सीएसआईआर-यूजीसी नेट में पीयू की सोनल की देश में दूसरी रैंक, छह अभ्यर्थियों की शानदार सफलता
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों ने संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया है। प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भइया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान से जुड़े छह अभ्यर्थियों ने जेआरएफ एवं नेट में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय रैंक हासिल की है।

अर्थ एंड प्लैनेटरी साइंसेज में एम.एससी. भूविज्ञान की छात्रा सोनल शुक्ला ने जेआरएफ में देशभर में दूसरी रैंक हासिल की। इसी विषय में अनन्य पांडेय ने 29वीं रैंक प्राप्त की। रसायन विज्ञान में रज्जू भइया संस्थान के पूर्व छात्र सूरज प्रजापति ने सीएसआईआर-जेआरएफ में 79वीं रैंक हासिल की। वह वर्तमान में विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड टेक्नोलॉजी में डीएसटी-पर्स परियोजना के तहत शोध कर रहे हैं।

भौतिक विज्ञान में प्रवीण कुमार प्रजापति ने नेट में 118वीं रैंक हासिल की। गणितीय विज्ञान में प्रदूम कुमार शर्मा ने सीएसआईआर-जेआरएफ में 122वीं तथा अनंत चौधरी ने नेट में 106वीं रैंक प्राप्त की। कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न विज्ञान विषयों में विद्यार्थियों की यह सफलता विश्वविद्यालय की मजबूत होती शोध संस्कृति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं और बेहतर अकादमिक मार्गदर्शन को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में मिली सफलता से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध पहचान मजबूत हुई है और अन्य विद्यार्थी भी उच्च शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।
भाकियू की बैठक में गरजे किसान नेता, समस्याओं के समाधान की उठी मांग
संभल । भारतीय किसान यूनियन (बीआरएसएस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा रविवार को ग्राम - अडोला माफी में युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा के नेतृत्व में जनजागरण अभियान के तहत बैठक का आयोजन किया गया ! बैठक की अध्यक्षता  चौ. ऋषिपाल सिंह एवं संचालन निर्देश कुमार ने किया । बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सम्भल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं को लेकर गांव-गांव पहुंच रहा है। संगठन का उद्देश्य किसानों को एकजुट कर उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाना और समस्याओं का समाधान कराना है। उन्होंने कहा कि किसान अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों और संगठन को मजबूत बनाने के लिए अधिक से अधिक किसानों एवं युवाओं को जोड़ा जाए ।

बिजली व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा बिजली से जुड़ी समस्याओं के कारण खेती का कार्य प्रभावित होता है ! बिजली आपूर्ति में सुधार, खराब विद्युत लाइनों एवं पोलों को दुरुस्त कराने तथा अनावश्यक रूप से बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कराकर सही कराने की मांग उठाई। इसके साथ ही गांवों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्रामीणों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई ! गन्ने के भुगतान और फसल के उचित मूल्य का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया ! किसान अपनी फसल तैयार करने में महीनों मेहनत करता है, लेकिन समय पर भुगतान नहीं मिलने से उसे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।

गन्ने का भुगतान समय से कराने तथा किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग उठाई ! संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने बोलते हुए बिजली कटौती, स्मार्ट मीटर, गन्ना भुगतान, खाद-बीज की उपलब्धता, आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान, सरकारी प्रमाण पत्रों में देरी तथा वारिसान दर्ज कराने जैसी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखकर समाधान की बात कही ! गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने, दवा का छिड़काव कराने, गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर गांवों के नाम के बोर्ड लगाने और संभल रेल विस्तार से संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग भी रखी गई ! संगठन विस्तार करते हुए कार्यकारिणी द्वारा बालेंद्र सिंह को ग्राम अध्यक्ष, महावीर सिंह को ग्राम उपाध्यक्ष, अमान अली को ग्राम महासचिव, मौसम अली को ग्राम सचिव, गुलफाम अली को ग्राम प्रभारी नियुक्त किया गया ! युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को सदस्यता सौंपकर आभार व्यक्त करते हुए कहा पदाधिकारी किसान हित में पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाकर उनके अधिकार एवं सम्मान की लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे ।

युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष सम्भल कामेन्द्र चौधरी, जिला सलाहकार सरदार गुरुवचन सिंह, जिला संगठन मंत्री चौ. ऋषिपाल सिंह, जिला महासचिव अनमोल कुमार, युवा मंडल उपाध्यक्ष अरुण चौधरी, जिला प्रचार मंत्री सन्तवीर सिंह, जिला महासचिव (अ. मो.) इस्माइल खां, युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार, जिला मंत्री (अ.मो.) सुफियान पाशा, तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह, तहसील महासचिव राजीव कुमार, ब्लॉक महासचिव धीरेन्द्र त्यागी, ब्लॉक प्रभारी नरेन्द्र चौधरी, ब्लॉक महामंत्री मनीराम गूर्जर, युवा ब्लॉक उपाध्यक्ष मो. हसन, नरदेव सिंह, बालेन्द्र चौधरी, रिंकू सिंह, अमन चौधरी, शिव चौधरी, महावीर सिंह, विपिन सिंह, सोनू सिंह, अंसार अहमद, अमान मालिक, धर्म सिंह, सतपाल सिंह, चौ. चन्द्रपाल सिंह, ताहिर अली, बिजेन्द्र कुमार आदि सहित तमाम कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
फर्जी जमानत प्रपत्र बनाने वाले गिरोह का सदस्य गिरफ्तार: ज्ञानपुर पुलिस ने जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट के फरार आरोपी को दबोचा*


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने फर्जी जमानत प्रपत्र बनाने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओमप्रकाश मिश्रा को ज्ञानपुर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में पकड़ा है। यह मामला थाना ऊंज में दर्ज है, जिसमें धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट, 207 एमवी एक्ट और 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट शामिल हैं।

इस मामले में आरोपियों और उनके वकीलों ने अदालत से जमानत पाने के मकसद से थाना ज्ञानपुर, थाना सुरियावां और थाना गोपीगंज के थानाध्यक्षों/प्रभारियों के फर्जी नाम, हस्ताक्षर और पुलिस की नकली मोहर का इस्तेमाल कर फर्जी जमानत सत्यापन रिपोर्ट तैयार की थी। इस गंभीर धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के मामले में एक आरोपी लगातार फरार चल रहा था। इस गिरोह में मोहम्मद शिवान इराकी, आशुतोष कुमार झा और उनके फर्जी जमानतदार व अज्ञात वकील भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ जांच चल रही है।

पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल की निगरानी में, ज्ञानपुर थाना पुलिस टीम ने रविवार को क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मुखबिर की सही जानकारी पर कार्रवाई की। टीम ने धोखाधड़ी और गैंगस्टर मामले से जुड़े आरोपी ओमप्रकाश मिश्रा को घेरकर गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान ओमप्रकाश मिश्रा (उम्र लगभग 58 वर्ष) के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय काशीराम मिश्रा का बेटा है और छ्तमा, थाना सुरियावां, जनपद भदोही का रहने वाला है।

पुलिस टीम द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ओमप्रकाश मिश्रा ने कबूल किया कि वह पुलिस और कोर्ट को धोखा देने के लिए थानों की फर्जी मोहरें और अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर बनाकर कोर्ट में फर्जी जमानत सत्यापन प्रपत्र दाखिल करने वाले इस संगठित गिरोह का हिस्सा था। उसने बताया कि वह गैंगस्टर एक्ट और जालसाजी के इस मुकदमे में अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार जगह बदल रहा था।

आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक भारत भूषण, हेड कांस्टेबल पीर मोहम्मद, कांस्टेबल राहुल कुमार और होमगार्ड राजेश यादव शामिल थे। ये सभी थाना ज्ञानपुर, जनपद भदोही में तैनात हैं।
सोशल मीडिया क्रिएटर का भड़काऊ वीडियो वायरल,माहौल खराब करने की आशंका
*विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर विवादित वीडियो

गोंडा।जिले में एक तरफ जहां बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या उनके सोशल मीडिया पर किए गए विवादित पोस्ट को लेकर हुई थी, वहीं दूसरी तरफ गोंडा जिले में एक नया हंगामा खड़ा हो गया है।जहाँ जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत मर्दनपुरवा की रहने वाली एक सोशल मीडिया क्रिएटर माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है।उसने शनिवार देर रात में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भड़काऊ वीडियो पोस्ट किया,जो रविवार सुबह 10 बजे से तेजी से वायरल हो रहा है।वीडियो पोस्ट होने के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी गोंडा पुलिस प्रशासन और सोशल मीडिया टीम ने कोई कार्रवाई नहीं की है।लोग इस वीडियो को वायरल कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं  और माहौल खराब होने की आशंका जता रहे हैं।बताते चलें कि सोशल मीडिया क्रिएटर का नाम काजल सिंह है,जो पहले भी विवादों में रही हैं।वह पूर्व में दो बार इटियाथोक थाना क्षेत्र के मर्दनपुरवा गांव में और एक बार जिला मुख्यालय स्थित एक मोबाइल टावर पर अपनी मांगों को लेकर चढ़ चुकी हैं।इस वायरल वीडियो को लेकर परसपुर थाने की पुलिस और गोंडा साइबर सेल जांच कर रही है।वायरल वीडियो में काजल सिंह कहती दिख रही हैं कि विनोद साहनी हत्याकांड के मुख्य आरोपी शुभम सिंह को निषाद पार्टी वाले गलत फंसा रहे हैं।वह आगे कहती है,तो सुन लो निषाद पार्टी के लोग,अभी एक लोग मारे गये हो और अगर ऐसी दशा रहेगी तो बहुत मारे जाओगे।अभी तुम्हारे लोगों के अंदर की जान के बदले में जान मिलेगी तो जान के बदले में जान कभी नहीं मिल सकती है।एनकाउंटर की बात जो कर रहे हैं,तो एनकाउंटर कभी नहीं हो सकता है।भरत मारे गए थे तो कितने लोगों का एनकाउंटर हुआ था बताओ।शांत बैठे रहो अभी ठाकुर बाभन शांत हैं तो शांत ही रहो,अगर औजार छूटा तो एक भी प्रशासन नहीं बचेगा और तुम लोग तो बचोगे ही नहीं।तुम लोग नाजायज फायदा उठा रहे हो।किसी और को क्यों फंसा रहे हो।जब कमेंट करते थे निषाद पार्टी वाले तुम नहीं देख रहे थे,मर गए थे।तब तुम्हारे मुंह में दही जमा हुआ था,जैसी करनी,वैसी भरनी।ओम शांति।
गौरा विधानसभा क्षेत्र में रोजगार का बड़ा अवसर, 30 से अधिक कंपनियां करेंगी प्रतिभाग


*हाईस्कूल से पोस्ट ग्रेजुएट तक के युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर, मेला पूर्णतः निःशुल्क*


*रोजगार के साथ स्वरोजगार का भी अवसर, सरकारी योजनाओं की जानकारी और लोन-सब्सिडी के लगेंगे स्टॉल*

*गोण्डा 13 सितम्बर 2026* - उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, गोण्डा द्वारा विधानसभा क्षेत्र गौरा में 19 सितम्बर 2026 को प्रातः 10 बजे से आचार्य नरेन्द्र देव किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बभनान, गोण्डा में वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिला सेवायोजन अधिकारी श्रीमती प्रिया गौतम ने बताया कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की 30 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियां प्रतिभाग करेंगी तथा युवाओं के लिए 1000 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती का अवसर उपलब्ध होगा। साक्षात्कार में सफल अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किए जाने के उपरांत कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं गौरा विधायक श्री प्रभात वर्मा द्वारा ऑफर लेटर प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि मेले में 18 से 40 वर्ष तक के अभ्यर्थी प्रतिभाग कर सकते हैं। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, डिप्लोमा, स्नातक एवं परास्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी अपनी योग्यता के अनुसार विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। रोजगार मेला पूर्णतः निःशुल्क है तथा रजिस्ट्रेशन, प्रतिभाग करने अथवा नौकरी के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

रोजगार के साथ युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकारी बैंक, उद्योग, खादी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभागों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों के माध्यम से इच्छुक युवाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण एवं सब्सिडी की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें।

आचार्य नरेन्द्र देव किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रबन्धक श्री विजय कुमार पाण्डेय, प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) धर्मेन्द्र कुमार शुक्ल, सहायक निदेशक सेवायोजन श्री राजीव सिंह एवं जिला सेवायोजन अधिकारी श्रीमती प्रिया गौतम ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में रोजगार मेले में पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। अधिक जानकारी के लिए सेवायोजन विभाग की हेल्पलाइन 155330 पर संपर्क किया जा सकता है। अभ्यर्थी रोजगार मेले में प्रतिभाग करने के लिए सेवायोजन विभाग के पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर पंजीकरण करा सकते हैं।
गणेश चतुर्थी के साथ ही दुर्गा पूजा का आगाज,गोमती मित्र मण्डल ने संभाला धाम*
*सीता उपवन की हुई विशेष सफाई*
सुल्तानपुर:-
गोमती मित्र मण्डल का साप्ताहिक स्वच्छता जागरूकता श्रमदान रविवार को श्री सीताकुण्ड धाम में प्रातः 06:00 बजे से 09:00 बजे तक संपन्न हुआ। आगामी दुर्गा पूजा महोत्सव को देखते हुए धाम में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर इस बार स्वच्छता के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
श्रमदान के दौरान सीता उपवन की विशेष सफाई की गई। साथ ही धाम परिसर एवं श्रद्धालुओं के आवागमन वाले स्थानों से गंदगी हटाकर स्वच्छता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया। प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह ने कहा कि पर्व और महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचते हैं, ऐसे में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
श्रमदान में प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,प्रदेश प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी,सन्तकुमार प्रधान,मुन्ना सोनी,राजेश पाठक,अजय प्रताप सिंह,डॉ.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,आलोक कुमार तिवारी,अभय सोनी,अभय मिश्रा,आभास व स्थानीय निवासी शामिल रहे।
14 सितंबर 2026 को होगी चंद्रमा-शुक्र की दुर्लभ खगोलीय नजदीकी।*


