मनरेगा में फर्जीवाड़े का खेल? ठेकेदार के साथ अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल, धरातल पर काम नहीं और रिकॉर्ड में हाजिरी
मोहम्मदपुर सकिस्त/हस्तिनापुर। विकासखंड हस्तिनापुर के मोहम्मदपुर सकिस्त समेत सैफपुर-फिरोजपुर, रामराज और सदरपुर क्षेत्र के गांवों में मनरेगा कार्यों को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर धरातल पर काम दिखाई नहीं देता, जबकि मनरेगा रिकॉर्ड में कार्य और श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की जा रही है। मोबाइल एप के माध्यम से फोटो आधारित हाजिरी लगाकर सरकारी रिकॉर्ड में काम चलता हुआ दिखाने का भी आरोप है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार मौके पर पहुंचने पर रिकॉर्ड के अनुसार न तो श्रमिक मिले और न ही संबंधित कार्य होता मिला। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कथित फर्जीवाड़े का सिलसिला थमने के बजाय बढ़ता जा रहा है।
ठेकेदार के साथ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मनरेगा के कथित फर्जीवाड़े में केवल संबंधित ठेकेदार या कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि बिना काम के हाजिरी दर्ज होने और कार्यों के रिकॉर्ड में अनियमितता के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसी आधार पर ग्रामीणों ने संबंधित बीडीओ और अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। हालांकि अधिकारियों की संलिप्तता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कुछ ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने ठेकेदारों से नियमों के अनुसार मनरेगा कार्य कराने की बात कही तो कथित तौर पर जवाब मिला कि वे अपनी मर्जी से काम करेंगे और ऊपर तक पैसा देते हैं। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एसडीएम को दो-तीन बार दी शिकायत
ग्रामीणों के मुताबिक मनरेगा में कथित अनियमितताओं को लेकर खंड विकास अधिकारी हस्तिनापुर और एसडीएम मवाना को दो-तीन बार शिकायत दी जा चुकी है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वीडियो और अन्य साक्ष्य भी अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए, लेकिन इसके बावजूद कथित अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी।
सरकार की छवि प्रभावित होने की चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजना में यदि बिना काम के हाजिरी लगाई जाती है या कागजों में काम दिखाया जाता है तो इससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका के साथ सरकार की छवि भी धूमिल होती है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
पोर्टल और धरातल का कराया जाए मिलान
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से मोहम्मदपुर सकिस्त, सैफपुर-फिरोजपुर, रामराज और सदरपुर के संबंधित गांवों में मनरेगा कार्यों का स्थलीय सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही पोर्टल पर दर्ज हाजिरी, कार्यस्थल की स्थिति और श्रमिकों को हुए भुगतान का मिलान कराने की मांग की गई है।
बीडीओ बोले- मामला संज्ञान में आया
इस संबंध में बीडीओ हस्तिनापुर मनोज कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आ गया था । हमारी टीम जांच कर रही है मामले की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
4 hours ago
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