ক্যামাক স্ট্রিট কাণ্ডে তৃণমূলকে স্বস্তি দিল না হাই কোর্ট, খারিজ অন্তর্বর্তী নির্দেশের আর্জি*

*শিরোনাম:* ক্যামাক স্ট্রিটে বিলবোর্ড বিতর্ক: হাইকোর্টের দ্বারস্থ তৃণমূল, মিলল না অন্তর্বর্তী স্বস্তি, গ্রেফতার ১৩

*কলকাতা, ২৮ আগস্ট:* কলকাতার ক্যামাক স্ট্রিটে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়ের সাইনবোর্ড খোলাকে কেন্দ্র করে তোলপাড় রাজ্য রাজনীতি। কলকাতা পুরসভার উচ্ছেদ অভিযানকে চ্যালেঞ্জ করে কলকাতা হাইকোর্টের দ্বারস্থ হয় তৃণমূল কংগ্রেস। কিন্তু আপাতত কোনও অন্তর্বর্তী নির্দেশ দিল না আদালত।

শুক্রবার সকালে বিচারপতি রাজা বসুচৌধুরীর এজলাসে মামলাটির উল্লেখ করেন তৃণমূলের আইনজীবী কিশোর দত্ত। আদালত মামলা দায়ের করার অনুমতি দিয়েছে এবং আজই নম্বর নিয়ে আসলে শুনানির আশ্বাস দিয়েছে।

আইনজীবী জানান, বৃহস্পতিবার বিকেল ৪:৪৫ নাগাদ কলকাতা পুরসভার কর্মীরা তৃণমূল ভবনে ঢুকে বিলবোর্ড ভাঙচুর করেন।

এর প্রেক্ষিতে বিচারপতি বসুচৌধুরী বলেন, "মামলার নম্বর না পড়লে শুনানি সম্ভব নয়। নম্বর নিয়ে আসুন, আজকেই শুনব।" তবে তিনি স্পষ্ট জানিয়ে দেন, "ইতিমধ্যেই হোর্ডিং খুলে দেওয়া হয়েছে, ফলে এখনই আদালতের হস্তক্ষেপের প্রয়োজন নেই।" তৃণমূলের হোর্ডিং পুনরায় লাগানোর আর্জিও খারিজ করে আদালত জানায়, মামলাটি এখনও অপরিণত পর্যায়ে রয়েছে। সব পক্ষকে হলফনামা জমা দিতে হবে, তারপরই পরবর্তী শুনানি।

জানা গেছে, ক্যামাক স্ট্রিটে প্রায় ৩০০০ বর্গফুট জায়গা জুড়ে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়। বৃহস্পতিবার সন্ধ্যায় সেখানে 'অল ইন্ডিয়া তৃণমূল কংগ্রেস' লেখা সাইনবোর্ড খুলে দেয় পুরসভা।

তৃণমূলের অভিযোগ, তালা ভেঙে ছাদে উঠে সাইনবোর্ড উপড়ে ফেলা হয়। বাধা দিতে গিয়ে সিঁড়িতে শুয়ে পড়েন সাংসদ ডেরেক ও'ব্রায়েন সহ নেতা-কর্মীরা। পুলিশের সঙ্গে ব্যাপক ধস্তাধস্তি হয়।

এই ঘটনায় শেক্সপিয়র সরণি থানায় ৩টি এফআইআর দায়ের হয়েছে এবং ১৩ জনকে গ্রেফতার করা হয়েছে। এফ আই আর-এ নাম রয়েছে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়, ডেরেক ও'ব্রায়েন, বৈশ্বানর চট্টোপাধ্যায় ও হুমায়ুন কবীরের।

পুরসভা বোর্ড খুলে দিলেও, বৃহস্পতিবার রাতেই ওই স্থানে ফের তৃণমূলের ব্যানার ঝুলিয়ে দেওয়া হয়। অভিষেকের দাবি, এটি বিজেপির প্রতিহিংসাপরায়ণ রাজনীতির ফল এবং ব্যক্তিগত সম্পত্তিতে বেআইনি হস্তক্ষেপ।

*#Tags:* #CamacStreet #TMC #AbhishekBanerjee #KolkataHighCourt #KMC
टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के पार्टी ऑफिस पर आखिर क्यों चला बुलडोजर?

