आबकारी राजस्व में यूपी ने बनाया नया रिकॉर्ड, पांच माह में जुटाए 24,795 करोड़
- पिछले साल की तुलना में 11 फीसदी बढ़ी आय, अगस्त में भी 3,933 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों में राजस्व संग्रह के मामले में नया रिकॉर्ड कायम किया है। अप्रैल से अगस्त तक विभाग ने 24,795.52 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में मिले 22,337.62 करोड़ रुपये की तुलना में 2,457.90 करोड़ रुपये अधिक, यानी करीब 11 फीसदी की वृद्धि है।
अगस्त में भी आबकारी राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की गई। विभाग के मुताबिक, इस महीने 3,933.10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि अगस्त 2025 में यह आंकड़ा 3,754.43 करोड़ रुपये था। इस तरह सालाना आधार पर अगस्त के राजस्व में 4.76 फीसदी की वृद्धि हुई है।
- पिछले वित्तीय वर्ष में भी रहा रिकॉर्ड प्रदर्शन
आबकारी विभाग का राजस्व संग्रह पिछले वित्तीय वर्ष में भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। वर्ष 2025-26 में विभाग ने कुल 57,722.26 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था। यह वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त 52,573.07 करोड़ रुपये से 5,149.19 करोड़ रुपये अधिक था। इसमें करीब 9.79 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी। आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विभाग राजस्व संग्रह बढ़ाने के साथ अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग को 71,278 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया है।
- पांच माह में 49,569 मुकदमे, 7,899 गिरफ्तार
अवैध शराब के खिलाफ चलाए गए प्रवर्तन अभियान के दौरान अप्रैल से अगस्त 2026 तक 49,569 अभियोग दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान 13.83 लाख लीटर अवैध मदिरा और मादक द्रव्य बरामद किया गया। अवैध शराब के कारोबार में शामिल 7,899 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से 1,327 लोगों को जेल भेजा गया। तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 50 वाहनों को भी जब्त किया गया।
- अगस्त में भी चला व्यापक अभियान
अगस्त महीने में अवैध शराब के खिलाफ विभाग की कार्रवाई और तेज रही। इस दौरान 10,479 अभियोग दर्ज किए गए और 2.48 लाख लीटर अवैध मदिरा/मादक द्रव्य बरामद किया गया। कार्रवाई में 1,639 लोगों की गिरफ्तारी हुई, जबकि 228 लोगों को जेल भेजा गया। इसके अलावा अवैध शराब की तस्करी में इस्तेमाल सात वाहन जब्त किए गए।
मंत्री नितिन अग्रवाल के मुताबिक, विभाग का लक्ष्य केवल सरकारी राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि अवैध और जहरीली शराब के निर्माण तथा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के जरिए लोगों को इसके दुष्प्रभावों से बचाना भी है। उनका दावा है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में अवैध और जहरीली शराब के सेवन से प्रदेश में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
Sep 04 2026, 18:22
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