यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 9 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई को अतिरिक्त जिम्मेदारी

लखनऊ । योगी  सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रविवार को 9 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देने के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

जारी आदेश के अनुसार, प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अनुराग यादव को अब समाज कल्याण और सैनिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नियोजन एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार तृतीय को उनके मौजूदा पद के साथ आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।इसके अलावा, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी (UPAM) के महानिदेशक का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू को दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल में रवि रंजन को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन और यूपी एग्रो के प्रबंध निदेशक पद से हटाकर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। वहीं, टीके शिबु को एपीसी शाखा के साथ-साथ यूपी एग्रो के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।प्रतीक्षारत अधिकारियों में हिमांशु कौशिक को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि सौम्या गुरुरानी को शाहजहांपुर का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।वहीं, शाहजहांपुर के नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में अपर प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और विभागीय कार्यों में तेजी लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सवर्ण युवा भी बराबर के हकदार है कानून में भेद भाव नहीं चलेगा : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष
लखनऊ । बस्ती के वशिष्ठ नगर में आयोजित सनातन धर्म संवाद जिसमें ज्योतिष्पीठाश्वर जगत गुरु महाराज अतिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी, पूर्व आई ए एस अलंकार अग्निहोत्री जी सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय संरक्षक एडवोकेट अनिल मिश्रा जी मंचासिन की उपस्थित में सवर्ण समाज की सभा को संबोधित करते हुए सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि यह सम्मेलन वर्तमान सामाजिक, धार्मिक और वैचारिक परिस्थितियों पर चिंतन मनन का एक गहरा दर्पण है। “सनातन धर्म संवाद” शीर्षक अपने आप में ही एक संकेत देता है कि आज का समय केवल आस्था का नहीं, बल्कि संवाद, चिंतन और पुनर्स्थापन का है।
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक वैचारिक जागरण का प्रयास है। इसमें संतों, शंकराचार्यों और विद्वानों की परंपरा, ज्ञान और आध्यात्मिक नेतृत्व को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
गौमाता  भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की प्रतीक है।
वर्तमान परिस्थिति में गोरक्षा कैसे हो इस विषय पर भी गंभीर चिंतन करके समाधान निकालने की आवश्यकता है l
आज का समाज कई स्तरों पर संघर्ष कर रहा है—सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक अस्मिता, सामाजिक विभाजन और राजनीतिक ध्रुवीकरण। ऐसे समय में “संवाद”  अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

आज बहुत से लोग धर्म के नाम पर केवल परंपराओं का पालन कर रहे हैं, परंतु उनके पीछे के ज्ञान और उद्देश्य से अनभिज्ञ हैं। इस प्रकार के आयोजन यदि सही दिशा में हों, तो वे धर्म को केवल कर्मकांड से निकालकर ज्ञान और विवेक की ओर ले जा सकते हैं।
वर्तमान में समाज जाति, वर्ग और विचारधारा के आधार पर बंटा हुआ है। ऐसे में यह प्रयास एक सकारात्मक पहल है l

आज की युवा पीढ़ी को इस अभियान से जोड़ने के लिए यह आवश्यक है कि इन विषयों को आधुनिक संदर्भ में समझाया जाए, अन्यथा यह केवल एक सीमित वर्ग तक ही सिमट सकता है।
आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है—धर्म का आचरण, ज्ञान का विस्तार और समाज में संतुलन की स्थापना।
यदि “सनातन धर्म संवाद” इस दिशा में एक सशक्त कदम बनता है, तो यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक परिवर्तन की शुरुआत सिद्ध होगा। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि सवर्ण युवा भी बराबर के हकदार है,कानून में भेद भाव नहीं चलेगा कुर्सी पर बैठे नेता किसी भ्रम में न रहे सत्ता किसी के बाप की जागीर नहीं है
सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा सवर्ण : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ । भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा। किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई।

प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
एएनटीएफ यूनिट प्रयागराज: 26 लाख रुपए के अवैध गांजा के साथ एक तस्कर गिरफ्तार
52 किलो ग्राम अवैध गांजा, एक कार, एक मोबाइल फोन व 400 रुपए की नकदी बरामद


