लहवा पोखरी भगेसर सड़क दर्द की दास्तान: गड्ढों में समा गई उम्मीदें, डीएम साहब एक नजर इस पर भी
प्रयागराज
Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह
यमुनानगर क्षेत्र के कोरांव तहसील अंतर्गत ग्राम सभा लहवा भगेसर गांव से होते हुए पोखरी रोड तक जाने वाली यह मुख्य सड़क अब किसी कब्रगाह से कम नहीं लगती। यह वही सड़क है जो पूरे गांव के आवागमन की एकमात्र कड़ी है, लेकिन उसकी हालत देखकर यही सवाल उठता है — क्या यह सड़क कभी बनी भी थी या हमेशा से टूटी ही रही है? सड़क पर जगह-जगह इतने गहरे गड्ढे हैं कि बरसात के दिनों में यह रास्ता तालाब में तब्दील हो जाता है, और सूखे मौसम में धूल का गुबार लोगों की आंखों में चुभता है। पैदल चलना तो दूर, बाइक और साइकिल तक निकालना मुश्किल हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि “कई साल बीत गए, लेकिन सड़क आज भी विकास के इंतज़ार में है।” न खड़ंजा, न मोरम, न डामरीकरण — बस मिट्टी, कीचड़ और गड्ढों का साम्राज्य। पोखरी गांव के लोगों का सवाल है कि क्या यह गांव सरकार की सूची में दर्ज नहीं है? अगर दर्ज है तो क्या जिम्मेदार अधिकारी इस क्षेत्र में कभी पहुंचे नहीं? क्या किसी ने इस सड़क की दुर्दशा अपनी आंखों से नहीं देखी?गांव वालों की व्यथा साफ है — “सड़क नहीं, सजा मिली है हमारे। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, बीमार को ले जाना मुश्किल है, और किसान अपने खेत से फसल निकालते वक्त गिर पड़ते हैं।” यह सड़क अब सिर्फ रास्ता नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बन चुकी है। फोटो और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क नाम की चीज बची ही नहीं — सिर्फ मिट्टी और गड्ढे हैं, जो मानो कह रहे हों कि “हम भी कभी सड़क थे।”गांव के लोगों ने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन हर बार आश्वासन मिला, निर्माण नहीं। अधिकारी आते हैं, देखते हैं, और फिर चले जाते हैं —ठीक वैसे ही जैसे बरसात के बाद पानी सूख जाता है लेकिन कीचड़ रह जाता है।--अब सवाल यह है — क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई हादसा हो जाएगा? क्या लहवा पोखरी भगेसर गांव के लोग इसी टूटी उम्मीदों की राह पर चलते रहेंगे? ग्रामीणों की यही पुकार है “सड़क बनवाइए,हमें भी इंसान समझिए।”अगर सक्षम अधिकारी अब भी नहीं जागे तो यह सड़क नहीं, पूरा गांव प्रशासनिक उदासीनता की चपेट में समा जाएगा।
Jul 16 2026, 17:30
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