CEO झारखण्ड का खंडन: SIR में 30% आदिवासी मतदाता हटने की खबर पूरी तरह गलत और भ्रामक

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में वर्तमान में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का इन्यूमरेशन फेज चल रहा है। इस दौरान मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म भरने, विगत विशेष गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से मैपिंग करने, भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने एवं इन्यूमरेशन फॉर्म के डिजिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। इन्यूमरेशन फेज में यह बता पाना कि कितने प्रतिशत मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म में तार्किक विसंगतियां प्राप्त हुई है, संभव नहीं है। उन्होंने "झारखंड जनाधिकार महासभा" द्वारा गलत उद्देश्य एवं मतदाताओं को दिग्भ्रमित करने हेतु सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जा रही सूचना – "झारखंड के आदिवासी क्षेत्र में एक-एक बूथ में 30% मतदाताओं के नाम SIR की logical discrepancy सूची में दिख रहे हैं। इसके अलावा हर बूथ में कई मतदाता हैं जिनके पूर्वजों का नाम 2003 सूची में नहीं है। ऐसे में लाखों आदिवासी नोटिस के शिकार और परेशान होंगे और नाम कट सकता है।" – बिल्कुल असत्य एवं वास्तविकता से परे है। उन्होंने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण से संबंधित सभी स्टेकहोल्डर से अनुरोध किया है कि इस तरह के मिसइनफॉरमेशन को किसी प्रकार से बढ़ावा न दें। वर्तमान मतदाता सूची के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को एसआईआर के माध्यम से नए मतदाता सूची में जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।

तार्किक विसंगतियों की पहचान एवं निराकरण मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने का एक चरण

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के क्रम में तार्किक विसंगतियों की पहचान एवं निराकरण मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने का एक चरण है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं के उम्र एवं संबंध जैसे नाम, पिता, पति, पत्नी, माता आदि में लिपिकीय त्रुटियों को पहचानकर, उन्हें मतदाताओं के माध्यम से सत्यापित करते हुए दूर किया जाएगा। इस हेतु संबंधित मतदाता से आवश्यकता पड़ने पर उनके ईआरओ/एईआरओ द्वारा नोटिस जारी करते हुए, आवश्यक दस्तावेज लेकर इसका सत्यापन कर विसंगतियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा, कि तार्किक विसंगति को दूर करने का मुख्य उद्देश्य है, कि एसआईआर के उपरांत प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं का विवरण शुद्ध–शुद्ध एवं त्रुटिरहित आ सके।

आदिम जनजाति एवं जनजाति समुदाय के मतदाताओं को अंचल कार्यालयों में उपलब्ध खतियान के आधार पर दी जाएगी हर संभव सहायता

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि झारखंड के वैसे आदिम जनजाति एवं जनजाति समुदाय के मतदाता जिनकी जानकारी में कोई तार्किक विसंगति आने पर उनका या जिनकी मैपिंग नहीं हुई है उन्हें, अंचल कार्यालयों में उपलब्ध खतियान अथवा वंशावली के आधार पर एईआरओ, ईआरओ एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी मतदाता सूची में पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करेंगे। झारखण्ड में आदिम जनजाति एवं जनजाति का विवरण, खतियान एवं अन्य अभिलेखों के माध्यम से एईआरओ, ईआरओ एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालयवम उपलब्ध है। अतः इस तरह के भ्रामक एवं दुष्प्रचार के बहकावे में आने की कोई आवश्यकता नहीं है।

वृद्ध, दिव्यांग एवं अन्य दूरस्थ आदि श्रेणी के मतदाता के सहयोग के लिए वोलेंटियर्स कर रहे अथक प्रयास

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में हर पात्र भारतीय नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो, इस हेतु चुनाव आयोग कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि राज्य में वृद्ध, दिव्यांग एवं अन्य दूरस्थ आदि श्रेणी के मतदाताओं की सहायता के लिए विशेष वोलेंटियर्स प्रत्येक मतदान केंद्र पर नियुक्त किए गए हैं। ये वोलेंटियर्स इन मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म भरने में मदद कर रहे हैं और मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के बाद यदि आवश्यकता पड़ी, तो जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने में भी समन्वय एवं सहयोग करेंगे।

22 जुलाई को बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठक एवं चुनाव पाठशाला का आयोजन

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए इस सूची से एएसडीडी सूची को अलग कर इसे हटाने का कार्य किया जाता है। इस हेतु बीएलओ एवं बीएलए-2 द्वारा इन्यूमरेशन फेज में 2 बार बैठक आयोजित कर अपने मतदान केंद्रों के वर्तमान मतदाता सूची से एएसडीडी सूची को बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस हेतु बीएलओ द्वारा घर-घर भ्रमण के दौरान इसका सत्यापन किया गया साथ ही चुनाव पाठशाला में इसे पढ़कर भी सुनाया गया है। एएसडीडी सूची को अंतिम स्वरूप देने हेतु 22 जुलाई को बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठक के साथ-साथ चुनाव पाठशाला का भी आयोजन किया गया है । इस अवसर पर मतदाताओं से अनुरोध है कि वे अवश्य इसमें शामिल हों। साथ ही सभी मान्यता प्राप्त राजनीति दलों से अनुरोध है कि वे अपन बीएलए-2 की शत प्रतिशत उपस्थिति मतदान केंद्र पर सुनिश्चित करवायेंगे एवं एएसडीडी सूची को भलीभांति जांच कर इसे सत्यापित भी करेंगे ।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि एक त्रुटिरहित और शुद्ध मतदाता सूची ही मजबूत लोकतंत्र का आधार है। राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने एसआईआर के कार्य में जुटे सभी मतदाताओं, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2, बूथ लेवल अवेयरनेस ग्रुप और वोलेंटियर्स की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक सहभागी प्रक्रिया है, इससे जुड़े सभी स्टेकहोल्डर का सहयोग अपेक्षित है । उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक जिनका वर्तमान मतदाता सूची में नाम है,–का पंजीकरण मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जाएगा लेकिन सभी स्टेकहोल्डर यह शत प्रतिशत सुनिश्चित करेंगे कि कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो ।

झारखंड में 22 जुलाई को बीएलओ-बीएलए-2 की अंतिम बैठक, चुनाव पाठशाला भी आयोजित

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने सोमवार को निर्वाचन सदन से सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के इन्यूमरेशन फेज की प्रगति और आगामी रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।

22 जुलाई को होगी बीएलओ एवं बीएलए–2 कि तीसरी बैठक

श्री के. रवि कुमार ने बताया कि इन्यूमरेशन फेज के तहत 22 जुलाई, 2026 को सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर और बूथ लेवल एजेंट की तीसरी तथा अंतिम बैठक निर्धारित है।निम्नलिखित कार्यों के लिए यह बैठक अति महत्वपूर्ण:

चुनाव पाठशाला: बैठक के दौरान चुनाव पाठशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अनुरोध है कि वे अपने संबंधित बीएलए-2 की उपस्थिति उक्त बैठक में अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। इसके साथ–साथ मतदाताओं को भी बैठक में भाग लेने के लिए प्रेरित करें जिससे यदि किसी कारण से सूची में त्रुटि पाई जाती है तो उसे ससमय सुधार जा सके।

एएसडीडी (ASDD) सूची को अंतिम रूप देना: उक्त बैठक में बीएलओ और बीएलए-2 से वैरिफाई कराकर एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ एवं डुप्लीकेट सूची वाले मतदाताओं की सूची को अंतिम रूप दी जाएगी।

ड्राफ्ट प्रकाशन: इस अंतिम सूची का प्रकाशन 5 अगस्त, 2026 को मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के साथ किया जाएगा।

इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने और डिजिटाइजेशन पर जोर

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी मतदाताओं और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 से अपील की है कि वे मतदाताओं द्वारा भरा हुआ और हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म 19 जुलाई तक संबंधित बीएलओ के पास जमा कराना सुनिश्चित करें । समय पर फॉर्म मिलने से इन्यूमरेशन फेज में इन्यूमरेशन फॉर्म का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन, मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (यह सुनिश्चित किया जा सके कि एक ही परिवार या घर के सभी मतदाता एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में शामिल हों।) का कार्य समय सीमा के भीतर पूरे किए जा सकेंगे।

किसी कारणवश इन्यूमरेशन फॉर्म न मिलने अथवा खराब हो जाने पर अपने बीएलओ से करें संपर्क

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी न कहा कि यदि किसी भी कारणवश वर्तमान मतदाता सूची के किसी मतदाता का इन्यूमरेशन फॉर्म अप्राप्त है अथवा खराब हो गया हो, तो वे तुरंत अपने बीएलओ से संपर्क करें। बीएलओ संबंधित ईआरओ/ एईआरओ कार्यालय से संपर्क कर इसे संबंधित मतदाता को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची के प्रत्येक मतदाता के इन्यूमरेशन फॉर्म का पीडीएफ संबंधित ईआरओ/एईआरओ कार्यालय में उपलब्ध है। उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त दलों से इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह सहित सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

स्वर्णरेखा महिला समिति द्वारा 'प्रगति 2.0 टेलरिंग सेंटर' का शुभारंभ, महिला सशक्तिकरण को नई दिशा

स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती रेणु सहगल द्वारा 20 जुलाई 2026 को पीवीयूएनएल (PVUNL) पतरातू टाउनशिप शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 'प्रगति 2.0 टेलरिंग सेंटर' का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस पहल का उद्देश्य आसपास के गांवों—हनुमानगढ़ी, शाह कॉलोनी एवं कटिया—की महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। चयनित महिलाओं को सप्ताह

में छह दिन नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे कौशल विकसित कर स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर श्रीमती रेणु सहगल ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि कौशल विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता से ही वास्तविक रूप से संभव है।

समिति का यह प्रयास महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उद्घाटन समारोह में समिति के सदस्य, पीवीयूएनएल के अधिकारी तथा स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

झारखण्ड के लिए गर्व का पल: संथाली फिल्म 'आंगेन' के निर्देशक रवि राज मुर्मू को 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

राँची, झारखण्ड।

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने संथाली फिल्म "आंगेन" (Angen) के निर्देशक रवि राज मुर्मू को 'सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक' (Best Debut Film of a Director) की श्रेणी में 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।युवा फिल्म निर्माता को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:"मैं श्री रवि राज मुर्मू को इस शानदार उपलब्धि पर अपनी हार्दिक बधाई देता हूँ।

यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीतना न केवल उनके लिए एक व्यक्तिगत मील का पत्थर है, बल्कि झारखण्ड के लोगों और संताली भाषा के लिए भी गर्व की बात है। उन्होंने अपनी फिल्म 'आंगेन' के माध्यम से राष्ट्रीय मंच पर संथाली भाषा, संस्कृति और कहानियों की समृद्धि को बेहद खूबसूरती से प्रदर्शित किया है।

"मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान झारखण्ड से उभरती हुई बेहतरीन रचनात्मक प्रतिभाओं को दर्शाता है। साथ ही, यह कला, संस्कृति और देशज सिनेमा के एक जीवंत केंद्र के रूप में राज्य की बढ़ती पहचान को और मजबूत करता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि रवि राज मुर्मू की यह सफलता झारखण्ड के युवा फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को प्रेरित करेगी। इससे वे सार्थक सिनेमा के माध्यम से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए आगे आएंगे।श्री हेमंत सोरेन ने रवि राज मुर्मू के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी अपनी उत्कृष्ट कला से झारखण्ड और देश का नाम रोशन करते रहें।

आर्थिक सहायता ने बदली कोडरमा की महिलाओं की तस्वीर: सम्मान योजना से नए सपने

कोडरमा। आर्थिक रूप से सशक्त महिला ही एक मजबूत परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला होती है। इसी सोच को साकार करते हुए झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना जिले की हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता केवल एक वित्तीय सहयोग नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत बन रही है।

कोडरमा जिले की अनेक महिलाओं ने इस सहायता राशि का उपयोग स्वरोजगार शुरू करने, छोटे व्यवसाय का विस्तार करने तथा परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में किया है। आज ये महिलाएं न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।

रीना देवी (चंदवारा): सपनों को मिली नई उड़ान

चंदवारा प्रखंड की रीना देवी पहले बेरोजगार थीं। मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से मिलने वाली राशि को उन्होंने बचाकर कपड़ों की दुकान शुरू की। धीरे-धीरे उनका व्यवसाय बढ़ा और आज वे आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। रीना देवी कहती हैं कि यह योजना उनके लिए नई शुरुआत का माध्यम बनी है और अब उनका लक्ष्य अपने व्यवसाय का और विस्तार करना है।

गायत्री देवी (चंदवारा): छोटे कदम से बड़ी सफलता

गायत्री देवी ने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग किराना दुकान शुरू करने में किया। आज उनकी दुकान से नियमित आय हो रही है, जिससे परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं। उनका कहना है कि इस योजना ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर प्रदान किया।

पूजा देवी (जयनगर): मिली नई पहचान

जयनगर की पूजा देवी के पास पहले कोई स्थायी रोजगार नहीं था। योजना की सहायता से उन्होंने राशन दुकान का संचालन शुरू किया। आज वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय चला रही हैं और परिवार का भरण-पोषण स्वयं कर रही हैं। उनके लिए यह योजना आर्थिक सहायता के साथ सामाजिक सम्मान का भी आधार बनी है।

सीमा देवी (जयनगर): बढ़ा व्यवसाय, बढ़ी आय

सीमा देवी पहले से पूजा सामग्री और सब्जी की छोटी दुकान चलाती थीं। मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना से प्राप्त राशि से उन्होंने अपने व्यवसाय में अतिरिक्त पूंजी लगाई, जिससे दुकान का विस्तार हुआ और आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। आज उनका व्यवसाय पहले की तुलना में कहीं अधिक सशक्त और स्थिर हो चुका है।

नंदनी कुमारी (मरकच्चो): स्थानीय उत्पादन से आत्मनिर्भरता

मरकच्चो की नंदनी कुमारी ने योजना की सहायता से साबुन निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया। आज वे स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण साबुन का उत्पादन कर रही हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ी है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं। उनका मानना है कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का वास्तविक अवसर प्रदान कर रही है।

टुनी कुमारी (मरकच्चो): मेहनत और योजना का सफल संगम

टुनी कुमारी ने योजना से मिलने वाली राशि को पूंजी के रूप में जोड़कर राशन दुकान की शुरुआत की। आज उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। वे भविष्य में अपने व्यवसाय का और विस्तार करने की योजना बना रही हैं।

बदल रही है महिलाओं की तस्वीर

मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना ने कोडरमा जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं, परिवार की आय बढ़ा रही हैं तथा समाज में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं।

इन महिलाओं की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही समय पर उचित सहयोग और अवसर मिले तो महिलाएं न केवल अपने जीवन को बदल सकती हैं, बल्कि परिवार, समाज और राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना आज महिलाओं के लिए केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास, स्वावलंबन और उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार बन चुकी है।

SIR-2026: रांची के सभी शहरी बूथों पर 10 से 4 बजे तक चला विशेष कैंप, बड़ी संख्या में मतदाता पहुंचे

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) 2026 के तहत आज दिनांक 18 जुलाई 2026 को रांची जिला के सभी शहरी क्षेत्र के मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 10:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में मतदाता अपने-अपने मतदान केंद्र पहुंचे तथा गणना प्रपत्र (Enumeration Form) प्राप्त करने एवं भरे हुए प्रपत्र जमा करने की प्रक्रिया में भाग लिया।

शिविर के दौरान ऐसे मतदाताओं को Enumeration Form उपलब्ध कराया गया, जिन्हें अब तक प्रपत्र प्राप्त नहीं हुआ था। वहीं, जिन मतदाताओं ने प्रपत्र भर लिया था, उन्होंने संबंधित बीएलओ (BLO) के पास अपना गणना प्रपत्र जमा किया। मतदान केंद्रों पर बीएलओ द्वारा मतदाताओं को आवश्यक जानकारी एवं सहयोग भी किया गया।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने बताया कि जिन मतदाताओं का गणना प्रपत्र अभी तक प्राप्त या जमा नहीं हो पाया है, उनके लिए 20 जुलाई 2026 को भी शहरी क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों पर प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने सभी शहरी मतदाताओं से अपील की है कि जिनका Enumeration Form अभी तक जमा नहीं हुआ है, वे 20 जुलाई को अपने संबंधित मतदान केंद्र पर आयोजित विशेष शिविर में पहुंचकर गणना प्रपत्र प्राप्त करें अथवा भरा हुआ प्रपत्र अवश्य जमा करें। उन्होंने कहा कि समय पर गणना प्रपत्र जमा करना विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं ने अपना गणना प्रपत्र पहले ही संबंधित बीएलओ के पास जमा कर दिया है अथवा ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर दिया है, उन्हें शिविर में आने की आवश्यकता नहीं है।

मुख्यमंत्री ने माना बारिश कम, लेकिन किसान अब भी बीज-खाद के लिए परेशान : मृत्युंजय शर्मा

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वयं स्वीकार किया है कि राज्य में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा हो रही है तथा सूखे की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को योजनाएं बनाने और किसानों को समय पर बीज एवं खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। लेकिन यह सवाल उठता है कि खरीफ सीजन शुरू होने के बाद सरकार को अब इन निर्देशों की याद क्यों आई? यदि सरकार समय रहते तैयारी करती, तो आज किसानों को बीज और खाद के लिए भटकना नहीं पड़ता।

उन्होंने कहा कि कृषि कार्य का सबसे महत्वपूर्ण समय निकलता जा रहा है, जबकि राज्य के अनेक हिस्सों से किसानों को बीज और उर्वरक नहीं मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक स्वयं इस बात का प्रमाण है कि सरकार की तैयारियां समय पर नहीं हो सकीं। कमजोर मानसून की आशंका के बीच यह लापरवाही किसानों की चिंता और बढ़ाने वाली है।

मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि सरकार ने इस वर्ष 18 लाख हेक्टेयर में धान की खेती का लक्ष्य रखा है, लेकिन 15 जुलाई तक केवल 2.36 लाख हेक्टेयर, अर्थात मात्र 13.14 प्रतिशत क्षेत्र में ही धान की बिजाई और रोपाई हो सकी है। पलामू प्रमंडल के जिलों में तो न के बराबर बिजाई-रोपाई हुई है। यह स्थिति केवल कम वर्षा का परिणाम नहीं है, बल्कि समय पर बीज, खाद और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सरकार की विफलता को भी दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार की किसान विरोधी कार्यशैली नई नहीं है। पिछले वर्ष धान खरीद सत्र (2025-26) में भी सरकार किसानों के साथ न्याय नहीं कर सकी। सरकार ने 60 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य रखा था, लेकिन खरीद अवधि समाप्त होने तक केवल करीब 30 लाख क्विंटल, यानी लगभग 50 प्रतिशत धान की ही खरीद हो सकी। हजारों किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर नहीं मिला, भुगतान में देरी हुई और अनेक किसानों को मजबूरी में औने-पौने दाम पर धान बेचना पड़ा। दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने उस विफलता से भी कोई सबक नहीं लिया।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री वास्तव में किसानों की चिंता करते हैं, तो केवल समीक्षा बैठकें और निर्देश पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को तत्काल सभी जिलों में बीज और खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए, सूखे की स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना लागू करनी चाहिए तथा किसानों को हरसंभव तकनीकी और आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। अन्यथा कमजोर मानसून और सरकारी लापरवाही का दोहरा संकट झारखंड के किसानों पर भारी पड़ेगा।