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि आकाश-दर्शन में रुचि रखने वाले अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए 14 सितंबर 2026 की शाम बेहद खास होगी, इस दिन चंद्रमा और शुक्र ग्रह पश्चिमी से दक्षिण-पश्चिमी आकाश में एक-दूसरे के बहुत करीब दिखाई देंगे,सूर्यास्त के बाद थोड़े समय के लिए बनने वाली यह चमकीली जोड़ी साफ क्षितिज वाले स्थानों से नंगी आंखों से देखी जा सकेगी, और दोनों खगोलीय पिंडों के बीच न्यूनतम कोणीय दूरी लगभग 28.8 आर्कमिनट, यानी करीब 0.48 डिग्री रहेगी , खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह दूरी इतनी कम होगी कि चंद्रमा और शुक्र ग्रह कम शक्ति वाली दूरबीन या छोटे टेलीस्कोप के एक ही दृश्य क्षेत्र में आ सकते हैं, हालांकि,उन्हें देखने के लिए किसी उपकरण की भी आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि शुक्र ग्रह अपनी अत्यधिक चमक के कारण आकाश में चमकीले तारे जैसा दिखाई देगा, जबकि चंद्रमा पतले बढ़ते हुए अर्धचंद्र के रूप में नजर आएगा। *सूर्यास्त के बाद कितने समय का अवसर मिलेगा* ?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय दृश्य सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में दिखाई देगा और दोनों खगोलीय पिंड लगभग शाम 6:16 बजे दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज से करीब 16 डिग्री ऊपर दिखाई देंगे इसके बाद वे धीरे धीरे से क्षितिज की ओर नीचे जाते हुए नज़र आयेंगे और रात्रि लगभग 7:30 बजे के क़रीब एवं उसके बाद अस्त होते हुए दिखाई देंगे।

*किस तारामण्डल में मौजूद होंगे और कितना होगा चन्द्रमा और शुक्र ग्रह का मैग्नीट्यूड?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 14 सितम्बर 2026 को दोनों खगोलीय पिण्ड शुक्र ग्रह और चंद्रमा एक दुसरे के बहुत नज़दीक होंगे और इनकी दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि सूर्यास्त से लेकर लगभग 7:30 PM तक दिखाई देंगे उसके बाद दोनों पश्चिमी क्षितिज पर नीचे चले जाएंगे। इसीलिए समय का विशेष ध्यान रखें क्योंकि इनकी बेहद शानदार खगोलीय युति देखने के लिए आपको बहुत ही कम समय मिलेगा। इस दौरान चंद्रमा और शुक्र ग्रह दोनों खगोलीय पिण्ड कन्या तारामंडल में ही स्थित होंगे एवं इस दौरान चंद्रमा का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 7.63 होगा और शुक्र ग्रह का दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 4.73 के क़रीब होगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने यह भी बताया कि स्थानीय भौगोलिक स्थिति, प्रकाश प्रदूषण, सूर्यास्त के समय, धुंध और क्षितिज की रुकावट के कारण अलग-अलग शहरों में दृश्यता का मैग्नीट्यूड कुछ बदल सकता है, इसलिए खगोल प्रेमियों/आकाश दर्शकों को सूर्यास्त से पहले ही खुले मैदान या ऐसे स्थान पर पहुंचने की सलाह दी जाती है, जहां पश्चिमी क्षितिज भवनों, पेड़ों और पहाड़ियों से बाधित न हो, क्योंकि दोनों पिंड क्षितिज के बहुत करीब होंगे, इसलिए अवलोकन के लिए लगभग एक घंटे का ही व्यावहारिक अवसर मिलेगा। *कैसा होगा दोनों खगोलीय पिंडों का दायाँ आरोहण एवं ऐपल्स*?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान दोनों खगोलीय पिण्ड कन्या तारामंडल में होंगे, या कुछ यूं कहें कि दोनों पिंड
इस अवसर पर चंद्रमा और शुक्र, कन्या तारामंडल की दिशा में ही स्थित होंगे यह विशेषता भी दोनों खगोलीय पिंडों को और भी ख़ास बनाती है,एवं इस दौरान दोनों का right ascension( दायाँ आरोहण) या कुछ यूं कहें कि लगभग उसी समय चंद्रमा और शुक्र का दायाँ आरोहण (Right Ascension) समान होगा,इस स्थिति को खगोलीय भाषा में संयोजन , कंजंक्शन (conjunction) या युति कहा जाता है, या कुछ यूं भी कह सकते हैं कि जब दायाँ आरोहण लगभग समान होता है तो खगोल विज्ञान में इस स्थिति को कंजंक्शन (conjunction) या युति कहा जाता है,और यूं भी समझ सकते हैं कि आकाश में दो पिंडों का बहुत पास दिखाई देना ऐपल्स (appulse) कहलाता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 14 सितंबर 2026 की खगोलीय घटना में दोनों अवधारणाएं लागू होंगी, क्योंकि दोनों पिंड समान (right ascension) दायाँ आरोहण लगभग समान  के निकट होंगे और दृश्य रूप से भी अत्यंत पास नजर आएंगे।
चंद्रमा उस समय लगभग तीन दिन पुराना और करीब 15 प्रतिशत प्रकाशित होगा। यह बढ़ता हुआ अर्धचंद्र होगा। साथ ही इस दौरान शुक्र का दृश्य परिमाण लगभग माइनस 4.73 रहेगा, जिससे वह सूर्यास्त के बाद सबसे चमकीले प्राकृतिक पिंडों में शामिल दिखाई देगा। *कैसा होगा शुक्र का आच्छादन*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विश्व के कुछ भागों में चंद्रमा शुक्र को पूरी तरह ढकता हुआ दिखाई देगा। इस घटना को lunar occultation of Venus, अर्थात या चंद्रमा द्वारा, शुक्र का आच्छादन कहा जाता है, वैसे यह कोई यह चंद्र ग्रहण नहीं होता है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा आम बोलचाल की भाषा में इसको शुक्र ग्रह का चंद्र ग्रहण भी बोल देते हैं,  लेकिन खगोल विज्ञान में ग्रहण की बात करें तो पाते हैं कि जब चंद्र ग्रहण में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जबकि occultation या आच्छादन में चंद्रमा किसी दूर स्थित पिंड को हमारी दृष्टि से कुछ समय के लिए छिपा देता है इसीलिए इसको खगोल वैज्ञानिक रूप में ऑक्ल्टेशन या आच्छादन कहा जाता है  खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगर हम बात करें 14 सितंबर 2026 की घटना की तो पाते हैं कि यह ऑक्ल्टेशन या आच्छादन भारत के कुछ या बड़े हिस्सों से दृश्यता संभव है लेकिन संपूर्ण भारत से इस ऑक्ल्टेशन या आच्छादन को नहीं देखा जा सकेगा, लेकिन शानदार खगोलीय युति को देख सकते हैं। *भारत के बाकी हिस्सों में क्या दिखेगा?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जहाँ ऑक्ल्टेशन नहीं दिखाई देगा वहाँ चंद्रमा और शुक्र बेहद करीब (कंजंक्शन/युति) में दिखेंगे, सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज के पास यह शानदार खगोलीय युति को नंगी आँखों/साधारण आँखों से आसानी से दिखने वाला दृश्य होगा,बशर्ते क्षितिज साफ़ हो ।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि वैज्ञानिक शब्द की बात करें तो पाते हैं कि इसे “चंद्र-शुक्र ऑक्ल्टेशन” या “चंद्रमा द्वारा शुक्र का आच्छादन” ही कहा जाता है लेकिन यह भी जानना रुचिकर है कि आम बोलचाल में “चंद्र-शुक्र ग्रहण” भी कहा जाता है, लेकिन इसको तकनीकी रूप से ऑक्ल्टेशन ही कहा जाता है। *ऐपल्स, कंजंक्शन और ऑक्ल्टेशन क्या होता है?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ऐपल्स वह खगोलीय घटना है,जिसमें दो या दो से अधिक खगोलीय पिंड,आमतौर पर ग्रह या चंद्रमा, जब आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं,खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा आकाश में अपेक्षाकृत तेज गति से घूमता है और लगभग हर महीने तारामंडलों के बीच अपनी एक पूरी परिक्रमा पूरी करता है। इसलिए अधिकांश ऐपल्स तब होते हैं, जब चंद्रमा आकाश में किसी अन्य खगोलीय पिंड के पास से गुजरता है और चंद्रमा अपनी कलाओं के चक्र में लगभग समान चरण पर हर महीने लगभग उन्हीं ग्रहों के पास से गुजरता है, इसलिए कई घटनाएं आमतौर पर मासिक आधार पर दोहराई जाती हैं,दो खगोलीय पिंडों के बीच कितनी दूरी होने पर उनके निकट आने को ऐपल्स कहा जाए, इसकी कोई औपचारिक परिभाषा नहीं है, लेकिन खगोलविदों द्वारा उन सभी ऐपल्स को सूचीबद्ध किया जाता है, जिनमें ग्रह या छोटे ग्रह एक-दूसरे से एक डिग्री के भीतर आ जाते हैं, साथ ही नग्न आंखों से दिखाई देने वाले खगोलीय पिंडों के लिए तीन डिग्री तक की दूरी वाले ऐपल्स को शामिल किया जाता है,वहीं,विशेष रूप से चमकीले और नग्न आंखों से आसानी से दिखाई देने वाले पिंडों के लिए पांच डिग्री तक की दूरी को भी ऐपल्स की श्रेणी में रखा जाता है और
कभी-कभी दो खगोलीय पिंडों के बीच होने वाला यह निकट संयोग इतना करीबी होता है कि एक पिंड दूसरे के सामने से गुजरता हुआ दिखाई देता है,इस घटना को पारण या ऑकल्टेशन (Occultation) या आच्छादन भी कहा जाता है,ऐसी अधिकांश घटनाओं में चंद्रमा शामिल होता है, क्योंकि चंद्रमा हर महीने आकाश के बहुत बड़े क्षेत्र से होकर गुजरता है, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ऐपल्स और युति को आम बोलचाल में खगोलीय पिंडों के आकाश में एक-दूसरे के पास दिखाई देने को अक्सर युति या कंजंक्शन (Conjunction) ही कहा जाता है,हालांकि, खगोल विज्ञान में कंजंक्शन का अर्थ कुछ अधिक तकनीकी है, यह उस स्थिति को कहा जाता है, जब दो खगोलीय पिंडों का राइट एसेंशन (Right Ascension) या दायां आरोहण समान हो जाता है, या कुछ और भी अधिक
सरल शब्दों में कहें कि ऐपल्स में दो पिंड आकाश में पास-पास दिखाई देते हैं, जबकि कंजंक्शन दो पिंडों की आकाशीय स्थिति से जुड़ी एक विशिष्ट खगोलीय अवस्था है,खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसको कुछ ऐसे भी समझ सकते हैं कि ऐपल्स वह खगोलीय घटना है जिसमें पृथ्वी से देखने पर दो पिंडों के बीच आकाशीय कोणीय दूरी न्यूनतम हो जाती है,इसके लिए कोई सार्वभौमिक दूरी-सीमा निर्धारित नहीं है, इसके विपरीत, कंजंक्शन एक निर्देशांक-आधारित स्थिति है, जिसमें दो पिंड समान दायाँ आरोहण या ecliptic longitude या क्रांतिक रेखांश, क्रांतिवृत्तीय रेखांश या भोगांश (Bhogansh) भी कहा जाता है ,यह अंतरिक्ष में किसी आकाशीय पिंड (जैसे सूर्य, चंद्रमा या ग्रह) की स्थिति को मापने का एक पैमाना है, जो क्रांतिवृत्त (Ecliptic path) पृथ्वी के चारों ओर सूर्य का आभासी पथ) पर आधारित होता है उसको साझा करते हैं, इसी दौरान यदि कोई पिंड दूसरे को हमारी दृष्टि से ढक देता है, तो घटना को ऑकल्टेशन या आच्छादन कहा जाता है। लेकिन अंतरिक्ष में यह पिंड करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर मौजूद होते हैं यह केवल पृथ्वी से देखने पर दृष्टि प्रभाव होता है,वास्तविक रूप या भौतिक रूप में उपरोक्त से कोई भी खगोलीय पिण्ड एक दुसरे के इतने निकट नहीं होते हैं। *यह आच्छादन का क्षेत्र कौन कौन से देशों से होंगे।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर उत्तर प्रदेश भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में 14 सितंबर 2026 से पहले चंद्रमा द्वारा शुक्र के ऑक्ल्टेशन की पिछली प्रमाणित घटना 24 मार्च 2023 को हुई थी,भारत के कुछ हिस्सों में यह घटना लगभग 15:55 से 18:16 IST के बीच हुई, हालांकि शहर के अनुसार समय अलग था। लेकिन इस बार 14 सितंबर 2026 की बात करें तो पाते हैं कि इस आच्छादन का क्षेत्र, एशिया, अफ्रीका, यूरोप और पश्चिमी रूस के कुछ हिस्सों तक सीमित रहेगा,खगोलीय गणनाओं के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर शुक्र के छिपने का समय और पुनः दिखाई देने का समय देशों के हिसाब से अलग अलग होता है,लेकिन भारतीय समय के अनुसार यह   आच्छादन बिल्कुल सूर्यास्त के क़रीब पड़ेगा,इसलिए भारत के कई स्थानों पर यह आच्छादन शाम के कुछ उजाले में होगा और उन स्थानों से बिना उपकरण के इस आच्छादन को देखना कुछ कठिन भी हो सकता है, साथ ही कुछ जगहों से सूर्यास्त के बाद भी यह काफ़ी अच्छा दिखाई देगा, लेकिन भारत में अधिकांश लोगों को युति ही दिखेगी, क्योंकि भारत के हर हिस्से से शुक्र का आच्छादन दिखाई दे, यह आवश्यक नहीं है, जैसा कि दिल्ली सहित कई स्थानों पर यह घटना शाम को क्षितिज के बहुत निकट होगी फिर भी सूर्यास्त के बाद चंद्रमा और शुक्र का निकट संयोग कुछ समय तक भारत के बड़े हिस्से से देखा जा सकेगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि या कुछ यूं भी समझ सकते हैं कि उस दौरान सूर्यास्त और शाम का उजाला (Daylight/Twilight) भी होगा एवं भारत के अधिकांश हिस्सों (विशेषकर मध्य और दक्षिणी भारत) में यह खगोलीय घटना शाम के समय और सूर्यास्त के बेहद करीब होगी,कई जगहों पर उस समय आसमान में शाम का कुछ उजाला रहेगा, इसीलिए ख़ास ऑक्ल्टेशन को बिना उपकरण देखना कठिन हो सकता है चूंकि शुक्र और चंद्रमा दोनों ही सूर्यास्त के धुंधलके या हल्के उजाले में  ही दिखना शुरू हो जाएंगे इसलिए शुरुआती चरणों में बिना टेलीस्कोप या दूरबीन (Binoculars) के इसे स्पष्ट देख पाना वाकई कुछ कठिन हो सकता है, लेकिन सूर्यास्त के कुछ ही देर बाद का नजारा भी बेहतरीन होगा और साथ ही अगर जिन स्थानों पर यह आच्छादन दिखेगा और वहाँ का आसमान भी थोड़ा गहरा साफ़ और प्रकाश प्रदूषण से पूर्णतः दूर होने के कारण पतले से हंसिया आकार (Crescent) के चंद्रमा के पीछे चमकीले शुक्र ग्रह को गायब होते देखना बकाई काफी खूबसूरत और स्पष्ट एवं सुंदर दृश्य के साथ ही भव्य नज़ारा होगा। *किधर देखें।?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसे देखने के लिए सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में सावधानी पूर्वक सबसे पहले चमकीले शुक्र को खोजें, इसको खोजना बहुत ही आसान है क्योंकि आज कल पश्चिमी दिशा में सबसे चमकदार तारे जैसा (लेकिन वो तारा नहीं है वह शुक्र ग्रह है) जो दिख रहा है, वही है शुक्र ग्रह एवं उसके निकट पतला चंद्र-वर्धमान दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा पृथ्वी के निकट होने के कारण अलग-अलग स्थानों से उसका आकाशीय स्थान बदलता हुआ दिखाई देता है, यह लंबन' कहलाता है, यह किसी वस्तु की स्थिति में होने वाला वह आभासी परिवर्तन या विस्थापन है, जो उसे दो अलग-अलग जगहों या दृष्टियों से देखने पर महसूस होता है।

