक्रवार को 22 वर्ष पुराने भूमि विवाद में रची गई सुनियोजित आपराधिक साजिश का पर्दाफाश किया एवं फर्जी मुकदमे में दर्ज कराकर एनडीपीएस एक्ट में झूठा फसाने की साजिश का वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष से खुलासा हुआ। 25000 के इनामियां अभियुक्त पंकज उपाध्याय को जलगांव महाराष्ट्र गिरफ्तार का जेल भेजा। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का जानकारी दी।

गणेश रायपुर निवासी पंकज उपाध्याय अपने साथियों के साथ मिलकर लक्ष्मी शंकर उपाध्याय को एससी एसटी एवं पास को एक्ट के तहत जेल भिजवाया था जिस मामले में लक्ष्मी शंकर जिला कारागार ज्ञानपुर में 9 माह तक बंद रहे जिसमें अपार्ट न्यायाधीश विशेष पास को ने पाया कि वादिनी मुकदमा तथा पीड़िता का नाम तथा पता ही फर्जी था तथा पिता की आयु के संबंध में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज दाखिल किया गया था जिसके आधार पर न्यायालय ने लक्ष्मी शंकर को निर्दोष कर दिया एवं विनीता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया विवेचना में पता चला कि पंकज उपाध्याय हुआ लक्ष्मी शंकर उपाध्याय से वर्षों पुरानी भूमि विवाद चल रहा था जिसे पंकज उपाध्याय कब्जा करना चाहता था जिसको लेकर लक्ष्मी शंकर पर दबाव बनाने का प्रयास करता रहा लक्ष्मी शंकर उपाध्याय अत्यंत गरीब हैं आर्थिक स्थिति कमजोर है जिसका फायदा पंकज उपाध्याय खा रहा था पंकज उपाध्याय ने साजिश रच कर लक्ष्मी शंकर उपाध्याय को वाराणसी भाजपा कार्यालय में गाड़ी लगवाने के बहाने बुलाया और उनके आर्टिका कर में 940 ग्राम हीरोइन ड्रग्स रख कर पकड़वा दिया। जिसका अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 5 से 7 करोड़ कीमत बताई गई । इस मामले में लक्ष्मी शंकर 6 माह तक जेल में रहे और अपने आप को निर्दोष बताते हुए सुरियावां थाने में तहरीर देखकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिस मामले का जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को बड़ी साजिश की तथ्य सामने आया। पुलिस अपने विवेचना के दौरान सीडीआर मोबाइल लोकेशन एवं सीटीटीवी फुटेज से साजिश की परतें खोली और मामले का खुलासा करते हुए 25000 इनामियां अभियुक्त पंकज उपाध्याय को गिरफ्तार किया।

एनडीपीएस एक्ट में झूठा फसाने की बनाई गई योजना

पास्को मामले में खड्यंत्र रचने के कारण जवाबी मुकदमा दर्ज होने के बाद बदला लेने और लक्ष्मी शंकर उपाध्याय के परिवार को परेशान करने की नीयत से पंकज उपाध्याय ने सुनील पासी एवं अन्य साजिश कर्ताओं के साथ मिलकर लक्ष्मी शंकर उपाध्याय को एनडीपीएस में फसाने के लिए एक योजना तैयार किया । इसके लिए प्रयागराज से सहयोगियों को बुलाया गया। अलग-अलग वाहनों की व्यवस्था की गई तथा फर्जी पहचान एवं मोबाइल नंबरों का उपयोग करते हुए 65000 प्रति माह पर गाड़ी बड़े कार्यालय में लगाने का बहाना बनाकर पूरी योजना तैयार की गई। 25 दिसंबर 2025 को योजना के अनुरूप लक्ष्मी शंकर उपाध्याय को अपनी गाड़ी अर्टिगा लेकर वाराणसी के लिए रवाना कराया गया। इस गाड़ी का पीछा पंकज उपाध्याय तथा उसके साथियों द्वारा बोलेरो से किया गया। खड्यंत्र के तहत एक व्यक्ति लक्ष्मी शंकर की गाड़ी में सिंहपुर नहर पुलिया से बैठा दिया गया जो लक्ष्मी शंकर की गाड़ी के पीछे बैठ गया गाड़ी में बैठा व्यक्ति लक्ष्मी शंकर से बहाना बनाकर कछवा हाईवे पर उतर गया। उसके तुरंत बाद एएनटीएफ ने मडुआडीह थाने क्षेत्र में लक्ष्मी शंकर की गाड़ी को धर लिया जिसमें तलाशी लेने पर लगभग 940 ग्राम हीरोइन बरामद की गई। जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 5 से 7 करोड़ के बीच है। लक्ष्मी शंकर को गिरफ्तार कर वाराणसी जेल भेजा गया था। इस षड्यंत्र के उच्च स्तरीय जांच में लक्ष्मी शंकर निर्दोष पाया गया जिसमें लक्ष्मी शंकर लगातार 6 महीने जेल में रहा।

