अंश-अंशिका अपहरण कांड का 8वां दिन: कल रांची की सड़कों पर निकलेगा मशाल जुलूस, 11 जनवरी को HEC क्षेत्र में महाबंद।

रांची: मौसीबाड़ी (मल्लारकोचा) से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 8वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। इसके विरोध में और बच्चों की सकुशल वापसी की मांग को लेकर 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शुक्रवार को समिति के सदस्यों ने धुर्वा बस स्टैंड, जेपी मार्केट (सेक्टर 2) और झोपड़ी मार्केट में नुक्कड़ सभाएं कर स्थानीय दुकानदारों और आम जनता से 11 जनवरी के 'एचईसी बंद' को सफल बनाने का आह्वान किया।

मशाल जुलूस की तैयारी समिति के संयोजक कैलाश यादव ने बताया कि कल, 10 जनवरी को शाम 4:30 बजे मौसीबाड़ी और पुराना विधानसभा से एक विशाल शांतिपूर्ण मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह पद मार्च भगवान बिरसा चौक तक जाएगा, जहाँ भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष बच्चों की सलामती की प्रार्थना की जाएगी।

प्रशासन को सहयोग और सवाल दोनों कैलाश यादव ने कहा कि "हम बच्चों को खोजने में जुटी पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं और उनका मनोबल बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन जब तक अंश और अंशिका घर नहीं लौटते, हमारे लोकतांत्रिक सवाल जारी रहेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पुलिस की सक्रियता बढ़ी है, लेकिन यदि यही गंभीरता पहले दिन दिखाई गई होती तो शायद अब तक सफलता मिल गई होती।

जनता का समर्थन कांग्रेस के धुर्वा मंडल अध्यक्ष सह समिति सदस्य रंजन यादव ने कहा कि परिजनों के टूटते सब्र और जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए समिति ने बंद का कड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने क्षेत्र के सभी व्यापारियों और हाट-बाजार संचालकों से मानवीय संवेदना के आधार पर स्वैच्छिक बंद रखने की अपील की है।

झारखंड की किशोरियों को मिल रहा है सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ

झारखंड सरकार किशोरियों एवं महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने हेतु निरंतर आगे बढ़ रही है ताकि झारखण्ड एक स्वस्थ और सशक्त प्रदेश बन सके। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच झारखंड की हर महिला को सम्मान और किशोरियों को बेहतर शिक्षा और बेहतर जीवन के साथ ऊँचाईयों तक पहुँचने के सभी अवसर मिले । इसी सोच के साथ झारखण्ड सरकार द्वारा बालिकाओं के शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरूआत 2022-23 वित्तीय वर्ष में की गई है।

स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध मिलती है चालीस हजार रूपया की प्रोत्साहन राशि

इस योजना के अंतर्गत स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध चालीस हजार रूपया प्रोत्साहन राशि प्रदान कर शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि वे सब अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकें।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया की गई है शुरू

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू किया गया है।

आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा के सभी बालिकाएं अपने विद्यालय से अबुआ सरकार की इस महत्वकांक्षी सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर जल्द से जल्द आवेदन कर के अपनी शिक्षा और सशक्तिकरण की उड़ान भरने की तैयारी करें।

अब तक 6,07,467 बालिकाओं का ऑनलाइन आ चुका है आवेदन

बता दें कि अब तक 6,07,467 बालिकाओं का आवेदन ऑनलाइन आ चुका है इनमें से 2,78,463 बालिकाओं को 104 करोड़ 65 लाख से अधिक राशि भुगतान की जा चुकी है एवं शेष लाभुकों की भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूरे राज्य में अबतक ई विद्यावाहिनी में अंकित 15007 विद्यालय में से 13,469 विद्यालय से आवेदन प्राप्त हुआ है। शेष विद्यालय से आवेदन प्राप्त करने हेतु आवश्यक निर्देश शिक्षा विभाग में कार्यरत क्षेत्रीय कर्मियों को दी गई है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को ससमय निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का संबंधित विभागीय पोर्टल (savitribaipksy.jharkhand.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का निष्पादन ससमय होनिया हेतु संबंधित पदाधिकारियो, कर्मियों, प्रधानाध्यापक, BEEO एवं प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही समय समय पर तकनीकी सहयोग प्रदान भी किया जा रहा है।

योजना से लाभान्वित किये जाने संबंधी अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी या विद्यालयों के प्रधानाध्यापक / BEEO या प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

आदित्यपुर में स्वास्थ्य क्रांति: सीएम हेमन्त सोरेन ने किया NSMCH के पहले MBBS बैच का शुभारंभ, कहा— "5 साल में होंगे 30 मेडिकल कॉलेज।"

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NSMCH) में एमबीबीएस पाठ्यक्रम (प्रथम बैच) का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने से न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।

अगले 5 वर्षों का 'हेल्थ रोडमैप' मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अपना विजन साझा करते हुए कहा कि सरकार एक मजबूत 'हेल्थ इको सिस्टम' तैयार कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेजों की संख्या को अगले 5 वर्षों में बढ़ाकर 25 से 30 करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा, "जब चुनौतियां सामने होती हैं, तभी काम करने का असली आनंद भी मिलता है।"

छात्रों से अपील: बेहतर चिकित्सक बनें एमबीबीएस के पहले बैच के विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 वर्षों बाद जब आप यहाँ से अपनी पढ़ाई पूरी कर निकलेंगे, तो समाज को आपसे बहुत उम्मीदें होंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि ये विद्यार्थी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक संवेदनशील और बेहतर चिकित्सक के रूप में सेवा देंगे।

बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि झारखंड में अधिक से अधिक बेहतर अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और विशेषज्ञ चिकित्सक आएं, ताकि यहाँ के लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।

समारोह में गरिमामय उपस्थिति इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, सांसद श्रीमती जोबा मांझी, विधायक दशरथ गागराई, सविता महतो, समीर मोहंती, मंगल कालिंदी, सोमेश चंद्र सोरेन, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह और संस्थान के अध्यक्ष मदन मोहन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

झारखंड को मिले नए मुख्य न्यायाधीश: जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनाक ने ली शपथ, राज्यपाल ने दिलाई पद और गोपनीयता की जिम्मेदारी।

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनाक ने आज अपने पद और गोपनीयता की शपथ ली। राजभवन के बिरसा मंडप में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें शपथ दिलाई।

गरिमामय उपस्थिति शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और न्यायिक सेवा से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। शपथ ग्रहण के उपरांत राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य न्यायाधीश को उनके नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।

जस्टिस तरलोक सिंह चौहान का स्थान लिया नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सोनाक का कार्यकाल 28 नवंबर 2026 तक रहेगा। उन्होंने जस्टिस तरलोक सिंह चौहान का स्थान लिया है, जिन्हें बीते कल (8 जनवरी) एक भव्य 'फुल कोर्ट फेयरवेल' के माध्यम से विदाई दी गई थी।

जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनाक का परिचय

जन्म: 28 नवंबर 1964।

शिक्षा: गोवा के पणजी से स्कूली शिक्षा प्राप्त करने के बाद एमएस कॉलेज ऑफ लॉ से प्रथम श्रेणी में एलएलबी किया।

विशेष योग्यता: पुर्तगाली भाषा में डिप्लोमा भी हासिल किया है।

करियर: अक्टूबर 1988 में बार काउंसिल में नामांकित हुए। उन्होंने मुंबई हाईकोर्ट की पणजी पीठ में नागरिक, संवैधानिक, पर्यावरण और कंपनी कानून जैसे विविध क्षेत्रों में वकालत की।

न्यायिक सफर: 21 जून 2013 को मुंबई उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए और 2 मार्च 2016 को स्थायी न्यायाधीश बने।

जयराम महतो का ढुल्लू महतो पर सीधा वार: "सांसद के पास है 40 हजार करोड़ की संपत्ति, सरकार करे उच्चस्तरीय जांच।"

धनबाद: डुमरी विधायक और जेबीकेएसएस (JBKSS) नेता जयराम महतो गुरुवार को धनबाद पहुंचे। बोकारो के बीएसटी थाना में दर्ज 'सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने' के एक मामले में उन्होंने धनबाद कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कोर्ट से बाहर निकलने के बाद जयराम महतो ने मीडिया से बातचीत करते हुए धनबाद सांसद ढुल्लू महतो के खिलाफ जमकर जुबानी हमला बोला और उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।

40 हजार करोड़ की संपत्ति और सुप्रीम कोर्ट का हवाला जयराम महतो ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका के अनुसार सांसद ढुल्लू महतो ने लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को जांच का आदेश दिया है। सरकार को चाहिए कि वह सांसद और उनके तीन व्यावसायिक पार्टनर्स की संपत्ति की गहन जांच कराए।" जयराम ने इस दौरान सांसद के कथित करीबियों के नामों का खुलासा करने का भी दावा किया।

राम मंदिर निर्माण पर उठाए सवाल सांसद ढुल्लू महतो द्वारा बनाए गए राम मंदिर पर कटाक्ष करते हुए विधायक जयराम ने कहा कि धर्म का सहारा लेकर गलत कारनामों को छुपाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि "बिना सार्वजनिक चंदे के इतना भव्य मंदिर कैसे खड़ा हो गया? लोग एक मंदिर बनाने में पूरी उम्र लगा देते हैं, लेकिन इनके पास इतनी अकूत संपत्ति कहाँ से आई, यह बड़ा सवाल है।"

निकाय चुनाव और पेसा कानून पर रुख राजनीतिक मुद्दों पर बात करते हुए जयराम महतो ने भाजपा की उस मांग का समर्थन किया जिसमें नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने की बात कही गई है। वहीं, पेसा (PESA) कानून को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इसकी गहन समीक्षा करने की आवश्यकता है।

अंश-अंशिका अपहरण कांड: 7 दिन बीते पर पुलिस के हाथ खाली, 10 को मशाल जुलूस और 11 जनवरी को संपूर्ण HEC क्षेत्र बंद।

रांची: मौसीबाड़ी (मल्लारकोचा) से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 7 दिन बीत जाने के बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस प्रशासन द्वारा गठित SIT और भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद परिणाम शून्य रहने से नाराज 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। गुरुवार को समिति के संयोजक कैलाश यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई।

11 जनवरी को HEC क्षेत्र बंद का आह्वान समिति ने निर्णय लिया है कि मासूम बच्चों की सुरक्षित वापसी के प्रति संवेदना व्यक्त करने और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए 11 जनवरी 2026 को संपूर्ण एचईसी (HEC) क्षेत्र बंद रहेगा। इस दौरान आवासीय क्षेत्रों के बाजार, हाट और दुकानों को स्वतः बंद रखने की अपील की गई है।

कल से शुरू होगा जनसंपर्क बंद के समर्थन और जनजागरूकता के लिए कल, 9 जनवरी को शाम 4 बजे से धुर्वा बस स्टैंड, जेपी मार्केट, सेक्टर 2 और झोपड़ी मार्केट में नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अगले दिन, 10 जनवरी को पुराना विधानसभा से बिरसा चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा।

प्रशासनिक वादों पर सवाल संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि 6 जनवरी को एसएसपी (SSP) ने जल्द खुशखबरी देने का वादा किया था, लेकिन आज 7 दिन हो गए और परिजनों की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा, "हम प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा प्रहरी के रूप में प्रशासन की विफलता पर हमारे लोकतांत्रिक सवाल जारी रहेंगे।"

बैठक में बच्चों के पिता सुनील यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक अंश और अंशिका घर नहीं लौटते, यह संघर्ष थमेगा नहीं।

IICDEM 2026: भारत मंडपम में गूँजेगी भारतीय चुनाव प्रबंधन की धमक, 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि होंगे शामिल।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आगामी 21 से 23 जनवरी, 2026 तक नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में आयोजित होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM) की रूपरेखा तैयार करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) का एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया। यह सम्मेलन चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और नेतृत्व को प्रदर्शित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्य चुनाव आयुक्त का संबोधन भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर सभी CEOs को संबोधित किया। उन्होंने सम्मेलन की बारीकियों को स्पष्ट करते हुए बताया कि चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) के वैश्विक नेटवर्क में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

36 विषयगत समूहों का गठन सम्मेलन के दौरान चुनाव प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए 36 थिमैटिक (विषयगत) ग्रुप बनाए गए हैं। इनका नेतृत्व राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी करेंगे। इन समूहों का मुख्य कार्य:

चुनाव प्रक्रियाओं में नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना।

अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानकों के अनुरूप ज्ञान का भंडार विकसित करना।

वैश्विक स्तर पर चुनाव प्रबंधन की चुनौतियों का समाधान खोजना।

दिग्गज संस्थानों की सहभागिता IICDEM 2026 केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि इसमें अकादमिक और तकनीकी विशेषज्ञों का भी संगम होगा। इस सम्मेलन में 4 IIT, 6 IIM, 12 NLU और IIMC जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान अपनी विशेषज्ञता साझा करेंगे।

वैश्विक मंच पर भारत का नेतृत्व इस सम्मेलन में दुनिया भर से लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें और 36 ब्रेकआउट सत्र प्रस्तावित हैं। सम्मेलन का एक मुख्य आकर्षण 'ECINET' (चुनाव प्रबंधन निकाय नेटवर्क) का शुभारंभ भी होगा, जो वैश्विक स्तर पर चुनाव निकायों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा।

पड़हा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या, पत्नी के सामने अपराधियों ने सीने में दागी गोलियां।

झारखंड के खूंटी जिले में अज्ञात अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी. घटना खूंटी थाना क्षेत्र के जमुवादाग के समीप हुई, जहां अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं.

खूंटी थाना क्षेत्र के जमुआदाग के समीप अज्ञात अपराधियों ने पड़हा राजवंश से जुड़े आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी. हमला उस समय हुआ जब सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ बाइक से खूंटी से अपने गांव चलांगी लौट रहे थे. गोली लगने से सोमा मुंडा की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

सोमा मुंडा की पत्नी ने बताया कि वे दोनों खूंटी गए थे और जमुआदाग के रास्ते से होकर गांव लौट रहे थे. जमुआदाग स्थित तालाब के पास पहुंचते ही पीछे से एक बाइक पर सवार दो लोग आए. उन्होंने ओवरटेक करते हुए दो राउंड गोली चलाई. एक गोली सोमा मुंडा के सीने में लगी. गोली लगने के बाद सोमा मुंडा ने बाइक रोककर खूंटी की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत बिगड़ गई और वे गिर पड़े. गोली चलाने के बाद हमलावर मंदरूटोली की ओर फरार हो गए.

पत्नी ने आगे बताया कि कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर पर बैठकर वे कुछ दूरी तक गईं. फिर ऑटो पकड़कर खूंटी थाना पहुंचीं और पुलिस को घटना की जानकारी दी.

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, जांच टीम गठित

सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सोमा मुंडा को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.डीएसपी वरुण रजक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमा मुंडा की पत्नी ने खूंटी थाने में सूचना दी थी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर शव को अस्पताल भेजा, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हत्याकांड की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है. अपराधियों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है. मामले की गहन जांच की जा रही है.

हत्याकांड की जांच के लिए टीम गठित- डीएसपी

सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सोमा मुंडा को अस्पताल ले गई. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डीएसपी वरुण रजक ने घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सोमा मुंडा की पत्नी ने खूंटी थाने की पुलिस को सूचना दी है. सूचना पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंची और सोमा मुंडा को अस्पताल भेजा गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डीएसपी ने बताया कि हत्याकांड की जांच के लिए टीम बना दी गई है. मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि अपराधियों की धर पकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है.

गुरुवार को खूंटी बंद का ऐलान

सोमा मुंडा स्थानीय आदिवासी समुदाय में प्रमुख नेता थे और पड़हा राजा के रूप में जाने जाते थे. वो झारखंड पार्टी के एक जुझारू कर्मठ नेता, शिक्षाविद और आदिवासी समन्वय समिति, खूंटी जिला के संयोजक भी थे. आदिवासी समुदाय में सोमा मुंडा की हत्या से आक्रोश है. स्थानीय लोग दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. मामले की आगे की जांच जारी है.

इधर खूंटी की आदिवासी समन्वय समिति ने इस हत्याकांड पर अपने प्रतिक्रिया देते हुए इसे सामाजिक और राजनीतिक हत्या बताया है. इस हत्या का विरोध में गुरुवार यानी 8 जनवरी 2026 को खूंटी बंद का आह्वान किया गया है.

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रांची अपहरण कांड: 6 दिन बाद भी सुराग नहीं, अब 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' लड़ेगी बच्चों की सुरक्षित वापसी की जंग।

रांची: मौसीबाड़ी खटाल (मल्लारकोचा) से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। बुधवार को अपहृत बच्चों के पिता सुनील यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

संघर्ष समिति का गठन और कैलाश यादव को कमान बैठक में सर्वसम्मति से 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' के गठन का निर्णय लिया गया। बच्चों की सकुशल वापसी के लिए चलाए जा रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राजद नेता कैलाश यादव को इस समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है। उनके साथ 35 सदस्यीय संयोजक मंडल का भी गठन किया गया है जो आगामी रणनीति पर कार्य करेगा।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि अपहरण के शुरुआती दिनों में प्रशासन ने ढिलाई बरती। हालांकि पिछले दो दिनों से पुलिस की कार्रवाई में तेजी आई है, लेकिन अभी तक परिणाम शून्य है। उन्होंने कहा, "शासन और प्रशासन नागरिक सुरक्षा के प्रति जवाबदेह हैं, वे अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। परिजन अब धैर्य खो रहे हैं।"

मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि वे किसी भी बड़े आंदोलन की घोषणा करने से पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे। कल मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा जाएगा ताकि एक विशेष प्रतिनिधिमंडल उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करा सके। समिति ने यह भी अपील की है कि रांची और राज्य के लोग मानवता के नाते इन मासूम बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए दुआ करें।

दावोस में पहली बार गूँजेगा 'जोहार': विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की खनिज संपदा और निवेश की संभावनाओं का होगा प्रदर्शन।

रांची/दावोस: झारखंड के इतिहास में पहली बार 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में झारखंड की सशक्त उपस्थिति दर्ज होगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल वैश्विक मंच पर न केवल निवेश का न्योता देगा, बल्कि झारखंड को एक 'इनफाइनाइट अपॉर्चुनिटी स्टेट' (Infinite Opportunity State) के रूप में स्थापित करेगा।

आदिवासी नेतृत्व और वैश्विक संवाद यह गौरव का विषय है कि पहली बार एक आदिवासी जनप्रतिनिधि के रूप में हेमन्त सोरेन विश्व के टॉप निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच अपनी बात रखेंगे। मुख्यमंत्री का उद्देश्य झारखंड की विजन-2050 की रूपरेखा साझा करना और राज्य को देश के अग्रणी निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में पेश करना है।

प्रमुख फोकस क्षेत्र (Focus Sectors): झारखंड प्रतिनिधिमंडल वैश्विक उद्योग जगत के साथ निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेगा:

क्रिटिकल मिनरल्स और आधुनिक खनन

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऑटोमोबाइल

अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy)

टेक्सटाइल (वस्त्र निर्माण) और वनोत्पाद

पर्यटन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

'इंडिया पवेलियन' में झारखंड की चमक भारत सरकार ने इस प्रतिष्ठित बैठक के लिए देश के केवल छह राज्यों को चुना है, जिनमें झारखंड भी शामिल है। झारखंड अपनी विशेष थीम "GROWTH IN HARMONY WITH NATURE" (प्रकृति के साथ समन्वय में विकास) के साथ वहां मौजूद रहेगा। गौरतलब है कि इस शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि भाग लेंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन? विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन दुनिया का सबसे प्रभावशाली मंच माना जाता है। यहाँ झारखंड की उपस्थिति से वैश्विक वित्तीय संस्थानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी।