कस्तूरबा विद्यालय में डीएम का औचक निरीक्षण, छात्राओं से संवाद कर परखी व्यवस्थाएं डीएम ने छात्राओं से पूछे सामान्य ज्ञान के सवाल,


संजीव सिंह बलिया। कस्तूरबा विद्यालय की बेटियों से संवाद, डीएम ने जाना शिक्षा और सुविधाओं का हाल जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को विकासखंड बेलहरी के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय बिगही का औचक निरीक्षण किया। अचानक विद्यालय पहुंचे डीएम ने शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया और छात्राओं से सीधे संवाद कर पढ़ाई के साथ ही विद्यालय में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रधानाचार्य से विद्यालय की व्यवस्थाओं, शिक्षण कार्य, भोजन, आवास सहित अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने विद्यालय के विभिन्न कक्षों में जाकर छात्राओं से पढ़ाई के संबंध में बातचीत की। डीएम ने कंप्यूटर कक्ष का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं को देखा। जिलाधिकारी ने छात्राओं से सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे तथा उनकी जानकारी परखी। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने छात्राओं से भोजन की गुणवत्ता और समय पर भोजन मिलने के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सोने की व्यवस्था के बारे में भी छात्राओं से पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होने वाले बच्चों की जानकारी ली और संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिया कि ऐसे बच्चों को विद्यालय लाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय के सभी कक्षों और विभिन्न व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। उन्होंने छात्राओं से खुलकर बातचीत कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताएं जानीं। डीएम ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने तथा छात्राओं की शिक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। 406.02 लाख की लागत से संवर रहा कस्तूरबा विद्यालय, डीएम ने जांची निर्माण की गुणवत्ता जिलाधिकारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बिगही बेलहरी में निर्माणाधीन एकेडमिक ब्लॉक एवं छात्रावास भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय परिसर के विभिन्न कक्षों में जाकर निर्माण की गुणवत्ता को बारीकी से परखा तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विद्यालय में एकेडमिक ब्लॉक एवं छात्रावास सहित विभिन्न निर्माण कार्य 406.02 लाख रुपये की लागत से कराए जा रहे हैं। निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ को दी गई है। परियोजना के तहत एकेडमिक ब्लॉक एवं छात्रावास का निर्माण, आंतरिक एवं बाह्य सैनिटेशन व सीवरेज कार्य, लैब का अतिरिक्त कार्य, बोरिंग एवं समर्सिबल, आंतरिक विद्युतीकरण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं ड्रेनेज, सेप्टिक टैंक विद सोक पिट तथा अग्निशमन व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि परियोजना का लगभग 76 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अक्टूबर माह तक सभी निर्माण कार्य पूर्ण कर विद्यालय को हैंडओवर किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। नक्शे का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने सुनिश्चित किया कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानकों एवं डिजाइन के अनुरूप ही कराया जाए। जिलाधिकारी ने सभी कक्षों का निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता, विद्युत एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी। विद्यालय का यह भवन पूर्ण होने के बाद बालिकाओं को बेहतर शैक्षिक वातावरण के साथ सुरक्षित एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उनके शिक्षा के अवसरों को और मजबूती मिलेगी। निरीक्षण में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह, कार्यदाई संस्था के अधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

विकास कार्यों में तेजी, जनहित पर कड़ी नजर — दृष्टि समिति की बैठक में MLC रविशंकर सिंह 'पप्पू' का सख्त रुख
संजीव सिंह बलिया, जिला स्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति (दृष्टि) की बैठक सोमवार को विकास भवन सभागार में विधान परिषद सदस्य रविशंकर सिंह उर्फ पप्पू  की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले में चल रही विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई, जिसमें अधिकारियों को पात्रों तक लाभ पहुंचाने और कार्यों में गति लाने के सख्त निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य मेले पर विशेष जोर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले के 76 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हर रविवार मेले का आयोजन हो रहा है और अब तक 268 रविवार को मेले आयोजित किए जा चुके हैं। अध्यक्ष ने बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी घटने के बाद संभावित बीमारियों को रोकने के लिए 15 से 30 दिनों तक विशेष स्वास्थ्य मेले आयोजित करने, बाढ़ शरणालयों में स्वास्थ्य टीम तैनात करने और मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश सीएमओ को दिए। अस्पताल की साफ-सफाई और दवाओं पर कार्रवाई सीएचसी खेजुरी में साफ-सफाई की कमी और चिकित्सकों द्वारा बाहर की दवाएं लिखे जाने की शिकायतों पर अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सीएमओ को अस्पताल की रंगाई-पुताई व साफ-सफाई सुनिश्चित कराने और बाहर की दवाएं लिखने की प्रथा पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए। आवास योजना और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा में बताया गया कि 2025-26 में 5,025 आवासों के लक्ष्य के सापेक्ष 4,976 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 2026-27 में 1,145 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। अध्यक्ष ने तहसील बैरिया के बाढ़ प्रभावित गांवों का सर्वे कराकर पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बिजली विभाग पर कड़ी कार्रवाई का इशारा बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को गलत या मनमाने बिल भेजने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। अधिकारियों को सही मीटर रीडिंग के आधार पर बिल जारी करने और अवैध बिजली उपयोग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। पौधारोपण और सड़क निर्माण की प्रगति वन विभाग द्वारा जिले में 45,36,205 पौधों के रोपण की जानकारी दी गई, जिस पर अध्यक्ष ने पौधों के सर्वाइवल रेट का रिकॉर्ड तैयार कर अगली बैठक में जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। नई सड़कों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पूरी हो चुकी सड़कों को संबंधित विभाग को जल्द हैंडओवर किया जाए। अन्य विभागों की योजनाओं की समीक्षा बैठक में 15वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, आंगनबाड़ी, दिव्यांगजन, पिछड़ा वर्ग, उद्योग और जल निगम ग्रामीण विभागों की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। उपस्थिति बैठक में विधायक फेफना संग्राम सिंह, बैरिया के विधायक जय प्रकाश अंचल, सीडीओ आलोक कुमार, डीडीओ आनंद प्रकाश, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सीएमओ डॉक्टर अभय कुमार राय सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
पैरों से लिखती पायल की कहानी सुनकर अधिकारी पहुंचे स्कूल, बीईओ ने दी पढ़ाई की किट; अब निगाहें जिलाधिकारी पर
नवानगर ब्लॉक के डुहा बिहरा गांव की कक्षा सात की छात्रा जन्म से दोनों हाथों से दिव्यांग, फिर भी पैरों से लिखकर बना रही सफलता की इबारत

संजीव सिंह बलिया!बलिया के नवानगर शिक्षा क्षेत्र के डुहा बिहरा गांव की कक्षा सात की छात्रा पायल जन्म से दोनों हाथों से दिव्यांग है, लेकिन हौसले से वह पैरों से लिखकर पढ़ाई कर रही है। मीडिया में उसकी कहानी सामने आने के बाद उसकी उम्मीदें और बढ़ गई हैं। सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) पंकज कुमार सिंह पायल के स्कूल पहुंचे और उसे पढ़ाई के लिए जरूरी किट सौंपी। अधिकारी ने पायल से बातचीत कर उसकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और कहा कि उसकी शिक्षा में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी। पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जरूरत के हिसाब से हरसंभव मदद की जाएगी, जिससे पायल और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। हालांकि, अब पायल की नजरें जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह पर टिकी हैं। उसे उम्मीद है कि जिलाधिकारी भी उसकी मदद के लिए आगे आएंगे। हाल ही में जिलाधिकारी ने महुलानपार गांव की दोनों पैरों से दिव्यांग छात्रा ज्योति को बैटरी वाला ई-रिक्शा दिया था, जिससे उसे पढ़ाई और आने-जाने में मदद मिली। उन्होंने मनियर थाना क्षेत्र के रानीपुर की रागिनी से भी मिलकर ट्राई साइकिल दी थी और परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिया था। पायल पैरों से लिखकर पढ़ाई कर रही है और बड़ी होकर शिक्षिका बनने का सपना देखती है। अब वह इसी उम्मीद में बैठी है कि जिलाधिकारी एक दिन उसके गांव आएंगे, उससे मिलेंगे और उसकी जरूरत के अनुसार सहायता का रास्ता निकालेंगे। पायल को अब प्रशासन की अगली पहल का इंतजार है।
स्नातक एमएलसी चुनाव में जुटे सपा कार्यकर्ता, मतदाता संपर्क अभियान तेज करने पर जोर
ंजीव सिंह बलिया : वाराणसी खंड स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को पार्टी के जिला कार्यालय पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, स्नातक मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने और चुनावी जिम्मेदारियां तय करने पर मंथन हुआ। बैठक को संबोधित करते हुए वाराणसी खंड के वर्तमान विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कहा कि उन्होंने विधान परिषद से लेकर सड़क तक युवाओं, छात्रों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों समेत सभी वर्गों के मुद्दों को उठाया है। जनप्रतिनिधि के दायित्वों को निष्ठा से निभाने का प्रयास किया है और आगे भी जनहित से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाते रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव में पूरी ताकत से जुटने और अधिकाधिक स्नातक मतदाताओं तक पहुंच बनाने का आह्वान किया। कहा कि विधान परिषद में जनता की आवाज प्रभावी ढंग से रखना और सड़क पर संघर्ष करना उनकी प्राथमिकता रही है। बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने कहा कि यह चुनाव केवल किसी व्यक्ति के निर्वाचन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं, छात्रों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों की आवाज को मजबूत करने का चुनाव है। कार्यकर्ता पार्टी की नीतियों और जनहित के संघर्षों को मतदाताओं तक पहुंचाएं। उन्होंने संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर चुनाव में मजबूती से उतरने की बात कही। बैठक में मतदाता संपर्क अभियान तेज करने, संगठनात्मक स्तर पर जिम्मेदारियां तय करने तथा सभी क्षेत्रों में प्रभावी जनसंपर्क चलाने पर चर्चा हुई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव ने की और संचालन महासचिव बीरबल राम ने किया। इस दौरान डा. विश्राम यादव, यशपाल सिंह, आद्या शंकर यादव, रंजीत चौधरी, अरविंद गिरी, सुशील पांडेय कान्हजी, रामजी गुप्ता, चंद्रशेखर सिंह, विजय शंकर यादव, शशिकांत चतुर्वेदी, संतोष गर्ग, राजन कन्नौजिया, रामेश्वर पासवान, रविंद्र यादव, जमाल आलम, अनिल राय, जुबेर सोनू, दशरथ यादव, रामनाथ पटेल, सुरेश यादव, विनय गौड़, धनजी यादव, सर्वजीत यादव और सुभाष यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे
सुखपुरा का सपूत प्रियांशु कुमार सिंह बना थल सेना में लेफ्टिनेंट; सैनिक परिवार की तीसरी पीढ़ी ने पहनी अफसर की वर्दी