#actionontmcgeneralsecretaryabhishekbanerjeefivestorey_office

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बंगाल सरकार का बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में शनिवार को प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। अमतला में बुलडोजर का इस्तेमाल करके अभिषेक बनर्जी के ऑफिस को गिरा दिया गया।

प्रशासन ने बताया अवैध निर्माण

डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी का यह दफ्तर अमताला-बारुईपुर रोड पर स्थित था। प्रशासन ने इसे पूरी तरह से अवैध निर्माण करार दिया है। जानकारी के मुताबिक, विभागीय जांच में पाया गया था इस कार्यालय का निर्माण स्वीकृत भवन योजना के बिना और लागू नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया था।

इमारत का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर एक्शन

जिला प्रशासन के मुताबिक, इस भव्य इमारत के निर्माण से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज़ नहीं था। यह दफ्तर बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के बनाया गया था। प्रशासन ने इस संबंध में पहले ही एक नोटिस जारी कर इमारत पर चिपका दिया था। नोटिस के जरिए निर्माण से जुड़े कानूनी कागज मांगे गए थे। हालांकि, अभिषेक बनर्जी या उनकी टीम की तरफ से इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के बाद, प्रशासन ने इसे गिराने का कड़ा फैसला लिया।

बुलडोजर एक्शन पर लगे जय श्रीराम के नारे

शनिवार सुबह प्रशासन की टीम तीन बड़े बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची. पांच मंजिला मजबूत इमारत को ढहाने के लिए तीनों बुलडोजर एक साथ काम पर लगाए गए। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। जैसे ही अभिषेक बनर्जी के सांसद ऑफिस को तोड़ने का काम शुरू हुआ। इलाके में बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी मनाई और जय श्री राम के नारे लगाए।

खत्म हो गई तकरार! कल्याण बनर्जी के बदले सुर, अभिषेक बनर्जी को बताया बेटे समान

#kalyan_banerjee_u_turn_said_abhishek_banerjee_like_son

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी ने अब उन्हें अपने बेटे जैसा बताया है। इससे पहले हाल ही में कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया था कि वे अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनमें से किसी एक को चुन लें।

श्रीरामपुर के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, वह मेरे बेटा जैसा है। पिता का कर्तव्य है कि वह बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जहां विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया हो। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

24 घंटे पहले ममता बनर्जी को दिया था अल्टीमेटम

यह बयान ऐसे समय आया है, जब इससे महज 24 घंटे पहले कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद से जुड़े सभी कानूनी मामलों से खुद को अलग करने की घोषणा की थी और यहां तक कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया था कि वह अपने भतीजे और उन जैसे वरिष्ठों में से किसी एक को चुनें।

कल्याण बनर्जी के बयान पर अभिषेक का संयमित रुख

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को संयमित रुख अपनाते हुए वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के साथ टकराव की अटकलों को विराम देने की कोशिश की। अभिषेक ने कल्याण बनर्जी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उन्हें आलोचना करने का पूरा अधिकार है, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच सुलह और संतुलन का संदेश देने का प्रयास नजर आया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पैरवी से हटा दिया था। इससे कल्याण बनर्जी बुरी तरह से नाराज हो गए थे और इसे अपमान और अनादर बताया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें फोन करके बताया कि अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें कोर्ट नहीं जाना है और उनकी जगह वकील किशोर दत्ता पक्ष रखेंगे। कल्याण बनर्जी ने कहा 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है और कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न ही करेगा।'

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

#policeandcentralforcesconductedsearchatresidenceabhishek_banerjee

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

ममता को कल्याण बनर्जी ने भी दे दिया अल्टीमेटम! बोले- अभिषेक बनर्जी अगर टीएमसी में तो मैं नहीं रहूंगा

#tmc_mp_kalyan_banejee_said_he_will_leave_party_if_abhishek_banerjee_stay

पश्चिम बंगाल की सत्ता का 15 साल तक सिरमौर रहीं ममता बनर्जी और उनकी अगुवाई वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस मुश्किल में हैं। एक के बाद एक नेता टीएमसी से किनारा कर रहे हैं। पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों ने अपने पद से इस्तीफे दे दिया है तो लोकसभा के 20 सांसद उनके खिलाफ चले गए हैं। अब टीएमसी के सबसे सीनियर चेहरों में से एक कल्याण बनर्जी ने भी तल्ख तेवर दिखाए हैं।

अभिषेक या फिर मेरे जैसे वफादारों-कल्याण मुखर्जी

पिछले कुछ दिनों से ममता के समर्थन में बयान देने वाला कल्याण बनर्जी ने अब बड़ा ऐलान कर दिया है। ममता बनर्जी को सीधी चेतावनी देते हुए कल्याण ने साफ कह दिया है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। कल्याण बनर्जी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को यह अल्टीमेटम दे दिया है कि या तो वह अभिषेक को चुन लें, या फिर मेरे जैसे वफादारों को। उन्होंने कहा कि मैं ममता बनर्जी के साथ हूं। लेकिन अगर अभिषेक बनर्जी टीएमसी में रहेंगे तो मैं इस पार्टी का हिस्सा नहीं बनूंगा।

अभिषेक एक घमंडी आदमी- कल्याण बनर्जी

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि अभिषेक एक घमंडी आदमी है। उनके घमंडी रवैये के कारण मेरे लिए पार्टी में काम करना मुश्किल हैं। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर केस से भी खुद को अलग करने का ऐलान किया और कहा कि अभिषेक बनर्जी ने कभी भी मुझपर भरोसा नहीं किया और आगे भी नहीं करेंगे।

या तो आप अभिषेक को रखिए या फिर हमें छोड़िए-कल्याण बनर्जी

सेरामपुर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने बेहद तल्ख लहजे में कहा, “मैं पिछले 45 सालों से वकालत के पेशे में हूं और राजनीति का भी लंबा अनुभव है। मैं इस तरह का घमंडी और अपमानजनक रवैया कतई बर्दाश्त नहीं करूंगा। मैं ममता दीदी से साफ कहूंगा या तो आप अभिषेक को रखिए या फिर हमें छोड़ दीजिए।

राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच अहम बैठक, TMC की अंदरूनी बगावत के बीच क्यों खास है ये मुलाकात

#rahulgandhiabhishekbanerjeedelhi_meeting

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मचे घमासान ने सियासी तापमान बढ़ा रखा है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच मुलाकात हुई है। करीब डेढ़ घंटे तक चली मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दिया है।

टीएमसी में सियासी खींचतान के बीच मुलाकात

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में 10 जनपथ पर मुलाकात की।यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर कुछ नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए हैं।

कांग्रेस-चीएमसी संबंधों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के संबंधों को लेकर गंभीर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी चर्चा की कि भविष्य में दोनों दल भाजपा के खिलाफ किस तरह की रणनीति अपना सकते हैं। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले संभावित उपचुनावों में तालमेल या सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का मुद्दा भी बातचीत के केंद्र में रहा।

एक दिन पहले हुई थी ममता-सोनिया की मुलाकात

यह बैठक ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के ठीक एक दिन बाद हुई है। मंगलवार को ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी के आवास पर जाकर उनसे बात की थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने विपक्षी गठबंधन को और ज्यादा मजबूत करने के रास्तों पर चर्चा की थी।

ক্যামাক স্ট্রিট কাণ্ডে তৃণমূলকে স্বস্তি দিল না হাই কোর্ট, খারিজ অন্তর্বর্তী নির্দেশের আর্জি*

*শিরোনাম:* ক্যামাক স্ট্রিটে বিলবোর্ড বিতর্ক: হাইকোর্টের দ্বারস্থ তৃণমূল, মিলল না অন্তর্বর্তী স্বস্তি, গ্রেফতার ১৩

*কলকাতা, ২৮ আগস্ট:* কলকাতার ক্যামাক স্ট্রিটে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়ের সাইনবোর্ড খোলাকে কেন্দ্র করে তোলপাড় রাজ্য রাজনীতি। কলকাতা পুরসভার উচ্ছেদ অভিযানকে চ্যালেঞ্জ করে কলকাতা হাইকোর্টের দ্বারস্থ হয় তৃণমূল কংগ্রেস। কিন্তু আপাতত কোনও অন্তর্বর্তী নির্দেশ দিল না আদালত।

শুক্রবার সকালে বিচারপতি রাজা বসুচৌধুরীর এজলাসে মামলাটির উল্লেখ করেন তৃণমূলের আইনজীবী কিশোর দত্ত। আদালত মামলা দায়ের করার অনুমতি দিয়েছে এবং আজই নম্বর নিয়ে আসলে শুনানির আশ্বাস দিয়েছে।

আইনজীবী জানান, বৃহস্পতিবার বিকেল ৪:৪৫ নাগাদ কলকাতা পুরসভার কর্মীরা তৃণমূল ভবনে ঢুকে বিলবোর্ড ভাঙচুর করেন।

