मोरहाबादी में सजेगा सिनेमा का दरबार!

रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 और 10 अगस्त को आयोजित 'आदिवासी महोत्सव' के दौरान 'अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप' में Jharkhand Film Development Corporation Limited (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया जा रहा है।

इस दौरान आदिवासी जीवन, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कई बेहतरीन शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में पैनल डिस्कशन और फिल्म मेकिंग से जुड़ी मास्टर क्लास भी आयोजित होगी, जहाँ आपको सीधे फिल्म इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स से जुड़ने और उनसे सीखने का शानदार मौका मिलेगा।

फिल्म मेकिंग में अपना करियर बनाने वालों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी!

अगर आप फ्यूचर में फ़िल्म मेकिंग की दुनिया से जुड़ना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है। हाल ही में 22 जुलाई 2026 को माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी की गरिमामयी उपस्थिति में JFDCL और SRFTI (Satyajit Ray Film and Television Institute) के बीच एक ऐतिहासिक MoU साइन किया गया है।

इसके तहत जल्द ही सूचना भवन, रांची में एक नया संस्थान— 'झारखंड फिल्म टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (Jharkhand Film Television Institute) खुलने जा रहा है। इस संस्थान में आने वाले समय में फिल्मों से जुड़ी शूटिंग, एडिटिंग और डायरेक्शन की प्रोफेशनल क्लासेज दी जाएंगी।

तो अगर आप सिनेमा, फिल्म मेकिंग और झारखंड की संस्कृति से जुड़ी कहानियों के शौकीन हैं, तो यह शानदार मौका हाथ से बिल्कुल न जाने दें!

स्थान: अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप, मोरहाबादी मैदान, रांची

दिनांक: 9 और 10 अगस्त

_मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शहीद निर्मल महतो के 39वें शहादत दिवस पर उलियान में दी श्रद्धांजलि_

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज शहीद निर्मल महतो जी के 39वीं शहादत दिवस पर उलियान, जमशेदपुर स्थित समाधि स्थल पहुंचे। उन्होंने झारखंड आंदोलन के महानायक एवं अमर शहीद निर्मल महतो जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद निर्मल महतो जी की प्रतिमा पर मल्यार्पण कर उन्हें शत्-शत् नमन किया। साथ ही उनकी याद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की धरती वीरों की भूमि रही है।

अमर शहीद निर्मल महतो जैसे महान आंदोलनकारियों और मार्गदर्शकों का जीवन समाज के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेगा। लम्बे संघर्ष और अनगिनत आंदोलनकारियों के समर्पण के बाद झारखंड राज्य को अपनी अलग पहचान मिली है। वीर शहीदों के विचार और उनके आदर्श हमेशा समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के आदिवासी, मूलवासी, किसान, गरीब और आम नागरिकों के हक-अधिकारों की रक्षा करना सरकार का प्राथमिक संकल्प है। शहीदों के त्याग, समर्पण और संघर्ष के मार्ग पर चलते हुए राज्य के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने का संकल्प निरंतर जारी रहेगा। जन-जन को विकास योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता, भाईचारे और सौहार्द को मजबूत बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

लोगों की एकजुटता एवं परस्पर सहयोग इस राज्य की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की जनता की एकजुटता और परस्पर सहयोग ही इस राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। शहीदों के सपनों के अनुरूप एक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध राज्य के निर्माण के लिए सभी को मिलकर बिना डरे, बिना रुके आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर साल आज के दिन सुबह से लेकर शाम तक एक महान आंदोलनकारी, एक महान योद्धा के याद में लोग यहां पहुंचते हैं। अमर शहीद निर्मल महतो जी के बारे में कुछ भी कहा जाए बहुत कम होगा, लेकिन एक बात आज जरूर कहूंगा कि "जब तक सूरज-चांद रहेगा निर्मल महतो का नाम रहेगा" यह नारा हम सभी के लिए प्रेरणादायक बनता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे महान लोगों के मार्गदर्शन और संघर्ष से राज्यवासियों का विश्वास, आशीर्वाद और सामूहिक शक्ति एकजुट करने में हम सफल रहे हैं। यही वजह है कि मैं झारखंड को ‘वीरों की भूमि’ कहता हूं। इस धरती पर अनगिनत ऐसे महान लोग हुए, जो आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने जीवन का जो समय झारखंड को दिया, वह पूरी तरह समर्पित भाव से दिया। उन्होंने कहा कि इन महान व्यक्तित्वों ने आदिवासी-मूलवासियों को एकजुट करने, उनके हक-अधिकार की आवाज को मजबूती देने और न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष, त्याग और समर्पण झारखंड की सामाजिक चेतना और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। उनके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

झारखंड वीरों की धरती, एक वीर की कहानी सुनाएंगे, तो दूसरे वीरों की कड़ियाँ जुड़ती चली जाएगी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड के लोगों की एकजुटता को पूरा देश लोहा भी मानता है। आज हमारी इसी ताकत को, राज्य की एकजुटता को, बड़े योजनाबद्ध तरीके से अपना ताकत बनाने में कुछ षड्यंत्रकारी लोग लगे हैं, लेकिन चिंता मत कीजिए, जब-जब बाहर के लोगों ने यहां के लोगों पर आक्रमण करने की कोशिश की है, तब-तब यहां के लोगों ने एकजुटता दिखाकर उनसे लोहा लेने का भी काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी लोग वीर शहीद निर्मल महतो जी के चरणों पर शीश झुकाने आए हैं। इससे कुछ दिन पहले ही लम्बे समय तक हमलोगों के बीच मार्गदर्शक के रूप में रहे स्मृति शेष आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की भी पुण्यतिथि थी। उस दिन भी हम सभी लोग बड़ी संख्या में एकजुट होकर उनको नमन किया और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों की धरती है। एक वीर की कहानी सुनाएंगे, तो दूसरे वीरों की कहानी की कड़ियाँ जुड़ती चली जाएगी। आज के दिन हमसबों का यहां आना इस बात का परिचायक है कि जो वीर शहीद हमारे बीच आज शारीरीक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और आदर्श हमेशा हमारे जीवन में साथ चलेगा।

शहीदों के प्रेरणा से जीवन के सफर में आगे बढ़ते रहेंगे

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी लोग इसी तरीके से अपने वीर शहीदों, मार्गदर्शकों को अपना प्रेरणा बनाते हुए अपने जीवन के सफर को तय करेंगे और मजबूती के साथ बिना डरे, बिना रुके आगे बढ़ते रहेंगे।

मौके पर विधायक श्रीमती सबिता महतो, विधायक श्री समीर मोहंती, विधायक श्री संजीव सरदार, विधायक श्री सोमेश चंद्र सोरेन, पूर्व मंत्री श्री बन्ना गुप्ता सहित अन्य गणमान्य एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन रांची में नवनियुक्त सहायक बिशप आनंद डेविड खाल्खो के अभिषेक समारोह में शामिल हुए

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज डॉ. कामिल बुल्के पथ (पुरुलिया रोड), रांची स्थित आर्चबिशप हाउस में आयोजित रांची महाधर्मप्रांत

के नवनियुक्त सहायक बिशप श्रद्धेय आनंद डेविड खाल्खो के

अभिषेक एवं प्रतिष्ठापन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय आनंद डेविड खाल्खो को नई जिम्मेदारी ग्रहण करने पर

हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

इस अवसर पर आर्चबिशप विंसेंट आइंद, फादर अजित कुमार खेस सहित अन्य धर्मगुरु एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

आदिवासी संस्कृति का भव्य संगम: मोरहाबादी में 2 दिवसीय महोत्सव का आगाज*

झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा एवं विरासत को समर्पित दो दिवसीय आदिवासी महोत्सव 2026 का शुभारंभ कल से रांची के मोरहाबादी मैदान में भव्य रूप से होगा। महोत्सव के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग श्रीमती वंदना दादेल ने शुक्रवार को आयोजन स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान श्रीमती दादेल ने महोत्सव स्थल पर चल रहे निर्माण कार्यों एवं विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी करते हुए गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव ने वीवीआईपी आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, पार्किंग एवं भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि महोत्सव में बड़ी संख्या में आने वाले आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए, इसके लिए सभी मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ रूप से उपलब्ध कराई जाएं।

इस दौरान उन्होंने मुख्य मंच, विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के स्टॉल, पार्किंग क्षेत्र सहित समस्त व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को आयोजन शुरू होने से पूर्व सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

श्रीमती दादेल ने कहा कि आदिवासी महोत्सव राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं गंभीरता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान कल्याण आयुक्त श्री कुलदीप चौधरी, विशेष सचिव, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग श्री राजीव लोचन बक्शी, संयुक्त निदेशक श्री आनंद, निदेशक टीआरआई श्री आलोक एस. कच्छप सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं एजेंसी प्रतिनिधि उपस्थित थे।

10 अगस्त को झारखंड में राष्ट्रव्यापी रास्ता रोको-रेल रोको: अल्बर्ट एक्का चौक पर 3 घंटे का चक्का जाम

रांची: केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध में 10 अगस्त 2026 को राष्ट्रव्यापी रास्ता रोको-रेल रोको अभियान को सफल बनाने को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राज्य कार्यालय रांची में संयुक्त किसान मोर्चा एवं संयुक्त मजदूर संगठनो के और से प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक झारखंड राज्य किसान सभा के प्रदेश संयोजक भंते जैनेंद्र तथागत सीटू के प्रतीक मिश्रा का निर्माण बॉस खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश सचिव इम्तियाज़ खान जिला सचिव अजय कुमार सिंह उपस्थित थे

10 अगस्त 2026 को राष्ट्रव्यापी जेल भरो कार्यक्रम के तहत अल्बर्ट एक्का चौक, रांची में शाम 4:00 बजे से 7:00 बजे तक रोड ब्लॉक करने का निर्णय लिया गया। इसमें सैकड़ों की तादाद में किसान, मजदूर, महिलाएं, छात्र-नौजवान शामिल होंगे।

मुख्य मांगें:

1. 4 श्रम कानून/लेबर कोड वापस लो

2. असंगठित मजदूरों को ₹26,000 न्यूनतम मजदूरी लागू करो

3. 12 घंटे की जगह 8 घंटे काम का समय तय करो

4. भूमि बैंक रद्द करो

5. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दो

6. किसानों, महिलाओं एवं छात्रों का कर्ज माफ करो

7. विस्थापन नीति एवं पुनर्वास नीति बनाओ

8. मनरेगा में 250 दिन काम और ₹700 दैनिक मजदूरी की गारंटी करो

9. JPSC परीक्षा रद्द करो एवं JSSC पेपर लीक मामले में वर्तमान जजों की कमेटी से न्यायिक जांच करो

नेताओं के बयान:

बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी किसानों-मजदूरों के रास्ता रोको अभियान का तन-मन-धन से समर्थन करती है और सड़कों पर उतरकर आंदोलन में साथ देगी।

झारखंड राज किसान सभा के प्रदेश संयोजक भारतीय जैनेंद्र तथागत ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों और महिलाओं पर अत्याचार कर रही है। सिर्फ पूंजीपतियों के हित में कानून बना रही है, सार्वजनिक संस्थाओं को बेच रही है। बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है। पेपर लीक के कारण छात्र-युवा आत्महत्या कर रहे हैं। इन सभी के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जिम्मेदार है। सीटू के अनिर्बन बस एवं प्रतीक मिश्रा ने कहा

कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों के विरोध में रास्ता रोको-रेल रोको_ आंदोलन को सफल बनाएं।

बैठक में उपस्थित:*

महेंद्र पाठक - प्रदेश सचिव, भाकपा

अजय कुमार सिंह - जिला सचिव, भाकपा रांची

अशोक यादव - महासचिव, एटक

भंते जैनेंद्र तथागत - प्रदेश संयोजक, किसान सभा

इशहाक अंसारी - जिला सचिव, किसान सभा

छुमु उरांव, प्रतीक मिश्रा - सीटू

परफूल लिंडा - आदिवासी जन अधिकार मंच

शुभेंदु सेन सहित सैकड़ों कार्यकर्ता

PVUNL की सामाजिक पहल को मिला सम्मान: विधायक रोशन लाल चौधरी ने शहीद निर्मल महतो स्मारक परिसर के सौंदर्यीकरण कार्य का किया लोकार्पण

पतरातू, 08 अगस्त 2026:

पीटीपीएस पोस्ट ऑफिस के समीप स्थित शहीद निर्मल महतो स्मारक परिसर में आज झारखंड के वीर सपूत एवं अमर शहीद निर्मल महतो जी का 39वां शहादत दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) द्वारा सामुदायिक विकास कार्य के अंतर्गत शहीद निर्मल महतो स्मारक परिसर के सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य का विधिवत लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री रोशन लाल चौधरी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि श्री राधेश्याम अग्रवाल, जिला परिषद सदस्य सह सांसद प्रतिनिधि श्री राजाराम प्रजापति, पीवीयूएनएल के सीजीएम (O&M) श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (Project Construction) श्री बी.डी. दास, HOHR श्री जियाउर रहमान, AGM (Civil Construction) श्री शिरीष कुमार बरकुल, DGM (Civil Construction) श्री अमित रंजन सहित पीवीयूएनएल के अन्य पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

लोकार्पण के अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक श्री रोशन लाल चौधरी सहित उपस्थित अतिथियों ने स्मारक परिसर में वृक्षारोपण भी किया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा सभी अतिथियों का चंदन लगाकर एवं पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों एवं लोगों ने शहीद निर्मल महतो जी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके विचारों एवं आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर विधायक श्री रोशन लाल चौधरी ने कहा कि अमर शहीद निर्मल महतो जी झारखंड की अस्मिता, अधिकार और सम्मान के लिए संघर्ष करने वाले महान जननेता थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड एवं समाज के हितों के लिए समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष, त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

उन्होंने कहा कि शहीद निर्मल महतो जी के सपनों का झारखंड बनाने के लिए हम सभी को उनके विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाजहित में कार्य करना होगा। उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

पीवीयूएनएल द्वारा सामुदायिक विकास के तहत किए गए इस सौंदर्यीकरण कार्य का उद्देश्य स्मारक परिसर को सुव्यवस्थित, आकर्षक एवं जनोपयोगी स्वरूप प्रदान करना तथा क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं सामाजिक विरासत के संरक्षण में योगदान देना है। इस पहल के माध्यम से पीवीयूएनएल ने स्थानीय समुदाय के साथ अपने सतत जुड़ाव एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।

रांची के मोरहाबादी स्थित गेस्ट हाउस में झारखंड सरकार और आंदोलनरत छात्रों के दूसरे गुट के बीच दूसरे दिन की वार्ता सकारात्मक और सफल रही।

Ranchi: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और छात्रों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रांची के मोरहाबादी स्थित गेस्ट हाउस में आज लगातार दूसरे दिन राज्य सरकार और आंदोलनरत छात्रों के देवेंद्र नाथ महतो गुट के बीच अहम बैठक हुई। दोनों ही पक्षों ने इस वार्ता को बेहद सकारात्मक और सफल बताया है।

सरकार का कहना है कि छात्रों से हर सुझाव लेने के लिए एक विशेष मेल आईडी भी जारी की गई है।

झारखंड सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच गतिरोध दूर करने की दिशा में आज एक और बड़ा कदम उठाया गया। रांची के मोरहाबादी गेस्ट हाउस में सरकार के प्रतिनिधिमंडल और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले छात्र गुट के बीच दूसरे दिन की वार्ता संपन्न हुई.

सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई इस बैठक के बाद राज्य सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार और दीपिका पांडेय सिंह ने मीडिया से बात की। मंत्रियों ने बताया कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर बेहद गंभीर है। छात्रों के सुझाव सीधे सरकार तक पहुँचाने के लिए एक विशेष मेल आईडी जारी की गई है, जिस पर छात्र संगठन या कोई भी स्टेकहोल्डर अपने विचार भेज सकते हैं। सरकार ने साफ किया है कि अन्य छात्र संगठनों से वार्ता के बाद पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी।

उधर सरकार के इस रुख से आंदोलनरत छात्र भी संतुष्ट नज़र आए। छात्र प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता को सकारात्मक बताते हुए उम्मीद जताई कि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेगी।

लगातार दूसरे दिन हुई इस बैठक और बातचीत के इस दौर से साफ है कि सरकार छात्रों के मुद्दों को जल्द से जल्द सुलझाना चाहती है। अब देखना होगा कि अन्य संगठनों से वार्ता और जारी की गई ईमेल आईडी पर मिलने वाले सुझावों के बाद मुख्यमंत्री इस पर क्या अंतिम फैसला लेते हैं।

बाबूलाल मरांडी ने सीआईडी जांच एवं एडीजी मनोज कौशिक की भूमिका पर उठाया गंभीर सवाल

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल ताबड़तोड़ दो पोस्ट कर सीआईडी जांच की कार्यप्रणाली एवं इसके एडीजी मनोज कौशिक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार पर करारा प्रहार किया है।

श्री मरांडी ने कहा कि झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और सीजीएल (CGL) परीक्षा घोटालों की जांच कर रही सीआईडी (CID) की सत्यनिष्ठा और कार्यप्रणाली पर अब आम जनता का रत्ती भर भी विश्वास नहीं रह गया है। यह अविश्वास निराधार नहीं है। जिस सीआईडी ने सीजीएल परीक्षा धोखाधड़ी में दुर्भावनापूर्ण तरीके से जांच की प्रकृति ही बदल दी और अपनी नाकामी व असली दोषियों को छिपाने के लिए सारा दोष नेपाल में कोचिंग लेने वाले छात्रों पर मढ़ दिया, उससे जेपीएससी घोटाले में न्याय की उम्मीद करना पूरी तरह बेमानी है। वास्तविकता तो यह थी कि सीजीएल के अधिकांश प्रश्न पिछले प्रश्नपत्रों से हूबहू उठाए गए थे और चयनित 'खास' उम्मीदवारों को पहले से ही उन सवालों की कोचिंग दे दी गई थी, लेकिन सीआईडी ने ट्रायल कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक को गुमराह किया और अहम साक्ष्य छिपा लिए।

उन्होंने कहा कि इस पूरी साजिश के केंद्र में सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक हैं, जिनका खुद हजारीबाग में कोयले और बालू की तस्करी से अवैध उगाही का दागदार इतिहास रहा है। ऐसे दागी अधिकारी को सरकार ने मेहरबानी करते हुए तीन-तीन अहम पदों से नवाजा है, जबकि कई योग्य अधिकारी बिना काम के बैठे हैं। यह साफ दर्शाता है कि मनोज कौशिक के नेतृत्व में महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों के अनुभव से विहीन अफसरों वाली सीआईडी महज सरकार की कठपुतली बनकर रह गई है।

उन्होंने कहा कि इसी कठपुतली एजेंसी ने एफआईआर दर्ज करने से पहले आरोपों की कोई जांच कराए बिना ही जानबूझकर एक बेहद कमजोर एफआईआर दर्ज की है, ताकि सत्ताधारी दल के राजनेताओं और इस महाघोटाले के असली मास्टरमाइंड्स को सुरक्षित निकाला जा सके।

उन्होंने कहा कि जेपीएससी चेयरमैन से चार-चार बार पूछताछ होने के बावजूद आज तक उनकी गिरफ्तारी न होना और परीक्षा आयोजित करने वाली निजी एजेंसी पर सारा ठीकरा फोड़ने का प्रयास यह साबित करता है कि सीआईडी जांच और तलाशी की आड़ में असल में महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट करने और सफेदपोश चेहरों को बचाने का घिनौना खेल खेल रही है। एक पेशेवर जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली के बिल्कुल उलट, सीआईडी जानबूझकर जांच के परिणामों को नियमित रूप से मीडिया में लीक कर रही है। इसका एकमात्र उद्देश्य जनता का ध्यान भटकाकर और भ्रम फैलाकर अपने आकाओं को बचाने के लिए एक झूठा नैरेटिव सेट करना है, बिल्कुल वैसे ही जैसे सीजीएल मामले में सिर्फ नेपाल जाने वाले छात्रों को ही दोषी ठहराने की साजिश रची गई थी।

श्री मरांडी ने कहा कि यह समझना जरूरी है कि यह महज कोई साधारण पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा सुनियोजित महाघोटाला है जिसमें सत्ता के शीर्ष पर बैठे राजनेताओं के इशारे पर पैसों के बदले पूरी परीक्षा प्रक्रिया को ही हाईजैक कर लिया गया, ताकि अयोग्य उम्मीदवारों को सफल घोषित किया जा सके। सबसे हैरानी और सीआईडी की नीयत पर शक पैदा करने वाली बात तो यह है कि जब यह तथ्य सार्वजनिक डोमेन में आ चुका है कि परीक्षा कराने वाली दागी एजेंसी के पीछे का मुख्य व्यक्ति अभय कुमार तिवारी खुद धोखाधड़ी के जरिए कई अन्य परीक्षाओं में नौकरियां पा चुका है, तो सीआईडी ने उन पुरानी परीक्षाओं के हेरफेर के मामले में अब तक कोई नई एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की? सीआईडी जानबूझकर केवल छोटे उम्मीदवारों और निजी एजेंसियों को मोहरा बनाकर कार्रवाई का दिखावा कर रही है, जबकि सत्ता के गलियारों में बैठे असली गुनाहगारों को छुआ तक नहीं जा रहा।

उन्होंने कहा कि सीआईडी का पिछला इतिहास हमेशा से सच को दबाने और समझौता करने वाला रहा है। ऐसे में राज्य के हर युवा और नागरिक का अब सरकार से सीधा सवाल है कि अगर उसके हाथ वाकई साफ हैं और उसे किसी बात का डर नहीं है, तो वह इस पूरे महाघोटाले की निष्पक्ष जांच सीबीआई (CBI) को क्यों नहीं सौंप देती?

वहीं अपने दूसरे पोस्ट में श्री मरांडी ने कहा है कि झारखंड में आज सिपाही से लेकर एसपी तक हर कोई जानता है कि राज्य में पुलिस का असली नियंत्रण डीजीपी के पास नहीं, बल्कि मनोज कौशिक के पास है, जिनका अतीत कोयले के काले कारोबार और भ्रष्टाचार से जुड़ा रहा है। 2013 से 2015 के बीच हजारीबाग एसपी रहते हुए उन पर बड़े पैमाने पर कोयला चोरी में शामिल होने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसका भंडाफोड़ तत्कालीन ईमानदार और कड़क आईजी मुरारीलाल मीणा ने किया था।

इसके बाद उन पर दूसरी गाज तब गिरी जब एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) में भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतें दर्ज हुईं। शुरुआत में नीरज सिन्हा जैसे विवादास्पद अधिकारी (जिन्होंने खुद जेएसएससी घोटाले में फंसने के डर से हाल ही में इस्तीफा दे दिया) ने जांच की दिशा भटकाकर मामले को गोल-गोल घुमाने और रफा-दफा करने की पूरी कोशिश की। लेकिन जब वही ईमानदार अफसर मुरारीलाल मीणा एसीबी के चीफ बनकर आए, तो रुकी हुई जांच सही दिशा में आगे बढ़ी।

यह दूसरी बार था जब मनोज कौशिक कानूनी शिकंजे में फंसे; एसीबी की निष्पक्ष जांच में उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह से सही पाए गए। इसके बाद एसीबी ने इन आरोपों की पुष्टि करते हुए, उनके खिलाफ आगे की दंडात्मक कार्रवाई शुरू करने की औपचारिक अनुमति प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार को सीधे पत्र लिखा। इन दो-दो ठोस आधिकारिक जांच रिपोर्टों और दागी कारनामों के बावजूद, आज आलम यह है कि पुलिस महकमे के सारे कामकाज और 'धंधे' का निर्देश अधिकारी डीजीपी से नहीं, बल्कि मनोज कौशिक से लेते हैं।

श्री मरांडी ने कहा कि सत्ता से लेकर विपक्ष तक सब जानते हैं कि पुलिस के नियंत्रण में कोयला, बालू और पत्थर चोरी के कारोबार का पूरा कंट्रोल किसके हाथ में है और कौन इसे संचालित और मैनेज करवा रहा है। सरकार जानबूझकर सीआईडी और एसीबी जैसे महत्वपूर्ण विभागों में ऐसे ही दागदार अफसरों को चुनकर बैठाती है ताकि वे कानून के प्रति नहीं, बल्कि राजनीतिक आकाओं और उनके दलालों के नौकर बनकर काम करें। इसका जीता-जागता प्रमाण तब मिला जब सीआईडी का प्रभार संभालते ही मनोज कौशिक ने जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) जांच की दिशा भटका दी और सत्ता के दलालों को बचाने के लिए हाईकोर्ट में सीआईडी की तरफ से भ्रामक शपथ पत्र दिलवाकर पूरी जांच की हवा निकाल दी। सत्ता के मनमाफिक ये सारे गैर-कानूनी काम करके वह सरकार के सबसे बड़े चहेते बन गए हैं। मनोज कौशिक के इसी काले इतिहास, उन पर हुई दो-दो आधिकारिक जांचों और वर्तमान की सत्ता-परस्ती को देखते हुए यह साफ हो चुका है कि झारखंड में अब किसी को भी सीआईडी जांच पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं रह गया है।

बड़कागांव: पुलिस से भागने के क्रम में फायरिंग, गैंगस्टर प्रिंस खान के गुर्गे अंकित पांडेय के पैर में लगी गोली*

हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरा डीह स्थित बंद पड़े गैस प्लांट के पास गैंगस्टर प्रिंस खान के कथित गुर्गे अंकित कुमार पांडेय ने बड़कागांव पुलिस को धक्का देकर भागने के क्रम में पुलिस पर फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में बड़कागांव पुलिस ने भाग रहे अंकित कुमार पांडेय के पैर में गोली चलाई. जिससे वह गिरकर बुरी तरह घायल हो गया. यह घटना शुक्रवार की देर रात की है.उक्त घटना की पुष्टी थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने की है. घायल अभियुक्त अंकित कुमार पांडेय को बड़कागांव अस्पताल में प्राथमिक इलाज कर बेहतर इलाज के लिए उसे हजारीबाग रेफर कर दिया गया.

