अग्निवीर भर्ती रैली: झारखंड के शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, 18 मार्च को बोधगया में होगी रैली।


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रांची: आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस, रांची ने झारखंड के सभी जिलों के उन अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक सूचना जारी की है, जिन्हें अग्निवीर भर्ती के द्वितीय चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन अभ्यर्थियों के लिए भर्ती रैली का आयोजन बिहार के बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय मैदान में किया जाएगा।

पुरुष अभ्यर्थियों के लिए कार्यक्रम:

पुरुष अभ्यर्थियों के लिए भर्ती रैली की तिथि 18 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। सभी शॉर्टलिस्टेड पुरुष अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे 17 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक रैली स्थल पर अनिवार्य रूप से रिपोर्ट करें। प्रवेश द्वार (गेट) रात्रि 12:30 बजे खोल दिया जाएगा।

महिला सैन्य पुलिस (WMP) के लिए निर्देश:

शॉर्टलिस्टेड बालिका अभ्यर्थियों को 16 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। उनकी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और PMT का आयोजन 17 मार्च 2026 को किया जाएगा।

महत्वपूर्ण निर्देश:

अभ्यर्थी अपने साथ सभी आवश्यक मूल प्रमाण पत्र, एडमिट कार्ड और संबंधित दस्तावेज जरूर लाएं।

निर्धारित समय के बाद आने वाले किसी भी अभ्यर्थी को रैली स्थल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जा सकते हैं।

PVUNL टाउनशिप ग्राउंड में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया होलिका दहन

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पावन पर्व होली के शुभ अवसर पर पीवीयूएनएल परिवार के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने टाउनशिप ग्राउंड में एकत्र होकर पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ ‘होलिका दहन’ का आयोजन किया। इस अवसर पर होलिका दहन की विधि-विधान से पूजा श्री ए.के. सहगल, सीईओ, पीवीयूएनएल एवं श्रीमती रेनु सहगल, अध्यक्षा (स्वर्णरेखा महिला समिति) द्वारा संपन्न की गई। कार्यक्रम में श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री बिश्नु दत्ता दास, जीएम (प्रोजेक्ट) तथा श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, जिसे सभी ने श्रद्धा भाव से मनाया। इस दौरान कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं तथा सामूहिक पूजा-अर्चना में भाग लिया। पूरे वातावरण में भाईचारे, एकता और उत्सव का उल्लास देखने को मिला, जिसने पीवीयूएनएल परिवार की आपसी सद्भावना को और सुदृढ़ किया।

पावन पर्व होली के शुभ अवसर पर पीवीयूएनएल परिवार के कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने टाउनशिप ग्राउंड में एकत्र होकर पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ ‘होलिका दहन’ का आयोजन किया। इस अवसर पर होलिका दहन की विधि-विधान से पूजा श्री ए.के. सहगल, सीईओ, पीवीयूएनएल एवं श्रीमती रेनु सहगल, अध्यक्षा (स्वर्णरेखा महिला समिति) द्वारा संपन्न की गई। कार्यक्रम में श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री बिश्नु दत्ता दास, जीएम (प्रोजेक्ट) तथा श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है, जिसे सभी ने श्रद्धा भाव से मनाया। इस दौरान कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं तथा सामूहिक पूजा-अर्चना में भाग लिया। पूरे वातावरण में भाईचारे, एकता और उत्सव का उल्लास देखने को मिला, जिसने पीवीयूएनएल परिवार की आपसी सद्भावना को और सुदृढ़ किया।

झारखंड के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच निवेश पर अहम बैठक।

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रांची: झारखंड में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा समूह के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन के बीच हुई इस मुलाकात में राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने और नए निवेश प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई।

बैठक के मुख्य बिंदु:

इस बैठक में राज्य सरकार और टाटा समूह के बीच आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। चर्चा का मुख्य केंद्र झारखंड में टाटा समूह की आगामी परियोजनाएं और रोजगार सृजन रहा। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह के लंबे जुड़ाव की सराहना करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक श्री टी.वी. नरेंद्रन, कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष श्री डी.बी. सुंदरा रामम तथा रांची के चीफ रेजिडेंट एक्जीक्यूटिव श्री संजय मोहन श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

झारखंड में टाटा समूह का बड़ा निवेश: नई टेक्नोलॉजी और 'नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री' पर रहेगा फोकस, CM हेमंत सोरेन और एन चंद्रशेखरन ने की साझा प्रेस वार

रांची: झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन ने आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान राज्य में टाटा समूह के भविष्य के निवेश और विस्तार योजनाओं की जानकारी साझा की।

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मुख्यमंत्री का संबोधन: झारखंड और टाटा का अटूट रिश्ता

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि टाटा समूह और झारखंड का रिश्ता ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा, "टाटा समूह ने अपने सफर की शुरुआत झारखंड की मिट्टी से की थी और आज यह वैश्विक पहचान बना चुका है। देश और राज्य के विकास में इस समूह का योगदान अतुलनीय है।" मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

टाटा सन्स के चेयरमैन ने की 'झारखंड मॉडल' की सराहना

टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की प्रशंसा करते हुए कहा कि झारखंड में निवेश के लिए आज एक अनुकूल माहौल (Investment Friendly Climate) तैयार हो चुका है। राज्य सरकार का रोडमैप निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

निवेश और विकास के मुख्य बिंदु:

नई टेक्नोलॉजी पर निवेश: टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसे मौजूदा प्रतिष्ठानों में अत्याधुनिक तकनीक (New Tech) पर बड़ा निवेश किया जाएगा। इसमें प्रदूषण नियंत्रण और उत्पादन तेज करने पर जोर होगा।

हाइड्रोजन बेस्ड वाहन: राज्य में उन्नत हाइड्रोजन आधारित वाहन निर्माण संयंत्र स्थापित किया गया है, जो भविष्य की तकनीक की दिशा में बड़ा कदम है।

नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री: मुख्यमंत्री की सोच के अनुरूप झारखंड में 'नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज' स्थापित करने के लिए सरकार और टाटा के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी।

CSR का विस्तार: टाटा समूह राज्य में अपने सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का दायरा बढ़ाएगा और इसकी राशि में भी बढ़ोतरी की जाएगी ताकि स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिले।

स्किल डेवलपमेंट: राज्य के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार करने के लिए टाटा समूह स्किल डेवलपमेंट में सरकार का प्रमुख साझीदार बनेगा।

झारखंड: आजीवन कारावास काट रहे 23 कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ, CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बड़ा फैसला

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा करने के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति दी गई है।

गहन समीक्षा के बाद निर्णय

बैठक के दौरान परिषद द्वारा अनुशंसित नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कैदियों के अपराध की प्रकृति, संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों, प्रोबेशन अधिकारियों और न्यायालयों द्वारा दिए गए मंतव्यों को आधार बनाकर यह निर्णय लिया। रिहाई सुनिश्चित करते समय न्यायिक नियमों, सामाजिक सुरक्षा और कारा अधिनियमों का पूर्णतः पालन किया गया है।

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मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:

कैदियों का डेटाबेस: रिहा होने वाले सभी कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि उनकी गतिविधियों और पुनर्वास पर नजर रखी जा सके।

सामाजिक पुनर्वास: सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उनकी आय सृजन और बेहतर सामाजिक जीवन सुनिश्चित करने के लिए जिला समन्वयकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जागरूकता अभियान: डायन-बिसाही जैसे आरोपों में सजा काट चुके कैदियों के क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, गृह एवं कारा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव, जेल आईजी श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रांची के नयासराय में जमीन का खूनी संघर्ष, पुलिस ने 12 अपराधियों को किया गिरफ्तार, हथियार और लग्जरी गाड़ियां बरामद

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रांची : जमीन के कारोबार में अपराधियों की हो रही एंट्री में पुलिस का सर दर्द बढ़ा दिया। ताजा मामला राजधानी के विधानसभा थाना क्षेत्र अंतर्गत नयासराय गांव में 28 फरवरी 2026 की देर रात हुए खूनी संघर्ष के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मौके से हथियार, जिंदा कारतूस और तीन लग्जरी वाहनों समेत कई सामान बरामद किए हैं।

अब समझते है कि जमीन के कारोबार में खूनी संघर्ष का खेल! क्या है पूरा मामला?

दरअसल 28 फरवरी की रात विधानसभा थाना प्रभारी को सूचना मिली कि नयासराय गांव में मारपीट और झगड़ा हो रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां देखा गया कि कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जाकिर अंसारी (57 वर्ष) और उनके पुत्र के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहे थे।

घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए विशेष टीम गठित की और छापेमारी कर 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किये गये अभियुक्तों में छोटू खालखो, कुलदीप खलखो, समेत 12 लोग है। वही इस घटना में दो आरोपी अरुण खलखो और अजय तिर्की भी घायल हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा हैं।

खूनी संघर्ष की इस घटना में पुलिस ने 3.15 बोर की फोल्डेबल राइफल, एक देशी पिस्टल, 7 एमएम के 5 जिंदा कारतूस, एक खाली मैगजीन, 2 स्कॉर्पियो वाहन, एक फॉर्च्यूनर, एक बुलेट मोटरसाइकिल, 12 मोबाइल फोन बरामत की।

सारंडा में भीषण मुठभेड़: नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट और फायरिंग में कोबरा बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो घायल।

चाईबासा/रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे निर्णायक सर्च ऑपरेशन के दौरान रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी (IED) विस्फोट और उसके बाद हुई मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के दो जांबाज गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

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कैसे हुई घटना?

रविवार सुबह कोबरा बटालियन के जवान सारंडा के घने जंगलों में नक्सली ठिकानों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए शक्तिशाली आईईडी में विस्फोट हो गया। इस धमाके की चपेट में आने से असिस्टेंट कमांडेंट अजय मल्लिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

विस्फोट के तुरंत बाद नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में कोबरा बटालियन के हवलदार विक्रम यादव के पेट में गोली लग गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन और इलाज

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने तुरंत रांची से हेलीकॉप्टर भेजा। दोनों घायल जांबाजों को जंगल से सुरक्षित निकालकर एयरलिफ्ट किया गया और बेहतर इलाज के लिए रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।

जंगल में बिछाया 'मौत का जाल'

पिछले 15 दिनों के भीतर सारंडा में यह तीसरी बड़ी घटना है। बताया जा रहा है कि जनवरी महीने में 17 नक्सलियों के मारे जाने के बाद बौखलाए नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को रोकने के लिए जंगल के रास्तों में भारी मात्रा में विस्फोटक (IED) लगा दिए हैं। इन विस्फोटकों की चपेट में न केवल जवान, बल्कि निर्दोष ग्रामीण भी आ रहे हैं। पिछले 15 दिनों में एक ग्रामीण की मौत भी हो चुकी है।

प्रशासन का रुख

पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि नक्सलियों की यह कायराना हरकत उनकी हताशा को दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों का मनोबल ऊंचा है और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए नक्सलियों के खिलाफ अभियान और भी अधिक तीव्रता से जारी रहेगा।

फाइलेरिया मुक्त रांची की कवायद: 15 मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का अल्टीमेटम।

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रांची: फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे 'मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन 2026' अभियान की समीक्षा हेतु शनिवार को उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में अभियान की प्रगति का जायजा लिया गया और लक्ष्य प्राप्ति में कोताही बरतने वालों पर कड़े रुख के संकेत दिए गए।

लापरवाही पर शो-कॉज और कड़े निर्देश

बैठक के दौरान डीडीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो दवा प्रशासक समय पर वितरण कार्य सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं, उन्हें शो-कॉज (कारण बताओ नोटिस) जारी किया जाए। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांके के प्रभारी और बीडीओ को निर्देश दिया कि 15 मार्च 2026 तक हर हाल में छूटी हुई जनसंख्या को दवा खिलाना सुनिश्चित करें।

कांके, सोनाहातु और तमाड़ की रिपोर्ट

अभियान के तहत अब तक के आंकड़ों के अनुसार:

तमाड़: 93% लक्ष्य प्राप्त।

सोनाहातु: 90% लक्ष्य प्राप्त।

कांके: 84% लक्ष्य प्राप्त (सबसे कम)।

जिला स्तर पर अब तक कुल 88% जनसंख्या को फाइलेरिया रोधी दवा दी जा चुकी है। डीडीसी ने विशेष रूप से स्कूलों में छूटे हुए छात्रों और त्योहारों के दौरान बाहर से आने वाले लोगों को घर-घर जाकर दवा कवर करने का निर्देश दिया है।

नागरिकों से अपील

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि फाइलेरिया जैसी विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए दवा का सेवन अवश्य करें। यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है।

धनबाद निकाय चुनाव परिणाम: पुराने दिग्गजों का तिलिस्म टूटा, मनोरंजन सिंह की जीत की हैट्रिक।

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धनबाद नगर निगम चुनाव इस बार कई मायनों में बेहद रोचक रहा. मतदाताओं ने जहां कुछ पुराने चेहरों पर दोबारा भरोसा जताया, वहीं कई दिग्गजों का तिलिस्म टूट गया. शुक्रवार को 55 में से 14 वार्डों के परिणाम घोषित हुए, जबकि शेष 41 वार्डों के नतीजे शनिवार को जारी होने हैं. वार्ड नंबर 28 से मनोरंजन सिंह ने जीत की हैट्रिक लगाते हुए लगातार तीसरी बार पार्षद पद पर कब्जा जमाया. पिछली बार महिला आरक्षण के कारण उनकी पत्नी पूजा कुमारी चुनाव मैदान में उतरी थीं और जीत दर्ज की थी. इस बार चुनाव मैदान में उतरे मनोरंजन सिंह ने जीत दर्ज की. वहीं तीन बार पार्षद रह चुके निर्मल मुखर्जी को इस बार हार का सामना करना पड़ा. विकास रंजन ने उन्हें शिकस्त दी.

अरुणा ने दूसरी बार दर्ज की जीत

अरुणा कुमारी ने दूसरी बार जीत दर्ज कर अपनी सीट बरकरार रखी. हालांकि, वर्ष 2010 में उनके पति अशोक यादव ने इस वार्ड से जीत हासिल की थी. मीनाक्षी सिंह ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर अपना प्रभाव कायम रखा. इस वार्ड में पहले मीनाक्षी सिंह ने दर्ज की थी. दूसरी बार उनकी सास उषा सिंह जीत दर्ज की थी. कार्यकाल में ही उषा सिंह के निधन पर मिड टर्म में चुनाव हुआ था, जिसमें उनकी ननद सुमन सिंह ने जीत दर्ज की थी. इससे यह सीट लंबे समय से एक ही परिवार के कब्जे में रही. इधर, अंदिला कुमारी को मतदाताओं ने इस बार नकार दिया. पूर्व पार्षद प्रफुल्ल मंडल की पत्नी उर्मिला मंडल ने उन्हें हराया. वहीं वार्ड नंबर 52 से पूर्व पार्षद प्रियंका देवी को भी हार का सामना करना पड़ा. लक्ष्मी कुमारी ने उन्हें शिकस्त दी.

कड़ी सुरक्षा में मतगणना

धनबाद नगर निकाय चुनाव की मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पॉलिटेक्निक परिसर में जारी है. पुलिस प्रशासन ने किसी भी तरह की अव्यवस्था या हंगामे की आशंका को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं. पूरे परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं. एसएसपी प्रभात कुमार स्वयं मोर्चा संभाले हुए हैं. उनके नेतृत्व में सिटी एसपी सहित कई थाना प्रभारियों और बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारियों व जवानों की ड्यूटी लगाई गई है.

कई स्थानों पर की गई बैरिकेडिंग

भीड़ व समर्थकों को मतगणना स्थल से दूर रखने के लिए बेकारबांध स्थित चंद्रशेखर आजाद चौक पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की है. वहीं, वीआइपी कॉलोनी मोड़ पर भी बैरिकेडिंग की गई है. दोनों स्थानों पर पुलिस पदाधिकारी व जवानों की तैनाती की गई है. यहां आने-जाने वाले वाहनों और लोगों की सघन जांच की जा रही है. बिना पास के किसी को भी आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है. इसके अलावा, कई थानों में अतिरिक्त पुलिस बल को रिजर्व रखा गया है. काउंटिंग स्थल के अंदर व बाहर दंडाधिकारी भी तैनात हैं.

झारखंड के 'शतरंज के शहजादे': स्वर्ण पदक विजेता अधिराज मित्रा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात।

रांची: झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले जमशेदपुर के युवा शतरंज खिलाड़ी श्री अधिराज मित्रा ने आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में हुई इस मुलाकात में अधिराज ने सीएम के साथ अपनी जीत के अनुभव साझा किए।

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राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक

बता दें कि अधिराज मित्रा ने नवंबर 2025 में मलेशिया में आयोजित राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप में अंडर-14 श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रतियोगिता में राष्ट्रमंडल देशों के कई दिग्गज खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जहाँ अधिराज ने अपनी बुद्धिमत्ता और प्रतिभा का लोहा मनवाया।

मुख्यमंत्री ने की प्रतिभा की सराहना

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिराज मित्रा को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड के खिलाड़ियों में खेल के प्रति जज्बा और प्रतिभा सराहनीय है। यहाँ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन से राज्य का नाम रोशन किया है।"

परिजन और कोच रहे मौजूद

इस अवसर पर अधिराज के पिता श्री उत्तम मित्रा, माता श्रीमती रुना मित्रा और कोच श्री अभिषेक दास भी उपस्थित थे, जिन्होंने मुख्यमंत्री को अधिराज की यात्रा के बारे में जानकारी दी।