महोबा में दबंगों का खौफनाक हमला: पिता की तेरहवीं पर बेटे की चाकुओं से हत्या, 5 घायल
लखनऊ /महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के लेवा गांव में सोमवार की देर शाम एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। पिता की तेरहवीं के दिन 25 वर्षीय विकास यादव को दबंगों ने चाकुओं से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। बीच-बचाव के प्रयास में आए 5 अन्य परिजन भी घायल हो गए।

घटना के अनुसार, राम कृपाल की तेरहवीं का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दबंग अजय यादव और उसके साथियों ने धारदार हथियार से लैस होकर विकास पर हमला कर दिया। युवक की पिटाई होती देख परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव के लिए आए, लेकिन वे भी हत्यारे के कोप का शिकार हुए। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद जान-माल की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

परिजन घायल लोगों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया, जबकि अनिल (22) को नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं मृतक के भाई आकाश (23), सुर्जन सिंह (45) और बाबू (22) का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पिता की तेरहवीं पर पुत्र की हत्या से पूरे गांव में कोहराम मच गया। कुलपहाड़ क्षेत्राधिकारी रविकांत गौड़ ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
सहारनपुर में खून से सनी सुबह: किराए के मकान में अमीन ने पूरे परिवार को गोलियों से भून डाला? मां-पत्नी और दो मासूम बेटों की लाशें मिलीं
लखनऊ /सहारनपुर।उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा कस्बे में मंगलवार की सुबह ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक किराए के मकान के अंदर संग्रह अमीन समेत उसके पूरे परिवार के पांच सदस्यों के गोली लगे शव मिलने से हड़कंप मच गया। एक ही घर में मां, पत्नी और दो नाबालिग बेटों की लाशें देख पड़ोसियों की रूह कांप उठी।

मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए

मृतकों की पहचान नकुड़ तहसील में तैनात संग्रह अमीन अशोक (40), उनकी पत्नी अंजिता (37), मां विद्यावती (70) और दो बेटे कार्तिक (16) व देव (13) के रूप में हुई है। घर का नजारा इतना भयावह था कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए।

कमरे के अंदर बिखरा खून, अलग-अलग जगह मिले शव

पुलिस के अनुसार, अमीन अशोक और उनकी पत्नी अंजिता का शव कमरे के फर्श पर पड़ा मिला, जबकि वृद्ध मां और दोनों नाबालिग बेटे बेड पर मृत अवस्था में पाए गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अशोक को कनपटी या सीने पर गोली लगी, जबकि मां, पत्नी और दोनों बच्चों के माथे पर गोली मारी गई है। इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

तीन तमंचे बरामद, मोबाइल जब्त

घटनास्थल से पुलिस ने तीन तमंचे बरामद किए हैं, जो शवों के पास ही पड़े मिले। फॉरेंसिक टीम ने पूरे घर को सील कर दिया है और सभी मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक विशेषज्ञ हर एंगल से सबूत जुटा रहे हैं।

आत्महत्या या सामूहिक हत्या? उलझी गुत्थी

पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या—दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। सवाल यह है कि क्या अशोक ने पहले अपने परिवार को गोली मारी और फिर खुद को मौत के घाट उतार लिया, या फिर इसके पीछे कोई और खौफनाक साजिश है? अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों से पर्दा उठ सकेगा।

शांत था परिवार, कोई विवाद नहीं

पड़ोसियों के मुताबिक, अशोक का परिवार बेहद शांत स्वभाव का था। किसी से कोई झगड़ा या विवाद सामने नहीं आया था। दोनों बेटे पढ़ाई में अच्छे थे—देव कस्बे के एमटीएस पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था, जबकि कार्तिक नकुड़ के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 10 में पढ़ता था। अचानक हुई इस सामूहिक मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।

इलाके में मातम और दहशत

घटना के बाद सरसावा कस्बे में शोक और दहशत का माहौल है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक पूरा परिवार गोलियों का शिकार हो गया। पुलिस का कहना है कि मामले की हर परत को खोला जाएगा और सच सामने लाया जाएगा, चाहे वह कितना भी भयावह क्यों न हो।
एटा में परिवार पर नरसंहार: ईंट से सिर कुचले, चार की हत्या ने पूरे गांव को हिलाकर रख दिया
लखनऊ /एटा।उत्तर प्रदेश के एटा जिले के गांव नगला प्रेमी में रविवार दोपहर एक ऐसा खौफनाक घटनाक्रम सामने आया जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों—गंगा सिंह शाक्य (70), उनकी पत्नी श्यामा देवी (65), पुत्रवधू रत्ना देवी (48) और पौत्री ज्योति (22)—को बेरहमी से मारा गया। हत्यारे ने घर में घुसकर ईंट से सिर और चेहरे पर कई बार वार कर उन्हें मौत के घाट उतारा।

देवांश जब पहुंचा तब हुई घटना की जानकारी

मकान के भीतर दृश्य इतना भयावह था कि पुलिस और फॉरेंसिक टीम भी सदमे में आ गई। नीचे कमरे में गंगा सिंह का शव चारपाई पर पड़ा था, ऊपर की मंजिल पर रत्ना और ज्योति के शव फर्श और बेड पर बिखरे थे। श्यामा देवी गंभीर रूप से घायल पाई गईं, जिन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।इस सामूहिक हत्या का खुलासा तब हुआ, जब गंगा सिंह का 12 वर्षीय पोता देवांश स्कूल से घर लौटा और उसने सभी शव देखे। मासूम की चीख सुनकर आसपास के लोग और पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे।


पुलिस ने तीनों मंजिलों को सील कर साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया

पुलिस ने तीनों मंजिलों को सील कर साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है। घटनास्थल से ईंट बरामद हुई है, जिसे हत्यारे ने वार करने के लिए इस्तेमाल किया। फिलहाल पुलिस हत्या और अन्य संभावित एंगल्स की जांच कर रही है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार शांत और विवादमुक्त था।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या की सटीक वजह सामने आएगी। इस जघन्य कांड ने गांव नगला प्रेमी में खौफ और मातम फैला दिया है।
ठंड की विदाई पर फिर ब्रेक: 22–25 जनवरी तक यूपी समेत 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज आंधी और कोहरे से बढ़ेंगी मुश्किलें

लखनऊ। देश में ठंड की विदाई की उम्मीद कर रहे लोगों को एक बार फिर झटका लग सकता है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 22 से 25 जनवरी के बीच उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम के बिगड़ने का अलर्ट जारी किया है। यूपी, हिमाचल प्रदेश सहित कुल 9 राज्यों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है, जिससे तापमान में फिर गिरावट आने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। सुबह के समय घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।

आईएमडी ने बताया कि  22 से 24 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ बर्फबारी के भी आसार हैं। मौसम के इस बदलाव से उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में ठंड बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
नोएडा हादसे पर सख्त कदम: सीईओ हटाए गए, आज SIT करेगी गहन जांच
लखनऊ /नोएडा । नोएडा में मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में पानी भर जाने से एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत के बाद सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मामले को लेकर बढ़ते जनआक्रोश और लापरवाही के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसे पांच दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का संज्ञान लेते हुए सोमवार को तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद देर शाम सीईओ को हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। फिलहाल उन्हें प्रतीक्षारत रखा गया है। 2005 बैच के आईएएस अधिकारी लोकेश एम नोएडा प्राधिकरण के साथ-साथ नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।

इस हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण और बिल्डरों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन की ओर से पहले ही कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। एक जूनियर इंजीनियर को सेवा से बर्खास्त किया गया है, जबकि दो बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि मॉल के बेसमेंट के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और बारिश के पानी की निकासी के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।

पूरे मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर करेंगे। टीम में मेरठ के मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अजय वर्मा भी शामिल हैं। जांच दल मंगलवार को नोएडा पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेगा और जिम्मेदार अधिकारियों व बिल्डरों की भूमिका की पड़ताल करेगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवराज मेहता की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक ठंडे पानी में फंसे रहने से उसके फेफड़ों में लगभग साढ़े तीन लीटर पानी भर गया था, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने के कारण हार्ट फेलियर की स्थिति भी बनी।

इस घटना ने नोएडा में निर्माण कार्यों की निगरानी और सुरक्षा इंतजामों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बहसूमा नगर पंचायत ने 159 लाभार्थियों के नाम चयनित कराए
बहसूमा। मेरठ।नगर पंचायत बहसूमा में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। योजना के अंतर्गत पूरे जिले में बहसूमा नगर पंचायत ने 159 लाभार्थियों के नाम चयनित कराए हैं। यह बहसूमा के इतिहास में पहली बार हुआ है जब प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर पंचायत ने जिले में शीर्ष स्थान हासिल किया हो। इस उपलब्धि से नगर क्षेत्र की जनता में हर्ष और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

इस अवसर पर नगर पंचायत बहसूमा के अध्यक्ष सचिव सुकड़ी ने कहा कि यह सफलता सभी सभासदों, कर्मचारियों और नगरवासियों के सहयोग व मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए गए, जिसका सकारात्मक परिणाम आज सामने आया है। नगर पंचायत के कार्यों की सराहना करते हुए जनता ने बोर्ड का आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण का कार्यक्रम मेरठ यूनिवर्सिटी सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मेरठ की उपस्थिति में लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी, क्योंकि यह योजना उनके पक्के मकान के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बताया गया कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के खातों में ₹1,00,000 की राशि का वितरण किया गया। वहीं बहसूमा नगर पंचायत क्षेत्र में कुल ₹1 करोड़ 59 लाख रुपये की धनराशि सीधे जनता के खातों में डाली गई है। इस आर्थिक सहायता से लाभार्थी अपने आवास निर्माण कार्य को तेजी से पूरा कर सकेंगे।

नगर पंचायत बहसूमा की इस उपलब्धि को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। योजना की सफलता से नगरवासियों में विश्वास बढ़ा है और भविष्य में भी इसी प्रकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की उम्मीद जताई जा रही है।
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी लीडर बनने की ओर उत्तर प्रदेश


*दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, 50 करोड़ तक सरकारी सहायता और स्टार्टअप्स को 5 साल की फंडिंग से यूपी बनेगा ग्रीन एनर्जी हब*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में देश की अग्रणी टेक्नोलॉजी स्टेट बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी के तहत शोध, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने जा रही है। इसके लिए प्रदेश में दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे और ग्रीन हाइड्रोजन स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

*दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से विकसित होगी स्वदेशी और सस्ती तकनीक*

योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाले दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग से जुड़ी तकनीकों का विकास करना और लागत को न्यूनतम करना है। ये केंद्र देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से स्थापित किए जाएंगे। यहां होने वाला शोध उद्योग की जरूरतों के अनुरूप होगा, जिससे तकनीक को सीधे व्यावहारिक उपयोग में लाया जा सके।
सरकार इन दोनों सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इस राशि से हाई-एंड रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक लैब और परीक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

*स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन*

ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत स्टार्टअप्स को भी विशेष बढ़ावा दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े स्टार्टअप्स को पांच साल तक हर साल अधिकतम 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। शर्त यह होगी कि स्टार्टअप किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान के इनक्यूबेटर से जुड़ा हो। इससे युवाओं को शोध आधारित उद्यमिता के अवसर मिलेंगे और उद्योग जगत को नई स्वदेशी तकनीक उपलब्ध होगी।

*नेट जीरो लक्ष्य में यूपी की अहम भूमिका*

भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी का निर्माण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
गोरखपुर जिले में प्रदेश के पहले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा किया जा चुका है, जिससे लगभग 500 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ी कई अन्य योजनाएं भी प्रदेश में पाइपलाइन में हैं।

*ग्रीन जॉब्स और राष्ट्रीय मिशन को मिलेगी मजबूती*

रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप्स के जरिए न सिर्फ ग्रीन जॉब्स का सृजन होगा, बल्कि नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन में भी उत्तर प्रदेश की भूमिका और मजबूत होगी। यह पहल प्रदेश को देश की ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी की राजधानी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
RTE के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित, आवेदन 2 फरवरी से

*तीन चरणों में होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, लॉटरी से मिलेगा प्रवेश*

लखनऊ। प्रदेश में शिक्षा के समान अवसर और सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने RTE अधिनियम-2009 के अंतर्गत सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश की समय-सारणी जारी कर दी है। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का अवसर मिलेगा।

विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। कक्षा-1 अथवा पूर्व-प्राथमिक स्तर पर पात्र बच्चों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित हो सके। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को समयसीमा के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

*तीन चरणों में आवेदन*
RTE प्रवेश के लिए अभिभावकों को तीन चरणों में आवेदन का अवसर मिलेगा—

प्रथम चरण: 2 से 16 फरवरी

द्वितीय चरण: 21 फरवरी से 7 मार्च

तृतीय चरण: 12 से 25 मार्च

*आवश्यक दस्तावेज*
आवेदन के लिए माता या पिता का आधार कार्ड, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड तथा पेंशन या दिव्यांगता से संबंधित प्रमाण पत्र अनिवार्य होंगे।

*शुल्क पूरी तरह निःशुल्क*
RTE के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। निजी विद्यालयों को प्रति छात्र निर्धारित धनराशि शासन द्वारा प्रतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी।

*योजना का उद्देश्य*
इस योजना का उद्देश्य समाज के आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में समान, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि शिक्षा के माध्यम से उनका भविष्य सुरक्षित और सशक्त बनाया जा सके।

*मंत्री और महानिदेशक का बयान*
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि RTE के तहत 25 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। यह पहल शिक्षा में सामाजिक न्याय और समावेशन को मजबूत करती है।

वहीं, स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए पूरी समय-सारणी जारी की गई है। ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन और लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पात्र बच्चों को समयबद्ध तरीके से प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।

*आयु सीमा*
नर्सरी: 3 से 4 वर्ष

LKG: 4 से 5 वर्ष

UKG: 5 से 6 वर्ष

कक्षा-1: 6 से 7 वर्ष
(आयु की गणना 01 अप्रैल 2026 से होगी)

*पात्रता*
इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति, सामाजिक-शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग, अनाथ बच्चे, अलाभित समूह, दिव्यांग, तथा दिव्यांगता/वृद्धावस्था/विधवा पेंशन प्राप्तकर्ता के बच्चे पात्र माने गए हैं।
लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था फिर हुई ध्वस्त, सीएम आवास से सिविल अस्पताल तक लगा भीषण जाम
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। मुख्यमंत्री आवास से सिविल अस्पताल को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर मंगलवार को भीषण जाम देखने को मिला, जिससे राहगीरों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सिविल अस्पताल के आसपास स्थिति सबसे अधिक खराब रही। यहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं। जाम के चलते आम नागरिकों के साथ-साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और एंबुलेंस को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है, लेकिन समय पर उचित प्रबंधन न होने के कारण हालात और बिगड़ जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद जाम खुलवाने में काफी समय लगा, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली।
इजराइल में दिखेगी यूपी की साइबर शक्ति, दुनिया सीखेगी भारत का साइबर सुरक्षा मॉडल

*‘साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026’ में यूपी के सुपर कॉप करेंगे भारतीय साइबर टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन*

लखनऊ। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा मंचों में शामिल ‘साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026’ में इस बार भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की साइबर ताकत वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगी। 26 से 28 जनवरी 2026 तक इजराइल के तेल अवीव में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी के साइबर विशेषज्ञ भारत की साइबर सुरक्षा क्षमताओं, तकनीक और अनुभव को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे।

सम्मेलन में भारत से दो दिग्गज साइबर विशेषज्ञ चीफ मेंटर के रूप में भाग लेंगे। इनमें भारत सरकार के पूर्व राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक माधवन उन्नीकृष्णन नायर और उत्तर प्रदेश से एशिया के साइबर कॉप के रूप में विख्यात प्रो. त्रिवेणी सिंह शामिल हैं। दोनों विशेषज्ञ वैश्विक साइबर वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और टेक्नोलॉजी लीडर्स के समक्ष भारतीय साइबर सुरक्षा मॉडल और व्यावहारिक अनुभव साझा करेंगे।

*20 से अधिक देशों के साइबर विशेषज्ञ होंगे शामिल*

इस वैश्विक सम्मेलन में अमेरिका, जापान, स्पेन, इटली, इंग्लैंड, जर्मनी, साइप्रस, स्कॉटलैंड, वेल्स, उत्तरी आयरलैंड, रोमानिया, फिलीपींस, संयुक्त अरब अमीरात, बेल्जियम, लातविया, नीदरलैंड, अल्बानिया, उरुग्वे, हंगरी सहित 20 से अधिक देशों के शीर्ष साइबर एक्सपर्ट्स भाग लेंगे।

*सीएम योगी के विजन से मजबूत हुआ ‘साइबर सेफ यूपी’*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेफ्टी को प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे का अहम हिस्सा बनाया गया है। सोशल मीडिया के दुरुपयोग, दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्क वेब, साइबर अपराध और आतंकी नेटवर्क जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए यूपी में सख्त और प्रभावी व्यवस्था लागू की गई है।
इसी क्रम में प्रो. त्रिवेणी सिंह द्वारा चलाया जा रहा ‘साइबर सेफ उत्तर प्रदेश’ अभियान देशभर में एक मॉडल के रूप में उभरा है, जिसकी जानकारी अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा की जाएगी।

यूपी के साइबर सिस्टम को समझेगी दुनिया
प्रो. त्रिवेणी सिंह अपने 25 वर्षों से अधिक के अनुभव के आधार पर बताएंगे कि किस तरह उत्तर प्रदेश ने साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और टेक्नोलॉजी आधारित अपराधों से निपटने के लिए एक मजबूत और प्रभावी सिस्टम विकसित किया है। वहीं, माधवन उन्नीकृष्णन नायर भारत के राष्ट्रीय साइबर फ्रेमवर्क और नीति अनुभव को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

*नेतन्याहू की मौजूदगी में साइबर सहयोग पर मंथन*

सम्मेलन में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान भारत समेत 20 से अधिक देशों के बीच साइबर सिक्योरिटी सहयोग, टेक्नोलॉजी साझेदारी और साइबर बिजनेस की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा होगी।

भारत को ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी हब बनाने की दिशा में कदम
यह सम्मेलन भारत की साइबर शक्ति को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ देश को भविष्य का ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी हब बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इसमें साइबर टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और बिजनेस अवसरों को लेकर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।