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14 सितंबर 2026 को होगी चंद्रमा-शुक्र की दुर्लभ खगोलीय नजदीकी।*


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि आकाश-दर्शन में रुचि रखने वाले अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए 14 सितंबर 2026 की शाम बेहद खास होगी, इस दिन चंद्रमा और शुक्र ग्रह पश्चिमी से दक्षिण-पश्चिमी आकाश में एक-दूसरे के बहुत करीब दिखाई देंगे,सूर्यास्त के बाद थोड़े समय के लिए बनने वाली यह चमकीली जोड़ी साफ क्षितिज वाले स्थानों से नंगी आंखों से देखी जा सकेगी, और दोनों खगोलीय पिंडों के बीच न्यूनतम कोणीय दूरी लगभग 28.8 आर्कमिनट, यानी करीब 0.48 डिग्री रहेगी , खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह दूरी इतनी कम होगी कि चंद्रमा और शुक्र ग्रह कम शक्ति वाली दूरबीन या छोटे टेलीस्कोप के एक ही दृश्य क्षेत्र में आ सकते हैं, हालांकि,उन्हें देखने के लिए किसी उपकरण की भी आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि शुक्र ग्रह अपनी अत्यधिक चमक के कारण आकाश में चमकीले तारे जैसा दिखाई देगा, जबकि चंद्रमा पतले बढ़ते हुए अर्धचंद्र के रूप में नजर आएगा। *सूर्यास्त के बाद कितने समय का अवसर मिलेगा* ?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय दृश्य सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में दिखाई देगा और दोनों खगोलीय पिंड लगभग शाम 6:16 बजे दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज से करीब 16 डिग्री ऊपर दिखाई देंगे इसके बाद वे धीरे धीरे से क्षितिज की ओर नीचे जाते हुए नज़र आयेंगे और रात्रि लगभग 7:30 बजे के क़रीब एवं उसके बाद अस्त होते हुए दिखाई देंगे।

*किस तारामण्डल में मौजूद होंगे और कितना होगा चन्द्रमा और शुक्र ग्रह का मैग्नीट्यूड?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 14 सितम्बर 2026 को दोनों खगोलीय पिण्ड शुक्र ग्रह और चंद्रमा एक दुसरे के बहुत नज़दीक होंगे और इनकी दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि सूर्यास्त से लेकर लगभग 7:30 PM तक दिखाई देंगे उसके बाद दोनों पश्चिमी क्षितिज पर नीचे चले जाएंगे। इसीलिए समय का विशेष ध्यान रखें क्योंकि इनकी बेहद शानदार खगोलीय युति देखने के लिए आपको बहुत ही कम समय मिलेगा। इस दौरान चंद्रमा और शुक्र ग्रह दोनों खगोलीय पिण्ड कन्या तारामंडल में ही स्थित होंगे एवं इस दौरान चंद्रमा का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 7.63 होगा और शुक्र ग्रह का दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 4.73 के क़रीब होगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने यह भी बताया कि स्थानीय भौगोलिक स्थिति, प्रकाश प्रदूषण, सूर्यास्त के समय, धुंध और क्षितिज की रुकावट के कारण अलग-अलग शहरों में दृश्यता का मैग्नीट्यूड कुछ बदल सकता है, इसलिए खगोल प्रेमियों/आकाश दर्शकों को सूर्यास्त से पहले ही खुले मैदान या ऐसे स्थान पर पहुंचने की सलाह दी जाती है, जहां पश्चिमी क्षितिज भवनों, पेड़ों और पहाड़ियों से बाधित न हो, क्योंकि दोनों पिंड क्षितिज के बहुत करीब होंगे, इसलिए अवलोकन के लिए लगभग एक घंटे का ही व्यावहारिक अवसर मिलेगा। *कैसा होगा दोनों खगोलीय पिंडों का दायाँ आरोहण एवं ऐपल्स*?

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान दोनों खगोलीय पिण्ड कन्या तारामंडल में होंगे, या कुछ यूं कहें कि दोनों पिंड
इस अवसर पर चंद्रमा और शुक्र, कन्या तारामंडल की दिशा में ही स्थित होंगे यह विशेषता भी दोनों खगोलीय पिंडों को और भी ख़ास बनाती है,एवं इस दौरान दोनों का right ascension( दायाँ आरोहण) या कुछ यूं कहें कि लगभग उसी समय चंद्रमा और शुक्र का दायाँ आरोहण (Right Ascension) समान होगा,इस स्थिति को खगोलीय भाषा में संयोजन , कंजंक्शन (conjunction) या युति कहा जाता है, या कुछ यूं भी कह सकते हैं कि जब दायाँ आरोहण लगभग समान होता है तो खगोल विज्ञान में इस स्थिति को कंजंक्शन (conjunction) या युति कहा जाता है,और यूं भी समझ सकते हैं कि आकाश में दो पिंडों का बहुत पास दिखाई देना ऐपल्स (appulse) कहलाता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 14 सितंबर 2026 की खगोलीय घटना में दोनों अवधारणाएं लागू होंगी, क्योंकि दोनों पिंड समान (right ascension) दायाँ आरोहण लगभग समान  के निकट होंगे और दृश्य रूप से भी अत्यंत पास नजर आएंगे।
चंद्रमा उस समय लगभग तीन दिन पुराना और करीब 15 प्रतिशत प्रकाशित होगा। यह बढ़ता हुआ अर्धचंद्र होगा। साथ ही इस दौरान शुक्र का दृश्य परिमाण लगभग माइनस 4.73 रहेगा, जिससे वह सूर्यास्त के बाद सबसे चमकीले प्राकृतिक पिंडों में शामिल दिखाई देगा। *कैसा होगा शुक्र का आच्छादन*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विश्व के कुछ भागों में चंद्रमा शुक्र को पूरी तरह ढकता हुआ दिखाई देगा। इस घटना को lunar occultation of Venus, अर्थात या चंद्रमा द्वारा, शुक्र का आच्छादन कहा जाता है, वैसे यह कोई यह चंद्र ग्रहण नहीं होता है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा आम बोलचाल की भाषा में इसको शुक्र ग्रह का चंद्र ग्रहण भी बोल देते हैं,  लेकिन खगोल विज्ञान में ग्रहण की बात करें तो पाते हैं कि जब चंद्र ग्रहण में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जबकि occultation या आच्छादन में चंद्रमा किसी दूर स्थित पिंड को हमारी दृष्टि से कुछ समय के लिए छिपा देता है इसीलिए इसको खगोल वैज्ञानिक रूप में ऑक्ल्टेशन या आच्छादन कहा जाता है  खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगर हम बात करें 14 सितंबर 2026 की घटना की तो पाते हैं कि यह ऑक्ल्टेशन या आच्छादन भारत के कुछ या बड़े हिस्सों से दृश्यता संभव है लेकिन संपूर्ण भारत से इस ऑक्ल्टेशन या आच्छादन को नहीं देखा जा सकेगा, लेकिन शानदार खगोलीय युति को देख सकते हैं। *भारत के बाकी हिस्सों में क्या दिखेगा?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जहाँ ऑक्ल्टेशन नहीं दिखाई देगा वहाँ चंद्रमा और शुक्र बेहद करीब (कंजंक्शन/युति) में दिखेंगे, सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज के पास यह शानदार खगोलीय युति को नंगी आँखों/साधारण आँखों से आसानी से दिखने वाला दृश्य होगा,बशर्ते क्षितिज साफ़ हो ।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि वैज्ञानिक शब्द की बात करें तो पाते हैं कि इसे “चंद्र-शुक्र ऑक्ल्टेशन” या “चंद्रमा द्वारा शुक्र का आच्छादन” ही कहा जाता है लेकिन यह भी जानना रुचिकर है कि आम बोलचाल में “चंद्र-शुक्र ग्रहण” भी कहा जाता है, लेकिन इसको तकनीकी रूप से ऑक्ल्टेशन ही कहा जाता है। *ऐपल्स, कंजंक्शन और ऑक्ल्टेशन क्या होता है?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ऐपल्स वह खगोलीय घटना है,जिसमें दो या दो से अधिक खगोलीय पिंड,आमतौर पर ग्रह या चंद्रमा, जब आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं,खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा आकाश में अपेक्षाकृत तेज गति से घूमता है और लगभग हर महीने तारामंडलों के बीच अपनी एक पूरी परिक्रमा पूरी करता है। इसलिए अधिकांश ऐपल्स तब होते हैं, जब चंद्रमा आकाश में किसी अन्य खगोलीय पिंड के पास से गुजरता है और चंद्रमा अपनी कलाओं के चक्र में लगभग समान चरण पर हर महीने लगभग उन्हीं ग्रहों के पास से गुजरता है, इसलिए कई घटनाएं आमतौर पर मासिक आधार पर दोहराई जाती हैं,दो खगोलीय पिंडों के बीच कितनी दूरी होने पर उनके निकट आने को ऐपल्स कहा जाए, इसकी कोई औपचारिक परिभाषा नहीं है, लेकिन खगोलविदों द्वारा उन सभी ऐपल्स को सूचीबद्ध किया जाता है, जिनमें ग्रह या छोटे ग्रह एक-दूसरे से एक डिग्री के भीतर आ जाते हैं, साथ ही नग्न आंखों से दिखाई देने वाले खगोलीय पिंडों के लिए तीन डिग्री तक की दूरी वाले ऐपल्स को शामिल किया जाता है,वहीं,विशेष रूप से चमकीले और नग्न आंखों से आसानी से दिखाई देने वाले पिंडों के लिए पांच डिग्री तक की दूरी को भी ऐपल्स की श्रेणी में रखा जाता है और
कभी-कभी दो खगोलीय पिंडों के बीच होने वाला यह निकट संयोग इतना करीबी होता है कि एक पिंड दूसरे के सामने से गुजरता हुआ दिखाई देता है,इस घटना को पारण या ऑकल्टेशन (Occultation) या आच्छादन भी कहा जाता है,ऐसी अधिकांश घटनाओं में चंद्रमा शामिल होता है, क्योंकि चंद्रमा हर महीने आकाश के बहुत बड़े क्षेत्र से होकर गुजरता है, खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ऐपल्स और युति को आम बोलचाल में खगोलीय पिंडों के आकाश में एक-दूसरे के पास दिखाई देने को अक्सर युति या कंजंक्शन (Conjunction) ही कहा जाता है,हालांकि, खगोल विज्ञान में कंजंक्शन का अर्थ कुछ अधिक तकनीकी है, यह उस स्थिति को कहा जाता है, जब दो खगोलीय पिंडों का राइट एसेंशन (Right Ascension) या दायां आरोहण समान हो जाता है, या कुछ और भी अधिक
सरल शब्दों में कहें कि ऐपल्स में दो पिंड आकाश में पास-पास दिखाई देते हैं, जबकि कंजंक्शन दो पिंडों की आकाशीय स्थिति से जुड़ी एक विशिष्ट खगोलीय अवस्था है,खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसको कुछ ऐसे भी समझ सकते हैं कि ऐपल्स वह खगोलीय घटना है जिसमें पृथ्वी से देखने पर दो पिंडों के बीच आकाशीय कोणीय दूरी न्यूनतम हो जाती है,इसके लिए कोई सार्वभौमिक दूरी-सीमा निर्धारित नहीं है, इसके विपरीत, कंजंक्शन एक निर्देशांक-आधारित स्थिति है, जिसमें दो पिंड समान दायाँ आरोहण या ecliptic longitude या क्रांतिक रेखांश, क्रांतिवृत्तीय रेखांश या भोगांश (Bhogansh) भी कहा जाता है ,यह अंतरिक्ष में किसी आकाशीय पिंड (जैसे सूर्य, चंद्रमा या ग्रह) की स्थिति को मापने का एक पैमाना है, जो क्रांतिवृत्त (Ecliptic path) पृथ्वी के चारों ओर सूर्य का आभासी पथ) पर आधारित होता है उसको साझा करते हैं, इसी दौरान यदि कोई पिंड दूसरे को हमारी दृष्टि से ढक देता है, तो घटना को ऑकल्टेशन या आच्छादन कहा जाता है। लेकिन अंतरिक्ष में यह पिंड करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर मौजूद होते हैं यह केवल पृथ्वी से देखने पर दृष्टि प्रभाव होता है,वास्तविक रूप या भौतिक रूप में उपरोक्त से कोई भी खगोलीय पिण्ड एक दुसरे के इतने निकट नहीं होते हैं। *यह आच्छादन का क्षेत्र कौन कौन से देशों से होंगे।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर उत्तर प्रदेश भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में 14 सितंबर 2026 से पहले चंद्रमा द्वारा शुक्र के ऑक्ल्टेशन की पिछली प्रमाणित घटना 24 मार्च 2023 को हुई थी,भारत के कुछ हिस्सों में यह घटना लगभग 15:55 से 18:16 IST के बीच हुई, हालांकि शहर के अनुसार समय अलग था। लेकिन इस बार 14 सितंबर 2026 की बात करें तो पाते हैं कि इस आच्छादन का क्षेत्र, एशिया, अफ्रीका, यूरोप और पश्चिमी रूस के कुछ हिस्सों तक सीमित रहेगा,खगोलीय गणनाओं के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर शुक्र के छिपने का समय और पुनः दिखाई देने का समय देशों के हिसाब से अलग अलग होता है,लेकिन भारतीय समय के अनुसार यह   आच्छादन बिल्कुल सूर्यास्त के क़रीब पड़ेगा,इसलिए भारत के कई स्थानों पर यह आच्छादन शाम के कुछ उजाले में होगा और उन स्थानों से बिना उपकरण के इस आच्छादन को देखना कुछ कठिन भी हो सकता है, साथ ही कुछ जगहों से सूर्यास्त के बाद भी यह काफ़ी अच्छा दिखाई देगा, लेकिन भारत में अधिकांश लोगों को युति ही दिखेगी, क्योंकि भारत के हर हिस्से से शुक्र का आच्छादन दिखाई दे, यह आवश्यक नहीं है, जैसा कि दिल्ली सहित कई स्थानों पर यह घटना शाम को क्षितिज के बहुत निकट होगी फिर भी सूर्यास्त के बाद चंद्रमा और शुक्र का निकट संयोग कुछ समय तक भारत के बड़े हिस्से से देखा जा सकेगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि या कुछ यूं भी समझ सकते हैं कि उस दौरान सूर्यास्त और शाम का उजाला (Daylight/Twilight) भी होगा एवं भारत के अधिकांश हिस्सों (विशेषकर मध्य और दक्षिणी भारत) में यह खगोलीय घटना शाम के समय और सूर्यास्त के बेहद करीब होगी,कई जगहों पर उस समय आसमान में शाम का कुछ उजाला रहेगा, इसीलिए ख़ास ऑक्ल्टेशन को बिना उपकरण देखना कठिन हो सकता है चूंकि शुक्र और चंद्रमा दोनों ही सूर्यास्त के धुंधलके या हल्के उजाले में  ही दिखना शुरू हो जाएंगे इसलिए शुरुआती चरणों में बिना टेलीस्कोप या दूरबीन (Binoculars) के इसे स्पष्ट देख पाना वाकई कुछ कठिन हो सकता है, लेकिन सूर्यास्त के कुछ ही देर बाद का नजारा भी बेहतरीन होगा और साथ ही अगर जिन स्थानों पर यह आच्छादन दिखेगा और वहाँ का आसमान भी थोड़ा गहरा साफ़ और प्रकाश प्रदूषण से पूर्णतः दूर होने के कारण पतले से हंसिया आकार (Crescent) के चंद्रमा के पीछे चमकीले शुक्र ग्रह को गायब होते देखना बकाई काफी खूबसूरत और स्पष्ट एवं सुंदर दृश्य के साथ ही भव्य नज़ारा होगा। *किधर देखें।?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इसे देखने के लिए सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में सावधानी पूर्वक सबसे पहले चमकीले शुक्र को खोजें, इसको खोजना बहुत ही आसान है क्योंकि आज कल पश्चिमी दिशा में सबसे चमकदार तारे जैसा (लेकिन वो तारा नहीं है वह शुक्र ग्रह है) जो दिख रहा है, वही है शुक्र ग्रह एवं उसके निकट पतला चंद्र-वर्धमान दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा पृथ्वी के निकट होने के कारण अलग-अलग स्थानों से उसका आकाशीय स्थान बदलता हुआ दिखाई देता है, यह लंबन' कहलाता है, यह किसी वस्तु की स्थिति में होने वाला वह आभासी परिवर्तन या विस्थापन है, जो उसे दो अलग-अलग जगहों या दृष्टियों से देखने पर महसूस होता है।

*लंबन (विस्थापन) क्या है?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने लंबन के बारे में उदाहरण देते हुए बताया कि जब आप अपनी एक आँख बंद करके और फिर बारी-बारी से दूसरी आँख बंद करके सामने किसी उंगली को देखते हैं, तो उंगली अपनी जगह से हिलती हुई/हटती हुई सी प्रतीत होती है। इसे ही लंबन (Parallax) कहते हैं,पास की वस्तुएं दूर की वस्तुओं की तुलना में अधिक लंबन (विस्थापन) दिखाती हैं,इसी लंबन (parallax) पैरालेक्स के कारण occultation या आच्छादन केवल पृथ्वी के एक सीमित क्षेत्र से दिखाई देता है, जबकि निकट युति अधिक बड़े क्षेत्र में नजर आती है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा द्वारा शुक्र के आच्छादन की पिछली विश्वव्यापी घटना 17 जून 2026 को हुई थी, जबकि भारत से ऐसी घटना 24 मार्च 2023 को दिखाई दी थी , साथ ही खगोलविद अमर पाल सिंह ने अपील भी की है कि आकाश दर्शकों को सूर्य को सीधे दूरबीन या विनोकुलर से, बिना प्रमाणित सोलर फ़िल्टर्स या किसी भी अन्य ऑप्टिवल उपकरण से सूर्य को कभी भी सीधे नहीं देखना चाहिए , खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणित सोलर फिल्टर युक्त दूरबीन या विनोकुलर एवं फिल्टर युक्त कैमरा आदि ऑप्टिकल उपकरण का ही उपयोग करें और सूर्य को सीधे देखने से बचना चाहिए क्योंकि सूर्य को सीधे देखने पर इस से आँखें खराब हो सकती हैं। इसीलिए सूर्यास्त के समय भी सूर्य की तरफ़ दूरबीन/  टेलीस्कोप लगाते समय इस दौरान भी अति महत्वपूर्ण सावधानी रखना चाहिए और इस शानदार खगोलीय घटना का आनंद उठाएं।

      
दूरदर्शन पर छाए दीन बन्धु सिंह, ‘लोक रंग सुरों के संग’ में गूंजा सुल्तानपुर का लोक स्वर

*गांव की माटी और लोक संस्कृति पर आधारित गीत से बांधा समां*

सुल्तानपुर। कुशभवनपुर सुल्तानपुर के अंतरराष्ट्रीय लोक गायक दीनबंधु सिंह ने दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘लोक रंग सुरों के संग’ सीजन-2 में अपनी शानदार लोक गायकी से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में उन्होंने गांव के परिवेश, ग्रामीण जीवन और अपनी माटी की खुशबू से जुड़े भावपूर्ण लोकगीत की प्रस्तुति देकर लोक संस्कृति की खूबसूरत तस्वीर प्रस्तुत की।
दीनबंधु सिंह की जोरदार और भावपूर्ण प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उनकी आवाज में गांव की मिट्टी, रिश्तों और लोक जीवन की संवेदनाएं स्पष्ट रूप से झलकीं।
‘लोक रंग सुरों के संग’ सीजन-2 का प्रसारण प्रत्येक बुधवार रात 9 बजे दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर किया जाता है। कार्यक्रम की शूटिंग को सफल बनाने में निदेशक ध्रुव चंद्र जी, उनके सहयोगी संजय दुबे एवं सागर सेन तथा पूरी दूरदर्शन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन स्मृति मिश्रा एवं संतोष राय ने किया।
दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर सुल्तानपुर की लोक संस्कृति और गांव की आवाज को पहुंचाने वाले दीनबंधु सिंह की इस प्रस्तुति को क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है।
देवरिया : मुठभेड़ में हत्यारोपी वांछित एक घायल समेत दो गिरफ्तार
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया में भलुअनी पुलिस ने रविवार को हत्या के मुकदमे में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक आरोपी ने चाकू बरामद कराने के दौरान उपनिरीक्षक का रिवाल्वर छीनकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई गई है।

पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजित आर. शंकर ने बताया कि थाना भलुअनी में दर्ज मुकदमा संख्या 143/2026, धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस में वांछित चाइना अंसारी (36) पुत्र कमालुद्दीन, निवासी वार्ड नंबर 12 जयप्रकाश नगर (शिवधरिया), तथा अम्बुज उर्फ आशीष विश्वकर्मा (23) पुत्र दीनानाथ विश्वकर्मा को 12/13 सितंबर की रात शहीद चौक से गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में चाइना अंसारी ने घटना में प्रयुक्त चाकू के बारे में जानकारी दी। पुलिस टीम उसे लेकर सोनाड़ी रोड पहुंची, जहां उसकी निशानदेही पर चाकू बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, रात करीब 3:30 बजे वापसी के दौरान अचानक नीलगाय आ जाने से सरकारी वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया। वाहन को बाहर निकालने के लिए पुलिसकर्मी धक्का लगा रहे थे। इसी दौरान चाइना अंसारी ने एक उपनिरीक्षक का रिवाल्वर छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।

एसपी के अनुसार, चाइना के खिलाफ मारपीट, धमकी, आर्म्स एक्ट और हत्या के मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध 2024 में गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी हुई थी। अम्बुज के खिलाफ भी मारपीट, एससी/एसटी एक्ट और धमकी समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके विरुद्ध 2025 में गुंडा एक्ट की कार्रवाई की गई थी।

कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक अखिलेश यादव, उपनिरीक्षक आशीष तिवारी और कांस्टेबल अरविन्द कुमार यादव व विनोद यादव शामिल रहे।
प्रयागराज के सुलेम सराय दधिकांदो मेला आज, भारी वाहनों के प्रवेश पर रहेगी रोक; दोपहर दो बजे से लागू होगा डायवर्जन
मेले को लेकर यातायात पुलिस ने जारी की व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बदले जाएंगे मार्ग

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सुलेम सराय में रविवार को होने वाले ऐतिहासिक दधिकांदो मेले को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की भीड़ और मेले के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए हाईकोर्ट पानी टंकी चौराहे से मंदिर मोड़ तक भारी वाहनों, ट्रक, डीसीएम, टैंकर, हल्के वाहनों और चार पहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। यह व्यवस्था शाम चार बजे से मेला समाप्त होने तक लागू रहेगी।

पुलिस उपायुक्त नगर सागर जैन ने बताया कि मेले के दौरान आमजन को आवागमन में परेशानी न हो और श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनी रहे, इसके लिए यातायात का डायवर्जन किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को प्रमुख चौराहों और मार्गों पर तैनात किया गया है। लोगों से अपील है कि वे निर्धारित डायवर्जन मार्ग का ही प्रयोग करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

इन मार्गों पर रहेगा डायवर्जन

प्रयागराज शहर की ओर से धूमनगंज क्षेत्र और कानपुर रोड की ओर जाने वाले वाहनों को शास्त्री पुल, अंदावा तिराहा, सहसों और कोखराज की ओर से भेजा जाएगा।
फतेहपुर और कानपुर की ओर जाने वाली रोडवेज तथा विद्युत बसों को विद्यावाहिनी रोडवेज बस अड्डा से शास्त्री पुल, झूंसी, अंदावा तिराहा, सहसों और कोखराज होते हुए भेजा जाएगा।
कानपुर और फतेहपुर से प्रयागराज शहर की ओर आने वाले वाहनों को कोखराज से डायवर्ट किया जाएगा। ये वाहन सहसों, अंदावा और शास्त्री पुल झूंसी होते हुए शहर में प्रवेश कर सकेंगे।
इसके अलावा डीजल, पेट्रोल, गैस और केरोसिन के टैंकरों तथा अति आवश्यक वाहनों का आवागमन दोपहर 12 बजे से मेला समाप्ति तक शहर क्षेत्र में प्रतिबंधित रहेगा। इन वाहनों को इंडियन ऑयल प्लांट झलवा से कटहुला मोड़, एयरपोर्ट होते हुए भगवतपुर तिराहा से कौशांबी रोड की ओर भेजा जाएगा।
डीसीपी नगर सागर जैन ने आमजन से अपील की कि दधिकांदो मेला सुलेम सराय, धूमनगंज क्षेत्र के लिए निर्धारित यातायात डायवर्जन का पालन करें। उन्होंने कहा कि मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है।
मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने पुलिस उपमहानिरीक्षक, डीएम,एसपी  एवं सीडीओ के संग सरयू घाट, दुःखहरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का किया निरीक्षण
कजरी तीज पर्व के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश

श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता क्षम्य नहीं होगी : मण्डलायुक्त
*कजरी तीज त्यौहार के मद्देनजर मण्डल में 24*7 घंटे विद्युत आपूर्ति की होगी बेहतर व्यवस्था

गोण्डा। कजरी तीज पर्व के दृष्टिगत मण्डलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने सरयू घाट, दुःखहरण नाथ मंदिर एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का स्थलीय निरीक्षण कर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम दर्शन के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने घाट एवं मंदिर परिसरों तथा श्रद्धालुओं के आवागमन वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

मण्डलायुक्त ने कहा कि कजरी तीज के पावन पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सरयू घाट पर स्वच्छता, प्रकाश, पेयजल, सुरक्षा, बैरिकेडिंग एवं भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान एवं आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने दुःखहरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिरों में प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, कतारबद्ध एवं सुगम दर्शन, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश, पार्किंग तथा अन्य जनसुविधाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग एवं अन्य व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कराने को कहा।
मण्डलायुक्त ने स्पष्ट किया कि कजरी तीज जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता अथवा शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। सभी संबंधित अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए पर्व को सकुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराएं।

पुलिस उपमहानिरीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए  ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, प्रभावी भीड़ प्रबंधन तथा संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने तथा सामने आने वाली कमियों का तत्काल समाधान कराने को कहा।

पुलिस अधीक्षक सरयू घाट एवं मंदिर परिसरों की स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक जनसुविधाओं को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा एवं धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कजरी तीज पर्व के दौरान व्यवस्थाओं की निरंतर समीक्षा एवं स्थलीय निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता से कार्य करें।

कजरीतीज त्योहार को विद्युत सुचारु रूप से रखने हेतु मण्डलायुक्त ने शासन में पत्र भेजकर जिस पैरवी की थी जिसका 24 घंटे विद्युत आपूर्ति को हरी झंडी की गई है प्रतिदिन शाम 18:00 बजे से दिनांक 10.9.26 से दिनांक 31.10 .26 तक मंडल के जनपद गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती में निर्बाध रूप से कटौती मुक्त विद्युत आपूर्ति की जएगीनिरीक्षण के दौरान पुलिस उपमहानिरीक्षक अशोक कुमार ,जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ,पुलिस अधीक्षक अभिषेक ,मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मऊ: मुठभेड़ के बाद फरार दो लुटेरे गिरफ्तार, लूट का माल खरीदने वाला सुनार भी दबोचा
मऊ में हलधरपुर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद फरार चल रहे दो वांछित लुटेरों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इनके कब्जे से अवैध तमंचा और लूट से संबंधित सामान बरामद किए जाने का दावा किया है।

मामले में लूट का माल खरीदने वाले एक सुनार को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और घटनाओं के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
मऊ राष्ट्रीय लोक अदालत में 61,950 मामलों का निस्तारण, 22 दंपतियों को साथ रहने के लिए विदा किया गया
मऊ।  राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त निर्देशों के क्रम में शनिवार, 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संजय कुमार यादव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न प्रकृति के कुल 61,950 मामलों का निस्तारण किया गया। साथ ही 16,86,800 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए।
जनपद न्यायाधीश संजय कुमार यादव द्वारा एक आर्बिट्रेशन मामले का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण,  चंद्रगुप्त द्वारा 62 मामलों का निस्तारण करते हुए 3,46,60,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई।