पैतृक भूमि कब्जा करना बना अपराधिक षड्यंत्र की मुख्य वजह

केवल शंकर उपाध्याय एवं उनके भाई लक्ष्मी शंकर उपाध्याय का अभियुक्त पंकज उपाध्याय से पैत्रिक भूमि को कब्जा करना चाहता था। अभियुक्त लगातार पैतृक भूमि पर छल कपट कर कब्जा करने एवं वादी परिवार पर दबाव बनाने का प्रयास करता रहा केवला शंकर उपाध्याय और लक्ष्मी शंकर उपाध्याय अत्यंत गरीब है आर्थिक स्थिति कमजोर है उनका लड़का मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर है। केवला शंकर के भाई लक्ष्मी शंकर की एक विकलांग पुत्री है, घर में और कोई मजबूत सदस्य नहीं है। पंकज उपाध्याय इन लोगों से दबाव देकर जमीन हड़पना चाहता था एवं काफी समय पूर्व से भी पंकज उपाध्याय व केवला शंकर के परिवार की तनावपूर्ण माहौल था। किसी भी पंकज उपाध्याय अपने साथी सुनील सरोज निवासी बिझवनिय जनपद प्रयागराज उसके गांव पूजा सरोज के साथ मिलकर लक्ष्मी शंकर उपाध्याय के खिलाफ पास्को एक्ट एससी एसटी के तहत मुकदमा दर्ज कराया जिसमें 9 माह तक लक्ष्मी शंकर जेल में रहे न्यायालय ने उन्हें निर्दोष साबित किया और पीड़िता को दोषी मानते हुए जेल भेजा।

साजिश कर्ताओं के विरुद्ध लक्ष्मी शंकर उपाध्याय ने दर्ज कराया मुकदमा


पीड़ित लक्ष्मी शंकर उपाध्याय भदोही जनपद के सुरियावा थाने में साजिशकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जिसमें लगातार पंकज उपाध्याय फरार चल रहा था।

आपराधिक खड्यंत्र करके लोगों को फसाकर गलत फायदा उठाता था पंकज उपाध्याय

अभियुक्त पंकज उपाध्याय के खिलाफ जिले सात मुकदमा दर्ज है। पंकज उपाध्याय के खिलाफ चोरी थाने में बाइक लूट के मामले में अभियुक्त था उसके साथ उसके पिता भी अभियुक्त रहे। इसके साथ ही पंकज उपाध्याय वह उसके साथी द्वारा आपराधिक खड्यंत्र करके लोगों को फंसा कर गलत फायदा लेने का कार्य करता रहा।
साइबर धोखाधड़ी: पीड़ित को वापस मिले 10,000 रुपये:भदोही पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने की त्वरित कार्रवाई
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जनपद भदोही में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, भदोही पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने एक पीड़ित को उसके धोखाधड़ी से गए 10,000 रुपये वापस दिलाए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के त्वरित निर्देश पर की गई।

मामला औराई थाना क्षेत्र के ग्राम बाड़ी उचेठा निवासी संजय कुमार यादव पुत्र महेंद्र प्रसाद यादव से जुड़ा है। संजय ने गलती से एक अज्ञात व्यक्ति के खाते में 10,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। जब उन्होंने उस व्यक्ति से पैसे वापस मांगे, तो उसने लौटाने से इनकार कर दिया।

इसके बाद, पीड़ित संजय कुमार यादव ने ऑनलाइन साइबर शिकायत (शिकायत संख्या 23103250040518) दर्ज कराई। औराई थाना की साइबर हेल्प डेस्क ने इस शिकायत और एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन कर तत्काल कार्रवाई शुरू की।

साइबर हेल्प डेस्क की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, संजय कुमार यादव को उनके 10,000 रुपये की धनराशि वापस मिल गई। अपनी खोई हुई राशि वापस पाकर पीड़ित ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क के प्रति आभार व्यक्त किया और उनकी प्रशंसा की।

इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक शेतान्शु शेखर पंकज, कांस्टेबल रणविजय चौहान और कांस्टेबल शुभम कुशवाहा की टीम शामिल थी।
काशी नरेश विश्वविद्यालय में स्नातक, परास्नातक प्रवेश शुरू:समर्थ पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, अगस्त में काउंसिलिंग की संभावना

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय (केएनयू) में स्नातक और परास्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अगस्त के पहले सप्ताह में काउंसिलिंग होने की संभावना है।

विश्वविद्यालय का पोर्टल 16 जुलाई से खोल दिया गया है। इसके तहत बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम और एमएससी प्रथम सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है।

पूर्व में काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अब काशी नरेश विश्वविद्यालय बन चुका है। नए शिक्षा सत्र में यहां तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा के नए कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं।

कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने बताया कि प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि अगस्त के पहले सप्ताह में आवेदन की स्थिति देखकर मेरिट या सीधे प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी। पहले ही दिन 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है।

जिले के सभी 23 अन्य महाविद्यालय भी अब काशी नरेश विश्वविद्यालय से संबद्ध हो गए हैं। विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष में कुल तीन हजार सीटें उपलब्ध हैं। इनमें स्नातक में 1980 सीटें और परास्नातक में लगभग एक हजार सीटें शामिल हैं।

स्नातक स्तर पर बीए में 960, बीएससी बायो में 360, बीएससी मैथ में 300 और बीकॉम में 360 सीटें निर्धारित हैं। परास्नातक में एमए, एमएससी और एमकॉम के लिए विषयवार 30 से 60 सीटें तय की गई हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग एक हजार है।
धीरज शुक्ला हत्याकांड: पुराने विवाद में दो अभियुक्त गिरफ्तार: एएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा, 9 जुलाई को मिला था शव

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सुरियावा थाना क्षेत्र के सदौपुर गांव निवासी धीरज शुक्ला की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। मृतक धीरज शुक्ला 8 जुलाई को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे थे। उनका शव 9 जुलाई को दानुपुर पूरब पट्टी स्थित डोलहरिया तालाब में बरामद हुआ था।

मृतक की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस हत्याकांड का खुलासा किया।

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि धीरज की हत्या पुराने विवाद के शक में की गई थी। इस मामले में दानुपुर पूरब पट्टी निवासी सभाजीत बिन्द और सुरेंद्र बिन्द को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार अभियुक्त सुरेंद्र बिन्द ने पुलिस को बताया कि उसके पिता के नाम से बेलवरिया तालाब का पट्टा है, जहाँ वे मछली पालन और तालाब की देखरेख करते हैं। उसका मित्र सभाजीत बिन्द भी अक्सर उसके साथ रहता था।

8 जुलाई की शाम को उन्होंने तालाब के किनारे दो व्यक्तियों को शराब पीते देखा। उन्हें शक हुआ कि ये वही लोग हैं जिन्होंने लगभग सात-आठ माह पूर्व तालाब में जहर डाल दिया था, जिससे करीब 7-8 क्विंटल मछलियां मर गई थीं।

इसी शंका में दोनों अभियुक्त उन व्यक्तियों के पास गए और उन्हें डांट-डपट कर भगाने लगे। तभी एक व्यक्ति, जिसकी पहचान धीरज शुक्ला के रूप में हुई, गाली-गलौज करने लगा। इस पर अभियुक्त सभाजीत बिन्द ने मौके पर मड़ई के पास पड़ी पुरानी बल्ली का पतला हिस्सा तोड़कर धीरज शुक्ला के सिर पर दो-तीन बार वार किए, जिससे वह जमीन पर गिर गया और उसके सिर से खून बहने लगा।

सुरेंद्र बिन्द ने दूसरे व्यक्ति को दो-तीन थप्पड़ मारकर वहाँ से भगा दिया। धीरज के सिर से बहते खून को दोनों ने उसकी टी-शर्ट से साफ किया। उन्हें लगा कि धीरज की मृत्यु हो गई है, और पकड़े जाने के डर से दोनों ने मिलकर उसके शव को तालाब में फेंक दिया।

घटना में प्रयुक्त बल्ली का टुकड़ा ट्यूबवेल के पास फेंक दिया गया था। अभियुक्तों द्वारा बताए गए स्थान से बल्ली का टुकड़ा और धीरज की टी-शर्ट बरामद कर ली गई है।


*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम:-*
*टीम - 1* प्रभारी निरीक्षक श्री अश्विनी त्रिपाठी, हे0कां0  प्रमोद तिवारी, कांं0 अहम सिंह, कां0 आशीष शुक्ला, कां0  चंदन कुमार, रि0कां0 सचिन कुमार, म0रि0आ0 आरती, चालक हे0कां0  हैदर अली, थाना सुरियावां।
*टीम - 2* उ0नि0 राजकुमार पाण्डेय प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल, हे0कां0 राधेश्याम कुशवाहा, हे0कां0 धीरेन्द्र श्रीवास्तव, हे0कां0 बृजेश सूर्यवंशी,हे0कां0 नागेन्द्र यादव, कां0 गोपाल खरवार, कां0 नीरज यादव, कां0 राघवेन्द्र कुशवाहा,कां0 मन्नू सिंह, कां0 सुनील पाल, कां0 सुनील कन्नौजिया,कां0 हिमांशु सिंह, कां0 दीपक यादव, कां0 प्रत्युष पाठक समस्त सर्विलांस/स्वाट टीम।
पति ने की पत्नी की हत्या: अवैध संबंध के शक और घरेलू विवाद में, एएसपी ने किया खुलासा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सुरियावां थाना क्षेत्र में महिला की हत्या का मामला सुलझ गया है। पुलिस ने गुरुवार को इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि पति ने अवैध संबंध के शक और घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी की हत्या की थी।

यह घटना 13 जुलाई को नेता नगर स्थित एक मकान में हुई थी। मृतक महिला की पहचान आरती के रूप में हुई है, जिसका विवाह रत्नेश से लगभग पांच वर्ष पूर्व हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। दोनों संजय नगर बाजार दशवंतपुर में बाबूराम बिना के मकान में किराए पर रहते थे।

पुलिस पूछताछ में अभियुक्त रत्नेश ने बताया कि उसकी पत्नी आर्केस्ट्रा में डांस करती थी। उसे अपनी पत्नी के अन्य पुरुषों से अवैध संबंधों का शक था। इसी शक और घरेलू विवाद के कारण रत्नेश ने गुस्से में आकर 13 जुलाई को मोबाइल चार्जर की केबल से गला घोंटकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी।

हत्या के बाद रत्नेश ने मृतका का मोबाइल फ्लाइट मोड पर लगाकर स्कॉर्पियो से फरार हो गया था। उसने रास्ते में मोबाइल को हाईवे पर तोड़ दिया। पुलिस टीम ने अभियुक्त की निशानदेही पर घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त सफेद केबल और मृतका का क्षतिग्रस्त मोबाइल बरामद किया है।

गिरफ्तार अभियुक्त रत्नेश कुमार वार्ड नंबर एक, हंडिया का निवासी बताया गया है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।


*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम:-*
*टीम - 1* उप-निरीक्षक (उ०नि०) मो० शकील खां, हे०का० पंकज यादव, हे०का० अरबिन्द यादव का० रजत सिंह चालक थाना सुरियावां जनपद भदोही।
*टीम - 2* उ0नि0 राजकुमार पाण्डेय प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल, हे0कां0 राधेश्याम कुशवाहा, हे0कां0 धीरेन्द्र श्रीवास्तव, हे0कां0 बृजेश सूर्यवंशी,हे0कां0 नागेन्द्र यादव, कां0 गोपाल खरवार, कां0 नीरज यादव, कां0 राघवेन्द्र कुशवाहा,कां0 मन्नू सिंह, कां0 सुनील पाल, कां0 सुनील कन्नौजिया,कां0 हिमांशु सिंह, कां0 दीपक यादव, कां0 प्रत्युष पाठक समस्त सर्विलांस/स्वाट टीम।
लखनऊ अग्निकांड के बाद जिले में सख्ती:10 कोचिंग सेंटर बंद, 12 संचालकों को नोटिस जारी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जिले में शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। सघन जांच अभियान के तहत अब तक दस बिना पंजीकरण वाले कोचिंग सेंटरों को बंद कराया गया है। इसके अतिरिक्त, 12 संचालकों को सुधार अधिनियम के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।

यह कार्रवाई पिछले बीस दिनों में की गई है। इस अवधि में दस कोचिंग सेंटर बंद हुए और 12 को नोटिस मिले। वहीं, दस नए आवेदन पंजीकरण के लिए प्राप्त हुए हैं। बेसमेंट में संचालित होने वाले कोचिंग सेंटरों की विशेष रूप से गहन जांच की जा रही है।

जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि लखनऊ अग्निकांड के बाद से जिले में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि दस अवैध कोचिंग सेंटर बंद कराए गए हैं और 12 संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नए पंजीकरण आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

जांच टीम ने भदोही शहर, गोपीगंज पालिका परिषद, ज्ञानपुर नगर, सुरियावां, खमरिया, घोसिया और नई बाजार नगर पंचायतों में संचालित होने वाले कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया है। विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि बिना पंजीकरण के किसी भी कोचिंग सेंटर का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।

पंजीकरण के बिना कोचिंग संचालन की शिकायत मिलने पर तत्काल स्थलीय जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। दो पालिका परिषद, पांच नगर पंचायत और छह ब्लॉक क्षेत्रों में कोचिंग सेंटरों की निगरानी के लिए टीमें गठित की गई हैं। शिक्षण संस्थानों और विद्यालयों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। कॉन्वेंट स्कूल संचालकों को भी अग्निशमन यंत्र लगाए बिना विद्यालय न चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी कर बेसमेंट में संचालित होने वाले संस्थानों की सूचना देने की अपील की गई है।