यूपी में 591 करोड़ अलर्ट मैसेज बने बाढ़ में सुरक्षा कवच, समय रहते 17 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

- जुलाई-अगस्त में करोड़ों मोबाइल संदेशों से मौसम और बाढ़ की चेतावनी, 3.52 लाख से अधिक प्रभावितों तक पहुंची राहत; 1070 हेल्पलाइन से भी मिली त्वरित मदद

लखनऊ। भारी बारिश, आंधी-तूफान, वज्रपात और बाढ़ के बीच उत्तर प्रदेश में अपनाया गया अलर्ट और राहत-बचाव तंत्र लोगों की सुरक्षा में अहम साबित हुआ। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से जुलाई और अगस्त में 591 करोड़ से अधिक अलर्ट मैसेज भेजे गए। मौसम और बाढ़ की संभावित स्थिति की समय रहते जानकारी मिलने से लोगों को सतर्क होने और सुरक्षित स्थानों पर जाने का अवसर मिला। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक एक भी जनहानि नहीं हुई है।
- दो महीने में 591 करोड़ से ज्यादा अलर्ट
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार जुलाई में 306 करोड़ और अगस्त में 285 करोड़, यानी कुल 591 करोड़ अलर्ट मैसेज प्रसारित किए गए। इनमें भारी बारिश, आंधी, वज्रपात और बाढ़ के संभावित खतरे से संबंधित चेतावनियां शामिल थीं। इसके अलावा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के जरिए भी एक करोड़ से अधिक लोगों तक मौसम संबंधी सूचनाएं और सुरक्षा अलर्ट पहुंचाए गए। प्रशासन का उद्देश्य संभावित आपदा से पहले लोगों को जानकारी देकर उन्हें जरूरी सावधानी बरतने के लिए तैयार करना रहा।
- चेतावनी के बाद लोगों ने खुद भी संभाला मोर्चा
अलर्ट सिस्टम के जरिए मौसम और नदियों के जलस्तर से संबंधित सूचनाएं लगातार साझा की गईं। इससे संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को संभावित खतरे की जानकारी पहले मिल सकी। स्थानीय प्रशासन ने भी इन सूचनाओं के आधार पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया। इस पूरी व्यवस्था में तकनीकी अलर्ट, जिला प्रशासन की सक्रियता और स्थानीय लोगों की सजगता को महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
- 3.52 लाख से ज्यादा प्रभावितों तक पहुंची मदद
बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव व्यवस्था के तहत प्रदेश में अब तक 3.52 लाख से अधिक लोगों तक सहायता पहुंचाई गई है। वहीं बचाव अभियानों के जरिए 17.54 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन और बचाव दलों की तैनाती के साथ लगातार निगरानी भी की जा रही है।
- संकट में 1070 हेल्पलाइन बनी संपर्क का जरिया
राहत आयुक्त कार्यालय की 1070 हेल्पलाइन भी आपदा के दौरान सूचना और सहायता के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बनी। बाढ़ में फंसे लोगों से प्राप्त सूचनाएं संबंधित जिला प्रशासन तक पहुंचाई गईं और जरूरत के मुताबिक बचाव दलों को मौके पर भेजा गया। चित्रकूट, प्रयागराज और मिर्जापुर समेत कई जिलों में बाढ़ प्रभावित लोगों की लोकेशन मिलने के बाद बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकाला। प्रशासन के मुताबिक, सूचना से लेकर रेस्क्यू तक की इस त्वरित व्यवस्था ने राहत अभियान को प्रभावी बनाने में मदद की।
- तकनीक और त्वरित कार्रवाई पर जोर
प्रदेश में बाढ़ और मौसम संबंधी आपदा से निपटने के लिए चेतावनी प्रणाली को जिला स्तर की राहत-बचाव व्यवस्था से जोड़ा गया है। मोबाइल अलर्ट, सोशल मीडिया, हेल्पलाइन और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में लोगों को समय रहते सूचना देने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच इस तरह की पूर्व चेतावनी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था का उद्देश्य नुकसान को न्यूनतम रखना और लोगों को सुरक्षित रखना है।
अयोध्या-काशी के बाद अब ब्रज के विकास की तैयारी, मथुरा-वृंदावन में बनेगा भव्य परिसर: योगी

- सीएम बोले- ब्रज के प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं, बरसाना-नंदगांव और गोवर्धन के विकास पर भी जोर