JPSC रोजगार देने वाला आयोग नहीं, बल्कि "रोजगार का व्यापार" करने वाला बना संस्थान : शशांक राज

भारतीय जनता युवा मोर्चा, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस आयोग पर राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, वही आज कथित भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता एवं अनियमितताओं का केंद्र बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि JPSC रोजगार देने वाला आयोग नहीं, बल्कि "रोजगार का व्यापार" करने वाला संस्थान बन गया है।

श्री राज ने कहा कि हाल ही में जारी परीक्षा परिणामों में आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आयोग के तीन सदस्यों के हस्ताक्षर ही नहीं थे, तो परिणाम किस नियम और अधिकार के तहत जारी किया गया?

उन्होंने घोषणा किया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा 20 जुलाई को JPSC के खिलाफ पुरे प्रदेश स्तर पर सोशल मीडिया कैंपेन चलाएगी, 21 जुलाई को पूरे झारखंड में मशाल जुलूस निकालकर युवाओं के आक्रोश को बुलंद करेगा तथा 22 जुलाई को "चलो JPSC घेरते हैं" अभियान के तहत जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से JPSC कार्यालय तक मार्च करते हुए घेराव करेगी। इस दौरान "JPSC सफाई अभियान" भी चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। भारतीय जनता युवा मोर्चा झारखंड के लाखों प्रतियोगी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके अधिकारों की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ता रहेगा।

उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा के कार्यकाल में बिना सभी आवश्यक हस्ताक्षरों के कभी परिणाम जारी नहीं किए जाते थे। उन्होंने वर्ष 2011-13 JPSC प्रकरण का उल्लेख करते हुए आयोग की कार्यप्रणाली की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत अभ्यर्थियों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन नहीं कराया जाता और न ही कॉपियां सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं। आयोग परीक्षा का कट-ऑफ भी सार्वजनिक नहीं करता, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ जाती है।

उन्होंने कहा कि परिणाम देर रात लगभग 12 बजे जारी किए जाते हैं और आयोग वर्षों से नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करने में भी विफल रहा है। यह स्थिति युवाओं के साथ अन्याय है।

श्री राज ने कहा कि पड़ोसी राज्य बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक है, जबकि झारखंड के लाखों अभ्यर्थी कम आयु सीमा के कारण अवसरों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल आयु सीमा बढ़ाने की मांग की।

श्री राज ने कहा कि यदि JPSC को पारदर्शी, जवाबदेह और निष्पक्ष नहीं बनाया गया तो युवा अपना लोकतांत्रिक आंदोलन और तेज करेंगे।

प्रेस वार्ता के अंत में श्री राज ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा—

"छात्रों की हुंकार, अब नहीं सहेंगे रोजगार का व्यापार।"

प्रेस वार्ता में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल चौधरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रिंस कुमार एवं प्रदेश प्रवक्ता बबन बैठा उपस्थित रहे।

पीवीयूएनएल द्वारा रांची में द्वितीय ऐश यूज़र मीट–2026 का सफल आयोजन


रांची, 18 जुलाई 2026: एनटीपीसी लिमिटेड एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के संयुक्त उपक्रम पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) द्वारा 18 जुलाई 2026 को रांची में द्वितीय ऐश यूज़र मीट–2026 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था “अपशिष्ट से समृद्धि तक : परिवर्तन की सशक्त एवं सतत यात्रा”। इस सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, अवसंरचना विशेषज्ञों एवं फ्लाई ऐश उपयोगकर्ताओं ने भाग लेकर फ्लाई ऐश एवं उससे जुड़े उप-उत्पादों के नवाचारपूर्ण एवं सतत उपयोग पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अबूबक्कर सिद्दीक पी., आईएएस, माननीय सचिव, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग; कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार थे। श्री अशोक कुमार सहगल ने सभी अतिथि का शॉल एंड प्लांटर से स्वागत किया ।

इस अवसर पर श्री वी. सुरेश, अध्यक्ष, राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) समिति एवं पूर्व अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, HUDCO सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें श्री संजय कुजूर, अभियंता प्रमुख, भवन निर्माण विभाग, झारखंड सरकार; श्री मनोहर कुमार, अभियंता प्रमुख, ग्रामीण कार्य विभाग, झारखंड सरकार; श्री मोहन लाल, मुख्य अभियंता, CPWD; डॉ. एस. के. दास, उपनिदेशक, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद; श्री संदीप सिंह, क्षेत्रीय खान नियंत्रक; श्री मुकेश कुमार (IRSME), अपर मंडल रेल प्रबंधक, धनबाद; श्री एस. के. महापात्र, कैंपस प्रभारी, आईसीएआर-आईएआरआई झारखंड; श्री विशाल नाथ, आईसीएआर-आईएआरआई झारखंड; श्री ए. के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल तथा श्री मनीष खेतरपाल, मुख्य महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), पीवीयूएनएल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में पीवीयूएनएल की उपलब्धियों, पहलों एवं सतत ऐश उपयोग के विज़न को प्रदर्शित करती एक विशेष स्मारिका का विमोचन किया गया। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक स्वरूप सभी विशिष्ट अतिथियों को फ्लाई ऐश से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किए गए।

अपने संबोधन में श्री ए. के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल ने कहा कि ऐश को अब अपशिष्ट नहीं, बल्कि देश के लिए एक बहुमूल्य संसाधन के रूप में देखा जाना चाहिए, जो सतत अवसंरचना विकास एवं आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने पीवीयूएनएल की “ऐश टू एसेट” की अवधारणा को साकार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि पीवीयूएनएल प्लांट द्वारा ड्राई बॉटम ऐश हैंडलिंग प्रणाली, जल संरक्षण के लिए एयर-कूल्ड कंडेंसर (ACC) तकनीक, तथा विभिन्न क्षेत्रों में फ्लाई ऐश के अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देने हेतु अनेक पहल की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पीवीयूएनएल स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को फ्लाई ऐश से मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण हेतु प्रशिक्षण एवं कौशल विकास प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है, जिससे आजीविका के नए अवसर सृजित होने के साथ-साथ सर्कुलर इकोनॉमी को भी बढ़ावा मिल रहा है।

कार्यक्रम में श्री वी. सुरेश की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें सतत निर्माण एवं अवसंरचना विकास में फ्लाई ऐश के उपयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

तकनीकी सत्र के दौरान सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के श्री आर. एभिन मस्तो ने फ्लाई ऐश के वैज्ञानिक एवं नवाचारपूर्ण उपयोग पर अपने विचार साझा किए। वहीं एनपीजीसी के वरिष्ठ प्रबंधक श्रीमति अपूर्व प्रकाश ने कार्बन मार्केट विषय पर प्रस्तुति देते हुए सतत औद्योगिक प्रक्रियाओं के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन में कमी तथा नए आर्थिक अवसरों की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। धनबाद के प्रोफ़ेस ने भी ऐश पर प्रेजेंटेशन प्रेजेंट किया।

कार्यक्रम के दौरान फ्लाई ऐश के अधिकतम उपयोग, पर्यावरण-अनुकूल निर्माण पद्धतियों को बढ़ावा देने, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा सरकारी विभागों, शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों तथा उद्योग जगत के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम का समापन सभी हितधारकों द्वारा प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं आपसी सहयोग के माध्यम से “अपशिष्ट से समृद्धि” की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर पीवीयूएनएल ने एक बार फिर हरित, स्वच्छ एवं सतत भविष्य के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की समीक्षा: किसान समृद्धि और तकनीक आधारित कृषि सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हितार्थ संचालित योजनाओं को हर हाल में उन तक पहुंचाएं। निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत किसानों को खाद, बीज, तकनीकी मार्गदर्शन सहित आवश्यक संसाधनों का लाभ मिले, विभाग यह सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड, पशुधन विकास योजना, बीज-खाद वितरण, कोल्ड स्टोरेज, लैम्प्स पैक्स, व्यापार मंडल और सहकारी समितियों के कार्य, जल स्रोतों के पुनरुद्धार आदि से संबंधित योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की भी उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित कृषि एवं किसानों का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। खेती-कृषि एवं पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इस निमित्त यह जरूरी है कि सरकार की योजनाओं को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाई जाए।

राज्य में दलहन एवं मिलेट की खेती को दें बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में दलहन एवं मिलेट की खेती को बढ़ावा देने का निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुछ जिलों के किसानों ने दलहन एवं मिलेट के क्षेत्र में अच्छा काम किया है। राज्य में मिलेट उत्पादन की असीम संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के सभी जिलों में कृषि विभाग के लिए भूमि उपलब्ध है। सभी जिलों के कम एक-एक गांव अथवा पंचायत को चिन्हित कर मॉडल कृषक पाठशाला संचालित किए जाने की योजना को मूर्त रूप दें। उन्होंने किसानों को तकनीक आधारित कृषि के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान प्रदान किए जाने का निर्देश दिए। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान समय में राज्य के भीतर 57 किसान पाठशाला संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कृषक पाठशालाओं के बेहतर संचालन के लिए राज्य के भीतर कृषि विश्वविद्यालयों सहित अन्य संबंधित संस्थाओं से समन्वय बनाकर किसानों को नवीनतम तकनीक आधारित कृषि के लिए प्रशिक्षण दें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जिस प्रकार पिछले दिनों रांची में राज्यस्तरीय कृषि व्यापार मेला का आयोजन किया गया, उसी के अनुरूप अलग-अलग वर्ष में सभी प्रमंडलों में कृषि व्यापार मेला का आयोजन करना सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर जिलावार वैसी बंजर अथवा परती भूमि जो कृषि योग्य है लेकिन वहां कृषि कार्य नहीं किया जा रहे हैं उस भूमि को चिन्हित कर वहां कृषि कार्य आधारित गतिविधियों के लिए कार्य योजना बनाई जाए।

अधिक से अधिक कृषकों को किसान समृद्धि योजना का लाभ प्रदान करें

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने किसान समृद्धि योजना का लाभ अधिक-से-अधिक कृषकों को मिले, इसपर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य खेतों की सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपसेट उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार की यह सोच है कि खेती-कृषि कार्य की लागत को कम की जाए, ताकि किसान परिवार की आमदनी को बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि किसान समृद्धि योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही सोलर आधारित पंपसेट वितरण को गति प्रदान करें। इससे किसानों की आर्थिक बचत होगी और बिजली से निर्भरता भी घटेगी। अतएव इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन अति आवश्यक है, इस निमित्त एक बेहतर फ्रेमवर्क बनाकर योजना का लाभ प्रदान करना सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसान समृद्धि योजना एवं पीएम कुसुम योजना को संचालित करने के लिए यह जरूरी है कि जरेडा से समन्वय स्थापित कर किसानों के बीच इन योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

प्रोक्योरमेंट सिस्टम विकसित करने एवं अल्प वर्षा को दृष्टिगत रखते हुए कार्य योजना बनाएं

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने वर्तमान समय में राज्य हो रहे कम वर्षापात को गंभीरता से लेते हुए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता के क्षेत्र में प्रोक्योरमेंट सिस्टम विकसित करने एवं सुखाड़ के मद्देनजर योजनाएं तैयार करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पलामू प्रमंडल के जिलों में प्रतिवर्ष कम बारिश के कारण सुखाड़ की स्थिति बनी रहती है। इन जिलों में कम बारिश के कारण धान का अच्छादन कमजोर रहता है। पलामू प्रमंडल के अलावा राज्य के कम बारिश वाले जिलों के किसानों को दलहन एवं मिलेट के फसलों के लिए प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्प वर्षा जैसी परिस्थितियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए किसानों को कम पानी में उपज होने वाले खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने जैविक खेती, व्यावसायिक खेती तथा जल संरक्षण आधारित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया।

किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य की बड़ी आबादी कृषि और इससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है। किसानों की आय में वृद्धि, आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रसार तथा कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम किसान परिवार तक पहुंचे, इसके लिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें। मुख्यमंत्री ने राज्य में मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मशरूम उत्पादन से जुड़े किसानों को मैपिंग करने एवं प्रत्येक जिले में मशरूम प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही मशरूम उत्पादन में महिलाओं को जोड़ते हुए महिला किसान प्रोड्यूसर ग्रुप बनाकर मशरूम उत्पादन एवं मशरूम स्पॉन बनाने का प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा पर बल दिया। साथ ही मधुमक्खी पालन से जुड़े किसानों को मधुमक्खी कीट के साथ एप्रॉन अथवा पीपीई कीट टाइप का विशेष पोशाक देने का निर्देश दिया, ताकि मधुमक्खी काटने के खतरे से बच जा सके।

गांव अथवा पंचायत को बनाएं कृषि का मॉडल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि किसी जिले के गांव अथवा पंचायत को चिन्हित कर उसका पूरा सर्वे कराते हुए किसानों के साथ बैठक एवं मिट्टी जांच से लेकर सिंचाई की सुविधाएं आदि मुलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कृषि का मॉडल गांव अथवा पंचायत को बनाएं। प्रारंभिक तौर पर इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत करें और इसमें स्थानीय युवाओं और किसानों को जोड़ने का कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कृषक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ राज्य के अधिक-से-अधिक पात्र किसानों तक पारदर्शी ढंग से पहुंचाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक ही किसान को सरकार की अनेक योजनाओं का बार-बार लाभ देने के बजाए पात्र लाभार्थियों का दायरा बढ़ाया जाए, ताकि अधिकाधिक किसानों को योजनाओं से जोड़ा जा सके।

भूमि संरक्षण के तहत संचालित योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके देने का निर्देश दिया।

