हर साल सबक, फिर भी नहीं जागा सिस्टम: अमैयापुर पुलिया पर फिर मंडरा रहा मौत का खतरा
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दो दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाली राजपुर–गुडेरा मार्ग की पुलिया पर न रेलिंग है, न चेतावनी संकेत। पिछले वर्ष युवक की मौत के बाद भी सुरक्षा कार्य अधूरा, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
अमृतपुर/फर्रुखाबाद
विधानसभा अमृतपुर क्षेत्र के राजपुर–गुडेरा संपर्क मार्ग पर स्थित ग्राम अमैयापुर की पुलिया एक बार फिर बाढ़ से पहले चर्चा में है। करीब दो दर्जन से अधिक गांवों की जीवनरेखा मानी जाने वाली यह पुलिया वर्षों से सुरक्षा इंतजामों के अभाव में जानलेवा बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल बाढ़ के दौरान हादसों का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन प्रशासन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाता।
ग्रामीणों के अनुसार पुलिया पर दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग या दीवार नहीं है। बाढ़ के समय तेज बहाव और पानी भर जाने से राहगीरों के लिए पुलिया की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।
ग्रामीण बताते हैं कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान पुलिया से फिसलकर एक युवक की मौत हो गई थी। इससे पहले भी यहां कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन अपर जिलाधिकारी सुभाष चंद्र प्रजापति ने पुलिया का स्थलीय निरीक्षण कर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दोनों ओर सुरक्षा दीवार बनवाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्देश केवल फाइलों तक सीमित रह गए।
ग्रामीणों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि हर वर्ष प्रशासन बाढ़ आने और हादसे होने के बाद सक्रिय होता है, जबकि पहले से सुरक्षा इंतजाम कर दिए जाएं तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि अमैयापुर पुलिया पर शीघ्र सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, बैरिकेडिंग तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं कराई जाएं, ताकि आगामी बाढ़ के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।


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अमृतपुर फर्रुखाबाद । थाना क्षेत्र के ग्राम नगला खुशहाली में शुक्रवार सुबह खेतों में जानवर चराने गए एक वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।जानकारी के अनुसार, गांव निवासी बेचेलाल 60 पुत्र मूंगालाल सुबह करीब 11 बजे रोज की भांति अपने जानवरों को लेकर खेतों की ओर चराने गए थे।इसी दौरान सोता नाले के पास उनका पैर फिसल गया और वह नाले में गिर गए। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। मृतक के पुत्र मनोज ने बताया कि सूचना मिली थी कि जानवर खेत में खड़े हैं, लेकिन पिता दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक उनकी तलाश की। खोजबीन के दौरान सोता नाले में उनका शव दिखाई दिया। ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी रजनी ने बताया कि परिवार में नौ बच्चे हैं। पति की अचानक मौत से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। थाना प्रभारी ने बताया कि डूबने से मौत की सूचना पर पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस समय गंगा का जलस्तर थोडा बढ़ा हुआ है इस वजह से सोता नाला में भी पानी भरा है। जो कही-कही बड़े गड्डो का रूप ले चुका है। जो आज दुर्घटना का कारण बन गया।
राजेपुर फर्रुखाबाद । थाना क्षेत्र के ग्राम बिजपुरिया कड़क्का निवासी एक महिला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर में एक नवजात शिशु को जन्म दिया। जन्म के बाद चिकित्सकों ने नवजात के चेहरे में जन्मजात असामान्यता देखी। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उसकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय, फर्रुखाबाद रेफर कर दिया।जानकारी के अनुसार, ग्राम बिजपुरिया कड़क्का निवासी राजीव वर्मा पुत्र सुरेश की पत्नी ने तीन दिन पूर्व सीएचसी राजेपुर में प्रसव कराया। जन्म के तुरंत बाद ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने नवजात का परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान उसके चेहरे की संरचना सामान्य नवजातों से अलग दिखाई देने पर चिकित्सकों ने तत्काल आवश्यक उपचार शुरू किया और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।बताया जाता है कि परिजन नवजात को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसकी जांच की। इसके बाद परिजन नवजात को अपने साथ घर ले आए। गांव में इस घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग नवजात का हालचाल जानने व उसे देखने के लिए पहुंचने लगे, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया।
फर्रुखाबाद। शासन के निर्देश अपर जिलाधिकारी नरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में जनपद के दो विकास खंड की तीन राशन दुकानों के लिए लाटरी पद्धति से तीन अभ्यर्थियों का लाटरी के बाद चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि तीन दुकानों के लिए 10 लोगों ने आवेदन पत्र जमा किए थे सत्यापन के बाद पांच अभ्यर्थियों का लॉटरी पद्धति के लिए चयन किया गया । शुक्रवार को लॉटरी प्रक्रिया शुरू की गई जिसमें शमशाबाद नगर पंचायत क्षेत्र की दो और नगर पालिका फर्रुखाबाद की एक दुकान का आवंटन किया गया। उन्होंने बताया कि शमशाबाद नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 16 में मुदित गुप्ता और वार्ड नंबर 17 में विष्णु कुमार और नगर पालिका फर्रुखाबाद के वार्ड नंबर 40 में अंशिका गुप्ता के नाम लॉटरी पद्धति से राशन दुकान का आवंटन किया गया है।
फर्रूखाबाद । आरटीओ (प्रवर्तन), कानपुर राहुल श्रीवास्तव की उपस्थिति में परिवहन विभाग के बकाया कर के अभियोग में जनपद के थाना मोहम्मदाबाद, पुलिस चौकी मदनपुर, थाना राजेपुर, पुलिस चौकी आईटीआई, पुलिस चौकी याकूतगंज व थाना जहानगंज में निरूद्ध 30 वाहनों की नीलामी की गई।
फर्रुखाबाद ।जनपद में विभिन्न विकास एवं जनहित से जुड़े स्थलों का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिविल लाइन नाला, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा विकासखंड मुहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम भरता मऊ स्थित गौवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
Jul 11 2026, 12:51
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