प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय  निरंजन चंद्र पाण्डेय द्वारा 80 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान आपसी सुलह-समझौते एवं पारिवारिक सद्भाव के आधार पर 22 दंपतियों को साथ रहने के लिए विदा किया गया।

स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष  हीरालाल एवं सदस्य  विकास भाई निकुम्भ द्वारा 10 मामलों का निस्तारण करते हुए 10,82,917 रुपये की समझौता धनराशि दिलाई गई।

अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-1  बाकर शमीम रिजवी द्वारा 2 मामलों, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट  अनिल कुमार वर्मा द्वारा 1 मामले तथा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट  छांगुर राम द्वारा 5 मामलों का निस्तारण किया गया।
अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कोर्ट-2  प्रदीप कुमार राम द्वारा 43 मामलों का निस्तारण किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या-1  अजय कुमार श्रीवास्तव द्वारा 206 विद्युत मामलों का निस्तारण किया गया।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नासेहा वसीम द्वारा 4,899 मामलों का निस्तारण करते हुए 12,44,090 रुपये का अर्थदंड जमा कराया गया। सिविल जज जूनियर डिवीजन सदर  रजत कुमार यादव द्वारा 13 मामलों, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय मधुबन  अमरनाथ द्वारा 31 मामलों तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट  प्रवीन कुमार यादव द्वारा 2,575 मामलों का निस्तारण किया गया।

सिविल जज जूनियर डिवीजन मुहम्मदाबाद गोहना  प्रीति यादव द्वारा 16 मामलों, सिविल जज जूनियर डिवीजन कोर्ट संख्या-2  ममता यादव द्वारा 313 मामलों, सिविल जज जूनियर डिवीजन महिलाओं के विरुद्ध अपराध काजल श्रीवास्तव द्वारा 33 मामलों, सिविल जज जूनियर डिवीजन/एफटीसी स्तुति सोनकर द्वारा 291 मामलों तथा विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट  रमेश चंद्र राय द्वारा 75 मामलों का निस्तारण किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न बैंकों, बीएसएनएल, टोरेंट गैस एवं सोनाटा फाइनेंस द्वारा कुल 693 मामलों का निस्तारण करते हुए 3,09,25,536 रुपये की बकाया राशि प्राप्त की गई।

राजस्व विभाग द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 46,382 मामलों का निस्तारण किया गया। श्रम विभाग एवं मनरेगा द्वारा 556 मामलों तथा नगर पालिका द्वारा 110 मामलों का निस्तारण किया गया।
इसके अलावा विद्युत विभाग द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर पर 259 मामलों, बाट-माप विभाग द्वारा 20 मामलों, वन विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 107 मामलों तथा पंचायत विभाग द्वारा प्री-लिटिगेशन स्तर पर 4,950 मामलों का निस्तारण किया गया।
बाढ़ पीड़ित  परिवारों को दिया हर संभव मदद दिलाने का भरोसा, पीड़ित परिवारों को किया राशन वितरण

फर्रुखाबाद। मोहल्ला सलावत खां स्थित रहमानी इंटर कॉलेज में ठहरे बाढ़ पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए राहत सामग्री वितरण की गई  मुख्य अतिथि के रूप में कोतवाली प्रभारी  फर्रुखाबाद धर्मेंद्र सिंह एवं राष्ट्रीय समाचार पत्र चक्षु न्यूज़ के संपादक कु0 श्याम सिंह यादव के नेतृत्व में भ्रष्टाचारी दुश्मन राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र के संपादक इलियास अहमद एवं प्रधान संपादक रेशमा बानो की ओर से आयोजित इस मानवीय पहल में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की गई। राहत सामग्री वितरण में हाफिज मोहम्मद तालिब का विशेष एवं महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उन्होंने पूरे कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाते हुए जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने में अहम योगदान दिया। उनके सहयोग की मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की। कार्यक्रम में भ्रष्टाचारी दुश्मन के ब्यूरो चीफ अर्चना श्रीवास्तव, उप संपादक इकबाल अहमद तथा उत्तर प्रदेश प्रभारी तौसीफ खान सहित समाचार पत्र परिवार से जुड़े साथी मौजूद रहे और राहत वितरण में सहभागिता की। चक्षु न्यूज़ के संपादक श्याम सिंह यादव एवं अन्य सहयोगियों ने भी कार्यक्रम में उपस्थित रहकर बाढ़ पीड़ितों की सहायता में अपना योगदान दिया। राहत सामग्री वितरण के दौरान सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह की भूमिका विशेष रूप से सराहनी रही उनकी मौजूदगी और सहयोग से राहत सामग्री वितरण की व्यवस्था सुचारु रूप से संपन्न हुई। आपदा के समय पुलिस की संवेदनशील एवं सहयोगात्मक भूमिका ने कार्यक्रम को व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मानवता की सेवा को पत्रकारिता से जोड़ा है। इस दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि पत्रकारिता का दायित्व केवल खबरों को समाज तक पहुंचाना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना भी है। बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए उठाया गया यह कदम समाज में मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करता है।
भ्रष्टाचारी दुश्मन समाचार पत्र परिवार की ओर से इलियास अहमद, रेशमा बानो, अर्चना श्रीवास्तव, इकबाल अहमद और तौसीफ खान सहित सभी साथियों ने राहत सामग्री वितरण कार्य में सहभागिता की। चछु न्यूज़ के संपादक श्याम सिंह और हाफिज मोहम्मद तालिब के सहयोग से राहत सामग्री का वितरण किया गया ।
मऊ में मारपीट और गैर-इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में दंपती को 3-3 साल की सजा
मऊ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 बाकर शमीम रिजवी की अदालत ने मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और गैर-इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में पति-पत्नी को दोषी करार दिया है। अदालत ने संजय यादव और उसकी पत्नी लालसा देवी को तीन-तीन साल की जेल और 7-7 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर दोनों को दो-दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

मामला दक्षिण टोला थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, औरंगाबाद निवासी मूलचंद की शिकायत पर दक्षिण टोला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में मोहल्ले के संजय यादव, उनकी पत्नी लालसा देवी और एक अन्य व्यक्ति को आरोपी बनाया गया था।

शिकायत के अनुसार, 3 मार्च 2013 को पुरानी रंजिश के चलते आरोपी लाठी-डंडे लेकर मूलचंद के घर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां दिनेश, प्रेमशीला और रीता के साथ मारपीट की गई। हमले में तीनों को गंभीर चोटें आई थीं। आरोपियों पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था।

10 गवाहों ने कोर्ट में दी गवाही

पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। साथ ही दस्तावेजी साक्ष्यों के माध्यम से भी आरोपों को साबित करने का प्रयास किया गया।

वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपियों को झूठा फंसाए जाने की दलील दी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों का परीक्षण किया।

अदालत ने सुनाई सजा

साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने संजय यादव और लालसा देवी को दोषी पाया। दोनों को तीन-तीन साल की जेल और 7-7 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।

मामले में शामिल तीसरा आरोपी घटना के समय नाबालिग था। इसलिए उसकी फाइल किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी गई है। उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई किशोर न्याय बोर्ड में होगी।
रामदयालगंज में विशाल यादव की हत्या के बाद हाईवे जाम, 78 लोगों पर मुकदमा
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में रामदयालगंज बाजार में शुक्रवार को महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के सामने विशाल यादव (25) की हत्या के बाद हाईवे जाम करने के मामले में लाइन बाजार थाने में 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस संबंध में रविवार को पुलिस मीडिया सेल से जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि उपनिरीक्षक रामभरोस राम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। तहरीर के अनुसार, हत्या के बाद लोगों ने शव को राष्ट्रीय राजमार्ग-135ए पर रखकर दोनों तरफ का यातायात रोक दिया। इस दौरान जौनपुर-मड़ियाहूं मार्ग पर यात्रियों, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी रोका गया तथा वाहन चालकों से मारपीट का आरोप है।

इससे हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।पुलिस के अनुसार, जाम खुलवाने का प्रयास करने पर भीड़ ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। लाइन बाजार पुलिस ने वीडियो रिकॉर्डिंग कराते हुए लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ पुलिस से उलझ गई।तहरीर में आरोप है कि बेलवारामसागर निवासी दीवाकर पांडेय और उनकी पत्नी पुष्पा पांडेय ने भीड़ को समझाने की कोशिश की। इस दौरान उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे दोनों बेहोश हो गए। घटना से बाजार में अफरा-तफरी मच गई और दुकानदार दुकानें बंद कर वहां से चले गए।स्थिति बिगड़ने पर मड़ियाहूं, सिकरारा, कोतवाली, जफराबाद, मछलीशहर और रामपुर समेत कई थानों से पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने लोगों को समझाकर हाईवे से जाम हटवाया।

इसके बाद विशाल यादव के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।पुलिस के अनुसार नामजद आरोपियों में संदीप यादव, राज कुमार यादव, हरेराम यादव, नितेश कन्नौजिया, सुनील यादव, प्रवीण कुमार सिंह, राहुल यादव, विक्की यादव, रोहित सोनकर, गब्बू सोनकर, धीरज गुप्ता, मयंक सिंह, बडूल यादव, आकाश निषाद, नाटे मौर्या, सोनू यादव, प्रियान्शु यादव, लल्लन सोनकर, गुड्डू दुबे, सौरभ यादव, पांडेय सोनकर, राजेश हरिजन, अंबर यादव, अतुल यादव और पातिराम यादव समेत 28 लोग शामिल हैं।