पशुपालन और दुग्ध उत्पादन क्षेत्र को गति प्रदान करना लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने दुग्ध उत्पादन, बकरी पालन, सूकर पालन, कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। साथ ही पशुओं के नियमित टीकाकरण, बेहतर पशु चिकित्सा सेवाओं तथा आधुनिक पशु चिकित्सालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पशुपालन विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की सुक्षमता से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि माइनिंग एरिया में कृषि कार्य में कमी आ रही है। इन क्षेत्रों में मुर्गी पालन, बकरी पालन करवाते हुए किसानों की आर्थिक आमदनी को बढ़ाते हुए विजनेस का मॉडल तैयार करें। उन्होंने ब्रिडिंग फॉर्म की स्थिति में सुधार लाने और राज्य के केन्द्रीय काराओं के लिए डेयरी फॉर्म का कॉन्सेप्ट बनाने का निर्देश दिया, कारा में रह रहे सजायाफ्ता रोजगार से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि मत्स्य पालन में झारखंड अच्छा कार्य कर रहा है, जरूरत है इसे और बेहतर किया जाए। मत्स्य पालन में युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। आने वाले समय में मत्स्य पालन आर्थिक समृद्धि का बेहतर आधार बन सकता है।

एग्रीकल्चर इको सिस्टम तथा कॉमर्शियल मॉडल विकसित कराएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में दुग्ध की उत्पादकता को बढ़ाने पर बल दिया। वहीं राज्य के पशुपालकों का डेटा बेस तैयार कर मिल्क फेडरेशन के साथ जोड़ने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने पशु मेला के लिए कैलेण्डर तैयार करते हुए प्रमंडल स्तरीय पशु मेला आयोजित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जगन्नाथपुर रथ मेला का उदाहरण देते हुए एग्रीकल्चर इको सिस्टम तथा पशुपालन के लिए कॉमर्शियल मॉडल विकसित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में पशुपालन को बड़े स्तर पर प्रमोट किया जाए। राज्य सरकार द्वारा किसानों को वितरण किए जाने वाले पशुओं की संख्य बढ़ाई जाए। किसानों को गाय, भैंस इत्यादि बड़े पशुओं की फार्मिंग के लिए प्रेरित करें। पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण पहल है। पशुपालन को पूर्ण रूप से व्यावसायिक बनाने पर बल दिए जाएं।

तकनीक आधारित कृषि को बढ़ावा देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कृषि क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग किया जाए। किसानों को मौसम आधारित सलाह, आधुनिक खेती एवं तकनीक, उन्नत बीज, फसल विविधीकरण तथा बाजार से बेहतर जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा जिला एवं प्रखंड स्तर पर उनके क्रियान्वयन की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र किसान, पशुपालक एवं ग्रामीण परिवार तक पहुंचाना है। इसके लिए विभागीय समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना आवश्यक है।

लैम्पस एवं पैक्स को अधिक सक्रिय करें

मुख्यमंत्री ने सहकारिता संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मुख्यमंत्री ने राज्य के लैम्प्स एवं पैक्स को अधिक सक्रिय बनाने, किसानों से कृषि उत्पाद की खरीद एवं उन्हें उत्पाद के बदले राशि स्थानांतरण कराने सहित सहकारी गतिविधियों को पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी शीर्ष सहकारी समितियों को सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के रूप में विकसित कर पैक्स से जोड़ने का निर्देश दिया। वहीं कम्प्यूटरीकरण, बैंकिंग खरीद और बीज वितरण के नेटवर्क को मजबूत रने पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने लाभार्थी किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की बात..

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में बैठक के दौरान वीडियो कॉल के माध्यम से गढ़वा जिले के भवनाथपुर में अवस्थित किसान पाठशाला की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वहां कार्यरत परियोजना प्रबंधक डॉ० प्रदीप कुमार सैनी से ऑनलाइन बात कर वहां हो रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी ली। वहीं कृषक पाठशाला के भवन, प्रशिक्षण हॉल, फॉर्म हाउस, नर्सरी आदि का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के माध्यम से दुमका जिले के लोकपाड़ी के किसान सुरेश मरांडी से बातचीत कर उनके द्वारा की जा रही खेती और सरकार द्वारा प्राप्त योजनाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही कम बारिश वाले फसलों को लगाने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने जामताड़ा के जिला कृषि पदाधिकारी से ऑनलाइन बात कर काजू की खेती की विस्तृत जानकारी ली। साथ ही काजू की खेती से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी पी०, निबंधक सहयोग समितियां श्री शशि रंजन, निदेशक पशुपालन श्री रॉबिन टोप्पो, निदेशक कृषि श्री विद्यानंद शर्मा पंकज, संयुक्त सचिव श्री रविशंकर विद्यार्थी, निदेशक समेती श्री विकास कुमार, निदेशक मत्स्य श्री अमरेंद्र कुमार, अपर सचिव श्री अल्बर्ट बिलुंग, निदेशक गव्य श्री संजीव रंजन, निदेशक उद्यान श्री प्रवीण केरकेट्टा सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।