/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif StreetBuzz जनपद मऊ पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही uttar pradesh
जनपद मऊ पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
पुलिस अधीक्षक मऊ  कमलेश बहादुर के निर्देशन पर जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में विभिन्न थानो द्वारा प्रभावी कार्यवाही करते हुए अलग- अलग स्थानों से अभियुक्तों की गिरफ्तारी /बरामदगी व विभिन्न मामलों में वारंटी अभियुक्त को भी गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई ।

थानावार कार्यवाही का विवरण

1.थाना दोहरीघाट पुलिस द्वारा वारंटी अभियुक्त गजानन्द पंडित पुत्र सुभाष निवासी ग्राम उसरी खुर्द थाना दोहरीघाट जनपद मऊ । अभियुक्तगण उपरोक्त को गिरफ्तार कर चालान माननीय न्यायालय किया गया ।
मऊ -: धूस गांव में बाढ़ पीड़ितों की बदहाली, आप ने सरकार को घेरा
सर्वेश मिश्रा ने बाढ़ पीड़ितों से की मुलाकात, बोले- राशन, दवा और इलाज के बिना कैसे कट रही जिंदगी?

मऊ। जिले में बाढ़ का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। मधुबन विधानसभा क्षेत्र के दुबारी ग्राम पंचायत अंतर्गत धूस गांव में बाढ़ पीड़ितों की स्थिति बेहद दयनीय बताई जा रही है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि बाढ़ प्रभावित परिवार राशन, पशुओं के चारे, दवा और समुचित इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है।

शुक्रवार को बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संजय सिंह के प्रतिनिधि सर्वेश मिश्रा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धूस गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके की स्थिति का जायजा लिया।

सर्वेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि कई लोगों के घर बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और प्रभावित परिवार बदहाली में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के सामने भोजन, पशुओं के चारे और इलाज का संकट खड़ा है। पार्टी का यह भी आरोप है कि जहरीले जीव-जंतुओं के काटने का खतरा बना हुआ है और पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों में दहशत है।

आम आदमी पार्टी ने सरकार और प्रशासन पर बाढ़ पीड़ितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल बाढ़ चौकी स्थापित कर देने से राहत व्यवस्था पूरी नहीं हो जाती। पार्टी ने मांग की कि बाढ़ चौकियों पर तत्काल पर्याप्त मात्रा में राशन, दवाएं, एंबुलेंस और प्रभावित परिवारों के रहने की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और आवश्यक राहत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो आम आदमी पार्टी जनता के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी।

इस दौरान आप नेता विजय, जयराम यादव, मनोज कुमार, अविनाश, राजकुमार जायसवाल, अनिल प्रजापति सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम भी जर्जर हो गया था: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- यूपी पर लगा था बीमारू का ठप्पा, नौजवान के सामने था पहचान का संकट
- युवा पुस्तक नहीं पढ़ना चाहता, यह धारणा उसके साथ अन्याय : मुख्यमंत्री
- मुख्यमंत्री योगी ने गोमती पुस्तक महोत्सव का पांचवां संस्करण का किया शुभारंभ, 80 से बढ़कर 250 हुए स्टॉल
- योगी बोले, पाठ्यक्रम से ही नहीं समझ सकते समाज, देश और दुनिया को
- प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों के पुस्तकालयों तक पहुंचीं एनबीटी की पुस्तकें

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम भी जर्जर हो गया था। सरकारी विद्यालयों के भवन जर्जर थे, सुविधाओं का अभाव था और उत्तर प्रदेश पर बीमारू राज्य का ठप्पा लग गया था। प्रदेश के नौजवान के सामने पहचान का संकट था। बाहर जाने पर वह अपनी पहचान बताने से भी संकोच करता था। पिछले दस वर्षों में शुरू हुए सकारात्मक प्रयासों के परिणाम अब सामने हैं और उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है।
शनिवार को गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 के पांचवें संस्करण का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास ज्ञान और चिंतन की अत्यंत समृद्ध परंपरा रही है। इसके बावजूद जब हमने ज्ञान को सीमित और संकुचित दायरे में कैद किया और अपनी विरासत से दूरी बनाई तो उसका दुष्परिणाम पूरे प्रदेश को भुगतना पड़ा। यूपी बीमारू राज्यों की श्रेणी में खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति, समाज या राष्ट्र अपनी विरासत से संबंध तोड़कर आगे नहीं बढ़ सकता।
बेसिक शिक्षा की पूर्व की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में सुविधाओं की कल्पना करना कठिन था। भवन जर्जर थे और व्यवस्थाएं भी उसी स्थिति में थीं। सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प शुरू किया तो विद्यालयों के भवन बदले। स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट का अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां तीसरी कक्षा की एक बच्ची को डिजिटल लाइब्रेरी सहजता से संचालित करते देखकर उन्हें अहसास हुआ कि बच्चों में क्षमता की कमी नहीं थी, उन्हें अवसर और संसाधन नहीं मिले थे।
मुख्यमंत्री योगी ने इसी संदर्भ में युवाओं के पुस्तकों से दूर होने की धारणा को भी खारिज किया। कहा कि यह कहना युवा के साथ अन्याय होगा कि वह पुस्तक नहीं पढ़ना चाहता और अपना अधिकतर समय सोशल या डिजिटल मीडिया पर ही बिताता है। वास्तविकता यह है कि हमने उस तक पुस्तक पहुंचाने का पर्याप्त प्रयास नहीं किया। जब युवाओं को पुस्तकें और उचित मंच उपलब्ध कराया गया तो पुस्तक महोत्सवों में उनकी भागीदारी ने सारी धारणाएं बदल दीं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ में पुस्तक महोत्सव की शुरुआत के समय उन्हें भी इसके परिणाम को लेकर थोड़ा संकोच था, लेकिन पहले ही आयोजन में अपेक्षा से कई गुना अधिक छात्र और युवा पहुंचे। आज इसका पांचवां संस्करण आयोजित हो रहा है और स्टॉल की संख्या 80 से बढ़कर 250 हो चुकी है। अगले नौ दिनों तक हजारों विद्यार्थियों और युवाओं को ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों को जानने का अवसर मिलेगा। यहां पुस्तक विमोचन के साथ लेखक और पाठक आमने-सामने होंगे। युवाओं को लेखकों की अभिव्यक्ति, उनके संघर्ष और जीवन यात्रा को समझने का अवसर भी मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी प्रेरणा से शिक्षा मंत्रालय देश के अलग-अलग हिस्सों में पुस्तक महोत्सवों के माध्यम से भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक ज्ञान से जोड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री की पुस्तक ‘एग्जाम वारियर्स’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे हर बच्चे और युवा को पढ़ना और आत्मसात करना चाहिए। यह केवल स्कूली परीक्षाओं के लिए नहीं है। जीवन में हर व्यक्ति को अलग-अलग परिस्थितियों में परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ता है। जब हिम्मत जवाब देने लगती है, तब ऐसी पुस्तकें संबल और मार्गदर्शन देती हैं।
ऋग्वेद के मंत्र ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय ऋषि परंपरा ज्ञान को चारों ओर से आने देने की प्रेरणा देती है। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम पढ़ लेने से ही व्यक्ति ज्ञानवान नहीं हो सकता। पाठ्यक्रम किसी विषय में पारंगत कर सकता है, लेकिन समाज, देश और दुनिया को समझने के लिए अलग-अलग विषयों और विचारों को पढ़ना जरूरी है।
मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि लखनऊ साहित्य का पुराना केंद्र रहा है। यहां से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषियों ने पुराणों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाया। काशी के विश्वविद्यालय जगविख्यात रहे हैं। प्रयागराज का कुंभ केवल आयोजन या महोत्सव नहीं रहा, बल्कि देशभर के ऋषि-मुनियों के ज्ञान, चिंतन, संवाद और नवाचार की स्थली रहा है। मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ में करीब पांच हजार वर्ष पहले श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा के वाचन की परंपरा भी इसी प्रदेश से जुड़ी है।
मुख्यमंत्री योगी ने गांवों तक पुस्तक और डिजिटल ज्ञान पहुंचाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। कहा कि मुख्यमंत्री के लिए सचिवालय और जिलाधिकारी के लिए कलेक्ट्रेट था, लेकिन गांव की सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई के पास बैठने की अपनी जगह तक नहीं थी। सरकार ने ग्राम सचिवालय बनाए और तय किया कि इनमें बैठक कक्ष के साथ पुस्तकालय भी होगा। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में बने पुस्तकालयों में नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी दी गई है। आज गांव के छात्र और युवा इनका उपयोग कर रहे हैं। यह साबित करता है कि अवसर और संसाधन मिलने पर गांव का युवा भी किसी से पीछे नहीं है।
- मुख्यमंत्री योगी ने छात्राओं को भेंट की ‘एग्जाम वॉरियर्स’, पुस्तक स्टॉलों का किया अवलोकन
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फीता काटकर गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव परिसर में पहुंचते ही उन्होंने वहां लगी विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और पुस्तक स्टॉलों पर जाकर पुस्तकों को देखा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रकाशकों और आयोजकों से भी जानकारी ली। उन्होंने छह छात्राओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ अपने हाथों से भेंट की, जबकि अन्य छात्राओं को भी पुस्तकें वितरित की गईं। पुस्तकें पाने वाले बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।
इस अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन प्रो. मिलिंद मराठे ने मुख्यमंत्री का शॉल ओढ़ाकर और पुस्तक भेंट कर स्वागत किया। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, पार्थ सारथी सेन शर्मा और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह का भी पुस्तक भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में गोमती पुस्तक महोत्सव के पिछले संस्करणों की यात्रा और यादगार पलों पर आधारित वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसे मुख्यमंत्री समेत उपस्थित अतिथियों ने देखा।
समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, निदेशक युवराज मलिक सहित लेखक, प्रकाशक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
‘अखिलेश के अंदर बैठा है औरंगजेब’, संगीत सोम का सीधा हमला
-  कहा - ‘पिता को कैद किया, चाचा पर सर्विलांस, पत्नी के सम्मान पर चुप्पी
- ‘पत्नी का अपमान भी नहीं दिखता, मुस्लिम वोट के आगे’, संगीत सोम का अखिलेश पर प्रहार

लखनऊ। बीजेपी नेता और पूर्व विधायक संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बेहद तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव के पत्रकारों के सवालों पर भड़कने से लेकर परिवार के भीतर उनके रिश्तों और डिंपल यादव के अपमान के मुद्दे तक, संगीत सोम ने अखिलेश यादव पर ‘औरंगजेबी मानसिकता’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के विचारों में औरंगजेब घुस चुके हैं और वह इस मानसिकता से बाहर नहीं आना चाहते।
- ‘जिसने अपने पिता को कैद कर लिया हो...’
संगीत सोम ने कहा, 'अखिलेश जी के अंदर जो विचार है वो औरंगजेब के है। उनके विचारों में औरंगजेब घुस चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि अखिलेश यादव ने औरंगजेब की तरह ही अपने पिता को घर में कैद कर लिया था जब उन्हें ये पता चला था कि उनके पिताजी उन्हें हटाना चाहते हैं।
- ‘रामगोपाल यादव पर 24 घंटे सर्विलांस रखते हैं अखिलेश’
संगीत सोम ने दावा किया कि अखिलेश यादव अपने चाचा रामगोपाल यादव पर सर्विलांस रखते हैं। संगीत सोम ने कहा कि रामगोपाल यादव अखिलेश के चाचा हैं लेकिन अखिलेश यादव 24 घंटे उनके घर पर सर्विलांस रखते हैं। वो किससे मिलते हैं, कहां जाते हैं, क्या करते हैं अखिलेश यादव एक एक जानकारी अपने पास रखते हैं। क्योंकि उन्हें अपने चाचा पर बिल्कुल भरोसा नहीं है।
- जिस चाचा शिवपाल ने गोदी में खिलाया उसे भी नहीं बख्शा
शिवपाल यादव का जिक्र करते हुए संगीत सोम ने कहा, 'और तो और शिवपाल चाचा के बारे में तो सभी जानते हैं। जिस चाचा ने उन्हें गोदी में खिलाया हो, चलना सिखाया हो, जिस चाचा ने उन्हें पढ़ने भेजा हो, जिस चाचा ने उनकी शादी कराई हो। उनके साथ अखिलेश यादव ने किस औरंगजेब जैसा बर्ताव किया है।'
उन्होंने कहा कि यही मानसिकता अखिलेश यादव की पत्रकारों के साथ व्यवहार में भी दिखाई देती है। संगीत सोम ने कहा कि इसी औरंगजेबी मानसिकता के कारण जब उनसे कोई पत्रकार सवाल पूछता है तो वो भड़क जाते हैं। क्योंकि वो औरंगजेबी मानसिकता से बाहर ही निकल पा रहे हैं।
- ‘जिस इंसान को अपनी पत्नी के सम्मान की चिंता न हो’
संगीत सोम ने अखिलेश यादव की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा, 'अखिलेश तुष्टिकरण की राजनीति से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यही कारण है कि वो ये विचार ही नहीं कर पा रहे हैं कि मेरी पत्नी की बेइज्जती हो रही है कि क्या। उन्हें सिर्फ वोट से मतलब है।' उन्होंने कहा, 'जिस इंसान को अपनी पत्नी के मान-सम्मान की चिंता न हो तो आप समझ जाइए कि उनकी क्या मानसिकता है।'
डिंपल यादव के अपमान से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए संगीत सोम ने कहा, 'जब मौलाना ने डिंपल यादव का अपमान किया था तब बीजेपी ने बोला था कि हम डिंपल यादव का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। क्योंकि डिंपल जी प्रदेश की बहू हैं और बेटी भी हैं।'
उन्होंने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा 'डिंपल यादव तो छोड़िए अखिलेश यादव प्रदेश की किसी भी बहू बेटी के साथ हो रहे अपमान पर कुछ नहीं बोलते हैं। किसी बेटी के साथ कोई बेइज्जती करे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता उन्हें केवल मुस्लिम वोट बैंक से मतलब है।'
संगीत सोम ने कहा, 'क्योंकि अखिलेश यादव के अंदर औरंगजेब की मानसिकता है। औरंगजेब के विचार हैं। और अखिलेश यादव इस औरंगजेबी मानसिकता से बाहर आना नहीं चाहते हैं।'
मोदी के साथ न वंश परंपरा थी, न विरासत, तप-साधना और संघर्ष से बनाई पहचान: सीएम योगी
- भारतीय जनता के प्रदेश कार्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की पत्रकार वार्ता

- 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक प्रदेशभर में चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
- प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’
- बड़नगर और काशी के बीच निकलेंगी 20 यात्राएं, उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का जल जाएगा गुजरात
- 826 विकासखंडों और 762 नगर निकायों में ‘सेवा सेतु’ के जरिये वंचित पात्रों को योजनाओं से जोड़ेंगे
- चित्रकला, निबंध और भाषण प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे स्कूल से विश्वविद्यालय तक के विद्यार्थी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ न कोई वंश परंपरा थी और न ही उन्हें कोई विरासत वंशानुगत रूप से मिली थी। उनके पास तप, साधना, संघर्ष और देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत थी। आज उनकी साधना और तप का लाभ पूरे देश को योग्य नेतृत्व के रूप में मिल रहा है। सात अक्तूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में शासन प्रमुख के तौर पर नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस यात्रा के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन मिलकर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएंगे।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने अभियान की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन प्रदेशभर में ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन हर ग्राम पंचायत, नगर निकाय और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। इसके जरिये प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करेगी। अस्पतालों में फल वितरण के साथ रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी सेवा कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की बड़नगर से काशी तक की यात्रा को भी अभियान से जोड़ा गया है। बड़नगर से काशी के लिए 10 और काशी से बड़नगर के लिए 10 यात्राएं निकाली जाएंगी। बड़नगर का जल लेकर यात्राएं काशी आएंगी, जबकि उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का पवित्र जल लेकर यात्राएं बड़नगर जाएंगी। सभी यात्राएं 17 सितंबर को शुरू होंगी और सात अक्तूबर को अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। यात्रा मार्ग पर हर दिन चार स्थानों पर चौपाल और जनसंवाद के कार्यक्रम होंगे।
- वंचित पात्रों तक योजनाएं पहुंचाएगा ‘सेवा सेतु’
अभियान के तहत सरकारी योजनाओं से अब तक वंचित पात्र लोगों को लाभ दिलाने के लिए ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 29-30 सितंबर से 10 अक्तूबर के बीच प्रत्येक विकासखंड और जिला मुख्यालय के नगर निकाय में छह से सात दिन तक शिविर लगाने की योजना है। इनमें स्वास्थ्य योजनाओं के साथ पेंशन, आवास, शौचालय, राशन कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं के लिए पात्र लोगों का पंजीकरण कराया जाएगा।
योगी ने कहा कि पंजीकरण के बाद दो-तीन दिन के भीतर सत्यापन कर संबंधित कार्ड अथवा योजना का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में 826 विकासखंड और 762 नगर निकाय हैं। जरूरत पड़ी तो अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। प्रयास यह रहेगा कि पात्र व्यक्ति केवल आवेदन देकर वापस न जाए, बल्कि शिविर के दौरान ही उसे संबंधित योजना से जोड़ दिया जाए। जनप्रतिनिधि भी इन शिविरों में मौजूद रहेंगे।
- बच्चों और युवाओं के बीच होंगी तीन प्रतियोगिताएं
सेवा संकल्प अभियान में बच्चों और युवाओं की भागीदारी के लिए तीन स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और नौवीं से 12वीं तक के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता होगी। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
इन प्रतियोगिताओं की थीम ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश’ होगी। गांव, विकासखंड और जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। सात अक्तूबर को प्रदेश स्तर पर होने वाले आयोजन में चयनित बच्चों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होकर विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे।
- मलिन बस्ती से देवालय तक ‘सेवा मेरा योगदान’
मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्तूबर के बीच ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम भी चलेगा। मलिन बस्तियों, घाटों, देवालयों और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता एवं सेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और आम लोग इनमें भाग लेंगे।
अभियान के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल, गोसेवा और युवाओं की करियर काउंसलिंग जैसे कार्यक्रम भी जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर लोग इन कार्यक्रमों में अपना सेवा योगदान देंगे।
- स्टार्टअप और तकनीकी छात्रों के लिए इनोवेशन चैलेंज
आईटीआई, पॉलिटेक्निक, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप को जोड़कर ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ भी आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप कार्यरत थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। अटल टिंकरिंग लैब, इनक्यूबेटर सेंटर के साथ ड्रोन, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े विद्यार्थियों और युवाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
प्रदेश में ‘राष्ट्र के रंग, सेवा के रंग और राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं भी होंगी। अलग-अलग स्थानों पर रंगोली के माध्यम से देश की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। पंचायत और नगर निकाय के जनप्रतिनिधियों के साथ ‘सुशासन सेवा संवाद’ का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
- राजीव गांधी के बयान का जिक्र कर कांग्रेस पर हमला
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें दिल्ली से भेजे गए सौ रुपये में केवल 15 रुपये गरीब तक पहुंचने की बात कही गई थी। योगी ने कहा कि यह उस समय की व्यवस्था की लाचारी और बेचारगी को प्रदर्शित करता था। जनधन खातों और डीबीटी के बाद अब दिल्ली से सौ रुपये भेजे जाते हैं तो पूरे सौ रुपये लाभार्थी के खाते में पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचा। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और वाटरवे के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें नए भारत की पहचान बनी हैं। एम्स की संख्या बढ़ने के साथ आईआईटी, आईआईएम और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों का भी विस्तार हुआ है।
- ‘2014 के बाद गुलामी की मानसिकता से बाहर निकला भारत’
योगी ने देश की विरासत के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का विरोध किया था। लंबे समय तक भारत की विरासत को अपमानित करने और देशवासियों के मन में गुलामी की मानसिकता बनाए रखने का प्रयास किया गया। वर्ष 2014 के बाद भारत इस मानसिकता से बाहर निकला।
उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण और भव्य-दिव्य कुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विरासत और विकास को एक साथ आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के कारण देश में 26 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं, जिनमें छह करोड़ से अधिक उत्तर प्रदेश के हैं। प्रदेश में करीब 16 करोड़ गरीब विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं। आवास, शौचालय, उज्ज्वला, बिजली, राशन और पेयजल जैसी योजनाओं ने गरीबों को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का आधार दिया है।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की सेवा यात्रा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय और महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज भी समाहित है। इसलिए 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और दो अक्तूबर को गांधी जयंती को भी अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ सेवा संकल्प अभियान से जोड़ा जाएगा। अभियान गांव और बूथ से लेकर शक्ति केंद्र, विकासखंड, जिला और प्रदेश स्तर तक 17 अक्तूबर तक चलेगा।
कार्यक्रम में सीएम योगी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय व कई पत्रकारकण उपस्थित रहे।
सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम भी जर्जर हो गया था: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- यूपी पर लगा था बीमारू का ठप्पा, नौजवान के सामने था पहचान का संकट
- युवा पुस्तक नहीं पढ़ना चाहता, यह धारणा उसके साथ अन्याय : मुख्यमंत्री
- मुख्यमंत्री योगी ने गोमती पुस्तक महोत्सव का पांचवां संस्करण का किया शुभारंभ, 80 से बढ़कर 250 हुए स्टॉल
- योगी बोले, पाठ्यक्रम से ही नहीं समझ सकते समाज, देश और दुनिया को
- प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों के पुस्तकालयों तक पहुंचीं एनबीटी की पुस्तकें

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम भी जर्जर हो गया था। सरकारी विद्यालयों के भवन जर्जर थे, सुविधाओं का अभाव था और उत्तर प्रदेश पर बीमारू राज्य का ठप्पा लग गया था। प्रदेश के नौजवान के सामने पहचान का संकट था। बाहर जाने पर वह अपनी पहचान बताने से भी संकोच करता था। पिछले दस वर्षों में शुरू हुए सकारात्मक प्रयासों के परिणाम अब सामने हैं और उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदली है।
शनिवार को गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 के पांचवें संस्करण का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास ज्ञान और चिंतन की अत्यंत समृद्ध परंपरा रही है। इसके बावजूद जब हमने ज्ञान को सीमित और संकुचित दायरे में कैद किया और अपनी विरासत से दूरी बनाई तो उसका दुष्परिणाम पूरे प्रदेश को भुगतना पड़ा। यूपी बीमारू राज्यों की श्रेणी में खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति, समाज या राष्ट्र अपनी विरासत से संबंध तोड़कर आगे नहीं बढ़ सकता।
बेसिक शिक्षा की पूर्व की स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में सुविधाओं की कल्पना करना कठिन था। भवन जर्जर थे और व्यवस्थाएं भी उसी स्थिति में थीं। सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प शुरू किया तो विद्यालयों के भवन बदले। स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट का अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां तीसरी कक्षा की एक बच्ची को डिजिटल लाइब्रेरी सहजता से संचालित करते देखकर उन्हें अहसास हुआ कि बच्चों में क्षमता की कमी नहीं थी, उन्हें अवसर और संसाधन नहीं मिले थे।
मुख्यमंत्री योगी ने इसी संदर्भ में युवाओं के पुस्तकों से दूर होने की धारणा को भी खारिज किया। कहा कि यह कहना युवा के साथ अन्याय होगा कि वह पुस्तक नहीं पढ़ना चाहता और अपना अधिकतर समय सोशल या डिजिटल मीडिया पर ही बिताता है। वास्तविकता यह है कि हमने उस तक पुस्तक पहुंचाने का पर्याप्त प्रयास नहीं किया। जब युवाओं को पुस्तकें और उचित मंच उपलब्ध कराया गया तो पुस्तक महोत्सवों में उनकी भागीदारी ने सारी धारणाएं बदल दीं।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ में पुस्तक महोत्सव की शुरुआत के समय उन्हें भी इसके परिणाम को लेकर थोड़ा संकोच था, लेकिन पहले ही आयोजन में अपेक्षा से कई गुना अधिक छात्र और युवा पहुंचे। आज इसका पांचवां संस्करण आयोजित हो रहा है और स्टॉल की संख्या 80 से बढ़कर 250 हो चुकी है। अगले नौ दिनों तक हजारों विद्यार्थियों और युवाओं को ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों को जानने का अवसर मिलेगा। यहां पुस्तक विमोचन के साथ लेखक और पाठक आमने-सामने होंगे। युवाओं को लेखकों की अभिव्यक्ति, उनके संघर्ष और जीवन यात्रा को समझने का अवसर भी मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनकी प्रेरणा से शिक्षा मंत्रालय देश के अलग-अलग हिस्सों में पुस्तक महोत्सवों के माध्यम से भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक ज्ञान से जोड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री की पुस्तक ‘एग्जाम वारियर्स’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे हर बच्चे और युवा को पढ़ना और आत्मसात करना चाहिए। यह केवल स्कूली परीक्षाओं के लिए नहीं है। जीवन में हर व्यक्ति को अलग-अलग परिस्थितियों में परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ता है। जब हिम्मत जवाब देने लगती है, तब ऐसी पुस्तकें संबल और मार्गदर्शन देती हैं।
ऋग्वेद के मंत्र ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय ऋषि परंपरा ज्ञान को चारों ओर से आने देने की प्रेरणा देती है। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम पढ़ लेने से ही व्यक्ति ज्ञानवान नहीं हो सकता। पाठ्यक्रम किसी विषय में पारंगत कर सकता है, लेकिन समाज, देश और दुनिया को समझने के लिए अलग-अलग विषयों और विचारों को पढ़ना जरूरी है।
मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि लखनऊ साहित्य का पुराना केंद्र रहा है। यहां से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषियों ने पुराणों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाया। काशी के विश्वविद्यालय जगविख्यात रहे हैं। प्रयागराज का कुंभ केवल आयोजन या महोत्सव नहीं रहा, बल्कि देशभर के ऋषि-मुनियों के ज्ञान, चिंतन, संवाद और नवाचार की स्थली रहा है। मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ में करीब पांच हजार वर्ष पहले श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा के वाचन की परंपरा भी इसी प्रदेश से जुड़ी है।
मुख्यमंत्री योगी ने गांवों तक पुस्तक और डिजिटल ज्ञान पहुंचाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। कहा कि मुख्यमंत्री के लिए सचिवालय और जिलाधिकारी के लिए कलेक्ट्रेट था, लेकिन गांव की सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई के पास बैठने की अपनी जगह तक नहीं थी। सरकार ने ग्राम सचिवालय बनाए और तय किया कि इनमें बैठक कक्ष के साथ पुस्तकालय भी होगा। प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में बने पुस्तकालयों में नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी दी गई है। आज गांव के छात्र और युवा इनका उपयोग कर रहे हैं। यह साबित करता है कि अवसर और संसाधन मिलने पर गांव का युवा भी किसी से पीछे नहीं है।
- मुख्यमंत्री योगी ने छात्राओं को भेंट की ‘एग्जाम वॉरियर्स’, पुस्तक स्टॉलों का किया अवलोकन
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फीता काटकर गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ किया। महोत्सव परिसर में पहुंचते ही उन्होंने वहां लगी विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और पुस्तक स्टॉलों पर जाकर पुस्तकों को देखा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रकाशकों और आयोजकों से भी जानकारी ली। उन्होंने छह छात्राओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ अपने हाथों से भेंट की, जबकि अन्य छात्राओं को भी पुस्तकें वितरित की गईं। पुस्तकें पाने वाले बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।
इस अवसर पर नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन प्रो. मिलिंद मराठे ने मुख्यमंत्री का शॉल ओढ़ाकर और पुस्तक भेंट कर स्वागत किया। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, पार्थ सारथी सेन शर्मा और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह का भी पुस्तक भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में गोमती पुस्तक महोत्सव के पिछले संस्करणों की यात्रा और यादगार पलों पर आधारित वीडियो भी प्रदर्शित किया गया, जिसे मुख्यमंत्री समेत उपस्थित अतिथियों ने देखा।
समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, निदेशक युवराज मलिक सहित लेखक, प्रकाशक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वच्छता समिति, उत्सव भवन एवं डिजिटल लाइब्रेरी/ऑडिट की समीक्षा बैठक हुई आयोजित

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला स्वच्छता समिति, उत्सव भवन एवं डिजिटल लाइब्रेरी/ऑडिट की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
      
जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम ऑडिट की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान 06 ऑडिट प्रस्तर लंबित पाए गए। जिलाधिकारी महोदय ने सभी लंबित प्रस्तरों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित प्रस्तरों का समयबद्ध निस्तारण न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/सचिवों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए डीपीआरओ को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला स्वच्छता समिति की समीक्षा के दौरान पाया गया कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के निर्धारित 10,124 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 3722 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। जिलाधिकारी महोदय ने कार्य में तेजी लाते हुए लंबित प्रकरणों को जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

आरआरसी निर्माण एवं संचालन की समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद में 441 आरआरसी संचालित हैं, जबकि 213 आरआरसी निर्माणाधीन हैं। जिलाधिकारी महोदय ने निर्माणाधीन आरआरसी को शीघ्र पूर्ण कराते हुए उनके प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। गांवों में कूड़ा संग्रहण की स्थिति की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि ग्रामीणों को जागरूक एवं प्रेरित किया जाए, ताकि वे कूड़ा इधर-उधर फेंकने के बजाय कचरा गाड़ी को दें। उन्होंने गांवों को जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया।
      
जिलाधिकारी ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने गोबरधन योजना के अंतर्गत स्थापित 02 बायोगैस प्लांट के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रेट्रोफिटिंग कार्य के तहत निर्मित शौचालयों की मरम्मत की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने विशेष रूप से विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों की आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए। ‘मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के अंतर्गत जनपद में 100 से अधिक तालाबों का जीर्णाेद्धार कर उन्हें प्लास्टिक एवं कचरा मुक्त किए जाने की जानकारी जिलाधिकारी महोदय को दी गई। उन्होंने तालाबों की स्वच्छता एवं संरक्षण को निरंतर बनाए रखने पर जोर दिया।
      
जिलाधिकारी द्वारा पिछली बैठक में निर्देशित किया गया था कि प्रथम चरण में सभी खंड प्रेरक अपने-अपने विकासखंड से एक-एक गांव का चयन करें  कुल 14 गांवों को जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव के रूप में विकसित किया जाए। चयनित गांवों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं जनजागरूकता से संबंधित कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करे। 6 गाँव को जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव बनाया गया अभी बहुत गाँव प्रगति पर है जल्द ही जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव की संख्या को 50 से अधिक किया जाएगा।
      
सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा के दौरान कार्य की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी महोदय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्य को नियमानुसार एवं प्रभावी ढंग से कराने के निर्देश दिए। कंसल्टिंग इंजीनियरों के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को बिंदुवार अलग से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने डीसी स्वच्छ भारत मिशन को निर्देशित किया कि फील्ड में जाकर विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करें और प्रत्येक कार्मिक के कार्य निर्धारित करते हुए उन्हें स्पष्ट लक्ष्य दिया जाए।
     
जिलाधिकारी ने कहा कि एक-एक गांव का चयन कर उसे सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आम जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने, ग्रामीणों को जागरूक करने तथा अपने कार्यों के माध्यम से समाज एवं गांव में सकारात्मक परिवर्तन लाने के निर्देश दिए।
     
फिकल स्लज मैनेजमेंट की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि शासन द्वारा 02 फिकल स्लज मैनेजमेंट का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दोनों के लिए स्थान चिन्हित कर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। डिजिटल लाइब्रेरी की समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद के 139 ग्रामों में डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन किया जा रहा है। कुछ लाइब्रेरी में कंप्यूटर नहीं है जल्दी ही वहां कंप्युटर लगा दिया जाएगा। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि डिजिटल लाइब्रेरी में नवीनतम कंप्यूटर एवं आवश्यक डिजिटल सुविधाओं के साथ ऑनलाइन कोर्स भी जोड़े जाएं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
     
बैठक के अंत में जिलाधिकारी महोदय ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, शौचालय निर्माण, डिजिटल शिक्षा एवं ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कला उत्सव में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा, उत्साह, कला, खेल और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ें विद्यार्थी

अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप बनाएं भविष्य:- जिलाधिकारी


सुलतानपुर पीएम श्री केश कुमारी राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज द्वारा आयोजित जनपद स्तरीय कला उत्सव प्रतियोगिता का भव्य आयोजन पं0 राम नरेश त्रिपाठी सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह द्वारा माँ सरस्वती जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य, पीएम श्री केश कुमारी राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज पल्लवी सिंह द्वारा जिलाधिकारी का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया।
        
जनपद स्तरीय कला उत्सव प्रतियोगिता के अन्तर्गत छात्राओं की रचनात्मकता, प्रतिभा एवं कलात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न विधाओं में कुल 12 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें नाटक, कहानी, गायन, वादन, पेंटिंग, मूर्तिकला, शास्त्रीय वादन सहित विभिन्न कलात्मक विधाएं शामिल रहीं। प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
      
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य द्वारा उपस्थित अतिथियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्राओं को कला उत्सव के उद्देश्य एवं महत्व की जानकारी प्रदान की गयी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मक क्षमता को निखारने के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं।
       
इस अवसर पर जिलाधिकारी महोदय ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कला एवं खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे खेलों में अवश्य प्रतिभाग करें और अपनी रुचि के अनुसार आगे बढ़ें। जिला प्रशासन द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने छात्राओं से कहा कि आप देश की अगली पीढ़ी हैं और आपको स्वयं तय करना है कि भविष्य में क्या करना है। अपनी रुचि के अनुसार क्षेत्र का चयन करें तथा अपनी गुणवत्ता, मेहनत और लगन के माध्यम से निरंतर आगे बढ़ें।
       
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के लिए उनकी रुचि, गुणवत्ता और हार्डवर्क सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभाओं के लिए अपार अवसर उपलब्ध हैं तथा उत्तर प्रदेश भी तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को पहचानते हुए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
      
उन्होंने छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी विद्यार्थी को किसी प्रकार की समस्या अथवा कठिनाई हो तो वह उनसे सीधे मिल सकता है। उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के लिए वह प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक कलेक्ट्रेट में उपलब्ध रहते हैं।
      
जिलाधिकारी  ने विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी एवं नवाचार आधारित सुविधाओं को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों को आधुनिक डिजिटल कंटेंट उपलब्ध कराया जाए तथा शिक्षक उसका प्रभावी अनुश्रवण करें। उन्होंने स्मार्ट क्लास के साथ-साथ रोबोटिक्स लैब जैसी आधुनिक सुविधाओं को विकसित करने के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता बतायी, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ते हुए उनकी रचनात्मक एवं वैज्ञानिक सोच को विकसित किया जा सके।
      
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी  द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का निरीक्षण किया गया तथा छात्राओं द्वारा प्रस्तुत कलात्मक प्रतिभाओं का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विभिन्न कलाकृतियों एवं प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
     
कार्यक्रम के अन्त में उपस्थित अतिथियों एवं आयोजकों द्वारा कला, संस्कृति, खेल एवं नवाचार के क्षेत्र में विद्यार्थियों को निरंतर प्रोत्साहित करने तथा उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प व्यक्त किया गया।
स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन की स्मृति में मनाया दिग्विजय दिवस

सुलतानपुर। स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के 11 सितंबर 1893 को अमेरिका के शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक उद्बोधन की स्मृति में शुक्रवार को विवेकानंद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर ‘दिग्विजय दिवस’ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता आशीष तिवारी ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत सह प्रचार प्रमुख धर्मेंद्र द्विवेदी ने *सर्वेशा राज* को संगठन की सदस्यता दिलाई। सदस्यता ग्रहण करने के बाद *सर्वेशा राज* ने स्वदेशी जागरण मंच एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन की राष्ट्रप्रेम और राष्ट्र निर्माण की भावना समाज के प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि संगठन से जुड़कर वे स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। स्वामी विवेकानंद के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमें एक परिवार की भावना से जोड़ती है और राष्ट्र निर्माण के लिए भी हमें इसी भाव से मिल-जुलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी नागरिक और स्वदेशी अर्थव्यवस्था ही भारत को आर्थिक रूप से शक्तिशाली एवं आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने का आधार है।
*प्रांत महिला समन्वयक श्रीमती नीलम त्रिपाठी* ने कहा कि स्वदेशी जागरण मंच द्वारा घोषित दिग्विजय दिवस के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। उन्होंने आह्वान किया कि इस दिवस को व्यापक स्वरूप देते हुए प्रतिवर्ष समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मनाया जाए, ताकि नई पीढ़ी स्वामी विवेकानंद के विचारों और भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सके।
*विभाग महिला प्रमुख शालिनी त्रिपाठी* ने कहा कि 11 सितंबर 1893 भारतीय इतिहास में गौरव और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया। शिकागो में विश्व धर्म महासभा के मंच से स्वामी विवेकानंद ने भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चिंतन, सहिष्णुता और विश्वबंधुत्व का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाया। उनके उद्बोधन ने भारत की संस्कृति और दर्शन के प्रति विश्व समुदाय में सम्मान और जिज्ञासा का नया भाव पैदा किया।
*जिला महिला प्रमुख श्रीमती रश्मि* ने स्वामी विवेकानंद के जीवन एवं संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में शिकागो तक पहुंचकर उन्होंने जिस आत्मविश्वास के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया, वह आज भी प्रेरणादायी है। उनके संबोधन ने विश्व में भारत के प्रति बनी धारणा को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारत को ज्ञान, दर्शन, अध्यात्म, सहिष्णुता और मानवता की भूमि के रूप में विश्व के सामने प्रस्तुत किया।
*विभाग विचार प्रमुख डॉ. अशोक मिश्रा* ने कहा कि शिकागो का संदेश केवल एक संन्यासी का भाषण नहीं था, बल्कि सोई हुई भारतीय आत्मचेतना को जगाने वाला शंखनाद था। इसने भारतीयों में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति गौरव का भाव जगाया तथा राष्ट्रीय चेतना और आत्मविश्वास के निर्माण में महत्वपूर्ण प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए *प्रांत सह प्रचार प्रमुख धर्मेंद्र द्विवेदी* ने कहा कि शिकागो से उठी स्वामी विवेकानंद की आवाज आज भी भारत को अपनी संस्कृति पर गर्व करने, अपनी शक्ति पहचानने और विश्व कल्याण में अपनी भूमिका को सशक्त बनाने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचारों को केवल स्मरण तक सीमित रखने के बजाय स्वदेशी, स्वावलंबन, आत्मविश्वास और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ भारत को आर्थिक एवं सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, कारीगरों, किसानों, लघु उद्यमियों और युवाओं को प्रोत्साहन देकर रोजगार के नए अवसर पैदा करना तथा स्वावलंबी भारत का निर्माण करना ही आज के समय में स्वामी विवेकानंद के विचारों को व्यवहार में उतारने का सार्थक मार्ग है।
*युवा प्रमुख ऋषभ पांडे* ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने विश्व पटल पर भारत की वास्तविक पहचान स्थापित करने का कार्य किया। उन्होंने भारत के प्रति प्रचलित मिथ्या धारणाओं को चुनौती देते हुए भारतीय संस्कृति और सामर्थ्य का परिचय विश्व को कराया। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए स्वामी विवेकानंद के प्रेरक मंत्र को दोहराया— “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”
*विभाग संयोजन राजीव* कार्यक्रम ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से स्वदेशी, स्वावलंबन, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ दिग्विजय दिवस को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर नवरंग सिंह, सुधा सिंह, विजय प्रधान, जनार्दन यादव, शशि द्विवेदी, नंदलाल प्रजापति, किरण पांडे, दीपक मिश्रा, इरफान, पंकज भार्गव, कुंदन पांडे, हेमलता, पूजा यादव सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं लोग मौजूद रहे।
सुलतानपुर में स्वच्छता अभियान की समीक्षा, 50 से अधिक गांव बनेंगे जीरो वेस्ट
सुलतानपुर। जिले में स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वच्छता समिति, उत्सव भवन एवं डिजिटल लाइब्रेरी और ऑडिट से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की और जिन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली, उनमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा करना होगा।

लंबित ऑडिट आपत्तियों पर डीएम सख्त

समीक्षा की शुरुआत ऑडिट से संबंधित मामलों से हुई। इस दौरान छह ऑडिट प्रस्तर लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने सभी लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि लंबित ऑडिट प्रस्तरों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों और सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने जिला पंचायत राज अधिकारी को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

10,124 के लक्ष्य के मुकाबले 3,722 शौचालय पूरे

जिला स्वच्छता समिति की समीक्षा में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की स्थिति भी सामने आई। जिले में 10,124 व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष अब तक 3,722 शौचालयों का निर्माण पूरा कराया जा चुका है।

जिलाधिकारी ने शेष कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करते हुए शौचालय निर्माण का काम समय से पूरा कराया जाए।

441 आरआरसी संचालित, 213 अभी निर्माणाधीन

रिसोर्स रिकवरी सेंटर यानी आरआरसी की समीक्षा में बताया गया कि जनपद में 441 आरआरसी वर्तमान में संचालित हैं, जबकि 213 आरआरसी का निर्माण कार्य चल रहा है।

जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन आरआरसी को जल्द पूरा कराने के साथ ही उनके प्रभावी संचालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल भवन का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया जाना जरूरी है।

ग्रामीणों को कूड़ा गाड़ी में कचरा देने के लिए करें जागरूक

गांवों में कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने ग्रामीणों के बीच व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को समझाया जाए कि वे कचरा इधर-उधर न फेंकें और कचरा संग्रहण के लिए आने वाली गाड़ियों को ही अपना कचरा दें।

डीएम ने गांवों को चरणबद्ध तरीके से जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे ग्रामीणों की नियमित आदत और सामुदायिक जिम्मेदारी बनाया जाए।

50 से अधिक गांवों को जीरो वेस्ट बनाने की तैयारी

बैठक में बताया गया कि पिछली बैठक में जिलाधिकारी ने प्रथम चरण में प्रत्येक विकासखंड से एक-एक गांव का चयन कर कुल 14 गांवों को जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए थे।

चयनित गांवों में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और जनजागरूकता से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में छह गांवों को जीरो वेस्ट प्रोड्यूस गांव के रूप में विकसित किया जा चुका है, जबकि कई अन्य गांवों में कार्य प्रगति पर है।

प्रशासन की योजना जल्द ही ऐसे गांवों की संख्या बढ़ाकर 50 से अधिक करने की है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को इस लक्ष्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन पर भी जोर

जिलाधिकारी ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा करते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के उचित संग्रहण, निस्तारण और प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।

इसके साथ ही गोबरधन योजना के तहत स्थापित दो बायोगैस प्लांट की स्थिति की जानकारी भी ली गई। संबंधित अधिकारियों को योजना के तहत आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए।

स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों की होगी मरम्मत

रेट्रोफिटिंग कार्य के तहत पुराने या खराब शौचालयों की मरम्मत की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं से जुड़े संस्थानों में स्वच्छता सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाना चाहिए।

100 से अधिक तालाबों का जीर्णोद्धार

‘मेरा तालाब, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि जिले में 100 से अधिक तालाबों का जीर्णोद्धार कराया गया है। इन तालाबों को प्लास्टिक और कचरे से मुक्त करने की दिशा में भी काम किया गया है।

जिलाधिकारी ने तालाबों की सफाई और संरक्षण को लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाबों का जीर्णोद्धार करने के बाद उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है, ताकि दोबारा गंदगी और अतिक्रमण की स्थिति पैदा न हो।

ठोस और तरल कचरा प्रबंधन पर जताई नाराजगी

सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रभावी ढंग से काम कराने के निर्देश दिए।

कंसल्टिंग इंजीनियरों के कामकाज की भी समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिया कि उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का बिंदुवार विवरण अलग से प्रस्तुत किया जाए।

उन्होंने डीसी स्वच्छ भारत मिशन को फील्ड में जाकर विभिन्न कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक कार्मिक की जिम्मेदारी निर्धारित कर उसके अनुरूप स्पष्ट लक्ष्य तय करने को कहा।

मॉडल गांव विकसित करने पर जोर

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक-एक गांव का चयन कर उसे सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि गांवों में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से ग्रामीणों के साथ अच्छा व्यवहार करने, उन्हें सरकारी योजनाओं और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने तथा अपने कार्यों के माध्यम से गांवों में सकारात्मक वातावरण तैयार करने की अपील की।

दो फिकल स्लज मैनेजमेंट इकाइयों पर काम

फिकल स्लज मैनेजमेंट की समीक्षा में बताया गया कि शासन की ओर से जिले के लिए दो फिकल स्लज मैनेजमेंट इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दोनों इकाइयों के लिए स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं और आगे की कार्रवाई प्रक्रिया में है।

जिलाधिकारी ने इस कार्य को भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

139 गांवों में चल रही डिजिटल लाइब्रेरी

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद के 139 ग्रामों में डिजिटल लाइब्रेरी संचालित की जा रही हैं।

कुछ डिजिटल लाइब्रेरी में अभी कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हैं। जिलाधिकारी ने ऐसी सभी लाइब्रेरी में जल्द कंप्यूटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी में नवीनतम कंप्यूटर और जरूरी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

इसके साथ ही विद्यार्थियों की जरूरत को देखते हुए ऑनलाइन कोर्स भी डिजिटल लाइब्रेरी से जोड़े जाने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षिक संसाधनों का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सके।

समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश

बैठक के अंत में जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, शौचालय निर्माण, ग्रामीण विकास और डिजिटल शिक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं की प्रगति केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका वास्तविक लाभ गांवों और आम लोगों तक दिखाई देना चाहिए। डीएम ने नियमित निगरानी, स्थलीय निरीक्षण और जिम्मेदारियों की स्पष्ट व्यवस्था के साथ सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया।