संस्कृत और संस्कृति की रक्षा करें ब्राह्मण: सत्यव्रत ब्रह्मचारी
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ज्ञान, तप के प्रतीक ब्राह्मणों ने सदैव राष्ट्र को किया मजबूत: विजय बहादुर पाठक
गहजी में सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक विद्वान ब्राह्मणों का हुआ भव्य सम्मान
उपेन्द्र कुमार पांडेय
आजमगढ़। गहजी स्थित माँ शारदा स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रांगण में सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक विद्वत्ब्राह्मणों के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुमुक्षु आश्रम अम्बेडकर नगर के महंत सत्यव्रत ब्रह्मचारी, मौनी बाबा आश्रम के महंत शुभम दास महाराज और मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात विद्यालय के प्रबंधक फौजदार सिंह, निदेशक संजय सिंह, सौरभ सिंह, प्राचार्य डा. दिवाकर सिंह और राममिलन सिंह ने मंचासीन अतिथियों सहित सैकड़ों ब्राह्मणों को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पं. सुभाष चन्द्र तिवारी कुन्दन और राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय कुमार पांडेय सरस ने फौजदार सिंह को उनके प्रशंसनीय धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए सम्मान पत्र भेंट किया। इसी क्रम में ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद आजमगढ़ के अध्यक्ष ब्रजेश नंदन पांडेय ने भी पुनीत कार्य की सराहना करते हुए आयोजक को पत्र सौंपा।
मुख्य अतिथि एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि ज्ञान और तप का प्रतीक ब्राह्मण कभी अपने मूल से नहीं हटा, यही कारण है कि अपने विरुद्ध अनेक आरोपों को सहते हुए भी वह आज समाज में सर्वाेच्च सम्मान पा रहा है। ब्राह्मणों ने सदैव समाज का सही मार्गदर्शन करते हुए राष्ट्र को मजबूत बनाने का कार्य किया है। उन्होंने इस अनूठे आयोजन के लिए प्रबंधक फौजदार सिंह की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
वही अध्यक्षीय संबोधन में महंत सत्यव्रत ब्रह्मचारी ने कहा कि संस्कृत और संस्कृति की रक्षा करना ब्राह्मणों का परम कर्तव्य है। शास्त्रों में ब्राह्मणों को केवल मनुष्य नहीं, बल्कि पृथ्वी का देवता कहा गया है, इसलिए ब्राह्मणों को अपने इस ब्राह्मणत्व को पहचानना चाहिए। उन्होंने आयोजक फौजदार सिंह के इस कार्य को राजर्षि जैसा महान कार्य बताया।
इस अवसर पर भाजपा नेता अखिलेश मिश्र गुड्डू, कवि प्रभुनारायण पांडेय प्रेमी, साहित्यकार सुभाष चंद्र तिवारी कुन्दन, ब्रजेश नंदन पांडेय, कवि संजय कुमार पांडेय सरस, मुन्ना बाबा, डा.दीपक पांडेय, डा. ए.के. मिश्र, डा.शरद कुमार मिश्र और अशोक कुमार पांडेय ने वक्तव्य के माध्यम से सनातन संस्कृति, संस्कार एवं समाज के सशक्तिकरण पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंधक फौजदार सिंह ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।
इस मौके पर भाजपा नेता मनीष मिश्र, बसपा नेता अरूण पाठक, तारकेश्वर मिश्र, अरविंद पाठक, अशोक पाठक, रामबली पांडेय, सत्यम गुरु, हरिनाथ तिवारी शास्त्री, सुभाष शास्त्री, शिवम तिवारी, हरीश तिवारी, जयराम उपाध्याय, मनोज त्रिपाठी, हरीश पाठक, दीनानाथ मिश्र, वेदप्रकाश पाठक, आनंद मणि चतुर्वेदी, पंचदेव पांडेय सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। संचालन दिवाकर सिंह एड. ने किया।


ज्ञान, तप के प्रतीक ब्राह्मणों ने सदैव राष्ट्र को किया मजबूत: विजय बहादुर पाठक

आजमगढ़। कलेक्ट्रेट भवन के सामने स्थित अंबेडकर पार्क में आजाद अधिकार सेना का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता और आमजन सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, जनसुनवाई की विफलता और RTI/IGRS निस्तारण में हो रही लीपापोती के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अशोक सिंह ने जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिले की तहसीलों, थानों और अन्य सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। आज स्थिति यह है कि जनसुनवाई के नाम पर जनता के साथ 'जनठगई' की जा रही है। IGRS और RTI के माध्यम से जो शिकायतें की जाती हैं, उनका निस्तारण धरातल पर शून्य है। अधिकारी केवल कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं।
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़ । मुंबई के ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार एवं लेखक राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक "जितेन्द्र पाण्डेय: व्यक्तित्व और सृजन" लोगों को खास तौर से नई पीढ़ी को साहित्य सेवा के लिए प्रेरित करेगी, यह उद्गार साहित्यकार डॉ श्याम वृक्ष मौर्य ने रविवार 10 मई को मारवाड़ी धर्मशाला, आज़मगढ़ में संपन्न एक विशेष कार्यक्रम में व्यक्त किए। तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, आज़मगढ़ ईकाई के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में पुस्तक विमोचन, साहित्यिक परिचर्चा के साथ काव्य गोष्ठी का भी आयोजन हुआ। डॉ मौर्य ने इसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण का आवाहन भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत मंचस्थ अतिथियों साहित्यकार हरिहर पाठक, परमहंस सिंह, कवि सोहन लाल गुप्त 'स्नेहिल', शिक्षक बरुन कुमार पांडेय द्वारा सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। संयोजक कवि लाल बहादुर चौरसिया 'लाल' एवं कवि राकेश पाण्डेय 'सागर' ने अतिथियों का स्वागत किया। कवयित्री सरोज यादव ने सरस्वती वंदना की- हे जननी तार ह्रदय के खोल। महुआ सुर संग्राम विजेता भोजपुरी गायक व रचनाकार वीरेंद्र भारती ने स्वागत गीत पेश किया- श्रीमन जो पधारे हैं, महक उठा घर आंगन।
वी कुमार यदुवंशी
1 hour and 1 min ago
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