संयुक्त सेवा समिति के तत्वावधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया*
सुल्तानपुर जिले की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर संयुक्त सेवा समिति के तत्वावधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध सर्जन डॉ ए के सिंह ने किया| जिसमें जिले की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी में जल, वायु एवं मृदा प्रदूषण,लगातार गिरते जल स्तर,जल संचयन की आवश्यकता, पर्यावरण संरक्षण तथा पेड़-पौधों की महत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने वर्षा जल को तालाबों में संरक्षित करने, गोमती नदी को प्रदूषण से बचाने तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर बल दिया। इसके साथ ही शादी-विवाह में डीजे से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण,नगर में बढ़ते कचरे की समस्या, जाम और यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी गंभीर विचार-विमर्श हुआ।

कार्यक्रम का संचालन बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सुधाकर सिंह ने किया गोष्ठी में उपस्थित लोगों ने जनसहभागिता और प्रशासनिक सहयोग से इन समस्याओं के समाधान हेतु सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
दो साल बाद एक छत के नीचे रहने को राजी हुए दम्पति
*रास्ट्रीय लोक अदालत ने बिछड़े परिवारों को मिलाया*

सुल्तानपुर कोतवाली देहात के वजूपुर निवासी शिवकुमार विवाह के 2 साल बाद अपनी पत्नी से अलग रह रहे थे विधिक सेवा प्राधिकरण के मध्य एडवोकेट सीपी पांडे इस मामले का फॉलोअप कर रहे थे। तथा फैमिली कोर्ट तीन नम्बर में यह मामला विचाराधीन था। माननीय न्यायधीश की निगरानी में अलग अलग रह रहे पति-पत्नी का लगातार काउंसलिंग की जाती रही।पति सुनील कुमार ने रास्ट्रीय लोक अदालत का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया है।दोनों जोड़े माननीय न्यायालय के सामने एक दूसरे को माला पहनकर पुराने गिले शिकवे भूल गए और एक साथ रहने को राजी हो गए। इस मौके पर मध्यस्थ अधिवक्ता ऋषिकेश बहादुर सिंह ,हरिराम सरोज,पैरालीगल वालंटियर अंजू सिंह ,अर्चना यादव ,योगेश यादव आदि मौजूद रहे।आज करीब सौ जोड़े एक हुए।
58 हजार से ज्यादा मुकदमों का निस्तारण
*30 साल पुराने केस में भी हुआ समझौता*

*राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़ी भीड़, परिवार से बैंक तक हजारों मामलों को मिली राहत*


सुल्तानपुर,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय का बड़ा रिकॉर्ड बना। जिले में एक ही दिन में कुल 58,093 वादों का निस्तारण कर लोगों को त्वरित राहत दी गई। सुबह से ही न्यायालय परिसर में फरियादियों की भारी भीड़ रही और विभिन्न न्यायालयों में आपसी समझौते के आधार पर वर्षों पुराने मामलों का समाधान कराया गया।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश श्री सुनील कुमार चतुर्थ ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सुल्तानपुर, पुलिस अधीक्षक चारू निगम, प्रशासनिक अधिकारी, न्यायिक अधिकारी तथा अधिवक्ताओं की उपस्थिति रही।
राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मुक्ता त्यागी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निर्देशन में न्यायालय परिसर में वादकारियों की सुविधा, सहायता केंद्र, मार्गदर्शन व्यवस्था एवं विभिन्न काउंटरों का संचालन किया गया।
लोक अदालत में परिवार न्यायालय, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, बिजली, बीमा, दीवानी एवं अन्य मामलों की सुनवाई कर हजारों मुकदमों का निस्तारण किया गया। परिवार न्यायालय में कई वैवाहिक विवाद आपसी सहमति से समाप्त हुए तो वहीं बैंक ऋण वसूली से जुड़े 1302 मामलों में करोड़ों रुपये का समझौता कराया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 51 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि स्थायी लोक अदालत में बिजली एवं बीमा से संबंधित मामलों का समाधान कराया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज तथा ग्राम न्यायालयों ने भी रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निपटारा किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धियों में वर्ष 1992 से लंबित 30 वर्ष पुराने दीवानी वाद का निस्तारण भी शामिल रहा। लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के समाप्त होने पर दोनों पक्षों ने राहत महसूस की।
जिलाधिकारी न्यायालय एवं अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा 18,107 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि अमेठी जनपद में भी 26,700 मामलों को समाप्त कराया गया।
लोक अदालत के दौरान निःशुल्क मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया, जिसमें 809 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े समस्त पैरालीगल वालंटियर्स (पीएलवी) की सक्रिय भूमिका रही। पीएलवी कार्यकर्ताओं ने दूर-दराज से आए वादकारियों को सहायता उपलब्ध कराई, न्यायालयों तक पहुंचाने, काउंटरों की जानकारी देने तथा समझौता प्रक्रिया में सहयोग किया।
लोक अदालत के सफल आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संवाद और समझौते के माध्यम से त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय संभव है।
घर में खून से लतपथ महिला का शव मिलने पर मचा हड़कम्प*
सुल्तानपुर,अधेड़ महिला की गला रेतकर हत्या। घर के भीतर खून से लतपथ मिला महिला का शव। मृत महिला के गले व माथे पर मिले चोट के निशान। घर मे अकेले रहती थी महिला। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी चारु निगम एवं अपर पुलिस अधीक्षक बृज नरायण सिंह समेत पुलिस दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुँची। मामले की जाँच पड़ताल में जुटी पुलिस। बंधुआँकला थाना क्षेत्र के लंगड़ी गाँव का मामला।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
-
सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
-
सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
सुल्तानपुर में बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का किया अनावरण*
सत्कर्मों और हिंदू समाज को जोड़ने पर दिया जोर।

सुल्तानपुर के कादीपुर में शनिवार को पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस अवसर पर बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी को अपने सत्कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और हिंदू समाज से जुड़े सभी वर्गों को जोड़ने का काम करना चाहिए। उन्होंने आरक्षण पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन सवाल यह है कि गांव के आखिरी पायदान पर आरक्षण का पूर्ण असर कब दिखेगा। उन्होंने अपने समाज से ब्राह्मणों के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान देने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम में कुछ भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। एमएलसी देवेंद्र सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पहुंचने की खबर के बावजूद भाजपा के एक विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं, पूर्व में प्रशासन का उपयोग कर प्रतिमा हटवाने के लिए जिन भाजपा जनप्रतिनिधि का नाम चर्चा में था, उन्होंने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा शुक्रवार शाम को कादीपुर स्थित मालापुर जगदीशपुर में शासन द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित की गई थी। इससे पहले 4 मई की रात को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इस प्रतिमा को हटवा दिया था। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम ने जिलाधिकारी से मिलकर चिह्नित भूमि के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा था। गुरुवार को शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर संस्तुति प्रदान की, जिसके बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जा सका।
महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व भगवान श्री राम जैसा : संजय सिंह बोले*
सुल्तानपुर में जयंती कार्यक्रम में की शिरकत, शहर में निकली शोभा यात्रा आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह शनिवार को सुल्तानपुर पहुंचे। उन्होंने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। संजय सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें संघर्ष और समन्वय की सीख मिलती है। उन्होंने बताया कि कैसे महाराणा प्रताप ने भीलों, लोहारों और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर मुगलों की विशाल सेना का मुकाबला किया था। सांसद ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व की तुलना भगवान श्री राम से की, जिन्होंने शबरी के बेर खाए और निषादराज व वानर सेना को एकजुट किया। सांसद ने भारत की असली पहचान 'विविधता में एकता' को बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम इस देश और समाज को एकजुट रखने के लिए कार्य करेंगे। संजय सिंह ने महाराणा प्रताप की वीरता पर प्रसिद्ध पंक्तियां भी दोहराईं: "रणबीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था, राणा प्रताप के कोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।" महाराणा प्रताप की जन्मजयंती के अवसर पर शहर में एक शोभा यात्रा भी निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। परशुराम चौक चौराहे पर पदाधिकारियों ने मंत्रोच्चार के साथ शोभा यात्रा का स्वागत किया। क्षत्रिय कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। देव पुरोहित महासभा के संरक्षक अनिल द्विवेदी और अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी सहित दर्जनों पदाधिकारियों ने भी शोभा यात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल पदाधिकारी छात्र-छात्राओं के बीच जलपान का वितरण करते दिखे। देव पुरोहित महासभा के आचार्यों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की।

इस अवसर पर महासभा के संस्थापक अनिल द्विवेदी,अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी, कोषाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी,संगठन मंत्री आचार्य अरुण तिवारी, महामंत्री सर्वेश मिश्रा,उपाध्यक्ष आचार्य अजय मिश्रा पवन, अभिषेक शुक्ला,आचार्य जितेंद्र मिश्रा और रितिक सिंह सहित कई सदस्य मौजूद रहे। शोभा यात्रा के दौरान भगवान जय श्री परशुराम और महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए गए।
2 दिन पूर्व हुए लुटेरों से आज हुई पुलिस की मुठभेड़,गोली लगाने से एक बदमाश घायल और तीन गिरफ्तार

सुल्तानपुर लूट के आरोपी के साथ पुलिस की मुठभेड़।पुलिस फायरिंग में प्रतीक भारती नाम के बदमाश के पैर में लगी गोली। इलाज के लिए अस्पताल में करवाया गया भर्ती। घटना स्थल से पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को भी किया गिरफ्तार। लूटे गए 32 हजार में से 24,500 नगद, बाइक और अवैध असलहा बरामद। दो दिन पूर्व माइक्रोफाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट रामकृष्ण विश्वकर्मा से 32 हजार की हुई थी लूट।नगर के अमहट के पास तमंचे की नोंक पर लूटे गए थे 32 हजार। मॉल बंटवारे की सूचना पर आज आरोपियों को पकड़ने पहुंची थी पुलिस। जिसके बाद पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़। नगर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है मामला।
विश्व रेड क्रॉस दिवस पर सुल्तानपुर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन

सुलतानपुर। विश्व रेड क्रॉस दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण पार्क, सुलतानपुर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं समाज कल्याण की भावना से प्रेरित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने शिविर में आए मरीजों को चिकित्सीय परामर्श प्रदान करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सदैव मानवता की सेवा के लिए समर्पित संस्था रही है तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना इसका मुख्य उद्देश्य है।

इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद सुल्तानपुर के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा ने डॉ. राजीव श्रीवास्तव को रेड क्रॉस प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता रहा है, जो संस्था के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, सुलतानपुर के सचिव श्री जय प्रकाश शुक्ल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय खत्री, डॉ. चन्द्र भान सिंह, महिला विंग सचिव दीपिका सिंह सहित अनेक गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से नवीन शुक्ला, त्रिभुवन नाथ तिवारी, शिवकुमार, सूर्यांश श्रीवास्तव, मोहित शर्मा, विजेंद्र त्रिपाठी, मनोज कुमार एवं अवधेश मिश्रा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा एवं उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा सक्रिय रूप से कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

शिविर में लगभग 200 लोगों का ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर परीक्षण किया गया। साथ ही चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, रोगों से बचाव के उपाय एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने रेड क्रॉस सोसाइटी के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाजहित में अत्यंत उपयोगी पहल बताया। सेवा, समर्पण एवं मानवता के संदेश से ओतप्रोत यह आयोजन रेड क्रॉस के मूल सिद्धांतों को साकार करने वाला सिद्ध हुआ।