दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग बांटने के लिए प्रदेश में लगेंगे शिविर
- 17 सितंबर को 41 और 2 अक्टूबर को 34 जिलों में होगा वितरण
लखनऊ। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 में पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय ने सभी जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
विभाग ने प्रथम चरण के वितरण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 75 जिलों को दो समूहों में विभाजित किया है। पहले समूह के 41 जिलों में 17 सितंबर 2026 को वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें आगरा, अलीगढ़, एटा, अयोध्या, सुलतानपुर, आजमगढ़, बरेली, बदायूं, बांदा, देवरिया, कुशीनगर, गोंडा, झांसी, कानपुर नगर, उन्नाव, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, जौनपुर, गोरखपुर, कन्नौज, प्रयागराज, शामली, वाराणसी, मिर्जापुर, गाजीपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संतकबीर नगर, बिजनौर, इटावा, हापुड़, ललितपुर, मथुरा, रामपुर, सीतापुर, कौशांबी, हरदोई और बुलंदशहर शामिल हैं।
वहीं, दूसरे समूह के 34 जिलों में 2 अक्टूबर 2026 को वितरण शिविर लगाए जाएंगे। इस समूह में लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, चंदौली, बलरामपुर, चित्रकूट, अंबेडकरनगर, अमरोहा, फिरोजाबाद, जालौन, कानपुर देहात, लखीमपुर खीरी, महाराजगंज, मऊ, पीलीभीत, रायबरेली, संभल, शाहजहांपुर, सोनभद्र, अमेठी, औरैया, बागपत, बाराबंकी, भदोही, फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, हमीरपुर, हाथरस, कासगंज, महोबा, मुजफ्फरनगर, बहराइच, बलिया, बस्ती और मैनपुरी शामिल हैं।
- तीन चरणों में आयोजित होंगे शिविर
विभाग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार द्वितीय चरण के शिविर 20 अक्टूबर से 15 नवंबर 2026 तक तथा तृतीय चरण के शिविर 3 दिसंबर से 15 दिसंबर 2026 तक प्रदेश के सभी जिलों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय ने संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित समय-सारिणी के अनुरूप शिविरों के सफल आयोजन के लिए कार्ययोजना तैयार कर उसका शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया है।
- आत्मनिर्भरता और गतिशीलता बढ़ाना उद्देश्य
राज्य सरकार की ओर से दिव्यांगजनों के कल्याण, सशक्तीकरण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग वितरण योजना भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
वितरण शिविरों के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे उनकी दैनिक गतिविधियों को सुगम बनाने के साथ गतिशीलता, कार्यक्षमता और आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके जीवन को अधिक सुगम और सम्मानजनक बनाना है।
Sep 08 2026, 19:30
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