मुख्यमंत्री योगी से मिली ‘हनुमान अंश’ की टीम, गुरु गोरक्षनाथ के प्रसंग पर हुई चर्चा

- निर्देशक विशाल चतुर्वेदी बोले- नाथ संप्रदाय के संतों के साथ रहे थे नीब करोरी बाबा

- फिल्म में गुरु गोरक्षनाथ की पंक्तियों का लिया गया संदर्भ, मुख्यमंत्री योगी ने टीम का बढ़ाया उत्साह

- यूपी के शहरों में टैलेंट हंट कर स्थानीय और थिएटर कलाकारों को अवसर देगी फिल्म की टीम

लखनऊ। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्माता, निर्देशक और प्रमुख कलाकारों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की। टीम ने उन्हें फिल्म के कुछ खास अंश दिखाए। इनमें नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक यात्रा और गुरु गोरक्षनाथ की पंक्तियों से जुड़ा हिस्सा भी शामिल था। मुख्यमंत्री योगी ने फिल्म और टीम के प्रयासों की सराहना कर उनका उत्साह बढ़ाया।

करीब दो करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक एवं निर्माता विशाल चतुर्वेदी ने मुलाकात के बाद बताया कि फिल्म में नीब करोरी बाबा के घर छोड़कर ईश्वर की खोज में निकलने की यात्रा को दिखाया गया है। बचपन में मां के निधन के बाद लक्ष्मी नारायण शर्मा, जो आगे चलकर नीब करोरी बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए, घर से निकले तो उनका संपर्क नाथ संप्रदाय के संतों से हुआ। संन्यास लेने से पहले उन्होंने इन संतों के साथ समय बिताया था।

विशाल ने बताया कि नीब करोरी बाबा की इसी आध्यात्मिक यात्रा के कारण फिल्म में गुरु गोरक्षनाथ की लिखी पंक्तियों का संदर्भ लिया गया है। उनके अनुसार, नाथ संप्रदाय के संतों के साथ रहने के दौरान नीब करोरी बाबा की अंतर्यात्रा शुरू होने के संदर्भ मिलते हैं। उनके कुंडलिनी जागरण, अन्नपूर्णा समेत कई सिद्धियां प्राप्त होने और पक्षियों की आवाजें सुनने से जुड़े प्रसंगों को भी फिल्म में स्थान दिया गया है।

विशाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी स्वयं संत परंपरा से आते हैं, इसलिए टीम ने उन्हें फिल्म का वह हिस्सा भी दिखाया जो भारतीय सभ्यता और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा है। फिल्म में नीब करोरी बाबा की भूमिका निभाने वाले शोभिनव सत्या ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात सुखद रही। टीम को उनका आशीर्वाद मिला है और इसके लिए सभी आभारी हैं।

- यूपी में शूटिंग के लिए कई बेहतरीन लोकेशन

विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं। नोएडा में बन रही फिल्म सिटी के अलावा वाराणसी, चित्रकूट, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज और आगरा में शूटिंग के लिए बेहतरीन लोकेशन उपलब्ध हैं। उनका प्रोडक्शन हाउस भी उत्तर प्रदेश में पंजीकृत है और फिल्म के लगभग सभी कलाकार उत्तर और मध्य भारत से हैं।

विशाल मूल रूप से झांसी के रहने वाले हैं और उनकी पढ़ाई गोरखपुर में हुई है, जबकि उनका परिवार लखनऊ में रहता है। नीब करोरी बाबा की भूमिका निभाने वाले शोभिनव सत्या भी लखनऊ के हैं। फिल्म में उनकी पत्नी की भूमिका निभाने वाली पूर्णिमा तिवारी और निर्माता रागिनी सोना भी लखनऊ की रहने वाली हैं।

- यूपी के शहरों में होगा टैलेंट हंट

विशाल ने कहा कि आगे भी उत्तर प्रदेश से जुड़े विषयों को केंद्र में रखकर फिल्में बनाई जाएंगी। यूपी की कहानी और यहां की बोली वाली फिल्मों को दक्षिण भारत में भी दर्शक मिल रहे हैं। आने वाली फिल्मों के लिए प्रदेश के अलग-अलग शहरों में टैलेंट हंट किया जाएगा और थिएटर से जुड़े कलाकारों को भी मौका दिया जाएगा। कोशिश उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के कलाकारों को फिल्म निर्माण से जोड़ने और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर देने की है।

यूपीएससीआर का पहला पड़ाव पार, कमेटी ने बेस मैप को दी मंजूरी
- लखनऊ विकास प्राधिकरण के पारिजात सभागार में मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में अहम फैसला
- अब एक्जीक्यूटिव कमेटी को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा प्रस्ताव, रीजनल प्लान का शुरू होगा काम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (यूपीएससीआर) का पहला पड़ाव पार हो गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण के पारिजात सभागार में मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई एक अहम बैठक में कमेटी ने यूपीएससीआर के बेस मैप को मंजूरी दे दी है। अब इसे एक्जीक्यूटिव कमेटी के समक्ष अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। जिसके बाद यूपीएससीआर का रीजनल प्लान तैयार होगा। 
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली जनपद को शामिल करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है, जिसका कुल क्षेत्रफल 26,741 वर्ग किलोमीटर है। उन्होंने बताया कि यूपीएससीआर के लिए जीआईएस आधारित क्षेत्रीय महायोजना तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत ट्रांसपोर्टेशन एंड मोबिलिटी, इकोनॉमी, इन्फ्रास्ट्रक्चर व टूरिज्म को लेकर 30 परियोजनाएं चिन्हित की गयी हैं। इसमें उक्त 06 जनपदों की कनेक्टिविटी को रफ्तार देने की दिशा में राज्य राजधानी माला (रीजनल रोड), एलिवेटेड पेरिफेरल रोड व रोड अपग्रेडेशन के कार्य शामिल हैं। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट नगर, ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, मेट्रो नेटवर्क विकसित करने की परियोजनाएं भी प्रस्तावित की गयी हैं। इसके अतिरिक्त अर्थ व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, लॉजिस्टिक पार्क, फूड पार्क, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर ओरिएंटेड डेवलपमेंट आदि परियोजनाएं चिन्हित की गयी हैं।
- 22 सदस्यीय कमेटी ने दी सहमति
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन का बेस मैप तैयार कराया गया है। जिसके लिए सम्बंधित विकास प्राधिकरणों, राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, रेलवे, वन विभाग, नगर निगम, सिंचाई विभाग, उत्तर प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग समेत 22 संस्थाओं से अभिमत मांगा गया था। जिसमें सभी विभागों ने बेस मैप का परीक्षण करने के बाद अपनी सहमति प्रदान की है। मंगलवार को रिव्यू कमेटी की बैठक में बेस मैप का प्रेजेन्टेशन किया गया, जिसमें इसे मंजूरी दे दी गई है।
- निवेश के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
उपाध्यक्ष ने बताया कि अब यूपीएससीआर की एक्जीक्यूटिव कमेटी के समक्ष बेस मैप अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद रीजनल प्लान तैयार कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूपीएससीआर से निवेश बढ़ेगा, रोजगार व व्यवसाय के अवसर सृजित होंगे। गांवों तक शहरी सुविधाएं पहुंचेंगी और लोगों को उनके क्षेत्र में ही निवास, व्यापार व नौकरी आदि के लिए बेेहतर माहौल मिलेगा। साथ ही जनपदों के बीच हाई स्पीड कनेक्टिविटी होने से माइग्रेशन में कमी आएगी।
- सैटेलाइट इमेज का हुआ ग्राउंड परीक्षण
उपाध्यक्ष ने बताया कि यूपीएससीआर के बेस मैप की प्रमाणिकता के लिए सभी 06 जनपदों में ग्राउंड ट्रूथिंग (स्थलीय सत्यापन) का कार्य कराया गया है। इसमें कंसल्टेंट के साथ-साथ सम्बंधित विभागों ने भी सैटेलाइट इमेज व नक्शों से मिले डाटा का अलग-अलग स्थलों पर जाकर मिलान किया है। इस प्रक्रिया में कुल 2239 स्थानों पर ग्राउंड ट्रूथिंग कराई गई है। बैठक में अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह, अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव, अपर सचिव सीपी त्रिपाठी, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम समेत अन्य अधिकारी व कंसल्टेंट उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प अभियान में उच्च शिक्षा संस्थानों की होगी व्यापक भागीदारी : योगेंद्र उपाध्याय
- मंत्री ने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्वच्छता, वृक्षारोपण, नुक्कड़ नाटक, रंगोली और बदलाव की कहानियों के माध्यम से जनजागरूकता पर दिया जोर

लखनऊ। सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान में प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंगलवार को लखनऊ स्थित विधानसभा कार्यालय में बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों को अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव, विशेष सचिव, निदेशक उच्च शिक्षा सहित अन्य विभागीय अधिकारी भौतिक रूप से तथा राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव एवं विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों की सेवाकाल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन - जन तक पहुंचाना तथा प्रत्येक नागरिक को विकसित भारत 2047 के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने हेतु  विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति सेवा भाव को मजबूत करना तथा प्रदेश में हुए सकारात्मक बदलावों और उपलब्धियों को विद्यार्थियों एवं आमजन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय और महाविद्यालय को अभियान के कार्यक्रमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। इसमें निजी विश्वविद्यालयों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत सेवा स्मरण, आंगन मिलन, कहानी बदलाव, सेवा में मेरा योगदान, सेवा सेतु अभियान तथा सेवा यात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों एवं संस्थागत संसाधनों के अनुरूप इन कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि ‘कहानी बदलाव’ कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में हुए सकारात्मक बदलावों को सामने लाया जाए। नए विभाग, फैकल्टी, भवन, प्रयोगशालाएं, शैक्षिक सुविधाएं, नई व्यवस्थाएं एवं विद्यार्थियों के हित में शुरू की गई सुविधाओं से लाभान्वित छात्र-छात्राओं के अनुभव रिकॉर्ड किए जाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों से यह भी जाना जाए कि पहले संस्थान में क्या स्थिति थी और नई सुविधाओं के मिलने के बाद उनके अध्ययन एवं शैक्षिक जीवन में क्या बदलाव आया। इन अनुभवों को वीडियो, लिखित कहानी एवं साक्षात्कार के रूप में तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के साथ ही विभाग को भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी संस्थाओं में हुए बदलावों पर रोचक एवं प्रेरक कहानियां लिखने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि इस माध्यम से उनकी लेखन एवं रचनात्मक क्षमता का भी विकास हो सके।
‘सेवा में मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को श्रमदान, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं वृक्षारोपण गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि संस्थान अपने परिसरों के पार्कों, सार्वजनिक स्थलों अथवा आसपास के क्षेत्रों को चिन्हित कर स्वच्छता अभियान चला सकते हैं। उन्होंने बड़े परिसरों में व्यापक वृक्षारोपण के साथ ही उपयुक्त स्थानों पर मियावाकी पद्धति से पौधरोपण करने पर भी जोर दिया। इन गतिविधियों की फोटो एवं वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित करने के निर्देश दिए गए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। अंकपत्र, उपाधि अथवा अन्य शैक्षिक दस्तावेजों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए निर्धारित स्थानों पर संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कर शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहने चाहिए। विद्यार्थियों को वास्तविक राहत मिले और शासन की संवेदनशीलता का संदेश समाज तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
‘सेवा स्मरण’ कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के आयोजन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय कलाकारों, फाइन आर्ट संस्थानों एवं विद्यार्थियों की प्रतिभा का सहयोग लिया जा सकता है। विश्वविद्यालय परिसर, महाविद्यालय तथा आसपास के क्षेत्रों को इसके लिए उपयुक्त स्थल के रूप में चिन्हित किया जाए। ‘सेवा रंग’ कार्यक्रम में देश और प्रदेश की उपलब्धियों तथा शिक्षा क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण कार्यों को रंगोली एवं रचनात्मक कला के माध्यम से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की टीम बनाकर स्थानीय स्तर पर आकर्षक एवं प्रभावी प्रस्तुति तैयार की जा सकती है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपोषित बच्चों के माता-पिता का सम्मान
- गोदभराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम के जरिए मातृ-शिशु स्वास्थ्य व पोषण का संदेश

लखनऊ। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के सम्मान तथा कुपोषण से सुपोषित हुए बच्चों के माता-पिता और महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं के सम्मान के लिए प्रदेशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से किया।
इसी क्रम में गाजीपुर के राइफल क्लब सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री पंचायती राज तथा अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग ओमप्रकाश राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तीकरण में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला हैं।
- उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव और पात्र परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा कुपोषण से सुपोषित हुए बच्चों के माता-पिता को सम्मानित किया। इस दौरान बाबा, यश, ऊर्सा फातिमा, सरस्वती, लाडो और शिवम कुमारी समेत सुपोषित बच्चों को प्रमाण-पत्र दिए गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं कुसुम सिंह, मधुबाला, सीमा मौर्य, पुनीता कुशवाहा, सीमा यादव, अनीता देवी, लक्ष्मी देवी, आशिया खातून और शीला देवी समेत अन्य को भी सम्मानित किया गया। मुख्य सेविकाओं मीना कुमारी, कंचन कुमारी और मंजू सिंह को भी सम्मान मिला।
महिला कल्याण विभाग की स्पॉन्सरशिप योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी बच्चों पूनम वर्मा, तन्मय पांडे, पुष्पा पांडे, आशुतोष कुशवाहा और रुबिका समेत अन्य लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
- गर्भवती महिलाओं की हुई गोदभराई, बच्चों का अन्नप्राशन
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन कराया। गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने के लिए जागरूक किया गया। अभिभावकों को बताया गया कि छह माह की आयु के बाद बच्चों को मां के दूध के साथ पौष्टिक पूरक आहार देना जरूरी है। माताओं और अभिभावकों को बच्चों के पोषण, स्वच्छता, टीकाकरण तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति भी जागरूक किया गया।
मंत्री ने कहा कि सुपोषण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्राथमिकता से पहुंचाने तथा गाजीपुर को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, जखनियां विधायक बेदी राम सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं और लाभार्थी मौजूद रहे।
जिला पंचायत के अभियंताओं को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण
- एमएनएनआईटी प्रयागराज में पहली बार तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, 80 अभियंता दो बैच में होंगे प्रशिक्षित

लखनऊ। पंचायती राज विभाग की ओर से जिला पंचायतों में कार्यरत अभियंताओं एवं अवर अभियंताओं की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए तीन दिवसीय व्यावहारिक तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान (प्रिट) के तत्वावधान में यह प्रशिक्षण मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी), प्रयागराज में आयोजित किया जा रहा है।
विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से इस प्रकार का प्रशिक्षण पहली बार आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जिला पंचायतों में होने वाले विकास एवं निर्माण कार्यों के तकनीकी पक्ष, गुणवत्तापूर्ण निर्माण, नवीन तकनीकों, प्रभावी निगरानी और व्यावहारिक तकनीकी प्रक्रियाओं के संबंध में अभियंताओं को अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराना है।
- 80 प्रतिभागी दो बैच में होंगे प्रशिक्षित
प्रथम चरण में 80 प्रतिभागियों को 40-40 के दो बैच में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले बैच का प्रशिक्षण 8 सितंबर से शुरू हुआ है, जबकि दूसरे बैच का आयोजन 22 से 24 सितंबर 2026 तक एमएनएनआईटी, प्रयागराज में किया जाएगा। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ प्रायोगिक तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके माध्यम से अभियंताओं को प्राक्कलन, मानचित्र और डीपीआर तैयार करने सहित निर्माण कार्यों की तकनीकी प्रक्रियाओं में कार्यकुशलता विकसित करने का अवसर मिलेगा। विभाग का मानना है कि प्रशिक्षण से जिला पंचायतों में कराए जा रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के साथ उनकी तकनीकी निगरानी और क्रियान्वयन को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। यह प्रशिक्षण पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की प्रेरणा तथा पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
सेवा पखवाड़ा के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर : शिवराज सिंह चौहान

- सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाएगा सेवा पखवाड़ा : केशव प्रसाद मौर्य

- ग्राम चौपाल, ग्रामीण आवास और महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को मिलेगी गति


लखनऊ। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को राज्यों के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ आगामी ‘सेवा पखवाड़ा’ के आयोजन एवं कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य लखनऊ स्थित कैम्प कार्यालय से एनडीए के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वर्चुअल रूप से सम्मिलित हुए।
बैठक में सेवा पखवाड़े के दौरान केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तथा ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘सेवा पखवाड़ा’ सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प को धरातल पर उतारने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने राज्यों से आह्वान किया कि पखवाड़े के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए तथा योजनाओं की अंतिम छोर तक डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र लाभार्थियों को समय से लाभ उपलब्ध कराने तथा गांवों में विकास कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार का मूल उद्देश्य गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है और सेवा पखवाड़ा इसी संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।
‘सेवा पखवाड़ा’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से प्रारम्भ होकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सेवा, समर्पण एवं जनभागीदारी की भावना के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में ‘सेवा पखवाड़ा’ सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का व्यापक अभियान है। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास एवं जनकल्याण की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सेवा पखवाड़े के दौरान प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत स्वीकृत आवासों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने तथा पात्र लाभार्थियों को सीधे लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही विकसित भारत-जी राम जी तथा अन्य ग्रामीण रोजगार पहलों के अंतर्गत गांवों में ग्रामीण सड़कों, खेल मैदानों सहित बुनियादी अवस्थापना के विकास को गति देने पर जोर रहेगा।
श्री मौर्य ने कहा कि लखपति दीदी एवं महिला सशक्तिकरण को भी अभियान में प्रमुखता दी जाएगी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उनके कौशल विकास एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आयोजित होने वाली ग्राम चौपालों के माध्यम से ग्रामीण जनता की समस्याओं का मौके पर निस्तारण करने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की अंतिम छोर तक डिलीवरी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार सेवा पखवाड़े के दौरान ग्रामीण विकास, गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण एवं सुशासन से जुड़ी प्राथमिकताओं को पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतारेगी।वर्चुअल बैठक में ग्राम्य विकास विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
राज्य स्तरीय पुरस्कार-2026 के लिए 15 सितंबर तक आवेदन
- दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति और संस्थाएं होंगे सम्मानित

लखनऊ। प्रदेश सरकार के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों और उनके सशक्तीकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित और सम्मानित करने के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार-2026 प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कारों का वितरण 3 दिसंबर 2026 को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर किया जाएगा।
विभाग ने पुरस्कारों के लिए कुल 12 श्रेणियां निर्धारित की हैं। प्रत्येक श्रेणी में चयनित विजेता को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। पुरस्कार के लिए दक्ष दिव्यांग कर्मचारी/स्वनियोजित दिव्यांगजन, सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता, सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट अधिकारी या एजेंसी, सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति/संस्था, प्रेरणास्रोत एवं सृजनशील दिव्यांग बालक/बालिका, दिव्यांग खिलाड़ी तथा दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण के सृजन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का चयन किया जाएगा। इसके अलावा दिव्यांगजनों को पुनर्वास सेवाएं प्रदान करने वाले सर्वश्रेष्ठ जिले समेत अन्य निर्धारित श्रेणियों में भी उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा।
- जिलाधिकारी की संस्तुति जरूरी
पुरस्कार के लिए इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं जिलाधिकारी की संस्तुति के साथ 15 सितंबर 2026 तक अपना आवेदन निदेशालय, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, कक्ष संख्या-1010, दशम तल, इंदिरा भवन, अशोक मार्ग, हजरतगंज, लखनऊ में जमा कर सकते हैं। विभाग के अनुसार पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट तथा हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1995 से प्राप्त की जा सकती है। विभाग ने पात्र व्यक्तियों और संस्थाओं से निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है।
अखिलेश का बुद्ध स्थलों के विकास का दावा छलावा, सपा शासन में हुआ था बुद्ध प्रतिमा पर हमला: बृजलाल
- पूर्व डीजीपी ने सपा अध्यक्ष पर साधा निशाना, कहा- बुद्ध और दलित महापुरुषों के अपमान का इतिहास नहीं भूलेगा समाज

लखनऊ। पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बुद्धिस्ट तीर्थ स्थलों के विकास संबंधी बयान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बौद्ध स्थलों का विकास कभी समाजवादी पार्टी के एजेंडे में नहीं रहा। सपा शासन में बुद्ध प्रतिमा और बौद्ध संतों पर हुए हमले को प्रदेश आज भी नहीं भूला है।
बृजलाल ने कहा कि 17 अगस्त 2012 को लखनऊ में अलविदा की नमाज के बाद निकली भीड़ ने बुद्धा पार्क में तोड़फोड़ की थी। भगवान बुद्ध की प्रतिमा और अन्य बौद्ध प्रतीकों को नुकसान पहुंचाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भंते अशोकानंद और उनके शिष्यों के साथ मारपीट की गई तथा उनकी गाड़ियां भी तोड़ी गईं। इसके बावजूद तत्कालीन अखिलेश सरकार ने दोषियों के खिलाफ अपेक्षित कठोर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इसे तत्कालीन सरकार की तुष्टिकरण नीति का परिणाम बताया।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि आज अखिलेश यादव बुद्धिस्ट तीर्थ स्थलों के विकास की बात कर रहे हैं, जबकि उनकी सरकार का रिकॉर्ड इसके उलट रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम हटाया और आंबेडकर से जुड़े संस्थानों तथा प्रतीकों के प्रति भी सम्मान नहीं दिखाया। उन्होंने 2016 में आजम खान की बाबा साहब को लेकर की गई टिप्पणी का भी उल्लेख किया।
बृजलाल ने कहा कि इसके विपरीत भाजपा सरकार ने ‘विरासत से विकास’ को नीति का हिस्सा बनाया है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर के साथ कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और बुद्धिस्ट सर्किट के तहत बौद्ध स्थलों के विकास पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कपिलवस्तु से जुड़े भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेश में उनकी प्रस्तावित नीलामी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पहल की। बृजलाल ने कहा कि उन्होंने स्वयं भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संबंध में पत्र लिखा था।
बृजलाल ने अखिलेश यादव पर दलित विरोधी राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा शासन में दलित अधिकारियों- कर्मचारियों की पदावनति और पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी का रुख भी समाज भूला नहीं है। उन्होंने कहा, “बुद्ध और दलित महापुरुषों के अपमान का इतिहास रखने वाले आज बुद्ध स्थलों के विकास की बात कर रहे हैं। दलित समाज इस दोहरे चरित्र को समझता है और इसे कभी माफ नहीं करेगा।”
टेक्सटाइल नीति के तहत उद्यमियों को मिला प्रोत्साहन, यूपी में नए निवेश के लिए एमओयू
- छह इकाइयों को दिए गए लेटर ऑफ कमेंडेशन, पांच इकाइयों को मिला वित्तीय लाभ

- एलायंस ग्रुप, ऋचा ग्लोबल समेत नौ कंपनियों और संस्थाओं के साथ निवेश के लिए एमओयू का आदान-प्रदान

लखनऊ। यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 में मंगलवार को प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया गया। यूपी टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के तहत छह इकाइयों को लेटर ऑफ कमेंडेशन दिए गए, जबकि पांच इकाइयों को नीति के तहत वित्तीय लाभ प्रदान किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं के साथ एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया।
यूपी टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के तहत मेसर्स शाही एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, गाजियाबाद को 30 करोड़ 50 लाख रुपये का लेटर ऑफ कमेंडेशन दिया गया। राजलक्ष्मी कॉटन मिल्स, गौतमबुद्धनगर को 12 करोड़ 69 लाख 80 हजार रुपये, आधुनिक मैटेरियल एंड साइंसेज, कानपुर को 10 करोड़ रुपये, पी एग्रो इंडिया इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, बरेली को 7 करोड़ 72 लाख रुपये, रामकुमार एग्रो प्रोडक्ट, बरेली को 6 करोड़ 69 लाख रुपये और आरएस पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड, चंदौली को 6 करोड़ 34 लाख रुपये का लेटर ऑफ कमेंडेशन दिया गया।
नीति के तहत उद्यमियों को वित्तीय लाभ भी प्रदान किए गए। जीईएससी स्पिनर्स प्राइवेट लिमिटेड, रामपुर के निदेशक संदीप खंडेलवाल को 32 करोड़ 68 लाख 59 हजार रुपये का वित्तीय लाभ दिया गया। पार्थ थ्रेड प्राइवेट लिमिटेड, अंबेडकरनगर को 5 करोड़ 26 लाख 23 हजार रुपये और एमको एक्सपोर्ट, बुलंदशहर को 3 करोड़ 75 लाख रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान किया गया। सक्षम एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, गोरखपुर और मेसर्स एंड पीएग्रो लिमिटेड को भी नीति के तहत वित्तीय लाभ दिया गया।
कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया। इनमें एलायंस ग्रुप, आइकोनिक ग्लोबल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, यूनाइटेड एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड, टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, एमआई इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, एएमडी इंडस्ट्रीज, महालक्ष्मी टेक्नोप्रैक प्राइवेट लिमिटेड, ऋचा ग्लोबल और रचित प्रिंट्स प्राइवेट लिमिटेड शामिल रहे।
उद्योग जगत ने कहा, अनुशासन और मजबूत नेतृत्व से टेक्सटाइल हब बनने की राह पर यूपी
- पूर्व राज्यसभा सांसद अयोध्या रामी रेड्डी बोले- निवेश वहीं आता है, जहां अनुशासन हो, मुख्यमंत्री योगी तेजी से प्रदेश को ले जा रहे आगे - उद्योगपतियों ने यूपी के बड़े घरेलू बाजार और मजबूत एमएसएमई आधार को बताया बड़ी ताकत- टेक्निकल टेक्सटाइल को डिफेंस और एयरोस्पेस से जोड़ने का सुझाव, उद्यमियों ने जताई निवेश की इच्छालखनऊ। यूपी टेक्सटाइल्स कॉन्क्लेव-2026 में मंगलवार को देश के दिग्गज उद्योगपतियों ने उत्तर प्रदेश की बदली औद्योगिक तस्वीर पर मुहर लगाई। किसी ने बेहतर कानून व्यवस्था और अनुशासन को निवेश का आधार बताया तो किसी ने विशाल घरेलू बाजार और मजबूत एमएसएमई नेटवर्क को यूपी की ताकत बताया। उद्योग जगत ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में उभरेगा। साथ ही टेक्निकल टेक्सटाइल को डिफेंस और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों से जोड़ने का सुझाव भी दिया।
पूर्व राज्यसभा सांसद एवं उद्योगपति अयोध्या रामी रेड्डी ने कहा कि उद्योग जगत के लोग वहीं निवेश करते हैं, जहां अनुशासन होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अनुशासन और तेजी के साथ उत्तर प्रदेश को आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी को नंबर वन बनाना है और टेक्सटाइल इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह उत्तर प्रदेश और देश दोनों के लिए बड़ा सेक्टर है। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश करेंगे।
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (सीआईटीआई) के अध्यक्ष अश्विन चंद्रन ने कहा कि भारत के पास टेक्सटाइल सेक्टर का मजबूत आधार है और अगले पांच वर्षों में भारतीय टेक्सटाइल उद्योग का आकार दोगुना करने का विजन है। यूपी के पास एमएसएमई का मजबूत आधार होने के साथ बहुत बड़ा घरेलू बाजार है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश भारत का अग्रणी टेक्सटाइल हब बनेगा।
कॉटन टेक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के उपाध्यक्ष रवि सैम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसा मजबूत नेतृत्व है। यहां भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण की धरती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को टेक्सटाइल सेक्टर में जितने सहयोग की आवश्यकता होगी, उतनी मदद की जाएगी।
एमकेयू लिमिटेड के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उनके समूह ने यूपी में एयरोस्पेस और डिफेंस के क्षेत्र में पहल की है। उन्होंने स्ट्रैटेजिक टेक्निकल टेक्सटाइल की विशेष सूची तैयार करने और इसे एयरोस्पेस एवं डिफेंस इकोसिस्टम से जोड़ने का सुझाव दिया।
इंडिया आईटीएमई सोसाइटी के अध्यक्ष केतन सांघवी ने कहा कि भारत का वस्त्र उद्योग दुनिया में दूसरे-तीसरे स्थान पर गिना जाता है। उन्होंने विदेशी मुद्रा की बचत और ‘मेड इन इंडिया’ को बढ़ावा देने पर जोर दिया।