बदायूं में डबल मर्डर: हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्लांट में DGM और असिस्टेंट मैनेजर की गोली मारकर हत्या
लखनऊ/ बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम प्लांट के भीतर शुक्रवार को सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड से हड़कंप मच गया। प्लांट के डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) सुधीर गुप्ता और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वेंडर अजय प्रताप उर्फ रामू अपनी फर्म को ब्लैकलिस्ट किए जाने से नाराज चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उसने प्लांट परिसर में दोनों अधिकारियों को निशाना बनाते हुए गोलियां चला दीं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि आरोपी पहले से ही अधिकारियों को धमकियां दे रहा था। धमकियों से भयभीत होकर DGM सुधीर गुप्ता ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) भी ले ली थी और पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि, समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।
एलपीजी आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री सख्त, कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्रवाई

लखनऊ । सीएम योगी आदित्यनााथ ने प्रदेश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की स्थिति नहीं बनने दी जानी चाहिए और आम जनता को समय-समय पर सही जानकारी दी जाए।

अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की मांग और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी न होने दी जाए। जिन उपभोक्ताओं ने सिलेंडर बुक कराया है, उन्हें तय समय के भीतर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए।


स्थिति को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण स्थिति को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता में प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है। उन्होंने तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर गैस आपूर्ति और वितरण की सही स्थिति जनता तक लगातार पहुंचाई जाए।मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई गैस एजेंसी या व्यक्ति जमाखोरी अथवा कालाबाजारी में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर गैस वितरण केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकल्प के तौर पर प्रदेश को 80 लाख लीटर मिट्टी का तेल भी आवंटित किया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर वितरित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, होटलों और अन्य संस्थानों से संवाद कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य एवं रसद विभाग में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर हर जिले की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला पूर्ति अधिकारी को आपसी समन्वय से गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिले पूर्व सैनिक कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक
पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और तैनाती पर हुई चर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एल. वेंकटेश्वरलू भी मौजूद रहे।

मुलाकात के दौरान प्रबंध निदेशक ने मुख्यमंत्री जी से मार्गदर्शन प्राप्त किया और निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

प्रबंध निदेशक ने अवगत कराया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से पूर्व सैनिकों को विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), परिवहन विभाग (आरटीओ) और निबंधन कार्यालय जैसे विभागों में पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा रही है।

प्रबंध निदेशक ने यह भी अवगत कराया कि एफएसडीए में अब तक 60 पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा चुकी है, जबकि परिवहन विभाग में भी निर्धारित पदों के सापेक्ष पूर्व सैनिकों को रोजगार दिया गया है और कुल 236 पूर्व सैनिक सेवा में तैनात किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त रजिस्ट्री विभाग के निबंधन कार्यालयों में 337 पूर्व सैनिकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि अन्य नियुक्तियां चरणबद्ध तरीके से जारी हैं।

प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने बताया कि इन तीनों विभागों का सीधा संबंध आम जनता और उपभोक्ताओं से है। ऐसे में यहां पूर्व सैनिकों की तैनाती से कार्यप्रणाली में अनुशासन और दक्षता देखने को मिल रही है।
उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिकों की कार्यशैली से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिल रही है, बल्कि संबंधित विभागों के अधिकारी भी उनकी कार्यकुशलता की सराहना कर रहे हैं, जो निगम के लिए किसी पारितोषिक से कम नहीं है। साथ ही उन्होंने इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की ।
महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध गीत पर उ.प्र. राज्य महिला आयोग सख्त, गायक बादशाह के कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र, कार्यक्रमों को अनुमति न देने का अनुरोध

लखनऊ। विदित हो कि हरियाणा के गायक बादशाह की एल्बम "टटीरी" में महिलाओं के प्रति अभद्र भाया एवं अशोभनीय दृश्य प्रस्तुत किए गए हैं। उक्त सामग्री में स्कूल यूनिफॉर्म पहने छात्राओं को अनुचित ढंग से प्रदर्शित किया गया है तथा विद्यालय जैसे पवित्र स्थान को भी अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया है, जोकि न केवल महिलाओं की गरिमा बल्कि शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों का भी घोर अपमान है।

