गया शहर के कपिलधारा में गूंजा गणिनाथ गोविंद का जयघोष, 80वें वार्षिक पूजनोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, गया में समाज की एकजुटता का दिखा दम,

जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी, मेयर गणेश पासवान, वार्ड पार्षद मुन्नी देवी से लेकर जनप्रतिनिधियों तक ने बढ़ाई समारोह की शोभा

गया: गया शहर के मॉडनपुर स्थित कपिलधारा में शनिवार को दो दिवसीय महात्मा गणिनाथ गोविंद जयंती समारोह का 80वां वार्षिक पूजनोत्सव सह सम्मेलन श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकजुटता के माहौल में आयोजित किया गया। ऐतिहासिक आयोजन को लेकर समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही कपिलधारा परिसर में श्रद्धालुओं और समाज के लोगों की भीड़ जुटने लगी। लोगों ने महात्मा गणिनाथ गोविंद की पूजा-अर्चना कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता ने की। समारोह में कई जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शिरकत कर आयोजन की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी और वार्ड पार्षद मुन्नी देवी शामिल हुईं। वहीं, गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान तथा पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव भी महोत्सव में पहुंचे और आयोजकों एवं समाज के लोगों का उत्साह बढ़ाया।

इसके अलावा भाजपा नेता सह पूर्व वार्ड पार्षद मनोज कुमार भी समारोह में मौजूद रहे। कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी दिलीप कुमार सहित समाज के कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। अतिथियों का आयोजन समिति की ओर से स्वागत किया गया।

महापुरुषों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर

समारोह के दौरान महात्मा गणिनाथ गोविंद के जीवन, उनके विचारों और समाज के लिए उनके योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों की जयंती और उनसे जुड़े धार्मिक-सामाजिक आयोजन केवल परंपरा निभाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति, इतिहास और सामाजिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। वक्ताओं ने समाज में शिक्षा, संगठन, आपसी भाईचारे और एकजुटता को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा। खासकर युवाओं को अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना समय की जरूरत है। महात्मा गणिनाथ गोविंद के आदर्शों को अपनाकर समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे को और मजबूत किया जा सकता है।

80 वर्षों से चली आ रही परंपरा का भव्य आयोजन

महात्मा गणिनाथ गोविंद जयंती समारोह का 80वां वार्षिक पूजनोत्सव समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। आठ दशकों से चली आ रही इस परंपरा ने समाज को एकजुट करने और अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस वर्ष भी आयोजन को लेकर लोगों में विशेष उत्साह रहा।

कपिलधारा में आयोजित समारोह के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकार भी देखने को मिला। समाज के लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं और संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा की। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने महात्मा गणिनाथ गोविंद के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए समाज की उन्नति और खुशहाली की कामना की।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बढ़ाई कार्यक्रम की भव्यता

समारोह में गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान, पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव, जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी और वार्ड पार्षद मुन्नी देवी समेत अन्य प्रमुख लोगों की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। जनप्रतिनिधियों ने आयोजन की सफलता के लिए समाज के लोगों को शुभकामनाएं दीं और इस तरह के आयोजनों को सामाजिक एकता के लिए महत्वपूर्ण बताया। भाजपा नेता सह पूर्व वार्ड पार्षद मनोज कुमार ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। आयोजन में समाज के लोगों की सक्रिय भागीदारी से कार्यक्रम का माहौल उत्सवमय बना रहा। आयोजकों ने कहा कि 80वां वार्षिक पूजनोत्सव सह सम्मेलन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। आने वाले समय में भी इस परंपरा को जारी रखते हुए नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में महात्मा गणिनाथ गोविंद के आदर्शों और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज को शिक्षा, संगठन और एकजुटता के रास्ते पर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता के संदेश के साथ 80वें वार्षिक पूजनोत्सव सह सम्मेलन का समापन हुआ।

