जयराम महतो का ढुल्लू महतो पर सीधा वार: "सांसद के पास है 40 हजार करोड़ की संपत्ति, सरकार करे उच्चस्तरीय जांच।"

धनबाद: डुमरी विधायक और जेबीकेएसएस (JBKSS) नेता जयराम महतो गुरुवार को धनबाद पहुंचे। बोकारो के बीएसटी थाना में दर्ज 'सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने' के एक मामले में उन्होंने धनबाद कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कोर्ट से बाहर निकलने के बाद जयराम महतो ने मीडिया से बातचीत करते हुए धनबाद सांसद ढुल्लू महतो के खिलाफ जमकर जुबानी हमला बोला और उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए।

40 हजार करोड़ की संपत्ति और सुप्रीम कोर्ट का हवाला जयराम महतो ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका के अनुसार सांसद ढुल्लू महतो ने लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को जांच का आदेश दिया है। सरकार को चाहिए कि वह सांसद और उनके तीन व्यावसायिक पार्टनर्स की संपत्ति की गहन जांच कराए।" जयराम ने इस दौरान सांसद के कथित करीबियों के नामों का खुलासा करने का भी दावा किया।

राम मंदिर निर्माण पर उठाए सवाल सांसद ढुल्लू महतो द्वारा बनाए गए राम मंदिर पर कटाक्ष करते हुए विधायक जयराम ने कहा कि धर्म का सहारा लेकर गलत कारनामों को छुपाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि "बिना सार्वजनिक चंदे के इतना भव्य मंदिर कैसे खड़ा हो गया? लोग एक मंदिर बनाने में पूरी उम्र लगा देते हैं, लेकिन इनके पास इतनी अकूत संपत्ति कहाँ से आई, यह बड़ा सवाल है।"

निकाय चुनाव और पेसा कानून पर रुख राजनीतिक मुद्दों पर बात करते हुए जयराम महतो ने भाजपा की उस मांग का समर्थन किया जिसमें नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने की बात कही गई है। वहीं, पेसा (PESA) कानून को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इसकी गहन समीक्षा करने की आवश्यकता है।

अंश-अंशिका अपहरण कांड: 7 दिन बीते पर पुलिस के हाथ खाली, 10 को मशाल जुलूस और 11 जनवरी को संपूर्ण HEC क्षेत्र बंद।

रांची: मौसीबाड़ी (मल्लारकोचा) से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 7 दिन बीत जाने के बाद भी कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस प्रशासन द्वारा गठित SIT और भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद परिणाम शून्य रहने से नाराज 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। गुरुवार को समिति के संयोजक कैलाश यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मति से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई।

11 जनवरी को HEC क्षेत्र बंद का आह्वान समिति ने निर्णय लिया है कि मासूम बच्चों की सुरक्षित वापसी के प्रति संवेदना व्यक्त करने और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए 11 जनवरी 2026 को संपूर्ण एचईसी (HEC) क्षेत्र बंद रहेगा। इस दौरान आवासीय क्षेत्रों के बाजार, हाट और दुकानों को स्वतः बंद रखने की अपील की गई है।

कल से शुरू होगा जनसंपर्क बंद के समर्थन और जनजागरूकता के लिए कल, 9 जनवरी को शाम 4 बजे से धुर्वा बस स्टैंड, जेपी मार्केट, सेक्टर 2 और झोपड़ी मार्केट में नुक्कड़ सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अगले दिन, 10 जनवरी को पुराना विधानसभा से बिरसा चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा।

प्रशासनिक वादों पर सवाल संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि 6 जनवरी को एसएसपी (SSP) ने जल्द खुशखबरी देने का वादा किया था, लेकिन आज 7 दिन हो गए और परिजनों की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा, "हम प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा प्रहरी के रूप में प्रशासन की विफलता पर हमारे लोकतांत्रिक सवाल जारी रहेंगे।"

बैठक में बच्चों के पिता सुनील यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक अंश और अंशिका घर नहीं लौटते, यह संघर्ष थमेगा नहीं।

IICDEM 2026: भारत मंडपम में गूँजेगी भारतीय चुनाव प्रबंधन की धमक, 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि होंगे शामिल।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आगामी 21 से 23 जनवरी, 2026 तक नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में आयोजित होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन सम्मेलन (IICDEM) की रूपरेखा तैयार करने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) का एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया। यह सम्मेलन चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और नेतृत्व को प्रदर्शित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्य चुनाव आयुक्त का संबोधन भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर सभी CEOs को संबोधित किया। उन्होंने सम्मेलन की बारीकियों को स्पष्ट करते हुए बताया कि चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) के वैश्विक नेटवर्क में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

36 विषयगत समूहों का गठन सम्मेलन के दौरान चुनाव प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए 36 थिमैटिक (विषयगत) ग्रुप बनाए गए हैं। इनका नेतृत्व राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी करेंगे। इन समूहों का मुख्य कार्य:

चुनाव प्रक्रियाओं में नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना।

अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानकों के अनुरूप ज्ञान का भंडार विकसित करना।

वैश्विक स्तर पर चुनाव प्रबंधन की चुनौतियों का समाधान खोजना।

दिग्गज संस्थानों की सहभागिता IICDEM 2026 केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि इसमें अकादमिक और तकनीकी विशेषज्ञों का भी संगम होगा। इस सम्मेलन में 4 IIT, 6 IIM, 12 NLU और IIMC जैसे प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान अपनी विशेषज्ञता साझा करेंगे।

वैश्विक मंच पर भारत का नेतृत्व इस सम्मेलन में दुनिया भर से लगभग 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें और 36 ब्रेकआउट सत्र प्रस्तावित हैं। सम्मेलन का एक मुख्य आकर्षण 'ECINET' (चुनाव प्रबंधन निकाय नेटवर्क) का शुभारंभ भी होगा, जो वैश्विक स्तर पर चुनाव निकायों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा।

पड़हा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या, पत्नी के सामने अपराधियों ने सीने में दागी गोलियां।

झारखंड के खूंटी जिले में अज्ञात अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी. घटना खूंटी थाना क्षेत्र के जमुवादाग के समीप हुई, जहां अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं.

खूंटी थाना क्षेत्र के जमुआदाग के समीप अज्ञात अपराधियों ने पड़हा राजवंश से जुड़े आदिवासी नेता सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी. हमला उस समय हुआ जब सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ बाइक से खूंटी से अपने गांव चलांगी लौट रहे थे. गोली लगने से सोमा मुंडा की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

सोमा मुंडा की पत्नी ने बताया कि वे दोनों खूंटी गए थे और जमुआदाग के रास्ते से होकर गांव लौट रहे थे. जमुआदाग स्थित तालाब के पास पहुंचते ही पीछे से एक बाइक पर सवार दो लोग आए. उन्होंने ओवरटेक करते हुए दो राउंड गोली चलाई. एक गोली सोमा मुंडा के सीने में लगी. गोली लगने के बाद सोमा मुंडा ने बाइक रोककर खूंटी की ओर जाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत बिगड़ गई और वे गिर पड़े. गोली चलाने के बाद हमलावर मंदरूटोली की ओर फरार हो गए.

पत्नी ने आगे बताया कि कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे एक ट्रैक्टर पर बैठकर वे कुछ दूरी तक गईं. फिर ऑटो पकड़कर खूंटी थाना पहुंचीं और पुलिस को घटना की जानकारी दी.

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, जांच टीम गठित

सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सोमा मुंडा को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.डीएसपी वरुण रजक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमा मुंडा की पत्नी ने खूंटी थाने में सूचना दी थी. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर शव को अस्पताल भेजा, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हत्याकांड की जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है. अपराधियों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है. मामले की गहन जांच की जा रही है.

हत्याकांड की जांच के लिए टीम गठित- डीएसपी

सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सोमा मुंडा को अस्पताल ले गई. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डीएसपी वरुण रजक ने घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सोमा मुंडा की पत्नी ने खूंटी थाने की पुलिस को सूचना दी है. सूचना पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंची और सोमा मुंडा को अस्पताल भेजा गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. डीएसपी ने बताया कि हत्याकांड की जांच के लिए टीम बना दी गई है. मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि अपराधियों की धर पकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है.

गुरुवार को खूंटी बंद का ऐलान

सोमा मुंडा स्थानीय आदिवासी समुदाय में प्रमुख नेता थे और पड़हा राजा के रूप में जाने जाते थे. वो झारखंड पार्टी के एक जुझारू कर्मठ नेता, शिक्षाविद और आदिवासी समन्वय समिति, खूंटी जिला के संयोजक भी थे. आदिवासी समुदाय में सोमा मुंडा की हत्या से आक्रोश है. स्थानीय लोग दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. मामले की आगे की जांच जारी है.

इधर खूंटी की आदिवासी समन्वय समिति ने इस हत्याकांड पर अपने प्रतिक्रिया देते हुए इसे सामाजिक और राजनीतिक हत्या बताया है. इस हत्या का विरोध में गुरुवार यानी 8 जनवरी 2026 को खूंटी बंद का आह्वान किया गया है.

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रांची अपहरण कांड: 6 दिन बाद भी सुराग नहीं, अब 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' लड़ेगी बच्चों की सुरक्षित वापसी की जंग।

रांची: मौसीबाड़ी खटाल (मल्लारकोचा) से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। बुधवार को अपहृत बच्चों के पिता सुनील यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

संघर्ष समिति का गठन और कैलाश यादव को कमान बैठक में सर्वसम्मति से 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' के गठन का निर्णय लिया गया। बच्चों की सकुशल वापसी के लिए चलाए जा रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राजद नेता कैलाश यादव को इस समिति का संयोजक नियुक्त किया गया है। उनके साथ 35 सदस्यीय संयोजक मंडल का भी गठन किया गया है जो आगामी रणनीति पर कार्य करेगा।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल संयोजक कैलाश यादव ने कहा कि अपहरण के शुरुआती दिनों में प्रशासन ने ढिलाई बरती। हालांकि पिछले दो दिनों से पुलिस की कार्रवाई में तेजी आई है, लेकिन अभी तक परिणाम शून्य है। उन्होंने कहा, "शासन और प्रशासन नागरिक सुरक्षा के प्रति जवाबदेह हैं, वे अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। परिजन अब धैर्य खो रहे हैं।"

मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी संघर्ष समिति ने निर्णय लिया है कि वे किसी भी बड़े आंदोलन की घोषणा करने से पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे। कल मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा जाएगा ताकि एक विशेष प्रतिनिधिमंडल उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करा सके। समिति ने यह भी अपील की है कि रांची और राज्य के लोग मानवता के नाते इन मासूम बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए दुआ करें।

दावोस में पहली बार गूँजेगा 'जोहार': विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की खनिज संपदा और निवेश की संभावनाओं का होगा प्रदर्शन।

रांची/दावोस: झारखंड के इतिहास में पहली बार 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में झारखंड की सशक्त उपस्थिति दर्ज होगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल वैश्विक मंच पर न केवल निवेश का न्योता देगा, बल्कि झारखंड को एक 'इनफाइनाइट अपॉर्चुनिटी स्टेट' (Infinite Opportunity State) के रूप में स्थापित करेगा।

आदिवासी नेतृत्व और वैश्विक संवाद यह गौरव का विषय है कि पहली बार एक आदिवासी जनप्रतिनिधि के रूप में हेमन्त सोरेन विश्व के टॉप निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच अपनी बात रखेंगे। मुख्यमंत्री का उद्देश्य झारखंड की विजन-2050 की रूपरेखा साझा करना और राज्य को देश के अग्रणी निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में पेश करना है।

प्रमुख फोकस क्षेत्र (Focus Sectors): झारखंड प्रतिनिधिमंडल वैश्विक उद्योग जगत के साथ निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेगा:

क्रिटिकल मिनरल्स और आधुनिक खनन

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऑटोमोबाइल

अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy)

टेक्सटाइल (वस्त्र निर्माण) और वनोत्पाद

पर्यटन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

'इंडिया पवेलियन' में झारखंड की चमक भारत सरकार ने इस प्रतिष्ठित बैठक के लिए देश के केवल छह राज्यों को चुना है, जिनमें झारखंड भी शामिल है। झारखंड अपनी विशेष थीम "GROWTH IN HARMONY WITH NATURE" (प्रकृति के साथ समन्वय में विकास) के साथ वहां मौजूद रहेगा। गौरतलब है कि इस शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि भाग लेंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन? विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन दुनिया का सबसे प्रभावशाली मंच माना जाता है। यहाँ झारखंड की उपस्थिति से वैश्विक वित्तीय संस्थानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी।

रांची बच्चा अपहरण कांड: DGP तदाशा मिश्रा खुद कर रही हैं मॉनिटरिंग, बच्चों की तलाश में तीन राज्यों में भेजी गई पुलिस टीम।

रांची: धुर्वा के मौसीबाड़ी मलारकोचा निवासी सुनील यादव के दो मासूम बच्चों, 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका के अपहरण के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बच्चों की सकुशल वापसी की मांग को लेकर बुधवार को धुर्वा शहीद मैदान स्थित शेख भिखारी चौक पर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। इस आंदोलन का नेतृत्व राजद के प्रदेश प्रवक्ता कैलाश यादव ने किया।

DGP की सीधी निगरानी, तीन राज्यों में छापेमारी धरना प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस मुख्यालय में राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा से मुलाकात की। लगभग 25 मिनट चली इस उच्चस्तरीय वार्ता में DGP ने बताया कि वह स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग कर रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि बच्चों की तलाश में उड़ीसा, बिहार (पटना) और पश्चिम बंगाल में विशेष पुलिस टीमें भेजी गई हैं। DGP ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ बच्चों को ढूंढने में जुटी है।

सुरक्षा का अभेद्य घेरा: SSP ने गठित की विशेष टीम धरना स्थल पर पहुँचे रांची एसएसपी राकेश रंजन ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक 'मेगा टीम' बनाई गई है। इस टीम में:

4 IPS (SP रैंक के अधिकारी)

6 DSP

12 थाना प्रभारी शामिल हैं। SSP ने सार्वजनिक तौर पर आश्वासन दिया कि पुलिस बहुत करीब है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल और आगामी रणनीति आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कैलाश यादव ने SSP से वार्ता के दौरान कहा कि यदि पुलिस घटना के पहले चार दिनों में सक्रियता दिखाती, तो शायद बच्चे अब तक घर आ गए होते। उन्होंने चेतावनी दी है कि जनसमूह 24 घंटे का इंतजार करेगा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग करेगा।

धरना कार्यक्रम में मधु मंसूरी, सुनील यादव (पिता), गौरीशंकर यादव सहित भारी संख्या में महिला-पुरुष और युवा शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में प्रशासन से जल्द से जल्द बच्चों की सुरक्षित बरामदगी की मांग की।

ऐतिहासिक पहल: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) में पहली बार दिखेगा झारखंड का जलवा, CM हेमंत सोरेन करेंगे नेतृत्व।

रांची: झारखंड के विकास और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक पटल पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल 18 से 26 जनवरी 2026 तक दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर जा रहा है। इस महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

दावोस (स्विट्जरलैंड): वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ऐतिहासिक सहभागिता बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि यह झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। पहली बार राज्य का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग लेगा।

वैश्विक निवेशकों के सामने 'ब्रांड झारखंड' की प्रस्तुति अधिकारियों ने बताया कि दावोस में आयोजित विभिन्न सत्रों के माध्यम से झारखंड की:

प्रचुर खनिज संपदा

मजबूत औद्योगिक ढांचा

सतत विकास (Sustainable Development) का दृष्टिकोण

पर्यटन एवं निवेश की अपार संभावनाएं को दुनिया के दिग्गज उद्योगपतियों और निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

यूनाइटेड किंगडम (लंदन) का दौरा दावोस के बाद प्रतिनिधिमंडल लंदन का दौरा करेगा। इस प्रवास के दौरान:

संस्थागत एवं शैक्षणिक सहयोग: प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ संवाद।

भारतीय प्रवासी संवाद: लंदन में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ विशेष चर्चा।

निवेश-उन्मुख नीति संवाद: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ दीर्घकालिक सहयोग पर वार्ता।

मुख्यमंत्री का निर्देश: तैयारियाँ हों विश्वस्तरीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दौरे को राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियाँ प्रभावी और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड को एक प्रमुख निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में स्थापित करने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति समीक्षा बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल सहित उद्योग, पर्यटन, खान एवं सूचना विभाग के तमाम वरीय सचिव और अधिकारी मौजूद रहे।

रांची में 'जनता दरबार' का जलवा: ऑन द स्पॉट सुलझीं सैकड़ों समस्याएं, ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान।

रांची: आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए रांची जिला प्रशासन की 'जनता दरबार' पहल काफी कारगर साबित हो रही है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, मंगलवार को जिले के सभी प्रखंडों और अंचलों में जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों आवेदनों का ऑन द स्पॉट (मौके पर) निस्तारण किया गया।

सैकड़ों समस्याओं का हुआ समाधान इस मंगलवार को आयोजित शिविरों में विभिन्न अंचलों से प्राप्त शिकायतों और आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की गई। आंकड़ों के अनुसार प्रमुख अंचलों में निष्पादन की स्थिति निम्न रही:

बेड़ो: 136 आवेदन

राहे: 95 आवेदन

चान्हो: 89 आवेदन

अरगोड़ा: 72 आवेदन

बुढ़मू: 66 आवेदन

सिल्ली: 51 आवेदन

बुंडू: 43 आवेदन

हाथों-हाथ मिले प्रमाण पत्र और रसीद जनता दरबार के दौरान कई लाभुकों को तुरंत राहत मिली। सोनाहातू की यमुना देवी को पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र और बुद्धेश्वर पुरान को आचरण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। अनगड़ा अंचल में पंजी-2 सुधार के कई लंबित मामलों को सुलझाया गया, वहीं मांडर में जाति प्रमाण पत्र और नगड़ी में लगान रसीद का वितरण किया गया।

DC का निर्देश: संवेदनशील रहे प्रशासन उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोपरि है।

रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिले राज्य के वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, नए साल की दीं शुभकामनाएं।

रांची: मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में रविवार को मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से राज्य के कई वरीय प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान सभी ने मुख्यमंत्री को नए वर्ष 2026 की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति मुलाकात करने वालों में पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, उद्योग निदेशक विशाल सागर, झारखंड शिक्षा परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन सहित पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो और रांची के उपायुक्त व विकास अधिकारी शामिल थे।

पुलिस महकमे से पुलिस महानिरीक्षक (IG) नरेंद्र कुमार सिंह और सुनील भास्कर, कोल्हान रेंज के DIG अनुरंजन किस्पोट्टा समेत कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) और कमांडेंट ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर नव वर्ष की मंगलकामनाएं साझा कीं।

मीडिया और रेलवे के पदाधिकारी भी रहे मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा रांची रेल मंडल के डीआरएम श्री केएन सिंह, 'प्रभात खबर' के एडिटर-इन-चीफ श्री अंकित शुक्ला और 'जी न्यूज' (झारखंड-बिहार) के स्थानीय संपादक श्री धीरज ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने भी सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए अपनी ओर से उन्हें नए वर्ष की शुभकामनाएं दीं।

प्रमुख उपस्थित अधिकारी और गणमान्य (संक्षिप्त सूची)

प्रशासनिक: सुनील कुमार (सचिव), विशाल सागर, शशि रंजन, चंदन कुमार (DC), अजय नाथ झा (DC)।

पुलिस: नरेंद्र कुमार सिंह (IG), सुनील भास्कर (IG), अनुरंजन किस्पोट्टा (DIG), सरोजनी लकड़ा (कमांडेंट)।

अन्य: केएन सिंह (DRM), अंकित शुक्ला (प्रभात खबर), धीरज ठाकुर (जी न्यूज), प्रो. एमए हक।