बाढ़ से 20 हजार लोग प्रभावित,25 गांव घिरे,फसलें डूबीं
*घाघरा व सरयू नदी का पानी घरों में घुसा
गोंडा।जिले में बीते एक सप्ताह से घाघरा और सरयू नदियां उफान पर थीं परन्तु पिछले तीन दिन से नदियों का जलस्तर घट रहा है।शनिवार सुबह 11 बजे घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से मात्र पांच सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।गौरतलब है कि पिछले 24 घंटों में नदी का जलस्तर 13 सेंटीमीटर कम हुआ है।नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम हुई हैं।10 गावों से बाढ़ का पानी उतर गया है,हालांकि तरबगंज व करनैलगंज तहसील क्षेत्र के 25 गावों की 20 हजार से ज्यादा आबादी अब भी बाढ़ से प्रभावित है।इन गावों के चारों तरफ और घरों के अंदर अभी भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है।नवाबगंज क्षेत्र के कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के चारों तरफ और अंदर पानी भरे होने के कारण विद्यालय पूरी तरीके से बंद हैं,जिसके परिणामस्वरूप पिछले एक सप्ताह से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बंद है।जिला प्रशासन इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को दूसरे विद्यालय में शिफ्ट किया गया है परन्तु वहां पर भी बच्चों को जाने में काफी दिक्कत हो रही है।बाढ़ प्रभावित गांवों में लंच पैकेट,पशुओं के लिए भूसा और अन्य राहत सामग्री बांट रहा है।ग्रामीणों के आने जाने के लिए नावों की व्यवस्था की गई है।गोंडा बाढ़ खंड विभाग के अनुसार,इन गावों से भी पानी धीरे धीरे कम हो रहा है।तरबगंज तहसील क्षेत्र के ब्योन्दा माझा,जबर नगर,गढ़ी,परास पट्टी पुरवार,मझवार और ऐली परसौली सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।इन गावों में लोगों के घरों के अंदर और मुख्य मार्गों पर पानी भरा हुआ है।बिना नाव के लोग गांव के बाहर नहीं जा पा रहे हैं।बाढ़ पीड़ितों मगरमच्छ और घड़ियाल को लेकर दहशत है।सोशल मीडिया पर मगरमच्छ आने और घड़ियाल आने को लेकर के वायरल हो रहे वीडियो पर इन बाढ़ पीड़ितों के अंदर एक दहशत का माहौल है बाढ़ पीड़ितों को डर सता रहा है।लगातार इन बाढ़ प्रभावित गांवों में वन विभाग की टीम को भी तैनात किया गया है।वन विभाग की टीम के द्वारा नदी के तटीय इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है।घाघरा नदी में शनिवार सुबह 11 बजे गिरजा बैराज से 120424,शारदा बैराज से 149878,सरयू बैराज से 7699 और सुहेली बैराज से 34326 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।बीते तीन दिन पहले चार लाख क्यूसेक के लगभग पानी एक साथ छोड़ा जा रहा था,जिसके बाद नदी पूरी तरीके से उफान पर थी परन्तु अब पानी छोड़ने में भी कमी आई है।केंद्रीय जल आयोग के अनुसार नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है और अगले 24 घंटे के अंदर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच जाएगी,जिससे बाढ़ पीड़ितों की दिक्कतें और कम होंगी।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।जो गांव प्रभावित हैं वहां पर नाव लगाया गया है।लंच पैकेट और बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है।बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
Sep 12 2026, 16:52
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