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22 वर्ष पुराने भी विवाद में रची गई साजिश का पर्दा पर 25000 का इनामियां गिरफ्तार 5 से 7 करोड़ के हीरोइन रखकर अपने विपक्षी को भिजवाया था जेल
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस शुक्रवार को 22 वर्ष पुराने भूमि विवाद में रची गई सुनियोजित आपराधिक साजिश का पर्दाफाश किया एवं फर्जी मुकदमे में दर्ज कराकर एनडीपीएस एक्ट में झूठा फसाने की साजिश का वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष से खुलासा हुआ। 25000 के इनामियां अभियुक्त पंकज उपाध्याय को जलगांव महाराष्ट्र गिरफ्तार का जेल भेजा। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का जानकारी दी।

गणेश रायपुर निवासी पंकज उपाध्याय अपने साथियों के साथ मिलकर लक्ष्मी शंकर उपाध्याय को एससी एसटी एवं पास को एक्ट के तहत जेल भिजवाया था जिस मामले में लक्ष्मी शंकर जिला कारागार ज्ञानपुर में 9 माह तक बंद रहे जिसमें अपार्ट न्यायाधीश विशेष पास को ने पाया कि वादिनी मुकदमा तथा पीड़िता का नाम तथा पता ही फर्जी था तथा पिता की आयु के संबंध में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज दाखिल किया गया था जिसके आधार पर न्यायालय ने लक्ष्मी शंकर को निर्दोष कर दिया एवं विनीता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया विवेचना में पता चला कि पंकज उपाध्याय हुआ लक्ष्मी शंकर उपाध्याय से वर्षों पुरानी भूमि विवाद चल रहा था जिसे पंकज उपाध्याय कब्जा करना चाहता था जिसको लेकर लक्ष्मी शंकर पर दबाव बनाने का प्रयास करता रहा लक्ष्मी शंकर उपाध्याय अत्यंत गरीब हैं आर्थिक स्थिति कमजोर है जिसका फायदा पंकज उपाध्याय खा रहा था पंकज उपाध्याय ने साजिश रच कर लक्ष्मी शंकर उपाध्याय को वाराणसी भाजपा कार्यालय में गाड़ी लगवाने के बहाने बुलाया और उनके आर्टिका कर में 940 ग्राम हीरोइन ड्रग्स रख कर पकड़वा दिया। जिसका अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 5 से 7 करोड़ कीमत बताई गई । इस मामले में लक्ष्मी शंकर 6 माह तक जेल में रहे और अपने आप को निर्दोष बताते हुए सुरियावां थाने में तहरीर देखकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिस मामले का जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को बड़ी साजिश की तथ्य सामने आया। पुलिस अपने विवेचना के दौरान सीडीआर मोबाइल लोकेशन एवं सीटीटीवी फुटेज से साजिश की परतें खोली और मामले का खुलासा करते हुए 25000 इनामियां अभियुक्त पंकज उपाध्याय को गिरफ्तार किया।

एनडीपीएस एक्ट में झूठा फसाने की बनाई गई योजना

पास्को मामले में खड्यंत्र रचने के कारण जवाबी मुकदमा दर्ज होने के बाद बदला लेने और लक्ष्मी शंकर उपाध्याय के परिवार को परेशान करने की नीयत से पंकज उपाध्याय ने सुनील पासी एवं अन्य साजिश कर्ताओं के साथ मिलकर लक्ष्मी शंकर उपाध्याय को एनडीपीएस में फसाने के लिए एक योजना तैयार किया । इसके लिए प्रयागराज से सहयोगियों को बुलाया गया। अलग-अलग वाहनों की व्यवस्था की गई तथा फर्जी पहचान एवं मोबाइल नंबरों का उपयोग करते हुए 65000 प्रति माह पर गाड़ी बड़े कार्यालय में लगाने का बहाना बनाकर पूरी योजना तैयार की गई। 25 दिसंबर 2025 को योजना के अनुरूप लक्ष्मी शंकर उपाध्याय को अपनी गाड़ी अर्टिगा लेकर वाराणसी के लिए रवाना कराया गया। इस गाड़ी का पीछा पंकज उपाध्याय तथा उसके साथियों द्वारा बोलेरो से किया गया। खड्यंत्र के तहत एक व्यक्ति लक्ष्मी शंकर की गाड़ी में सिंहपुर नहर पुलिया से बैठा दिया गया जो लक्ष्मी शंकर की गाड़ी के पीछे बैठ गया गाड़ी में बैठा व्यक्ति लक्ष्मी शंकर से बहाना बनाकर कछवा हाईवे पर उतर गया। उसके तुरंत बाद एएनटीएफ ने मडुआडीह थाने क्षेत्र में लक्ष्मी शंकर की गाड़ी को धर लिया जिसमें तलाशी लेने पर लगभग 940 ग्राम हीरोइन बरामद की गई। जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 5 से 7 करोड़ के बीच है। लक्ष्मी शंकर को गिरफ्तार कर वाराणसी जेल भेजा गया था। इस षड्यंत्र के उच्च स्तरीय जांच में लक्ष्मी शंकर निर्दोष पाया गया जिसमें लक्ष्मी शंकर लगातार 6 महीने जेल में रहा।

पैतृक भूमि कब्जा करना बना अपराधिक षड्यंत्र की मुख्य वजह

केवल शंकर उपाध्याय एवं उनके भाई लक्ष्मी शंकर उपाध्याय का अभियुक्त पंकज उपाध्याय से पैत्रिक भूमि को कब्जा करना चाहता था। अभियुक्त लगातार पैतृक भूमि पर छल कपट कर कब्जा करने एवं वादी परिवार पर दबाव बनाने का प्रयास करता रहा केवला शंकर उपाध्याय और लक्ष्मी शंकर उपाध्याय अत्यंत गरीब है आर्थिक स्थिति कमजोर है उनका लड़का मानसिक रूप से थोड़ा कमजोर है। केवला शंकर के भाई लक्ष्मी शंकर की एक विकलांग पुत्री है, घर में और कोई मजबूत सदस्य नहीं है। पंकज उपाध्याय इन लोगों से दबाव देकर जमीन हड़पना चाहता था एवं काफी समय पूर्व से भी पंकज उपाध्याय व केवला शंकर के परिवार की तनावपूर्ण माहौल था। किसी भी पंकज उपाध्याय अपने साथी सुनील सरोज निवासी बिझवनिय जनपद प्रयागराज उसके गांव पूजा सरोज के साथ मिलकर लक्ष्मी शंकर उपाध्याय के खिलाफ पास्को एक्ट एससी एसटी के तहत मुकदमा दर्ज कराया जिसमें 9 माह तक लक्ष्मी शंकर जेल में रहे न्यायालय ने उन्हें निर्दोष साबित किया और पीड़िता को दोषी मानते हुए जेल भेजा।

साजिश कर्ताओं के विरुद्ध लक्ष्मी शंकर उपाध्याय ने दर्ज कराया मुकदमा


पीड़ित लक्ष्मी शंकर उपाध्याय भदोही जनपद के सुरियावा थाने में साजिशकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जिसमें लगातार पंकज उपाध्याय फरार चल रहा था।

आपराधिक खड्यंत्र करके लोगों को फसाकर गलत फायदा उठाता था पंकज उपाध्याय

अभियुक्त पंकज उपाध्याय के खिलाफ जिले सात मुकदमा दर्ज है। पंकज उपाध्याय के खिलाफ चोरी थाने में बाइक लूट के मामले में अभियुक्त था उसके साथ उसके पिता भी अभियुक्त रहे। इसके साथ ही पंकज उपाध्याय वह उसके साथी द्वारा आपराधिक खड्यंत्र करके लोगों को फंसा कर गलत फायदा लेने का कार्य करता रहा।
साइबर धोखाधड़ी: पीड़ित को वापस मिले 10,000 रुपये:भदोही पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने की त्वरित कार्रवाई
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जनपद भदोही में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत, भदोही पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने एक पीड़ित को उसके धोखाधड़ी से गए 10,000 रुपये वापस दिलाए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के त्वरित निर्देश पर की गई।

मामला औराई थाना क्षेत्र के ग्राम बाड़ी उचेठा निवासी संजय कुमार यादव पुत्र महेंद्र प्रसाद यादव से जुड़ा है। संजय ने गलती से एक अज्ञात व्यक्ति के खाते में 10,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। जब उन्होंने उस व्यक्ति से पैसे वापस मांगे, तो उसने लौटाने से इनकार कर दिया।

इसके बाद, पीड़ित संजय कुमार यादव ने ऑनलाइन साइबर शिकायत (शिकायत संख्या 23103250040518) दर्ज कराई। औराई थाना की साइबर हेल्प डेस्क ने इस शिकायत और एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन कर तत्काल कार्रवाई शुरू की।

साइबर हेल्प डेस्क की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप, संजय कुमार यादव को उनके 10,000 रुपये की धनराशि वापस मिल गई। अपनी खोई हुई राशि वापस पाकर पीड़ित ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क के प्रति आभार व्यक्त किया और उनकी प्रशंसा की।

इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक शेतान्शु शेखर पंकज, कांस्टेबल रणविजय चौहान और कांस्टेबल शुभम कुशवाहा की टीम शामिल थी।
काशी नरेश विश्वविद्यालय में स्नातक, परास्नातक प्रवेश शुरू:समर्थ पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, अगस्त में काउंसिलिंग की संभावना

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय (केएनयू) में स्नातक और परास्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अगस्त के पहले सप्ताह में काउंसिलिंग होने की संभावना है।

विश्वविद्यालय का पोर्टल 16 जुलाई से खोल दिया गया है। इसके तहत बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम और एमएससी प्रथम सेमेस्टर के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है।

पूर्व में काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अब काशी नरेश विश्वविद्यालय बन चुका है। नए शिक्षा सत्र में यहां तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा के नए कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं।

कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने बताया कि प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है। छात्र-छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर प्रवेश ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि अगस्त के पहले सप्ताह में आवेदन की स्थिति देखकर मेरिट या सीधे प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी। पहले ही दिन 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है।

जिले के सभी 23 अन्य महाविद्यालय भी अब काशी नरेश विश्वविद्यालय से संबद्ध हो गए हैं। विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष में कुल तीन हजार सीटें उपलब्ध हैं। इनमें स्नातक में 1980 सीटें और परास्नातक में लगभग एक हजार सीटें शामिल हैं।

स्नातक स्तर पर बीए में 960, बीएससी बायो में 360, बीएससी मैथ में 300 और बीकॉम में 360 सीटें निर्धारित हैं। परास्नातक में एमए, एमएससी और एमकॉम के लिए विषयवार 30 से 60 सीटें तय की गई हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग एक हजार है।
धीरज शुक्ला हत्याकांड: पुराने विवाद में दो अभियुक्त गिरफ्तार: एएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा, 9 जुलाई को मिला था शव

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सुरियावा थाना क्षेत्र के सदौपुर गांव निवासी धीरज शुक्ला की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। मृतक धीरज शुक्ला 8 जुलाई को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे थे। उनका शव 9 जुलाई को दानुपुर पूरब पट्टी स्थित डोलहरिया तालाब में बरामद हुआ था।

मृतक की पत्नी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस हत्याकांड का खुलासा किया।

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि धीरज की हत्या पुराने विवाद के शक में की गई थी। इस मामले में दानुपुर पूरब पट्टी निवासी सभाजीत बिन्द और सुरेंद्र बिन्द को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार अभियुक्त सुरेंद्र बिन्द ने पुलिस को बताया कि उसके पिता के नाम से बेलवरिया तालाब का पट्टा है, जहाँ वे मछली पालन और तालाब की देखरेख करते हैं। उसका मित्र सभाजीत बिन्द भी अक्सर उसके साथ रहता था।

8 जुलाई की शाम को उन्होंने तालाब के किनारे दो व्यक्तियों को शराब पीते देखा। उन्हें शक हुआ कि ये वही लोग हैं जिन्होंने लगभग सात-आठ माह पूर्व तालाब में जहर डाल दिया था, जिससे करीब 7-8 क्विंटल मछलियां मर गई थीं।

इसी शंका में दोनों अभियुक्त उन व्यक्तियों के पास गए और उन्हें डांट-डपट कर भगाने लगे। तभी एक व्यक्ति, जिसकी पहचान धीरज शुक्ला के रूप में हुई, गाली-गलौज करने लगा। इस पर अभियुक्त सभाजीत बिन्द ने मौके पर मड़ई के पास पड़ी पुरानी बल्ली का पतला हिस्सा तोड़कर धीरज शुक्ला के सिर पर दो-तीन बार वार किए, जिससे वह जमीन पर गिर गया और उसके सिर से खून बहने लगा।

सुरेंद्र बिन्द ने दूसरे व्यक्ति को दो-तीन थप्पड़ मारकर वहाँ से भगा दिया। धीरज के सिर से बहते खून को दोनों ने उसकी टी-शर्ट से साफ किया। उन्हें लगा कि धीरज की मृत्यु हो गई है, और पकड़े जाने के डर से दोनों ने मिलकर उसके शव को तालाब में फेंक दिया।

घटना में प्रयुक्त बल्ली का टुकड़ा ट्यूबवेल के पास फेंक दिया गया था। अभियुक्तों द्वारा बताए गए स्थान से बल्ली का टुकड़ा और धीरज की टी-शर्ट बरामद कर ली गई है।


*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम:-*
*टीम - 1* प्रभारी निरीक्षक श्री अश्विनी त्रिपाठी, हे0कां0  प्रमोद तिवारी, कांं0 अहम सिंह, कां0 आशीष शुक्ला, कां0  चंदन कुमार, रि0कां0 सचिन कुमार, म0रि0आ0 आरती, चालक हे0कां0  हैदर अली, थाना सुरियावां।
*टीम - 2* उ0नि0 राजकुमार पाण्डेय प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल, हे0कां0 राधेश्याम कुशवाहा, हे0कां0 धीरेन्द्र श्रीवास्तव, हे0कां0 बृजेश सूर्यवंशी,हे0कां0 नागेन्द्र यादव, कां0 गोपाल खरवार, कां0 नीरज यादव, कां0 राघवेन्द्र कुशवाहा,कां0 मन्नू सिंह, कां0 सुनील पाल, कां0 सुनील कन्नौजिया,कां0 हिमांशु सिंह, कां0 दीपक यादव, कां0 प्रत्युष पाठक समस्त सर्विलांस/स्वाट टीम।
पति ने की पत्नी की हत्या: अवैध संबंध के शक और घरेलू विवाद में, एएसपी ने किया खुलासा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सुरियावां थाना क्षेत्र में महिला की हत्या का मामला सुलझ गया है। पुलिस ने गुरुवार को इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि पति ने अवैध संबंध के शक और घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी की हत्या की थी।

यह घटना 13 जुलाई को नेता नगर स्थित एक मकान में हुई थी। मृतक महिला की पहचान आरती के रूप में हुई है, जिसका विवाह रत्नेश से लगभग पांच वर्ष पूर्व हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। दोनों संजय नगर बाजार दशवंतपुर में बाबूराम बिना के मकान में किराए पर रहते थे।

पुलिस पूछताछ में अभियुक्त रत्नेश ने बताया कि उसकी पत्नी आर्केस्ट्रा में डांस करती थी। उसे अपनी पत्नी के अन्य पुरुषों से अवैध संबंधों का शक था। इसी शक और घरेलू विवाद के कारण रत्नेश ने गुस्से में आकर 13 जुलाई को मोबाइल चार्जर की केबल से गला घोंटकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी।

हत्या के बाद रत्नेश ने मृतका का मोबाइल फ्लाइट मोड पर लगाकर स्कॉर्पियो से फरार हो गया था। उसने रास्ते में मोबाइल को हाईवे पर तोड़ दिया। पुलिस टीम ने अभियुक्त की निशानदेही पर घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त सफेद केबल और मृतका का क्षतिग्रस्त मोबाइल बरामद किया है।

गिरफ्तार अभियुक्त रत्नेश कुमार वार्ड नंबर एक, हंडिया का निवासी बताया गया है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।


*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम:-*
*टीम - 1* उप-निरीक्षक (उ०नि०) मो० शकील खां, हे०का० पंकज यादव, हे०का० अरबिन्द यादव का० रजत सिंह चालक थाना सुरियावां जनपद भदोही।
*टीम - 2* उ0नि0 राजकुमार पाण्डेय प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल, हे0कां0 राधेश्याम कुशवाहा, हे0कां0 धीरेन्द्र श्रीवास्तव, हे0कां0 बृजेश सूर्यवंशी,हे0कां0 नागेन्द्र यादव, कां0 गोपाल खरवार, कां0 नीरज यादव, कां0 राघवेन्द्र कुशवाहा,कां0 मन्नू सिंह, कां0 सुनील पाल, कां0 सुनील कन्नौजिया,कां0 हिमांशु सिंह, कां0 दीपक यादव, कां0 प्रत्युष पाठक समस्त सर्विलांस/स्वाट टीम।
लखनऊ अग्निकांड के बाद जिले में सख्ती:10 कोचिंग सेंटर बंद, 12 संचालकों को नोटिस जारी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जिले में शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। सघन जांच अभियान के तहत अब तक दस बिना पंजीकरण वाले कोचिंग सेंटरों को बंद कराया गया है। इसके अतिरिक्त, 12 संचालकों को सुधार अधिनियम के तहत नोटिस जारी किए गए हैं।

यह कार्रवाई पिछले बीस दिनों में की गई है। इस अवधि में दस कोचिंग सेंटर बंद हुए और 12 को नोटिस मिले। वहीं, दस नए आवेदन पंजीकरण के लिए प्राप्त हुए हैं। बेसमेंट में संचालित होने वाले कोचिंग सेंटरों की विशेष रूप से गहन जांच की जा रही है।

जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि लखनऊ अग्निकांड के बाद से जिले में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि दस अवैध कोचिंग सेंटर बंद कराए गए हैं और 12 संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। नए पंजीकरण आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

जांच टीम ने भदोही शहर, गोपीगंज पालिका परिषद, ज्ञानपुर नगर, सुरियावां, खमरिया, घोसिया और नई बाजार नगर पंचायतों में संचालित होने वाले कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया है। विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि बिना पंजीकरण के किसी भी कोचिंग सेंटर का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।

पंजीकरण के बिना कोचिंग संचालन की शिकायत मिलने पर तत्काल स्थलीय जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। दो पालिका परिषद, पांच नगर पंचायत और छह ब्लॉक क्षेत्रों में कोचिंग सेंटरों की निगरानी के लिए टीमें गठित की गई हैं। शिक्षण संस्थानों और विद्यालयों का भी निरीक्षण किया जा रहा है। कॉन्वेंट स्कूल संचालकों को भी अग्निशमन यंत्र लगाए बिना विद्यालय न चलाने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी कर बेसमेंट में संचालित होने वाले संस्थानों की सूचना देने की अपील की गई है।
भदोही रोजगार मेला: 123 युवाओं को मिला ऑफर लेटर: 486 आवेदकों का साक्षात्कार, 10 कंपनियों ने किया चयन
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मंगलवार को काशी नरेश विश्वविद्यालय, ज्ञानपुर, भदोही में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर एक रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में 10 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया।

कुल 486 प्रशिक्षणार्थियों का साक्षात्कार कंपनियों द्वारा लिया गया। साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद, 123 प्रशिक्षणार्थियों को ऑफर लेटर गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष  अनिरुद्ध त्रिपाठी, औराई विधायक श्री दीनानाथ भास्कर और भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने फीता काटकर किया।

जिला समन्वयक अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने अभ्यर्थियों को मेहनत और लगन से कार्य करने की सलाह दी, जिससे उनका जीवन उज्जवल और सुखद हो सके। जिला सेवायोजन अधिकारी अजित कुमार ने कहा कि अभ्यर्थियों को अपने कार्य के प्रति सहज और सजग रहना होगा ताकि वे अपने हुनर को निखार सकें।

इस अवसर पर शैलेंद्र कुमार, आदर्श सिंह, लव कुमार मिश्रा, योगेंद्र यादव, वीरेंद्र कुमार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
2026-27 के प्रवेश विश्वविद्यालय के अंतर्गत होंगे:काशी नरेश विश्वविद्यालय में संबद्ध महाविद्यालयों की बैठक में चर्चा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही में मंगलवार को कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें राजकीय और स्ववित्तपोषित संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं प्रबंधकों ने भाग लिया।

बैठक में संबद्ध महाविद्यालयों की संबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जानकारी दी गई कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी प्रवेश विश्वविद्यालय के अंतर्गत ही संपन्न कराए जाएंगे।

इस दौरान महाविद्यालयों के सुचारु संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता, आवश्यक सुविधाओं और विभिन्न प्रशासनिक समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव ने सभी महाविद्यालयों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने उनके सकारात्मक और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। कुलपति ने गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सभी से समन्वय एवं सहयोग की अपेक्षा भी व्यक्त की।

बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव, वित्त अधिकारी, सहायक कुलसचिव और प्रोफेसर रमेश चंद्र यादव सहित राजकीय एवं स्ववित्तपोषित संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रबंधक उपस्थित रहे।
भदोही में गैंगस्टर मंसूर आलम गिरफ्तार:धोखाधड़ी और मारपीट के आरोपी गैंग लीडर पर केस दर्ज

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के तहत, भदोही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में, शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से तीन अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें एक गैंग लीडर और दो सक्रिय सदस्य शामिल हैं।
भदोही थाना पुलिस को मिली एक बड़ी सफलता में, मुखबिर की सटीक सूचना पर शातिर गैंगस्टर मंसूर आलम को गिरफ्तार किया गया है। इस गैंग में लीडर शमशेर आलम उर्फ लड्डू पुत्र यूनुस निवासी बाजार सरदार खां, थाना भदोही, और सक्रिय सदस्य मंसूर आलम पुत्र यूनुस (लगभग 41 वर्ष) तथा परवेज आलम पुत्र शमशेर आलम उर्फ लड्डू (लगभग 24 वर्ष) शामिल हैं।
यह संगठित गिरोह अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और छल के माध्यम से लोगों से पैसे ऐंठने का काम करता था। जब पीड़ित अपने पैसे वापस मांगते थे, तो उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
गिरोह ने 7 सितंबर 2025 को एक वादी से स्वेटर और कंबल के नाम पर 80,000 रुपये तथा पीवीसी पैनल की एजेंसी देने के बहाने 20 लाख रुपये लिए थे, जिन्हें वापस नहीं किया गया। इसी तरह, 14 अगस्त 2019 को पुरानी बैटरी का व्यवसाय करने का झांसा देकर अलग-अलग तारीखों पर 7 लाख 70 हजार रुपये ठगे गए थे। पैसे मांगने पर पीड़ितों को गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
उपनिरीक्षक भारत भूषण सिंह ने अपनी टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की। सुबह फूलन देवी तिराहा के पास से गैंगस्टर अभियुक्त मंसूर आलम को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। अन्य गैंगस्टरों की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक भारत भूषण सिंह और कांस्टेबल पंकज कुमार, थाना भदोही, जनपद भदोही शामिल थे।
भदोही में प्रयोगात्मक इंप्रूवमेंट परीक्षा 16-17 जुलाई को: जिला विद्यालय निरीक्षक ने दी जानकारी, विभूति नारायण इंटर कॉलेज केंद्र
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जनपद में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए इंप्रूवमेंट परीक्षा का आयोजन 16 और 17 जुलाई को किया जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि इस परीक्षा के लिए पूरे जिले में विभूति नारायण इंटर कॉलेज, ज्ञानपुर को केंद्र बनाया गया है। संबंधित छात्र-छात्राएं अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ 16 एवं 17 जुलाई को इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। जो भी विद्यार्थी इस परीक्षा में भाग लेना चाहते हैं, वे निर्धारित तिथि पर विभूति नारायण इंटर कॉलेज, ज्ञानपुर परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने यह भी बताया कि परिषद द्वारा अभी परीक्षकों की सूची जारी नहीं की गई है। विषयवार परीक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जो छात्र-छात्राओं की प्रयोगात्मक इंप्रूवमेंट परीक्षा लेंगे।