दीपोत्सव के लिए सजने लगी रामनगरी, 300 फीट की स्क्रीन पर पहली बार दिखेगी रामकथा
- 5 से 8 नवंबर तक होगा आयोजन, 100 विदेशी मेहमानों को न्योता; 30 लाख से अधिक दीप जलाने का लक्ष्य
अयोध्या। दीपों के महापर्व दीपोत्सव से पहले रामनगरी अयोध्या को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। सरयू तट से लेकर प्रमुख मार्गों और सांस्कृतिक आयोजन स्थलों तक सजावट और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कहीं घाटों को संवारा जा रहा है तो कहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए विशाल मंच तैयार किए जा रहे हैं। इस बार दीपोत्सव में आधुनिक तकनीक के माध्यम से रामकथा का भव्य प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होगा। वहीं, करीब 100 विदेशी मेहमानों को आमंत्रित कर आयोजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की भी तैयारी है।
राम की पैड़ी पर दीपोत्सव की तैयारियां अब स्पष्ट रूप से नजर आने लगी हैं। यहां लाल कारपेट बिछाया जा चुका है और सरयू तट के घाटों से सिल्ट हटाने का काम पूरा कर लिया गया है। लेजर शो और प्रोजेक्शन मैपिंग के लिए 300 फीट लंबी तथा 50 फीट ऊंची विशाल स्क्रीन तैयार की जा रही है। रामकथा पार्क के निकट विशिष्ट अतिथियों के आगमन के लिए अस्थायी हेलीपैड का निर्माण पूरा हो गया है। प्रमुख मार्गों और प्रवेश स्थलों पर तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं, जबकि रामपथ की रेलिंग को चमकाने का काम जारी है।
- पहली बार विशाल स्क्रीन पर साकार होगी रामकथा
इस बार दीपोत्सव में रामकथा के मंचन और प्रदर्शन को नया स्वरूप दिया जा रहा है। पहली बार 300 फीट लंबी और 50 फीट ऊंची स्क्रीन पर लेजर शो तथा प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिए रामकथा प्रस्तुत की जाएगी। पहले की तरह राम की पैड़ी के भवनों की दीवारों पर प्रोजेक्शन करने के बजाय इस बार अलग से विशाल स्क्रीन लगाई जा रही है। स्क्रीन के सामने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तीन मंच बनाए जा रहे हैं। इनकी ऊंचाई क्रमशः 10, 20 और 30 फीट होगी। इन मंचों पर कलाकार विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण की प्रसंगों और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करेंगे।
- 100 विदेशी मेहमानों को आमंत्रित करने की तैयारी
दीपोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संपर्क किया जा रहा है। पांच से आठ नवंबर तक आयोजित होने वाले इस आयोजन में करीब 100 विदेशी मेहमानों को आमंत्रित करने की योजना है। इनमें 12 देशों के विशेष अतिथियों के साथ 30 से अधिक देशों के राजदूत और अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभिन्न देशों में बसे प्रवासी भारतीयों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।
भारतीय दूतावासों और राजदूतों के माध्यम से निमंत्रण भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभिन्न देशों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों अथवा उनके प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित करने की योजना है। विदेशी अतिथियों और प्रवासी भारतीयों की भागीदारी से अयोध्या की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है।
- देश-विदेश की रामलीलाओं का होगा मंचन
दीपोत्सव के दौरान पांच, छह और सात नवंबर को देश-विदेश की रामलीला परंपराओं का मंचन किया जाएगा। इसके जरिए विभिन्न देशों में प्रचलित रामकथा की परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विविधताओं को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
इस बार सरयू तट पर 30 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष यहां 26 लाख 17 हजार 215 दीप जलाकर आयोजन को भव्य स्वरूप दिया गया था। इस बार दीपों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ आधुनिक तकनीक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विदेशी मेहमानों की भागीदारी के जरिए दीपोत्सव को और व्यापक बनाने की तैयारी है।














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Oct 29 2026, 15:09
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