এর প্রেক্ষিতে বিচারপতি বসুচৌধুরী বলেন, "মামলার নম্বর না পড়লে শুনানি সম্ভব নয়। নম্বর নিয়ে আসুন, আজকেই শুনব।" তবে তিনি স্পষ্ট জানিয়ে দেন, "ইতিমধ্যেই হোর্ডিং খুলে দেওয়া হয়েছে, ফলে এখনই আদালতের হস্তক্ষেপের প্রয়োজন নেই।" তৃণমূলের হোর্ডিং পুনরায় লাগানোর আর্জিও খারিজ করে আদালত জানায়, মামলাটি এখনও অপরিণত পর্যায়ে রয়েছে। সব পক্ষকে হলফনামা জমা দিতে হবে, তারপরই পরবর্তী শুনানি।

জানা গেছে, ক্যামাক স্ট্রিটে প্রায় ৩০০০ বর্গফুট জায়গা জুড়ে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কার্যালয়। বৃহস্পতিবার সন্ধ্যায় সেখানে 'অল ইন্ডিয়া তৃণমূল কংগ্রেস' লেখা সাইনবোর্ড খুলে দেয় পুরসভা।

তৃণমূলের অভিযোগ, তালা ভেঙে ছাদে উঠে সাইনবোর্ড উপড়ে ফেলা হয়। বাধা দিতে গিয়ে সিঁড়িতে শুয়ে পড়েন সাংসদ ডেরেক ও'ব্রায়েন সহ নেতা-কর্মীরা। পুলিশের সঙ্গে ব্যাপক ধস্তাধস্তি হয়।

এই ঘটনায় শেক্সপিয়র সরণি থানায় ৩টি এফআইআর দায়ের হয়েছে এবং ১৩ জনকে গ্রেফতার করা হয়েছে। এফ আই আর-এ নাম রয়েছে অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়, ডেরেক ও'ব্রায়েন, বৈশ্বানর চট্টোপাধ্যায় ও হুমায়ুন কবীরের।

পুরসভা বোর্ড খুলে দিলেও, বৃহস্পতিবার রাতেই ওই স্থানে ফের তৃণমূলের ব্যানার ঝুলিয়ে দেওয়া হয়। অভিষেকের দাবি, এটি বিজেপির প্রতিহিংসাপরায়ণ রাজনীতির ফল এবং ব্যক্তিগত সম্পত্তিতে বেআইনি হস্তক্ষেপ।

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टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के पार्टी ऑफिस पर आखिर क्यों चला बुलडोजर?

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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बंगाल सरकार का बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में शनिवार को प्रशासन का बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। अमतला में बुलडोजर का इस्तेमाल करके अभिषेक बनर्जी के ऑफिस को गिरा दिया गया।

प्रशासन ने बताया अवैध निर्माण

डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी का यह दफ्तर अमताला-बारुईपुर रोड पर स्थित था। प्रशासन ने इसे पूरी तरह से अवैध निर्माण करार दिया है। जानकारी के मुताबिक, विभागीय जांच में पाया गया था इस कार्यालय का निर्माण स्वीकृत भवन योजना के बिना और लागू नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया था।

इमारत का वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर एक्शन

जिला प्रशासन के मुताबिक, इस भव्य इमारत के निर्माण से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज़ नहीं था। यह दफ्तर बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के बनाया गया था। प्रशासन ने इस संबंध में पहले ही एक नोटिस जारी कर इमारत पर चिपका दिया था। नोटिस के जरिए निर्माण से जुड़े कानूनी कागज मांगे गए थे। हालांकि, अभिषेक बनर्जी या उनकी टीम की तरफ से इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के बाद, प्रशासन ने इसे गिराने का कड़ा फैसला लिया।

बुलडोजर एक्शन पर लगे जय श्रीराम के नारे

शनिवार सुबह प्रशासन की टीम तीन बड़े बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची. पांच मंजिला मजबूत इमारत को ढहाने के लिए तीनों बुलडोजर एक साथ काम पर लगाए गए। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। जैसे ही अभिषेक बनर्जी के सांसद ऑफिस को तोड़ने का काम शुरू हुआ। इलाके में बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी मनाई और जय श्री राम के नारे लगाए।

खत्म हो गई तकरार! कल्याण बनर्जी के बदले सुर, अभिषेक बनर्जी को बताया बेटे समान

#kalyan_banerjee_u_turn_said_abhishek_banerjee_like_son

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी के सुर बदले-बदले नजर आ रहे हैं। पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी को घमंडी कहने वाले कल्याण बनर्जी ने अब उन्हें अपने बेटे जैसा बताया है। इससे पहले हाल ही में कल्याण बनर्जी ने ममता बनर्जी को अल्टीमेटम दिया था कि वे अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनमें से किसी एक को चुन लें।

श्रीरामपुर के दिग्गज सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, वह मेरे बेटा जैसा है। पिता का कर्तव्य है कि वह बेटे की सभी गलतियों को माफ कर दे। देश में लोकतंत्र खतरे में है। पश्चिम बंगाल में पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई, जहां विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया हो। यह मुख्यमंत्री प्रतिशोध की भावना से ग्रस्त है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।

24 घंटे पहले ममता बनर्जी को दिया था अल्टीमेटम

यह बयान ऐसे समय आया है, जब इससे महज 24 घंटे पहले कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमला बोलते हुए उन पर अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद से जुड़े सभी कानूनी मामलों से खुद को अलग करने की घोषणा की थी और यहां तक कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अल्टीमेटम भी दे दिया था कि वह अपने भतीजे और उन जैसे वरिष्ठों में से किसी एक को चुनें।

कल्याण बनर्जी के बयान पर अभिषेक का संयमित रुख

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को संयमित रुख अपनाते हुए वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के साथ टकराव की अटकलों को विराम देने की कोशिश की। अभिषेक ने कल्याण बनर्जी को अपना राजनीतिक मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उन्हें आलोचना करने का पूरा अधिकार है, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच सुलह और संतुलन का संदेश देने का प्रयास नजर आया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को पैरवी से हटा दिया था। इससे कल्याण बनर्जी बुरी तरह से नाराज हो गए थे और इसे अपमान और अनादर बताया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने उन्हें फोन करके बताया कि अभिषेक बनर्जी के फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें कोर्ट नहीं जाना है और उनकी जगह वकील किशोर दत्ता पक्ष रखेंगे। कल्याण बनर्जी ने कहा 'अभिषेक को सीनियर्स का सम्मान करना नहीं आता। वह बहुत घमंडी है और कभी भी मुझ पर भरोसा नहीं करता था और न ही करेगा।'

सुबह-सुबह ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर अंदर घुसे

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं की परेशानी बढ़ी गई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ पार्टी नेताओं में उनके खिलाफ भारी असंतोष है तो दूसरी तरफ वो पुलिस और जांच एजेंसियों के भी रडार पर हैं। इसी बीच पश्चिम बंगाल पुनिस ने सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापा मारा है।

तड़के 3 बजे मारा छापा

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने शनिवार सुबह-सुबह तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर पर तलाशी ली। यह छापा तड़के 3 बजे मारा गया। डीएसपी की अगुवाई में पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी पुलिस स्टेशन की एक टीम के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवान दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची।

दरवाजे का ताला तोड़ा

बताया जा रहा है कि टीम ने घर के मुख्य दरवाजे पर बार-बार दस्तक दी। कोई जवाब न मिलने पर भी यह संयुक्त टीम घर के बाहर इंतजार करती रही। आखिरकार, दो घंटे से ज्यादा इंतजार करने के बाद उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों की मदद से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर के अंदर दाखिल हुए।

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तलाश में छापा

अभिषेक के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय को ढूंढने के लिए उनके घर की तलाशी ली गई। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में रॉय का पता लगाने के लिए ये छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए गए थे। रॉय अभी फरार चल रहे हैं। हालांकि, राज्य पुलिस ने मामले की जानकारी नहीं दी।

ममता बनर्जी भी पहुंचीं मौके पर

छापेमारी की खबर मिलते ही पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी अपने हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास से तुरंत मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम वहां से रवाना हो गई। बाद में अभिषेक बनर्जी ने पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर उनके घर में प्रवेश किया और तलाशी ली।

ममता के एक और करीबी के ठिकानों पर रेड

अभिषेक बनर्जी के अलावा टीएमसी के एक और कद्दावर नेता एवं ममता बनर्जी के करीबी मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर भी छापे मारे गए हैं। नगर पालिका भर्ती घोटाले में मदन मित्रा पर ED ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने नगर पालिका भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच में अब तक सामने आया है कि मदन मित्रा ने कथित तौर पर विभिन्न नगर पालिकाओं, खासकर कमरहाटी नगर पालिका में अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति कराने के बदले बिचौलियों के जरिए नकद और सोने के रूप में रिश्वत ली थी।

दो दिन पहले अभिषेक बनर्जी से लंबी पूछताछ

यह छापेमारी ऐसे समय हुई, जब महज दो दिन पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने राज्य विधानसभा से जुड़े कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में बनर्जी से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों की ओर से उन्हें हाल ही में कई नए समन भी जारी किए गए हैं।

ममता को कल्याण बनर्जी ने भी दे दिया अल्टीमेटम! बोले- अभिषेक बनर्जी अगर टीएमसी में तो मैं नहीं रहूंगा

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पश्चिम बंगाल की सत्ता का 15 साल तक सिरमौर रहीं ममता बनर्जी और उनकी अगुवाई वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस मुश्किल में हैं। एक के बाद एक नेता टीएमसी से किनारा कर रहे हैं। पार्टी के कई राज्यसभा सांसदों ने अपने पद से इस्तीफे दे दिया है तो लोकसभा के 20 सांसद उनके खिलाफ चले गए हैं। अब टीएमसी के सबसे सीनियर चेहरों में से एक कल्याण बनर्जी ने भी तल्ख तेवर दिखाए हैं।

अभिषेक या फिर मेरे जैसे वफादारों-कल्याण मुखर्जी

पिछले कुछ दिनों से ममता के समर्थन में बयान देने वाला कल्याण बनर्जी ने अब बड़ा ऐलान कर दिया है। ममता बनर्जी को सीधी चेतावनी देते हुए कल्याण ने साफ कह दिया है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। कल्याण बनर्जी ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को यह अल्टीमेटम दे दिया है कि या तो वह अभिषेक को चुन लें, या फिर मेरे जैसे वफादारों को। उन्होंने कहा कि मैं ममता बनर्जी के साथ हूं। लेकिन अगर अभिषेक बनर्जी टीएमसी में रहेंगे तो मैं इस पार्टी का हिस्सा नहीं बनूंगा।

अभिषेक एक घमंडी आदमी- कल्याण बनर्जी

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि अभिषेक एक घमंडी आदमी है। उनके घमंडी रवैये के कारण मेरे लिए पार्टी में काम करना मुश्किल हैं। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर केस से भी खुद को अलग करने का ऐलान किया और कहा कि अभिषेक बनर्जी ने कभी भी मुझपर भरोसा नहीं किया और आगे भी नहीं करेंगे।

या तो आप अभिषेक को रखिए या फिर हमें छोड़िए-कल्याण बनर्जी

सेरामपुर से तृणमूल कांग्रेस के सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने बेहद तल्ख लहजे में कहा, “मैं पिछले 45 सालों से वकालत के पेशे में हूं और राजनीति का भी लंबा अनुभव है। मैं इस तरह का घमंडी और अपमानजनक रवैया कतई बर्दाश्त नहीं करूंगा। मैं ममता दीदी से साफ कहूंगा या तो आप अभिषेक को रखिए या फिर हमें छोड़ दीजिए।

राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच अहम बैठक, TMC की अंदरूनी बगावत के बीच क्यों खास है ये मुलाकात

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पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मचे घमासान ने सियासी तापमान बढ़ा रखा है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच मुलाकात हुई है। करीब डेढ़ घंटे तक चली मुलाकात ने नई अटकलों को जन्म दिया है।

टीएमसी में सियासी खींचतान के बीच मुलाकात

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को नई दिल्ली में 10 जनपथ पर मुलाकात की।यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर कुछ नेताओं ने बगावती तेवर दिखाए हैं।

कांग्रेस-चीएमसी संबंधों पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के बीच पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के संबंधों को लेकर गंभीर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी चर्चा की कि भविष्य में दोनों दल भाजपा के खिलाफ किस तरह की रणनीति अपना सकते हैं। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले संभावित उपचुनावों में तालमेल या सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और विपक्षी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का मुद्दा भी बातचीत के केंद्र में रहा।

एक दिन पहले हुई थी ममता-सोनिया की मुलाकात

यह बैठक ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के ठीक एक दिन बाद हुई है। मंगलवार को ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी के आवास पर जाकर उनसे बात की थी। उस दौरान दोनों नेताओं ने विपक्षी गठबंधन को और ज्यादा मजबूत करने के रास्तों पर चर्चा की थी।