एसआईआरडी में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा प्रशिक्षण
* मिशन कर्मयोगी और विकसित भारत-2047 पर विशेष फोकस
लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब, लखनऊ में सरकारी एवं अर्धसरकारी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा रचनात्मक कार्यों से जुड़े व्यक्तियों को दक्ष एवं सक्षम बनाने हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू के संरक्षण तथा अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्गदर्शन एवं प्रशासनिक नियंत्रण में 9 से 14 फरवरी तक कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। केंद्रीय सचिवालय प्रबंध प्रशिक्षण संस्थान, भारत सरकार के सहयोग से विभिन्न मंत्रालयों में नवनियुक्त सहायक अनुभाग अधिकारियों के लिए “विलेज अटैचमेंट” विषयक प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। इसके अंतर्गत लखनऊ एवं आसपास के जनपदों में जिला, तहसील, विकासखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर शासकीय कार्यप्रणाली और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका का व्यवहारिक अध्ययन कराया जा रहा है।
इसी अवधि में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडी), राजेंद्र नगर, हैदराबाद के सहयोग से उत्तर प्रदेश, बिहार एवं उत्तराखंड के खंड विकास अधिकारियों के लिए “मिशन कर्मयोगी एवं विकसित भारत-2047” विषयक आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। साथ ही 9 से 11 फरवरी तक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए “लर्निंग बाय डूइंग” विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संपन्न हुआ।
बुधवार को वेबिनार के माध्यम से आयोजित सत्र में महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में विशिष्ट अतिथि वक्ताओं—सुभाष चंद्र दूबे (महानिरीक्षक, महिला एवं बाल सुरक्षा, 1090), प्रो. डॉ. आर. रमेश (एनआईआरडी, हैदराबाद) तथा डॉ. लाखन सिंह (सहायक प्रोफेसर, एनआईआरडी)—ने मिशन कर्मयोगी पर विस्तार से व्याख्यान दिया। इसमें भारत सरकार के सहायक अनुभाग अधिकारियों तथा यूपी, बिहार एवं उत्तराखंड के खंड विकास अधिकारियों ने सहभागिता की।
समापन सत्र में महानिदेशक एल. वेंकटेश्वर लू ने कहा कि मिशन कर्मयोगी केवल कार्यालय समय तक सीमित दायित्व नहीं है, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और नागरिक को अपने सार्वजनिक एवं पारिवारिक जीवन में भी कर्मयोगी बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नवीन कुमार सिन्हा ने किया। आयोजन एवं प्रबंधन में उप निदेशक अनुज कुमार श्रीवास्तव, सहायक निदेशक डॉ. राज किशोर यादव, डॉ. वरुण चतुर्वेदी, संकाय सदस्य मोहित यादव, धर्मेंद्र कुमार सुमन, प्रचार सहायक मोहम्मद शहंशाह तथा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग अधिकारी उपेंद्र कुमार दूबे का उल्लेखनीय योगदान रहा।
1 hour and 37 min ago
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