यूपी में थमेगी बारिश की रफ्तार, अगले तीन-चार दिन कमजोर रहेगा मानसून

- एक सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं, तराई समेत कुछ इलाकों में हल्की बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश के दौर पर अब विराम लगने के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से प्रदेश में मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कम होगी और अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का जोर अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है। एक सितंबर तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हालांकि तराई क्षेत्र के साथ ही कुछ अन्य जिलों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। शुक्रवार को प्रदेश के 19 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

- बुंदेलखंड समेत कई जिलों में जमकर बरसे बादल
इससे पहले बृहस्पतिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। बुंदेलखंड के अलावा पश्चिमी और मध्य यूपी के कुछ जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। मुरादाबाद में सबसे अधिक 161 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा महोबा में 155 मिमी, बदायूं में 154 मिमी, गोंडा में 133 मिमी और बांदा में 101.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक शुक्रवार से मानसून की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता घटने के साथ मौसम में उमस बढ़ सकती है। बारिश थमने के बाद तापमान में बढ़ोतरी और उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं


- बोले- भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है यह पावन पर्व, सनातन विरासत और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का लें संकल्प

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन स्नेह, विश्वास और संस्कारों से जुड़ा पर्व है, जो भाई-बहन के अटूट प्रेम और आत्मीय रिश्ते का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि इस पवित्र अवसर पर हम सभी को अपनी सनातन विरासत को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। साथ ही परिवार और समाज में प्रेम, सौहार्द तथा आपसी विश्वास को बढ़ावा देने के लिए पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के रिश्ते की गरिमा और पारिवारिक एकता की भावना को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।
डीरेगुलेशन 2.0 में यूपी के सुधारों की समीक्षा, मंजूरी प्रक्रिया तेज करने पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कारोबार और नागरिक सेवाओं से जुड़े नियमों को आसान बनाने की दिशा में डीरेगुलेशन 2.0 के तहत सुधारों की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन्वेस्ट यूपी में हुई केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक में अनुपालन का बोझ कम करने, नियमों को सरल बनाने और विभिन्न मंजूरियों की प्रक्रिया को अधिक तेज व सुगम बनाने पर जोर दिया गया।
कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त सचिव राहुल शर्मा समेत केंद्र और प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में खाद्य कारोबार के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस, श्रम कानून, जीएसटी प्रक्रियाएं, फायर लाइसेंस, अग्नि सुरक्षा मानक, यूपीबीबीएल के तहत भवन स्वीकृति, एमएसएमई से जुड़ी सुविधाओं और यूपीपीसीएल के बिजली कनेक्शन की प्रक्रियाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने प्रमुख क्षेत्रों में मंजूरी से जुड़ी अड़चनों की पहचान करते हुए उन्हें दूर करने के लिए प्राथमिकता वाले सुधारों पर चर्चा की। नगर नियोजन और आवास संबंधी नियमों को सरल बनाने, एफएआर में अधिक लचीलापन देने तथा नए विद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया आसान करने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। इसके अलावा राजस्व विभाग से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं में सरलीकरण और शिथिलीकरण की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

- अनावश्यक बाधा न बनें नियम
बैठक में के.के. पाठक ने कहा कि नियमों का मूल उद्देश्य पूरा होना चाहिए, लेकिन वे व्यवसायों और नागरिकों के लिए अनावश्यक बाधा नहीं बनने चाहिए। अग्नि सुरक्षा के संबंध में उन्होंने कहा कि व्यवस्था का केंद्र लोगों की जान की सुरक्षा होनी चाहिए। केवल अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने तक अग्नि सुरक्षा को सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश ने नियामकीय सुधारों और अनुपालन बोझ कम करने के पहले चरण में मंजूरी से जुड़ी बाधाओं को दूर करने तथा प्रक्रियाओं को सरल बनाने के मामले में राज्यों में अग्रणी प्रदर्शन किया था। अधिकारियों के अनुसार, डीरेगुलेशन 2.0 इसी सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का अगला चरण है।
बैठक में इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद, माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव किंजल सिंह, राजस्व विभाग की सचिव दिव्या मित्तल, इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार का मानना है कि अनुपालन संबंधी प्रक्रियाओं को आसान और समयबद्ध बनाने से निवेशकों, उद्यमियों और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा। इससे उद्योग, एमएसएमई, शिक्षा, आवास और अन्य क्षेत्रों में परियोजनाओं की मंजूरी और क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। राज्य सरकार निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने पर भी जोर दे रही है।
नेपाल की आपदा में फंसे यूपी के नागरिकों को निकालने के लिए योगी सरकार ने संभाला मोर्चा
-मुख्यमंत्री योगी की सक्रियता से राहत-बचाव का कार्य तेजी पर, नेपाल पहुंची एसडीआरएफ, पीएसी