संजीव सिंह बलिया!सुखपुरा: कस्बा निवासी धनंजय सिंह के पुत्र प्रियांशु कुमार सिंह ने भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति पाकर घर-परिवार और बलिया-बागी धरती का नाम रोशन किया है। जयपुर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद UPSC के माध्यम से EME ग्रुप में चयनित प्रियांशु ने गया के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से एक वर्ष का कठोर प्रशिक्षण पूरा कर पासिंग आउट परेड में शानदार प्रदर्शन किया। प्रियांशु का परिवार सेना की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता धनंजय सिंह 17वीं बटालियन द महार रेजीमेंट से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि चाचा राजीव कुमार सिंह ऑनरेरी कैप्टन और अजय कुमार सिंह सूबेदार मेजर के पद पर सेवारत हैं। प्रियांशु की प्रारंभिक शिक्षा गुड सेमेरिटन इंग्लिश स्कूल सुखपुरा में हुई; बाद में उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल बीकानेर और मामूँ कैंट पठानकोट से पढ़ाई पूरी की।पारिवारिक पृष्ठभूमि: सैनिक परंपरा की तीसरी पीढ़ी प्रियांशु का परिवार लंबे समय से भारतीय सेना से जुड़कर देश सेवा करता आया है: पिता: धनंजय सिंह (मंजीत कुमार सिंह उर्फ धनंजय) — भारतीय थल सेना की 17वीं बटालियन, द महार रेजीमेंट से सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त। चाचा: राजीव कुमार सिंह — 15वीं बटालियन, द महार रेजीमेंट से ऑनरेरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त। चाचा: अजय कुमार सिंह (रामबाबू) — प्रथम बटालियन, द महार रेजीमेंट में सूबेदार मेजर-ऑनरेरी कैप्टन के पद पर सेवारत। माता: प्रियंका सिंह (गृहिणी); बहन: रिद्धि सिंह (कक्षा 12वीं की छात्रा)। रविवार को स्वतंत्रता शहीद स्मारक संस्थान सुखपुरा के पदाधिकारी व विशिष्टजनों ने घर जाकर प्रियांशु को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर बसंत सिंह, जेपी सिंह, राकेश कुमार, अनुज कुमार, संदेश सिंह, रामजन्म सिंह, गुड्डू उपाध्याय, पप्पू जी, गामाजी, विकास कुमार, डाकघर अभिकर्ता उमेश सिंह तथा संस्था प्रबंधक उमेश कुमार सिंह मौजूद रहे। गांव पहुंचने पर सैकड़ों ग्रामीणों ने भी उनका जोरदार स्वागत किया।
जिला अभ्यास वर्ग में कार्यकर्ताओं को मिला संगठनात्मक दिशा-बोध, पांच सत्रों में हुई विस्तृत चर्चा
अमर बहादुर सिंह नगरा।। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गोरक्ष प्रांत जिला रसड़ा का एक दिवसीय जिला अभ्यास वर्ग रविवार को नगरा नगर इकाई स्थित तेजश पैलेस में आयोजित किया गया। अभ्यास वर्ग में जिले की पांचों नगर इकाइयों सिकंदरपुर, नगरा, बेल्थरा रोड, रसड़ा एवं चिलकहर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में प्रवासी के रूप में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, विभाग प्रमुख डॉ. अनिल तिवारी, विभाग संगठन मंत्री रंजीत सिंह, विभाग संयोजक अनन्या शर्मा उपस्थित रहे। इसके अलावा रसड़ा जिला प्रमुख घनश्याम शरण सिंह, जिला संयोजक अतुल मिश्रा, नगरा नगर अध्यक्ष उदय नारायण पाण्डेय, सिकंदरपुर नगर अध्यक्ष विशाल सोनी सहित विभिन्न नगर इकाइयों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। अभ्यास वर्ग की शुरुआत परिषद गीत से हुई। इसके बाद मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। आगंतुक अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर स्वागत और सम्मान किया गया। एक दिवसीय अभ्यास वर्ग में कुल पांच सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सैद्धांतिक भूमिका, सदस्यता एवं कार्यकारिणी पुनर्गठन, कार्यपद्धति, कार्यकर्ता विकास एवं समारोप प्रमुख रहे। इन सत्रों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, कार्यशैली, दायित्वों एवं आगामी कार्ययोजना से विस्तारपूर्वक परिचित कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि सही विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से व्यक्ति और समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। संगठनात्मक कार्यों में पूर्व योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा गया कि पूर्व योजना ही पूर्ण योजना का आधार होती है। उन्होंने विद्यार्थी परिषद की कार्यपद्धति और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज के हितों की चिंता करते हुए समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य करता है। अभ्यास वर्ग में यह भी बताया गया कि विद्यार्थी परिषद शिक्षक एवं विद्यार्थी कार्यकर्ताओं के माध्यम से राष्ट्र के पुनर्निर्माण की दिशा में युवाओं को सही मार्गदर्शन देने का कार्य करता है। संगठन में किसी भी निर्णय से पहले वास्तविक परिस्थितियों से परिचित होना और उसके आधार पर निर्णय लेना कार्यपद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न नगरों से आए कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
बलिया डीएम मंगला प्रसाद सिंह पहुंचे वायरल हुई ज्योति के घर, बैटरी साइकिल के साथ मिला दिव्यांगता प्रमाण पत्र
संजीव सिंह बलिया। तहसील सिकंदरपुर के ग्राम महुलानपार की 19 वर्षीय दिव्यांग युवती कुमारी ज्योति के शिक्षक बनने के सपने को अब नई उम्मीद मिली है। दोनों पैरों से दिव्यांग ज्योति की पढ़ाई आठवीं के बाद विद्यालय आने-जाने की सुविधा के अभाव में छूट गई थी। जिलाधिकारी ने स्वयं पहुंचकर ली जानकारी हाल ही में ज्योति की परेशानी सामने आने के बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मामले का संज्ञान लिया और रविवार को स्वयं उसके गांव पहुंचकर ज्योति से मुलाकात की। जिलाधिकारी ने ज्योति और उसके माता-पिता गुलाब चन्द्र प्रसाद एवं श्रीमती देवन्ती देवी से मुलाकात कर उसकी दिव्यांगता, पढ़ाई और पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी ली। सपना दोबारा जगा, प्रशासन ने दी मदद बातचीत के दौरान ज्योति ने बताया कि यदि उसे स्कूल आने-जाने के लिए साधन मिल जाए तो वह दोबारा पढ़ाई शुरू करना चाहती है। उसका सपना पढ़-लिखकर शिक्षक बनने का है। जिलाधिकारी ने ज्योति का उत्साह बढ़ाते हुए उसे चॉकलेट, स्कूल बैग, बैटरी वाली साइकिल और हेलमेट एवं अन्य सामग्री प्रदान किया। विद्यालय में दाखिले के दिए निर्देश उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुमारी ज्योति का विद्यालय में दाखिला कराने को कहा, ताकि उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू हो सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि कुमारी ज्योति के लिए शौचालय तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। मौके पर मिला दिव्यांगता प्रमाण पत्र उन्होंने मौके पर ही कुमारी ज्योति को दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। जिलाधिकारी की इस पहल से ज्योति और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। अब बैटरी साइकिल मिलने के बाद विद्यालय तक पहुंचने की उसकी सबसे बड़ी समस्या दूर होने की उम्मीद है। ज्योति के शिक्षक बनने के सपने को साकार करने के लिए प्रशासन की ओर से की गई पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिकारियों की रही मौजूदगी इस अवसर पर एसडीएम सिकंदरपुर, सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय, बीडीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
शिक्षक दिवस पर बलिया में भव्य सम्मान समारोह; परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 50 उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित
संजीव सिंह बलिया!शनिवार, 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर बलिया के गंगा बहुद्देशीय सभागार में एक भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राज्य स्तरीय समारोह का सजीव प्रसारण इस दौरान उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने गोरखपुर में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सजीव प्रसारण देखा और सुना। राज्य स्तरीय समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान और प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी उपस्थित लोगों ने प्राप्त की। 50 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मान इस अवसर पर बलिया जिले के माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के उत्कृष्ट शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 50 शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। कुल मिलाकर 1000 शिक्षकों को इस कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। मंत्री का संदेश दयाशंकर सिंह ने कहा कि ऐसे सम्मान शिक्षकों के उत्साह को बढ़ाने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर बेहतर कार्य करने का आह्वान किया। नवाचार और गुणवत्ता पर जोर कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचार और बेहतर शैक्षिक प्रयास विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, नवाचार को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, सीडीओ आलोक कुमार, जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा, सुनीता श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह इत्यादि अधिकारी उपस्थित रहे।
बलिया:किकोढ़ा के सुपुत्र डॉ. इफ्तेखार खां को राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026; बलिया जिले का गौरव बढ़ा
संजीव सिंह बलिया!राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में शिक्षक दिवस के अवसर पर देशभर से चुने गए 48 उत्कृष्ट स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया, जिनमें बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खां का नाम भी शामिल है। मूल रूप से सिकंदरपुर क्षेत्र के किकोढ़ा गांव के निवासी डॉ. खां को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभिनव और समाज-केंद्रित कार्यों के लिए दिया गया है। परिचय और शैक्षणिक पृष्ठभूमि डॉ. इफ्तेखार खां साल 1998 से राजकीय इंटर कॉलेज, बलिया में कला शिक्षक के रूप में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने शुरू में विज्ञान से पढ़ाई की, लेकिन बाद में कला की ओर रुख किया और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से BFA, MFA तथा पीएचडी की डिग्री प्राप्त की; उनकी पीएचडी का विषय ‘मुगलकालीन पोथियों में दृष्टांत चित्र’ रहा है। सामाजिक पहल: मुफ्त कला शिक्षा और ‘गुरु दक्षिणा में एक पेड़’ डॉ. खां का पढ़ाने का दायरा सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं है—वे साल 2000 से हर रविवार अपने घर पर बच्चों को नि:शुल्क कला की बारीकियां सिखाते हैं और गर्मियों में चित्रकला वर्कशॉप भी आयोजित करते हैं। उनके मार्गदर्शन में कई छात्र कला व रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ चुके हैं। पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है उनकी अनूठी पहल—वे छात्रों से महंगे तोहफों की बजाय ‘गुरु दक्षिणा में एक पेड़’ लगवाने की अपील करते हैं, जिससे एक ओर पर्यावरण जागरूकता फैलती है और दूसरी ओर सामाजिक संदेश भी मिलता है। कक्षा से परे कला: प्रकृति और पर्यावरण से जोड़कर सीखना डॉ. खां बच्चों को प्रकृति, पेड़-पौधों और आसपास के माहौल से जोड़कर कला सीखने के लिए प्रेरित करते हैं, इसलिए उनकी कक्षाएं पारंपरिक क्लासरूम तक सीमित नहीं रहतीं। उनके छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण और जल संरक्षण जैसे विषयों पर चित्र बनाकर समाज में जागरूकता का संदेश दिया है। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में किए गए चयन के बाद 27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से 48 शिक्षकों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया। प्रत्येक विजेता को रजत पदक, प्रमाण पत्र और ₹50,000 की नकद राशि प्रदान की जाती है। इस सूची में उत्तर प्रदेश से डॉ. इफ्तेखार खां का चयन बलिया जिले के लिए गौरव की बात मानी जा रही है।
“अनुदेशिका अनीता देवी की तेरहवीं पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम संपन्न; जिला-ब्लॉक कार्यकारिणी ने शोकाकुल परिवार को सौंपा एक लाख रुपये का सहयोग”
संजीव सिंह बलिया। कम्पोजिट विद्यालय गौवापार, शिक्षा क्षेत्र नगरा की अनुदेशिका श्रीमती अनीता देवी का 24 अगस्त 2026 को विद्युत आघात से असामयिक निधन हो गया था। उनकी याद में आज 5 सितंबर 2026 को उनके मूल आवास पर एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष शमशाद खान, जिला महामंत्री दीपक कुमार सिंह, जिला कार्यकारिणी अविनाश सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, शेषमणि कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष पंकज कुमार, ब्लॉक संयोजक अमित सिंह ( सिप्पू), कोषाध्यक्ष सुनील कुमार, ब्लॉक कार्यकारिणी विनय गुप्त, राजनाथ यादव, रंजीत, रामसेवक यादव सहित समस्त जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किया और शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इसी क्रम में परिवार को रु. 1,00,000/- (एक लाख रुपये) की सहयोग राशि भेंट की गई। वक्ताओं ने कहा कि अनीता देवी का सरल, सहज और सहयोगी व्यक्तित्व शिक्षा जगत के लिए प्रेरणा था और उनका जाना अनुदेशक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।