*लंबन (विस्थापन) क्या है?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने लंबन के बारे में उदाहरण देते हुए बताया कि जब आप अपनी एक आँख बंद करके और फिर बारी-बारी से दूसरी आँख बंद करके सामने किसी उंगली को देखते हैं, तो उंगली अपनी जगह से हिलती हुई/हटती हुई सी प्रतीत होती है। इसे ही लंबन (Parallax) कहते हैं,पास की वस्तुएं दूर की वस्तुओं की तुलना में अधिक लंबन (विस्थापन) दिखाती हैं,इसी लंबन (parallax) पैरालेक्स के कारण occultation या आच्छादन केवल पृथ्वी के एक सीमित क्षेत्र से दिखाई देता है, जबकि निकट युति अधिक बड़े क्षेत्र में नजर आती है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा द्वारा शुक्र के आच्छादन की पिछली विश्वव्यापी घटना 17 जून 2026 को हुई थी, जबकि भारत से ऐसी घटना 24 मार्च 2023 को दिखाई दी थी , साथ ही खगोलविद अमर पाल सिंह ने अपील भी की है कि आकाश दर्शकों को सूर्य को सीधे दूरबीन या विनोकुलर से, बिना प्रमाणित सोलर फ़िल्टर्स या किसी भी अन्य ऑप्टिवल उपकरण से सूर्य को कभी भी सीधे नहीं देखना चाहिए , खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणित सोलर फिल्टर युक्त दूरबीन या विनोकुलर एवं फिल्टर युक्त कैमरा आदि ऑप्टिकल उपकरण का ही उपयोग करें और सूर्य को सीधे देखने से बचना चाहिए क्योंकि सूर्य को सीधे देखने पर इस से आँखें खराब हो सकती हैं। इसीलिए सूर्यास्त के समय भी सूर्य की तरफ़ दूरबीन/  टेलीस्कोप लगाते समय इस दौरान भी अति महत्वपूर्ण सावधानी रखना चाहिए और इस शानदार खगोलीय घटना का आनंद उठाएं।

      
दूरदर्शन पर छाए दीन बन्धु सिंह, ‘लोक रंग सुरों के संग’ में गूंजा सुल्तानपुर का लोक स्वर

*गांव की माटी और लोक संस्कृति पर आधारित गीत से बांधा समां*

सुल्तानपुर। कुशभवनपुर सुल्तानपुर के अंतरराष्ट्रीय लोक गायक दीनबंधु सिंह ने दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘लोक रंग सुरों के संग’ सीजन-2 में अपनी शानदार लोक गायकी से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में उन्होंने गांव के परिवेश, ग्रामीण जीवन और अपनी माटी की खुशबू से जुड़े भावपूर्ण लोकगीत की प्रस्तुति देकर लोक संस्कृति की खूबसूरत तस्वीर प्रस्तुत की।
दीनबंधु सिंह की जोरदार और भावपूर्ण प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उनकी आवाज में गांव की मिट्टी, रिश्तों और लोक जीवन की संवेदनाएं स्पष्ट रूप से झलकीं।
‘लोक रंग सुरों के संग’ सीजन-2 का प्रसारण प्रत्येक बुधवार रात 9 बजे दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर किया जाता है। कार्यक्रम की शूटिंग को सफल बनाने में निदेशक ध्रुव चंद्र जी, उनके सहयोगी संजय दुबे एवं सागर सेन तथा पूरी दूरदर्शन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन स्मृति मिश्रा एवं संतोष राय ने किया।
दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर सुल्तानपुर की लोक संस्कृति और गांव की आवाज को पहुंचाने वाले दीनबंधु सिंह की इस प्रस्तुति को क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है।
देवरिया : मुठभेड़ में हत्यारोपी वांछित एक घायल समेत दो गिरफ्तार
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया में भलुअनी पुलिस ने रविवार को हत्या के मुकदमे में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक आरोपी ने चाकू बरामद कराने के दौरान उपनिरीक्षक का रिवाल्वर छीनकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई गई है।

पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजित आर. शंकर ने बताया कि थाना भलुअनी में दर्ज मुकदमा संख्या 143/2026, धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस में वांछित चाइना अंसारी (36) पुत्र कमालुद्दीन, निवासी वार्ड नंबर 12 जयप्रकाश नगर (शिवधरिया), तथा अम्बुज उर्फ आशीष विश्वकर्मा (23) पुत्र दीनानाथ विश्वकर्मा को 12/13 सितंबर की रात शहीद चौक से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में चाइना अंसारी ने घटना में प्रयुक्त चाकू के बारे में जानकारी दी। पुलिस टीम उसे लेकर सोनाड़ी रोड पहुंची, जहां उसकी निशानदेही पर चाकू बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, रात करीब 3:30 बजे वापसी के दौरान अचानक नीलगाय आ जाने से सरकारी वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया। वाहन को बाहर निकालने के लिए पुलिसकर्मी धक्का लगा रहे थे। इसी दौरान चाइना अंसारी ने एक उपनिरीक्षक का रिवाल्वर छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।

एसपी के अनुसार, चाइना के खिलाफ मारपीट, धमकी, आर्म्स एक्ट और हत्या के मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध 2024 में गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी हुई थी। अम्बुज के खिलाफ भी मारपीट, एससी/एसटी एक्ट और धमकी समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध 2025 में गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई थी।

कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक अखिलेश यादव, उपनिरीक्षक आशीष तिवारी और कांस्टेबल अरविन्द कुमार यादव व विनोद यादव शामिल रहे।
प्रयागराज के सुलेम सराय दधिकांदो मेला आज, भारी वाहनों के प्रवेश पर रहेगी रोक; दोपहर दो बजे से लागू होगा डायवर्जन
मेले को लेकर यातायात पुलिस ने जारी की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बदले जाएंगे मार्ग

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सुलेम सराय में रविवार को होने वाले ऐतिहासिक दधिकांदो मेले को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की भीड़ और मेले के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट पानी टंकी चौराहे से मंदिर मोड़ तक भारी वाहनों, ट्रक, डीसीएम, टैंकर, हल्के वाहनों और चार पहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यह व्यवस्था शाम चार बजे से मेला समाप्त होने तक लागू रहेगी।

पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन ने बताया कि मेले के दौरान आमजन को आवागमन में परेशानी न हो और श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी रहे, इसके लिए यातायात का डायवर्जन किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को प्रमुख चौराहों और मार्गों पर तैनात किया गया है। लोगों से अपील है कि वे निर्धारित डायवर्जन मार्ग का ही प्रयोग करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

इन मार्गों पर रहेगा डायवर्जन

प्रयागराज शहर की ओर से धूमनगंज क्षेत्र और कानपुर रोड की ओर जाने वाले वाहनों को शास्त्री पुल, अंदावा तिराहा, सहसों और कोखराज की ओर से भेजा जाएगा।
फतेहपुर और कानपुर की ओर जाने वाली रोडवेज तथा विद्युत बसों को विद्यावाहिनी रोडवेज बस अड्डा से शास्त्री पुल, झूंसी, अंदावा तिराहा, सहसों और कोखराज होते हुए भेजा जाएगा।
कानपुर और फतेहपुर से प्रयागराज शहर की ओर आने वाले वाहनों को कोखराज से डायवर्ट किया जाएगा। ये वाहन सहसों, अंदावा और शास्त्री पुल झूंसी होते हुए शहर में प्रवेश कर सकेंगे।
इसके अलावा डीजल, पेट्रोल, गैस और केरोसिन के टैंकरों तथा अति आवश्यक वाहनों का आवागमन दोपहर 12 बजे से मेला समाप्ति तक शहर क्षेत्र में प्रतिबंधित रहेगा। इन वाहनों को इंडियन ऑयल प्लांट झलवा से कटहुला मोड़, एयरपोर्ट होते हुए भगवतपुर तिराहा से कौशांबी रोड की ओर भेजा जाएगा।
डीसीपी नगर सागर जैन ने आमजन से अपील की कि दधिकांदो मेला सुलेम सराय, धूमनगंज क्षेत्र के लिए निर्धारित यातायात डायवर्जन का पालन करें। उन्होंने कहा कि मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।