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डिवीजन बेंच ग्रेटर नोएडा के पुनर्गठन तक नई गठित पीठ करेगी लंबित मामलों का निस्तारण

लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने ग्रेटर नोएडा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में संयुक्त पीठ के समक्ष लंबित शिकायतों और मामलों की सुनवाई सुचारु रूप से जारी रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। क्षेत्रीय कार्यालय में सदस्य का पद रिक्त होने के कारण डिवीजन बेंच (संयुक्त पीठ) का गठन नहीं हो पा रहा था। इससे वहां लंबित शिकायतों और प्रकरणों की सुनवाई प्रभावित हो रही थी। इस समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने अंतरिम व्यवस्था लागू की है। इसके तहत डिवीजन बेंच के पुनर्गठन तक संयुक्त पीठ ग्रेटर नोएडा के समक्ष लंबित सभी शिकायतों और मामलों की सुनवाई प्राधिकरण के दो पीठासीन अधिकारी करेंगे।

प्राधिकरण की ओर से सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार उक्त संयुक्त पीठ प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी व दीपक स्वरुप सक्सेना द्वारा संचालित की जाएगी और इस प्रकार लंबित शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जायेगा। यह अंतरिम व्यवस्था तब तक लागू रहेगी,जब तक क्षेत्रीय कार्यालय में डिवीजन बेंच का पुनर्गठन नहीं हो जाता।

- सदस्य का पद रिक्त होने से आ रही थी परेशानी

यूपी रेरा के ग्रेटर नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय में मामलों की सुनवाई के लिए गठित डिवीजन बेंच में सदस्य का पद रिक्त होने के कारण नियमित रूप से संयुक्त पीठ का गठन संभव नहीं हो पा रहा था। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त पीठ के समक्ष लंबित शिकायतों और प्रकरणों की सुनवाई में बाधा आने की स्थिति बन रही थी। समय पर सुनवाई नहीं होने से संबंधित पक्षकारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। इससे रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़े पक्षकारों के हित भी प्रभावित हो सकते थे।

प्राधिकरण ने अपने आदेश में इस बात का उल्लेख किया है कि संयुक्त पीठ के अभाव में विभिन्न मामलों में न्यायालयों द्वारा पारित निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन भी प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा, मामलों के लंबे समय तक लंबित रहने से आवंटियों और अन्य संबंधित पक्षकारों के हित प्रभावित हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुनवाई की वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है।

- लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया रहेगी जारी

इस अंतरिम व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संयुक्त पीठ ग्रेटर नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय में लंबित शिकायतों और मामलों की सुनवाई को अनावश्यक रूप से बाधित होने से बचाना है। संयुक्त पीठ के माध्यम से मामलों की सुनवाई होने से प्राधिकरण के समक्ष लंबित प्रकरणों पर सुनवाई जारी रखने में मदद मिलेगी। इससे संबंधित पक्षकारों को अपनी शिकायतों पर सुनवाई के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार करने की स्थिति से बचाने का प्रयास किया गया है। हालांकि, इस आदेश का अर्थ यह नहीं है कि सभी लंबित मामलों का निस्तारण तत्काल हो जाएगा। मामलों की सुनवाई और निर्णय संबंधित प्रकरणों की परिस्थितियों व निर्धारित विधिक प्रक्रिया के अनुसार होगा।

- डिवीजन बेंच के पुनर्गठन तक लागू रहेगा आदेश

यूपी रेरा ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था स्थायी नहीं,बल्कि अंतरिम है। क्षेत्रीय कार्यालय,ग्रेटर नोएडा में डिवीजन बेंच के पुनर्गठन तक लंबित शिकायतों और प्रकरणों की सुनवाई निर्धारित संयुक्त पीठ द्वारा की जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि इस विषय पर पहले जारी किए गए आदेश और निर्देश अब अवक्रमित माने जाएंगे।

प्राधिकरण की इस पहल से संयुक्त पीठ ग्रेटर नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय में लंबित मामलों की सुनवाई जारी रखने का रास्ता साफ हुआ है। इस सकारात्मक पहल का उद्देश्य शिकायतों की सुनवाई में आने वाली प्रशासनिक बाधा को दूर करना,न्यायिक प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना और संबंधित पक्षकारों के हितों की रक्षा करना है।

