आजादी का अर्थ अराजकता, गरीबी और असमानता से मुक्ति भी : सीएम योगी

लखनऊ, 15 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रनायकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल विदेशी शासन से राजनीतिक मुक्ति तक सीमित नहीं है। सच्ची आजादी तभी सार्थक होगी, जब देश अराजकता, गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ेपन और असमानता जैसी चुनौतियों से भी पूरी तरह मुक्त हो। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं देता, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपने दायित्वों को निभाने की प्रेरणा भी देता है।

- 140 करोड़ देशवासियों की भागीदारी जरूरी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजादी को स्थायी और मजबूत बनाए रखने के लिए किसी एक व्यक्ति, जाति या वर्ग की नहीं, बल्कि देश के 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब समाज का हर वर्ग अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे बढ़े।

- बलिदान और संघर्ष से मिली स्वतंत्रता

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को 1947 में लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद स्वतंत्रता मिली। देश के वीर सपूतों ने विदेशी दासता को स्वीकार नहीं किया और अलग-अलग कालखंडों में स्वतंत्रता की अलख जगाए रखी। 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर इस संघर्ष का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई, धनसिंह कोतवाल समेत अनेक क्रांतिकारियों ने देशवासियों में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की यह चेतना आगे भी विभिन्न आंदोलनों और क्रांतिकारी गतिविधियों के रूप में जारी रही। गोरखपुर का चौरीचौरा और लखनऊ का काकोरी ट्रेन एक्शन इसी संघर्ष की महत्वपूर्ण कड़ियां हैं।

- विकास के साथ बदली देश की तस्वीर

सीएम योगी ने कहा कि आजादी के बाद देश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। गरीबी, अशिक्षा, पिछड़ेपन और असमानता जैसी अनेक चुनौतियों पर काफी हद तक काबू पाया गया है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं, शिक्षा का विस्तार हुआ है और शासन की योजनाओं का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, नए मेडिकल कॉलेजों और एम्स, रेलवे कनेक्टिविटी, मेट्रो तथा रैपिड रेल जैसी परियोजनाओं ने देश के विकास को नई गति दी है। अमृत भारत, वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाएं भी बदलते भारत की तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं।

- देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए विकास के साथ राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान का उल्लेख किया, जिसमें गरीब, युवा, महिला और किसान को विकास की प्रमुख धुरी मानकर नीतियां बनाने पर जोर दिया गया है।

योगी ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाया गया है। युवाओं को रोजगार और आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार करने के लिए नए संस्थान और अवसर विकसित किए गए हैं।

शहीदों और वीर जवानों को किया नमन

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस समेत राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले क्रांतिकारियों तथा स्वतंत्र भारत की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।

इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को किया याद

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के प्रयास में अपना जीवन न्योछावर किया। कीर्ति चक्र से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री ने उनके बलिदान को नमन किया तथा वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले उत्तर प्रदेश के अन्य अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि देशवासी अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा से योगदान दें तो स्वतंत्रता की यह यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए और अधिक गौरवशाली तथा मजबूत बनेगी।

सूचना विभाग में शान से लहराया तिरंगा, कर्मियों ने लिया कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प

- सूचना निदेशक विशाल सिंह ने किया ध्वजारोहण, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया नमन

- बोले- सरकार और जनता के बीच सेतु है सूचना विभाग, योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाना हमारा दायित्

लखनऊ। देश के स्वतंत्रता संग्राम के वीरों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में 80वां स्वतंत्रता दिवस गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। विभागीय परिसर में देशभक्ति के माहौल के बीच सूचना निदेशक विशाल सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान और वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ।

ध्वजारोहण के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सूचना निदेशक ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन करने का दिन है, जिनके संघर्ष और बलिदान से देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृतकाल में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह देश और प्रदेश के विकास में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाए।

-युवा शक्ति से मजबूत होगी विकसित भारत की नींव

विशाल सिंह ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि युवा ऊर्जा, नवाचार और डिजिटल क्षमता देश को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने युवाओं से ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के साथ अपने दायित्व निभाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य तैयार करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से प्रदेश और देश विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।

योजनाओं की सही जानकारी जनता तक पहुंचाना प्राथमिकता

सूचना निदेशक ने विभागीय कार्मिकों को देश और प्रदेश के प्रति निष्ठा तथा ईमानदारी के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग शासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों और उपलब्धियों की सही एवं तथ्यपरक जानकारी पारदर्शिता के साथ आमजन तक पहुंचाई जाए।

कर्तव्य के साथ व्यवहार में भी संवेदनशीलता जरूरी

अपर निदेशक अरविंद कुमार मिश्र ने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करना चाहिए। साथ ही कार्यस्थल पर अपने व्यवहार को संवेदनशील और सहयोगपूर्ण बनाए रखना भी जरूरी है, ताकि किसी को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कर्मचारियों से अपने कार्य को बेहतर ढंग से करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कहा कि हर व्यक्ति को ऐसा कार्य करना चाहिए, जिसे देखकर आने वाली पीढ़ी भी गर्व महसूस करे। कार्यक्रम में सूचना विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे ।                     

      

वाराणसी में डॉ. लंकेश  बापू की श्री शिव कथा का भव्य आयोजन
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर स्थित मल्टी पर्पज हॉल में 5 सितंबर से 11 सितंबर तक देश के प्रख्यात कथावाचक डॉ. लंकेश बापू की श्री शिव कथा का भव्य आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के आयोजक प्रदीप कुमार प्रहलाद भाई पटेल ने उपरोक्त जानकारी देते हुए बताया कि स्वर्गीय प्रहलाद भाई माधवदास पटेल की पुण्य स्मृति में आयोजित इस कथा को सुनने के लिए गुजरात से बड़ी संख्या में शिव भक्त गांधीनगर से 3 सितंबर को रात 11 बजे गांधीनगर कैपिटल, बनारस एक्सप्रेस ट्रेन से रवाना होंगे। 11 सितंबर को कथा के उपरांत बस द्वारा शिव भक्त अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। श्री शिव कथा में उत्तर प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, नई दिल्ली तथा अन्य प्रदेशों से भी भारी संख्या में विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।
शिक्षा सम्राट लल्लन तिवारी के जन्मदिन के उपलक्ष में चल रहा वृक्षारोपण अभियान

वाराणसी। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर सेवा समिति, वाराणसी की तरफ से शिक्षा सम्राट राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी के जन्मदिन 20 जुलाई से लगातार 60 दिनों तक वृक्षारोपण के अभियान में 21 वें दिन तक 371 वृक्ष लगाए गए आपको बताते चलें कि विगत 9 वर्षों से चली आ रही वृक्षारोपण अभियान जो लल्लन तिवारी के दीर्घायु हेतु उनके जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए राष्ट्रहित में वृक्षारोपण किया जाता है। पिछले साल तक 26200 वृक्ष देश के दर्जनों प्रदेश में लगाई जा चुके हैं फलदर औषधि दार छायादार वृक्ष लगाया जाता है  समिति के प्रेरणास्रोत कुंवर रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया, संरक्षक डॉ महेंद्र नाथ पांडे पूर्व केंद्रीय मंत्री, राहुल तिवारी सचिव राहुल एजुकेशन, मार्गदर्शक सुशील सिंह विधायक, उपाध्यक्ष  सुशील सिंह, प्रदेश अध्यक्ष संदीप सिंह फौजी, सहयोगी इंजीनियर अमित सिंह, जिला अध्यक्ष चंदौली राम सिंह पिंटू, मंत्री अरविंद पांडेय के सानिध्य में कार्य किया जाता है।
लखनऊ में फिर महंगी हुई CNG, तीन रुपये प्रति किलो बढ़े दाम

आगरा में भी नई दरें लागू; अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में दो रुपये की बढ़ोतरी, चार महीने में 8.25 रुपये तक महंगी हुई CNG

लखनऊ। राजधानी में एक बार फिर सीएनजी के दाम बढ़ गए हैं। ग्रीन गैस लिमिटेड ने लखनऊ और आगरा में सीएनजी की कीमत में 3 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। वहीं अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में सीएनजी के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए हैं। नई दरें 8 अगस्त से लागू हो गई हैं।

नई कीमत लागू होने के बाद लखनऊ और आगरा में सीएनजी अब 102 रुपये के बजाय 105 रुपये प्रति किलो मिलेगी। वहीं अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में सीएनजी की नई कीमत 101.75 रुपये प्रति किलो हो गई है।

चार महीने में 8.25 रुपये तक बढ़े दाम

सीएनजी की कीमतों में पिछले कुछ महीनों से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मई से अगस्त के बीच लखनऊ में सीएनजी के दाम करीब 8.25 रुपये प्रति किलो तक बढ़ चुके हैं। लगातार हो रही इस वृद्धि का सीधा असर सीएनजी वाहनों से सफर करने वाले लोगों और व्यावसायिक वाहन संचालकों पर पड़ने की संभावना है।

ग्रीन गैस लिमिटेड के महाप्रबंधक (विपणन) प्रवीण सिंह ने कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि करते हुए बताया कि लखनऊ और आगरा में सीएनजी की नई दर 105 रुपये प्रति किलो तथा अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में 101.75 रुपये प्रति किलो निर्धारित की गई है।

सीएनजी के दाम बढ़ने से ऑटो, टैक्सी और अन्य वाणिज्यिक वाहनों के संचालन की लागत बढ़ सकती है। इसका असर आगे चलकर यात्रियों के किराये और माल ढुलाई की लागत पर भी पड़ने की संभावना है।

अयोध्या: भक्तों पर पेन-कंघी तक की पाबंदी, पुजारियों के मोबाइल गर्भगृह तक पहुंचने से उठे सवाल

- राम मंदिर में फोटो-वीडियो पर रोक के बावजूद सोशल मीडिया पर सामने आईं रील; सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर बढ़ी चिंता

अयोध्या। राम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के मद्देनजर कई सामान्य वस्तुओं को भी अंदर ले जाने पर प्रतिबंध है। प्रवेश से पहले भक्तों को कई स्तरों की जांच से गुजरना पड़ता है। पेन, कंघी समेत कई सामान भीतर ले जाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद मंदिर से जुड़े कुछ पुजारियों के मोबाइल फोन मंदिर परिसर के अंदर पहुंचने और वहां से सोशल मीडिया पर रील पोस्ट किए जाने का मामला सामने आया है।

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर सामने आई कुछ रील में मंदिर परिसर के अलग-अलग हिस्सों के साथ गर्भगृह से जुड़े दृश्य भी दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो को कथित तौर पर मंदिर से जुड़े पुजारियों के सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया है। मामला सामने आने के बाद मंदिर की आंतरिक सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और मोबाइल फोन के प्रवेश को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

मंदिर परिसर में फोटो-वीडियो बनाने पर रोक

राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों की जांच और निगरानी पर आधारित है। श्रद्धालुओं के प्रवेश से पहले उनके सामान की जांच की जाती है और मंदिर परिसर में फोटो एवं वीडियो बनाने पर भी रोक है। इस संबंध में परिसर में जगह-जगह सूचनाएं भी प्रदर्शित की गई हैं।

मंदिर की गतिविधियों से संबंधित अधिकृत फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने के लिए ट्रस्ट की अलग मीडिया व्यवस्था है। ऐसे में यदि प्रतिबंधित क्षेत्र से अनधिकृत तरीके से वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं तो यह मंदिर की निर्धारित व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़ा गंभीर विषय बन जाता है।

पहले भी निगरानी व्यवस्था पर उठ चुके हैं सवाल

राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बाद मंदिर की आंतरिक व्यवस्था, संवेदनशील स्थानों तक पहुंच और निगरानी तंत्र को लेकर सवाल उठ चुके हैं। गर्भगृह मंदिर का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। ऐसे में वहां से वीडियो या रील सोशल मीडिया पर सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि सामने आए वीडियो किस परिस्थिति में बनाए गए और संबंधित व्यक्तियों को मोबाइल फोन अथवा रिकॉर्डिंग की अनुमति थी या नहीं।

इस संबंध में एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्र ने कहा कि मामले में लागू नियमों की जानकारी की जा रही है। तथ्यों की पुष्टि के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सीएम योगी की ‘पाती’ में कांवड़ यात्रा का संदेश: समरसता, सेवा और अनुशासन का महापर्व

- ‘कांवड़ यात्रा समाज और संस्कृति की जीवंत पाठशाला’, मुख्यमंत्री ने कहा—जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र के भेद हो जाते हैं गौण

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत पर्व बताया है। श्रद्धालुओं के नाम लिखी अपनी ‘पाती’ में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा करोड़ों शिवभक्तों को एक सूत्र में पिरोती है और सनातन संस्कृति के समभाव का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवड़ और हृदय में भोलेनाथ के प्रति आस्था कांवड़ियों की साझा पहचान है। यात्रा में सभी के कदमों की गति अलग हो सकती है, लेकिन मंजिल एक ही होती है—महादेव का जलाभिषेक। इसी भावना के कारण कांवड़ यात्रा में जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र जैसे सामाजिक भेद पीछे छूट जाते हैं।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा वास्तव में समाज और संस्कृति की ऐसी पाठशाला है, जहां तप, संयम, अनुशासन, सेवा और सहयोग के मूल्य सहज रूप से दिखाई देते हैं। ‘तप से चरित्र दमकता है, सेवा से समाज संवरता है और एकता से राष्ट्र निखरता है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग शिवभक्तों का उत्साह और समर्पण विशेष रूप से प्रेरणादायी है और उन्हें देखकर श्रद्धा की भावना और गहरी होती है।

- सुरक्षा और सुविधाओं पर सरकार का विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यात्रा मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सेवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। शिवभक्तों के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा की व्यवस्था के साथ यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रभावी यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रशासन को यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और आवश्यकतानुसार तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

- कांवड़ यात्रा को सेवा का पर्व बनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों से कांवड़ यात्रा को सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा का उत्सव बनाने का आह्वान किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से पर्यावरण संरक्षण को भी यात्रा का हिस्सा बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़िए पर्यावरण-अनुकूल कांवड़ अपनाएं और प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प लें।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि यात्रा के दौरान एंबुलेंस और विद्यालय वाहनों को प्राथमिकता से रास्ता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धा के साथ अनुशासन और संयम का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। कांवड़ यात्रा की वास्तविक आत्मा श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा में निहित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव लोकमंगल के प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें त्याग, सेवा और कल्याण का संदेश देती है। कांवड़ यात्रा इसी लोकमंगल की भावना को समाज तक पहुंचाने का माध्यम बनती है। यदि यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव का संकल्प ले, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा।

काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर ठगी, महिला से ₹4 हजार वसूले
-  पुजारी बनकर दलाल ने बनाया शिकार, पुलिस ने रकम लौटवाकर कराए निःशुल्क दर्शन

वाराणसी। काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं से VIP दर्शन कराने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुजारी बनकर एक दलाल ने कर्नाटक से आई महिला श्रद्धालु से ₹4,000 ऑनलाइन वसूल लिए।
जानकारी के अनुसार, महिला मंदिर में दर्शन के लिए कतार में खड़ी थी। इसी दौरान एक व्यक्ति ने स्वयं को पुजारी बताते हुए VIP दर्शन कराने का झांसा दिया और ऑनलाइन माध्यम से ₹4,000 अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। बाद में महिला को ठगी का एहसास हुआ तो उसने स्थानीय पुलिस से शिकायत की।
सूचना मिलते ही संबंधित थानाध्यक्ष शिवकांत मिश्रा ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी से महिला के ₹4,000 वापस कराए गए। इसके साथ ही महिला को बिना किसी शुल्क के विधिवत दर्शन भी कराए गए।
पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मंदिर में दर्शन के लिए किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या दलाल के झांसे में न आएं। VIP दर्शन अथवा अन्य किसी सुविधा के नाम पर धनराशि मांगने वाले व्यक्तियों की सूचना तत्काल पुलिस या मंदिर प्रशासन को दें।
श्रावण मास में काशी विश्वनाथ दर्शन हेतु श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी। पवित्र श्रावण मास के अवसर पर श्री विश्वव्यापी वैदिक ब्राह्मण परिवार की ओर से सभी सनातन धर्मावलंबियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए काशी विश्वनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई है।
संगठन मंत्री पंडित उज्ज्वल तिवारी ने बताया कि श्रावण मास में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी पहुंचते हैं। ऐसे में संगठन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए यथाशक्ति रुकने एवं ठहरने की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसका सनातन धर्म में विशेष महत्व है। मां गंगा के पावन तट पर स्थित इस दिव्य धाम में दर्शन और पूजा-अर्चना का विशेष फल प्राप्त होता है। उन्होंने काशी महात्म्य का उल्लेख करते हुए कहा कि जो व्यक्ति प्रतिदिन काशी का स्मरण करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। पंडित उज्ज्वल तिवारी ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए रुद्राभिषेक, कालसर्प दोष निवारण, पितृदोष शांति, कुंडली संबंधी पूजन सहित विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों की भी सुव्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध है।श्री विश्वव्यापी वैदिक ब्राह्मण परिवार ने सभी सनातनियों से श्रावण मास में बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन एवं पूजन का पुण्य लाभ लेने का आह्वान किया है। अधिक जानकारी के लिए 6202883559 पर संपर्क किया जा सकता है।
शिवसेना की मांग, श्रावण मास में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में बंद रहे नमाज

वाराणसी। शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा महाराष्ट्र उत्तर भारतीय संघटना के प्रदेश अध्यक्ष गुलाब चंद दुबे व शिवसेना उत्तर भारतीय संघटना, मुम्बई के उपाध्यक्ष संतोष सिंह
के नेतृत्व मे शिवसेना, वाराणसी द्वारा ज्ञानवापी परिसर में श्रावण माह के दौरान नमाज़ पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर आयोजित जनजागरण अभियान एवं ज्ञापन कार्यक्रम में शिवसेना के सम्मानित पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में शिवसैनिकों की उपस्थिति में वाराणसी प्रशासन को ज्ञापन दिया गया । इस अवसर गुलाब चंद दुबे और संतोष सिंह के अलावा मंडल प्रभारी अजय चौबे, डॉ जे.बी. सिंह ,अजय सिंह अज्जू ,अतुल दूबे सहित भारी संख्या में शिवसैनिक व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। गुलाब चंद दुबे ने कहा कि श्रावण मास भगवान भोलेनाथ की आराधना का पवित्र समय है। इसी धार्मिक आस्था एवं श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शासन और प्रशासन से यह मांग की गई कि श्रावण माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर में उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और
हमारी मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए। वहीं संतोष सिंह ने शासन व प्रशासन से  मांग की कि सभी कांवड़ी श्रद्धांलुओ  की सुरक्षा व सुव्यवस्था सूदृढ ढंग से सुनिश्चित हो