इस संबंध में उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3, 4 एवं 296 के अंतर्गत्त एफआईआर दर्ज किए जाने तथा उनके विरुद्ध एलओसी (Look Out Circular) जारी होने की भी जानकारी प्राप्त हुई है।

अतः उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए, जहां हमारी संस्कृति में नारी को 'नारायणी' का स्थान दिया गया है, वहां इस प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री प्रस्तुत करने वाले कलाकार के कार्यक्रम आयोजित होने से समाज में गलत संदेश जाएगा तथा हमारी सांस्कृतिक मर्यादाओं को भी ठेस पहुंच सकती है।

अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उत्तर प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की महती कृपा करें कि गायक बादशाह के किसी भी प्रस्तावित कार्यक्रम/शो को आयोजित करने की अनुमति प्रदान न की जाए।
लखनऊ में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, ट्रक से 7.75 कुंतल गांजा बरामद; तस्करी गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

लखनऊ । राजधानी में एसटीएफ उत्तर प्रदेश को अंतरराज्यीय स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 7.75 कुंतल गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.93 करोड़ रुपये बताई जा रही है।एसटीएफ के अनुसार 11 मार्च 2026 को मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी कौशल कुमार पुत्र राम खिलावन निवासी मुरादपुर थाना बिंदकी जनपद Fatehpur को गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी थाना Nigohan Police Station क्षेत्र में रात करीब 10:30 बजे की गई।

स्क्रैप की बोरियों में रखकर ले जा रहे थे गांजा
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7.75 कुंतल गांजा, एक टाटा अल्ट्रा डीसीएम ट्रक (नंबर यूपी-71-एटी-3380) तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक में विशेष रूप से गुप्त कैविटी बनाई गई थी, जिसमें गांजे की खेप छिपाकर लाई जाती थी। ऊपर से स्क्रैप की बोरियां रख दी जाती थीं, ताकि किसी को शक न हो।एसटीएफ को पिछले कुछ समय से विभिन्न राज्यों से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एसटीएफ की टीम सूचना संकलन और निगरानी कर रही थी। टीम को सूचना मिली कि उड़ीसा से गांजे की बड़ी खेप लेकर एक ट्रक रायबरेली होते हुए लखनऊ आने वाला है और इसे नगराम मार्ग के पास कहीं उतारा जाएगा।

कई लोग मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी का चलाते हैं गिरोह

सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक की तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। इसके बाद चालक कौशल कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि समरजीत उर्फ सोनू गुप्ता, मयंक कुमार गुप्ता और सैय्यद दावर अलवी समेत कई लोग मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी का गिरोह चलाते हैं। वह समरजीत उर्फ सोनू के कहने पर उड़ीसा से गांजे की खेप लाकर गिरोह के बताए स्थान पर पहुंचाता था। आरोपी ने यह भी बताया कि वह पहले भी 6 से 7 बार इस गिरोह के लिए गांजा ला चुका है और हर चक्कर के बदले उसे करीब 50 हजार रुपये मिलते थे।इस मामले में थाना निगोहां में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
ऑल इंडिया SDRF CSSR प्रतियोगिता: यूपी की टीम ने दिखाया दम, जीता दूसरा स्थान
लखनऊ । National Disaster Response Force की 8वीं बटालियन में 8 से 10 मार्च 2026 तक ऑल इंडिया एसडीआरएफ की CSSR (Collapsed Structure Search & Rescue) प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों की एसडीआरएफ टीमों ने हिस्सा लेकर आपदा राहत और खोज-बचाव से जुड़ी अपनी दक्षता और कौशल का प्रदर्शन किया।

कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा

प्रतियोगिता के दौरान टीमों को भूकंप या भवन ढहने जैसी आपदा की स्थिति में मलबे में फंसे लोगों को खोजने और सुरक्षित बाहर निकालने से संबंधित कई व्यावहारिक अभ्यासों से गुजरना पड़ा। इसमें तकनीकी खोज, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों का इस्तेमाल, टीम समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता और आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों का मूल्यांकन किया गया।इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में Uttar Pradesh State Disaster Response Force की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार कमांडेंट Amit Kumar और उनकी टीम ने प्राप्त किया।

भारत सरकार के गृह सचिव मु़ख्य अतिथि के रूप में रहे मौजूद

प्रतियोगिता का समापन समारोह 11 मार्च 2026 को Delhi Police मुख्यालय स्थित आदर्श ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के गृह सचिव Govind Mohan मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।समारोह में Krishna S. Vatsa, Dinesh Kumar Aswal, Satish Golcha, Rajesh Gupta, Shatrujeet Singh Kapur, Praveer Ranjan, Sanjay Singhal, Rakesh Aggarwal, Ravi Joseph Lokku, Rajeev Verma, Robin Hibu और Govind Prasad Uniyal समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण

मुख्य अतिथि ने विजेता टीमों को सम्मानित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षण, बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी एसडीआरएफ टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं आपदा से निपटने की क्षमता को और मजबूत बनाती हैं।राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल कर एसडीआरएफ उत्तर प्रदेश ने प्रदेश का नाम रोशन किया है और यह उपलब्धि आपदा प्रबंधन व खोज-बचाव कार्यों में टीम की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
रिश्वत आरोप में निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश की होगी बहाली, 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने निलंबित आईएएस अधिकारी Abhishek Prakash को बहाल करने का निर्णय लिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक उनकी बहाली 14 मार्च के बाद से प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि नियुक्ति विभाग की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश इससे पहले निवेश प्रोत्साहन एजेंसी Invest UP के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर तैनात थे। उन पर एक सोलर कंपनी से प्रोजेक्ट मंजूरी के बदले रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के बाद प्रदेश सरकार ने 20 मार्च 2025 को उन्हें निलंबित कर दिया था।

इस मामले में फरवरी 2026 में Lucknow Bench of Allahabad High Court ने सुनवाई करते हुए साक्ष्य के अभाव में उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को निरस्त कर दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद उनकी बहाली का रास्ता साफ हो गया।

शासन के सूत्रों के अनुसार निलंबन की अवधि एक वर्ष पूरी होने से पहले इस मामले में रिपोर्ट केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को भेजी जानी है। इसी प्रक्रिया के तहत उनकी बहाली को 14 मार्च के बाद प्रभावी माना जाएगा।

हालांकि, बहाली के बाद उन्हें किस विभाग या जिम्मेदारी पर तैनात किया जाएगा, इस पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है। शासन स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है।
गो रक्षा और सनातन के लिए नई रणनीति, शंकराचार्य ने किया चतुरंगिणी सेना
लखनऊ। गो रक्षा और सनातन धर्म की रक्षा के मुद्दे पर बुधवार को राजधानी लखनऊ के कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ा ऐलान किया गया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती  ने ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का शंखनाद करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना का गठन किया जाएगा, जो संत समाज में फैल रही अशास्त्रीयता और अधर्म को दूर करने का कार्य करेगी।देशभर से आए संतों, धर्माचार्यों और गो रक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक समाज में धर्मनिरपेक्ष शपथ नहीं, बल्कि धर्म की शपथ ही चलेगी। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि परिस्थितियां बनीं तो धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

संत समाज में बढ़ रही विकृतियों पर भी चिंता जताई

कार्यक्रम में उन्होंने संत समाज में बढ़ रही विकृतियों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद के कुछ महंतों और साधुओं ने यह कहा कि वे मुख्यमंत्री के साथ हैं, शंकराचार्य के साथ नहीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि अखाड़े साथ नहीं आते हैं तो अब अलग संगठन और सेना बनाकर धर्म की रक्षा की जाएगी।शंकराचार्य ने प्रयागराज में माघ मेले के दौरान हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वेद पढ़ने वाले बटुकों के साथ अन्याय हुआ, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गोहत्या केवल कसाई ही नहीं करता, बल्कि जो इसे अनुमति देता है या मौन रहता है, वह भी उसी पाप का भागी है।

यह यात्रा 3 मई से 23 जुलाई तक चलेगी

इस दौरान उन्होंने “समग्र गविष्ठि गोयुद्ध यात्रा” निकालने की भी घोषणा की। यह यात्रा 3 मई से 23 जुलाई तक चलेगी। यात्रा की शुरुआत गोरखपुर से होगी और वहीं इसका समापन भी होगा। इसके बाद 24 जुलाई को लखनऊ के कांशीराम स्मृति स्थल पर एक बड़ी सभा आयोजित की जाएगी।शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में शंकराचार्य सर्वोच्च धार्मिक प्राधिकरण हैं और गो माता की रक्षा के साथ-साथ सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प भी लेना होगा।
मोहनलालगंज दोहरा हत्याकांड: मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ हत्यारोपी किशन रावत, पैर में गोली लगने से दबोचा
लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज क्षेत्र में मां-बेटे की सनसनीखेज हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। सिसेंडी गांव निवासी आरोपी किशन रावत को पुलिस ने बुधवार रात बाजखेड़ा–हुलासखेड़ा ईंट भट्ठे के पास से घेराबंदी कर दबोचा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में हिरासत में लेकर अस्पताल भेजा गया। आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, दो कारतूस और एक कारतूस तमंचे में फंसा हुआ बरामद हुआ है।

सोमवार की रात मां-बेटे की कर दी गई थी हत्या

पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी गांव में 50 वर्षीय रेशमा बानो और उनके 18 वर्षीय दृष्टिहीन बेटे शादाब की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बदमाश की तलाश में चार पुलिस टीमों का गठन किया गया।डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि जांच और साक्ष्य जुटाने के दौरान स्थानीय निवासी किशन रावत का नाम सामने आया। इसके बाद इंस्पेक्टर मोहनलालगंज ब्रजेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुट गई।

आरोपी लखनऊ से बाहर भागने की फिराक में था

बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी हुलासखेड़ा से खुजौली की ओर नहर किनारे रास्ते से भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे एक सिपाही घायल हो गया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी किशन रावत के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा।पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया और घायल सिपाही व आरोपी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनलालगंज भेजा गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की हुई पहचान

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोमवार रात घर में घुस गया था और रेशमा बानो पर गलत नजर डालने लगा। इस दौरान महिला और उसके दृष्टिहीन बेटे शादाब ने विरोध किया। पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने दोनों की गला घोंटकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें आरोपी का चेहरा कैद हो गया। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसका पीछा किया और आखिरकार मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।इस मामले में पीड़िता के भाई की तहरीर पर थाना मोहनलालगंज में मुकदमा संख्या 92/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
सीएम योगी से मिले नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, यूपी को एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च हब बनाने पर चर्चा
लखनऊ। नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव ने बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान लोहम के सीईओ रजत वर्मा और कंपनी के चीफ ऑफ स्टाफ Ayush Sabat भी मौजूद रहे। तीनों अतिथियों ने निवेश के लिए उत्तर प्रदेश में बने सकारात्मक माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।
बैठक में उत्तर प्रदेश को देश में एडवांस्ड मटेरियल रिसर्च और इंजीनियरिंग का प्रमुख हब बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान लोहम द्वारा प्रदेश में भारत की पहली “रेयर अर्थ टू मैग्नेट” इंटीग्रेटेड फैसिलिटी स्थापित करने की योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस परियोजना के स्थापित होने से देश में उच्च तकनीक आधारित मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई।
नोबेल पुरस्कार विजेता कॉन्स्टेंटिन नोवोसेलोव, जो Graphene की खोज के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, वर्तमान में लोहम कंपनी के साथ स्ट्रैटेजिक एडवाइजर और सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका उद्देश्य उन्नत मटेरियल साइंस को औद्योगिक स्तर पर बैटरी तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में लागू करना है।
लोहम और नोवोसेलोव के सहयोग का मुख्य फोकस दो प्रमुख क्षेत्रों पर है। पहला, 2D मटेरियल (जैसे ग्रैफीन) का उपयोग कर अगली पीढ़ी की Lithium-ion battery की क्षमता, सुरक्षा और आयु बढ़ाना। दूसरा, बैटरियों और परमानेंट मैग्नेट के उन्नत रीसाइक्लिंग सिस्टम को विकसित कर महत्वपूर्ण खनिजों की बेहतर रिकवरी सुनिश्चित करना, जिससे सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिल सके।
यह सहयोग भारत के Make in India और ग्रीन एनर्जी विजन को भी मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।