यूपी के 2.24 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पहुंची 4482.19 करोड़ रुपये की किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त

- पीएम मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से जारी की किस्त, देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को मिले 18,690 करोड़

- कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अन्नदाताओं की ओर से प्रधानमंत्री का जताया आभार

लखनऊ: 30 अक्टूबर, 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर देश भर के 9.34 करोड़ से अधिक अन्नदाताओं के खातों में ₹18,690 करोड़ से अधिक की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी गई। इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 2.24 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं, जिनके बैंक खातों में ₹4,482.19 करोड़ की सम्मान राशि सीधे अंतरित की गई। कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने दीपावली से पूर्व मिले इस महत्वपूर्ण उपहार के लिए उत्तर प्रदेश के समस्त किसानों की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर राजधानी लखनऊ के तेलीबाग स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उपस्थित कृषकों के साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़कर प्रधानमंत्री का संबोधन सुना गया। इस दौरान कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सी.आर.एम. योजना के अंतर्गत कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना हेतु लाभार्थी किसानों को 80 प्रतिशत अनुदान पर अनुमन्य ट्रैक्टरों की प्रतीकात्मक चाबियां सौंपी गईं। इसके साथ ही उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन्हें दलहन एवं तिलहन के उन्नतशील बीजों की मिनीकिट का भी वितरण किया गया तथा प्रदेश व देश के सभी अन्नदाता किसानों को दीपावली महापर्व की बधाई दी गई। श्री शाही ने कहा कि अन्नदाता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, उनकी आमदनी में वृद्धि करने और खेती की लागत कम करने के संकल्प के साथ डबल इंजन की सरकार पूरी प्रतिबद्धता से निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता ₹2,000 की तीन समान किस्तों में उपलब्ध कराई जाती है। प्रधानमंत्री द्वारा 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत अब तक उत्तर प्रदेश के किसानों को कुल ₹1,07,943.95 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।

इस वर्चुअल कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, प्रमुख सचिव कृषि एम. के. शनमुगा सुंदरम, महानिदेशक (उपकार) संजय सिंह, निदेशक कृषि टीएम त्रिपाठी, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक एस. एन. सुशील, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण संस्था की निदेशक कनीज फातिमा तथा अपर निदेशक योगेश प्रताप सिंह सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व सम्मानित किसान उपस्थित रहे।

भाजपा की तैयारी देख सपा प्रमुख के हौसले अभी से पस्त : कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय

- कान्वेंट स्कूलों को पीछे छोड़ रहे यूपी के मॉडल स्कूल, मनोज पांडेय ने अखिलेश को दिखाया आईना

- 2017 और 2022 की तरह इस बार भी टूटेगा अखिलेश का अहंकार, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा का सपा पर तीखा वार

- सपने देखने में टिकट नहीं लगता, अखिलेश के सत्ता में वापसी के दावों पर मंत्री जेपीएस राठौर का तंज

- अंगद की तरह पैर जमाकर खड़े हैं BJP कार्यकर्ता, 2027 में सपा का सफाया तय: जेपीएस राठौर

लखनऊ, 30 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर यूपी सरकार के मंत्रियों ने तीखा हमला बोला है। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय ने कहा कि चुनाव से पहले ही सपा प्रमुख के हौसले पस्त हो गए हैं। इसलिए वो अभी से ऊल जलूल के बयान दे रहे हैं। वहीं, कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने भी अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा कि 2027 में यूपी की जनता सपा के अहंकार को तोड़ेगी। मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि अब अखिलेश यादव को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए तीसरी बार बंपर बहुमत से प्रदेश में सरकार बनाएगा।

मनोज पांडेय ने कहा कि MLC चुनाव में बीजेपी ने छह सीटें जीती हैं। लेकिन अखिलेश यादव ऐसे बयान दे रहे हैं, जैसे उनकी नींद उड़ गई हो। मनोज पांडेय ने कहा कि यूपी में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। प्रदेश में ऐसे मॉडल स्कूल बने हैं, जो कान्वेंट स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। लेकिन सपा को ये विकास दिखाई नहीं देता है। उन्हें अपने शासनकाल की याद करनी चाहिए जब स्कूलों का बुरा हाल था। उन्होंने परोक्ष रूप से अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कुछ लोगों को मानसिक विकार है, तो उसे डॉक्टर ही दूर कर सकता है।

- एके शर्मा बोले- 2027 में भी टूटेगा अखिलेश का अहंकार

एके शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव अहंकार से भरे हुए हैं। उनका अहंकार यूपी की जनता 2017 और 2022 की तरह ही 2027 में भी तोड़ेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासन में जितने रोजगार के अवसर पैदा हुए और जितनी शिक्षण संस्थाओं का विकास हुआ, उतना किसी अन्य पार्टी के शासनकाल में नहीं हुआ। उन्होंने आईआईटी, एम्स, विश्वविद्यालयों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि देश और उत्तर प्रदेश में बीजेपी के शासनकाल में सबसे ज्यादा काम हुआ है।

- जेपीएस राठौर बोले- सपा का सफाया तय

जेपीएस राठौर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपने देखने में कोई टिकट नहीं लगता, इसलिए वे सपने देखते रहें। उन्होंने कहा कि यूपी में बीजेपी का एक-एक कार्यकर्ता अंगद की तरह पैर जमाकर खड़ा है। इस बार यूपी में सपा का सफाया तय है।

यूपी में पहली नवंबर से शुरू होगी धान खरीद, 2441 रुपये प्रति कुंतल मिलेगा एमएसपी
-  पूर्वांचल के साथ लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव में भी खुलेंगे खरीद केंद्र, 65 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य
-  प्रदेश में अब तक खोले गए 4195 क्रय केंद्र, किसानों को उतराई, छनाई और सफाई के लिए मिलेंगे 20 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त

लखनऊ। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत उत्तर प्रदेश में धान खरीद की तैयारियां तेज हो गई हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिलों में एक नवंबर से सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में खरीद प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी। केंद्र सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भी बढ़ोतरी की है। इसके तहत किसानों को कॉमन धान के लिए 2441 रुपये और ग्रेड-ए धान के लिए 2461 रुपये प्रति कुंतल मिलेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी केंद्रों पर छाया, पेयजल और बैठने जैसी जरूरी सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने खरीद व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और किसानों को समय से भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।
- 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य
प्रदेश सरकार ने इस बार 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य प्रस्तावित किया है। इसके लिए आठ क्रय एजेंसियों के माध्यम से 4500 क्रय केंद्र संचालित किए जाने हैं। शुक्रवार तक प्रदेश में 4195 केंद्र खोले जा चुके हैं। पिछले खरीफ विपणन वर्ष में उत्तर प्रदेश ने करीब 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की थी। इस बार लक्ष्य को बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन किया गया है।
- 48 घंटे में किसानों के खाते में पहुंचेगा भुगतान
सरकार ने किसानों को उनकी उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से करने के निर्देश दिए हैं। खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के लिए पूरी व्यवस्था ऑनलाइन की गई है। इसके अलावा किसानों को धान की उतराई, छनाई और सफाई के लिए एमएसपी के अतिरिक्त 20 रुपये प्रति कुंतल की दर से भुगतान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान बेचने के लिए केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों को किसी भी स्तर पर असुविधा नहीं होनी चाहिए। खरीद केंद्रों पर जरूरी संसाधनों और सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी भी की जाएगी।
- इन संभागों में एक नवंबर से होगी खरीद
पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर और प्रयागराज संभाग में एक नवंबर से धान खरीद शुरू होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिलों में भी इसी तारीख से सरकारी खरीद की जाएगी।
- 38 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीकरण
सरकारी खरीद में अपनी उपज बेचने के लिए किसानों का पंजीकरण तेजी से जारी है। अब तक 38 हजार से अधिक किसान पंजीकरण करा चुके हैं। जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण या नवीनीकरण नहीं कराया है, वे खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in अथवा UP KISAN MITRA के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। धान बिक्री के दौरान किसी तरह की समस्या होने पर किसान विभाग के टोल फ्री नंबर 18001800150 पर शिकायत या जानकारी दे सकते हैं। अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जीते तो जनसमर्थन, हारे तो चुनाव आयोग दोषी, MLC चुनाव के नतीजों को लेकर भाजपा ने अखिलेश को घेरा

- MLC चुनाव में हार को जीत बता रहे अखिलेश, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह का सपा प्रमुख पर तीखा हमला

- पहले विधान परिषद में अपनी स्थिति देखें अखिलेश, बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश पर साधा निशाना

- एक ही जाति के लोगों को आयोग का अध्यक्ष बनाने वाले अखिलेश आज शिक्षा व्यवस्था पर ज्ञान दे रहे हैं: बीजेपी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी

लखनऊ, 30 अक्टूबर। विधान परिषद चुनाव के नतीजों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बीजेपी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब नतीजे पक्ष में आते हैं तो अखिलेश इसे जनसमर्थन बताते हैं, लेकिन जब जनता नकारती है तो वो संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगते हैं। प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने शिक्षा व्यवस्था और समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर अखिलेश को घेरा। वहीं, डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने सपा सरकार के कार्यकाल में भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि तब बिना पर्ची के नौकरी नहीं मिलती थी।

- सपा शासन में बदहाल थी शिक्षा व्यवस्था

दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा सरकार के दौरान शिक्षकों की नियुक्तियां समय पर नहीं होती थीं और स्कूलों में भवन तक नहीं थे। कई जगह छात्र खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर थे। उन्होंने अखिलेश सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि तब बेटियां स्कूल जाने से डरती थीं। दिनेश सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि सपा और शिक्षा एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं। अखिलेश को शिक्षा व्यवस्था पर बोलने से पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए।

- सपा हार स्वीकार करे, UCC पर बीजेपी प्रतिबद्ध

बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि MLC चुनाव में बीजेपी की सीटें और मत प्रतिशत बढ़े हैं। उन्होंने सपा से नतीजे स्वीकार करने और निर्वाचन आयोग पर भरोसा स्पष्ट करने को कहा। UCC पर संविधान के अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए त्रिपाठी ने कहा कि राहुल गांधी के साथ अखिलेश संविधान की किताब तो लहराते हैं, लेकिन उसे गंभीरता से पढ़ते नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि एनडीए की सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश में UCC लागू किया जाएगा।

- सपा सरकार में योग्यता की होती थी अनदेखी

बीजेपी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में भर्ती प्रक्रिया में योग्यता की अनदेखी होती थी और आयोगों में एक खास जाति के लोगों को प्राथमिकता दी जाती थी। उन्होंने सपा सरकार को ‘पर्ची-खर्ची’ वाली सरकार बताते हुए कहा कि युवाओं को नौकरी पाने के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार हर जिले में विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज बनाने की दिशा में काम कर रही है। त्रिपाठी ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में तीसरी बार एनडीए की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।

विपक्षी नेताओं को रोने की बीमारी, जनादेश स्वीकार करने के बजाय बहानेबाजी कर रहे: विजय लक्ष्मी गौतम

- मंत्री ने कहा- भाजपा के जांबाज कार्यकर्ता मैदान में डटे हैं, नींद हमारी नहीं बल्कि विपक्ष की उड़ी है

- एमएलसी चुनाव में भाजपा की सीटें कम नहीं हुईं, योगी जी तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री: राज्यसभा सांसद बृज लाल

लखनऊ, 30 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों पर विधान परिषद चुनावों का कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, राज्यसभा सांसद बृज लाल ने कहा कि एमएलसी चुनाव में भाजपा की सीटें कम नहीं हुई है, समाजवादी पार्टी बेमतलब हो-हल्ला कर रही है।

- महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम सबसे अधिक भाजपा ने किया

मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि भाजपा में महिलाओं को सबसे ज्यादा टिकट देने और आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी आ चुका है। संगठन में भी महिलाओं और बहनों को 50 प्रतिशत तक स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य दल भी इसका अनुसरण करें। अखिलेश यादव द्वारा एमएलसी चुनाव पर दिए गए बयान पर विजय लक्ष्मी ने कहा कि जनता और शिक्षकों का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल के नेता अपनी हार और जनादेश को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। वह रोने की बीमारी से ग्रसित हैं।

- MLC चुनाव नतीजों से BJP की नींद उड़ने के दावों पर पलटवार

अखिलेश यादव द्वारा भाजपा की नींद उड़ने वाले बयान पर विजय लक्ष्मी ने पलटवार करते हुए कहा कि नींद उड़ाने का दावा करने वाले खुद सोना बंद कर चुके हैं। भाजपा के जांबाज कार्यकर्ता मैदान में डटे हैं। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ तीसरी बार सरकार बनाएगी।

- योगी आदित्यनाथ तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री : बृज लाल

वहीं राज्यसभा सांसद बृज लाल ने कहा है कि एमएलसी चुनाव में भाजपा की कोई सीट कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बनी रणनीति के आधार पर 2027 के विधानसभा चुनाव में हम जीत हासिल करेंगे। योगी आदित्यनाथ तीसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।

अर्नब चक्रवात का असर: लखनऊ में बदला मौसम, ठंडी हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट
- 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शुक्रवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हैं और ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। सुबह से धूप नहीं निकलने के कारण मौसम में ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आज राजधानी में आंधी और बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को लखनऊ में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम का असर तापमान पर भी दिखाई देगा और अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने मौसम में इस बदलाव के पीछे अर्नब चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव को प्रमुख वजह बताया है। दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। अगले 24 घंटों के दौरान लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी आने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और तेज हवाओं के बीच खुले स्थानों तथा कमजोर निर्माणों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक तथा 06 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के उम्मीदवार विजयी घोषित

लखनऊ, 29 अक्टूबर, 2026। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक व 06 शिक्षक द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत मतगणना के उपरान्त उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया गया है।

- 05 स्नातक क्षेत्रों के घोषित परिणाम निम्नवत हैं :-

1. मेरठ स्नातक क्षेत्र- दिनेश कुमार गोयल (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 24,929 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रमेन्द्र सिंह भाटी, एड. (समाजवादी पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 12,073 मत प्राप्त किए गए।

2. आगरा स्नातक क्षेत्र- डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह, गुरु जी (भारतीय जनता पार्टी) जिनके द्वारा ने कुल 42,743 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शशांक यादव उर्फ शीटू (समाजवादी पार्टी) रहे, जिन्होंने मुकाबले से बाहर निकलने से पूर्व 27,734 मत प्राप्त किए।

3. इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र- डा. मान सिंह यादव (समाजवादी पार्टी) ने कुल 60,358 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अशोक कुमार राठौर (भारतीय जनता पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 32,695 मत प्राप्त किए गए।

4. लखनऊ स्नातक क्षेत्र- कांति सिंह (समाजवादी पार्टी) ने कुल 56,905 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी इंजी. अवनीश कुमार सिंह (भारतीय जनता पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 39,778 मत प्राप्त किए गए।

5. वाराणसी स्नातक क्षेत्र- आशुतोष सिन्हा (समाजवादी पार्टी) ने कुल 55,046 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी केदारनाथ सिंह (भारतीय जनता पार्टी) रहे, जिन्होंने मुकाबले से बाहर निकलने से पूर्व 35,114 मत प्राप्त किए।

- 06 शिक्षक क्षेत्रों के घोषित परिणाम निम्नवत हैं :-

1. लखनऊ शिक्षक क्षेत्र- उमेश द्विवेदी (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 13,179 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुशील कुमार (समाजवादी पार्टी) रहे, जिन्होंने मुकाबले से बाहर निकलने से पूर्व 8,371 मत प्राप्त किए।

2. वाराणसी शिक्षक क्षेत्र- लाल बिहारी यादव (समाजवादी पार्टी) ने कुल 11,612 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी डा. प्रमोद कुमार मिश्र (भारतीय जनता पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 6,597 मत प्राप्त किए गए।

3. आगरा शिक्षक क्षेत्र- डॉ. आकाश अग्रवाल (समाजवादी पार्टी) ने कुल 14,046 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी हरि किशोर तिवारी (भारतीय जनता पार्टी) रहे, जिन्होंने मुकाबले से बाहर निकलने से पूर्व 9,783 मत प्राप्त किए।

4. मेरठ शिक्षक क्षेत्र- श्रीचन्द शर्मा (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 18,099 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी डा. नितिन तोमर (समाजवादी पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 4,858 मत प्राप्त किए गए।

5. बरेली-मुरादाबाद शिक्षक क्षेत्र- डा. हरी सिंह ढिल्लो (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 21,672 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी हाजी दानिश अख्तर (समाजवादी पार्टी) रहे, जिनके द्वारा 3,996 मत प्राप्त किए गए।

6. गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र- ध्रुव कुमार त्रिपाठी (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 16,790 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। इनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजीव यादव (निर्दलीय) रहे, जिन्होंने मुकाबले से बाहर निकलने से पूर्व 14,580 मत प्राप्त किए।

माटीकला महोत्सव-2026: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने किया खादी भवन का भ्रमण, शिल्पकारों का बढ़ाया उत्साह

- योगी सरकार में समृद्ध हो रहे पारंपरिक माटी शिल्पी; महोत्सव में उमड़ रही खरीदारों की भीड़

- दूसरे दिन ही ₹3 लाख से अधिक के उत्पादों की हुई बिक्री

लखनऊ, 29 अक्टूबर 2026। राजधानी लखनऊ के डालीबाग स्थित खादी भवन प्रांगण में आयोजित 11 दिवसीय 'माटीकला महोत्सव-2026' के दूसरे दिन गुरुवार को प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदर्शनी का भ्रमण किया। वित्त मंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए माटी शिल्पकारों एवं कुम्हारों के स्टॉलों पर पहुंचकर उनके द्वारा निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों का अवलोकन किया और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। 

प्रदर्शनी के भ्रमण के दौरान वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भगवान श्री गणेश एवं माता लक्ष्मी की प्रतिमाओं, पर्यावरण-अनुकूल डिजाइनर दीयों, टेराकोटा कलाकृतियों तथा दैनिक उपयोग के मिट्टी के बर्तनों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के पारंपरिक शिल्प को आधुनिक तकनीक, वित्तीय संबल और सीधा बाजार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मिट्टी के उत्पादों का उपयोग न केवल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से उत्तम है, बल्कि इनसे स्थानीय कारीगरों की आजीविका भी सशक्त हो रही है। उन्होंने राजधानीवासियों से अपील की कि वे इस प्रकाश पर्व पर अधिक से अधिक स्थानीय माटी उत्पाद खरीदकर प्रदेश के शिल्पकारों के जीवन को खुशहाल बनाएं।

खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ शिशिर ने बताया कि माटीकला महोत्सव को लेकर राजधानी के नागरिकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन ही दोपहर तक ₹2 63 लाख से अधिक की बिक्री दर्ज की जा चुकी है, जो शाम तक ₹3 लाख के आंकड़े को पार कर गई।

चरित्र सत्यापन के इंतजार में नहीं अटकेगी सरकारी नौकरी

- योगी सरकार ने सरल की नियुक्ति प्रक्रिया, चयनित अभ्यर्थियों को सत्यापन पूरा होने से पहले ही मिल सकेगा नियुक्ति पत्र

 - पुलिस की रिपोर्ट आने तक नहीं रुकेगी नियुक्ति, शर्तों के साथ नौकरी देने और सत्यापन के बाद पुष्टि करने की व्यवस्था

 - 30 दिन में देनी होगी सत्यापन रिपोर्ट, देरी होने पर गृह विभाग सुनिश्चित कराएगा कार्रवाई

 - अभ्यर्थियों को नहीं लगाने पड़ेंगे पुलिस के चक्कर, सामान्य मामलों में न पूछताछ होगी और न ही मांगे जाएंगे अतिरिक्त दस्तावेज

 - केवल एफआईआर दर्ज होने या जांच लंबित रहने से नहीं छिनेगा नौकरी का अवसर, अपराध की श्रेणी और मामले की स्थिति के आधार पर होगा निर्णय

 - प्रतिकूल रिपोर्ट पर भी अभ्यर्थी को मिलेगा सुनवाई का अवसर, पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का दोबारा नहीं होगा सत्यापन

लखनऊ, 29 अक्टूबर। सरकारी नौकरी के लिए चयनित होने के बाद अब युवाओं को चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट आने तक नियुक्ति का इंतजार नहीं करना होगा। प्रदेश सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन की नई एकीकृत नीति जारी की है। इसके तहत पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया चलती रहने पर भी चयनित अभ्यर्थियों को शर्तों के साथ नियुक्ति पत्र दिया जा सकेगा। सत्यापन रिपोर्ट सही मिलने पर नियुक्ति की पुष्टि कर दी जाएगी। पुलिस और संबंधित अधिकारियों को 30 दिन के भीतर सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी। इससे नियुक्ति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी दूर करने के साथ अभ्यर्थियों को बार-बार पुलिस और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों की पहली नियुक्ति से पहले चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर अब तक जारी शासनादेशों के स्थान पर एकीकृत दिशानिर्देश निर्धारित किए हैं। प्रमुख सचिव एम. देवराज की ओर से जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल सत्यापन रिपोर्ट लंबित होने के कारण नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया नहीं रोकी जाएगी। नियुक्ति प्राधिकारी अभ्यर्थी से निर्धारित सत्यापन प्रपत्र और स्वघोषणा पत्र प्राप्त कर नियुक्ति पत्र जारी करेंगे। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील पदों पर विस्तृत सत्यापन पूरा होने के बाद ही नियुक्ति दी जाएगी। ऐसे विशेष मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुख्यमंत्री का पूर्व अनुमोदन लेना होगा।

- पुलिस नहीं बुलाएगी, अभिलेखों से होगा सत्यापन

नई नीति में अभ्यर्थियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। सामान्य परिस्थितियों में चरित्र सत्यापन के लिए पुलिस या स्थानीय अभिसूचना इकाई अभ्यर्थी के घर जाकर पूछताछ नहीं करेगी। उसे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए भी नहीं बुलाया जाएगा। अतिरिक्त दस्तावेज मांगने की भी आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर जांच कर रिपोर्ट देगी। विशेष परिस्थितियों में नियुक्ति प्राधिकारी के अनुरोध पर जिलाधिकारी मौके पर जांच करा सकेंगे। सत्यापन के लिए पुलिस महानिदेशक (अभिसूचना) और जिलाधिकारियों को संदर्भ प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध करानी होगी। निर्धारित अवधि में रिपोर्ट नहीं मिलने पर नियुक्ति प्राधिकारी मामला गृह विभाग को भेजेंगे। गृह विभाग रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

- सिर्फ मुकदमा दर्ज होने से नहीं रुकेगी नियुक्ति

सरकार ने आपराधिक मामलों से संबंधित नियम भी स्पष्ट कर दिए हैं। केवल एफआईआर दर्ज होने, विवेचना लंबित होने या आरोपपत्र दाखिल होने से अभ्यर्थी स्वतः अयोग्य नहीं होगा। अपराध की प्रकृति और न्यायालय में मामले की स्थिति के आधार पर उसकी पात्रता तय होगी। गंभीर अपराधों की कुछ निर्धारित श्रेणियों में न्यायालय द्वारा आरोप तय होने या दोषसिद्धि पर अयोग्यता लागू होगी, जबकि अन्य श्रेणियों में दोषसिद्धि आवश्यक होगी। न्यायालय से अंतिम रूप से दोषमुक्त होने, कानून के अनुसार समझौते से मामला निस्तारित होने और कुछ मामूली अपराधों के मामलों में राहत के प्रावधान भी किए गए हैं। हालांकि, अभ्यर्थी को अपने विरुद्ध दर्ज मामलों की सही जानकारी देनी होगी। जानबूझकर तथ्य छिपाने या गलत घोषणा करने पर नियुक्ति निरस्त करने और कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था है।

- प्रतिकूल रिपोर्ट पर भी मिलेगा पक्ष रखने का मौका

किसी अभ्यर्थी के विरुद्ध पुलिस या स्थानीय अभिसूचना इकाई की रिपोर्ट प्रतिकूल आने पर भी उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। जिलाधिकारी अपनी रिपोर्ट नियुक्ति प्राधिकारी को भेजने से पहले संबंधित अभ्यर्थी की सुनवाई करेंगे। यह सुनवाई ऑनलाइन भी हो सकेगी।

पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का दोबारा चरित्र सत्यापन नहीं होगा। आवश्यकता पड़ने पर उनके पूर्व विभाग से जानकारी ली जा सकेगी। पिछले पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश के बाहर एक वर्ष या उससे अधिक समय तक रहने वाले अभ्यर्थियों के संबंध में संबंधित राज्य की पुलिस से भी जानकारी ली जाएगी।

नई नीति सरकारी विभागों के साथ निगमों, परिषदों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वायत्त निकायों, उपक्रमों और स्थानीय निकायों में सीधी भर्ती से होने वाली नियुक्तियों पर लागू होगी। पहले से लंबित मामलों का निस्तारण भी नए दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा।