डिजिटल झारखंड की नई पहचान: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने किया NIC की विशेष 'कॉफी टेबल बुक' का लोकार्पण।

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को झारखंड विधानसभा स्थित अपने कक्ष में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के आला अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड की डिजिटल विकास यात्रा को दर्शाने वाली एक विशेष "कॉफी टेबल बुक" का लोकार्पण किया।

डिजिटल नवाचारों का दस्तावेज:

लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने में तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एनआईसी द्वारा तैयार की गई इस “कॉफी टेबल बुक” में झारखंड सरकार के साथ मिलकर संचालित की जा रही विभिन्न ई-गवर्नेंस परियोजनाओं, महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों और राज्य में हुए तकनीकी नवाचारों का विस्तृत और डेटा-आधारित विवरण प्रस्तुत किया गया है।

प्रमुख अधिकारियों की रही मौजूदगी:

मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह, उप-महानिदेशक श्री दीपक कुमार और वैज्ञानिक-‘एफ’ श्री ओमेश प्रसाद सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को भविष्य की योजनाओं और डिजिटल इंडिया मिशन के तहत राज्य में चल रहे प्रोजेक्ट्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस खास मौके पर राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने एनआईसी की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी पुस्तकें न केवल सरकारी उपलब्धियों का दस्तावेज होती हैं, बल्कि आने वाले समय में डिजिटल सशक्तिकरण के लिए नए मार्ग भी प्रशस्त करती हैं।

डिजिटल झारखंड की झलक: सीएम हेमन्त सोरेन ने NIC की विशेष 'कॉफी टेबल बुक' का किया लोकार्पण।

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड विधानसभा स्थित अपने कक्ष में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण मुलाकात की और राज्य की डिजिटल प्रगति को दर्शाने वाली एक विशेष पुस्तक का लोकार्पण किया।

कॉफी टेबल बुक का विमोचन:

इस शिष्टाचार मुलाकात के अवसर पर मुख्यमंत्री ने NIC द्वारा तैयार की गई “कॉफी टेबल बुक” का विमोचन किया। इस आकर्षक पुस्तक में झारखंड में NIC द्वारा संचालित विभिन्न ई-गवर्नेंस परियोजनाओं, डिजिटल पहलों और राज्य सरकार के साथ मिलकर किए गए तकनीकी नवाचारों का विस्तृत विवरण दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में NIC की भूमिका की सराहना की।

प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति:

मुलाकात के दौरान NIC के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह, उप-महानिदेशक श्री दीपक कुमार और वैज्ञानिक-‘एफ’ श्री ओमेश प्रसाद सिन्हा उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को भविष्य की डिजिटल रणनीतियों और तकनीकी सहयोग के बारे में भी जानकारी दी। लोकार्पण के इस खास मौके पर राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार भी मौजूद थे।

डिजिटल सशक्तिकरण पर जोर:

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी और त्वरित सुशासन के लिए तकनीक का उपयोग अनिवार्य है। राज्य सरकार हर नागरिक तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और NIC की यह नई पुस्तक इन प्रयासों को जनता के सामने लाने का एक बेहतर माध्यम साबित होगी।

सत्ता और विपक्ष का महामिलन: लोक भवन में आयोजित रात्रि भोज में राज्यपाल और मुख्यमंत्री सहित कई दिग्गज हुए शामिल।

रांची: षष्ठम झारखंड विधानसभा के पंचम (बजट) सत्र-2026 के सफल संचालन के उपलक्ष्य में लोक भवन में एक भव्य रात्रि भोज का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में सत्ता और विपक्ष के माननीय सदस्यों के सम्मान में एक मंच पर राज्य की प्रमुख हस्तियां एकत्रित हुईं।

इस गरिमामय संध्या में माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार और माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मुख्य रूप से सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल का स्वागत किया और दोनों ने राज्य के विकास और सदन की कार्यवाही को लेकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा की।

एकजुटता का संदेश:

सदन की गहमागहमी और बजट सत्र की व्यस्तताओं के बीच, इस रात्रि भोज ने सभी माननीयों को एक अनौपचारिक वातावरण में मिलने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, विभिन्न दलों के विधायकगण और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

भोज के दौरान सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी संवाद पर जोर रहा, जिससे यह संदेश गया कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद राज्य के हित में सभी माननीय एक साथ खड़े हैं। कार्यक्रम का आयोजन पूरी गरिमा के साथ किया गया, जिसमें झारखंड की मेहमाननवाजी की झलक देखने को मिली।

सरहुल की तैयारियों में जुटा प्रशासन: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा— "श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता"।

रांची: प्रकृति पर्व सरहुल को शांतिपूर्ण, भव्य और अनुशासित तरीके से मनाने के लिए रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को समाहरणालय में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय सरना समिति और विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं:

बैठक में निर्णय लिया गया कि नगर निगम प्रमुख सरना स्थलों और शोभायात्रा मार्गों पर साफ-सफाई और लाइटिंग की पुख्ता व्यवस्था करेगा। विशेष रूप से, शोभायात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को उनके घर तक पहुंचाने के लिए नगर निगम की ओर से निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन और समितियों के बीच निरंतर संवाद के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा।

सुरक्षा और नियमों का पालन:

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का आश्वासन दिया। वहीं, बिजली विभाग ने माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए समितियों से आग्रह किया कि शोभायात्रा के दौरान झंडों और झांकियों की ऊंचाई 6 मीटर से अधिक न रखें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही ध्वनि प्रदूषण के नियमों का पालन करने के भी निर्देश दिए गए।

आदिवासी अस्मिता और "टीम रांची":

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच का जिक्र करते हुए कहा कि हम “टीम रांची” के रूप में काम करेंगे। उन्होंने पिछले वर्ष के “दुनिया की जतरा” कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि आदिवासी संस्कृति और अस्मिता को दुनिया के सामने लाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी सहयोग से सरहुल का पर्व पूरे उल्लास और गरिमा के साथ संपन्न होगा।

बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री की मिसाल: खुद रक्तदान कर सीएम हेमन्त सोरेन ने विधानसभा में किया शिविर का शुभारंभ।

रांची: झारखंड विधानसभा परिसर आज एक विशेष मानवीय कार्य का गवाह बना। विधानसभा बजट सत्र के बीच, परिसर स्थित औषधालय में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व स्वयं मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने किया।

मुख्यमंत्री ने न केवल इस शिविर का शुभारंभ किया, बल्कि स्वयं रक्तदान कर पूरे प्रदेश को सेवा और मानवता का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान एक महान मानवीय कार्य है। उन्होंने इसे एक ऐसा पुण्य कार्य बताया जिससे अनगिनत जरूरतमंदों को नया जीवन प्राप्त होता है।

विधायकों और कर्मचारियों ने दिखाया उत्साह:

मुख्यमंत्री के आह्वान पर विधानसभा अध्यक्ष श्री रविन्द्र नाथ महतो सहित कई मंत्रियों, विधायकों और विधानसभा के अधिकारियों व कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर इस शिविर में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे नियमित रूप से रक्तदान करें और दूसरों की जान बचाने में अपना योगदान दें।

मौके पर उपस्थिति:

इस पुनीत कार्य के दौरान सदन के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से एकत्रित रक्त को सरकारी ब्लड बैंकों में जमा किया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में मरीजों की मदद की जा सके। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जन-जागरूकता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

बंडा पहाड़ पर उमड़ा भक्ति का सैलाब: 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई परिक्रमा, गूंजा 'हर-हर महादेव'।

गढ़वा: जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में चल रहा विराट श्री रुद्र महायज्ञ अब अपने चरम पर है। महायज्ञ के आठवें दिन भक्ति और श्रद्धा का ऐसा अद्भुत संगम दिखा कि 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की।

श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का वर्णन:

संध्याकालीन कथा अमृतवर्षा कार्यक्रम में अयोध्या से पधारे आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने योगीराज श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं और 'माखनचोर' रूप का सजीव वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने विश्व कल्याण हेतु ही शेषनाग का मान मर्दन किया और गिरधर रूप धारण कर गोवर्धन पर्वत उठाया। कथा के समापन पर वृंदावन से आए कलाकारों ने दही-हांडी और कृष्ण-राधिका की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे।

किसानों का सम्मान और अतिथियों का आगमन:

महायज्ञ के आठवें दिन मुख्य अतिथि के रूप में गढ़वा नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री आशीष सोनी और आजसू जिलाध्यक्ष श्री दीपक शर्मा उपस्थित रहे। इस दौरान एक सराहनीय पहल करते हुए उन किसानों (करमूं पाल, अजय पाल और वीरेंद्र पाल) को सम्मानित किया गया, जिन्होंने महायज्ञ के आयोजन के लिए अपना खेत स्वेच्छा से उपलब्ध कराया है।

व्यवस्था और सेवा:

प्रधान संयोजक राकेश कुमार पाल ने स्वच्छता अभियान को जारी रखते हुए भंडारे के कचरे के सही निपटान के निर्देश दिए। विशेष बात यह रही कि ऊंचरी निवासी लोकनाथ मेहता और सुनील मेहता द्वारा मेले में टैंकरों के माध्यम से निशुल्क जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता भी मुस्तैद दिखे।

मेला क्षेत्र में लगे झूले, मिठाई की दुकानें और श्रृंगार स्टोर बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कार्यक्रम में अनिल सोनी, संजय सोनी सहित हजारों की संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।

आदिवासी फैशन को नया मंच: सीएम हेमन्त सोरेन ने किया "जोहारग्राम" शोरूम का उद्घाटन।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने करमटोली चौक के समीप "जोहारग्राम - मेड इन झारखंड" शोरूम का फीता काटकर भव्य शुभारंभ किया। इस शोरूम में पारंपरिक आदिवासी पहनावे को समकालीन फैशन के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। यहाँ पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए आदिवासी साड़ियाँ, टी-शर्ट, बंडी (जैकेट) और पारंपरिक आभूषणों का विस्तृत संग्रह उपलब्ध है।

सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का प्रयास:

उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कला-संस्कृति, उनके खान-पान और पारंपरिक आभूषणों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, "इस तरह के शोरूम खुलने से न केवल स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को रोजगार मिलेगा, बल्कि युवाओं और आम लोगों के बीच ट्राइबल पहनावे के प्रति आकर्षण भी बढ़ेगा।"

डिजाइनर आशीष साहू का योगदान:

शोरूम के संचालक और प्रख्यात फैशन डिजाइनर आशीष सत्यव्रत साहू (जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में सराहा है) ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। जोहारग्राम ब्रांड के जरिए आशीष झारखंड के पारंपरिक कपड़ों जैसे 'कुखना' और 'मइया साड़ी' को आधुनिक स्ट्रीटवेयर का रूप देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बना रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शोरूम का भ्रमण किया और वहां प्रदर्शित उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि "मेड इन झारखंड" के लेबल वाले ये उत्पाद राज्य की प्रगति और स्वाभिमान का प्रतीक हैं।

विधानसभा में गूंजा प्रिंस खान का आतंक: बाबूलाल मरांडी ने घेरा, कहा- "दुबई से चल रहा वसूली का साम्राज्य"।

रांची: झारखंड में 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से चर्चित कुख्यात अपराधी प्रिंस खान का आतंक अब केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि राज्य की विधानसभा में भी चर्चा का केंद्र बन गया है। शनिवार को बजट सत्र के दौरान विपक्षी दल भाजपा ने प्रिंस खान द्वारा व्यवसायियों को दी जा रही धमकियों और रंगदारी के मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार को जमकर घेरा।

बाबूलाल मरांडी का सीधा प्रहार:

सदन में गृह विभाग के सवालों पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रिंस खान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि प्रिंस खान दुबई में बैठकर अपने गुर्गों के जरिए झारखंड में दहशत फैला रहा है और रंगदारी का बड़ा साम्राज्य चला रहा है। मरांडी ने हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि रांची के टीटोस होटल में सरेआम गोलीबारी कर एक कर्मचारी की हत्या कर दी गई और बोकारो में शोरूम संचालकों से करोड़ों की रंगदारी मांगी जा रही है। उन्होंने तीखा सवाल किया कि "यदि पुलिस 10 अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करे, तो कोई अपराधी चाहे पाकिस्तान में बैठा हो, रंगदारी मांगने की हिम्मत नहीं करेगा।"

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस:

झरिया विधायक रागिनी सिंह ने सरकार पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि प्रिंस खान को पुलिस और राजनीति के संरक्षण में देश से बाहर भगाया गया है। उन्होंने इस मामले में अब तक जांच कमेटी गठित न होने पर सवाल उठाए। वहीं, धनबाद विधायक राज सिन्हा ने पूछा कि आखिर इस गिरोह पर लगाम लगाने के लिए एसआईटी (SIT) का गठन क्यों नहीं किया गया। बरही विधायक मनोज यादव ने चतरा और रांची के व्यवसायियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।

सरकार का पक्ष:

विपक्ष के इन तीखे सवालों का जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन अपराधियों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने सदन को सूचित किया कि प्रिंस खान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है और उसके प्रत्यर्पण (Extradition) के लिए केंद्र सरकार के माध्यम से कानूनी पहल की जा रही है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि अपराधियों के गुर्गों को चुन-चुन कर सजा दी जा रही है और हाल ही में धनबाद में हुए पुलिस एनकाउंटर इसके प्रमाण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और व्यवसायियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

डिजिटल इंडिया की नई तस्वीर: रांची में जनगणना 2027 के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, मोबाइल ऐप से होगी गणना।

समाहरणालय स्थित ब्लॉक-बी में आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफल समापन हुआ। 12 मार्च से 14 मार्च तक चले इस सत्र में जिले के वरीय अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जनगणना के प्रथम चरण— 'मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना'—की बारीकियों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

पेपरलेस होगी गणना, मोबाइल ऐप का होगा उपयोग:

इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल होना है। प्रशिक्षण के दौरान 'House Listing Operation Mobile App' और 'CMMS Web Portal' के उपयोग पर गहन चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि डेटा का रीयल-टाइम अपलोड, सत्यापन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल उपकरणों का सहारा लिया जाएगा। इसके अलावा, आम नागरिक 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) की सुविधा के जरिए स्वयं भी अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे।

दो चरणों में संपन्न होगी प्रक्रिया:

प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी होगी:

प्रथम चरण: अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच मकानों का सूचीकरण किया जाएगा।

द्वितीय चरण: फरवरी 2027 में वास्तविक जनसंख्या गणना होगी, जिसकी संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 निर्धारित है।

अधिकारियों की उपस्थिति:

समापन सत्र में अपर समाहर्ता श्री रामनारायण सिंह, एसडीओ सदर श्री कुमार रजत, एसडीओ बुण्डू श्री किस्टो कुमार बेसरा सहित सभी प्रखंडों के बीडीओ और सांख्यिकी कर्मी मौजूद रहे। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्री शेषनाथ बैठा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण फील्ड वर्क को सटीक और समयबद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

रांची में JSSC परीक्षा को लेकर सख्ती: 12 केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू, जमघट पर पाबंदी।

दिनांक 18 मार्च से 19 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाली इस कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए रांची के 12 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 (पूर्व में धारा 144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

क्या रहेंगे प्रतिबंध?

परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में यह निषेधाज्ञा सुबह 07:00 बजे से रात 08:00 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत:

पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पाबंदी रहेगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर रोक होगी।

लाठी-डंडा, तीर-धनुष या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा (ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को छोड़कर)।

किसी भी प्रकार की सभा या बैठक आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन की अपील:

उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के संयुक्तादेश पर केंद्रों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संचालन में सहयोग करें।