सुहाग की सलामती के लिए महिलाओं ने रखा हरितालिका तीज व्रत, सामूहिक तीज मनाने की परंपरा, मेहंदी और सोलह शृंगार से सजी महिलाओं
गया। हरियाली तीज की उमंग, सुहागिनों की आस्था और हर-हर महादेव के जयघोष से ढोलकिया गली का माहौल भक्तिमय हो उठा। मौका था हरितालिका तीज पर्व का, जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-शांति, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की। सामूहिक पूजा और महिलाओं के उत्साह ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।
ढोलकिया गली में पिछले करीब 12 से 15 वर्षों से सामूहिक रूप से तीज पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस वर्ष भी इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं और पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ तीज का व्रत रखा। सुबह से ही महिलाओं में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। घरों में पूजा की तैयारियां होती रहीं और महिलाएं मेहंदी, शृंगार तथा पारंपरिक परिधानों में सजकर आयोजन में शामिल हुईं।
राखी अग्रवाल ने बताया कि तीज पर्व का संबंध माता पार्वती की कठिन तपस्या और भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने की आस्था से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी आस्था और परंपरा के तहत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखती हैं।
उन्होंने बताया कि तीज की तैयारी कई दिन पहले से ही शुरू हो जाती है। महिलाएं पर्व को लेकर विशेष रूप से मेहंदी लगाती हैं और सोलह शृंगार करती हैं। घरों में भी पर्व की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। तीज पर्व की शुरुआत ‘नहाय-खाय’ से होती है। इस दिन सात्विक भोजन तैयार किया जाता है, जिसमें प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसके बाद महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और पूरे दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना करती हैं। शाम के समय महिलाओं ने एकत्रित होकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजन सामग्री अर्पित की और अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। पूजा के बाद रात में जागरण का भी आयोजन किया गया। इस दौरान भक्ति गीतों और धार्मिक वातावरण के बीच महिलाओं ने तीज पर्व की खुशियां साझा कीं।
शिक्षिका के रूप में कार्यरत एक महिला ने बताया कि वह भी लंबे समय से संजू अग्रवाल के घर पर आयोजित होने वाले तीज पर्व में शामिल होती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक रूप से तीज मनाने का आनंद ही अलग होता है। जब बड़ी संख्या में महिलाएं एक साथ पूजा करती हैं तो माहौल में श्रद्धा के साथ-साथ उत्साह और अपनापन भी देखने को मिलता है। महिलाओं के बीच प्रेम, भाईचारा और आपसी सहयोग की भावना इस आयोजन की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
महिलाओं ने कहा कि तीज केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। इस अवसर पर वे अपने पति की लंबी आयु, ऐश्वर्य, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करने के साथ-साथ आसपास के सभी परिवारों के सुखी और समृद्ध जीवन की भी प्रार्थना करती हैं।
पिछले एक दशक से अधिक समय से जारी इस सामूहिक परंपरा को लेकर महिलाओं में खास उत्साह है। उनका कहना है कि आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा से जुड़ें और तीज का पर्व इसी प्रेम, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता रहे, यही उनकी कामना है। पूजा-अर्चना के दौरान महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती से सभी परिवारों पर सुख-समृद्धि, शांति और सौभाग्य बनाए रखने की प्रार्थना की। अंत में पूरे उत्साह के साथ “हर-हर महादेव” और “भोले बाबा का आशीर्वाद सभी पर बना रहे” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
इस मौके पर राखी अग्रवाल, संजू देवी, विरजा अग्रवाल, रंजू अग्रवाल, प्रियंका अग्रवाल, रूपा देवी, संगीता अग्रवाल, कविता अग्रवाल, अनिता अग्रवाल, बिंदु देवी, मनोरमा देवी, कृष्णा देवी, सविता अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
Sep 14 2026, 22:00
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