लखनऊ। यूपी मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ यूनिट प्रयागराज ने नैनी क्षेत्र से गांजे की खेप के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्कर के पास से 52 किलो ग्राम अवैध गांजा, एक कार, मोबाइल फोन व 400 रुपए की नकदी बरामद हुई है। बरामद अवैध गांजा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 26 लाख रुपए बताई जा रही है।
एएनटीएफ टीम के उपनिरीक्षक सत्येन्द्र प्रधान के मुताबिक रविवार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि एक तस्कर कार में लादकर मादक पदार्थ (गांजा) आजाद गौशाला पुराना यमूना पुल से अरैल बंधा रोड होते हुए आने वाला है। उन्होंने बताया कि इस सूचना पर वह उपनिरीक्षक मनीष कुमार, कांस्टेबल आशीष यादव, कांस्टेबल नीरज पांडेय व नैनी थाने में तैनात उपनिरीक्षक श्रीराम उपाध्याय, उपनिरीक्षक उत्कर्ष सिंह, उपनिरीक्षक राजकुमार राय, कांस्टेबल विकास उपाध्याय व कांस्टेबल जयमेश कुमार के साथ मौके पर पहुंचे और नाकेबंदी कर कार सहित आरोपी को धरदबोचा।
एएनटीएफ के उपनिरीक्षक सत्येन्द्र प्रधान के मुताबिक पकड़े गए तस्कर ने पूछताछ में अपना नाम प्रयागराज जिले के करैली थाना क्षेत्र स्थित सैदपुर निवासी विकास पाल बताया।एएनटीएफ का कहना है कि इस पकड़े गए तस्कर ने पूछताछ में बताया कि कौशांबी निवासी एक व्यक्ति ने अपनी कार में अवैध गांजा रख दिया था और कार नंबर प्लेट भी बदल दिया था। तस्कर ने एएनटीएफ टीम को बताया कि बड़े तस्कर के बताए गए स्थान पर मादक पदार्थ की सप्लाई करने की बात स्वीकार किया है। एएनटीएफ टीम के मुताबिक पकड़े गए तस्कर के पास से बरामद अवैध गांजा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 26 लाख रुपए बताई जा रही है।
मेटा अलर्ट से बचीं दो जिंदगियां: बरेली और वाराणसी में आत्महत्या से पहले पुलिस ने पहुंचकर बचाया
लखनऊ । सोशल मीडिया के दौर में एक ओर जहां भावनात्मक तनाव तेजी से बढ़ रहा है, वहीं तकनीक और पुलिस की सतर्कता मिलकर जीवन बचाने का बड़ा माध्यम भी बन रही है। ऐसा ही एक संवेदनशील और प्रेरक मामला सामने आया है, जहां Meta Platforms के अलर्ट और यूपी पुलिस की फुर्ती से दो युवकों की जान बचा ली गई।यह दोनों घटनाएं Bareilly और Varanasi की हैं, जहां युवकों ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़े वीडियो पोस्ट कर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की बात कही थी।

बरेली: 15 मिनट में पहुंची पुलिस, युवक को बचाया

28 मार्च 2026 को बरेली के आंवला क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक ने “आज मेरा आखिरी दिन है” लिखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। शाम 4:18 बजे मेटा की ओर से अलर्ट मिलते ही पुलिस हरकत में आई और महज 15 मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गई।मौके पर युवक ने अपने हाथ पर ब्लेड से कट लगाए थे और कीटनाशक भी पी लिया था। पुलिस ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। पूछताछ में युवक ने प्रेम प्रसंग में तनाव को इस कदम की वजह बताया।

वाराणसी: 17 मिनट में कार्रवाई, मौत के मुंह से खींचा बाहर

29 मार्च की रात 1:45 बजे वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र में 19 वर्षीय युवक ने “आज आखिरी रात है” लिखकर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। अलर्ट मिलते ही पुलिस टीम 17 मिनट में उसके घर पहुंच गई।
पुलिस ने देखा कि युवक कीटनाशक घोलकर पीने ही वाला था। तत्परता दिखाते हुए पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से ग्लास छीन लिया और परिजनों के सहयोग से उसकी जान बचाई।

वजह: प्रेम संबंध और मानसिक तनाव

दोनों ही मामलों में सामने आया कि युवक प्रेम संबंधों में तनाव और भावनात्मक टूटन के कारण अवसाद में थे, जिसने उन्हें इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

पुलिस की भूमिका और काउंसलिंग

दोनों युवकों को बचाने के बाद पुलिस ने उनकी काउंसलिंग कर उन्हें समझाया और भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी। युवकों ने भी दोबारा ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया।यह घटनाएं बताती हैं कि समय पर तकनीकी अलर्ट और पुलिस की सक्रियता से बड़ी त्रासदियों को रोका जा सकता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि समाज, परिवार और मित्र समय रहते युवाओं की मानसिक स्थिति को समझें और उन्हें भावनात्मक सहारा दें।
एसटीएफ को मिली बड़ी कामयाबी:  वन्यजीव तस्करी करने वाले गिरोह का राजफाश, एक तस्कर गिरफ्तार ,सात झोले में रखा 803 प्रतिबंधित तोते बरामद


लखनऊ। यूपी एसटीएफ उत्तर  ने अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा कर एक तस्कर को सीतापुर जिले के खैराबाद थाना क्षेत्र के शांति नगर काजियारा के पास से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ को पकड़े तस्कर के पास से रोज रिंग प्रजाति के सात झोले में 803 तोते बरामद हुए हैं।

एसटीएफ के उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के मुताबिक पकड़े तस्कर की पहचान सीतापुर जिले के खैराबाद थाना क्षेत्र स्थित कांशीराम कालोनी निवासी शिवम के रूप में हुई है।

पूछताछ में तस्कर ने पूछताछ कि वह इस गोरखधंधे में कई पीढ़ियों से काम कर रहा है और अपने साथियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित पक्षियों का व्यापार कर रहा है।
उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में यह भी बताया कि पिछले कुछ सालों से मुनाफा कम होने से प्रतिबंधित पक्षियों का गोरखधंधा करने लगा है।
बताया कि इन पक्षियों की बाजार में अच्छी कीमत मिल जाती। आरोपी ने एसटीएफ टीम को बताया कि इनका एक संगठित गिरोह है जो लखीमपुर-खीरी, रामपुर, पीलीभीत सहित अन्य जिलों के संरक्षित जंगलों से भारी मात्रा में तोते व अन्य प्रतिबंधित पक्षियों को मंगवाते हैं और उसे यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल में लेजाकर अच्छी कीमतों पर बेचने की बात स्वीकार किया है।
एसटीएफ के मुताबिक इस गिरोह में कितने लोग और शामिल हैं इसके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपित के खिलाफ अपराध संख्या 83/26 धारा 9,39,481,50,51,57 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।
लखनऊ में सनसनीखेज वारदात: सगे भाई ने सोते समय लोहे की रॉड से की हत्या, आरोपी हिरासत में
लखनऊ। राजधानी के बंथरा थाना क्षेत्र अंतर्गत खांडे देव गांव में पारिवारिक विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जहां एक युवक ने अपने ही सगे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।पुलिस के अनुसार, आज यूपी-112 के माध्यम से सूचना मिली कि खांडे देव गांव में एक व्यक्ति को चाकू मार दिया गया है। सूचना मिलते ही थाना बंथरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

शराब के नशे में दोनों के बीच रात में हुआ था विवाद

मौके पर पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि 24 वर्षीय गोलू उर्फ आलोक पुत्र स्वर्गीय पुत्तीलाल की हत्या उसके ही सगे भाई सरवन ने की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रविवार रात करीब 9:30 बजे दोनों भाइयों के बीच शराब के नशे में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।झगड़े के बाद मृतक गोलू सोने चला गया, तभी आरोपी सरवन ने सोते समय उसके सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने तहरीर के आधार दर्ज किया मुकदमा

परिजनों ने सुबह घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की माता जशोदा देवी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी (एसीपी) Rajneesh Verma भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने आरोपी सरवन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में विधिक कार्रवाई जारी है और सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है।यह घटना पारिवारिक विवाद और नशे के दुष्परिणामों की भयावह तस्वीर पेश करती है, जहां मामूली झगड़ा एक जानलेवा वारदात में बदल गया।
संविधान बनाम राज्य नियंत्रण: ट्रांस संशोधन विधेयक के खिलाफ लखनऊ में उभरा व्यापक जनप्रतिरोध

लखनऊ। ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ रविवार को लखनऊ की सड़कों पर क्वीयर समुदाय और नागरिक समाज का व्यापक और संगठित प्रतिरोध देखने को मिला। बेगम हज़रत महल पार्क गेट, परिवर्तन चौक से केडी सिंह बाबू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन तक निकाले गए इस मार्च ने न केवल एक विधेयक का विरोध किया, बल्कि राज्य द्वारा पहचान, शरीर और अस्तित्व पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिशों को भी खुली चुनौती दी।
यह विरोध प्रदर्शन क्वीयर समुदाय और स्थानीय नागरिकों की संयुक्त पहल था, जिसका संचालन शांतम निधि ने किया। मार्च का नेतृत्व पायल, गुड्डन, प्रियंका, यादवेंद्र, आकाश और राजन सहित कई समुदाय प्रतिनिधियों ने किया। बड़ी संख्या में छात्र, युवा, महिलाएं और विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, बापसा बीबीएयू, एपवा, जन संस्कृति मंच और सीटू जैसे संगठनों ने भी एकजुटता दिखाई।
पूरे मार्च के दौरान “ट्रांस राइट्स मानवाधिकार हैं”, “पहचान पर राज्य का नियंत्रण नहीं चलेगा” और “संविधान की रक्षा करो” जैसे नारे गूंजते रहे, जो इस आंदोलन के मूल स्वर को स्पष्ट करते हैं।

* “पहचान प्रमाणपत्र नहीं, अस्तित्व है”
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने विधेयक को नागरिक अधिकारों के ढांचे पर सीधा हमला बताया। पायल ने कहा कि यह प्रस्तावित कानून ट्रांस समुदाय की पहचान को व्यक्तिगत अधिकार से हटाकर राज्य के नियंत्रण में देना चाहता है। गुड्डन ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के कदमों का विरोध नहीं किया गया, तो भविष्य में व्यापक नागरिक अधिकारों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
प्रियंका ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक NALSA निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि यह विधेयक उस फैसले द्वारा दिए गए अधिकारों को कमजोर करता है। यादवेंद्र ने विधेयक को बिना पर्याप्त बहस और परामर्श के पारित किए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। आकाश और राजन ने भी इसे संविधान और नागरिक स्वतंत्रता के लिए गंभीर चुनौती करार दिया।

* राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधेयक की कई संवैधानिक और व्यावहारिक खामियों को रेखांकित किया गया। ज्ञापन के अनुसार, प्रस्तावित संशोधन स्व-पहचान के अधिकार को समाप्त कर उसे चिकित्सा परीक्षण और प्रशासनिक स्वीकृति के अधीन करता है, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के विपरीत है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव के खिलाफ संरक्षण), अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन करता है। साथ ही, ‘अल्यूर्मेंट’ जैसे अस्पष्ट प्रावधानों के जरिए समुदाय और उसके सहयोगियों को अपराधी बनाए जाने की आशंका भी जताई गई।

* लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल
प्रदर्शनकारियों ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि विधेयक को बिना व्यापक बहस, संसदीय समिति को भेजे बिना और राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद से पर्याप्त परामर्श किए बिना पारित किया गया। इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अवमूल्यन के रूप में देखा जा रहा है।

* संघर्ष जारी रहेगा
यह विरोध केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक आंदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक विधेयक को वापस लेने की नहीं, बल्कि उस संवैधानिक सिद्धांत की रक्षा की है जिसके अनुसार व्यक्ति अपनी पहचान स्वयं निर्धारित करता है।
लखनऊ में उभरा यह जनप्रतिरोध संकेत देता है कि नागरिक समाज इस मुद्दे को लेकर न केवल सजग है, बल्कि लगातार और संगठित रूप से अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए तैयार भी है।
उप्र: 24 घंटे में फसल क्षति का आकलन कर किसानों को राहत दें: प्रमुख सचिव राजस्व
लखनऊ। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू ने सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसल क्षति का आकलन कर 24 घंटे के भीतर प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि राहत कार्यों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहत राशि के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और 15 मार्च 2026 से अब तक लगभग 20 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदों को जारी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी जनपद में बजट की आवश्यकता हो, तो तत्काल राहत आयुक्त कार्यालय से मांग की जाए। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि राहत राशि प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर टोल-फ्री नंबर 1070 पर शिकायत दर्ज कराएं।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में खराब मौसम की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है। जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मौसम संबंधी सूचनाएं विभिन्न माध्यमों से व्यापक रूप से प्रसारित करें।
उल्लेखनीय है कि 15 मार्च से 28 मार्च 2026 के बीच प्रदेश में बेमौसम बारिश से 17 लोगों की मृत्यु, 11 पशुहानि तथा सहारनपुर और ललितपुर में 1661.75 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई है।प्रमुख सचिव ने कहा कि राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा कर प्रभावितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
PNG सेवाओं के विस्तार पर केंद्र-राज्य समन्वय बैठक, यूपी में प्रगति की निगरानी खुद करेंगे ए.के. शर्मा
लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार और PNG सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विज्ञान भवन में उच्च स्तरीय केंद्र-राज्य समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सहभागिता करते हुए प्रदेश में PNG सेवाओं के विस्तार की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई नगरीय निकायों में NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) से जुड़े कुछ प्रकरण लंबित हैं, जिनमें बहराइच, वाराणसी, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज प्रमुख हैं। इन मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए वे स्वयं निगरानी करेंगे।
यह बैठक समूह मंत्रियों (GoM) के 25 मार्च 2026 के निर्णय के क्रम में आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, मनोहर लाल खट्टर तथा प्रह्लाद जोशी सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध कराने, PNG कनेक्शन वितरण में तेजी लाने तथा CGD नेटवर्क के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ए.के. शर्मा ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल व समयबद्ध बनाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही कि NOC जारी करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शहरी विकास को गति देने पर भी विशेष जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और दिल्ली ने भी सक्रिय भागीदारी की, जबकि अन्य राज्यों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।