मथुरा, 4 सितंबर। अयोध्या और काशी के विकास के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ब्रज क्षेत्र को भी बड़े स्तर पर विकसित करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद कहा कि मथुरा-वृंदावन में अयोध्या और काशी की तर्ज पर भव्य परिसर विकसित किया जाएगा। सरकार का प्रयास होगा कि ब्रज आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात, सुविधाएं और सुगम दर्शन की व्यवस्था मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा-वृंदावन के साथ बरसाना, नंदगांव और गोवर्धन में भी श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका कहना था कि लोग सहजता से ब्रज आएं, दर्शन करें और सकारात्मक अनुभव लेकर लौटें, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
- जिनकी आस्था बाबर-औरंगजेब में, वे कैसे सम्मान करेंगे
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से बचते थे, क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता रहती थी। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, वे बहुसंख्यक समाज की आस्था का सम्मान कैसे कर पाएंगे।
योगी ने आरोप लगाया कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी समाज में फिर से वैमनस्य पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे तत्वों को समाज में अशांति फैलाने या युवाओं, महिलाओं, किसानों और कारीगरों के हितों को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं देगी।
- अयोध्या के बदलाव को बताया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले तक वहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, लेकिन अब अयोध्या में बड़े पैमाने पर श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के साथ शहर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में आए बदलाव से यह संदेश गया है कि आस्था के केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया जा सकता है। इसी सोच के साथ ब्रज क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।
- हमारी आस्था कभी पराजित नहीं हुई
राम जन्मभूमि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों पहले विदेशी आक्रांताओं ने भारतीय आस्था और धार्मिक स्थलों को प्रभावित करने का प्रयास किया, लेकिन लोगों की आस्था बनी रही। उनके मुताबिक, अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसी निरंतर आस्था का परिणाम है।
योगी ने कहा कि ब्रजभूमि की अपनी विशिष्ट धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार समय की जरूरत है।
- विंध्यवासिनी धाम का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने योगमाया और विंध्यवासिनी धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रज की धार्मिक परंपरा का संबंध देश के दूसरे प्रमुख शक्तिपीठों और तीर्थस्थलों से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक आस्था से जुड़े प्रमुख स्थलों को सुविधासंपन्न और व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम कर रही है।
- पर्व-त्योहार स्थानीय अर्थव्यवस्था के भी आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्माष्टमी समेत धार्मिक पर्व केवल आस्था के आयोजन नहीं हैं, बल्कि इनसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से होटल, परिवहन, छोटे कारोबार, कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को रोजगार और आय के अवसर मिलते हैं।उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बेहतर सुविधाओं और रोजगार के अवसरों से जोड़कर विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को गति दी जा सकती है।
- कृष्ण के 'कर्मयोग' का संदेश दिया
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के कर्मयोग के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्य का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक अपने परिवार, समाज और देश के प्रति जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाएं तो विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करना कठिन नहीं होगा।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ब्रजभूमि में आस्था, विकास और नई संभावनाओं का यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
- जवाहर बाग का जिक्र कर पिछली सरकार पर हमला
मुख्यमंत्री ने मथुरा के जवाहर बाग प्रकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले ब्रजभूमि में ऐसी घटनाएं सामने आती थीं, जबकि अब यहां जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे बड़े आयोजन हो रहे हैं। उनके मुताबिक, इन आयोजनों से ब्रज की धार्मिक पहचान के साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
जयंती पर कांग्रेसियों ने राजीव गांधी को किया याद, किया नमन

राजीव गांधी ने विज्ञान, तकनीक और शिक्षा को दी नई उड़ान : अभिषेक सिंह राणा

सुल्तानपुर। देश में पंचायतीराज व्यवस्था को मजबूत आधार देने और संचार क्रांति की नींव रखने वाले भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की जयंती पर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा, शहर अध्यक्ष शकील अंसारी सहित पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने स्व. राजीव गांधी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। तत्पश्चात संगोष्ठी आयोजित कर उनके जीवनी पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि स्व. राजीव गांधी आधुनिक भारत के निर्माण के दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने देश को 21वीं सदी में ले जाने के लिए विज्ञान, तकनीक और शिक्षा को प्राथमिकता दी। पंचायतीराज व्यवस्था को सशक्त बनाकर उन्होंने गांवों की लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत किया। कंप्यूटर और दूरसंचार के क्षेत्र में उनके फैसलों ने भारत की विकास यात्रा को नई दिशा दी। युवाओं को राजनीति और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का अवसर देने के लिए भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। आज देश स्व. राजीव गांधी के आधुनिक और प्रगतिशील भारत के सपने को याद कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन कर रहा है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि स्व. राजीव गांधी ने देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया।उनकी दूरदर्शी सोच ने भारत को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की आधारशिला रखी।पंचायती राज के माध्यम से उन्होंने लोकतंत्र को गांवों तक मजबूत किया। कांग्रेसजन उनके विचारों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित हैं।पीसीसी सदस्य हौसिला प्रसाद भीम ने कहा कि स्व. राजीव गांधी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने देश को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा। इस मौके पर हरीश त्रिपाठी,सलाउद्दीन हाशमी,रणजीत सिंह सलूजा,राहुल त्रिपाठी,

सुरेंद्र शुक्ला,सुब्रत सिंह सनी,मनोज कुमार तिवारी, सुरेश चंद मिश्रा, वरुण मिश्र,हामिद राईनी, मोहसिन सलीम, आर बी पांडे, ओम प्रकाश शर्मा, रामकिशोर, असलम अंसारी, शारिक अल्वी,ममनून आलम,सुरेंद्र प्रताप, ओमप्रकाश त्रिपाठी, बेनी माधव, रामप्रकाश तिवारी, गुड्डू जायसवाल, रामचंद्र कोरी, जमीदार यादव, नंदलाल मौर्य, अतहर नवाब, अरुण त्रिपाठी, मोहित तिवारी, मो अतीक आदि लोग शामिल रहे।

शुद्धिकरण के विरोध में कांग्रेस का हल्लाबोल, भाजपा ने किया दलितों का अपमान

सुल्तानपुर। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कार्यक्रम स्थल और मंच का गंगाजल से शुद्धिकरण किए जाने के विरोध में गुरुवार को कांग्रेसियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यालय से जुलूस निकाला गया। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए लाल डिग्गी चौराहा, सुपरमार्केट, डाकखाना चौराहा और पुलिस लाइन के सामने से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, इसके बाद जुलूस विकास भवन स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क पहुंचा, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह कर विरोध जताया।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस कृत्य को लोकतांत्रिक एवं सामाजिक मूल्यों के विरुद्ध बताया। जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि देश के सबसे बड़े विपक्षी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जनसभा के बाद मंच और स्थल का गंगाजल से शुद्धिकरण करना न केवल कांग्रेस अध्यक्ष का अपमान है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सामाजिक सद्भाव पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आक्रामक तेवर में राणा ने कहा कि भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि गंगाजल किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। किसी व्यक्ति या जनसभा स्थल को राजनीतिक नफरत के आधार पर शुद्ध करने की मानसिकता न केवल गंगा-जमुनी तहजीब का अपमान है, बल्कि देश के दलितों और वंचित समाज के सम्मान पर भी चोट है। जिस बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समानता और छुआछूत के खिलाफ संविधान में मजबूत व्यवस्था दी, उनकी विचारधारा को मानने वाले करोड़ों दलितों का भी यह अपमान है। यह मानसिकता समाज को जोड़ने के बजाय जाति और भेदभाव की दीवारें खड़ी करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसी विभाजनकारी और भेदभावपूर्ण सोच के खिलाफ हमेशा संघर्ष करती रहेगी। कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र, भाईचारे, सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी। पूर्व राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर राजेश तिवारी ने कहा कि जनसभा स्थल का शुद्धिकरण करना लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव का अपमान है।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस का नहीं, बल्कि दलितों, वंचितों और समानता में विश्वास रखने वाले हर नागरिक के सम्मान पर चोट है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आजादी का अर्थ अराजकता, गरीबी और असमानता से मुक्ति भी : सीएम योगी

लखनऊ, 15 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रनायकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल विदेशी शासन से राजनीतिक मुक्ति तक सीमित नहीं है। सच्ची आजादी तभी सार्थक होगी, जब देश अराजकता, गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ेपन और असमानता जैसी चुनौतियों से भी पूरी तरह मुक्त हो। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं देता, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपने दायित्वों को निभाने की प्रेरणा भी देता है।

- 140 करोड़ देशवासियों की भागीदारी जरूरी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी को स्थायी और मजबूत बनाए रखने के लिए किसी एक व्यक्ति, जाति या वर्ग की नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब समाज का हर वर्ग अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे बढ़े।

- बलिदान और संघर्ष से मिली स्वतंत्रता

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को 1947 में लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद स्वतंत्रता मिली। देश के वीर सपूतों ने विदेशी दासता को स्वीकार नहीं किया और अलग-अलग कालखंडों में स्वतंत्रता की अलख जगाए रखी। 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर इस संघर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई, धनसिंह कोतवाल समेत अनेक क्रांतिकारियों ने देशवासियों में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की यह चेतना आगे भी विभिन्न आंदोलनों और क्रांतिकारी गतिविधियों के रूप में जारी रही। गोरखपुर का चौरीचौरा और लखनऊ का काकोरी ट्रेन एक्शन इसी संघर्ष की महत्वपूर्ण कड़ियां हैं।

- विकास के साथ बदली देश की तस्वीर

सीएम योगी ने कहा कि आजादी के बाद देश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ेपन और असमानता जैसी अनेक चुनौतियों पर काफी हद तक काबू पाया गया है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं, शिक्षा का विस्तार हुआ है और शासन की योजनाओं का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, नए मेडिकल कॉलेजों और एम्स, रेलवे कनेक्टिविटी, मेट्रो तथा रैपिड रेल जैसी परियोजनाओं ने देश के विकास को नई गति दी है। अमृत भारत, वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाएं भी बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं।

- देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए विकास के साथ राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान का उल्लेख किया, जिसमें गरीब, युवा, महिला और किसान को विकास की प्रमुख धुरी मानकर नीतियां बनाने पर जोर दिया गया है।

योगी ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाया गया है। युवाओं को रोजगार और आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार करने के लिए नए संस्थान और अवसर विकसित किए गए हैं।

शहीदों और वीर जवानों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस समेत राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों तथा स्वतंत्र भारत की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।

इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को किया याद

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के प्रयास में अपना जीवन न्योछावर किया। कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री ने उनके बलिदान को नमन किया तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले उत्तर प्रदेश के अन्य अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि देशवासी अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा से योगदान दें तो स्वतंत्रता की यह यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए और अधिक गौरवशाली तथा मजबूत बनेगी।

सूचना विभाग में शान से लहराया तिरंगा, कर्मियों ने लिया कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प

- सूचना निदेशक विशाल सिंह ने किया ध्वजारोहण, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया नमन

- बोले- सरकार और जनता के बीच सेतु है सूचना विभाग, योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाना हमारा दायित्

लखनऊ। देश के स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में 80वां स्वतंत्रता दिवस गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। विभागीय परिसर में देशभक्ति के माहौल के बीच सूचना निदेशक विशाल सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान और वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ।

ध्वजारोहण के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सूचना निदेशक ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन करने का दिन है, जिनके संघर्ष और बलिदान से देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह देश और प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाए।

-युवा शक्ति से मजबूत होगी विकसित भारत की नींव

विशाल सिंह ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि युवा ऊर्जा, नवाचार और डिजिटल क्षमता देश को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के साथ अपने दायित्व निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य तैयार करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश और देश विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

योजनाओं की सही जानकारी जनता तक पहुंचाना प्राथमिकता

सूचना निदेशक ने विभागीय कार्मिकों को देश और प्रदेश के प्रति निष्ठा तथा ईमानदारी के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और उपलब्धियों की सही एवं तथ्यपरक जानकारी पारदर्शिता के साथ आमजन तक पहुंचाई जाए।

कर्तव्य के साथ व्यवहार में भी संवेदनशीलता जरूरी

अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्र ने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करना चाहिए। साथ ही कार्यस्थल पर अपने व्यवहार को संवेदनशील और सहयोगपूर्ण बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कर्मचारियों से अपने कार्य को बेहतर ढंग से करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कहा कि हर व्यक्ति को ऐसा कार्य करना चाहिए, जिसे देखकर आने वाली पीढ़ी भी गर्व महसूस करे। कार्यक्रम में सूचना विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे ।                     

      

वाराणसी में डॉ. लंकेश  बापू की श्री शिव कथा का भव्य आयोजन
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित मल्टी पर्पज हॉल में 5 सितंबर से 11 सितंबर तक देश के प्रख्यात कथावाचक डॉ. लंकेश बापू की श्री शिव कथा का भव्य आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के आयोजक प्रदीप कुमार प्रहलाद भाई पटेल ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि स्वर्गीय प्रहलाद भाई माधवदास पटेल की पुण्य स्मृति में आयोजित इस कथा को सुनने के लिए गुजरात से बड़ी संख्या में शिव भक्त गांधीनगर से 3 सितंबर को रात 11 बजे गांधीनगर कैपिटल, बनारस एक्सप्रेस ट्रेन से रवाना होंगे। 11 सितंबर को कथा के उपरांत बस द्वारा शिव भक्त अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। श्री शिव कथा में उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, नई दिल्ली तथा अन्य प्रदेशों से भी भारी संख्या में विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।
शिक्षा सम्राट लल्लन तिवारी के जन्मदिन के उपलक्ष में चल रहा वृक्षारोपण अभियान

वाराणसी। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर सेवा समिति, वाराणसी की तरफ से शिक्षा सम्राट राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी के जन्मदिन 20 जुलाई से लगातार 60 दिनों तक वृक्षारोपण के अभियान में 21 वें दिन तक 371 वृक्ष लगाए गए आपको बताते चलें कि विगत 9 वर्षों से चली आ रही वृक्षारोपण अभियान जो लल्लन तिवारी के दीर्घायु हेतु उनके जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए राष्ट्रहित में वृक्षारोपण किया जाता है। पिछले साल तक 26200 वृक्ष देश के दर्जनों प्रदेश में लगाई जा चुके हैं फलदर औषधि दार छायादार वृक्ष लगाया जाता है  समिति के प्रेरणास्रोत कुंवर रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया, संरक्षक डॉ महेंद्र नाथ पांडे पूर्व केंद्रीय मंत्री, राहुल तिवारी सचिव राहुल एजुकेशन, मार्गदर्शक सुशील सिंह विधायक, उपाध्यक्ष  सुशील सिंह, प्रदेश अध्यक्ष संदीप सिंह फौजी, सहयोगी इंजीनियर अमित सिंह, जिला अध्यक्ष चंदौली राम सिंह पिंटू, मंत्री अरविंद पांडेय के सानिध्य में कार्य किया जाता है।
लखनऊ में फिर महंगी हुई CNG, तीन रुपये प्रति किलो बढ़े दाम

आगरा में भी नई दरें लागू; अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में दो रुपये की बढ़ोतरी, चार महीने में 8.25 रुपये तक महंगी हुई CNG

लखनऊ। राजधानी में एक बार फिर सीएनजी के दाम बढ़ गए हैं। ग्रीन गैस लिमिटेड ने लखनऊ और आगरा में सीएनजी की कीमत में 3 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। वहीं अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में सीएनजी के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए हैं। नई दरें 8 अगस्त से लागू हो गई हैं।

नई कीमत लागू होने के बाद लखनऊ और आगरा में सीएनजी अब 102 रुपये के बजाय 105 रुपये प्रति किलो मिलेगी। वहीं अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में सीएनजी की नई कीमत 101.75 रुपये प्रति किलो हो गई है।

चार महीने में 8.25 रुपये तक बढ़े दाम

सीएनजी की कीमतों में पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मई से अगस्त के बीच लखनऊ में सीएनजी के दाम करीब 8.25 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुके हैं। लगातार हो रही इस वृद्धि का सीधा असर सीएनजी वाहनों से सफर करने वाले लोगों और व्यावसायिक वाहन संचालकों पर पड़ने की संभावना है।

ग्रीन गैस लिमिटेड के महाप्रबंधक (विपणन) प्रवीण सिंह ने कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि करते हुए बताया कि लखनऊ और आगरा में सीएनजी की नई दर 105 रुपये प्रति किलो तथा अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में 101.75 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है।

सीएनजी के दाम बढ़ने से ऑटो, टैक्सी और अन्य वाणिज्यिक वाहनों के संचालन की लागत बढ़ सकती है। इसका असर आगे चलकर यात्रियों के किराये और माल ढुलाई की लागत पर भी पड़ने की संभावना है।

अयोध्या: भक्तों पर पेन-कंघी तक की पाबंदी, पुजारियों के मोबाइल गर्भगृह तक पहुंचने से उठे सवाल

- राम मंदिर में फोटो-वीडियो पर रोक के बावजूद सोशल मीडिया पर सामने आईं रील; सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर बढ़ी चिंता

अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के मद्देनजर कई सामान्य वस्तुओं को भी अंदर ले जाने पर प्रतिबंध है। प्रवेश से पहले भक्तों को कई स्तरों की जांच से गुजरना पड़ता है। पेन, कंघी समेत कई सामान भीतर ले जाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद मंदिर से जुड़े कुछ पुजारियों के मोबाइल फोन मंदिर परिसर के अंदर पहुंचने और वहां से सोशल मीडिया पर रील पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया है।

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ रील में मंदिर परिसर के अलग-अलग हिस्सों के साथ गर्भगृह से जुड़े दृश्य भी दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो को कथित तौर पर मंदिर से जुड़े पुजारियों के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया है। मामला सामने आने के बाद मंदिर की आंतरिक सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और मोबाइल फोन के प्रवेश को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

मंदिर परिसर में फोटो-वीडियो बनाने पर रोक

राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों की जांच और निगरानी पर आधारित है। श्रद्धालुओं के प्रवेश से पहले उनके सामान की जांच की जाती है और मंदिर परिसर में फोटो एवं वीडियो बनाने पर भी रोक है। इस संबंध में परिसर में जगह-जगह सूचनाएं भी प्रदर्शित की गई हैं।

मंदिर की गतिविधियों से संबंधित अधिकृत फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने के लिए ट्रस्ट की अलग मीडिया व्यवस्था है। ऐसे में यदि प्रतिबंधित क्षेत्र से अनधिकृत तरीके से वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं तो यह मंदिर की निर्धारित व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़ा गंभीर विषय बन जाता है।

पहले भी निगरानी व्यवस्था पर उठ चुके हैं सवाल

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बाद मंदिर की आंतरिक व्यवस्था, संवेदनशील स्थानों तक पहुंच और निगरानी तंत्र को लेकर सवाल उठ चुके हैं। गर्भगृह मंदिर का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। ऐसे में वहां से वीडियो या रील सोशल मीडिया पर सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि सामने आए वीडियो किस परिस्थिति में बनाए गए और संबंधित व्यक्तियों को मोबाइल फोन अथवा रिकॉर्डिंग की अनुमति थी या नहीं।

इस संबंध में एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्र ने कहा कि मामले में लागू नियमों की जानकारी की जा रही है। तथ्यों की पुष्टि के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सीएम योगी की ‘पाती’ में कांवड़ यात्रा का संदेश: समरसता, सेवा और अनुशासन का महापर्व

- ‘कांवड़ यात्रा समाज और संस्कृति की जीवंत पाठशाला’, मुख्यमंत्री ने कहा—जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र के भेद हो जाते हैं गौण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत पर्व बताया है। श्रद्धालुओं के नाम लिखी अपनी ‘पाती’ में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों शिवभक्तों को एक सूत्र में पिरोती है और सनातन संस्कृति के समभाव का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृदय में भोलेनाथ के प्रति आस्था कांवड़ियों की साझा पहचान है। यात्रा में सभी के कदमों की गति अलग हो सकती है, लेकिन मंजिल एक ही होती है—महादेव का जलाभिषेक। इसी भावना के कारण कांवड़ यात्रा में जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र जैसे सामाजिक भेद पीछे छूट जाते हैं।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा वास्तव में समाज और संस्कृति की ऐसी पाठशाला है, जहां तप, संयम, अनुशासन, सेवा और सहयोग के मूल्य सहज रूप से दिखाई देते हैं। ‘तप से चरित्र दमकता है, सेवा से समाज संवरता है और एकता से राष्ट्र निखरता है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग शिवभक्तों का उत्साह और समर्पण विशेष रूप से प्रेरणादायी है और उन्हें देखकर श्रद्धा की भावना और गहरी होती है।

- सुरक्षा और सुविधाओं पर सरकार का विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। शिवभक्तों के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की व्यवस्था के साथ यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रशासन को यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

- कांवड़ यात्रा को सेवा का पर्व बनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों से कांवड़ यात्रा को सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा का उत्सव बनाने का आह्वान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से पर्यावरण संरक्षण को भी यात्रा का हिस्सा बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़िए पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाएं और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प लें।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि यात्रा के दौरान एंबुलेंस और विद्यालय वाहनों को प्राथमिकता से रास्ता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धा के साथ अनुशासन और संयम का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। कांवड़ यात्रा की वास्तविक आत्मा श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा में निहित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव लोकमंगल के प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें त्याग, सेवा और कल्याण का संदेश देती है। कांवड़ यात्रा इसी लोकमंगल की भावना को समाज तक पहुंचाने का माध्यम बनती है। यदि यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव का संकल्प ले, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा।