श्री राम और श्री कृष्ण एक ही परम ब्रह्म के अलग-अलग स्वरूप : डॉ द्रिगेश यादव
मुंबई। सनातन धर्म और हिंदू शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण एक ही परम ब्रह्म (भगवान विष्णु) के दो अलग-अलग स्वरूप या अवतार हैं। दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। दोनों का पृथ्वी पर अवतार लेने का मुख्य उद्देश्य धर्म की स्थापना करना, अधर्म और दुष्टों का नाश करना तथा भक्तों का कल्याण करना रहा है। पूर्वांचल विकास परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा शिवसेना यूबीटी के राष्ट्रीय संगठक डॉ द्रिगेश यादव ने कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपमानजनक वक्तव्य और हाव भाव को लेकर कड़ा विरोध करते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि कथावाचकों को बहुत ही संयम और विवेक से बयान देना चाहिए, क्योंकि उनकी बातों को लोग बड़े ध्यान से सुनते हैं और अमल करते हैं। इस तरह के वक्तव्य से न सिर्फ सनातन धर्म कमजोर होता है अपितु लोगों की आस्था पर गहरी चोट पड़ती है। डॉ  द्रिगेश यादव ने कहा कि कथावाचकों को राजनीति से दूर रहना चाहिए और धन संग्रह करने की बजाय सनातन धर्म की कमजोर कड़ी को मजबूत करने का काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कथावाचकों का खुद को संत घोषित करना दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि संतों का संपूर्ण जीवन अपनी तिजोरी भरने के लिए नहीं अपितु मानवता के कल्याण के लिए होता है। उन्होंने कहा कि कथावाचकों को ऐसी विवादित बातों से बचना चाहिए, जिसके लिए बाद में उन्हें माफी मांगनी पड़े।
नारायण सेवा मंडल द्वारा नव दिवसीय श्री राम कथा का भव्य आयोजन
ठाणे । डोंबिवली शहर स्थित राम मंदिर रोड,श्रीराम मंदिर प्रांगण जूना डोंबिवली के संयोजन में डोंबिवली पश्चिम रेतीबंदर रोड मोठागांव में आगामी 14 नवंबर 2026 से 22 नवंबर 2026 तक श्री रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा एवं मार्गदर्शक मनोज तिवारी ने बताया कि कथा वाचक के रुप में काशी विश्वनाथ की पवित्र भूमि काशी से आचार्य विष्णुकांत शास्त्री बनारस की विशेष उपस्थिति रहेगी जिनके मुखारविंद से रामकथा का पठन-पाठन होगा। उक्त रामकथा का आयोजन कर रहे सुरेश मिश्रा ने सनातनी रामभक्तों से निवेदन किया है कि उक्त आयोजन में डोंबिवली निवासी सहित मुंबई महानगर के अन्य शहरों से भी नागरिकों की भारी संख्या में उपस्थिति हो। कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप ने बताया कि राममंदिर प्रांगण में प्रत्येक शनिवार को सुन्दरकाण्ड का संगीतमय पाठ आयोजित किया जाता है।
देश के आयुर्वेद से जुड़े विद्वानों ने की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात

मुंबई। आयुर्वेद शिक्षण ,शास्त्र एवं चिकित्सा पद्धति की देश की सर्वोच्च संस्था, भारत सरकार की संकाय, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के अध्यक्ष पद्मश्री पद्मभूषण वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा के नेतृत्व में देश के चुने हुए आयुर्वेद से जुड़े विद्वानों के प्रतिनिधिमंडल ने आज सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से दीपावली के उपलक्ष्य में सौहार्दपूर्ण भेंट की. भारत सरकार आयुष मंत्रालय के सचिव विद्वान वैद्य पद्मश्री राजेश कोटेचा, अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के वर्तमान अध्यक्ष वैद्य राकेश अमरनाथ शर्मा , महाराष्ट्र आयुर्वेद संमेलन की महामंत्री एवं महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ (MUHS) के अनेक समितियों की सदस्या तथा सर्जरी अलाइड बौर्ड की चेअरमन वैद्या  ऋजुता ओमप्रकाश दुबे , आयुष मंत्रालय भारत सरकार के भूतपूर्व सलाहकार, विचारक एवं पाॅलिसी मेकर वैद्य  मनोज नेसरी ,धूतपापेश्वर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रणजीत आनंद पुराणिक तथा निखिल भारतीय आयुर्वेद विद्यापीठ के अध्यक्ष वैद्य ताराचंद शर्मा आदि मान्यवर विद्वान इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे. इस अवसर पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति एवं अनुसंधान आदि विषयों पर राष्ट्रपती से विस्तारपूर्वक चर्चा की गई, जिसपर राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की बहुत सारी वनस्पति औषधियां जंगलों मे पायी जाती है जिसके लिए निष्णात वैद्यों को जंगलो मे भ्रमण कर वहां के आदिवासी एवं वनवासी भाइयों से संपर्क कर तथ्यात्मक जानकारी जुटाकर उन वनौषधियों का संवर्धन कर उनकी उपज बढाकर उनका औषधीय उपयोग आंतरराष्ट्रीय स्तर पर करना चाहिए, जिससे की संपूर्ण विश्व को उसका लाभ मिल सके तथा आदिवासी वनवासी समाज के रोजगार को भी बढावा मिल सके.सभी ने उनके सुझाव को गंभीरतापूर्वक सुना एवं इस दिशा में तुरंत कदम बढाने का निर्णय लिया.
देश की मुख्य धारा से आयुर्वेद को मिल रहे समर्थन से सभी उत्साहित हुए.  ज्ञात हो कि प्रतिनिधिमंडल के दो सदस्य वैद्य राकेश शर्मा एवं वैद्या ऋजुता दुबे ,चर्निरोड मुंबई के मित्तल आयुर्वेद महाविद्यालय के विद्यार्थी रह चुके है।
सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए लोढ़ा फाउंडेशन को मिला ‘ब्रिलियंट अवॉर्ड’
मुंबई। समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में लोढ़ा फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए फाउंडेशन को प्रतिष्ठित Brilliant Award – Season 4 से सम्मानित किया गया। लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरपर्सन मंजू लोढ़ा ने यह सम्मान प्राप्त किया। उन्हें इस अवसर पर समारोह में विशेष अतिथि के रूप में भी आमंत्रित किया गया था। लोढ़ा फाउंडेशन, मंजू लोढ़ा के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, जरूरतमंदों की सहायता और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर विभिन्न पहल कर रहा है। फाउंडेशन के इन्हीं सेवा कार्यों को इस सम्मान के माध्यम से सराहना मिली। मंजू लोढ़ा ने इस सम्मान और आमंत्रण के लिए हरेश मेहता एवं डॉ. अलका वालावालकर का आभार व्यक्त किया। समारोह का एक विशेष गौरवपूर्ण क्षण तब आया, जब मंजू लोढ़ा ने अपने हाथों से पद्म भूषण कुंदन व्यास को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड प्रदान किया। मंजू लोढ़ा ने सभी पुरस्कार विजेताओं को हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ ने रचा विश्व रिकॉर्ड; 1.07 लाख से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण
मुंबई।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के माध्यम से आयोजित ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ नामक बहुराज्यीय नवाचार प्रतियोगिता को विद्यार्थियों, युवाओं, नवउद्यमियों और शोधकर्ताओं का अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला है। 31 अक्टूबर की मध्यरात्रि को प्रतियोगिता की आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इस प्रतियोगिता के लिए कुल 1 लाख 7 हजार 603 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। युवाओं के नवाचारों को मंच उपलब्ध कराने वाली इस प्रतियोगिता ने विश्व रिकॉर्ड बनाया है, ऐसी जानकारी कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने दी। महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़ तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव इन केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल करने वाले महाराष्ट्र ज़ोन से इस प्रतियोगिता के लिए 1 लाख 7 हजार 603 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें 79 हजार 162 टीमों ने भाग लिया है, जबकि 32 हजार 298 प्रतिभागियों ने अपनी प्रोफाइल पूरी की है। इसके अलावा, 6 हजार 192 महिलाओं और 18 वर्ष से कम आयु के 4 हजार 549 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। सामान्य वर्ग से 21 हजार 550 प्रतिभागियों ने सहभागिता दर्ज कराई है तथा प्रतिभागियों द्वारा कुल 16 हजार 57 नवाचारपूर्ण अवधारणाएं प्रस्तुत की गई हैं।इस प्रतियोगिता के माध्यम से कृषि, कानून एवं व्यवस्था, महिला एवं बाल कल्याण, शहरी विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं, रक्षा, सतत विकास (ऊर्जा, जलवायु एवं संबंधित क्षेत्र), बुनियादी ढांचा एवं परिवहन, उभरती प्रौद्योगिकियां (कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉकचेन एवं अन्य तकनीकें) तथा शिक्षा एवं रोजगार क्षमता जैसे 10 प्रमुख क्षेत्रों की समस्याओं के लिए नवाचारपूर्ण समाधान खोजे जाएंगे। प्रत्येक प्रमुख क्षेत्र के अंतर्गत पांच उपक्षेत्र शामिल हैं। इस प्रकार कुल 50 उपक्षेत्रों में से विजेताओं का चयन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के 50 विजेताओं को प्रत्येक को 10 लाख रुपये के कार्यादेश प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए कुल 5 करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे युवाओं के विचार केवल पुरस्कारों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें वास्तविक रूप से लागू करने का अवसर भी मिलेगा। युवाओं की रचनात्मकता को उचित मंच प्रदान करने, नवउद्यमियों को प्रोत्साहित करने और समाजोपयोगी नवाचारों के क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, ऐसी जानकारी कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने दी। उन्होंने कहा कि ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ को मिला उत्साहजनक प्रतिसाद युवाओं की रचनात्मकता और उद्यमशील क्षमता का प्रमाण है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के मार्गदर्शन में और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र को देश की ‘इनोवेशन कैपिटल’ बनाने की दिशा में हम कार्यरत हैं। इस प्रतियोगिता के 50 विजेताओं को प्रत्येक को 10 लाख रुपये के कार्यादेश, इस प्रकार कुल 5 करोड़ रुपये के कार्यादेश प्रदान किए जाएंगे। युवाओं के विचारों को आर्थिक सहयोग देकर उनके वास्तविक क्रियान्वयन का अवसर उपलब्ध कराना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले उद्यमी और नवाचारकर्ता बनें, इसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
माता-पिता की सेवा करने से ही जीवन में सुख शांति और समृद्धि मिलती है : सीमा सिंह
भायंदर। माता-पिता को साक्षात ईश्वर का रूप माना गया है। उनकी सेवा करने से जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि आती है। जो लोग अपने माता-पिता का अपमान करते हैं, ईश्वर उन्हें कभी माफ नहीं करता। देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था मेघाश्रेय द्वारा भायंदर पश्चिम के उत्तन स्थित किशनगोपाल राजपुरिया वानप्रस्थ आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए संस्था की अध्यक्ष तथा प्रख्यात समाजसेवी सीमा सिंह ने उपरोक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि जो माता-पिता दुख झेलकर भी अपनी संतानों को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाते हैं, वही संताने उन्हें एक दिन वृद्ध आश्रम में जाने के लिए विवश कर देती हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना परम सौभाग्य है। मेघाश्रेय द्वारा आश्रम में भगवान राम और भगवान कृष्ण तथा भगवान शंकर की आकर्षक झांकियां निकाली गई। सभी के चेहरों पर खुशी झलक रही थी। आश्रम के सभी बुजुर्गों के साथ सीमा सिंह ने खुद भोजन किया। सभी को खाद्य सामग्री और उपहार वितरित किए गए और दिवाली की अग्रिम शुभकामना दी गई। पत्रकारों से बात करते हुए सीमा सिंह ने कहा कि बुजुर्गों के साथ बिताए गए क्षण अत्यंत अमूल्य और ज्ञानवर्धक रहा। उनके अनुभवों का लाभ समाज और देश को मिलना चाहिए।
नैसर्गिक विकलांग सेवा संघ ने दिव्यांगों संग मनाया दीपावली स्नेह सम्मेलन
मुंबई, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दीपावली पर नैसर्गिक विकलांग सेवा संघ के अध्यक्ष टी. एन. दुबे द्वारा दीपावली स्नेह सम्मलेन का आयोजन किया गया।  अँधेरी पूर्व अम्बावाड़ी स्थित संस्था कार्यालय प्रांगण में आयोजित इस दीपावली स्नेह सम्मलेन में मुख्य अतिथि के तौर पर समारोह अध्यक्ष अनिल गलगली (प्रमुख आर.टी.आई विशेषज्ञ), अभिजीत राणे (अध्यक्ष भाजपा कामगार अघाड़ी, मुंबई), प्रसिद्ध समाजसेवी  श्री गणेश अग्रवाल, एडवोकेट सतीश मिश्रा, विजय सिंह, प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसरपर संस्था अध्यक्ष टी. एन. दुबे तथा अतिथियों द्वारा १५० दिव्यांगजनों  को घरेलु उपयोगी सामग्री व मिष्ठान वितरण किया गया. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशांत चारी, विनय दुबे,पंकज मिश्रा, वीरेन्द्र दुबे, अमित खरवार, पवन दुबे, अनिल धोत्रे, मिना पटेकर, गुरुजस यादव, राम ठाकुर, दिपक नाचरे, मदन शीतप, पिंटू उपाध्याय का सराहनीय सहयोग रहा।
डॉ राधेश्याम तिवारी को मिला पं.रामजस उपाध्याय विशिष्ट समाजसेवी सम्मान
मुंबई। हिंदी भाषी संघ के तत्वावधान  मुंबई के बोरीवली (प) में स्थित पं.रामजस उपाध्याय रामलीला रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को हिंदी भाषी संघ के अध्यक्ष एडवोकेट रामकृपाल उपाध्याय के मुख्य संयोजन में भव्य विराट कवि सम्मलेन एवं सम्मान समारोह का मुख्य आयोजन संपन्न हुआ। इस साहित्यिक आयोजन में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं काव्य की समृद्धि परंपरा को प्रसिद्ध कवियों ने अपनी ओजस्वी हास्य, व्यंग, देशभक्ति एवं भावपूर्ण गीतों, रचनाओं के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आमंत्रित कविओं में शशिकांत यादव ( देवास म.प्र ), मनोज गुर्जर (जयपुर ), महेश दूबे (मुंबई ), प्रीति पाण्डेय (प्रतापगढ़ ,उ.प्र. ), पार्थ नवीन (प्रतापगढ़, राजस्थान )तथा श्रद्धा शौर्य (नागपुर ) ने अपनी रचनायें प्रस्तुत की। इसी मंच पर वरिष्ठ समाजसेवी , भारतीय सदविचार मंच के संस्थापक, उत्तर भारतीय संघ, मुंबई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष  डॉ. राधेश्याम तिवारी जी को "पं. रामजस उपाध्याय विशिष्ट समाजसेवी सम्मान- 2026 " सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में गोपाल शेट्टी ( पूर्व सांसद), संजय उपाध्याय (विधायक , बोरीवली),  कृपाशंकर सिंह (पूर्व गृह मंत्री महाराष्ट्र ), मुंबई उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट जे.पी.मिश्रा, संतोष आर.एन.सिंह सिंह (अध्यक्ष, उत्तर भारतीय संघ ), डॉ.ओम प्रकाश दुबे (संचालक आ. मेडिकल कॉलेज नालासोपारा), वरिष्ठ पत्रकार,आर.टी.आई विशेषज्ञ अनिल गलगली, डॉ शिवश्याम तिवारी (अध्यक्ष ,भारतीय सद्विचार मंच ), पत्रकार विनोद यादव , पूर्व नगरसेविका बीना दोषी, समरस फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ.किशोर सिंह, (अध्यक्ष , आनंद दुबे (राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवसेना ),उद्योगपति ब्रह्मदेव सिंह, श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल के महामंत्री सुभाषचन्द्र उपाध्याय, राघवेन्द्र सेवा मंच के अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार मिश्रा,पूर्व नगर सेवक विनोद मिश्रा, प्रवीण शाह,कांग्रेसी नेता अभय चौबे, उद्योगपति डॉ संदीप तिवारी आदि का समावेश रहा। संस्था के कोषाध्यक्ष सूर्यकांत उपाध्याय एवं कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने आयोजन में समर्पित सहयोग दिया। महामंत्री डॉ.विनोद मिश्रा ने कार्यक्रम का संचालन किया।
ब्रजमंडल मुंबई के मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन संपन्न
मुंबई। श्री ब्रजमंडल मुंबई के तत्वावधान में गिरगांव चौपाटी पर 35वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सम्पन्न हुआ जिसमें हास्य सम्राट सुरेश मिश्र के संचालन में योगेंद्र शर्मा (भीलवाड़ा), डाक्टर कीर्ति काले (नई दिल्ली), कुंवर जावेद (कोटा राजस्थान), हेमंत पांडेय (लाफ्टर चैंपियन फेम,कानपुर) ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इससे पूर्व उद्योगपति महेश वंशीधर अग्रवाल सहित अनेक अतिथियों एवं कमेटी के सदस्यों ने दीप प्रज्ज्वलित करके कवि सम्मेलन का उद्घाटन किया। सम्मान समारोह का संचालन कवि सम्मेलन के संयोजक कानबिहारी अग्रवाल ने किया। इससे पहले पिछले दस दिनों तक इसी मंच पर भव्य रासलीला का मंचन किया गया। संस्था के अध्यक्ष अनिल आर. अग्रवाल एवं मंत्री  ओमप्रकाश बी. अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं कोषाध्यक्ष प्रदीप आर. लाड़ीवाल, विराट कवि सम्मेलन संयोजक एवं ट्रस्टी कानबिहारी अग्रवाल तथा श्री कृष्ण रासलीला संयोजक विवेक जी अग्रवाल के कुशल समन्वय से यह साहित्यिक समारोह अत्यंत गरिमामय एवं सफल रहा।इस अवसर पर समारोह अध्यक्ष श्री कैलाश अग्रवाल, मुख्य अतिथि अनिल एम. गुप्ता,अमरीशचंद अग्रवाल, राजीव एस. अग्रवाल व लक्ष्मीनारायण अग्रवाल (मन्नू सेठ) की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
गिरगांव चौपाटी के विशाल पंडाल में उपस्थित हजारों कविता प्रेमियों ने हास्य, वीर रस, गीत, ग़ज़ल एवं श्रृंगार रस की मनमोहक प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। कवियों की रचनाओं पर श्रोताओं की तालियों की गड़गड़ाहट एवं उत्साह ने पूरे वातावरण को साहित्यिक उल्लास से सराबोर कर दिया।
इस भव्य समारोह में  श्यामलाल अग्रवाल, प्रदीप जैन, श्रीमती रानी पांडेय शशिधर पांडे चमनलाल अग्रवाल, विशाल अग्रवाल,पवन अग्रवाल, संजय अग्रवाल एवं  घनश्याम अग्रवाल ,संस्था के ट्रस्टी एवं पदाधिकारीगण सुरेशचंद अग्रवाल, बृजकिशोर अग्रवाल, रविशंकर अग्रवाल, गोविंद डी. अग्रवाल एवं अनिल पी. अग्रवाल की उपस्थिति रही। राजेश मित्तल, गौरव शर्मा, संदीप पी. अग्रवाल,  सुनील अग्रवाल, अशोक बी. अग्रवाल, नरेंद्र अग्रवाल, धर्मेश गर्ग, पवन अग्रवाल एवं उमेश मित्तल सहित अनेक सदस्यों ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। आयोजन समिति के उदेश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल,  राजीव अग्रवाल,  राजेश बी. अग्रवाल,  मुकुंद शर्मा,  देवेंद्र अग्रवाल,  विकास डी. अग्रवाल,  विशाल अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, कौशल पिपरिया एवं अन्य गणमान्य सदस्यों की उपस्थिति एवं सहयोग उल्लेखनीय रहा।
मऊ नर्सिंग विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों से दिया महत्वपूर्ण संदेश

‘संकल्पित समर्पण’ सेमिनार में मानसिक रोग, दमा समेत विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर दी जानकारी

मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। सदरपुर गालिबपुर स्थित किंग्स ईडेन कॉलेज ऑफ नर्सिंग में रविवार को ‘संकल्पित समर्पण’ विषय पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीएससी नर्सिंग, जीएनएम, ओटी टेक्नीशियन और डी-फार्मा सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं ने स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े विषयों पर आकर्षक प्रस्तुतियां देकर लोगों को जागरूक किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी जितेंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. उमेश सरोज, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि दीपक गुप्ता डायमंड, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन गुप्ता एवं पूर्व विधानसभा प्रभारी डॉ. धर्म सिंह गौतम ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों ने मानसिक रोग, दमा सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी।

नाटक और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को अंधविश्वास से जोड़ने के बजाय समय रहते योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के चक्कर में न पड़कर वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय उपचार अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया।

इस अवसर पर कॉलेज की डायरेक्टर डॉ. मोनिका गुप्ता ने महिलाओं से संबंधित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं पर जानकारी देते हुए छात्र-छात्राओं को जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पूरी मेहनत और लगन के साथ शिक्षा ग्रहण करें तथा भविष्य में आने वाली चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करें।

विद्यालय के प्रबंधक डॉ. प्रवीण कुमार मद्धेशिया एवं डायरेक्टर डॉ. मोनिका गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में प्रिंसिपल अभिनव श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव, अजीत जायसवाल, चंद्रभूषण यादव, संजीव द्विवेदी, अरविंद गुप्ता, मिथिलेश सिंह सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।