लखनऊ। नेपाल में बाढ़ व प्राकृतिक आपदा के बीच उत्तर प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है। नेपाल में फंसे यूपी के नागरिकों को सुरक्षित निकालने और उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने संसाधनों के साथ राहत-बचाव टीमों को सक्रिय किया है। राहत आयुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम से नेपाल सीमावर्ती जिलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

योगी सरकार ने नेपाल में राहत-बचाव अभियान के लिए एसडीआरएफ की एक प्लाटून भेजी है। इसमें 32 जवान शामिल हैं। इसके अलावा पीएसी की 26वीं बटालियन के 22 जवानों को भी नेपाल भेजा गया है। सरकार ने जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त बल और संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी की है, जिससे प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी तरह की कमी न रहे।

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान को प्रभावी बनाने के लिए मौके पर चार रबर बोट मौजूद हैं। अतिरिक्त एसडीआरएफ प्लाटून के साथ एल्युमिनियम बोट भी नेपाल भेजी जा रही है। सिंधुरिया क्षेत्र में राहत-बचाव अभियान की तैयारियां की जा रही हैं। सरकार का पूरा फोकस फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित निकालने और जरूरतमंदों तक तत्काल सहायता पहुंचाने पर है। नेपाल की बाढ़ और वहां की स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। नेपाल में फंसे यूपी के नागरिकों के परिजन किसी भी सूचना या सहायता के लिए 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।
कानपुर में प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त, प्रशिक्षक समेत दो पायलटों की मौत

चकेरी से उड़ान भरने के करीब 20 मिनट बाद खेत में गिरा डुअल इंजन विमान, मौके पर पहुंचीं रेस्क्यू टीमें

लखनऊ। यूपी के कानपुर में ग्वालटोली थाना क्षेत्र अंतर्गत नत्थापुरवा गांव के बाहरी इलाके में गुरुवार दोपहर एक प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त हाे गया। इस हादसे में प्रशिक्षु पायलट और प्रशिक्षक की मौत हो गई। रेस्क्यू टीमें मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि चकेरी स्थित गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से चार सीट वाले डुअल इंजन टेकनम विमान ने सुबह करीब 11:30 बजे उड़ान भरी थी। ट्रेनिंग सेंटर के प्रशिक्षक सचिन भाटिया निवासी गुजरात और ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी निवासी कर्नाटक विमान काे लेकर करीब 20 मिनट उड़ान के बाद चकेरी से गंगा बैराज क्षेत्र के पास नत्थापुरवां गांव पहुंचे ही थे कि तभी अचानक विमान ऊंचाई से खेत में जा गिरा। विमान के गिरते ही तेज आवाज से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में ग्रामीण की भीड़ घटनास्थल जमा हाे गई।

स्थानीय लाेगाें की सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पहुंची और राहत-बचाव कार्य में जुट गई। इस दाैरान रेस्क्यू कर विमान में फंसे दाेनाें पायलट काे निकालते हुए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती तौर पर मौत की वजह ऊंचाई से गिरने के कारण लगी गंभीर चोट बताई गई हैं।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि एविएशन से जानकारी में पता चला कि सचिन भाटिया के पास करीब 3000 घंटे की उड़ान का अनुभव था। उन्हाेंने बताया कि दुर्घटना के बाद विमान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है और उसके हिस्से खेत में बिखर गए हैं।

उन्हाेंने बताया कि विमान के मलबे और आसपास मौजूद अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया। हादसे की सूचना नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को दे दी गई है। विमान दुर्घटना की तकनीकी और अन्य विस्तृत जांच डीजीसीए की टीम करेगी।

पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान का इस्तेमाल प्रशिक्षण के लिए किया जा रहा था। कंपनी की ओर से शुरुआती तौर पर दावा किया गया है कि वर्ष 2023 से गर्ग एविएशन के पास मौजूद इस विमान में रखरखाव से जुड़ी कोई कमी नहीं थी। हालांकि, दुर्घटना के कारण को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। विमान की तकनीकी स्थिति और रखरखाव से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस मुख्यालय में डीजीपी समेत वरिष्ठ अधिकारियों को बालिकाओं ने बांधी राखी
रक्षाबंधन पर 20 बालिकाओं ने अपने हाथों से तैयार राखियों से मनाया पर्व, डीजीपी ने उज्ज्वल भविष्य के लिए किया प्रोत्साहित

लखनऊ। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर 27 अगस्त 2026 को पुलिस मुख्यालय, उत्तर प्रदेश में भावनात्मक एवं सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान राजभवन परिसर स्थित आदर्श माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत 20 बालिकाओं ने पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण समेत उपस्थित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया।

कार्यक्रम में बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। खास बात यह रही कि बालिकाओं ने पुलिस अधिकारियों को जो राखियां बांधीं, उन्हें उन्होंने स्वयं अपने हाथों से तैयार किया था। बालिकाओं द्वारा बनाई गई राखियों ने कार्यक्रम में आत्मीयता और अपनत्व का भाव और बढ़ा दिया।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बालिकाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर बहनों और बच्चों के साथ बैठकर राखी बंधवाने तथा उनके साथ पर्व की खुशियां साझा करने का अवसर उनके लिए अत्यंत विशेष, भावनात्मक और सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं का पुलिस मुख्यालय में आगमन सभी के लिए प्रसन्नता और सौभाग्य का विषय है।

डीजीपी ने इस विशेष कार्यक्रम के आयोजन के लिए राज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से पुलिस परिवार को बालिकाओं के साथ रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व को आत्मीयता के साथ मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रत्येक बालिका के अपने सपने और लक्ष्य होते हैं।

उन्होंने कहा कि कोई बालिका पुलिस अधिकारी बनना चाहती है, तो कोई खिलाड़ी, जबकि कुछ बालिकाएं शिक्षा अथवा अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने का सपना देखती हैं। डीजीपी ने बालिकाओं से अपने सपनों को पूरे आत्मविश्वास, लगन और परिश्रम के साथ साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी बालिकाएं जीवन में अपने निर्धारित लक्ष्यों को अवश्य प्राप्त करेंगी।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिदेशक ने सभी बालिकाओं तथा उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के स्वस्थ, सुरक्षित, प्रसन्न एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर पुलिस मुख्यालय में उपस्थित पुलिस महानिदेशक साइबर अपराध/रेलवे/ईओडब्ल्यू/फायर सर्विसेज, अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन/मानवाधिकार, पुलिस महानिरीक्षक कानून-व्यवस्था/भ्रष्टाचार निवारण संगठन, पुलिस महानिरीक्षक तथा पुलिस महानिदेशक के जीएसओ समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया।

रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पुलिस और समाज के बीच विश्वास, अपनत्व एवं संवेदनशीलता के संबंधों को और अधिक मजबूत करने वाला रहा। बालिकाओं के साथ पुलिस अधिकारियों ने पर्व की खुशियां साझा कर सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं का संदेश दिया।
नेपाल की भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़ से सीएम योगी चिंतित, महाराजगंज- कुशीनगर में अलर्ट


लखनऊ। नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ और उससे पैदा हुए हालात को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है। उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से नेपाल में प्रभावित सभी लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की है।
नेपाल में बाढ़ के असर को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों महाराजगंज और कुशीनगर में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन को आशंका है कि नेपाल से आने वाले पानी के चलते गंडक-नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे दोनों जिलों के कुछ इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए महाराजगंज और कुशीनगर के स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने, संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है।

- नेपाल में फंसे यूपी के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन
नेपाल में आई बाढ़ अथवा अन्य आपदा के कारण यदि उत्तर प्रदेश का कोई नागरिक वहां फंसा हुआ है या उसे सहायता की आवश्यकता है, तो उसके परिजन तत्काल 1070 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।
अमरपाल मौर्य के प्रथम आगमन पर भव्य स्वागत, जानें 2027 के चुनाव को लेकर क्या कहा ?
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य के पहली बार लखनऊ पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। चारबाग रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के बीच उनका अभिनंदन किया। इस दौरान पार्टी के समर्थन में नारे भी लगाए गए।
स्वागत कार्यक्रम के बाद अमरपाल मौर्य ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित अभिनंदन समारोह में प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
समारोह को संबोधित करते हुए अमरपाल मौर्य ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछड़े वर्ग, गरीब, वंचित और युवा वर्ग के सशक्तीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
मौर्य ने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देना, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाना तथा गरीब परिवारों को आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, नल से जल और जनधन जैसी योजनाओं से जोड़ना सामाजिक न्याय की दिशा में अहम पहल है। उनके मुताबिक, पिछड़े वर्ग को विकास और शासन की मुख्यधारा में भागीदारी दिलाने का काम भाजपा सरकारों ने किया है।
उत्तर प्रदेश सरकार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछड़े वर्गों के कल्याण और सामाजिक सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक बिना भेदभाव पहुंचे।
अमरपाल मौर्य ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इन दलों ने पिछड़े वर्ग के हित में स्थायी और प्रभावी काम नहीं किया तथा इस वर्ग को मुख्य रूप से वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछड़े वर्ग को सम्मान, अवसर और राजनीतिक भागीदारी देने का प्रयास किया है।
उन्होंने पिछड़ा वर्ग मोर्चा के कार्यकर्ताओं से केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। साथ ही 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और भाजपा की जीत के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछड़े वर्ग के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण की दिशा में लगातार काम हुआ है। उन्होंने कहा कि मोर्चा प्रदेश के प्रत्येक बूथ तक संगठन को मजबूत करने के साथ पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में भूमिका निभाएगा।
प्रदेश महामंत्री संजय राय ने कहा कि भाजपा की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। पिछड़ा वर्ग मोर्चा गांव से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने में जुटा है। उन्होंने कहा कि अमरपाल मौर्य के मार्गदर्शन में मोर्चा की गतिविधियों को और गति मिलेगी तथा आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कार्यकर्ताओं को अभी से पूरी ऊर्जा के साथ जुटना होगा।
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह और ब्रज बहादुर, पूर्व प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश महामंत्री रामचन्द्र प्रधान व संजय पटेल, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, जिला अध्यक्ष विजय मौर्य समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सामान्य वर्ग की बहन बेटियो के सम्मान और सुरक्षा के साथ किसी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं :नम्रता तिवारी राष्ट्रीय प्रवक्ता सवर्ण आर्मी भारत
लखनऊ। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय प्रवक्ता सवर्ण समाज के महिलाओं के बीच  कहा हमारी आवाज उन लोगों तक पहुंचे जो महिलाओं और बेटियों के साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ खड़े है हमारी बहन बेटियो के सम्मान   और सुरक्षा के साथ किसी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं होना चाहिए चुप्पी नहींन-न्याय कि आवाज बुलंद करनी होगी कानून सबके लिए समान हो और दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो। अब सवाल सीधे होगे कड़वा सवाल ,सीधी मांग यूजीसी रेगुलेशन 2026 वापस होना चाहिए यह एक वर्ग सामान्य  को जन्म जाती अपराधी घोषित कर रहा है शोषण करता बता रहा है सामान्य वर्ग की बेटियों को उच्च शिक्षा से बंचित कर रहा है।

अगर दलित वर्ग का लड़का सामान्य वर्ग को बेटी के साथ जबर्दस्ती करने का प्रयास करे उसकी लज्जा को भंग करने का प्रयास करें उसका विरोध सामान्य वर्ग की लड़की करती है तो इसकी शिकायत की जाय कि तो यूजीसी के तहत जातीय भेदभाव मान कर सामान्य वर्ग की बेटी का कैरियर समाप्त हो जायेगा लेकिन सामान्य वर्ग की बेटी के साथ जो हुआ वह जातीय भेद भाव नहीं माना जाएगा यह कैसा समानता है कानून की तागत निर्दोष को डराने के लिए नहीं है दोषी को सजा देने के लिए होनी चाहिए न्याय के नाम पर अन्याय किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है सरकार को वोट बैंक नहीं न्याय और संविधान के मूल सिध्दांतों के आधार पर व्यवस्था चलानी चाहिए SCSTACT का खुल कर दुरुप्रयोग किया जा रहा है एससीएसटी एक्ट सुरक्षा के लिए बना था इसकी आड़ में निर्दोष को फंसा कर धन उगाही का जरिए बनाया गया है ।

क्या यही न्याय है जिसे किसी भी परिस्थिति में सवर्ण समाज स्वीकार नहीं करेगा गा ,गरीबी जाति देख कर नहीं आती है हर वर्ग हर जाती में गरीब होते हैं आरक्षण जाती के आधार पर नहीं होना चाहिए सवर्ण ब्राह्मण ठाकुर लाला वैश्य टाटिल लग जाने से अरबपति हो गया क्या यही न्याय है क्या यही समानता है,आरक्षण में सुधार हो यूजीसी काला कानून वापस हो के लिए जंतर मंतर दिल्ली पर प्रदर्शन करने गए सवर्ण समाज के लोगों पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरता पूर्वक कार्यवाही किया महिलाओं बच्चों तक को घसीटा गया क्या सवर्ण अपनी हक के लिए आवाज नहीं उठा सकता है सुरक्षा के नाम पर अधिकारी का हनन स्वीकार नहीं, और न्याय के नाम पर पक्षपात भी नहीं न्याय जाती देख कर नहीं हम डरेंगे नहीं नफ़रत भी नहीं फैलाएंगे संवैधानिक तरीके अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ कर आरक्षण में सुधार यूजीसी काला कानून वापस कराएगी साथ ही SCSTACT को समाप्त कराया जाएगा न्याय चाहिए सुरक्षा चाहिए सम्मान चाहिए आखिर कार सवर्ण भी इस देश का नागरिक है जाती के आधार पर भेद भाव बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
योगी सरकार की सौगात, 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना शुरू
- अक्टूबर-नवंबर में 50 हजार स्नातक छात्राओं को स्कूटी देने का भी ऐलान

लखनऊ। रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि स्नातक स्तर पर पढ़ने वाली 50 हजार छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना की शुरुआत की, जिसके तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं की भूमिका अब घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। महिलाएं आर्थिक गतिविधियों, कारोबार, तकनीक और नेतृत्व के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने इसे “चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक” पहुंचने वाली महिला सशक्तीकरण की यात्रा बताया।

- 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को आजीवन मुफ्त यात्रा
मुख्यमंत्री ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की प्रदेश की महिलाएं परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27 से 29 अगस्त तक महिलाओं और उनके एक सहयोगी को भी निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी जा रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सुशासन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और महिला स्वावलंबन का उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी भावना के अनुरूप प्रदेश के कई जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर छात्रावास बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक छात्रावास में 500 कामकाजी महिलाओं के निःशुल्क रहने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

- महिला कार्यबल में भागीदारी 36 प्रतिशत पहुंची
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी पहले करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। सरकार का लक्ष्य इसे 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की बेटियां सुरक्षित माहौल में काम कर रही हैं और नाइट शिफ्ट में भी रोजगार के अवसरों का लाभ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित सेफ सिटी नेटवर्क, 1090 और 112 जैसे तंत्र काम कर रहे हैं। महिला बीट पुलिस, हेल्पडेस्क, पिंक बूथ और वन स्टॉप सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है।

- पुलिस बल में 50 हजार महिला कर्मियों का लक्ष्य
योगी ने बताया कि 2017 में प्रदेश पुलिस में करीब 10 हजार महिला कर्मी थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर लगभग 45 हजार हो गई है। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या करीब 50 हजार तक पहुंच जाएगी।उन्होंने महिला पीएसी की तीन बटालियनों का भी उल्लेख किया, जो लखनऊ में उदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई और बदायूं में अवंती बाई के नाम से स्थापित की गई हैं।

- योजनाओं से लेकर संपत्ति के अधिकार तक महिलाओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के जीवन के विभिन्न चरणों को योजनाओं से जोड़ा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना, पेंशन योजनाएं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाओं को उनके घर का मालिकाना अधिकार भी मिला है। सरकार के अनुसार करीब 65 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना, हर घर शौचालय, बिजली, नल से जल और डीबीटी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं के जीवन में सुविधा, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा बढ़ी है।

- 8 हजार न्याय पंचायतों में महिला डिजिटल उद्यमी
योगी ने कहा कि 8 हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमियों की संख्या में महिलाओं की हिस्सेदारी आधी रखने का लक्ष्य है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खेती, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प और खुदरा कारोबार जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बीसी सखी और नमो ड्रोन दीदी जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं अब गांवों में बैंकिंग सेवाओं से लेकर कृषि तकनीक तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

- चार लाख से अधिक महिलाएं दुग्ध क्षेत्र में सक्रिय
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश के 31 जिलों में बलिनी, काशी, सामर्थ्य, सृजिनी और बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी जैसी संस्थाओं से चार लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग, प्रदर्शनियों और डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। शी-मार्ट जैसे मॉडल के जरिए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है।

- फैसले लेने की प्रक्रिया में भी बढ़े महिलाओं का प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना किसी प्रकार की कृपा नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का जरूरी हिस्सा है। पंचायतों और स्थानीय निकायों से लेकर प्रशासन, सेना, शिक्षा, खेल और स्टार्टअप तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीत रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं को उनकी आबादी के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व और अवसर मिले।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश सिंह और उमेश द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार और ओपी श्रीवास्तव समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।