तपोवन मंदिर पहुँचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन: श्री राम जानकी के चरणों में टेका मत्था, राज्य की खुशहाली की मांगी दुआ

रांची | 27 मार्च 2026: रामनवमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भक्तिमय समागम में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री दंपत्ति ने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरणों में शीश नवाकर राज्य की उन्नति, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

"प्रभु श्री राम के आदर्शों को जीवन में उतारें"

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समस्त राज्यवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

"आज आस्था के इस भव्य समागम में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान श्री राम के आदर्श हमें धर्म और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। हमें उनके मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। मेरी मंगलकामना है कि प्रभु श्री राम आप सभी की मनोकामनाएं पूरी करें।"

सामाजिक समरसता और सद्भाव की अपील

मुख्यमंत्री ने रांची की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्राओं का तपोवन मंदिर में मिलन एक ऐतिहासिक दृश्य होता है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस महापर्व को पूरी श्रद्धा, उमंग और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। सामाजिक सद्भाव और समरसता के साथ इस आयोजन को यादगार बनाने का आह्वान किया।

तपोवन मंदिर के सौंदर्यीकरण पर जोर

मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर की अपनी एक अलग पहचान है। राज्य सरकार इस पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए मंदिर के सौंदर्यीकरण और भव्यता की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मंदिर को एक नया और भव्य स्वरूप प्रदान करने का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

भक्तिमय रहा माहौल

पूजा के दौरान तपोवन मंदिर परिसर 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित महंत और मंदिर समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मुख्यमंत्री ने आम श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री आवास में गूँजी 'जय श्री राम' की गूँज: हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने की रामनवमी पूजा-अर्चना

राँची | 27 मार्च 2026: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव, रामनवमी के पावन अवसर पर आज पूरा झारखंड भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने भी अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ मिलकर मुख्यमंत्री आवास स्थित मंदिर में पूरी आस्था और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

विधि-विधान से हुआ पूजन

मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन ने रामनवमी के शुभ मुहूर्त पर मंदिर में भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और भक्त हनुमान की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। उन्होंने पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा की और भगवान को भोग लगाकर आरती की। इस दौरान पूरा मुख्यमंत्री आवास 'जय श्री राम' और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा।

राज्य की सुख-समृद्धि की कामना

पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने भगवान राम से झारखंड के सवा तीन करोड़ जनता के लिए आशीर्वाद मांगा। उन्होंने विशेष रूप से राज्य के सर्वांगीण विकास, सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान राम का आशीर्वाद सभी राज्यवासियों पर बना रहे और प्रदेश उन्नति की नई ऊंचाइयों को छुए।

पारिवारिक और आध्यात्मिक माहौल

यह आयोजन अत्यंत निजी और आध्यात्मिक रहा, जिसमें मुख्यमंत्री परिवार के अन्य सदस्य और सीमित कर्मचारी भी शामिल हुए। पूजा के बाद सभी उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी सभी राज्यवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपील की है कि यह महापर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया जाए।

मुख्यमंत्री आवास में गूँजी 'जय श्री राम' की गूँज: हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने की रामनवमी पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत पूर्व अधिकारी जे.एन. सिंह को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

रांची | 26 मार्च 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को राज्य सरकार के पूर्व अधिकारी स्वर्गीय जे.एन. सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री रांची के पिस्का मोड़ स्थित शारदा बैटरी गली पहुँचे, जहाँ उन्होंने दिवंगत आत्मा को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

शोक संतप्त परिवार से की मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, श्री विनोद कुमार सिंह के आवासीय परिसर पहुँचे और स्वर्गीय जे.एन. सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दुख की घड़ी में मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ काफी समय बिताया और श्री विनोद कुमार सिंह एवं उनके परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री का शोक संदेश

जे.एन. सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

"स्वर्गीय जे.एन. सिंह जी ने एक निष्ठावान अधिकारी के रूप में राज्य की सेवा की है। उनका निधन समाज और उनके परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को यह भारी दुख सहने की शक्ति दें।"

प्रमुख उपस्थिति

श्रद्धांजलि सभा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने दिवंगत पूर्व अधिकारी के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।


ग्रिड सब-स्टेशन डकैती कांड का पर्दाफाश सात अपराधी गिरफ्तार, भारी मात्रा में सामान बरामद*

सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा

पिठौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कोल्हया कनादू स्थित 132/33 केवी ग्रिड सब-स्टेशन में हुई बहुचर्चित डकैती कांड का रांची पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में सात अपराधियों को गिरफ्तार किया है तथा लूटे गए सामान का बड़ा हिस्सा बरामद किया गया है। दिनांक 23/24 मार्च 2026 की रात लगभग 12–15 की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने ग्रिड सब-स्टेशन पर धावा बोल दिया। अपराधियों ने ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों एवं कर्मचारियों को बंधक बना लिया और बेखौफ होकर लूटपाट को अंजाम दिया। अपराधियों द्वारा लूटे गए सामान में शामिल हैं: लगभग ₹4 लाख मूल्य के कॉपर वाइंडिंग तार 2 एनवीआर सिस्टम 6 अर्थ स्विच ब्लेड कंट्रोल रूम से टॉर्च कर्मचारियों से ₹13,300 नकद

इस संबंध में सहायक परिचालक विजय कुमार के आवेदन पर पिठौरिया थाना कांड संख्या-27/26 दर्ज किया गया।

SIT गठित, तकनीकी जांच से सफलता

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं वरीय पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी एवं गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अपराधी

रंजीत मोदी,शशि सिंह,जिदु कुमार सिंह,मो. अरमान,शुभम कुमार,रिंकु अंसारी,शाहिद अंसारी

सभी रामगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी

बरामदगी

पुलिस ने छापेमारी के दौरान निम्नलिखित सामान बरामद किया:

करीब 100 किलो तांबा तार 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन 2 टेम्पो एवं 2 मोटरसाइकिल ₹12,600 नकद

कॉपर काटने के औजार एवं अन्य सामग्री

अपराध की सुनियोजित साजिश

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपराधियों ने घटना से पहले कई दिनों तक रेकी (निगरानी) की थी। कुल 15 अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है, जो लूट, परिवहन और सामान खपाने में शामिल थे।

लूटे गए कॉपर तार को कबाड़ी कारोबारी रंजीत मोदी समेत अन्य दुकानों में बेच दिया गया था, जिसके बाद रकम का आपस में बंटवारा किया गया।

आपराधिक इतिहास

जांच के दौरान जिदु कुमार सिंह एवं शाहिद अंसारी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।

पुलिस टीम की भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) अमर कुमार पाण्डेय ने किया। टीम में असीत कुमार मोदी, पुलिस निरीक्षक पश्चिम) सदर ( पिठौरिया  थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडे अवर निरीक्षक संतोष यादव,संजय कुमार,सुनील कुमार दास, इकबाल हुसैन, सत्यदेव प्रसाद, दीनबंधु दुबे,संतोष महतो एवं नामकुम थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल शामिल रहे।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालते हुए अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है

रांची पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते एक बड़ी डकैती का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

हजारीबाग: कुसुंबा में मासूम से दरिंदगी पर भड़के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, कल पीड़ित परिवार से करेंगे मुलाकात

हजारीबाग/विष्णुगढ़ | 26 मार्च 2026: हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत कुसुंबा गांव में 12 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और फिर उसकी निर्मम हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री आदित्य साहू ने राज्य सरकार और कानून-व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है।

कल कुसुंबा गाँव जाएंगे आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री आदित्य साहू कल, 27 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे कुसुंबा गांव पहुंचेंगे। वे पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाएंगे और इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे।

"बेटियों की पूजा के समय दरिंदगी, बेखौफ हैं अपराधी"

श्री साहू ने घटना की तीव्र भर्त्सना करते हुए कहा कि यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता का प्रमाण है। उन्होंने कहा:

"एक तरफ नवरात्रि का पवित्र त्योहार चल रहा है जहाँ घरों में बेटियों की पूजा हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक मासूम के साथ ऐसी हैवानियत की जा रही है। यह बताता है कि राज्य में अपराधियों के मन से पुलिस का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अपराधी बेखौफ हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।"

सरकार और प्रशासन से तीखे सवाल

सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं राज्य को बार-बार कलंकित कर रही हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? क्या निर्दोष बेटियों की जान यूँ ही जाती रहेगी? उन्होंने मांग की है कि:

आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिले जिनके लिए व्यवस्था बनाई गई है....बाबूलाल मरांडी

भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा... यानी धर्म परिवर्तन के बाद वह व्यक्ति आरक्षण या अन्य संवैधानिक लाभों का दावा नहीं कर सकता।

कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह उस सामाजिक संरचना से बाहर हो जाता है, जिसके आधार पर उसे आरक्षण का अधिकार मिला था। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा आरक्षित वर्ग के लाभों का दावा करना संविधान की भावना के विपरीत माना गया है।

कहा कि हाल के वर्षों में यह भी देखा गया है कि कुछ संगठित नेटवर्क लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके पीछे सामाजिक या आर्थिक लाभ की सोच भी जुड़ी रहती है। इस तरह के प्रयास न केवल समाज में भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि आरक्षण जैसी संवेदनशील व्यवस्था का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि वास्तविक हकदारों को ही इसका लाभ मिल सके।

कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनके उत्थान के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।

रांची: रामनवमी और CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा एक ही दिन, जिला प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाईजरी


रांची | 26 मार्च 2026: राजधानी रांची में कल, 27 मार्च 2026 को रामनवमी का महापर्व और CBSE 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक साथ होने जा रही है। इस विशेष संयोग को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक योजना तैयार की गई है।

ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन

रामनवमी के भव्य जुलूस और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों तक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) निर्धारित किए हैं।

विशेष प्रतिनियुक्ति: सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई है।

समन्वय: जुलूस मार्ग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों और परीक्षार्थियों से विशेष अपील

जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से कुछ महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:

समय से पहले निकलें: त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले घर से निकलें।

अफवाहों से बचें: किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

निर्देशों का पालन: प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का संकल्प

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनवमी के पर्व और बोर्ड परीक्षा, दोनों का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का गढ़वा दौरा, विकास योजनाओं की हुई समीक्षा।

गढ़वा :- झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुरुवार को गढ़वा जिले का दौरा किया। इस अवसर पर समिति द्वारा परिसदन भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति -सह- माननीय विधायक गढ़वा- 80 विद्यानसभा क्षेत्र सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में झारखंड विधानसभा के उपसचिव कुंदन सिंह, एसओ उमेश कुमार एवं निजी सचिव गौतम कुमार उपस्थित रहें।

वहीं बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस क्रम में विधायक फंड, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान, सड़क निर्माण, विभिन्न संरचना निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

वहीं समिति द्वारा विभिन्न सड़क निर्माण के दौरान अधिग्रहित किए गए भूमि के एवज में मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण एवं मुआवजा राशि के भुगतान में हर समस्याओं व शिकायत का समय समाधान निकालने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य के अनुरूपधन अधिप्राप्ति किए जाने संबंधी अधिकतम प्रतिवेदन से अवगत होते हुए पैक्स के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एसी/डीसी बिल के मामलों पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, खनन विभाग, भवन प्रमंडल, पीएचईडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। शहिद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को रंका रमकंडा क्षेत्र के विश्रामपुर व बलीगढ़ में पुनर्वासित करने के मामले की समीक्षा की गई एवं इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पुल पुलिया का निर्माण, छात्रावास निर्माण, राशन वितरण, खेल विभाग द्वारा बनाया जा रहे हैं खेल मैदानों की की समीक्षा, बालू घाटों की नीलामी की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं बहाली की समीक्षा, गढ़वा जिले से मजदूरों के पलायन के मुद्दे, जिले में लंबित म्युटेशन की समीक्षा, सामाजिक वानिकी के तहत लिए गए योजनाओं की समीक्षा एवं विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों समेत ग्रामीण एवं शहरी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।

वहीं इस अवसर पर समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

वहीं बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, डीआरडीबी निदेशक प्रमेश कुशवाहा, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंतागण, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान व वरीय पदाधिकारीगण समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहें।।

रामनवमी को लेकर रांची में अलर्ट, डीजीपी ने की शहर की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा

रांची, 26 मार्च रामनवमी पर्व को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार की देर रात झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में रांची एसएसपी कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने, संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने तथा जुलूस और शोभायात्रा के रूट का भौतिक सत्यापन करने पर जोर दिया।

इसके साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे।