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त्योहारों पर यूपी पुलिस अलर्ट, बाजारों में पैदल गश्त और रात में सायरन से होगी निगरानी
डीजीपी राजीव कृष्ण ने धनतेरस से छठ तक सुरक्षा के दिए निर्देश

पटाखा दुकानों की जांच, महिला सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर

लखनऊ। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने ऑनलाइन बैठक के माध्यम से प्रदेश के सभी जोन, परिक्षेत्र और जिलों के पुलिस अधिकारियों को त्योहारों के दौरान सतर्कता बरतने और अपराध नियंत्रण के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप हुई इस बैठक में बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने को कहा गया है। डीजीपी ने निर्देश दिए कि शाम के समय वरिष्ठ अधिकारी और थाना प्रभारी स्वयं संवेदनशील बाजारों तथा महत्वपूर्ण स्थानों पर गश्त करें। गश्त के दौरान केवल भ्रमण करने के बजाय दुकानदारों और आम लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं भी सुनी जाएं और संभव हो तो मौके पर ही समाधान किया जाए।

शाम छह बजे के बाद सायरन बजाकर दिखेगी पुलिस की मौजूदगी

पुलिस अधिकारियों को प्रभावी और सूचना आधारित गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में हुई आपराधिक घटनाओं, अपराध के तरीकों और स्थानीय समस्याओं का पहले से विश्लेषण किया जाएगा। संवेदनशील इलाकों में जरूरत के अनुसार पुलिस पिकेट और अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा।

यूपी-112 की गाड़ियों को आपातकालीन सेवाओं के साथ सामान्य परिस्थितियों में भी अपने निर्धारित क्षेत्रों में धीमी गति से लगातार गश्त करने को कहा गया है। विशेष रूप से शाम छह से सात बजे के बाद निर्धारित अंतराल पर सायरन बजाकर पुलिस की मौजूदगी प्रदर्शित की जाएगी।

बीट पुलिसकर्मियों को अपने क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण और तस्करी, अवैध हथियारों तथा संगठित अपराधियों के नेटवर्क से संबंधित विश्वसनीय सूचनाएं जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त सूचनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने को भी कहा गया है।

पटाखा दुकानों और भंडारण स्थलों की होगी जांच

दीपावली को देखते हुए पटाखों की दुकानों और उनके भंडारण स्थलों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पटाखा दुकानें खुले और सुरक्षित स्थानों पर, मुख्य बाजार से अलग निर्धारित स्थलों पर ही लगाई जाएं। सभी दुकानों के लिए अस्थायी लाइसेंस अनिवार्य होगा।

दुकानों पर पानी, रेत और अग्निशमन यंत्र सहित जरूरी सुरक्षा इंतजाम उपलब्ध कराने होंगे। प्रदेश में अस्थायी पटाखा दुकानों और भंडारण स्थलों की जांच शीघ्र पूरी कर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। पिछले पांच वर्षों में पटाखों से जुड़ी दुर्घटनाओं में हुई मौतों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

दीपावली से पहले से लेकर छठ पर्व तक अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट रखा जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

भैयादूज पर महिला सुरक्षा और यातायात पर विशेष ध्यान

भैयादूज पर महिलाओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन और प्रमुख मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा नियमित गश्त कराने को कहा गया है। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए भी प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।

त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए यातायात ड्यूटी का नए सिरे से निर्धारण किया जाएगा। अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों का उपयोग करते हुए भीड़भाड़ वाले स्थानों और प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त बल तैनात किया जाएगा, ताकि जाम की स्थिति न बने और लोगों का आवागमन सुचारु रहे।

संगठित अपराधियों के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई के निर्देश

अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने अपराध नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी आपराधिक घटना का खुलासा होने के बाद कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे। संबंधित गिरोह के पूरे नेटवर्क, उसके विस्तार और दूसरे जिलों से जुड़े संपर्कों की भी गहन जांच की जाए।

अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान अवैध हथियारों की आपूर्ति के स्रोत और पूरी आपूर्ति शृंखला का पता लगाया जाए। इसी तरह मादक पदार्थों की तस्करी और उनके वितरण नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि किसी गिरोह का खुलासा होने के बाद उसकी गतिविधियों की जांच केवल संबंधित जिले तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। दूसरे जिलों में सक्रिय सदस्यों और नेटवर्क का पता लगाने के लिए एसटीएफ तथा संबंधित जिलों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई की जाए।

डीजीपी और एडीजी कानून-व्यवस्था ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान आमजन की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन को प्राथमिकता दी जाए। पुलिस की प्रभावी गश्त, सटीक सूचना संकलन और अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई के माध्यम से सभी पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराए जाएं।
यूपी में 15 आईएएस अफसरों का तबादला, अनुराग श्रीवास्तव बने कृषि उत्पादन आयुक्त
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 15 आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। इनमें पांच अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, जबकि 10 अधिकारियों के मौजूदा कार्यभार में फेरबदल किया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव में सात वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 

अपर मुख्य सचिव वित्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) और अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन दीपक कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विभागों का पुनर्वितरण किया गया है। शासनादेश के मुताबिक, मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल को अपर मुख्य सचिव नागरिक उड्डयन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति अनुराग श्रीवास्तव को कृषि उत्पादन आयुक्त बनाया गया है। उनके पास नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल, ग्रामीण पेयजल मिशन और राज्य स्वच्छ गंगा मिशन का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।

अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार-2 को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी) नियुक्त किया गया है। उन्हें अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, एनआरआई और पिकप के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज को राज्य सतर्कता आयोग और प्रशासनाधिकरण-1 के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. एमकेएस सुंदरम को प्रमुख सचिव समन्वय और परियोजना निदेशक, यूपी डास्प की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख सचिव नियोजन, कार्यक्रम कार्यान्वयन और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार-3 को प्रमुख सचिव वित्त, संस्थागत वित्त तथा बाह्य सहायतित परियोजना का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

इसके साथ ही प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। प्रमुख सचिव बाह्य सहायतित परियोजना एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पंधारी यादव को बाह्य सहायतित परियोजना विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार को पीसीडीएफ का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक अमित कुमार सिंह को उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन कृष्ण कुमार को झांसी मंडल का मंडलायुक्त नियुक्त किया गया है।

सचिव प्रशासनिक सुधार भूपेंद्र एस. चौधरी को उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग का सचिव बनाया गया है। वहीं, प्रतीक्षारत चल रहे देवेंद्र सिंह कुशवाहा को विशेष सचिव, प्रशासनिक सुधार की जिम्मेदारी दी गई है। विशेष सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन चंद्रशेखर को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का मुख्य कार्यपालक अधिकारी और ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकरण का प्रशासक नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा विशेष सचिव समाज कल्याण एवं सचिव, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग प्रवीण मिश्रा को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का प्रबंध निदेशक तथा निदेशक जनजाति विकास का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण: स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्षों व सदस्यों हेतु राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित
- जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित, सुलभ व किफायती निस्तारण में स्थायी लोक अदालतों की भूमिका महत्वपूर्ण: न्यायमूर्ति आलोक माथुर
- सुलह-समझौते और संवाद के जरिए बिना कोर्ट फीस के आमजन को न्याय दिलाना मूल उद्देश्य; निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाएं सदस्य
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम-1987 के तहत कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने और व्यवहारिक चुनौतियों पर हुआ गहन मंथन

लखनऊ, 31 अक्टूबर 2026। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश  न्यायमूर्ति  सूर्यकान्त तथा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं कार्यपालक अध्यक्ष (राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण-नालसा)  न्यायमूर्ति  विक्रम नाथ के संरक्षण में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा मुख्य संरक्षक (उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण)  न्यायमूर्ति अरूण भंसाली एवं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश तथा कार्यपालक अध्यक्ष (उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण)  न्यायमूर्ति  अरिन्दम सिन्हा के कुशल मार्गदर्शन में शनिवार को राजधानी के स्पंदन सभागार में राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की समस्त स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्षों एवं सदस्यों की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खण्डपीठ के न्यायाधीश  न्यायमूर्ति  आलोक माथुर ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति  आलोक माथुर ने अपने संबोधन में वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) संस्थाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थायी लोक अदालतें आम नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़ी जन उपयोगी सेवाओं (Public Utility Services) के विवादों को सुलझाने का एक सशक्त और प्रभावी माध्यम हैं।
न्यायमूर्ति माथुर ने रेखांकित किया कि सुलह (Conciliation) की प्रक्रिया किसी तयशुदा अथवा औपचारिक खांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर संवाद, आपसी समझ और सौहार्दपूर्ण समाधान की भावना पर टिकी है। उन्होंने स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्षों एवं सदस्यों का आह्वान किया कि वे अनिवार्य सुलह की प्रक्रिया का निर्वहन करते समय पूरी तरह निष्पक्ष, संवेदनशील और पारदर्शी दृष्टिकोण अपनाएं, जिससे पक्षकारों का न्याय व्यवस्था पर अटूट विश्वास बना रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव डॉ. मनु कालिया ने अतिथियों का स्वागत किया। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कहा  कि स्थायी लोक अदालतों का प्राथमिक दायित्व नियमित न्यायालयों की भांति केवल न्यायिक निर्णय पारित करना भर नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों के मध्य सार्थक संवाद स्थापित कराकर सहमति और सुलह के आधार पर विवादों का सर्वमान्य हल निकालना है। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के प्राविधानों के अंतर्गत इन संस्थाओं में सुलह की मानवीय भावना के साथ त्वरित न्याय निर्णयन की व्यवस्था अंतर्निहित है।
अभिमुखीकरण सत्र के दौरान वक्ताओं ने रेखांकित किया कि स्थायी लोक अदालतें न्याय व्यवस्था का ऐसा अनूठा मंच हैं, जहां आम नागरिकों को बिना किसी कोर्ट फीस और बिना जटिल अदालती प्रक्रियाओं के त्वरित, सुलभ व किफायती न्याय प्राप्त होता है। दिन भर चले तकनीकी सत्रों में प्रदेश भर से आए स्थायी लोक अदालतों के अध्यक्षों और सदस्यों ने अपने व्यवहारिक अनुभव साझा किए। इस दौरान स्थायी लोक अदालतों की मिश्रित प्रकृति यानी समाधान एवं न्यायनिर्णयन और उनके क्षेत्राधिकार से संबंधित विधिक प्राविधानों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, सुलह की कार्यवाही के दौरान अपनाई जाने वाली प्रभावी प्रक्रियाओं, उपयुक्त वादों के चिन्हांकन तथा पक्षकारों के साथ सार्थक व सकारात्मक वार्ता को बढ़ावा देने के व्यवहारिक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया और फील्ड स्तर पर आने वाली विभिन्न प्रशासनिक व प्रक्रियात्मक चुनौतियों के त्वरित समाधान की रूपरेखा तैयार की गई।
दिव्यांगजनों के राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए आवेदनों की जांच जल्द पूरी करें : नरेंद्र कश्यप
- 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांगता दिवस पर आयोजित होगा पुरस्कार वितरण समारोह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी होंगे शामिल
- पुरस्कार राशि 5 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई, सभी 12 श्रेणियों और 30 उपश्रेणियों में पात्रों का चयन करने के निर्देश

लखनऊ। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने दिव्यांगजनों को दिए जाने वाले राज्य स्तरीय पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी 12 श्रेणियों और 30 उपश्रेणियों में प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटिनी का काम शीघ्र पूरा किया जाए। जिन श्रेणियों में आवेदन नहीं मिले हैं, उनमें जिला दिव्यांगजन अधिकारियों और जिलाधिकारियों के माध्यम से पात्र लोगों के आवेदन मंगाए जाएं, ताकि कोई भी श्रेणी खाली न रह जाए। समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। राज्य स्तरीय पुरस्कार भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य दिव्यांगजनों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें यह भरोसा दिलाना है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने दिव्यांगजन पुरस्कार की राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है। इसके लिए पर्याप्त बजट की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित धनराशि का सदुपयोग करते हुए सभी पात्र लोगों का चयन सुनिश्चित किया जाए।
राज्य स्तरीय पुरस्कारों के तहत सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग कर्मचारी एवं स्वनियोजित दिव्यांगजन, दिव्यांगजनों के लिए उत्कृष्ट नियोक्ता और प्लेसमेंट अधिकारी या एजेंसी, दिव्यांगजन के क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति एवं संस्थान, प्रेरणास्रोत, नवीन अनुसंधान एवं उत्पाद विकास, बाधामुक्त वातावरण तैयार करने, पुनर्वास सेवाएं देने वाले सर्वश्रेष्ठ जिले, सृजनशील दिव्यांग वयस्क एवं बालक-बालिका, ब्रेल प्रेस, दिव्यांग खिलाड़ी तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण के लिए कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी को सम्मानित किया जाएगा। इन सभी वर्गों में कुल 12 श्रेणियों और 30 उपश्रेणियों के अंतर्गत पुरस्कार निर्धारित हैं।
बैठक में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांगता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी औपचारिकताएं समय से पूरी कर ली जाएं। आयोजन में किसी भी तरह की लापरवाही या अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार कर उस पर अमल सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की निदेशक अस्मिता लाल, संयुक्त निदेशक अमित सिंह, उप निदेशक अमित राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
एफएसडीए ने 6 महानगरों में चलाया विशेष अभियान, 9 खाद्य प्रतिष्ठानों का कारोबार कराया बंद
- 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत मिठाई निर्माण में गंदगी और प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल पर लिया गया एक्शन
- 69 टीमों ने 116 खाद्य प्रतिष्ठानों का किया निरीक्षण, 149 नमूने संग्रहित और 96 सुधार नोटिस जारी
- 655 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त, 537 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई

लखनऊ, 31 अक्टूबर। त्योहारों के दौरान आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने प्रदेशव्यापी निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत विभाग की 69 टीमों ने 6 महानगरों (कानपुर, गोरखपुर, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या और प्रयागराज) में मिठाई एवं अन्य खाद्य निर्माण प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई। कहीं तैयार मिठाइयां सीधे गंदे फर्श पर रखी मिलीं तो कहीं निर्माण स्थलों पर कॉकरोच, मक्खियां, चूहों की गंदगी और मकड़ी के जाले पाए गए। कुछ प्रतिष्ठानों में प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल और बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित किए जाने के मामले भी सामने आए। गंभीर अनियमितताओं पर विभाग ने नौ खाद्य प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद कराया।
अभियान के तहत कुल 116 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 149 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। अनियमितताएं पाए जाने पर 96 सुधार नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई के दौरान 655 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका मूल्य 4,07,176 रुपये है, जबकि 537 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसका अनुमानित मूल्य 1,98,230 रुपए है।
- कानपुर में फर्श पर रखी मिलीं मिठाइयों की ट्रे, निर्माण स्थल पर गंदगी
कानपुर नगर में न्यू तिवारी स्वीट्स के निर्माण स्थल पर अत्यधिक गंदगी और दुर्गंध मिली। खाद्य पदार्थों का भंडारण भी अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था। तैयार मिठाइयों की ट्रे सीधे फर्श पर रखी मिलीं। वहीं, लाला दयाराम स्वीट्स के परिसर में मकड़ी के जाले और कालिख पाई गई। कारखाने में समुचित सफाई के बिना मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था। ड्रेनेज व्यवस्था भी जाम मिली, जिससे खाद्य पदार्थों में बाहरी तत्वों से संदूषण की आशंका थी। यहां 12 टीमों ने 20 में से 19 इकाइयों का निरीक्षण कर 26 नमूने लिए और 16 सुधार नोटिस जारी किए।
- गोरखपुर में बिना लाइसेंस संचालित हो रहा था मिठाई कारखाना
गोरखपुर के धर्मशाला बाजार स्थित कामधेनु स्वीट्स के कारखाने में अत्यधिक गंदगी पाई गई। निर्माण स्थल की दीवारें टूटी हुई थीं और परिसर में मकड़ी के जालों के साथ कूड़े का ढेर मिला। जांच में प्रतिष्ठान के पास खाद्य कारोबार का लाइसेंस भी नहीं पाया गया। गोरखपुर में 15 टीमों ने 27 में से 23 इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 17 नमूने लिए गए और 20 सुधार नोटिस जारी किए गए।
- मेरठ में प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल का मामला आया सामने
मेरठ स्थित सम्राट स्वीट्स के निरीक्षण में प्रतिबंधित सैकरिन, कॉस्टिक सोडा और रंग के साथ गैर-खाद्य श्रेणी के सोडियम बाइकार्बोनेट के इस्तेमाल का मामला सामने आया। इसके अलावा प्रतिष्ठान की ड्रेनेज व्यवस्था खराब मिली और कीट नियंत्रण के लिए भी समुचित इंतजाम नहीं पाए गए।
- गाजियाबाद में कच्चा माल और तैयार मिठाइयां गंदे फर्श पर मिलीं
गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र स्थित तिरुपति फूड्स में कच्चा माल सीधे गंदे फर्श पर रखा मिला। साहिबाबाद स्थित अग्रवाल फूड्स में भंडारण स्थल पर कॉकरोच और कीड़े पाए गए। निर्माण स्थल की दीवारें भी टूटी हुई थीं और उनसे सीमेंट झड़ रहा था। तैयार खाद्य पदार्थ भी सीधे फर्श पर रखे मिले। वहीं, नेहरू नगर स्थित शगुन स्वीट्स में पूरे परिसर में गंदगी, टूटा फर्श, अव्यवस्थित कच्चा माल और खराब ड्रेनेज सिस्टम पाया गया। गाजियाबाद में 18 टीमों ने 25 इकाइयों का निरीक्षण कर 49 नमूने लिए और 20 सुधार नोटिस जारी किए। यहां तीन प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद कराया गया।
- अयोध्या में गंदगी और दूषित पानी के बीच हो रहा था मिठाइयों का भंडारण
अयोध्या के भेलसर चौराहा स्थित राम नरेश स्वीट्स में अत्यधिक गंदी परिस्थितियों में मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था। परिसर में मक्खियां मौजूद थीं और खाद्य पदार्थों के भंडारण की स्थिति भी खराब मिली। मोहम्मदपुर स्थित संजय यादव स्वीट हाउस में भी अत्यधिक गंदगी, कीड़े-मकोड़े और चूहों की गंदगी पाई गई। फर्श पर गंदा पानी जमा था और उसी स्थान पर खाद्य सामग्री रखी हुई थी। डीप फ्रीजर से निकलने वाला गंदा पानी भी परिसर में मौजूद था। इसी गंदे पानी वाले डीप फ्रीजर में मिठाइयों का भंडारण किया जा रहा था। पूरे परिसर में दुर्गंध फैली हुई थी। अयोध्या में आठ टीमों ने 18 इकाइयों का निरीक्षण कर 14 नमूने लिए और 13 सुधार नोटिस जारी किए।
- प्रयागराज में 18 खाद्य इकाइयों का निरीक्षण
प्रयागराज में एफएसडीए की आठ टीमों ने 18 खाद्य कारोबार इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 14 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए और अनियमितताओं पर 15 सुधार नोटिस जारी किए गए। यहां किसी भी इकाई का लाइसेंस निलंबित नहीं किया गया।
- खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई जारी
'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के माध्यम से एफएसडीए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनके निर्माण, भंडारण और बिक्री की पूरी प्रक्रिया में स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करा रहा है। विभागीय टीमें निर्माण स्थलों की साफ-सफाई, कच्चे माल के सुरक्षित भंडारण, तैयार खाद्य पदार्थों को फर्श से दूर रखने, कीट नियंत्रण, जल निकासी और खाद्य श्रेणी के अनुमोदित पदार्थों के इस्तेमाल की जांच कर रही हैं।
विभाग की ओर से कमियां पाए जाने पर कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी कर निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं, गंभीर अनियमितताओं और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कारोबार बंद कराने जैसी कठोर प्रवर्तन कार्रवाई भी की जा रही है। त्योहारों के दौरान आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सपा सरकार में ध्वस्त थी कानून-व्यवस्था, आज माफिया मिट्टी में मिल रहे: मंत्री असीम अरुण

SIR से बोगस वोटिंग का रास्ता हुआ बंद, इसलिए अखिलेश यादव परेशान : असीम अरुण

'27 में सपा का सफाया करेगी जनता, विपक्ष में बैठने लायक नहीं बचेंगे अखिलेश यादव : भाजपा प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी

'राम मंदिर पर सवाल उठाने से पहले अपने अतीत में झांके सपा', भाजपा का अखिलेश पर तीखा हमला 

लखनऊ, 31 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को प्रदेश की कानून व्यवस्था पर टिप्पणी करने से पहले अपने शासनकाल के लिए लोगों से माफी मांगनी चाहिए। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि सपा का पूरा इतिहास ही राम मंदिर के विरोध का रहा है। आज जब अखिलेश यादव सनातन की बात करते हैं तो यूपी की जनता उनकी मंशा को अच्छे से समझती है।  

सपा शासन में कानून-व्यवस्था बदहाल थी : असीम अरुण

मंत्री असीम अरुण ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में देश और प्रदेश की कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज सपा कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। लेकिन वो अपना दौर भूल गई जब प्रदेश में माफियाओं का राज था। अपराधियों के आगे सरकार बेबस दिखती थी। लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में यूपी में कानून का राज है। जनता का योगी सरकार पर लगातार विश्वास बढ़ रहा है। अखिलेश यादव के चुनाव आयोग पर आरोपों को बेतुका और आधारहीन बताते हुए असीम अरुण ने कहा कि देश में करीब 22 साल बाद एसआईआर हो रहा है। इससे बोगस वोटिंग रुकेगी। 

अखिलेश यादव अपने शासनकाल का हिसाब क्यों नहीं देते

भाजपा प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव को 2012 से 2017 के सपा शासनकाल की कानून-व्यवस्था पर श्वेतपत्र जारी करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान प्रदेश में करीब एक हजार दंगे हुए, माफियाओं का खुला प्रभाव था और कानून-व्यवस्था बद से बदतर थी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव आयोग पर इसलिए सवाल उठा रहे हैं क्योंकि अब वोटर लिस्ट से घुसपैठियों का नाम कट रहा है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सपा और अखिलेश यादव को हराने के लिए तैयार बैठी है।

अखिलेश यादव के बयानों में झलक रही हताशा, चुनाव से पहले ही हार मान चुकी है सपा: बीजेपी

‘चुनाव आयोग को बदनाम करने का ठेका लेकर बैठे हैं अखिलेश यादव’, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह का तीखा हमला

अमित शाह के यूपी दौरे से सपा का बचा-खुचा उत्साह भी खत्म हुआः दिनेश प्रताप सिंह

'जनता ने सपा के लिए हर दरवाजे बंद किए', बीजेपी प्रवक्ता ने अखिलेश पर साधा निशाना

लखनऊ, 31 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे विधानसभा का चुनाव नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे सपा प्रमुख का मानसिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है। उनकी बौखलाहट साफ बता रही है कि वो हार स्वीकार कर चुके हैं। बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एनडीए की प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी।

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव लगातार जनता का भरोसा खो रहे हैं और इसी हताशा में अब वो संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग के खिलाफ झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को खुद नहीं पता कि वे क्या बोल रहे हैं। उनकी गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे कह रहे हैं कि चुनाव आयोग केवल बीजेपी कार्यकर्ताओं को ही भारत का नागरिक मानता है। इस पर पलटवार करते हुए दिनेश प्रताप सिंह ने सवाल किया कि क्या समाजवादी पार्टी को वोट देने वाले लोग भी बीजेपी के कार्यकर्ता हैं?

'अमित शाह के आने से सपा की बेचैनी बढ़ी'

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूपी दौरे से सपा का बचा-खुचा उत्साह भी खत्म हो गया है। जबकि बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह अब दोगुना हो गया है। यूपी की जनता इस बार फिर सपा को सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश को भ्रम में नहीं रहना चाहिए और मुंगेरीलाल के हसीन सपने देखना बंद कर देना चाहिए।

'बीमारू से उत्तम प्रदेश बना यूपी'

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि 10 साल पहले यूपी की जो स्थिति थी और आज प्रदेश में जो बदलाव हुए हैं उसमें जमीन-आसमान का अंतर है। यूपी अब उत्तम प्रदेश बनकर उभरा है। भारतीय जनता पार्टी जनता से जो वादा करती है वो पूरा करती है। यही कारण है कि देश और प्रदेश की सम्मानित जनता बार-बार बीजेपी को मौका दे रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग केवल झूठ फैलाते हैं, अपने परिवार की ही चिंता करते हैं, उनके लिए जनता ने हर दरवाजे बंद कर दिए हैं।

यंग वर्कफोर्स को सपा-कांग्रेस ने माना बोझ, हमने प्रदेश की शक्ति मानकर दिया रोजगार: मुख्यमंत्री

- सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित

- पहले चरण में गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतम बुद्ध नगर में स्थापित होंगे 'स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन'

- टाटा, अशोक लीलैंड जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ हुए एमओयू, रोजगार के साथ विदेश जाने के लिए भाषा का भी मिलेगा ज्ञान

- साढ़े नौ वर्ष में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, 3 करोड़ 25 लाख को मिला ओडीओपी से रोजगार: मुख्यमंत्री

लखनऊ, 31 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है जिसे पूर्ववर्ती सपा और कांग्रेस की सरकारें केवल एक बोझ मानती थीं। डबल इंजन सरकार ने इस विशाल 'यंग वर्कफोर्स' को प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति मानते हुए युवाओं को रोजगार की पुख्ता गारंटी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोक भवन सभागार में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर 1,725 करोड़ रुपये की लागत वाली 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना' का शुभारंभ करते हुए यह बातें कहीं। योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को ग्लोबल मैनपावर हब के रूप में विकसित करना है।

स्केल और स्किल से यूपी बनेगा ग्लोबल मैनपावर हब 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्षों में प्रदेश के सभी 75 जिलों को नौ स्किल ट्रेनिंग एवं रोजगार जोन से जोड़ा जाएगा। पहले चरण में लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, गौतम बुद्ध नगर और झांसी में बड़े केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर युवाओं को विदेशों में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए भारतीय और विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर डेडिकेटेड प्लेसमेंट सेल बनाने के साथ ही दूरदराज से आने वाले युवाओं के लिए परिसर में हॉस्टल की सुविधा भी मिलेगी।

बिना कटमनी पहुंच रहा पैसा, ओडीओपी से मिला रोजगार 

विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले विकास और गरीब का पैसा बिचौलिए निगल जाते थे, लेकिन आज डिजिटल क्रांति के जरिए बिना किसी 'कटमनी' के पूरा पैसा सीधे बैंक खातों में पहुंच रहा है। पहले प्रदेश में 'वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया' पलता था, जबकि आज सरकार ने माफियाओं को मिट्टी में मिलाकर युवाओं को 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) का मंच दिया है। पिछले साढ़े नौ वर्ष में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सीधे सरकारी नौकरी मिली है और ओडीओपी के माध्यम से सवा तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। युवाओं से अपनी नियमित पढ़ाई के साथ 'डुअल डिग्री' के तहत कौशल विकास कोर्स करने का भी आह्वान किया गया।

नकल और शिक्षा माफियाओं पर प्रहार 

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए कहा कि 2017 से पहले ठेके पर नकल होती थी और अयोग्य लोगों का चयन होता था। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में युवाओं की प्रतिभाओं से खिलवाड़ करने वाले लोगों को जेल भेजकर एक स्वच्छ परीक्षा प्रणाली विकसित की गई है। वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में गुंडाराज और माफियाराज था। पैसे लेकर पढ़ाई, डिग्री और नौकरी दी जाती थी। आज डबल इंजन की सरकार बिना भेदभाव के उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ा रही है और प्रतिभा के आधार पर सभी को रोजगार के समान अवसर मिल रहे हैं।

नौ जोन और चार लेन सड़क से जुड़ेंगे केंद्र

सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि स्किल गैप को खत्म करने के लिए प्रदेश को नौ विशेष जोन में बांटा गया है। यह केवल ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं बल्कि रोजगार का सबसे बड़ा कार्यक्रम है। हर सेंटर को चार लेन सड़क के जरिए सीधे हाईवे से जोड़ा जाएगा और केंद्रों के भीतर प्लेसमेंट सेल और सेवा योजन कार्यालय का विस्तार होगा।

- रोजगार मित्र पोर्टल और दिग्गज कंपनियों संग एमओयू

कार्यक्रम में 'रोजगार मित्र पोर्टल' और 'ब्लू डॉट साझा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर' का भी शुभारंभ किया गया। यह डिजिटल मंच युवाओं, उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों को स्थानीय और गिग वर्क के अवसरों से जोड़ेगा। प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीबीजी ग्रुप, पीटीसी इंडस्ट्रीज, सीआईपैट, एशियन डेवलपमेंट बैंक, अवाडा ग्रुप और सीएसआर मिंडा के साथ एमओयू का आदान प्रदान किया गया। इस दौरान टाटा के प्रतिनिधि वी रामास्वामी ने मुख्यमंत्री को सरदार पटेल की थ्री डायमेंशनल प्रतिमा भेंट की।

चेक, टूलकिट और ऑफर लेटर का हुआ वितरण

समारोह में एमएसएमई और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को ऋण के चेक वितरित किए गए। अमन अग्रवाल, अंजना धवन, कुणाल बत्रा, नेहा कुमारी, बलवीर यादव, अंजली गुप्ता और वासुदेव बाजपेयी को पांच पांच लाख रुपये, विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव को चार लाख रुपये, अजीत साहू को 20 लाख रुपये और प्रभजोत सिंह को 63 लाख रुपये के चेक दिए गए। ओडीओपी और विश्वकर्मा योजना के तहत कमलेश गुप्ता, दिलीप कुमार, नीलम, कुमारी संगीता और सुधाकर शर्मा को टूलकिट बांटे गए। वहीं नेहा यादव, आकांक्षा तिवारी, विनय कुमार, रुचि पाल और आलोक सिंह को जॉब ऑफर लेटर सौंपे गए।

मुख्यमंत्री ने दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील और उद्योग आयुक्त के विजयेंद्र पांडियन ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को स्मृति चिह्न भेंट किए। इस अवसर पर मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मंत्री अनिल राजभर, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी और अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

मिलकर करना होगा जातिवाद और जिन्नावाद का मुकाबला : मुख्यमंत्री योगी

- लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर लखनऊ के जीपीओ स्थित पटेल पार्क में मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि

- मुख्यमंत्री योगी ने दिलाई राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ, 'पटेल स्मारिका 2026' का किया विमोचन

- भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने का हो रहा है कुत्सित प्रयास: योगी आदित्यनाथ

- ‘हर जनपद में सरदार पटेल 'एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन' गठन, कोई युवा नहीं रहेगा बेरोजगार’

- धारा 370 दफन कर प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने पूरा किया सरदार पटेल का सपना

लखनऊ, 31 अक्टूबर। जो लोग जिन्ना को अपना आदर्श मानते हैं, वे कभी लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के अनुयायी नहीं हो सकते। सरदार पटेल का सच्चा अनुयायी वही हो सकता है जिसके मन में राष्ट्रवाद का भाव हो और जो भारत की एकता, सुरक्षा व संप्रभुता को सर्वोपरि रखता हो। समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने का प्रयास करने वाले विभाजनकारी तत्व देश की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर आक्रांताओं को आमंत्रित करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजधानी लखनऊ के जीपीओ स्थित पटेल पार्क में 'लौह पुरुष', 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए यह ओजस्वी विचार व्यक्त किए। इस दौरान उन्होंने पटेल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 2014 के बाद से पूरा देश 31 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मना रहा है। इस वर्ष सरदार पटेल की 151वीं जयंती विशेष है, क्योंकि डबल इंजन की सरकार उनके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए हर जनपद में एक 'एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन' का गठन करने जा रही है। इसका शुभारंभ आज ही होने जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश का कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा और उसकी स्किलिंग व रोजगार की व्यवस्थित व्यवस्था होगी।

- सरदार पटेल की विराट प्रतिमा उनके विराट व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करती है

सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जन्म गुजरात के एक छोटे से गांव करमसद, नडियाद में हुआ था। आज प्रधानमंत्री मोदी दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के रूप में गुजरात के केवड़िया में सरदार सरोवर के तट पर उनकी स्मृतियों को जीवंत कर रहे हैं। यह विशाल प्रतिमा उनके उस विराट व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करती है, जिन्होंने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का अभिन्न हिस्सा बनाया था।

- नेहरू ने अपने पास रखा कश्मीर और वहां हुआ कत्लेआम

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता के समय जूनागढ़ और हैदराबाद रियासतों की आनाकानी का जिक्र करते हुए बताया कि जब सरदार पटेल ने सख्त चेतावनी दी कि 'बातों से नहीं मानोगे तो हमें दूसरा तरीका भी अपनाना आता है', तो जूनागढ़ का नवाब अपने बच्चों तक को छोड़कर पाकिस्तान भाग गया। इसी तरह, हैदराबाद का निजाम जो हिंदुओं, सिखों, बौद्धों और जैनियों का कत्लेआम और धर्मांतरण कराता था, उसे भी लौह पुरुष की चेतावनी के बाद भागने पर मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कश्मीर मुद्दे पर तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि नेहरू ने कश्मीर का मामला अपने पास रखा, जिसके परिणामस्वरूप कबाइलियों के हमले में पाक अधिकृत कश्मीर आज भी पाकिस्तान के कब्जे में है और वहां हिंदुओं व सिखों का व्यापक कत्लेआम हुआ।

- धारा 370 दफन कर मोदी-शाह ने साकार किया पटेल का सपना

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के कड़े विरोध के बावजूद पंडित नेहरू ने कश्मीर में धारा 370 लागू करने का पाप किया। लेकिन 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के शिल्पी प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में गृह मंत्री अमित शाह ने धारा 370 को सदैव के लिए दफन कर दिया और कश्मीर को लखनऊ व उत्तर प्रदेश की तरह ही भारत का पूर्ण हिस्सा बना दिया। अब भारत में दो कानून नहीं चलेंगे, बल्कि एक देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान ही चलेगा। यही सरदार पटेल और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का भारत है।

- जातिवाद व क्षेत्रवाद समाज की प्रतिरोधक क्षमता करते हैं कमजोर

राष्ट्रीय एकता को मिल रही चुनौतियों पर आगाह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर बंटते हैं, तो समाज की स्टेमिना और प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है। ठीक उसी तरह जैसे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर बीमारियां घेर लेती हैं। यही कमजोरियां आक्रांताओं को हमला करने के लिए आमंत्रित करती हैं। उन्होंने आह्वान किया कि भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने और देश की एकता व अखंडता को चुनौती देने वाले कुत्सित प्रयासों का मिलकर मुकाबला करना ही

सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

- गणमान्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने विधायक शशांक वर्मा और उनके स्वर्गीय पिता पटेल रामकुमार वर्मा के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विधायक शशांक वर्मा ने प्रसिद्ध चित्रकार शैलेंद्र उत्तम द्वारा गेहूं के दाने से निर्मित सरदार पटेल का एक अद्भुत चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने अन्य अतिथियों के साथ 'पटेल स्मारिका 2026' का विमोचन भी किया। समारोह में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, गिरीश यादव, सरदार बलदेव सिंह औलख, कैलाश राजपूत, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल और राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल सहित अनेक गणमान्य लोगों ने लौह पुरुष की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

यूपी में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर, तीसरे दिन भी बारिश से बेहाल जनजीवन; तापमान 8 डिग्री तक लुढ़का

- राजधानी लखनऊ समेत 10 शहरों में सुबह से बारिश, पश्चिमी यूपी के कई जिलों में घना कोहरा

- पूर्वी यूपी के 23 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, कल से मौसम में सुधार के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर लगातार तीसरे दिन भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। शनिवार सुबह से लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई, गोंडा और सीतापुर समेत करीब 10 शहरों में बारिश हो रही है। राजधानी लखनऊ में पिछले 40 घंटे से लगातार रिमझिम बारिश का सिलसिला जारी है।

लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के चलते लोगों को नवंबर जैसी सर्दी का एहसास होने लगा है। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। अचानक बढ़ी ठंड के कारण लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ घने कोहरे ने भी दस्तक दे दी है। सहारनपुर, शामली, संभल, बिजनौर और मुजफ्फरनगर समेत करीब 10 जिलों में सुबह के समय कोहरे की चादर छाई रही। इससे दृश्यता प्रभावित होने के साथ ही सड़कों पर आवागमन भी प्रभावित होने की आशंका है।

बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. रवि शंकर सिंह के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 23 जिलों में शनिवार को भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। हालांकि, रविवार से मौसम में बदलाव आने की संभावना है। बारिश का दौर थमने के साथ आसमान साफ होगा और तेज धूप निकलने लगेगी। इसके बाद तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।फिलहाल प्रदेशवासियों को बारिश और ठंडी हवाओं से राहत मिलने के लिए एक दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।