लंदन में प्रवासियों के बीच मुख्यमंत्री: "सात समंदर पार भी झारखंडियों की सुरक्षा और सम्मान हमारी प्राथमिकता"

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लंदन / रांची, 27 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने लंदन प्रवास के दौरान यूनाइटेड किंगडम (UK) में कार्यरत झारखंड-मूल के नागरिकों से आत्मीय संवाद किया। इस मुलाकात में विशेष रूप से नर्सों, केयरगिवर्स और घरेलू कर्मियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विदेशों में कार्यरत अपने नागरिकों की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

संस्कारों में जीवित है झारखंड

संवाद के दौरान प्रवासियों ने बताया कि वर्षों से यूके में रहने के बावजूद झारखंड उनके संस्कारों और जीवन मूल्यों में रचा-बसा है। मुख्यमंत्री ने कामगारों के अनुभवों को सुना और उनके द्वारा उठाई गई चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि झारखंड के ये 'ग्लोबल वर्कर्स' अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य की पहचान को सशक्त कर रहे हैं।

विदेशी रोजगार हेतु बनेगा सुरक्षित ढांचा

मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत घोषणा करते हुए कहा:

"केंद्र सरकार द्वारा विदेशों में रहने वालों के लिए लाए गए कानूनों का झारखंड सरकार गहन अध्ययन करेगी। हमारा लक्ष्य है कि राज्य के भीतर की तरह विदेशों में भी हमारे कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक ठोस व्यवस्था विकसित की जा सके।"

भारतीय राजदूत से की चर्चा

कामगारों के कल्याण को लेकर मुख्यमंत्री ने यूके में भारत के राजदूत से भी बातचीत की। उन्होंने जोर दिया कि विदेश में रोजगार केवल आर्थिक उन्नति का साधन नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा की गारंटी भी होना चाहिए।

उपस्थिति:

इस संवाद कार्यक्रम में रेनू लाकड़ा, अंजू लाकड़ा, सिस्टर ज्योति, फुलकारी एक्का, मार्था टोप्पो समेत झारखंड-मूल के दर्जनों नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के इस संवेदनशील पहल की सराहना की।

झारखंड नगर निकाय चुनाव की घोषणा: 23 फरवरी को मतदान, 27 को मतगणना, आचारसंहिता लागू

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रांची। राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड ने आखिरकार नगर निगम (नगरपालिका) आम चुनाव 2026 की औपचारिक घोषणा कर दी है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस बार नगर निगम चुनाव निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न होंगे। चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से होने जा रही है।

जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन 29 जनवरी से 4 फरवरी तक दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 5 फरवरी को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 6 फरवरी तय की गई है। इसके बाद 7 फरवरी को उम्मीदवारों को निर्वाचन प्रतीक आवंटित किए जाएंगे।

सबसे अहम चरण — मतदान — आयोग ने 23 फरवरी 2026 (सोमवार)को निर्धारित किया है। इस दिन सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। मतदान शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

वहीं, मतगणना की तिथि भी तय कर दी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। इसी दिन यह साफ हो जाएगा कि नगर निगम की बागडोर किसके हाथ में जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर तैयारी शुरू करने को कहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और समय पर पूरी हो सके।

बाइट,, अलका तिवारी राज्य निर्वाचन आयुक्त

जमशेदपुर पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन': बिहार बॉर्डर से सुरक्षित बरामद हुए कारोबारी कैरव गांधी, 14 दिनों का सस्पेंस खत्म"

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जमशेदपुर से अपहरण किए गए कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया गया है. जमशेदपुर पुलिस ने कैरव गांधी को हजारीबाग बिहार बॉर्डर से बरामद किया है. इसके बाद पुलिस ने कैरव को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया. अपहरणकर्ता कैरव गांधी को ट्रांजिट कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें धर दबोचा और कारोबारी को सकुशल बरामद कर लिया है.

शिफ्टिंग कर रहे थे अपराधी

जमशेदपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बिहार का एक बड़ा किडनैपिंग गिरोह इस वारदात के पीछे शामिल है. जमशेदपुर पुलिस का कहना है कि कारोबारी कैरव गांधी को किडनैपर्स हर दिन एक जगह से दूसरे जगह शिफ्ट कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस को यह इनपुट मिला कि हजारीबाग के चौपारण के आसपास बिहार वाले इलाके से कारोबारी को एक बार फिर शिफ्ट किया जा रहा है. इसी सूचना पर पुलिस की कई टीमों ने एक साथ दबिश बनाई. इस दौरान अपराधी कैरव को कार में ही छोड़कर फरार हो गए. जिसके बाद कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया गया और जमशेदपुर पुलिस ने उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया.

देवांग गांधी ने पुलिस का जताया आभार

मामले को लेकर कोल्हान का सबसे बड़ा व्यवसायिक संगठन सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मानव केडिया ने बताया कि जमशेदपुर पुलिस द्वारा कैरव गांधी को बरामद कर लिया गया. पुलिस ने आज सुबह साढ़े चार बजे कैरव गांधी को उसके परिजनों को सौंप दिया. देवांग गांधी ने इस पूरे मामले में सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, स्थानीय पुलिस एवं झारखंड पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है

कैरव का कब हुआ था अपहरण

बता दें कि उधमी सह ASIA के उपाध्यक्ष देवांग गांधी का पुत्र कैरव गांधी 13 जनवरी 2026 के दोपहर को लापता हो गया था. कैरव का कार सरायकेला जिला के चांडिल थाना क्षेत्र में एक होटल के पास लावारिस अवस्था में पाया गया था. जबकि कैरव के मोबाइल का अंतिम लोकेशन जमशेदपुर के सोनारी क्षेत्र में मिला था. उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ पाया गया था. पुलिस ने छापेमारी करते हुए कैरव को सकुशल बरामद कर लिया.

लंदन में बाबा साहेब की स्मृतियों के बीच भावुक हुए मुख्यमंत्री: "संविधान ने हमें सिर्फ अधिकार नहीं, सम्मान और गरिमा भी दी"

लंदन / रांची, 26 जनवरी 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने लंदन स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल (बाबा साहेब का ऐतिहासिक आवास) पहुँचकर संविधान निर्माता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस क्षण को अपने जीवन का सबसे 'भावुक और प्रेरणादायी' अनुभव बताया।

सामाजिक न्याय की आधारशिला को नमन

बाबा साहेब के उस घर में, जहाँ उन्होंने अपने छात्र जीवन के दौरान रहकर समानता का स्वप्न बुना था, मुख्यमंत्री ने उन्हें नमन करते हुए कहा:

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"गणतंत्र दिवस के दिन बाबा साहेब के इस आवास में होना परम सौभाग्य की बात है। उनके समावेशी और समानतामूलक विचार ही आज हमारे सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की सबसे मजबूत आधारशिला हैं।"

गेस्ट बुक में दर्ज किए अपने विचार

मुख्यमंत्री ने म्यूजियम का भ्रमण किया और उन ऐतिहासिक दस्तावेजों व स्मृतियों का अवलोकन किया जो बाबा साहेब के संघर्षपूर्ण जीवन को दर्शाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने म्यूजियम की 'गेस्ट बुक' में अपने संदेश के माध्यम से बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि बाबा साहेब ने देश के प्रत्येक नागरिक को सम्मान, गरिमा और स्वाभिमान के साथ जीने का संवैधानिक अधिकार प्रदान किया है।

गरिमामयी उपस्थिति

इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन, झारखंड के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार तथा अंबेडकर म्यूजियम के पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने बाबा साहेब के वैश्विक योगदान और आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी भूमिका पर चर्चा की।

संविधान और हाशिये के समाज का जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि बाबा साहेब की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि आज भारत जैसा विविध देश एक सशक्त लोकतंत्र के रूप में खड़ा है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार बाबा साहेब के बताए 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मार्ग पर चलकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने के लिए संकल्पित है।

पीवीयूएनएल, पतरातू में गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन

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पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल), पतरातू में 77वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत हर्षोल्लास, देशभक्ति और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सीआईएसएफ, डीजीआर, DAV स्कूल के विद्यार्थियों एवं अग्निशमन दल द्वारा भव्य परेड से हुई। इसके पश्चात पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ए.के. सहगल ने सभा को संबोधित करते हुए पावर प्लांट एवं बनहरडीह कोल माइनिंग परियोजना के विकास पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा सतत व्यवसायिक विकास के लिए सभी को प्रेरित किया। उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कर्मचारियों के कौशल संवर्धन हेतु कर्मचारी विकास केंद्र (Employee Development Centre) की भी सहराना भी की ।

उन्होंने संबोधन के उपरांत राष्ट्रप्रेम और आशा के प्रतीक के रूप में आकाश में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़े गए। इसके बाद बाल भवन द्वारा एक आकर्षक झांकी निकाली गई, जिसका उद्देश्य सतत विकास एवं एनटीपीसी के मूल्यों को दर्शाना था। कार्यक्रम में लिटिल जेम्स स्कूल के बच्चों ने देशभक्ति गीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं द्वारा पारंपरिक झारखंडी नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात सृजन विद्यालय के बच्चों ने “सिंदूर” थीम पर आधारित भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद सीआईएसएफ की टुकड़ी द्वारा रोमांचक कॉम्बैट शो का प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर मानवीयता पुरस्कार उन कर्मचारियों को प्रदान किया गया जिन्होंने कार्य समय के बाद भी एसएससी जीडी अभ्यर्थियों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान की। उनके शिक्षक श्री दीपेश जी को भी सम्मानित किया गया। साथ ही सीआईएसएफ बेस्ट परफॉर्मर अवॉर्ड का फेलिसिटेशन समारोह आयोजित किया गया तथा कर्मचारियों को सीईओ मेरिटोरियस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में स्वर्णरेखा महिला समिति की अध्यक्ष एवं लेडीज क्लब की अध्यक्ष श्रीमती रेणु सहगल भी उपस्थिति रही। इस गरिमामय अवसर पर श्री विष्णु दत्ता दास (महाप्रबंधक, परियोजना), श्री जोगेश चंद्र पात्रा (महाप्रबंधक, संचालन), श्री मनीष खेतरपाल (महाप्रबंधक, ओ एंड एम), श्री जियाउर रहमान (एचओएचआर) सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

पूरे कार्यक्रम ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, सतत विकास और संगठनात्मक मूल्यों का सुंदर संदेश दिया।

झारखंड विधानसभा में गणतंत्र दिवस: "संविधान केवल विधिक दस्तावेज नहीं, एक सामाजिक अनुबंध है" – अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो

रांची, 26 जनवरी 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर झारखंड विधानसभा परिसर में गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्रनाथ महतो ने ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए संविधान की महत्ता और लोकतंत्र की जड़ों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

भाषण की मुख्य बातें:

1. संविधान: लोकतंत्र की आधुनिक आत्मा अध्यक्ष ने कहा कि 26 जनवरी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक संकल्प का प्रतीक है जिसने भारत को संप्रभु और लोकतांत्रिक गणराज्य बनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र भारत के लिए नया नहीं है; वैशाली के गणराज्य और हमारी प्राचीन ग्राम सभाओं की परंपरा इस बात का प्रमाण हैं कि लोकतंत्र हमारी सभ्यता की आत्मा में बसा है।

2. सामाजिक और आर्थिक समानता की चुनौती बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को उद्धृत करते हुए उन्होंने आत्ममंथन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक समानता तो हमें मिल गई, लेकिन सामाजिक और आर्थिक असमानता को दूर करना आज भी हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती और संवैधानिक जिम्मेदारी है।

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3. झारखंड के वीर सपूतों को नमन अध्यक्ष ने झारखंड की क्रांतिकारी माटी के महानायकों को याद किया। उन्होंने तिलका मांझी, सिदो-कान्हू, भगवान बिरसा मुंडा, नीलाम्बर-पीताम्बर और शेख भिखारी जैसे वीरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सपूतों ने विदेशी शासन के विरुद्ध न्याय और स्वाभिमान की जो अलख जगाई, वही हमारे लोकतंत्र की नींव है।

4. समावेशी विकास और आरक्षण सामाजिक न्याय पर जोर देते हुए उन्होंने कहा:

"आरक्षण और समान अवसर जैसे प्रावधान किसी वर्ग के विरुद्ध विशेषाधिकार नहीं हैं, बल्कि ये सदियों से वंचित और हाशिये पर रहे समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का संवैधानिक संकल्प हैं।"

5. भविष्य का संकल्प उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया कि संविधान की भावना को केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार में आत्मसात करें ताकि लोकतंत्र का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँच सके।

झारखंड में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने फहराया झंडा

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रांची : झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में धूमधाम से गणतंत्र दिवस मनाया गया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने झंडोत्तोलन किया और परेड की सलामी ली। 77वां गणतंत्र दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ 18 बटालियन भी परेड में शामिल हुई।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने राज्य वीडियो को संबोधन किया और इस संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि हमारा झारखण्ड आज प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।

राज्य में अवसरों की कोई कमी नहीं है। चाहे आधारभूत संरचना में निवेश की बात हो, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की बात हो, उद्योग-धंधों में नवाचार की बात हो, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार का कार्य हो अथवा कृषि के क्षेत्र में नये सुधारों को लागू करने की बात हो, आज हर क्षेत्र में नये अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

इस मौके पर झारखंड सरकार के 12 विभागो के द्वारा अलग-अलग झांकियों का भी प्रदर्शन किया जा रहा है। विभाग के द्वारा किए गए कार्यों को झांकियां के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

राँची: 77वें गणतंत्र दिवस पर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने भू-बंदोबस्त कार्यालय में किया ध्वजारोहण, जिले की समृद्धि का लिया संकल्प

राँची, 26 जनवरी 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर आज राँची जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न सरकारी कार्यालयों में हर्षोल्लास के साथ झण्डोत्तोलन किया गया। इसी क्रम में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भू-बंदोबस्त कार्यालय, राँची परिसर में तिरंगा फहराया और राष्ट्र को नमन किया।

संविधान और लोकतंत्र की मजबूती पर जोर

ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने गणतंत्र दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा:

"गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान की महत्ता और लोकतंत्र की मजबूती की याद दिलाता है। राँची जिला प्रशासन जिले को अधिक समृद्ध, सुरक्षित और समावेशी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

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वरीय अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

समारोह के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन और सदर एसडीओ श्री कुमार रजत सहित प्रशासन के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। देशभक्ति के गीतों और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच सभी ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया।

प्रमुख उपस्थिति:

अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह

जिला नजारत उप समाहर्ता, डॉ. सुदेश कुंअर कुमार

सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी: श्री राजेश कुमार मिश्र, श्री आशुतोष कुमार ओझा, श्रीमती अमृता खाखा एवं अन्य।

पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर बगलें क्यों झांकने लगते हैं भाजपा नेता : विनोद पांडेय

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झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह रवैया पूरी तरह राजनीतिक हताशा और दोहरे मापदंडों को दर्शाता है।

श्री पांडेय ने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विदेश यात्राएं करते हैं, तब भाजपा नेताओं को न तो संविधान की याद आती है और न ही राष्ट्रीय स्वाभिमान की। लेकिन वही भाजपा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राज्यहित में किए जा रहे विदेश दौरे को लेकर अनर्गल आरोप लगा रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर झारखंड में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों को लेकर गए हैं। यह दौरा पूरी तरह राज्य के आर्थिक विकास और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है, न कि किसी निजी या राजनीतिक उद्देश्य से।

विनोद पांडेय ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री अपने रांची लौटने के बाद दावोस और यूके दौरे से जुड़ी उपलब्धियों, निवेश प्रस्तावों और हुई बैठकों की पूरी जानकारी स्वयं सार्वजनिक रूप से देंगे। उन्होंने कहा कि झामुमो पारदर्शिता में विश्वास करता है और जनता को भ्रमित करने की भाजपा की कोशिशें सफल नहीं होंगी।

उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा को ट्रिब्यूट करने हेमंत जी उनके लंदन स्थित कॉलेज गए। दोनों देशों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में परस्पर सहयोग के लिए सहमति बनी है। बाबूलाल जी को यूके जाकर झारखंड सरकार के शत प्रतिशत छात्रवृत्ति की मदद से वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों से मक भेंट करना चाहिए। बाबूलाल जी को गर्व होगा और शायद उनको एहसास होगा हेमंत जी के वजन का।

श्री पांडेय ने कहा कि झारखंड की जनता समझदार है और वह जानती है कि कौन राज्य के विकास के लिए काम कर रहा है और कौन केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए बयान देकर उनको बरगला रहा है।

झामुमो ने किया 'पद्म भूषण' का स्वागत, पर दोहराई 'भारत रत्न' की मांग: "हाशिये की आवाज थे दिशोम गुरु"

राँची, 26 जनवरी 2026: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा का झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्वागत किया है। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि गुरुजी का कद और उनका संघर्ष 'भारत रत्न' के योग्य है और यह मांग निरंतर जारी रहेगी।

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संघर्षों का रहा है लंबा इतिहास

11 जनवरी 1944 को नेमरा (रामगढ़) में जन्मे गुरुजी का जीवन महाजनी प्रथा, शोषण और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि गुरुजी ने न केवल झारखंड को अलग पहचान दिलाई, बल्कि नशा मुक्ति और शिक्षा जैसे सामाजिक सुधारों से आदिवासी-मूलवासी समाज के जीवन को बदला।

"बाबा भारत के अनमोल रत्न थे" - विनोद पांडेय

पद्म भूषण की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार को साधुवाद दिया, लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया:

"गुरुजी भारतीय मिट्टी के सच्चे सपूत थे। मेरी नजर में बाबा भारत के अनमोल रत्न थे। क्या आदिवासी समाज में अब तक कोई नायक भारत रत्न के योग्य नहीं हुआ? सच्चाई यह है कि आदिवासी समाज को अब तक मुख्यधारा का हिस्सा ही नहीं माना गया है। करोड़ों समर्थकों की भावना है कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।"

विधानसभा से पारित हो चुका है प्रस्ताव

उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा ने पहले ही सर्वसम्मति से शिबू सोरेन को 'भारत रत्न' देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। 4 अगस्त 2025 को उनके निधन के बाद से ही राज्यभर में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग जोर पकड़ रही है।

गुरुजी की राजनीतिक विरासत:

मुख्यमंत्री: तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे।

सांसद: दुमका से 8 बार लोकसभा सांसद चुने गए।

आंदोलन: पृथक झारखंड राज्य के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: पद्म भूषण पर झामुमो का साधुवाद, लेकिन 'भारत रत्न' की मांग पर अडिग; विनोद पांडेय बोले- "बाबा रत्न नहीं, महा रत्न थे।"

विकल्प 2: "आदिवासी नायक को मिले सर्वोच्च सम्मान"; गुरुजी को पद्म भूषण मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी, भारत रत्न की मांग तेज।

विकल्प 3: दिशोम गुरु के संघर्षों का सम्मान: केंद्र ने दी पद्म भूषण की घोषणा, समर्थकों को अब 'भारत रत्न' का इंतजार।