हर साल सबक, फिर भी नहीं जागा सिस्टम: अमैयापुर पुलिया पर फिर मंडरा रहा मौत का खतरा

दो दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाली राजपुर–गुडेरा मार्ग की पुलिया पर न रेलिंग है, न चेतावनी संकेत। पिछले वर्ष युवक की मौत के बाद भी सुरक्षा कार्य अधूरा, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

अमृतपुर/फर्रुखाबाद



विधानसभा अमृतपुर क्षेत्र के राजपुर–गुडेरा संपर्क मार्ग पर स्थित ग्राम अमैयापुर की पुलिया एक बार फिर बाढ़ से पहले चर्चा में है। करीब दो दर्जन से अधिक गांवों की जीवनरेखा मानी जाने वाली यह पुलिया वर्षों से सुरक्षा इंतजामों के अभाव में जानलेवा बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल बाढ़ के दौरान हादसों का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन प्रशासन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाता।

ग्रामीणों के अनुसार पुलिया पर दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग या दीवार नहीं है। बाढ़ के समय तेज बहाव और पानी भर जाने से राहगीरों के लिए पुलिया की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा संकेतक भी नहीं लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है।

ग्रामीण बताते हैं कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान पुलिया से फिसलकर एक युवक की मौत हो गई थी। इससे पहले भी यहां कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं कराई गई।

ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन अपर जिलाधिकारी सुभाष चंद्र प्रजापति ने पुलिया का स्थलीय निरीक्षण कर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दोनों ओर सुरक्षा दीवार बनवाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्देश केवल फाइलों तक सीमित रह गए।

ग्रामीणों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि हर वर्ष प्रशासन बाढ़ आने और हादसे होने के बाद सक्रिय होता है, जबकि पहले से सुरक्षा इंतजाम कर दिए जाएं तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि अमैयापुर पुलिया पर शीघ्र सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, बैरिकेडिंग तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं कराई जाएं, ताकि आगामी बाढ़ के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बजरंगबली को सार्वजनिक रूप से राजनीतिक झंडा देकर सनातन धर्म का अपमान
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा पार्टी पधाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया

इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग

फर्रूखाबाद    लखनऊ में  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन  के रोड  शो के दौरान  बजरंग  वली के स्वरूप के कथित रूप से जो अपमान किया  गया । इस मामले को संज्ञान  में लेकर निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के  विरूद्ध कठोर कार्यवाही की मांग की। साथ ही चार सूत्री मांगों का मांग पत्र जिलाधिकारी को दिया।
लखनऊ में  रोड शो के दौरान भगवान बजरंग  वली का स्वरूप धारण किए हुए           ।   व्यक्ति के हाथ में राजनीतिक झंडा देकर उसे नृत्य  कराते हुए प्रदर्शित किया गया जिसने करोडों सनातनियों की भावनाओं  को आहत किया है। भगवान श्री हनुमान जी  सनातनियों के  आराध्य है। उन्हीं का  प्रयोग राजनीतिक  प्रचार  में ऐसे उपयोग  करना  बडी शर्म की बात है  ।धार्मिक  आस्था एवं  सामाजिक सौहार्द की रक्षा प्रत्येक लोकतांत्रिक व्यवस्था का दायित्व है। इस लिए घटना की  निष्पक्ष जांच हो ,ताकि भविष्य  में किसी देवी, देवता  अथवा धार्मिक प्रतीकों के साथ खिलवाड न हो । राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा  यह भी मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो ,यदि जांच में  धार्मिक भावनाओं  को आहत करने अथवा कानूनों का उलघंन करते पाये जाने पर कठोर कार्यवाही की जाए  । राष्ट्रपति  से  संगठन ने मांग की है कि मामले  को गम्भीरता से लेते हुए न्यायोचित कार्यवाही की जाए।  इस मौके पर दीपक गुप्ता नगर  अध्यक्ष  ,देवेश नारायण अवस्थी  ,शिवम वाजपेई ,एवं  समस्त राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के  पदाधिकारी मौजूद रहे।
मवेशी चराने गए वृद्ध की सोता नाला में डूबने से मौत
अमृतपुर फर्रुखाबाद । थाना क्षेत्र के ग्राम नगला खुशहाली में शुक्रवार सुबह खेतों में जानवर चराने गए एक वृद्ध की सोता नाले में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।जानकारी के अनुसार, गांव निवासी बेचेलाल 60 पुत्र मूंगालाल सुबह करीब 11 बजे रोज की भांति अपने जानवरों को लेकर खेतों की ओर चराने गए थे।इसी दौरान सोता नाले के पास उनका पैर फिसल गया और वह नाले में गिर गए। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। मृतक के पुत्र मनोज ने बताया कि सूचना मिली थी कि जानवर खेत में खड़े हैं, लेकिन पिता दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक उनकी तलाश की। खोजबीन के दौरान सोता नाले में उनका शव दिखाई दिया। ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी रजनी ने बताया कि परिवार में नौ बच्चे हैं। पति की अचानक मौत से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। थाना प्रभारी ने बताया कि डूबने से मौत की सूचना पर पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस समय गंगा का जलस्तर थोडा बढ़ा हुआ है इस वजह से सोता नाला में भी पानी भरा है। जो कही-कही बड़े गड्डो का रूप ले चुका है। जो आज दुर्घटना का कारण बन गया।
सीएचसी में जन्मा विकृत नवजात लोगों में कोतुहल
राजेपुर फर्रुखाबाद । थाना क्षेत्र के ग्राम बिजपुरिया कड़क्का निवासी एक महिला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र  राजेपुर में एक नवजात शिशु को जन्म दिया। जन्म के बाद चिकित्सकों ने नवजात के चेहरे में जन्मजात असामान्यता देखी। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उसकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय, फर्रुखाबाद रेफर कर दिया।जानकारी के अनुसार, ग्राम बिजपुरिया कड़क्का निवासी राजीव वर्मा पुत्र सुरेश की पत्नी ने तीन दिन पूर्व सीएचसी राजेपुर में प्रसव कराया। जन्म के तुरंत बाद ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने नवजात का परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान उसके चेहरे की संरचना सामान्य नवजातों से अलग दिखाई देने पर चिकित्सकों ने तत्काल आवश्यक उपचार शुरू किया और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।बताया जाता है कि परिजन नवजात को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसकी जांच की। इसके बाद परिजन नवजात को अपने साथ घर ले आए। गांव में इस घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग नवजात का हालचाल जानने व उसे देखने के लिए पहुंचने लगे, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया।
चिकित्सकों के अनुसार, कुछ नवजातों में जन्मजात विकृतियां विभिन्न चिकित्सीय कारणों से हो सकती हैं। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा विस्तृत जांच, आवश्यक परीक्षण और समय पर उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना चिकित्सीय जांच के किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों को अंधविश्वास या अफवाहों से जोड़ने के बजाय चिकित्सकीय दृष्टिकोण से देखें तथा नवजात और उसके परिवार की निजता का सम्मान करें। यदि किसी नवजात में जन्म के समय कोई शारीरिक असामान्यता दिखाई दे तो उसे तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाना चाहिए, ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सके।फिलहाल नवजात की स्थिति पर परिजन निगरानी बनाए हुए हैं और चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार आगे का उपचार कराने की तैयारी कर रहे हैं। गांव की अनपढ़ महिलाएं इस विकृति वाले चेहरे को देखकर अंधविश्वस्त हो रही थी जिसके चलते काफी भी इकट्ठा होने लगी।
जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक

फर्रुखाबाद ।  जल जीवन मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत "जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति" की बैठक  जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विभिन्न पेयजल योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर आमजन को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
       जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय स्थापित करते हुए लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें।
       जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि निर्माणाधीन योजनाओं के समस्त कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किए जाएं। उन्होंने योजनाओं पर श्रमिकों की कम संख्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यकतानुसार श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि जिन 58 पेयजल योजनाओं का कार्य 75 से 100 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है, उन्हें माह सितम्बर, 2026 तक हर हाल में पूर्ण कर संचालित करें।
पूर्ण हो चुकी 71 पेयजल योजनाओं को शीघ्र अनुरक्षण एवं उनका नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को निर्बाध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
        बैठक के दौरान अवगत कराया गया कि जनपद में कार्यदायी संस्था मै० जीवीपीआर इंजीनियर्स लिमिटेड द्वारा अब तक 71 उच्च जलाशयों का निर्माण, 234 ग्रामों में नियमित पेयजल आपूर्ति तथा 64 योजनाओं का हर घर जल प्रमाणीकरण कराया जा चुका है। इसी प्रकार मै० बीटीएल गंगा द्वारा 151 उच्च जलाशयों का निर्माण, 122 योजनाओं में नियमित पेयजल आपूर्ति तथा 176 योजनाओं का हर घर जल प्रमाणीकरण पूर्ण कराया जा चुका है।
तीन राशन दुकानों का लॉटरी पद्धति से हुआ आवंटन,एक सदर और दो विकास खंड शमशाबाद के लाभार्थियों का चयन हुआ
फर्रुखाबाद। शासन के निर्देश अपर जिलाधिकारी नरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में जनपद के दो विकास खंड की तीन राशन दुकानों के लिए लाटरी पद्धति से तीन अभ्यर्थियों का लाटरी के बाद चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि तीन दुकानों के लिए 10 लोगों ने आवेदन पत्र जमा किए थे सत्यापन के बाद पांच अभ्यर्थियों का लॉटरी पद्धति के लिए चयन किया गया । शुक्रवार को लॉटरी प्रक्रिया शुरू की गई जिसमें शमशाबाद नगर पंचायत क्षेत्र की दो और नगर पालिका फर्रुखाबाद की एक दुकान का आवंटन किया गया। उन्होंने बताया कि शमशाबाद नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर 16 में मुदित गुप्ता और वार्ड नंबर 17 में विष्णु कुमार और नगर पालिका फर्रुखाबाद के वार्ड नंबर 40 में अंशिका गुप्ता के नाम लॉटरी पद्धति से राशन दुकान का आवंटन किया गया है।
आरटीओ कानपुर की मौजूदगी में 30 वाहनों की हुई नीलामी, किया वृक्षारोपण
फर्रूखाबाद । आरटीओ (प्रवर्तन), कानपुर राहुल श्रीवास्तव की उपस्थिति में परिवहन विभाग के बकाया कर के अभियोग में जनपद के थाना मोहम्मदाबाद, पुलिस चौकी मदनपुर, थाना राजेपुर, पुलिस चौकी आईटीआई, पुलिस चौकी याकूतगंज व थाना जहानगंज  में निरूद्ध 30 वाहनों की नीलामी की गई।

आरटीओ (प्रवर्तन), कानपुर के द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि जो वाहन बकाया कर में संचालित हैं, उनके विरूद्ध प्रवर्तन कार्यवाही कर थानों में निरूद्ध किया जायेगा। आरटीओ (प्रवर्तन), कानपुर द्वारा बकाये में संचालित सभी वाहन स्वामियों से समय से कर जमा करने की अपील की, अन्यथा वाहन को सीज कर नीलाम कर दिया जायेगा।
साथ ही  आरटीओ (प्रवर्तन), कानपुर के द्वारा जसमई-टिमरूआ मार्ग पर, अमोनिया फैक्ट्री के पास स्थापित प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केन्द्र (एडीटीआई) का निरीक्षण किया गया तथा आरटीओ (प्रवर्तन), कानपुर के द्वारा एडीटीआई में माँ के नाम एक वृ़क्ष भी लगाया गया। आरटीओ (प्रवर्तन), कानपुर के द्वारा एडीटीआई को सख्त निर्देश दिये गये कि आवेदक द्वारा वाहन चलाने के प्रशिक्षण में सफल होने के उपरान्त ही टेस्ट में पास करें। 01 जुलाई से डी0एल0 प्राप्त करने हेतु सभी आवेदकों को एडीटीआई में टेस्ट देना अनिवार्य है।
वाहनों की नीलामी तथा एडीटीआई के निरीक्षण के समय एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत तथा एआटीओ-प्रशासन श्री कृष्ण कुमार यादव भी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