पुलिस पूछताछ में प्रिंस खान गिरोह से जुड़ाव का खुलासा

थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि 25 जुलाई को 13 माइल के पास ट्रांसपोर्ट रोड में दो हाईवा गाड़ी पर गैंगस्टर प्रिंस खान के गुर्गों द्वारा गोली कांड किया गया था, जिस संबंध में बड़कागांव थाना कांड संख्या-133/26 दर्ज किया गया था. इस कांड में संदिग्ध पिपराडीह निवासी अरुण कुमार पांडेय के पुत्र अंकित कुमार पांडेय को पूछताछ के लिए बड़कागांव थाना लाया गया, पूछताछ के क्रम में उसके मोबाइल फोन का जांच किया गया तो, पाया गया कि उसके द्वारा अपने मोबाइल फोन के टेली ग्राम एप के माध्यम से गैंगस्टर प्रिंस खान एवं प्रिंस खान गिरोह (के एस एस .) के सदस्यों के साथ चैट किया गया है. अग्रतर पूछताछ के क्रम में उनके द्वारा अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि गैंगस्टर प्रिंस खान के निर्देशानुसार बड़कागांव थाना क्षेत्र के 13 माइल स्थित ट्रांसपोर्ट रोड में दिनांक 25 जुलाई को रात्रि में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गोली बारी की घटना को अंजाम दिया गया था .एवं प्रिंस खान (के एस एस ) संगठन के नाम से पर्चा छोड़ने का काम किया गया था.साथ ही इनके द्वारा अपने अपराध स्वीकारोक्ति बयान में बताए कि पिपराडीह गांव के नजदीक स्थित बन्द पड़े गैस प्लांट में घटना कारित हथियार एवं बम को छुपाकर रखे हैं, साथ चलने पर बरामद करा सकते है.

पुलिस को धक्का देकर भागने क्रम में अपराधी ने पुलिस पर की फायरिंग

थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने यह भी बताया कि अभियुक्त के निशानदेही पर शुक्रवार की देर रात्रि ग्राम पिपराडीह के नजदीक स्थित बन्द पड़े गैस प्लांट के पास हथियार एवं बम के बरामदगी के दौरान अभियुक्त अंकित पाण्डेय द्वारा पुलिस बल के जवान को अचानक धक्का देते बरामद पिस्तौल से पुलिस बल की और लक्षित करते हुए फायर कर दिया गया और भागने की कोशिश करने लगा. पुलिस द्वारा अपना बचाव करते हुए आत्मरक्षार्थ फायर किया गया. जिसमें अभियुक्त अंकित कुमार पांडेय के पैर में गोली लग गई, तत्पश्चात वो वहीं गिर गया, जिसे पुलिस बल के द्वारा पकड़ लिया गया और ईलाज हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बड़कागांव भेजा गया, जिसे वंहा से बेहतर ईलाज हेतु सदर अस्पताल, हजारीबाग रेफर किया गया.

घटनास्थल में बरामद सामग्रियां

घटनास्थल से घटना में प्रयुक्त एक देसी पिस्तौल, 7.62 एम एम का एक खोखा, 7.62 एम एम का एक मिस फायर गोली , 7.62 एम एम का एक जिंदा गोली, एक देशी बॉम तथा चार हस्तलिखित धमकी भरा पर्चा बरामद किया गया.

बिग न्यूज:JPSC-JSSC विवाद पर बड़ी बैठक ,देवेन्द्रनाथ महतो गुट और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हो रही है बात चित

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों और सरकार के बीच शनिवार को एक और दौर की मह्त्वपूर्ण वार्ता शुरू होने जा रही है।

JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच का 8-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कड़े सुरक्षा घेरे में स्टेट गेस्ट हाउस पहुंच चुका है.शुक्रवार की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद, आज की इस बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में JLKM नेता देवेन्द्रनाथ महतो पिछले 6 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर हैं, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ गया .

शुक्रवार को सरकार और छात्रों के दूसरे गुट के बीच हुई वार्ता से कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया था। हालांकि, दोनों ही पक्ष बातचीत के जरिए रास्ता निकालने के पक्ष में हैं।

देवेन्द्रनाथ महतो की बिगड़ती सेहत के बीच, आज की यह बैठक बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि क्या आज की वार्ता से अभ्यर्थियों की मांगों पर कोई ठोस सहमति बन पाती है या गतिरोध यूं ही बरकरार रहेगा।

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