पितृपक्ष में तीर्थयात्रियों की सेवा को बढ़े हाथ, डॉ. राजेंद्र प्रसाद ट्रस्ट ने संवास सदन को दीं 06 व्हीलचेयर

गयाजी। आगामी पितृपक्ष महासंगम में देश-विदेश से गयाजी आने वाले तीर्थयात्रियों की सेवा और सुविधा को लेकर प्रशासन के साथ-साथ शहर की स्वयंसेवी संस्थाएं भी अभी से जुट गई हैं। इसी कड़ी में डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्कॉलरशिप एवं वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से गयाजी संवास सदन को छह व्हील चेयर उपलब्ध कराई गईं। ट्रस्ट के द्वितीय स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सादे समारोह में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के करकमलों से संवास सदन के सचिव अंकुर जी को छह व्हील चेयर सौंपी गईं।

समारोह के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि पितृपक्ष मेला के दौरान प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहता है। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला में प्रशासन से ज्यादा सामाजिक लोग सहयोग करते हैं। सामाजिक संस्थाओं की ओर से की जाने वाली ऐसी पहल तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए काफी उपयोगी साबित होती है।

ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकेश वर्मा ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि यह ट्रस्ट का सौभाग्य है कि जिलाधिकारी शशांक शुभंकर जैसे अधिकारी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हैं। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी आम लोगों के लिए सहज और सुलभ हैं तथा भ्रष्टाचार के प्रति कठोर रुख रखते हैं। मृदुभाषी होने के साथ-साथ वे विधि के अनुरूप त्वरित निर्णय लेने के लिए भी जाने जाते हैं। उनके कार्यों और प्रेरणा से ट्रस्ट को समाजहित में सहयोग करने की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने बताया कि पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इससे पहले 21 जून को गया रेलवे स्टेशन को भी ट्रस्ट की ओर से पांच व्हील चेयर उपलब्ध कराई गई थीं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग एवं आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही ट्रस्ट समय-समय पर विभिन्न सामाजिक कार्यों में भी अपनी भूमिका निभाता रहा है।

समारोह के दौरान शिक्षक दिवस के महत्व को ध्यान में रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी ट्रस्ट की ओर से सम्मानित किया गया। ट्रस्ट की ओर से शिक्षकों को सम्मानित कर उनके योगदान के प्रति आभार जताया गया।

धन्यवाद ज्ञापन ट्रस्टी गौरव सिन्हा ने किया। उन्होंने समारोह में उपस्थित अतिथियों, संवास सदन के पदाधिकारियों, ट्रस्ट के सदस्यों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा और तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए ट्रस्ट आगे भी अपनी जिम्मेदारी निभाता रहेगा।

समारोह में ट्रस्ट के ट्रस्टी सुनील सिन्हा, बीरेन्द्र सिन्हा, नवीन बिहारी, राजेश सहाय, प्रभात शंकर, गौरव सिन्हा, संदीप सिन्हा, प्रो. रंजीत वर्मा, डॉ. डीके सिन्हा, डॉ. अभय सिम्भा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। ट्रस्ट के सदस्य उपेन्द्र सिन्हा, विभूति भूषण, प्रमोद कुमार सिन्हा एवं रिंकू सिन्हा का भी आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

गया में फायरिंग कांड पर पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में, दो हफ्ते बाद भी आरोपित आजाद, नियाजीतपुर में युवक पर जानलेवा हमला

तीन-चार राउंड फायरिंग का आरोप, पीड़ित ने IG-DGP से लगाई न्याय और सुरक्षा की गुहार

गया। गया शहर के चंदौती थाना क्षेत्र के नियाजीतपुर गांव के पास युवक पर जानलेवा हमला और फायरिंग के मामले में करीब दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित अनुज कुमार ने अब मामले में वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। पीड़ित ने आईजी विकास वैभव और डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और नामजद आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। शुक्रवार को उसने प्रेस वार्ता कर भी अपनी बात रखी।

दुकान बंद कर घर लौट रहा था युवक

पीड़ित अनुज कुमार ने प्रेस वार्ता कर कहा की 23 अगस्त 2026 की रात वह बालाजी नगर स्थित अपनी लाइट की दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान नियाजीतपुर गांव के पास पहले से घात लगाए कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित अनुज कुमार का कहना है कि वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने लगा। इसी दौरान पीछे से आरोपितों ने उस पर करीब तीन-चार राउंड फायरिंग कर दी। फायरिंग की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने के बाद 112 की टीम मौके पर पहुंची। पीड़ित के अनुसार, पुलिस टीम ने घटनास्थल से तीन खोखे भी बरामद किए।

इन लोगों पर दर्ज है नामजद प्राथमिकी

मामले में मनीष गुप्ता, पवन गुप्ता, कन्हैया कुमार, ऋषि पटेल और सन्नी पटेल समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी नामजद आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है। करीब दो सप्ताह बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित और उसके परिवार में भय का माहौल है। अनुज का आरोप है कि नामजद आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं। इससे उसे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।

डीएसपी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

पीड़ित ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी और मामले की जांच में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है। अनुज का कहना है कि डीएसपी स्तर से भी मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

पीड़ित के अनुसार, पूर्व में भी विवाद को लेकर उसके परिवार को धमकी दी गई थी। इसके बाद उस पर हमला और फायरिंग की घटना हुई। ऐसे में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से उसे दोबारा किसी गंभीर वारदात का डर सता रहा है।

IG और DGP से लगाई न्याय की गुहार

पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित ने आईजी विकास वैभव और डीजीपी विनय कुमार से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उसने वरीय अधिकारियों से नामजद आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि जब घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए गए हैं और प्राथमिकी में आरोपितों के नाम भी दर्ज हैं, तो गिरफ्तारी में देरी चिंता का विषय है। उसने वरीय अधिकारियों से मामले की निगरानी कर त्वरित कार्रवाई कराने की मांग की है।

सुपरविजन के बाद होगी कार्रवाई

इस मामले में चंदौती थानाध्यक्ष अनिल चौधरी ने पूर्व में बताया था कि घटना को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले का सुपरविजन किया जाना है। सुपरविजन के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामले में नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी होती है या जांच और कार्रवाई का सिलसिला आगे भी लंबा खिंचता है।

30 सितंबर से पहले निपटा लें टैक्स ऑडिट, नए आयकर प्रावधानों को लेकर सीए को किया गया अलर्ट, गया में टैक्स ऑडिट पर सेमिनार आयोजित

बदलते नियमों और रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया की दी गई विस्तृत जानकारी

गया: गया शहर के काशीनाथ मोड़ स्थित एक निजी होटल में टैक्स ऑडिट को लेकर महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को टैक्स ऑडिट की प्रक्रिया, आयकर कानून में हुए बदलाव, टर्नओवर से संबंधित आवश्यक जानकारी और ऑडिट रिपोर्ट ऑनलाइन दाखिल करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में पूर्व रीजनल काउंसिल सदस्य मनीषा बियानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।

सेमिनार को संबोधित करते हुए मनीषा बियानी ने कहा कि टैक्स ऑडिट से जुड़े कारोबारियों और पेशेवरों के लिए समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। 30 सितंबर तक निर्धारित मामलों में टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करनी होती है। कंपनी, पार्टनरशिप फर्म और प्रोपराइटरशिप फर्म समेत अन्य निर्धारित श्रेणी के ऐसे व्यवसाय, जिनका टर्नओवर आयकर कानून में निर्धारित सीमा से अधिक है, उनके लिए ऑडिट की आवश्यकता हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऑडिट के दौरान टर्नओवर का सही तरीके से मिलान और अपडेट करना तथा सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप देना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से सेमिनार का आयोजन किया गया है, ताकि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को टैक्स ऑडिट में होने वाले बदलावों की सही जानकारी मिल सके और वे अपने क्लाइंट की रिपोर्ट को नए प्रावधानों के अनुरूप तैयार कर सकें।

सीए सह वक्ता साक्षी सिंह ने आयकर कानून में हुए बदलावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से संबंधित टैक्स ऑडिट की प्रक्रिया मौजूदा लागू प्रावधानों के अनुसार ही होगी, जबकि आगामी वर्षों में नए आयकर प्रावधानों के अनुरूप कई बदलाव देखने को मिलेंगे। इसलिए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को अभी से अपनी कार्यप्रणाली, दस्तावेज और रिकॉर्ड को नए नियमों के अनुसार व्यवस्थित करने की जरूरत है। साक्षी सिंह ने कहा कि टैक्स ऑडिट और आईटीआर दाखिल करने के समय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स पर काम का काफी दबाव रहता है। ऐसे में पुराने दस्तावेज, पुराने प्रारूप या पुरानी जानकारी गलती से अपलोड होने की संभावना बनी रहती है। इसलिए हर रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले नए प्रावधानों के अनुरूप दस्तावेजों और आंकड़ों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। आने वाले वर्षों में होने वाले बदलावों को देखते हुए अभी से तैयारी करना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने टैक्स ऑडिट के साथ-साथ आईटीआर अपलोड करने की प्रक्रिया और रिपोर्ट को सही तरीके से दाखिल करने के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टैक्स से संबंधित कार्यों में छोटी सी गलती भी बाद में परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में समय रहते सभी दस्तावेज तैयार रखना और सही जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तैयार करना जरूरी है।

गया जी के सीए सह कन्वेनर दीपक कुमार ने कहा कि टैक्स ऑडिट की समय-सीमा और देरी से संबंधित प्रावधानों को लेकर व्यापारियों को विशेष रूप से जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के बाद ऑडिट से संबंधित अतिरिक्त शुल्क का प्रावधान किया गया है। इसलिए व्यापारियों को आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय 30 सितंबर से पहले ही अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट की प्रक्रिया पूरी करा लेनी चाहिए। उन्होंने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि अपने वित्तीय दस्तावेज, बही-खाते और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड समय पर तैयार रखें तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट को उपलब्ध कराएं। समय पर ऑडिट नहीं कराने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि टैक्स ऑडिट और आईटीआर दाखिल करने का सीजन लगातार चलता रहता है, ऐसे में कारोबारियों को समय-सीमा और बदलते नियमों को लेकर हमेशा अपडेट रहना चाहिए।

व्यापारी को महत्वपूर्ण सूचना

इस टैक्स ईयर में नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, जिसे सभी व्यापारियों को गंभीरता से लेना आवश्यक है। 30 सितंबर तक अपने सभी आवश्यक अपडेट एवं ऑडिट की प्रक्रिया पूरी करवा लेना अनिवार्य है। यदि 30 सितंबर के बाद अपडेट कराने में देरी होती है, तो फीस का प्रावधान किया गया है। एक महीने तक देरी होने पर ₹75,000 की फीस जमा करनी होगी, जबकि इसके बाद अपडेट कराने पर ₹1.50 लाख तक फीस लगेगी। जब तक निर्धारित फीस जमा नहीं की जाएगी, तब तक ऑडिट की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी और ऑडिट अपलोड भी नहीं किया जा सकेगा।

सेमिनार में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि टैक्स कानून में लगातार हो रहे बदलावों के दौर में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। सीए और व्यापारियों दोनों को नए प्रावधानों के अनुसार खुद को अपडेट रखना होगा, ताकि टैक्स ऑडिट और रिटर्न दाखिल करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस मौके पर साक्षी सिंह, डॉ आलोक सिंह, सीए रोहित गोस्वामी, सीएस ज्ञान प्रकाश, सीए विजय कुमार, सीए शशांक कुमार, सीए उत्पल कुमार, सीए पंकज पुष्कर, सीए प्रतीक अग्रवाल और इत्यादि मौजूद रहे.

गया- पटना रोड सूरज फूड प्रोडक्ट्स बेकरी में गूंजी फायर अलार्म की आवाज, मॉक ड्रिल से परखी गई अग्नि सुरक्षा की तैयारी

गया: गया जिले में अगलगी की घटनाओं के दौरान त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अग्निशमन विभाग की ओर से चलाए जा रहे विशेष अग्नि सुरक्षा एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत रविवार को पटना रोड स्थित सूरज फूड प्रोडक्ट्स (बेकरी) में फायर मॉक ड्रिल एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिष्ठान में आग लगने की स्थिति में कर्मचारियों की तत्परता, सुरक्षित निकासी तथा अग्निशमन उपकरणों के सही इस्तेमाल की जानकारी देना रहा। मॉक ड्रिल के दौरान आग लगने जैसी आपात स्थिति का अभ्यास कराया गया। अग्निशमन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। साथ ही कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म और अन्य अग्नि सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई। आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल सूचना देने, सुरक्षित रास्ते से बाहर निकलने और आसपास मौजूद लोगों की मदद करने के बारे में भी जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन, विद्युत उपकरणों की नियमित जांच तथा ज्वलनशील सामग्री को सुरक्षित तरीके से रखने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए समय-समय पर मॉक ड्रिल कर कर्मचारियों को आपात स्थिति के लिए तैयार रखना जरूरी है। गौरतलब है कि जिला अग्निशमन पदाधिकारी, गया के निर्देश पर जिले के औद्योगिक प्रतिष्ठानों, बहुमंजिला भवनों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर फायर मॉक ड्रिल एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सूरज फूड प्रोडक्ट्स बेकरी में आयोजित आज की ड्रिल ने कर्मचारियों को आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण देने का काम किया।

त्योहारों में टाटा की नई सवारी का उत्साह, मगध मोटर्स में अग्रिम बुकिंग शुरू, पसंदीदा मॉडल, संस्करण और रंग के लिए अभी कराएं बुकिंग

गया। त्योहारों का मौसम शुरू होते ही नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। मगध मोटर्स, टाटा मोटर्स के अधिकृत विक्रेता ने त्योहारों को देखते हुए टाटा मोटर्स की कारों, एसयूवी तथा विद्युत कारों एवं एसयूवी की अग्रिम बुकिंग शुरू कर दी है। ग्राहक अपनी पसंदीदा टाटा कार की बुकिंग अभी करा सकते हैं, ताकि त्योहार के मौके पर उन्हें समय पर वाहन की डिलीवरी मिल सके।

इस बार ग्राहक टाटा मोटर्स के लोकप्रिय मॉडलों टियागो, अल्ट्रोज, पंच, नेक्सॉन, कर्व, सिएरा, हैरियर और सफारी सहित विभिन्न कारों और एसयूवी की बुकिंग करा सकते हैं। विद्युत वाहनों के विकल्प भी ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं। मगध मोटर्स के महाप्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि त्योहारों के दौरान नई कार खरीदने को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहता है। इस दौरान वाहनों की मांग बढ़ने के कारण कई मॉडल और संस्करण में प्रतीक्षा अवधि भी अधिक रहती है। ऐसे में ग्राहकों को उनकी पसंदीदा गाड़ी समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अग्रिम बुकिंग शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि समय रहते बुकिंग कराने से ग्राहकों को अपनी पसंद के मॉडल, संस्करण और रंग के अनुसार वाहन की डिलीवरी की बेहतर योजना बनाने में सुविधा होगी। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक ग्राहक को त्योहार के अवसर पर उसकी पसंदीदा टाटा कार की डिलीवरी समय पर दी जा सके।

ग्राहक अपने नजदीकी मगध मोटर्स के टाटा मोटर्स अधिकृत शोरूम पर पहुंचकर वाहन की बुकिंग के साथ-साथ उपलब्ध विशेष छूट, वित्तीय सुविधा और पुराने वाहन के बदले नई कार लेने की सुविधा की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मगध मोटर्स के शोरूम गया, शेरघाटी, जहानाबाद, अरवल, मसौढ़ी (पटना), नवादा और जमुई में स्थित हैं।

गॉल ब्लैडर कैंसर की जटिल सर्जरी का सफल ऑपरेशन, 50 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में रेडिकल कोलेसिस्टेक्टॉमी सफल, स्वस्थ होकर घर लौटीं मरीज; विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने संभाला चुनौतीपूर्ण केस

गया। प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, गया में गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) कैंसर से जूझ रही 50 वर्षीय महिला मरीज की बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण रेडिकल कोलेसिस्टेक्टॉमी (Radical Cholecystectomy) सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत लगातार संतोषजनक रही और बेहतर रिकवरी के बाद शनिवार को उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। मरीज के स्वस्थ होकर घर लौटने से परिजनों में खुशी का माहौल है।

इस जटिल सर्जरी को अस्पताल के वरिष्ठ लेप्रोस्कोपिक एवं जनरल सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह तथा वरिष्ठ ऑन्को सर्जन डॉ. नवीन कुमार के संयुक्त नेतृत्व में अंजाम दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार गॉल ब्लैडर कैंसर की सर्जरी सामान्य ऑपरेशन की तुलना में काफी चुनौतीपूर्ण होती है। इसमें कैंसर की स्थिति, आसपास के अंगों एवं ऊतकों में संभावित फैलाव तथा मरीज की समग्र स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए सर्जरी की विस्तृत योजना तैयार करनी पड़ती है।

डॉ. जे. पी. सिंह ने बताया कि मरीज की सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई। ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी अच्छी रही और उनकी स्थिति लगातार संतोषजनक बनी रही। चिकित्सकीय निगरानी एवं पोस्ट-ऑपरेटिव केयर के बाद अब मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। डॉ. नवीन कुमार ने कहा कि गॉल ब्लैडर कैंसर के उपचार में बीमारी की समय पर पहचान, सही स्टेजिंग, विशेषज्ञ सर्जिकल प्लानिंग और अनुभवी टीम की अहम भूमिका होती है। जटिल ऑन्को-सर्जरी में कैंसर सर्जरी के सिद्धांतों का पालन करते हुए सुरक्षित और समुचित उपचार करना बेहद जरूरी है।

सर्जरी की सफलता में केवल सर्जिकल टीम ही नहीं, बल्कि एनेस्थीसिया टीम, ऑपरेशन थिएटर स्टाफ और नर्सिंग टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी टीमों के बीच बेहतर समन्वय, सतर्कता और समर्पण के कारण ऑपरेशन से लेकर पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल तक की पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई।

अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि “किसी भी जटिल सर्जरी की सफलता किसी एक डॉक्टर की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम होती है।” प्रबंधन ने सर्जरी में सहयोग करने वाली सभी टीमों के प्रति आभार जताया।

प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में जटिल सर्जिकल एवं ऑन्को-सर्जिकल सेवाओं की उपलब्धता से गया और आसपास के मरीजों को अपने क्षेत्र में ही विशेषज्ञ उपचार का विकल्प मिल रहा है। 50 वर्षीय महिला का सफल ऑपरेशन के बाद स्वस्थ होकर घर लौटना अस्पताल की पूरी टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

श्री शिक्षा निकेतन स्कूल में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व, पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों से जोड़ना है : प्राचार्य

पौधों की देखभाल प्रकृति के साथ हमारे रिश्ते को मजबूत करती है : उपप्राचार्य

गयाजी। नैली रोड, खटकाचक स्थित श्री शिक्षा निकेतन स्कूल में भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं ने अपने छात्र भाइयों की कलाई पर प्रेमपूर्वक राखी बांधी। छात्र भाइयों ने भी अपनी बहनों के प्रति प्रेम, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान विद्यालय परिसर में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की सुंदर झलक देखने को मिली।

पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रक्षाबंधन समारोह के अवसर पर विद्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। विद्यालय के बच्चों एवं शिक्षकों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। रक्षाबंधन पर्व की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती पूनम सिन्हा ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, स्नेह और आपसी जिम्मेदारी को मजबूत करने का पवित्र अवसर है। भारतीय संस्कृति में इस पर्व का विशेष महत्व है, जो हमें रिश्तों का सम्मान करने और एक-दूसरे के सुख-दुःख में साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि विद्यालय में ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों से जोड़ना है, ताकि वे अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझें और जीवन में प्रेम, सहयोग एवं सद्भाव की भावना को अपनाएं।

उपप्राचार्य श्रीमति राखी कुमारी ने कहा कि जिस प्रकार राखी भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करती है, उसी प्रकार पौधों की देखभाल प्रकृति के साथ हमारे रिश्ते को मजबूत करती है। बच्चों को पौधों की नियमित देखभाल एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिवार ने रक्षाबंधन के पवित्र संदेश के साथ-साथ हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया।

पूरा आयोजन प्राचार्य श्रीमती पूनम सिन्हा के दिशा-निर्देशन एवं उपप्राचार्य राखी कुमारी की देखरेख में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

बोधगया में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल: द्वितीय अपील की सुनवाई से पीड़ित असंतुष्ट, प्रशासन पर जांच में पक्षपात का आरोप, डीएम से गुहार

गया। बोधगया अंचल के मौजा बारा सहदेव खाप में जमीन विवाद को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई और लोक शिकायत निवारण की द्वितीय अपील की सुनवाई के बाद मामला एक बार फिर गरमा गया है। बारा गांव निवासी राजेश सिन्हा ने सुनवाई के निर्णय पर असंतोष जताते हुए जिला प्रशासन पर मामले की निष्पक्ष जांच नहीं करने का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी के व्यस्त रहने के कारण द्वितीय अपील की सुनवाई एडीएम द्वारा की गई।

पीड़ित राजेश सिन्हा ने बताया की बोधगया मौजा बारा में उनकी 12.5 डिसमिल जमीन है, जिसकी खाता संख्या 98 और प्लॉट संख्या 1471 है। उनका आरोप है कि मटिहानी गांव निवासी इंद्रदेव यादव और उनके परिजनों की इस जमीन पर कथित तौर पर नजर है। पीड़ित का दावा है कि फर्जी कागजात के माध्यम से सरकारी भू-अभिलेखों में हेरफेर कर जमीन पर कब्जा किया गया।

पीड़ित राजेश सिन्हा ने बताया कि जिला पदाधिकारी के आदेश के आलोक में 23 अगस्त को अंचलाधिकारी द्वारा अमीन को भेजकर पुलिस बल की निगरानी में जमीन की मापी कराई गई थी। हालांकि, उनके मुताबिक मापी के बाद सीमांकन के लिए पिलर लगाने के बजाय केवल चूना से निशान लगाया गया। आरोप है कि पुलिस बल के वहां से जाने के बाद दबंगों ने उक्त निशान को मिटा दिया।

पीड़ित राजेश सिन्हा ने दावा किया कि बिहार मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद भू-अभिलेख में कथित हेरफेर को सुधारते हुए उन्हें जमीन पर दखल-कब्जा दिलाया गया था, लेकिन बाद में दोबारा जमीन पर कब्जा कर लिया गया। उनका आरोप है कि प्रशासन मामले में अपेक्षित सख्ती नहीं बरत रहा है। राजेश सिन्हा ने जिला पुलिस एवं प्रशासन से जमीन को कथित कब्जे से मुक्त कराने, मानवाधिकार आयोग के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए उन्हें पुनः दखल-कब्जा दिलाने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सरकारी भू-अभिलेखों में कथित फर्जीवाड़े और पूर्व सीओ बोधगया महेश कुमार व राजस्व कर्मचारी इन्द्रजीत कुमार के साथ कथित मारपीट एवं अभद्र व्यवहार की घटना में संलिप्त लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग उठाई।

पीड़ित ने कहा कि यदि प्रशासनिक कर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़ा होता है। उन्होंने भय के कारण अपनी जमीन पर जाने में असमर्थता जताई और कहा कि इसी स्थिति का फायदा दबंग तत्व उठा रहे हैं।

गया में संगठन में नई ताकत की एंट्री! हम पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण प्रसाद मांझी बने हम (से.) के प्रदेश उपाध्यक्ष

गया। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) ने संगठन को प्रदेश स्तर पर और मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. अनिल कुमार ने गया जिला के पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण प्रसाद मांझी को पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष मनोनीत किया है। वहीं, गया जिला के उपाध्यक्ष चंदन गौरव को प्रदेश महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों नेताओं के मनोनयन से पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी और उत्साह का माहौल है।

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा सेकुलर नारायण प्रसाद मांझी लंबे समय से संगठन के लिए सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। गया जिला अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत की। उनके कार्यकाल के दौरान संगठन को बूथ और पंचायत स्तर तक सक्रिय करने तथा कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की दिशा में प्रयास किए गए। पार्टी नेतृत्व ने उनके अनुभव, संगठनात्मक क्षमता, कार्यशैली और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय को देखते हुए उन्हें प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि नारायण प्रसाद मांझी की नई जिम्मेदारी से संगठन को प्रदेश स्तर पर मजबूती मिलेगी। जिला संगठन में लंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें जमीनी राजनीति और कार्यकर्ताओं की समस्याओं की अच्छी समझ है। यही अनुभव अब प्रदेश संगठन के लिए भी उपयोगी साबित होने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, चंदन गौरव को प्रदेश महासचिव बनाए जाने को भी संगठन में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। जिला स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले चंदन गौरव को प्रदेश संगठन में जिम्मेदारी मिलने से कार्यकर्ताओं में उत्साह है। पार्टी नेताओं का मानना है कि दोनों नेताओं के अनुभव और सक्रियता का लाभ संगठन को आने वाले समय में मिलेगा।

नारायण प्रसाद मांझी के प्रदेश उपाध्यक्ष और चंदन गौरव के प्रदेश महासचिव बनाए जाने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) के संस्थापक एवं संरक्षक श्री जीतन राम मांझी, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन तथा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार के प्रति आभार जताया है।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि नारायण प्रसाद मांझी ने गया जिला में संगठन को मजबूत करने में जिस निष्ठा, समर्पण और कार्यकुशलता का परिचय दिया है, उसी ऊर्जा और अनुभव के साथ वे अब प्रदेश स्तर पर संगठन को नई मजबूती प्रदान करेंगे। उनके प्रदेश उपाध्यक्ष बनने से पार्टी के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। मनोनयन के बाद गया जिला अध्यक्ष टूटू खान समेत पंकज सिंह, दिवाकर सिंह, सुनील कुमार मांझी, सुधीर यादव, मोहम्मद एकराम खान, गोपाल सिंह, रामसनेही मांझी, आनंद यादव, ओम प्रकाश सिंह, सावित्री देवी, ललिता देवी, विकास कुमार, अभिषेक सिंह, संतोष सागर, रूबी देवी, राजीव शर्मा, राजेश मांझी, दीन मांझी, सुषमा डांगी, सदानंद प्रेमी, विकास पासवान, सौरभ कुमार, राकेश कुमार, अरुण मांझी, सागर कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि नई जिम्मेदारियों के साथ नारायण प्रसाद मांझी और चंदन गौरव संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।