फर्रुखाबाद। जनपद के अमृतपुर तहसील क्षेत्र में स्थित "राजेपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र" का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय में मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति, दवा वितरण व्यवस्था, साफ-सफाई, आपातकालीन सेवाओं तथा विभिन्न अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया।
       जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती एवं उपचार हेतु आए मरीजों से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं एवं दवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मरीज का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाए।
       निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने, आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सभी स्वास्थ्य सेवाओं को शासन की मंशा के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। अनुपस्थित अथवा कार्य में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
       जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आमजन को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी पूरी संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
       निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक तथा संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सिविल लाइन नाला, एसटीपी प्लांट एवं गौवंश आश्रय स्थल का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए  दिशा-निर्देश जिलाधिकारी ने सिविल लाइन नाल
फर्रुखाबाद ।जनपद में विभिन्न विकास एवं जनहित से जुड़े स्थलों का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिविल लाइन नाला, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा विकासखंड मुहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम भरता मऊ स्थित गौवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
       सिविल लाइन नाले के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नाले की सफाई, जल निकासी व्यवस्था तथा बरसात के मौसम में जलभराव की संभावनाओं की जानकारी की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नालों की नियमित सफाई कराएं। उन्होंने कहा कि नाले की सफाई उपरांत आसपास एकत्र कूड़े को जेसीबी से उठाकर यथा स्थान पर पहुंचाकर जियो टैगिंग की फोटो उपलब्ध कराएं।
जिलाधिकारी ने एसटीपी प्लांट का निरीक्षण कर प्लांट की कार्यप्रणाली, क्षमता तथा सीवेज शोधन की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए तथा पर्यावरण संरक्षण के सभी मानकों का पूर्ण अनुपालन किया जाए। उन्होंने कहा कि एसटीपी प्लांट में गिरने वाले नालों की सिल्ट सफाई कराकर नाले के पानी को एसटीपी प्लांट तक लाएं, जिससे प्लांट द्वारा शोधित पानी को गंगा नदी में प्रवाहित किया जा सके।
        निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ग्राम भरता मऊ स्थित गौवंश आश्रय स्थल पहुंची, जहां उन्होंने संरक्षित गोवंश की संख्या, उनके चारा, पेयजल, उपचार एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि गौवंश के रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। आश्रय स्थल पर स्वच्छता, पर्याप्त हरा चारा, स्वच्छ पेयजल तथा पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वृक्षारोपण अभियान में गौशाला में छायादार एवं सहजन के पौधों का अधिक से अधिक रोपण किया जाए। गौशाला में ही हरे चारे को उगायें तथा गौशाला में सोलर पैनल भी लगवाएं।
        जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए तथा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करते हुए व्यवस्थाओं में सतत सुधार लाने के निर्देश दिए।
       निरीक्षण के दौरान अधिकारी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 धीरज कुमार शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
9 से 11 जुलाई तक भारी से वर्षा एवं वज्रपात की संभावना, जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
जिलाधिकारी ने नागरिकों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की


फर्रुखाबाद।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), क्षेत्रीय मौसम केंद्र, लखनऊ द्वारा जारी प्रभाव आधारित मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के अनुसार जनपद में 09 से 11 जुलाई, 2026 तक भारी से भारी वर्षा, मेघगर्जन तथा वज्रपात होने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी इस चेतावनी के दृष्टिगत जिला प्रशासन पूर्ण सतर्कता बरत रहा है तथा सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि संभावित भारी वर्षा के कारण जनपद के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है तथा नदी, नालों एवं जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है। अत्यधिक वर्षा के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है, विद्युत आपूर्ति एवं अन्य आवश्यक सेवाओं में अस्थायी व्यवधान आ सकता है। इसके अतिरिक्त कच्चे एवं जर्जर मकानों, कृषि फसलों, बागवानी तथा जन-धन की हानि की भी आशंका बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी तहसीलों, नगर निकायों, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, सिंचाई, लोक निर्माण, राजस्व तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राहत एवं बचाव दल, गोताखोर टीम, नावों तथा आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं तथा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा केवल अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही यात्रा करें। यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही प्रस्थान करें तथा जलभराव वाले मार्गों एवं तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
उन्होंने कहा कि मेघगर्जन एवं वज्रपात के दौरान सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहें तथा सभी खिड़की-दरवाजे बंद रखें। बिजली के उपकरणों को अनावश्यक रूप से चालू न रखें तथा आवश्यकता होने पर उन्हें विद्युत आपूर्ति से अलग कर दें। आपातकालीन परिस्थितियों के लिए टॉर्च, अतिरिक्त बैटरी, आवश्यक दवाइयां, पीने का पानी तथा महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित स्थान पर रखें।
जनसामान्य से यह भी अनुरोध किया गया है कि कहीं भी जलभराव, पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने अथवा किसी अन्य प्रकार की आपदा संबंधी सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा संबंधित विभाग को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। नागरिक भारत मौसम विज्ञान विभाग के Mausam एवं Damini मोबाइल ऐप के माध्यम से मौसम की अद्यतन जानकारी प्राप्त करते रहें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से चेतावनी दी कि भारी वर्षा एवं वज्रपात के दौरान नदी, नालों, तालाबों, जलभराव वाले स्थानों तथा खुले मैदानों में जाने से बचें। पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों तथा कच्चे एवं जर्जर भवनों के नीचे शरण न लें। वज्रपात के समय खुले स्थान, छत, खेत अथवा पानी में खड़े रहने से बचें। धातु की वस्तुओं, बिजली के उपकरणों तथा गीली दीवारों के संपर्क में आने से भी परहेज करें। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी खड़ी फसलों एवं कृषि उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करें तथा पशुओं को सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर बांधें। मौसम सामान्य होने तक खेतों में अनावश्यक कार्य करने से बचें और वज्रपात की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपदवासियों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी नागरिक सतर्क रहें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों से तत्काल संपर्क करें। सामूहिक सतर्कता एवं सहयोग से प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।