होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी, क्या होगा तेल के दामों पर असर?
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ईरान-अमेरिका के बीच हाल ही में पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता बेनतीजा रही। इस्लामाबाद में समझौते के लिए बातचीत फेल हो जाने के बाद फिर से अमेरिका और ईरान आमने सामने दिख रहे हैं। मिडिल ईस्ट में फिर से जंग शुरू होने का डर बढ़ गया है। इस बीच अमेरिका ने सोमवार से ईरान के बंदरगाहों को नाकाबंदी करने की घोषणा की है।
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भारतीय समयानुसार आज रात 7:30 बजे से नाकेबंदी
ईरान ने पहले से ही होर्मुज को बंद करके रखा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार से होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी की घोषणा की है। सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि वह अमेरिका समयानुसार सुबह 10 बजे ईस्टर्न टाइम (ET) पर ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात पर नाकेबंदी लागू करना शुरू कर देगी। भारतीय समयानुसार यह नाकेबंदी सोमवार रात 7:30 बजे से होगी।
ईरानी बंदरगाहों पर ही होगी नाकेबंदी
सेंट्रल कमांड ने आगे बताया कि यह नाकेबंदी केवल ईरानी बंदरगाहों से आने वाले जहाजों पर लागू रहेगी और उन जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता में कोई रुकावट नहीं डालेगा, जो ईरान के अलावा दूसरे बंदरगाहों से आ-जा रहे हैं। व्यापारिक नावों को सलाह दी गई है कि वे नोटिस टू मैरिनर्स के आधिकारिक प्रसारणों पर नजर रखें और ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आस-पास के इलाकों में काम करते समय ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 के जरिए अमेरिकी नेवी से संपर्क करें।
ट्रंप ने दी ब्लॉकेड की धमकी
इसके पहले रविवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट में गुजरने वाले जहाजों को रोकना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा कि उन जहाजों पर मुख्य रूप से ध्यान दिए जाएगा जो ईरान को टोल दे रहे हैं। उन्होंने लिखा, "जो कोई भी गैर-कानूनी टोल देगा, उसे खुले समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा।" उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के जहाजों को सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए बारूदी सुरंगे हटाना जारी रखेगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
कच्चे तेल की कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह मुद्रास्फीति को बढ़ा सकती है और विभिन्न देशों की आर्थिक विकास दर को प्रभावित कर सकती है। विशेष रूप से भारत जैसे देश, जो अपनी तेल की जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं, इस स्थिति से सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। ईरान पर अमेरिकी नाकाबंदी के संभावित दीर्घकालिक आर्थिक परिणाम अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता को बढ़ाएगा।






1 hour and 34 min ago
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