गढ़वा शहर के बंडा पहाड़ स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में भव्य श्री रूद्र महायज्ञ का होगा आयोजन।

गढ़वा : गढ़वा शहर के बंडा पहाड़ स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में भव्य श्री रूद्र महायज्ञ का आयोजन किया गया है। महायज्ञ को लेकर आगामी 14 जनवरी को नगर भ्रमण सह भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। उक्त बातें महायज्ञ के आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य जी महाराज, समिति के प्रधान संयोजक राकेश पाल, जागृति युवा समिति जोबरईया के अध्यक्ष जितेंद्र पाल, विनोद जायसवाल आदि ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

उन्होंने बताया कि महायज्ञ का आयोजन आठ मार्च से 16 मार्च तक किया जाएगा। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। कुटिया का निर्माण शुरू है। 14 जनवरी से इसी कुटिया में यज्ञाचार्य विराजमान हो जाएंगे तथा महायज्ञ से संबंधित तैयारियों को पूरा कराएंगे। यह महायज्ञ नौ दिवसीय होगा तथा इसके लिए पांच तल्ला यज्ञशाला का निर्माण किया जाएगा। जो अपने आप में अनूठा होगा। काशी एवं अयोध्या से विद्वान पंडितों की 21 सदस्यीय टोली गढ़वा पहुंचेगी। जिसका नेतृत्व विद्वान स्कंद शास्त्री करेंगे। पूरा परिसर वैदिक मंत्रों से गूंजायमान होगा। वहीं पंकज शास्त्री व उनकी टीम द्वारा संगीतमय रामकथ का पाठ लगतार नौ दिनाें तक किया जाएगा। इस दौरान सप्रसंग झांकी का भी आयोजन किया जाएगा।

आयोजन समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि विगत दस दिसंबर को हनुमंत ध्वजा की स्थापना हो चुकी है। इसके साथ ही महायज्ञ से संबंधित कार्य भी शुरू हो गए है। इसमें जागृति क्लब जोबरइया से जुड़े सदस्य लगातार मेहनत कर रहे हैं। हर वर्ग के लोगों का सहयोग मिल रहा है। महायज्ञ के आयोजन में प्रधान संयोजक राकेश पाल की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके द्वारा अपना बहुमूल्य समय एवं योगदान दिया जा रहा है। सभी के सहयोग से महायज्ञ को सफल बनाया जाएगा। मौके पर गढ़वा प्रखंड प्रमुख अनिता देवी, नवादा पंचायत की मुखिया आशा देवी, विनय पाल, सत्येंद्र पाल, विवेकानंद पाल, चैतू भुईयां आदि उपस्थित थे।

गणतंत्र दिवस 2026: मोरहाबादी में दिखेगी झारखंड की कला और संस्कृति की झलक, 12 विभागों की झांकियां होंगी मुख्य आकर्षण।

राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र दिवस समारोह-2026 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को समाहरणालय में आयोजित बैठक में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर समारोह की रूपरेखा तय की। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन सहित जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

12 विभागों की झांकियां बिखेरेंगी छटा इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुल 12 विभागों की झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि ये झांकियां झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं, नीतियों और राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति एवं ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित होंगी। प्रमुख रूप से वन विभाग, ग्रामीण विकास, कृषि, सूचना एवं जनसंपर्क और पर्यटन विभाग की झांकियां लोगों को झारखंड की प्रगति और परंपरा से रूबरू कराएंगी।

परेड और सुरक्षा व्यवस्था समारोह में इस बार 15 प्लाटून और 03 बैंड हिस्सा लेंगे। परेड का पूर्वाभ्यास 18 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक चलेगा, जबकि 24 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल (अंतिम रिहर्सल) आयोजित की जाएगी। सुरक्षा को लेकर एसएसपी रांची को कड़े निर्देश दिए गए हैं, वहीं ट्रैफिक एसपी को मोरहाबादी की ओर आने वाले रास्तों पर सुगम पार्किंग और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बुनियादी सुविधाओं पर जोर उपायुक्त ने भवन प्रमंडल को मैदान के दोनों ओर वाटरप्रूफ पंडाल, गैलरी और बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही निर्बाध बिजली के लिए साउंड प्रूफ जनरेटर, पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकर और समारोह स्थल की साफ-सफाई के लिए नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस की तैनाती के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया है।

झारखंड में मतदाता सूची मैपिंग का 70% कार्य पूरा: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने शहरी क्षेत्रों में प्राथमिकता देने का दिया निर्देश।

रांची: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने शनिवार को निर्वाचन सदन में राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का लक्ष्य "एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे" को सुनिश्चित करना है।

मैपिंग और डिजिटलीकरण पर जोर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विगत गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से वर्तमान सूची की मैपिंग का 70% कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करने और सरकारी कार्यालयों में कैंप लगाकर कर्मियों को प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया। साथ ही, एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट (ASDD) सूचियों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया तेज करने को कहा ताकि पुनरीक्षण के समय कोई त्रुटि न रहे।

बीएलओ (BLO) की जानकारी अब सार्वजनिक होगी मतदाताओं की सुविधा के लिए विभाग ने विशेष स्टीकर जारी किए हैं। इन स्टीकरों पर संबंधित बीएलओ का नाम, मोबाइल नंबर, मतदान केंद्र संख्या और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी होगी। ये स्टीकर मतदान केंद्र क्षेत्रों में प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे ताकि आम नागरिक आसानी से अपने बीएलओ से संपर्क कर सकें।

वोटर आईडी की गुणवत्ता और प्रशिक्षण के. रवि कुमार ने मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) की गुणवत्ता सुधारने पर बल देते हुए कहा कि बीएलओ को मोबाइल के जरिए अच्छी फोटो खींचकर बीएलओ ऐप में अपडेट करने का प्रशिक्षण दिया जाए। इसके अलावा, 28 जनवरी से 6 फरवरी के बीच सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) का प्रशिक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि पुनरीक्षण के दौरान बेहतर समन्वय बना रहे।

दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) अन्य राज्यों से आने वाले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के मामलों पर सीईओ ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित राज्यों से आए दस्तावेजों का सत्यापन उसी दिन किया जाए। इसके लिए अवकाश के दिनों में भी रोस्टर ड्यूटी लगाने का सुझाव दिया गया ताकि प्रक्रिया में देरी न हो और गलत दस्तावेजों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

नाइजर में 8 महीने बाद खत्म हुआ मौत का साया: सीएम हेमन्त के हस्तक्षेप से रिहा हुए झारखंड के 5 श्रमिक।

रांची: दक्षिण अफ्रीका के नाइजर में कार्यरत झारखंड के पांच प्रवासी श्रमिकों के लिए आज का दिन नया जीवन मिलने जैसा है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निरंतर प्रयासों और विदेश मंत्रालय के साथ बेहतर समन्वय के कारण आठ महीने पहले अपहृत हुए सभी श्रमिक अब सुरक्षित हैं। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने सभी श्रमिकों से फोन पर बात कर उनकी कुशलता की पुष्टि की है।

घटनाक्रम: 25 अप्रैल 2025 को हुआ था अपहरण गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड (दोन्दलो और मुंडरो गांव) के ये श्रमिक नाइजर में कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी के KPTC प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। 25 अप्रैल 2025 को तेलाबारी क्षेत्र में काम के दौरान हथियारबंद उग्रवादियों ने 26 स्थानीय नागरिकों और 12 विदेशी श्रमिकों (जिनमें झारखंड के 5 शामिल थे) का अपहरण कर लिया था।

सरकारी तंत्र की सक्रियता मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लेते हुए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद:

भारतीय दूतावास (नियामी, नाइजर) और विदेश मंत्रालय के साथ सीधा संपर्क साधा गया।

कंपनी प्रबंधन पर दबाव बनाया गया कि श्रमिकों का वेतन नियमित रूप से उनके बैंक खातों में जमा होता रहे।

मेडिकल जांच के बाद अब इन श्रमिकों को हवाई मार्ग से झारखंड लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

परिवारों का रखा गया पूरा ख्याल श्रमिकों की अनुपस्थिति में उनके परिजनों का हौसला न टूटे, इसके लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर गिरिडीह जिला प्रशासन ने उन्हें 14 प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा। इनमें मईया सम्मान योजना, आयुष्मान कार्ड, आवास योजना और पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं, ताकि आर्थिक तंगी की वजह से परिवार को परेशानी न हो।

JSBCCL ने राज्य सरकार को दिया ₹20 करोड़ का लाभांश: सीएम हेमन्त सोरेन ने सराहा, कहा— "प्रोफेशनल कंपनी के रूप में बढ़ें आगे।"

रांची: झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अपनी आय से राज्य सरकार को लाभांश के रूप में एक बड़ी राशि प्रदान की है। शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात कर उन्हें 20 करोड़ रुपये का चेक सप्रेम भेंट किया।

कॉरपोरेशन की सराहना और विजन चेक स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कॉरपोरेशन के प्रदर्शन की सराहना की और अधिकारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि "कॉरपोरेशन को एक पूरी तरह प्रोफेशनल कंपनी के रूप में विकसित होना चाहिए। इसके लिए बेहतर और आधुनिक कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ें ताकि भविष्य में लाभ (प्रॉफिट) की राशि में और अधिक वृद्धि की जा सके।"

वित्तीय मजबूती का संकेत यह 20 करोड़ रुपये की राशि कॉरपोरेशन द्वारा अर्जित लाभ से डिविडेंड के रूप में राज्य के खजाने में जमा की गई है, जो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।

समारोह में उपस्थिति इस अवसर पर मुख्य रूप से झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (MD) श्री अरवा राजकमल, कार्यपालक निदेशक श्री संजय कुजूर, महाप्रबंधक श्री अविनाश कुमार समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बजट निर्माण में जनता की भागीदारी: सीएम हेमन्त सोरेन ने लॉन्च किया "अबुआ दिशोम बजट पोर्टल", सर्वश्रेष्ठ सुझावों पर मिलेगा सम्मान।

झारखंड सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को अधिक समावेशी और जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप बनाने की तैयारी में जुट गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में "अबुआ दिशोम बजट पोर्टल तथा मोबाइल ऐप" का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के विशेषज्ञ और आम नागरिक बजट निर्माण के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव सीधे सरकार तक पहुँचा सकेंगे।

योजनाओं से नहीं, जन-भागीदारी से बनेगा मजबूत राज्य पोर्टल लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मजबूत राज्य की नींव केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि सक्रिय जन-भागीदारी से रची जाती है। हमारी सरकार समावेशी बजट लागू करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज बजट का हिस्सा बन सके।"

17 जनवरी तक दे सकेंगे सुझाव; मिलेगा सम्मान राज्य के नागरिक 17 जनवरी 2026 तक इस पोर्टल, मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (WhatsApp, Instagram, Facebook, X) के माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं। विशेष रूप से राजस्व संवर्द्धन (Revenue Generation) से संबंधित सुझावों को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सबसे शानदार और उपयोगी तीन सुझाव देने वाले व्यक्तियों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले वित्तीय वर्ष से इस प्रक्रिया को और पहले शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर (राज्य स्थापना दिवस) से ही पोर्टल के माध्यम से सुझाव लेने की कार्रवाई शुरू की जाए, ताकि सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी समय रहते सुनिश्चित हो सके।

प्रमुख उपस्थिति इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री, मुख्य सचिव, सचिव (व्यय), सचिव (संसाधन) सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात: झाप्रसे संघ ने सीएम हेमन्त सोरेन को दी नववर्ष की शुभकामनाएं।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में 'झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ' (ZHAPSA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य: मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ की अध्यक्ष श्रीमती रंजीता हेम्ब्रम ने किया। उनके साथ संघ के महासचिव श्री राहुल कुमार तथा सदस्य श्री सुनील कुमार एवं श्री रिंकू कुमार मुख्य रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने दीं मंगलकामनाएं: प्रतिनिधिमंडल की शुभकामनाओं को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने भी अपनी ओर से संघ के सभी सदस्यों और राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को नूतन वर्ष की हार्दिक मंगलकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने राज्य के विकास और प्रशासनिक कार्यों में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।

झारखंड मंत्रालय में नववर्ष की गूँज: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिले मंत्री और विधायक, दीं नूतन वर्ष की शुभकामनाएँ।

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में राज्य सरकार के मंत्रियों, विधायकों और विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने औपचारिक मुलाकात की। यह मुलाकात नववर्ष 2026 के स्वागत और शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के उद्देश्य से आयोजित एक शिष्टाचार भेंट थी।

शुभकामनाओं का आदान-प्रदान मुख्यमंत्री से मिलने पहुँचे मंत्रियों और विधायकों ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने भी सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए अपनी ओर से उन्हें नूतन वर्ष की शुभकामनाएँ दीं और उनके सुखद एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

इन प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने की मुलाकात: मुलाकात करने वालों में मुख्य रूप से:

मंत्री: श्री संजय प्रसाद यादव और डॉ. इरफान अंसारी।

विधायक: श्री हेमलाल मुर्मू, श्री जिगा सुसरन होरो, श्रीमती श्वेता सिंह, श्रीमती ममता देवी और श्री उदय शंकर सिंह (चुन्ना सिंह)।

पूर्व विधायक: श्रीमती पूर्णिमा नीरज सिंह एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

इस अवसर पर राज्य के विकास और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर भी संक्षिप्त अनौपचारिक चर्चा हुई।

रांची DC का सख्त निर्देश: बिना कारण सर्टिफिकेट रिजेक्ट करने वाले अंचल अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई।

रांची: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (VLE) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रज्ञा केंद्रों को आधुनिक तकनीक से लैस करना और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में पारदर्शिता सुनिश्चित करना था।

प्रमाण पत्रों के रिजेक्शन पर उपायुक्त की सख्ती बैठक के दौरान उपायुक्त ने अंचल और प्रखंड कार्यालयों की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जाति, आवासीय और आय प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण आवेदनों को बिना किसी ठोस कारण के रिजेक्ट न किया जाए। यदि कोई कार्यालय तय समय सीमा से अधिक आवेदन लंबित रखता है या बिना वैध कारण के रिजेक्ट करता है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रज्ञा केंद्रों का तकनीकी अपग्रेडेशन उपायुक्त ने VLEs को संबोधित करते हुए कहा कि प्रज्ञा केंद्र डिजिटल इंडिया की रीढ़ हैं। उन्होंने केंद्रों को 5G रेडी, हाई-स्पीड इंटरनेट और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम से लैस करने का निर्देश दिया। साथ ही, सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड-बेस्ड सिस्टम को शामिल करने पर जोर दिया ताकि ग्रामीणों को उनके घर के पास ही त्वरित सेवाएं मिल सकें।

जमीन दाखिल-खारिज और 'अबुआ साथी' DC ने बताया कि पिछले एक वर्ष में 10 डिसमिल जमीन के दाखिल-खारिज के लंबित मामलों का रिकॉर्ड निष्पादन किया गया है। जन समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने 'अबुआ साथी' (WhatsApp: 9430328080) हेल्पलाइन शुरू की है। अब इसे तकनीकी रूप से और उन्नत करते हुए 'अबुआ साथी डैशबोर्ड' का निर्माण किया गया है, जिससे शिकायतों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग आसान हो गई है।

सावधानी और पारदर्शिता के निर्देश उपायुक्त ने प्रज्ञा केंद्र संचालकों को चेतावनी दी कि वे किसी भी परिस्थिति में फर्जी या गलत दस्तावेज अपलोड न करें। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़ा पाए जाने पर केंद्र संचालक की जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने सभी केंद्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुँचाने का भी निर्देश दिया।

अंश-अंशिका अपहरण कांड का 8वां दिन: कल रांची की सड़कों पर निकलेगा मशाल जुलूस, 11 जनवरी को HEC क्षेत्र में महाबंद।

रांची: मौसीबाड़ी (मल्लारकोचा) से अपहृत 5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका का 8वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। इसके विरोध में और बच्चों की सकुशल वापसी की मांग को लेकर 'अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति' ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। शुक्रवार को समिति के सदस्यों ने धुर्वा बस स्टैंड, जेपी मार्केट (सेक्टर 2) और झोपड़ी मार्केट में नुक्कड़ सभाएं कर स्थानीय दुकानदारों और आम जनता से 11 जनवरी के 'एचईसी बंद' को सफल बनाने का आह्वान किया।

मशाल जुलूस की तैयारी समिति के संयोजक कैलाश यादव ने बताया कि कल, 10 जनवरी को शाम 4:30 बजे मौसीबाड़ी और पुराना विधानसभा से एक विशाल शांतिपूर्ण मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह पद मार्च भगवान बिरसा चौक तक जाएगा, जहाँ भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के समक्ष बच्चों की सलामती की प्रार्थना की जाएगी।

प्रशासन को सहयोग और सवाल दोनों कैलाश यादव ने कहा कि "हम बच्चों को खोजने में जुटी पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं और उनका मनोबल बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन जब तक अंश और अंशिका घर नहीं लौटते, हमारे लोकतांत्रिक सवाल जारी रहेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पुलिस की सक्रियता बढ़ी है, लेकिन यदि यही गंभीरता पहले दिन दिखाई गई होती तो शायद अब तक सफलता मिल गई होती।

जनता का समर्थन कांग्रेस के धुर्वा मंडल अध्यक्ष सह समिति सदस्य रंजन यादव ने कहा कि परिजनों के टूटते सब्र और जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए समिति ने बंद का कड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने क्षेत्र के सभी व्यापारियों और हाट-बाजार संचालकों से मानवीय संवेदना के आधार पर स्वैच्छिक बंद रखने की अपील की है।