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कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज, एक दिन की पुलिस कस्टडी में, निशु आजाद के पिता से मारपीट मामले में एक्शन

#jantarmantarassaultcaseswatantrabhardwajpolice_custody

इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक स्वतंत्र भारद्वाज नाम खूब चर्चा में है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता संजय कुमार को चोट लगने के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आया है। सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान निशु आजाद के पिता से मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन पहले पुलिस ने पकड़ा था अब उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

शुक्रवार को पुलिस ने लिया था हिरासत में

कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में संबंधित जज के आवास पर शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज की पेशी हुई। जिसके बाद उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में जज ने भेजा है। शुक्रवार को पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई एक पॉडकास्ट की वायरल क्लिप के सामने आने के बाद हुई थी, जिसमें आरोपी ने एक छात्रा के पिता पर हमला करने की बात कबूली थी।

स्वतंत्र भारद्वाज पर क्या है आरोप

स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 14 वर्षीय छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। मामले में पुलिस की कार्रवाई उस समय तेज हुई, जब एक पॉडकास्ट इंटरव्यू की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें भारद्वाज ने कथित हमले का जिक्र करते हुए निशु के पिता की “खोपड़ी फोड़ने” का दावा किया था। जिसमें उन्हें 60 टांके लगे थे।

सीजेपी के धरना-प्रदर्शन के बाद एक्शन

वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज यह कहते भी सुना जा सकता है कि घटना के बाद संजय को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया गया और उनकी बेटी पुलिस थाने के बाहर खड़ी होकर न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की बात कह रही थी। उसका दावा था कि इस सबके बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में सीजेपी नेता और कार्यकर्ता पर्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे और आरोपी की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। सांसद चंद्रशेखर आजाद भी इसमें शामिल हुए थे। इसी मांग और प्रोटेस्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से पकड़ा था। अब उसे दिल्ली में जज के सामने पेशी के बाद पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

भारद्वाज की हिरासत पर क्यों भड़के हिंदू संगठन?

स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली में उनके समर्थन में प्रदर्शन शुरू हो गया। शनिवार को हिंदू रक्षा दल समेत कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र की रिहाई की मांग की और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि केस में कुछ गंभीर धाराएं दबाव में जोड़ी गई हैं और इन्हें हटाया जाना चाहिए।

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज बिहार के दरभंगा के रहने वाले बताए जाते हैं। वह यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली आए और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। विभिन्न पॉडकास्ट में वह खुद को दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़ा बताते रहे हैं और हिंदूवादी संगठनों से अपने संबंधों की बात करते रहे हैं। उनसे जुड़े पुराने वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। एक तस्वीर में वह कथित तौर पर पुलिस के जूते पहने दिखाई दे रहे हैं। उनके कुछ पुराने पॉडकास्ट में जेल, आपराधिक धाराओं और हिंसा से जुड़े विषयों पर बातचीत भी सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन फिर शुरू, जानें अभिजीत दीपके ने समर्थकों से क्यों मांगी माफी

#cockroachjantapartyprotestdelhijantarmantar

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। सीजेपी का संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम 5 बजे जंतर-मंतर खाली करा दिया था। प्रदर्शनकारी और अभिजीत दीपके 6 घंटे बाद फिर लौट आए। सोमवार रात 11 बजे तक भारी तादाद में लोग जमा हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

अभिजीत दीपके ने समर्थकों से मांगी माफी

मंगलवार सुबह अभिजीत दिपके ने कहा, मैं अपने सभी समर्थकों से माफी मांगता हूं, खासकर उन लड़कियों से जिन्हें पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा। हम और बेहतर कर सकते थे। दिल्ली पुलिस की अमानवीय हरकतों से आपको बचाने के लिए मैं और बेहतर कर सकता था। उन्होंने आगे कहा, सिर्फ एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए - जो 20 से ज्यादा छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं - सरकार और भी कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार थी। अगर आप घायल हुए थे और यह संदेश देख रहे हैं, तो कृपया मुझे मैसेज करें। मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से बात करना और माफी मांगना चाहता हूं। हम आप सभी के लिए लड़ते रहेंगे।

पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

जंतर-मंतर पर एक तरफ प्रदर्शकारियों ने फिर से मंच बना लिया है तो वहीं पुलिस ने भी सुरक्षा को बढ़ा दिया है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते खुले हैं लेकिन संसद भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच पुलिस को आशंका है कि आज प्रदर्शनकारी फिर से संसद की तरफ कूच कर सकते हैं। इसके साथ ही आज विपक्ष के कई नेता जंतर मंतर पर पहुंच सकते हैं। कुल मिलाकर आज पुलिस बेहद सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है।

कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज, एक दिन की पुलिस कस्टडी में, निशु आजाद के पिता से मारपीट मामले में एक्शन

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इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक स्वतंत्र भारद्वाज नाम खूब चर्चा में है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता संजय कुमार को चोट लगने के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आया है। सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान निशु आजाद के पिता से मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन पहले पुलिस ने पकड़ा था अब उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

शुक्रवार को पुलिस ने लिया था हिरासत में

कड़कड़डूमा कोर्ट कॉम्प्लेक्स में संबंधित जज के आवास पर शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज की पेशी हुई। जिसके बाद उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में जज ने भेजा है। शुक्रवार को पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई एक पॉडकास्ट की वायरल क्लिप के सामने आने के बाद हुई थी, जिसमें आरोपी ने एक छात्रा के पिता पर हमला करने की बात कबूली थी।

स्वतंत्र भारद्वाज पर क्या है आरोप

स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान 14 वर्षीय छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। मामले में पुलिस की कार्रवाई उस समय तेज हुई, जब एक पॉडकास्ट इंटरव्यू की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें भारद्वाज ने कथित हमले का जिक्र करते हुए निशु के पिता की “खोपड़ी फोड़ने” का दावा किया था। जिसमें उन्हें 60 टांके लगे थे।

सीजेपी के धरना-प्रदर्शन के बाद एक्शन

वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज यह कहते भी सुना जा सकता है कि घटना के बाद संजय को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया गया और उनकी बेटी पुलिस थाने के बाहर खड़ी होकर न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या करने की बात कह रही थी। उसका दावा था कि इस सबके बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में सीजेपी नेता और कार्यकर्ता पर्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे और आरोपी की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया। सांसद चंद्रशेखर आजाद भी इसमें शामिल हुए थे। इसी मांग और प्रोटेस्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से पकड़ा था। अब उसे दिल्ली में जज के सामने पेशी के बाद पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

भारद्वाज की हिरासत पर क्यों भड़के हिंदू संगठन?

स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली में उनके समर्थन में प्रदर्शन शुरू हो गया। शनिवार को हिंदू रक्षा दल समेत कई हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र की रिहाई की मांग की और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वतंत्र के खिलाफ दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि केस में कुछ गंभीर धाराएं दबाव में जोड़ी गई हैं और इन्हें हटाया जाना चाहिए।

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज?

स्वतंत्र भारद्वाज बिहार के दरभंगा के रहने वाले बताए जाते हैं। वह यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली आए और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। विभिन्न पॉडकास्ट में वह खुद को दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़ा बताते रहे हैं और हिंदूवादी संगठनों से अपने संबंधों की बात करते रहे हैं। उनसे जुड़े पुराने वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। एक तस्वीर में वह कथित तौर पर पुलिस के जूते पहने दिखाई दे रहे हैं। उनके कुछ पुराने पॉडकास्ट में जेल, आपराधिक धाराओं और हिंसा से जुड़े विषयों पर बातचीत भी सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन फिर शुरू, जानें अभिजीत दीपके ने समर्थकों से क्यों मांगी माफी

#cockroachjantapartyprotestdelhijantarmantar

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। सीजेपी का संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम 5 बजे जंतर-मंतर खाली करा दिया था। प्रदर्शनकारी और अभिजीत दीपके 6 घंटे बाद फिर लौट आए। सोमवार रात 11 बजे तक भारी तादाद में लोग जमा हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

अभिजीत दीपके ने समर्थकों से मांगी माफी

मंगलवार सुबह अभिजीत दिपके ने कहा, मैं अपने सभी समर्थकों से माफी मांगता हूं, खासकर उन लड़कियों से जिन्हें पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा। हम और बेहतर कर सकते थे। दिल्ली पुलिस की अमानवीय हरकतों से आपको बचाने के लिए मैं और बेहतर कर सकता था। उन्होंने आगे कहा, सिर्फ एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए - जो 20 से ज्यादा छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं - सरकार और भी कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार थी। अगर आप घायल हुए थे और यह संदेश देख रहे हैं, तो कृपया मुझे मैसेज करें। मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से बात करना और माफी मांगना चाहता हूं। हम आप सभी के लिए लड़ते रहेंगे।

पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

जंतर-मंतर पर एक तरफ प्रदर्शकारियों ने फिर से मंच बना लिया है तो वहीं पुलिस ने भी सुरक्षा को बढ़ा दिया है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते खुले हैं लेकिन संसद भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच पुलिस को आशंका है कि आज प्रदर्शनकारी फिर से संसद की तरफ कूच कर सकते हैं। इसके साथ ही आज विपक्ष के कई नेता जंतर मंतर पर पहुंच सकते हैं। कुल मिलाकर आज पुलिस बेहद सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है।