तमंचे के दम पर दबंगई पड़ी भारी: माल पुलिस ने आरोपी को हथियार समेत किया गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी के थाना माल क्षेत्र में अवैध हथियार के बल पर धमकी और विवाद करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 मार्च 2026 को कस्बा माल निवासी उदयवीर सिंह ने थाना माल में शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने निजी मकान का निर्माण करा रहे थे, तभी धर्मेन्द्र सिंह नामक व्यक्ति वहां पहुंचा और अवैध तमंचा दिखाकर गाली-गलौज व झगड़ा करने लगा।
शिकायत के आधार पर थाना माल पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। उपनिरीक्षक रवि कुमार कटियार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी धर्मेन्द्र सिंह को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से .315 बोर का अवैध देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में अवैध हथियार रखने वालों और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि लखनऊ पुलिस अपराध और दबंगई के खिलाफ पूरी तरह सख्त है।
मिशन शक्ति फेज-5: महिलाओं के सशक्तीकरण की नई पहल शुरू, ड्राइविंग ट्रेनिंग से लेकर ‘एक दिन की डीएम’ तक कई बड़े प्रावधान
लखनऊ । महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के फेज-5 के दूसरे चरण की शुरुआत पहले नवरात्र से कर दी गई है। इस बार सरकार ने अभियान को केवल सुरक्षा तक सीमित न रखते हुए इसे नवाचार, सहभागिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ दिया है।

इस चरण में महिलाओं और युवतियों को सशक्त बनाने के लिए कई नई और प्रभावी योजनाएं शामिल की गई हैं। सबसे प्रमुख पहल ‘ड्राइविंग माय ड्रीम्स’ है, जिसके तहत प्रत्येक जिले में कम से कम 100 महिलाओं और युवतियों को ड्राइविंग प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

इसके अलावा ‘एक दिन की जिलाधिकारी’ कार्यक्रम के तहत मेधावी बालिकाओं को प्रशासनिक अनुभव दिया जाएगा, जिससे वे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकें और आत्मविश्वास विकसित कर सकें।

अभियान में पहली बार ‘हक की बात जिलाधिकारी के साथ’ नाम से संवाद कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें महिलाएं सीधे जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्याएं रख सकेंगी। इससे शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।

शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के साथ डिजिटल एमओयू किए जा रहे हैं, ताकि छात्राओं को प्रशिक्षण और करियर मार्गदर्शन मिल सके।

तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के आठ बड़े शहरों में डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से महिला सुरक्षा से जुड़ी लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही सोशल मीडिया पर व्यापक अभियान चलाकर युवाओं और शहरी वर्ग को जोड़ा जाएगा।

नगर विकास विभाग के तहत ‘अमृत मित्र’ योजना के जरिए महिलाओं को जल प्रबंधन और शहरी सेवाओं में भागीदारी दी जाएगी, जबकि स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल मार्केटिंग और स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।

मुख्य बिंदु:

‘एक दिन की जिलाधिकारी’ बनेंगी मेधावी बालिकाएं

‘ड्राइविंग माय ड्रीम्स’ से महिलाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण

‘हक की बात जिलाधिकारी के साथ’ संवाद कार्यक्रम

विश्वविद्यालयों के साथ डिजिटल एमओयू

डिजिटल मीडिया व सोशल मीडिया अभियान

‘अमृत मित्र’ योजना में महिलाओं की भागीदारी

स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल मार्केटिंग से जोड़ना

रोजगार और कौशल विकास पर विशेष फोकस
ऑपरेशन कन्विक्शन में यूपी पुलिस की बड़ी कामयाबी: जानलेवा हमले के आरोपी को 5 साल की सजा
लखनऊ । राजधानी में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत थाना तालकटोरा पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर जानलेवा हमले के एक आरोपी को न्यायालय से कड़ी सजा दिलाई गई है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देशों पर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर और संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय अपर्णा कुमार के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।
मामला वर्ष 2021 के मुकदमा अपराध संख्या 224/2021 से संबंधित है, जिसमें अभियुक्त राम किशोर राठौर को थाना तालकटोरा पुलिस ने सुदृढ़ विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन के आधार पर न्यायालय में दोषी सिद्ध कराया।
माननीय जिला एवं सत्र न्यायालय, लखनऊ ने आरोपी को दोषी करार देते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 308 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹10,000 का जुर्माना तथा धारा 325 के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹6,000 का जुर्माना सुनाया। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
इस सफलता के पीछे थाना तालकटोरा पुलिस की मजबूत विवेचना, सटीक साक्ष्य प्रस्तुतीकरण और निरंतर प्रभावी पैरवी की अहम भूमिका रही। प्रभारी निरीक्षक कुलदीप दुबे और कांस्टेबल सूर्यपाल यादव ने इस केस को अंजाम तक पहुंचाने में विशेष योगदान दिया।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत इस तरह की कार्रवाई यह साबित करती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और पेशेवर दक्षता के साथ कार्य कर रही है, जिससे कानून व्यवस्था और भी सुदृढ़ हो रही है।
लखनऊ में बड़ा हादसा टला: पानी की टंकी पर चढ़े युवक को पुलिस ने बचाया, घंटों की मशक्कत के बाद सुरक्षित उतारा
लखनऊ। राजधानी के थाना ठाकुरगंज क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गया और कूदने की कोशिश करने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सूझबूझ और धैर्य के साथ बड़ी घटना को टाल दिया।
घटना 19 मार्च 2026 की शाम की है, जब मुसाहबगंज पार्क स्थित पानी की टंकी पर करीब 22 वर्षीय युवक चढ़ गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि युवक नीचे कूद सकता है। मौके पर पहुंची थाना ठाकुरगंज पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
जांच में पता चला कि युवक का अपनी पत्नी से घरेलू विवाद हुआ था, जिसके बाद वह गुस्से में आकर टंकी पर चढ़ गया। पुलिस टीम ने करीब एक घंटे से अधिक समय तक लगातार समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद युवक को शाम करीब 7:40 बजे सकुशल नीचे उतार लिया गया।
इसके बाद पुलिस ने युवक और उसकी पत्नी दोनों को समझाया, जिससे दोनों के बीच विवाद समाप्त हो गया। मौके पर पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है।
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक ओमवीर सिंह चौहान समेत पूरी टीम की अहम भूमिका रही। आम लोगों ने पुलिस की इस संवेदनशील और तत्पर कार्रवाई की सराहना की है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लखनऊ पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ लोगों की जान बचाने के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।
यूपी पुलिस के दो बड़े नवाचारों को राष्ट्रीय सम्मान, ET GovTech Awards 2026 से नवाजा गया
लखनऊ । उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर तकनीक आधारित जनसेवा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। पुलिस के दो प्रमुख डिजिटल इनिशिएटिव—‘UP Police Fact Check’ और ‘Meta Suicidal Alert’—को देश के प्रतिष्ठित The Economic Times GovTech Awards 2026 से सम्मानित किया गया है।
नई दिल्ली के हयात रीजेंसी होटल में आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की ओर से गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ ने प्राप्त किया। यह सम्मान यूपी पुलिस को दो अलग-अलग श्रेणियों में मिला—‘UP Police Fact Check’ को ‘Digital Policing & Law Enforcement Excellence Award’ तथा ‘Meta Suicidal Alert’ को ‘Digital Citizen Engagement & Grievance Redressal Award’ के तहत पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस लगातार आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर जनहितकारी पुलिसिंग को नई दिशा दे रही है।
फैक्ट चेक पहल बनी मिसाल
वर्ष 2017 में शुरू किया गया देश का पहला पुलिस-संचालित फैक्ट चेक प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी खबरों का तत्काल खंडन करना है। 24×7 सक्रिय यह टीम OSINT टूल्स, रिवर्स इमेज सर्च और जियोलोकेशन तकनीक के माध्यम से वायरल कंटेंट की जांच करती है। अब तक हजारों भ्रामक पोस्ट का पर्दाफाश कर सैकड़ों मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
Meta Suicidal Alert: जीवन बचाने की अनूठी पहल
Meta कंपनी के सहयोग से शुरू की गई यह पहल सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े पोस्ट की पहचान कर पुलिस को तुरंत अलर्ट भेजती है। 2023 से फरवरी 2026 तक इस सिस्टम के जरिए 2181 लोगों की जान बचाई जा चुकी है, जिसमें बड़ी संख्या युवाओं की है।
महाकुंभ 2025 में भी निभाई अहम भूमिका
महाकुंभ के दौरान फैलाई गई फर्जी खबरों और भ्रामक वीडियो पर यूपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सैकड़ों अकाउंट चिन्हित किए और कई आपराधिक मामले दर्ज किए, जिससे संभावित तनाव और अफवाहों को समय रहते रोका गया।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है, बल्कि डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा, जागरूकता और जीवन रक्षा के लिए भी नई मिसाल कायम कर रही है।
खामनेई की शहादत पर शिया समुदाय में शोक, मौलाना जावेद हैदर जैदी ने दी सादगी से ईद मनाने की अपील
लखनऊ । ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई की शहादत की खबर से दुनियाभर के शिया समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुखद घटना के बाद धार्मिक विद्वानों और उलेमाओं द्वारा समुदाय को संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है।
इसी क्रम में प्रख्यात शिया धर्मगुरु जावेद हैदर जैदी ने एक अहम संदेश जारी करते हुए कहा कि खामनेई की शहादत निश्चित रूप से अपूरणीय क्षति है, लेकिन ऐसे समय में धार्मिक कर्तव्यों को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईद-उल-फ़ितर अल्लाह की बंदगी का दिन है और इसे सादगी, इबादत और ग़म के एहसास के साथ मनाना चाहिए।
मौलाना जैदी ने अपने संदेश में इस्लामी इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि 21 रमज़ान 40 हिजरी के बाद भी इमाम हसन (अलैहिस्सलाम) ने उसी वर्ष ईद की नमाज़ अदा की थी। उन्होंने कहा कि ईद केवल खुशी का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन, गुनाहों से दूर रहने और अल्लाह के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी है।
उन्होंने आगे कहा,
“हर वह दिन ईद है जिसमें इंसान गुनाह से दूर रहे। असल ईद वही है, जिसमें इंसान अपने कर्मों का आकलन करे और अल्लाह की राह पर चले।”
मौलाना ने ईद के बाद ‘ज़ियारत-ए-वारिसा’ की अहमियत पर भी जोर देते हुए बताया कि इसमें अहलुलबैत (अलैहिस्सलाम) की फज़ीलतों और उनकी मसीबतों का जिक्र किया जाता है, साथ ही अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश भी निहित होता है।
अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष भी ईद-उल-फितर मनाई जानी चाहिए, लेकिन अहलुलबैत के बताए रास्ते पर चलते हुए, सादगी और इबादत के साथ, ताकि शोक और श्रद्धा दोनों का संतुलन बना रहे।
ईद-उल-फितर पर लखनऊ में ट्रैफिक प्लान लागू, कई मार्गों पर डायवर्जन, सुबह 6 बजे से बदलेगा रूट
लखनऊ। राजधानी में ईद-उल-फितर के अवसर पर शहर की प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजियों के जुटने की संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है। यह व्यवस्था 20/21 मार्च 2026 को सुबह 6 बजे से नमाज समाप्ति तक प्रभावी रहेगी।

राजधानी इन प्रमुख इलाकों में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पक्का पुल, टीले वाली मस्जिद, बड़ा इमामबाड़ा, ऐशबाग ईदगाह, रूमी गेट, चौक, कोनेश्वर चौराहा, शाहमीना तिराहा, डालीगंज और सीतापुर रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात प्रतिबंधित या डायवर्ट किया जाएगा।
सीतापुर रोड से आने वाले वाहन डालीगंज रेलवे क्रॉसिंग से पक्का पुल की ओर नहीं जा सकेंगे, उन्हें आईटी चौराहा और कपूरथला होकर जाना होगा।
खदरा और पक्का पुल क्षेत्र में सामान्य यातायात को बंधा रोड या नए पक्के पुल की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
हरदोई रोड और बालागंज से आने वाले भारी वाहन बड़ा इमामबाड़ा और टीले वाली मस्जिद की ओर नहीं जा सकेंगे, उन्हें चौक और मेडिकल कॉलेज रूट से भेजा जाएगा।
कोनेश्वर चौराहा, चौक और रूमी गेट क्षेत्र में भी यातायात पर रोक रहेगी और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।
नीबू पार्क, शाहमीना, मेडिकल क्रॉसिंग और डालीगंज पुल के आसपास भी कई मार्गों पर प्रतिबंध रहेगा।

ऐशबाग ईदगाह क्षेत्र में विशेष व्यवस्था

ऐशबाग ईदगाह के आसपास सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ट्रैफिक कंट्रोल लागू रहेगा— नाका, यहियागंज, रकाबगंज, मोतीनगर, राजेंद्र नगर, अंजुमन चौराहा और पीली कॉलोनी से ईदगाह की ओर सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। केवल नमाज में शामिल होने वाले लोगों के वाहनों को ही निर्धारित मार्गों से प्रवेश दिया जाएगा।

केवल आपातकालीन सेवाओं को मिलेगी छूट

ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल वाहन और शव वाहन जैसी आपातकालीन सेवाओं को जरूरत पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर न जाएं और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। किसी भी असुविधा या जानकारी के लिए ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है। यह विशेष ट्रैफिक प्लान शहर में शांति, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है, ताकि ईद का त्योहार शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

नवरोज पर  ट्रैफिक डायवर्जन लागू, सुबह से दोपहर तक कई मार्ग रहेंगे बंद

लखनऊ में शिया समुदाय द्वारा 21 मार्च 2026 को मनाए जाने वाले नवरोज के मद्देनजर यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है। यह कार्यक्रम सुबह से लेकर लगभग दोपहर 2:30 बजे तक चलेगा, जिसके चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा।यातायात पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान मेडिकल क्रॉस (चरक चौराहा), नक्खास, अकबरी गेट (मेफेयर), टुड़ियागंज और हैदरगंज जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था बदली जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात सुचारु बना रहे।

डायवर्जन व्यवस्था इस प्रकार रहेगी

मेडिकल क्रॉस (चरक चौराहा) से सामान्य यातायात अकबरी गेट (मेफेयर) और नक्खास की ओर नहीं जा सकेगा। वाहन मेडिकल कॉलेज या चौक-कोनेश्वर मार्ग से अपने गंतव्य तक जाएंगे।
नक्खास तिराहा से अकबरी गेट और मेडिकल क्रॉस की ओर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। यहां से वाहन नादान महल रोड और रकाबगंज पुल होकर जा सकेंगे।
टुड़ियागंज (बिल्लौचपुरा) तिराहा से नक्खास या गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज की ओर यातायात नहीं जाएगा। वाहन हैदरगंज (लालमाधव) मार्ग से डायवर्ट किए जाएंगे।
हैदरगंज (लालमाधव) से टुड़ियागंज और नक्खास की ओर जाने वाले वाहन ऐशबाग, नाका और बुलाकी अड्डा होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।

केवल आपातकालीन सेवाओं को छूट

ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल वाहन और शव वाहन जैसी आवश्यक सेवाओं को स्थिति के अनुसार प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन प्लान का पालन करें और अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में ट्रैफिक कंट्रोल नंबर 9454405155 पर संपर्क किया जा सकता है।नवरोज के इस पावन अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
हर बेघर को पक्का घर देने की दिशा में बड़ा कदम, सीएम आवास योजना-ग्रामीण के चयन की प्रक्रिया शुरू


* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश—2026-27 के लाभार्थियों का चयन वित्तीय वर्ष से पहले, निराश्रित महिलाओं को प्राथमिकता

लखनऊ। प्रदेश में आवासविहीन परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया समय से पहले शुरू कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र लाभार्थियों का चयन कर उनका मांग पत्र शीघ्र भेजा जाए।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार हर आवासविहीन व्यक्ति को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया है कि चयन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए, ताकि लाभार्थियों को समय से आवास मिल सके।
वर्ष 2018-19 से संचालित इस योजना के अंतर्गत अब तक 4.72 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना में समाज के अत्यंत कमजोर वर्गों—जैसे मुसहर, वनटांगिया, नट, सपेरा, जोगी, बासफोर, बसोड़, धरकार, विभिन्न जनजातियां, दैवीय आपदा से प्रभावित परिवार, दिव्यांगजन एवं निराश्रित विधवा महिलाओं—को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे पात्र परिवार जो प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की सूची में शामिल नहीं हो सके, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है।
* पहली बार समय से पहले चयन प्रक्रिया शुरू
ग्राम्य विकास विभाग द्वारा सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। खास बात यह है कि पहली बार आगामी वित्तीय वर्ष के लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले ही प्रारंभ कर दी गई है।
* निराश्रित महिलाओं को प्राथमिकता
सरकार ने आवासविहीन निराश्रित विधवा महिलाओं (18 से 50 वर्ष) को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए महिला कल्याण विभाग द्वारा 15.53 लाख पेंशन लाभार्थियों की सूची जिलों को उपलब्ध कराई जा रही है। इनका सत्यापन कर पात्र पाए जाने पर आवास आवंटन सूची में शामिल किया जाएगा।
योजना के तहत आवास का आवंटन महिला मुखिया के नाम पर ही किया जाएगा। यदि किसी विशेष परिस्थिति में पुरुष के नाम पर आवंटन करना हो, तो इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी की अनुमति आवश्यक होगी।
* पोर्टल के माध्यम से होगा पंजीकरण
लाभार्थियों की मांग और पंजीकरण केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि श्रेणीवार पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण आवास सॉफ्ट पर अनिवार्य रूप से किया जाए। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2026-27 के लिए लाभार्थियों का मांग पत्र 15 अप्रैल 2026 तक भेज दिया जाए और सभी पात्रों का समय से पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
उल्लेखनीय है कि इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1400.02 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को लाभान्वित किया जा सके।
टीईटी-2026 आवेदन अब और आसान: एसबीआई के ‘ई-पे’ गेटवे से होगा सुरक्षित व नि:शुल्क भुगतान

*शिक्षा सेवा चयन आयोग और एसबीआई के बीच एमओयू, डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता व सुविधा बढ़ेगी

प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया को और सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच गुरुवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

एलनगंज स्थित आयोग कार्यालय में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन आयोजित कार्यक्रम में हुए इस समझौते के तहत भारतीय स्टेट बैंक द्वारा आयोग को अत्याधुनिक डिजिटल भुगतान समाधान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अंतर्गत ‘ई-पे’ भुगतान गेटवे को सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है, जिससे टीईटी-2026 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का पंजीकरण शुल्क अब तेज, सुरक्षित और सहज तरीके से जमा किया जा सकेगा।

विशेष बात यह है कि यह सेवा अभ्यर्थियों के लिए पूरी तरह निशुल्क होगी, जिससे उन्हें किसी अतिरिक्त शुल्क का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। यह व्यवस्था न केवल अभ्यर्थियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि डिजिटल लेनदेन को भी प्रोत्साहित करेगी।

समारोह में आयोग के सचिव मनोज कुमार और बैंक के उपमहाप्रबंधक पवन कुमार अरोरा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके पश्चात आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार एवं बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपक कुमार डे (लखनऊ सर्किल) ने एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर बैंक के महाप्रबंधक राजीव कुमार, सहायक महाप्रबंधक स्वदेश श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।एमओयू के सफल समन्वय में मुख्य प्रबंधक गरिमा श्रीवास्तव एवं शाखा प्रबंधक राजेश कुमार साहू (कर्नलगंज) की अहम भूमिका रही।

आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशान्त कुमार ने कहा कि यह पहल अभ्यर्थियों को पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इससे आवेदन प्रक्रिया और अधिक आसान होगी और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में आयोग और बैंक के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अयोध्या में श्रीराम यंत्र की की प्रतिष्ठापना, रामलला के किए दर्शन

* चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ अनुष्ठान, राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी रहे मौजूद

अयोध्या/लखनऊ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर गुरुवार को अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम यंत्र की विधि-विधान से प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर उन्होंने रामलला के चरणों में शीश झुकाकर आरती उतारी और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी राष्ट्रपति के साथ पूजा-अर्चना कर रामलला के दर्शन किए। सभी ने मंदिर परिसर में विभिन्न देवस्थलों पर श्रद्धा अर्पित की और मंदिर की भव्य संरचना का अवलोकन किया।
* वैदिक विधि से हुई प्रतिष्ठापना
पूज्य संतों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना की गई। यह यंत्र वैदिक गणित और ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित है, जिसे सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। इस यंत्र को दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती द्वारा शोभायात्रा के माध्यम से अयोध्या लाया गया था। इसके लिए नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पूर्व से ही चल रहा था।
* महापौर ने राष्ट्रपति को सौंपी नगर की चाबी
राष्ट्रपति के अयोध्या आगमन पर महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने उनका स्वागत करते हुए नगर की चाबी भेंट की। इसे शहरवासियों की ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत के साथ राष्ट्रपति का अभिनंदन किया गया।
* दूसरी बार अयोध्या पहुंचीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह अयोध्या का दूसरा दौरा है। उनके साथ इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।